युद्धविराम के लिए यूएन में हुई वोटिंग से मोदी सरकार के ऐब्सेंट रहने के विरोध में अल्पसंख्यक कांग्रेस ने दिया ज्ञापन
लखनऊ ( राष्ट्र की परम्परा )
अल्पसंख्यक कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र संघ में गाज़ा पट्टी में जारी हिंसा को रोकने के लिए लाए गए प्रस्ताव से मोदी सरकार के अनुपस्थित रहने पर, विदेश मंत्री को ज्ञापन भेज कर अपनी आपत्ती जतायी है।
अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने कांग्रेस मुख्यालय से जारी बयान में कहा कि भारत हमेशा से शांति के पक्ष में और हिंसा के विरुद्ध लाए गए प्रस्तावों का समर्थक रहा है। नेहरू के नेतृत्व में शुरू हुए गुट निरपेक्ष आंदोलन के पीछे भी यही विचार रहे हैं, ये विचार भारत के नैतिक साहस का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सदस्य के रूप में हमारे कार्यों का मार्गदर्शन किया है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मतदान के दौरान हिंसा के पक्ष में खड़े होकर भारत की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल किया है। इससे भविष्य में किसी भी वैश्विक मुद्दे पर हमारी भूमिका अविश्वास से देखी जाएगी।
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