Wednesday, June 10, 2026
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बदलते मौसम चक्र और बढ़ता तापमान कृषि व खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती: संजय

जलवायु परिवर्तन से कृषि पर बढ़ते संकट पर बीबीएयू में संगोष्ठी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 10 जून को उद्यान विभाग एवं युवराष्ट्र, अवध प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में ‘कृषि पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय कुलगीत का गायन हुआ तथा आयोजन समिति की ओर से अतिथियों एवं शिक्षकों का स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि संजय जी ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते मौसम चक्र, अनियमित वर्षा और बढ़ते तापमान के कारण कृषि क्षेत्र में नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सीधा प्रभाव फसलों, कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है। किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता है।

अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा तथा किसानों की आजीविका पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करने और पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जल, भूमि, वन एवं जैव विविधता जैसे प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर बल देते हुए वृक्षारोपण और संसाधनों के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया।
संगोष्ठी में डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ की संकायाध्यक्ष प्रो. दीपा एच. द्विवेदी, उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एम.एल. मीणा तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. रविशंकर वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन के विभिन्न आयामों तथा कृषि, प्राकृतिक संसाधनों और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर-शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी, शोधार्थी तथा किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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