कविता

मै पहचान हूँ भारत की

मुंबई/ महाराष्ट्र(राष्ट्र की परम्परा)मै पहचान हूं भारत की।मैं शान हूं भारत माता की ।। छंद हूं रस हूं सोरठा हूं…

2 years ago

स्मरण कर, उसका मनन कर

मौत शब्द सबको डराने वाला होता है,जिसे सुनकर हर जीव काँप जाता है,पर सत्य यह है कि जीतेजी जो कष्ट,मिलता…

2 years ago

ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है

जैसे ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है,इसलिए सबपर दया भाव रखता है,वैसे ही मनुष्य से सब ख़ुश रहते हैं तोउसे भी…

2 years ago

पहली बारिस की स्निग्ध फुहार

आख़िर देर से ही सही आयी तो,झमाझम बादल आज यूँ बरसे,चिपचिपाती गर्मी की यह उमस,बादल बरसे और जमकर बरसे। कड़कती…

2 years ago

वक्त का मान-सम्मान

मानव जीवन में मित्र हमेशामिलते और बिछुड़ते रहते हैं,वैसे ही वक्त सदा इस जीवन में,उतार चढ़ाव ले बदलते रहते हैं।…

2 years ago

खुद का किरदार ढूँढ रहा हूँ

क्या दूसरों की कहानी में मैंखुद के किरदार ढूँढ रहा हूँ,क्या मैं नि:शब्द हो गया हूँ,इसलिए कुछ शब्द ढूंढ़ रहा…

2 years ago

मदद एक ऐसा परमार्थ

सुयोग्य व अच्छे मित्रों का होना भीशायद बहुत बड़ा सौभाग्य होता है,बहुत कम लोगों के हाथ में ऐसी रेखाहोती है…

2 years ago

सत्य अक्सर कड़वा होता है

सत्य बोलना हमेशा लाभप्रद होता है,सत्य वचन याद नहीं रखना होता है,सत्य सदा सरल व निष्छल होता है,हाँ, पर सत्य…

2 years ago

मुफ़्तखोरी बुरी चाहत

जब कोई चीज मुफ्त मिल रही हो,तो समझना चाहिये कि इसकी कोईबड़ी कीमत पाने वाले को चुकानी है,उनकी आज़ादी छीनी…

2 years ago

मात-पिता का सदैव आदर होता है

वृद्धाश्रम का रिवाज भारत में,पाश्चात्य सोच से ही प्रेरित है,नर्सिंग होम पश्चिम में होते हैं,जहाँ वृद्ध वरिष्ठ निवास करते हैं।…

2 years ago