संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। माघ मास के कृष्ण पक्ष की पावन चतुर्थी तिथि को मंगलवार के दिन जनपद में सकट चौथ का पर्व गहरी श्रद्धा, आस्था और धार्मिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर गृहणियों एवं माताओं ने निर्जल व्रत रखकर विघ्नहर्ता भगवान गणेश और जगज्जननी माता पार्वती की पूजा-अर्चना की तथा अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना की।
सकट चौथ के अवसर पर घर-घर में भक्ति का वातावरण बना रहा। परिवार की बुजुर्ग महिलाओं द्वारा सकट पूजन से जुड़ी प्राचीन धार्मिक कथाओं का श्रद्धापूर्वक वाचन किया गया। कथा में भगवान गणेश के अवतरण, उनके विघ्नहर्ता स्वरूप तथा माता पार्वती के वात्सल्य भाव का वर्णन किया गया, जिसे सुनकर व्रती माताओं ने पूर्ण निष्ठा के साथ पूजा संपन्न की। इस व्रत को संतान की रक्षा और मंगल कामना से जोड़ा जाता है। अंत में भगवान गणेश को भोग अर्पित कर प्रसाद का वितरण किया गया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सकट चतुर्थी का व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। यह व्रत विशेष रूप से संतान सुख, आयु वृद्धि और परिवार की बाधाओं के निवारण के लिए किया जाता है। सकट पूजन की यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है और आज भी श्रद्धालु इसे पूरे विश्वास और भक्ति भाव से निभा रहे हैं।
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