शांतिकुंज — जहां हिमालय की तपशक्ति से जन्मी युग-गंगोत्तरी बहती है
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।गंगा की जलतरंगों से शीतलित, हिमालय की अचल छाया से आच्छादित—शांतिकुंज आज जिस रूप में दुनिया के सामने है, वह किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि प्राचीन ऋषि-संस्कृति…
