देवरिया (राष्ट्र की परंपरा) जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह ने कृषकों को जागरूक करने हेतु जन-जागरूकता अभियान के अन्तर्गत 04 प्रचार वाहनों को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कृषक जागरूकता हेतु प्रचार वाहन में कृषकों में वितरण हेतु पम्पलेट भी रखे गये हैं। ये प्रचार वाहन जनपद में समस्त 16 विकास खण्डों में भ्रमण कर कृषकों के मध्य फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के सम्बन्ध में कृषकों को जागरूक करेंगे।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाईजेशन फॉर इन सीटू ऑफ काप रेजिड्यू योजनान्तर्गत जनपद देवरिया में फसल अवशेष / पराली जलाने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में कृषकों को जानकारी दिया जायेगा कि फसल अवशेष जलाना दण्डनीय अपराध है। यदि कोई भी किसान कृषक अवशेष जलाता हुआ पाया जायेगा तो कृषि भूमि का क्षेत्र 0.2 एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदण्ड रू0 2500 प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्र 0.2 एकड़ से अधिक किन्तु 05 एकड़ तक होने की दशा में अर्थदण्ड रू0 5000 प्रति घटना एवं कृषि भूमि का क्षेत्र 05 एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थदण्ड रू0 15000 प्रति घटना जुर्माने के रूप में वसूल किया जायेगा । इसलिए किसान फसल अवशेष को जलाये नहीं बल्कि मृदा में कार्बनिक पदार्थों की वृद्धि हेतु पादप अवशेषों को मृदा में मिलायें एवं डीकम्पोजर के माध्यम से मिट्टी में सड़ा दें।
इस मौके पर राजेश कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार मौर्य, भूमि संरक्षण अधिकारी, देवरिया अंकित कुमार मौर्य, अध्यक्ष, जनपदीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, रूपेश सिंह, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप ए ओंकारनाथ दूबे, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप ए. धीरेन्द्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप ए एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे।
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