July 25, 2024

राष्ट्र की परम्परा

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वर्सोवा ब्रिज के नीचे हुए हादसे का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया निरीक्षण

एल. और टी. दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को कंपनी के माध्यम से 50 लाख रुपये की सहायता

मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सूर्या परियोजना का पानी मीरा भयंदर की ओर ले जाने के लिए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही परियोजना के वर्सोवा ब्रिज के नीचे निर्माण स्थल पर दुर्घटना का निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिंदे ने हादसे के शिकार लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी, कि परिवार को एल. और टी। कंपनी के माध्यम से पचास लाख रुपये की मदद दी जाएगी । वही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कंपनी में नौकरियां दी जाएंगी। पालघर कलेक्टर गोविंद बोडके , मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी , वसई विरार नगर निगम आयुक्त अनिल पवार , मीरा भयंदर पुलिस आयुक्त मधुकर पांडे , मीरा भायंदर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्रीकांत पाठक, वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। इस अवसर पर जिला प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहा।
एमएमआरडीए सूर्या परियोजना से मीरा-भायंदर की ओर पानी ले जाएगा। निर्माणाधीन परियोजना के वर्सोवा पुल के नीचे हुए हादसे में जेसीबी ऑपरेटर राकेश यादव जेसीबी समेत मलबे में फंस गए हैं, जिन्हें निकालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. भारतीय नौसेना , भारतीय सेना , राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ( एनडीआरएफ ) , ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल ( टीडीआरएफ ) , फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर बुलाया गया है। दुर्घटना पीड़ित को निकालने के लिए वीजेटीआई के विशेषज्ञ प्रोफेसरों का मार्गदर्शन भी लिया जा रहा है घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के जवानों को बचाव कार्य का अनुभव है, इसलिए उनके अनुभव का उपयोग करके हम इस दुर्घटना से व्यक्ति को निकालने में सफल होंगे।यदि दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो जाती है तो उस व्यक्ति के परिवार को एल मिलेगा और टी। व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को कंपनी और एलएंडटी के माध्यम से 50 लाख रुपये की सहायता। इस बात को मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिंदे ने राकेश यादव की पत्नी , दो बेटियों , एक बेटे और पिता तथा अन्य सदस्यों से मुलाकात कर उनके आवास की व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर बोडके को दिये।