मुख्यमंत्री का वादा हुआ साकार, रोली को मिलेगी सुनने और बोलने की क्षमता

जनपद भ्रमण के दौरान चौक में किया था वादा राजदीप ईएनटी अस्पताल गोरखपुर में किया गया कॉक्लियर इम्प्लांट

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोल्हुई निवासी राजू कसौधन के परिवार में उस समय खुशी की लहर दौड़ गयी जब गोरखपुर में चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि उनकी बच्ची रोली का कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन सफल रहा और रोली सुन सकेगी। राजू कसौधन और प्रीति कसौधन के घर 03 मार्च 2021 को बेटी का जन्म हुआ। लेकिन जन्म के एक साल बाद माता-पिता को एहसास हुआ कि उनकी बच्ची रोली सुन और बोल नहीं पा रही है। इसके बाद राजू और प्रीति कई विशेषज्ञ डॉक्टरों से मिले। डॉक्टरों से पति-पत्नि को ईलाज का पता भी चला। इलाज था बच्ची का कॉक्लियर इम्प्लांट। लेकिन ईलाज महंगा था और इसका खर्च डॉक्टरों ने यूनतम 06 लाख रूपये बताया। मुम्बई में ड्राइवर की नौकरी करने वाले राजू कसौधन के लिए राशि बहुत बड़ी थी। राजू कसौधन ने बताया कि ईलाज की राशि को जानकर कहीं न कहीं मन निराश हो गया। लेकिन इसी दौरान दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कॉक्लियर इम्प्लांट योजना की जानकारी हुयी, जिसमें बच्ची का निःशुल्क ईलाज संभव था। हमने विभाग से पता किया और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के निर्देशानुसार योजना के अंतर्गत आवेदन किया गया। 25 अक्टूबर 2024 को जनपद आगमन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रोली के कॉक्लियर इम्प्लांट को स्वीकृति देते हुए, उससे वादा किया था कि वह जल्द ही सुन और बोल सकेगी। राजू कसौधन ने बच्ची का ईलाज मुफ्त होने पर मुख्यमंत्री उ.प्र. जिला प्रशासन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना के कारण न कि सिर्फ मेरी बच्ची के चेहरे पर मुस्कान आयी है, बल्कि पूरा परिवार बेहद खुश है और यह सब मुख्यमंत्री के वादे के कारण संभव हुआ है।
जिलाधिकारी अनुनय झा द्वारा बताया गया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कॉक्लियर इम्प्लांट योजना के तहत लाभार्थी का ऑपरेशन होता है, जिसका खर्च न्यूनतम 06 लाख रूपये है। खर्च का शत-प्रतिशत भुगतान विभाग द्वारा अंगीकृत चिकित्सालय को किया जाता है। सर्जरी के बाद जन्म से श्रवण बाधित बच्चों के सुनने की क्षमता लौट आती है। रोली की सर्जरी विभागीय निगरानी में राजदीप ईएनटी अस्पताल गोरखपुर में करवाया गया, सर्जरी सफल रही है, और आगामी दो वर्षों तक बच्ची की निःशुल्क स्पीच थेरेपी भी विभाग द्वारा करायी जायेगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि जनपद के 05 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जो बोल और सुन नहीं सकते हैं, उनके अभिभावक इस योजना का लाभ लेने के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय, महराजगंज में आवेदन कर सकते हैं।

Karan Pandey

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