अजय माकन बोले- कांग्रेस को पूरी तरह एकजुट रहने की जरूरत

क्या गहलोत ने की अनुशासनहीनता!

राजस्थान जयपुर rkpnews अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट आमने-सामने है। रविवार रात से ही राजस्थान में राजनीतिक उठापटक का दौर लगातार जारी है। कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अजय माकन और पर्यवेक्षक के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे राज्य के दौरे पर हैं। इन दोनों को विधायकों से बात करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, वहां मामला अब दूसरा हो चुका है। जिस तरीके से विधायकों ने अशोक गहलोत के पक्ष में रहते हुए इस्तीफा देने की बात की है, उसके बाद कांग्रेस आलाकमान हरकत में आ गया है। सूत्रों का दावा है कि यह सब कुछ अशोक गहलोत के ही इशारे पर हुआ है। यही कारण है कि अब सोनिया गांधी ने अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से वहां को लेकर रिपोर्ट मांगी है। 

माकन ने आगे कहा कि उन्होंने (कांग्रेस विधायकों ने) जोर देकर कहा कि संकल्प 3 शर्तों के अनुरूप हो, जिस पर हमने कहा कि कांग्रेस के इतिहास में कभी भी इससे जुड़ी शर्तों के साथ कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है और जो सशर्त है। हितों का टकराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने और विधायकों के आने का इंतजार किया, लेकिन वह नही आएं। मल्लिकार्जुन खड़गे और मैं कांग्रेस प्रमुख को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। इस्तीफा देने वाले या नहीं करने वाले विधायकों की संख्या और पहचान के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। हमें उम्मीद है कि हम इस पर बैठकर बात करेंगे और समाधान ढूंढेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि इससे पहले भी वे(विधायक) 50 दिन बाड़े में बंद रहे हैं। मुख्यमंत्री(बनने) के लिए जो महत्वाकांक्षा रही, उससे कांग्रेस बेनकाब हुई है। अशोक गहलोत ने ऐसी सरकार छोड़ी है जिसे देवता भी ऐसी परिस्थितियों को बदल नहीं पाएंगे। 

अजय माकन ने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस को एकजुट होने की जरूरत है। खड़गे ने भी बताया है कि बगावत गहलोत के द्वारा प्रायोजित था। यही कारण है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अशोक गहलोत से स्पष्टीकरण मांगा है। खबर तो यह भी है कि अशोक गहलोत ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों के सामने शर्त भी रख दिया है। माकन ने यह भी कहा है कि अभी यह तक साफ नहीं हुआ है कि आखिर कितने विधायकों ने इस्तीफा देने के बाद की है। माकन ने विधायक धारीवाल के घर पर बुलाई गई बैठक को अनुशासनहीनता करार दिया है। कुल मिलाकर देखें तो कांग्रेस का राजस्थान में सियासी संकट बड़ा होता दिखाई दे रहा है। अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री की अनुमति से रखी गई थी। जो विधायक नहीं आए उनसे वन टू वन बात सुनने के लिए हम यहां आए हैं। कोई भी बात हो आप हमें कहें। कोई फैसला नहीं हो रहा है। जो आप कहेंगे वो बात हम दिल्ली जाकर कांग्रेस अध्यक्ष को बताएंगे।

Editor CP pandey

Recent Posts

PWD निर्माण कार्यों में रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर के ठेकेदारों की बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, उपखनिज रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था पर तत्काल…

1 day ago

व्यथा धरा की

सुन कर मन की व्यथा धरा की ,आकाश को रोना पड़ेगाएक दिन ऐसा आएगाजब क्षितिज…

1 day ago

प्रतिरोध स्वयं  का

✍️ सोनम सोनी आज मन का सागर शांतहो गया --- क्यों ।वो उथल-पुथल, हलचल हलचल,उलझन…

1 day ago

सरकारी योजना का लाभ पाने का मौका, जरूरी दस्तावेजों के साथ 31 जुलाई को पहुंचें हाटा

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…

2 days ago

यात्रियों की सुरक्षा के लिए देवरिया स्टेशन पर चला विशेष चेकिंग अभियान

देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…

3 days ago