लेख

देश की आत्मा को स्वर देने वाले जनकवि- कवि प्रदीप

✍️ पुनीत मिश्र जब भी भारत में देशभक्ति की धुनें गूंजती हैं, जब भी किसी समारोह में राष्ट्रप्रेम की भाव-लहर…

5 months ago

शादी का बोझ या सामाजिक शान? दिखावे की दौड़ में परिवार क्यों हो रहे कर्ज़ के गुलाम

सोमनाथ मिश्रा की रिपोर्ट | राष्ट्र की परम्परा भारत में विवाह को लेकर बदलते सामाजिक परिवेश ने एक नई चिंता…

5 months ago

दुनिया को बदल देने वाली घटनाओं की अमिट कहानी

10 दिसंबर का इतिहास 10 दिसंबर केवल तारीख नहीं, बल्कि विश्व राजनीति, विज्ञान, खेल, स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक परिवर्तनों का…

5 months ago

राजनीतिक भेदभाव की चढ़ी भेंट: लोकतंत्र की आत्मा पर गहरा आघात

डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र की पहचान समानता, पारदर्शिता और निष्पक्षता से होती है, लेकिन आज यह मूलभूत…

5 months ago

राष्ट्र का उत्थान–पतन तय करते हैं तीन आधार: स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा

कैलाश सिंह महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। किसी भी राष्ट्र की मजबूती ऊंची इमारतों, बड़े बजट और नारों से नहीं, बल्कि उसकी…

5 months ago

जो अमेरिका से करें प्यार, वे डॉलर से कैसे करें इंकार

व्यंग्य-आलेख संजय पराते डॉलर चढ़ रहा है और रुपया लुढ़क रहा है। रूपये के चढ़ने से डॉलर लुढ़के या न…

5 months ago

भारतीय व्यवस्था पर अविश्वास के कारण

स्वामी करपात्री जी महाराज भारत की शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, रक्षा, सेवा और उत्सव त्योहार जैसी व्यवस्थाएँ सदियों से समाज को…

5 months ago

वायु प्रदूषण नियंत्रण: सरकार ने शुरू की सख्त कार्रवाई, ओपन बर्निंग पर लगेगा ₹5000 तक जुर्माना

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दिल्ली में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए मुख्यमंत्री रेखा…

5 months ago

फायर सेफ्टी से लेकर बिल्डिंग बायलॉज तक—क्यों फेल हो रही है भारत की सुरक्षा व्यवस्था?

भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों में सुरक्षा संकट- भ्रष्टाचार की मिलीभगत क़ी संरचनात्मक भूमिका? गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत तेज़ी से शहरी…

5 months ago

चाइल्ड लेबर—कानून मौजूद, फिर भी बच्चे मजदूर क्यों? भारत की सच्चाई उजागर करती विशेष रिपोर्ट

(राष्ट्र की परम्परा) भारत में चाइल्ड लेबर पर सख्त कानून मौजूद हैं, फिर भी सड़कों, ढाबों, फैक्ट्रियों और घरों में…

5 months ago