Saturday, February 28, 2026
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छोटे सरकार’ अनंत सिंह गिरफ्तार, दुलारचंद यादव मर्डर केस ने मचाया सियासी भूचाल

पटना/मोकामा ( राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार की राजनीति में फिर से उबाल आ गया है। मोकामा के बहुचर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में शनिवार की देर रात जदयू प्रत्याशी और बाहुबली नेता अनंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने पूरे प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

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🔸 आधी रात करगिल आवास से हुई गिरफ्तारी
पटना पुलिस ने एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाकर अनंत सिंह को उनके करगिल आवास से गिरफ्तार किया। इस दौरान उनके दो करीबी सहयोगी — मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम उर्फ दिमागी को भी हिरासत में लिया गया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एम.एस. और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने पुष्टि की कि तीनों को दुलारचंद यादव हत्या प्रकरण में मुख्य आरोपी बनाया गया है।
🔸 तीन एफआईआर, 80 गिरफ्तारियां और चुनावी तनाव
अब तक इस मामले में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं—

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  1. पहली प्राथमिकी मृतक के पोते द्वारा अनंत सिंह समेत 4 लोगों के खिलाफ।
  2. दूसरी जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी द्वारा 6 लोगों पर।
  3. तीसरी पुलिस जांच के आधार पर स्वयं दर्ज की गई एफआईआर।
    इस केस में अब तक 80 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान पथराव और पुलिस पर हमले की भी जांच चल रही है।
    🔸 पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा
    दुलारचंद यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें टखने के पास गोली लगी थी, परंतु उनकी मृत्यु हृदय और फेफड़ों में लगी चोट से हुए सदमे (कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर) के कारण हुई।
    रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि गोली का घाव घातक नहीं था, जिससे घटना की प्रकृति को लेकर नए सवाल उठ खड़े हुए हैं।
  4. ये भी पढ़ें – चंद लोगों के हाथ की कठपुतली बनी है बिहार की राजनीति जो हमारे देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे है।
  5. 🔸 चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
    निर्वाचन आयोग ने मोकामा हिंसा पर कड़ा रुख अपनाते हुए पटना के एसपी (ग्रामीण) विक्रम सिहाग का तबादला कर दिया है। साथ ही, बाढ़ के एसडीओ, मोकामा विधानसभा सीट के पीठासीन अधिकारी, और दो एसडीपीओ (बाढ़-1 और बाढ़-2) को हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
    🔸 मोकामा बना सियासी रणभूमि
    इस घटना ने बिहार चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले माहौल को गरमा दिया है।
    जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी, जो मृतक दुलारचंद के भतीजे हैं, अनंत सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।
    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह केस अब सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि बिहार की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक नैतिकता की परीक्षा बन गया है।
    🔸 मतदान और मतगणना कार्यक्रम
    बिहार विधानसभा की दो चरणों में मतदान प्रक्रिया होगी —
    पहला चरण: 6 नवंबर 2025
    दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025
    मतगणना: 14 नवंबर 2025
    🟩 मोकामा हत्याकांड ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। अनंत सिंह की गिरफ्तारी से चुनावी समीकरण बदलते दिख रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट में क्या नया मोड़ आता है और क्या ‘छोटे सरकार’ एक बार फिर कानूनी शिकंजे से बाहर निकल पाएंगे या नहीं।
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