कविता

सकारात्मक सोच

घड़ी की क़ीमत कितनी भी होकिंतु समय न वश में कर पाती,कितना भी शक्तिमान कोई होनियति न कभी वश में…

5 months ago

सनातन धर्म कहता है कि

कहा गया है सत्य बोलें, प्रिय बोलें,अप्रिय हो जो वह सत्य नहीं बोलें,जो प्रिय असत्य हो वह नहीं बोलें,सनातन धर्म…

5 months ago

मित्र को मित्र से प्रमाण नहीं चाहिये

इससे अच्छा क्या होगा कि कोईछोटी छोटी बात पर करे प्रशंसा,स्वीकार करे आपको मुसीबत में,ज़रूरत के समय करे जो सहायता।…

5 months ago

सत्य और जीवन का महत्व

यह सत्य है कि सत्य कभी भीदावा नहीं करता कि मैं सत्य हूँ,लेकिन झूठ तो हमेशा ही यहीदावा करता है…

5 months ago

हिन्दी: नारे व स्वतंत्रता संग्राम

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन केप्रमुख वचन व नारों में हिंदी थी,स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी के नारोंकी अत्यंत विशिष्ट भूमिका थी। स्वतंत्रता…

5 months ago

कविता अनुपस्थिति में उपस्थिति है: डॉ. सुधाकर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नागरी प्रचारिणी सभागार में मंगलवार को युग द्रष्टा जनवादी कवि ध्रुवदेव मिश्र पाषाण की जयंती पर…

5 months ago

जीवन की वास्तविकता!

प्रकृति की ख़ूबसूरती पेड़ पौधों,उनके पल्लव पुष्पों से दिखती है,इन्सानी ख़ूबसूरती वैसे ही उनकेविचार व्यवहार पर निर्भर करती है। नीचा…

5 months ago

हाथी जैसी चाल चल रहा तन्त्र

ऑफिस में आओ मिलो आकर,काम सही हो जाएगा मिलकर,बस एक इशारा वो देते हैं फिर,जेब गर्म उनकी कर दो जाकर।…

6 months ago

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम: योगेश्वर श्री कृष्ण

अच्युतम केशवम, कृष्ण दामोदरम,रामनारायणम, जानकीवल्लभम,राम जन्में थे त्रेता में दशरथ के घर,कृष्ण जन्मे थे द्वापर में कारागार में। राम का…

6 months ago

घोर कलियुग है भाई

स्थानीय समाचार पत्रों का समाचारमन को कितना विचलित कर देता है,ऐसा लगता है, घोर कलियुग है, भाईभाई, मित्र मित्र की…

6 months ago