मुंबई/ महाराष्ट्र(राष्ट्र की परम्परा)मै पहचान हूं भारत की।मैं शान हूं भारत माता की ।। छंद हूं रस हूं सोरठा हूं…
मौत शब्द सबको डराने वाला होता है,जिसे सुनकर हर जीव काँप जाता है,पर सत्य यह है कि जीतेजी जो कष्ट,मिलता…
जैसे ईश्वर सबको प्रसन्न रखता है,इसलिए सबपर दया भाव रखता है,वैसे ही मनुष्य से सब ख़ुश रहते हैं तोउसे भी…
आख़िर देर से ही सही आयी तो,झमाझम बादल आज यूँ बरसे,चिपचिपाती गर्मी की यह उमस,बादल बरसे और जमकर बरसे। कड़कती…
मानव जीवन में मित्र हमेशामिलते और बिछुड़ते रहते हैं,वैसे ही वक्त सदा इस जीवन में,उतार चढ़ाव ले बदलते रहते हैं।…
क्या दूसरों की कहानी में मैंखुद के किरदार ढूँढ रहा हूँ,क्या मैं नि:शब्द हो गया हूँ,इसलिए कुछ शब्द ढूंढ़ रहा…
सुयोग्य व अच्छे मित्रों का होना भीशायद बहुत बड़ा सौभाग्य होता है,बहुत कम लोगों के हाथ में ऐसी रेखाहोती है…
सत्य बोलना हमेशा लाभप्रद होता है,सत्य वचन याद नहीं रखना होता है,सत्य सदा सरल व निष्छल होता है,हाँ, पर सत्य…
जब कोई चीज मुफ्त मिल रही हो,तो समझना चाहिये कि इसकी कोईबड़ी कीमत पाने वाले को चुकानी है,उनकी आज़ादी छीनी…
वृद्धाश्रम का रिवाज भारत में,पाश्चात्य सोच से ही प्रेरित है,नर्सिंग होम पश्चिम में होते हैं,जहाँ वृद्ध वरिष्ठ निवास करते हैं।…