Category: लेख

भारत में संगठित अपराध का खतरनाक नेटवर्क: पंजाब से अन्य राज्यों तक फैलती आपराधिक श्रृंखला

भारत एक लोकतांत्रिक और विविधताओं से भरा देश है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में संगठित अपराध की जड़ें कुछ राज्यों में गहराती जा रही हैं। विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा,…

बढ़ती उपेक्षा का कारण बदलता परिवार: आधुनिक समाज की सबसे बड़ी सामाजिक चुनौती

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बदलते सामाजिक ढाँचे और तेज होती जीवनशैली के बीच भारतीय परिवारों में उपेक्षा का भाव तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त परिवारों का टूटना,…

अपनी ही मौत का नाटक रचने वाला हिस्ट्रीशीटर पूर्व फौजी गिरफ्तार, हत्या कर जलाया था शव

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अछनेरा क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और पूर्व फौजी हुसन सिंह को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार को कचौरा गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर मध्य…

कदम–कदम पर बदलती दिशाएं: मानव जीवन की कहानी

✍️ डॉ.सतीश पाण्डेय महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मानव जीवन एक ऐसी अनवरत यात्रा है, जिसमें कोई भी राह स्थायी नहीं होती। पल–पल बदलते हालात, रोज नए मोड़ और अनगिनत अनिश्चितताएं—इन्हीं…

प्रसिद्ध जन्मतिथि और उनका ऐतिहासिक महत्व

“5 दिसंबर: इतिहास के वे सितारे, जिन्होंने शब्दों, साहस और संस्कार से अपना युग बदल दिया” 5 दिसंबर का दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में…

संघर्षों से संवरता मानव जीवन का पड़ाव

डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। मानव जीवन एक निरंतर गतिमान यात्रा है, जिसमें हर पड़ाव अपने साथ नई चुनौतियां, नए अनुभव और नई सीखें लेकर आता है। किसी भी…

मानव जीवन: संघर्ष, सपनों और सफलताओं की अनोखी यात्रा

कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मनुष्य का जीवन किसी सीधी रेखा की तरह नहीं होता, बल्कि उतार–चढ़ाव, चुनौतियों, उम्मीदों और अनुभवों से भरी एक विविध यात्रा है। यह यात्रा…

मसूरी में 600 प्रशिक्षु आईएएस और एक सवाल

“उंगलियों पर हल होने वाला सवाल और भविष्य के प्रशासकों की तैयारी का सच” मसूरी से उठता सवाल: क्या हमारी प्रशासनिक शिक्षा केवल पुस्तकीय हो गई है? मसूरी में 600…

पृथ्वी की पुकार और विष्णु का अवतरण: शास्त्रोक्त कथा का चमत्कारी अध्याय

जब अधर्म ने तोड़ी सभी सीमाएँ और धर्म की पुनर्स्थापना का संकल्प जागा पिछले एपिसोड में हमने जाना कि किस प्रकार कठिन समय में भी आशा का दीप बुझता नहीं,…

मसूरी में 600 प्रशिक्षु आईएएस और एक सवाल

“उंगलियों पर हल होने वाला सवाल और भविष्य के प्रशासकों की तैयारी का सच” मसूरी से उठता सवाल: क्या हमारी प्रशासनिक शिक्षा केवल पुस्तकीय हो गई है? मसूरी में 600…

जनता की पीड़ा पर सत्ता की चुप्पी — आखिर कब टूटेगी?

कैलाश सिंह महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। देश की राजनीति में वादों और भाषणों की गूंज तो खूब सुनाई देती है, लेकिन जनता की असल पीड़ा पर सत्ता की खामोशी गहरी होती…

3 दिसंबर: दिव्यांगजनों के अधिकारों को समर्पित खास दिन

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस: समावेशी समाज की ओर एक मजबूत कदम, जानिए इसका इतिहास, उद्देश्य और महत्व हर वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस (International Day of Persons with Disabilities)…

“एसआईआर : सरकारी लापरवाही की कीमत कर्मचारियों की जान से क्यों चुकाई जाए?

”लेख – सलेमपुर के धनगड़ा ग्राम निवासी युवा लेखपाल आशीष कुमार (30 वर्ष) की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की अव्यवस्थित और कठोर प्रणाली की भयावह…

उन्नीस की उम्र, अनंत का बलिदान: अमर शहीद खुदीराम बोस

असि. प्रो. जितेन्द्र कुमार पाण्डेय भारत के स्वतंत्रता संग्राम का हर अध्याय अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गाथाओं से भरा हुआ है। इन अमर गाथाओं के शिखर पर जिस…

अंतर्राष्ट्रीय दासता उन्मूलन दिवस: मानव से लेकर मन तक- हर रूप की गुलामी से मुक्ति आवश्यक

✍️ नवनीत मिश्र अंतर्राष्ट्रीय दासता उन्मूलन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि दासता केवल इतिहास के पन्नों में कैद कोई पुरानी व्यवस्था नहीं है, बल्कि आज भी कई नए…