सर्पदंश से मरा हुआ बच्चा, 18 वर्ष बाद जीवित घर आया

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) मईल थाना क्षेत्र के मुरासो गांव के रहने वाले छेदी उर्फ राम सुमेर यादव का बड़ा पुत्र मंगेश, जिसका वर्तमान में नाम गोविंद है। उसको 18 साल पहले सांप ने काट लिया था,उस समय बच्चे की आयु 12 साल थी। परिजनों ने झाड़-फूंक, दवा, दुआ कराया किन्तु कोई फायदा नहीं होने पर, मरा समझकर उसे केले के तने पर रखकर सरयू नदी में बहा दिया था । परम्परागत मान्यताओं के अनुसार सांप के काटने से मरे हुए व्यक्ति को जलाया नहीं जाता है। यही मान्यता आज बच्चे के लिए वरदान साबित हो गया । युवक को देखकर गांव वालों को शक हुआ कि यह युवक वही है कि नही,जबकि युवक अपने मां और चाची को पहचान लिया पास पड़ोस के लोगों और मित्रो, शिक्षक, शिक्षिकाओं का नाम बताने लगा। तब जाकर सभी को विश्वास हो गया की वह सही कह रहा है ।
मईल थाना क्षेत्र के जिरासो ग्राम सभा के मुरासो गांव निवासी, रामसुमेर यादव का बड़ा बेटा जिसकी उम्र 10 वर्ष थी नाम अंगेश यादव था । परिजनों के मुताबिक लगभग 2004 में उसे सर्प ने डंस लिया था और उसके मुंह से झाग निकलने लगा, तब परिजनों ने झाड़ फुंक व दवा कराने डाक्टर के पास ले गये किन्तु डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया,आखिर में मान्यता के अनुसार विधि विधान से केले के तने पर लेटाकर उसे सरयू नदी में प्रवाहित कर दिया गया। छेदी उर्फ रामसुमेर का पुत्र अंगेश के बाद एक भाई चंदन और चार बहने हैं, रामसुमेर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने लगे।
अंगेश यादव ने बताया कि मुझे कुछ मालूम नहीं था, होश आने पर मुझे पता चला कि बिहार के पटना के पास एक सपेरे भारत माली ने मुझे झाड़ फुंक कर ठीक किया और पाला। दूरदराज के क्षेत्रो में सांप का तमाशा दिखाने हमे साथ मे ले जाने लगा।कुछ दिन कटिहार के अररिया में रखा उसके बाद वह पांच साल पहले हरियाणा के जमुना नगर गांव के एक जमींदार के यहां नौकरी पर रख दिया,और काम का पैसा अपने लेने लगा। माली ने अंगेश की शादी हरियाणा की एक लड़की से शादी करने के लिए तीन महिने से दबाव बनाने लगा। इस लिए कि दोनों काम करेंगें और पैसा सपेरा लेगा । लड़का पर कहीं आने जाने पर इतनी पाबंदी थी कि वह अपने घर वापस नहीं आ पा रहा था, इसी बीच जमीदार के यहां शादी पड़ा सभी लोग शादी में व्यस्त थे तो लड़के ने मौका पाकर,एक ट्रक ड्राइवर को किसी तरह अपने गांव के आसपास के एरिया का नाम बताते हुए,घर जाने की गुजारिश करने लगा, ट्रक चालक ने दया दिखाते हुए लड़के को आजमगढ़ लाया, पुनः उसे दूसरे तर्क से बेल्थरा भेज दिया।बेल्थरा में लड़का अपने ही गांव के एक मेडिकल की दुकान पर पहुँचा, और दुकानदार से अपनी आप बीती सुनाई, इस दुकानदार ने मुरासो गाँव में फोन कर इसकी सूचना दी, सूचना मिलते ही परिजन बेल्थरा पहुँचे और अपने बेटे को गाँव लाये, जहाँ अपनी मां को देखकर बहुत खुश हुआ और अपने पास पड़ोस के दोस्तों का नाम लेकर बात करने लगा। उसके बाद उससे पूछा गया शिक्षा के बारे में तो उसने बताया कि मैं आठ में पढ़ता था, तो मुझे सुमन दीदी पढ़ाती थी। जिरासो मुरासु चौराहे पर एक शिशु मंदिर स्कूल था उसमें सुमन दीदी पढ़ाती थी। वही अंगेश की मां किशनावती देवी अपने पुत्र को पाकर बहुत खुश हुई, उनकी आंखों से खुशी के आशु बहने लगे। बताती हैं कि भगवान ने मेरे बेटे को वापस कर दिया आज मैं बहुत खुश हूं।
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रधान पति सत्येंद्र यादव ने बताया कि, लड़का पास पड़ोस एवं सभी दोस्त मित्रों को पहचान लिया है परिवार के लोग संतुष्ट हैं,तथा अंगेश का घर वापस आना पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।

rkpnews@somnath

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