किसी के साथ बुरा उतना ही करो,
कि खुद पे आए तो सहन कर सको,
बुरा ढूँढता हूँ, बुरा न मिलता कोय,
दिल देखूँ आपना मुझसे बुरा न कोय।
हमारी तमीज, तहजीब व अदब
जीवन में बहुत कुछ बोलती हैं,
कितना भी छिपाये इंसान पर,
शख्सियतें निशान छोड़ती हैं।
कहाँ मिलेंगे लोग मन मुताबिक,
ख़ुद को भी कुछ झुकना पड़ता है,
जिद की एक गाँठ जो छूट जाये,
उलझा हुआ रिश्ता सुलझ जाये।
जीवन में कलह का हल सुलह है,
अब करो या नुकसान होने के बाद,
आज के जमाने में बिना मतलब के
यहाँ तो कोई भी नहीं करता है बात।
बहुत उम्मीद न करना किसी से,
आदित्य लोग साथ कहाँ देते हैं,
जिससे जितना लगाव होता है,
वह तो सबसे गहरा घाव देते हैं।
डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2026 के…
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल नेतृत्व में जनपद पुलिस ने तकनीक…
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय खेल प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश ओलम्पिक एसोसिएशन के तत्वावधान में…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भीषण गर्मी और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जनपद…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कीटनाशक दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने…