क्या क्या दिखलाया जाता भोलीभाली भारतवर्ष की हमारी जनता को,हिंसा खुलेआम नंगापन, छल कपट,नीचा दिखलाना भाई का भाई को। जो…
पिता तो साक्षात वट वृक्ष होते हैं,अंदर से नर्म प्रत्यक्ष सख़्त होते हैं,अब जब नहीं हैं वह इस संसार में,बस…
मेरे राम को भजने वाले,क्यों न सामने आते हो।प्रभू मुद्रिका लाने वाले,तुम छिपके कहाँ बैठे हो।माता मैं बजरंगबली हूँ,प्रभू राम…
भाग्य जब चमकता है,तभी तो काम करता है,कर्म पर ही सब निर्भर है,भाग्य भी कर्म पर निर्भर है। वक्त कब…
जल में रहकर मगरमच्छ से बैर,उन शैतानों के भी होते हैं दो पैर,बिना किसी प्रतिबंध वे घूम रहे हैं,छोटी बड़ी…
न्यायालय, पुलिस और अस्पताललोकतंत्र में जनता के सेवक होते हैं,यह तथ्य मगर दीगर है कि यही सबधन बल से अधिक…
सत्य, अहिंसा, कोमलता, त्याग,दया इंसान के सद्गुण कहलाते हैं,गीता में वर्णित गुणों में यह सभीमानव के दिव्य गुण माने जाते…
आशा व निराशा दोनों ही की सोचमानव जीवन में कभी न कभी छूटती है,आशा की ज्योति अंधेरी राहों में भीजीवन…
ईश्वर के द्रोही सतयुग से लेकरत्रेता, द्वापर, कलियुग में भी हैं,सत्य-असत्य, अच्छाई-बुराई,पहले भी थीं और आज भी हैं। वाद-विवाद, तर्क-वितर्क…
वास्तव में मेहनत करने वाले को,दो जून रोटी मुश्किल से मिलती है,भीख माँगने वालों को तो बेशुमारदौलत बिना मेहनत किए…