लेख

महादेव देसाई: गांधी के शब्द, संघर्ष की आत्मा और राष्ट्रवाद वाहक

✍️ पुनीत मिश्र महादेव देसाई भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अनन्य सिपाहियों में थे, जिनका योगदान मंच से कम और…

10 months ago

आत्ममंथन का समय: क्या सरकारी योजनाएं हकदारों तक पहुँच रही हैं या अपात्रों की ढाल बन चुकी हैं?

राहत या राजनीति?- क्या सरकारी राहत वास्तव में पात्रों तक पहुँच रही है?या राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यवस्था खोखली हो रही…

10 months ago

पद्मविभूषण सत्येन्द्रनाथ बोस: जब भारतीय मेधा ने विश्व भौतिकी की दिशा बदली

✍️ नवनीत मिश्र भारतीय विज्ञान के इतिहास में सत्येन्द्रनाथ बोस का स्थान एक ऐसे वैज्ञानिक का है, जिसने सीमित साधनों…

10 months ago

गायत्री मानव चेतना के जागरण का सनातन सूत्र

कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय सनातन परंपरा की आत्मा यदि किसी एक शब्द में समाहित दिखाई देती है, तो…

10 months ago

श्रीलाल शुक्ला: ‘रागदरबारी’ के जरिए भारतीय व्यवस्था की तीखी पड़ताल

नवनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में श्रीलाल शुक्ला ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्होंने कल्पना के आवरण में नहीं, बल्कि यथार्थ की कठोर…

10 months ago

2026 का संकल्प: व्यक्तिगत सफलता नहीं, सामूहिक राष्ट्रीय उत्थान का वर्ष

नववर्ष 2026-व्यक्तिगत आकांक्षाओं से राष्ट्रीय संकल्प तक-वैश्विक जिम्मेदारी की ओर बढ़ता भारत- करना है ऐसा धमाल- दुनियाँ कहे वाह रे…

10 months ago

AI और शिक्षा: शिक्षक का विकल्प या सीखने का सशक्त सहायक?

सोमनाथ मिश्र की कलम से(राष्ट्र की परम्परा)।डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिक्षा व्यवस्था में तेजी से प्रवेश कर रही…

10 months ago

दुष्यंत कुमार: असहमति, संवेदना और समय की आवाज

नवनीत मिश्र दुष्यंत कुमार हिन्दी कविता और ग़ज़ल की परंपरा में वह सशक्त हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने शब्दों को सौंदर्य की…

10 months ago

शिक्षा में असमानता: सपनों पर भारी होती अमीरी-गरीबी की खाई

(शिक्षा डेस्क - राष्ट्र की परम्परा)शिक्षा को किसी भी समाज की प्रगति और समानता की सबसे सशक्त आधारशिला माना जाता…

10 months ago

रामानंद सागर: टेलीविजन पर संस्कृति और संस्कारों के अमिट हस्ताक्षर

पुनीत मिश्र भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामानंद सागर का नाम उस सृजनात्मक क्रांति का प्रतीक है, जिसने छोटे परदे…

10 months ago