मझवलिया गांव मे चल रहे श्रीमद् भागवत,कथा पुराण यज्ञ कथा ब्यास के श्रीमुख से
भटनी/ देवरिया ( राष्ट्र की परम्परा)
कलीकाल में कल कलुषित प्राणियों के पाप नष्ट करने का एकमात्र साधन भगवत भक्ति ही है। उक्त बातें क्षेत्र के माझवलिया ग्राम में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत मंगलवार को आचार्य मनमोहन मिश्र द्वारा कहीं गईं। कथा में भगवान श्री कृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ। उस समय कंस के द्वारा नियुक्त सभी सैनिक सो गए और वसुदेव जी भगवान श्री कृष्ण को एक पात्र में रख कर उन्हें नंद गांव के नंदमहल में जहां यशोदा ने एक कन्या को जन्मी थी वहां छोड़ दिए, और उस कन्या को लेकर कारागार मेंआ गए। कारागार के फाटक पुनः बंद हो गए कंस जब उस कन्या को मारने जा रहा था तब ही वह कन्या कंस के हाथ से छूट गई और विंध्याचल पर्वत पर विन्ध्येश्वरी माता के रूप में पूजित होने लगीं। नंद बाबा ने पुत्र जन्म की सूचना सुनकर भगवान श्री कृष्ण का खूब जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान कथा में डा० सर्वानंद तिवारी वासुदेव तिवारी चंद्रमणि तिवारी सूरज मिश्रा अरुण मिश्रा उमाशंकर मिश्रा अशोक मिश्रा सहित दूर दूर से आए अन्य सभी भक्तो ने भी कथा का रसपान किया ।
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