कविता

अच्छी संगति : अच्छे विचार

जमीन अच्छी हो, खाद अच्छी हो,पानी खारा हो, तो फूल नहीं खिलते,वैसे ही भाव अच्छे हों, कर्म अच्छे हों,वाणी खराब…

12 months ago

“घातक” जातिय जनगणना

भारत देश जिसे जातिवाद में उलझाते जा रहे हैं सत्ता लोलुप नेता। मंशा इनकी कहलाएंगे खुद को देश का दूसरा…

12 months ago

सब यहीं धरा रह जाता है

बचपन के दिन याद करूँ तो मनमें एक कसक पैदा हो जाती है,वे दिन भी क्या दिन होते थे जबकिंचित…

1 year ago

प्रेम भक्ति, श्रद्धा, विश्वास और दृढ़ता

जीवन एक अविराम यात्रा है,इस यात्रा में वही पथिक अपनेगंतव्य तक पहुँच पाता है जोनिरंतर यात्रा में चलता रहता है।…

1 year ago

नदी न पिए पानी

दूसरे के चेहरे पर हँसी, जीवन मेंख़ुशी लाने की जो सोच रखता है,वह व्यक्ति स्वयं भी खुश रहता है,और दूसरों…

1 year ago

स्वार्थ से बड़ा समाज व देश

वह दो तरह के व्यक्ति ख़ास होते हैं,जो समाज में तहलका मचाते हैं,एक वो जो जानकर भी चुप रहते हैं,दूसरे…

1 year ago

शख़्सियतें निशान छोड़ती हैं

किसी के साथ बुरा उतना ही करो,कि खुद पे आए तो सहन कर सको,बुरा ढूँढता हूँ, बुरा न मिलता कोय,दिल…

1 year ago

सत्ता, शहादत और सवाल

क्यों जलियाँ की चीख सुन, सत्ता है अब मौन?लाशों से ना सीख ली, अब समझाये कौन॥ डायर केवल नाम था,…

1 year ago

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय,ख़ुद ही पुलिस ख़ुद न्यायालय,ख़ुद ही गवाह ख़ुद ही पैरोकारी,ख़ुद वकील ख़ुद जाँच अधिकारी। जहाँ…

1 year ago

प्रकृति का नियम

जिस तरह एक वृक्ष की प्रकृति होती हैहमारी प्रकृति भी वैसी ही होनी चाहिए,हमें अपनी धरती पर रहकर वृक्ष की…

1 year ago