Category: स्तंभ

यू. आर. अनंतमूर्ति : समाज, संस्कृति और संवेदना के आलोचक

नवनीत मिश्र यू. आर. अनंतमूर्ति कन्नड़ साहित्य की उन विशिष्ट हस्तियों में हैं, जिन्होंने साहित्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और आत्मा के गहन आत्ममंथन का उपकरण…

स्वाभिमान की तलवार से इतिहास रचने वाले योद्धा: महाराज छत्रसाल

बलिदान दिवस 20 दिसंबर पर विशेषनवनीत मिश्र भारत की धरती पर जब-जब अन्याय, दमन और पराधीनता का अंधकार छाया, तब-तब किसी न किसी वीर ने स्वाभिमान की मशाल जलाकर इतिहास…

तीन क्रांतिकारी, एक संकल्प: आज़ादी के लिए सर्वोच्च बलिदान

पुनीत मिश्र भारत की स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि असंख्य त्यागों की जीवंत गाथा है। इस गाथा के उज्ज्वल अध्याय हैं पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ…

रहीमदास: नीति, भक्ति और मानवीय करुणा का शाश्वत स्वर

पुनीत मिश्र “जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करी सकत कुसंग। चन्दन विष व्यापे नहीं, लिपटे रहत भुजंग॥”यह दोहा केवल काव्य-सौंदर्य नहीं, बल्कि मनुष्य के चरित्र का दार्शनिक उद्घोष है। चन्दन…

विजय दिवस: शौर्य, संकल्प और राष्ट्रगौरव का अमर अध्याय

नवनीत मिश्र 16 दिसंबर भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है, जब पराक्रम ने अत्याचार को परास्त किया और न्याय ने इतिहास की धारा मोड़ दी। 1971 में ढाका के…

गरिमामय जीवन और मानवता का धर्म: मानवाधिकारों का इतिहास और वर्तमान संदर्भ

विश्व मानवाधिकार दिवस का संदेश स्पष्ट है कि प्रत्येक मनुष्य को मर्यादापूर्वक एवं गौरवपूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। यह अधिकार केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का मूल…

बदलते भारत की सैन्य सोच के शिल्पकार: जनरल बिपिन रावत

पुनीत मिश्र भारत के आधुनिक सैन्य इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल अपनी पदस्थापना से नहीं, बल्कि अपने दृष्टिकोण और निर्णायक नेतृत्व से एक युग को प्रभावित…

आर्टिफिशियल चोकर नेकलेस: पुरुषों और महिलाओं के लुक को निखारने का नया फैशन ट्रेंड

आज के दौर में आकर्षक दिखना सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि सही एक्सेसरीज का चुनाव भी उतना ही जरूरी है। चाहे शादी समारोह हो, पार्टी हो या कोई…

पुराण: भारतीय ज्ञान-संस्कृति का शाश्वत आधार

● नवनीत मिश्र भारतीय ज्ञान–परंपरा का यदि कोई ऐसा साहित्यिक आधार है जिसने सहस्राब्दियों तक हमारी संस्कृति, सोच, आस्था और सामाजिक जीवन को जीवित रखा है, तो वह है, पुराण।…

नारी शक्ति का सम्मान: अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस का संकल्प

पुनीत मिश्र अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस केवल एक स्मरण-दिवस नहीं, बल्कि वह चेतना है जो हमें यह सोचने पर विवश करती है कि विकसित कहलाने वाला समाज अभी भी…

प्रकृति के मौन संदेशों को सुनने वाले वैज्ञानिक: डॉक्टर जगदीश चंद्र बोस

● पुनीत मिश्र विज्ञान के विशाल परिदृश्य में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल प्रयोगशाला की दीवारों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अपनी दृष्टि को प्रकृति, जीवन और मानवता…

अनोखी प्रतिभा के धनी पीयूष गोयल: पाँच तरीकों से पाँच महान कृतियाँ लिखकर रचा इतिहास

● नवनीत मिश्र दुनिया में कलाकारों की कमी नहीं, लेकिन कुछ लोग अपनी कल्पनाशक्ति और साधना से ऐसे चमत्कार कर दिखाते हैं जो सामान्य सोच से परे हों। ऐसी ही…

आठ पहर चौसठ घड़ी, लगा रहे अनुराग: प्रेम और समर्पण की अनंत भावना

● नवनीत मिश्र भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में प्रेम, भक्ति और समर्पण को व्यक्त करने के लिए अनेक गूढ़ और काव्यमय प्रतीक मिलते हैं। इन्हीं में से एक सुन्दर भाव है…

मैं अपनी झाँसी नहीं दूँगी…: रानी लक्ष्मीबाई

मनु से रानी लक्ष्मीबाई तक की अदम्य साहस की अमर गाथा प्रस्तुत कर रहे हैं पुनीत मिश्र भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई वीरांगनाओं ने अपने साहस, नेतृत्व और अदम्य…

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी: संकल्प, साहस और नेतृत्व की अद्वितीय प्रतीक

भारत के राजनीतिक इतिहास में इंदिरा गांधी वह नाम है जिसने अपने दृढ़ संकल्प, तेज निर्णय क्षमता और अदम्य नेतृत्व से देश की दिशा को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।…