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श्री यदुधाम पीठ: आस्था के आवरण में सत्ता-साधना का नया प्रयोग

गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में की गई यह घोषणा जितनी ऊँची आवाज़ में समाज, पहचान और आत्मसम्मान की बात करती…

1 month ago

महादेव गोविंद रानाडे: राष्ट्रसेवा और सामाजिक चेतना के अग्रदूत

पुनीत मिश्र महादेव गोविंद रानाडे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन महान चिंतकों और समाज सुधारकों में अग्रणी थे, जिन्होंने राष्ट्रहित…

1 month ago

मकर संक्रांति: सूर्य की गति, संस्कृति की चेतना

नवनीत मिश्र भारतीय सभ्यता प्रकृति, खगोल और जीवन के आपसी संतुलन पर आधारित रही है। इसी संतुलन की सजीव अभिव्यक्ति…

1 month ago

विश्व हिंदी दिवस: माँ भारती के माथे पर सजी भाषा की अमिट आभा

हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना की धुरी है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर…

2 months ago

पश्चिम बंगाल से उठता सवाल: क्या सत्ता कानून से ऊपर हो सकती है?

नवनीत मिश्र पश्चिम बंगाल की घटना केवल एक क्षणिक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं और संस्थागत संतुलन पर गहराते…

2 months ago

दूषित हवा, दूषित समाज और मोहन राकेश की चेतावनी

जयंती पर विशेष: पुनीत मिश्र “जिस हवा में फूल अपने पूरे सौन्दर्य के साथ नहीं खिल सकता, वह हवा अवश्य…

2 months ago

पंचशील ध्वज के रंगों में समाया बुद्ध का जीवन दर्शन

नवनीत मिश्र आज का मानव समाज तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। भौतिक उपलब्धियाँ बढ़ी हैं, लेकिन मानसिक…

2 months ago

शहीद शेख भिखारी: गुमनाम नायक, ऐतिहासिक अन्याय और आज के भारत में सांप्रदायिक सद्भाव की ज़रूरत

रांची (राष्ट्र की परम्परा)8 जनवरी 1858 को चुटुपालु घाटी में फांसी पर चढ़ाए गए शहीद शेख भिखारी की पुण्यतिथि हर…

2 months ago

श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया सकट चौथ, माताओं ने की संतान के दीर्घायु की कामना

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। माघ मास के कृष्ण पक्ष की पावन चतुर्थी तिथि को मंगलवार के दिन जनपद में…

2 months ago

कपिल देव: एक कप्तान, जिसने असंभव को संभव बनाया

पुनीत मिश्र भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल रिकॉर्ड नहीं बनाते, बल्कि सोच की दिशा…

2 months ago