लेख

फेफड़ा (लंग्स) कैंसर एक खामोश कातिल है-आओ व्यक्तिगत व सामूहिक रूप से मिलकर इसपर ठोस कार्यवाही करें

2025 में हमारे पास तकनीकी, ज्ञान व संसाधन है,फेफड़ा कैंसर से लड़ने अब सरकार, समाज, चिकित्सा प्रणाली व आम नागरिकों…

9 months ago

दुनियाँ की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था को डेड कहना क्या ट्रंप की ट्रेड डील की पैतरेबाज़ी है?

ट्रंप की टैरिफ दबाव नीति क़े आगे भारत झुकेगा नहीं - संसद में वाणिज्यमंत्री की हुंकार राष्ट्रहित सर्वोपरि गोंदिया -…

9 months ago

“जब तक हिंदी भाषा जीवित है, प्रेमचंद के शब्द उसमें सांस लेते रहेंगे।”

हिंदी साहित्य के इतिहास में अगर किसी लेखक ने जनमानस को सबसे अधिक प्रभावित किया, तो वह हैं मुंशी प्रेमचंद।…

9 months ago

मुंशी प्रेमचंद: जिसने समाज को आईना दिखाया

नवनीत मिश्र 31 जुलाई को जब हम प्रेमचंद को याद करते हैं, तो दरअसल हम उस चेतना को याद कर…

9 months ago

उधम सिंह सरदार एक गोली सौ सालों की गूंज

उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार…

9 months ago

मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर होगा “सवा सेर गेहूं” का मंचन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर नाट्य संस्था रंगाश्रम गोरखपुर द्वारा 31 जुलाई,…

9 months ago

आज भी प्रासंगिक हैं प्रेमचंद के साहित्यिक व सामाजिक विमर्श– कृष्ण कुमार यादव

"साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसकी मशाल भी है।" यह कथन प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान पर अक्षरशः खरा…

9 months ago

योगी आदित्यनाथ का कीर्तिमान: नेतृत्व के स्थायित्व से विकास की दिशा

✍️नवनीत मिश्र *"योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक स्थायित्व का नया मानक स्थापित किया है, जिसकी मिसाल अन्य राज्यों के लिए भी…

9 months ago

लक्ष्मणरेखा के पार: उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा और सत्ता-संविधान के बीच संघर्ष

✍️ दिव्या भोसले, पत्रकार, मुंबई भारतीय राजनीति में कुछ फैसले क्षणभर में होते हैं, लेकिन उनके प्रभाव लम्बे समय तक…

9 months ago