देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने एकजुट होकर व्यापक रणनीति बनाई है। देवरिया बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत पुलिस लाइन देवरिया के प्रेक्षा गृह में 100 दिवसीय राष्ट्रीय विशेष कार्यक्रम (27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPUs) की मासिक समीक्षा बैठक भी सम्पन्न हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर बाल संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय गुप्ता, नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग, देवरिया द्वारा की गई। संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी श्री जय प्रकाश तिवारी ने किया।
बाल विवाह रोकथाम पर प्रशासन की सख्त रणनीति
बैठक में बताया गया कि देवरिया बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 27 नवम्बर 2025 से प्रारंभ यह अभियान 08 मार्च 2026 तक संचालित रहेगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक नागरिक को ऑनलाइन लिंक/स्कैनर के माध्यम से शपथ दिलाई जा रही है, ताकि समाज में बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक प्रतिबद्धता विकसित हो सके।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी देते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका या 21 वर्ष से कम आयु के युवक का विवाह कराने पर दोषी को एक लाख रुपये तक का जुर्माना और दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति की भूमिका
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य श्री ब्रजेश नाथ तिवारी ने विधि विरुद्ध बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करते समय सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट अनिवार्य रूप से संलग्न करने पर बल दिया।
बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री विवेकानंद मिश्र ने नवीन शासनादेशों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि हर बच्चे को अपने बच्चे की तरह समझते हुए न्याय और संरक्षण सुनिश्चित करें।
खोये-पाये बच्चों के पुनर्वास पर विशेष जोर
राजकीय बाल गृह (बालक) के प्रभारी अधीक्षक राम कृपाल ने बाल गृह की संरचना और खोये-पाये बच्चों के पुनर्वास प्रक्रिया की जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि गुमशुदा बच्चों की खोज के लिए विशेष अभियान “ऑपरेशन खोज” चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन तथा संचालित बाल गृह/आश्रय गृहों का भौतिक निरीक्षण कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यालय अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर भी बल दिया गया।
बाल श्रम उन्मूलन और चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी
श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्री दिनेश कुमार ने बाल श्रम उन्मूलन अभियान और श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह सामाजिक बुराइयां हैं, जिनका उन्मूलन सामूहिक प्रयास से ही संभव है।
चाइल्ड हेल्पलाइन देवरिया की प्रभारी कोऑर्डिनेटर सुश्री अनुराधा राज ने 1098 हेल्पलाइन नंबर की उपयोगिता बताई और बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस सहयोग लेने की अपील की।
विशेष किशोर पुलिस इकाई की जिम्मेदारी
थाना एएचटीयू के प्रभारी निरीक्षक श्री सुरेश कुमार वर्मा ने एसजेपीयू के कर्तव्यों और दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देवरिया बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक थाना स्तर पर सक्रिय निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे बाल विवाह की रोकथाम हेतु गांव-गांव जाकर जनजागरूकता फैलाएं और संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना दें।
जिला संचालन समिति का गठन
बैठक में बताया गया कि जनपद में बाल विवाह रोकथाम के लिए जिला संचालन समिति का गठन किया गया है। यह समिति विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
अधिकारियों ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को “बाल विवाह रोकथाम योद्धा” के रूप में परिभाषित करते हुए उनसे संकल्प दिलाया कि वे जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को निम्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई—
181 – महिला हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
112 – आपातकालीन पुलिस सेवा
इन नंबरों के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।
अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति
बैठक में जिला परिवीक्षा अधिकारी अनिल कुमार सोनकर, जिला बाल संरक्षण इकाई के अरबिंद यादव, उप निरीक्षक गोविंद सिंह, मुख्य आरक्षी सत्यपाल चौहान, आरक्षी आकाश सिंह कुशवाहा सहित एएचटीयू थाना के अधिकारी एवं समस्त थानों पर नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
देवरिया बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित यह समीक्षा बैठक जिले में बाल संरक्षण के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम के माध्यम से बाल विवाह, बाल श्रम और गुमशुदा बच्चों की समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
यदि प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर प्रयास करें, तो देवरिया को बाल विवाह मुक्त जनपद बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकता है। यह अभियान न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत करे
पुलिस लाइन देवरिया में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित
देवरिया में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 128 वाहन चालकों पर कार्रवाई
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान के तहत शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में 128 वाहनों का ई-चालान किया गया तथा 10 वाहनों को सीज किया गया। अभियान के दौरान बिना हेलमेट, तीन सवारी, अवैध पार्किंग और स्टंट करने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में यह विशेष अभियान संचालित किया गया। यातायात प्रभारी देवरिया गुलाब सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम ने शहर क्षेत्र में सघन चेकिंग कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की।
शहर के प्रमुख मार्गों पर चला सघन अभियान
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान के अंतर्गत कोतवाली क्षेत्र के ई-रिक्शा वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई। वैध कागजात वाले ई-रिक्शा पर नंबरिंग की प्रक्रिया भी की गई, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके और अवैध संचालन पर रोक लगाई जा सके।
इसके अलावा निम्न प्रमुख स्थानों पर भी कार्रवाई की गई—
गोरखपुर रोड
कसया ओवरब्रिज
मालवीय रोड
देवरिया बस स्टैंड
इन स्थानों पर सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले ऑटो चालकों, बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों, तीन सवारी बैठाने वालों तथा स्टंट करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई।
128 ई-चालान और 10 वाहन सीज
अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा कुल 128 वाहनों का ई-चालान किया गया। इसके अतिरिक्त 10 वाहनों को गंभीर उल्लंघन के चलते सीज किया गया।
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान के तहत की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने दोपहिया चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया चालकों को सीट बेल्ट लगाने की सख्त हिदायत दी।
दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष फोकस
सड़क हादसों में वृद्धि को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश दुर्घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं।
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य—
यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाना।
वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना।
विशेष रूप से युवा वर्ग को स्टंट और तेज रफ्तार से बचने की चेतावनी दी गई।
ई-रिक्शा संचालन पर नियंत्रण की पहल
शहर में बढ़ते ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस ने दस्तावेजों की जांच और नंबरिंग की प्रक्रिया को तेज किया है। वैध कागजात के बिना संचालित होने वाले ई-रिक्शा पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि कोई भी वाहन सड़क पर अवैध रूप से खड़ा कर यातायात बाधित न करे।
आमजन से सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—
बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन न चलाएं।
निर्धारित पार्किंग स्थल का ही उपयोग करें।
ट्रैफिक सिग्नल और संकेतों का पालन करें।
ओवरलोडिंग और तीन सवारी से बचें।
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि नागरिक स्वयं नियमों का पालन करेंगे, तो दुर्घटनाओं में स्वतः कमी आएगी।
सख्ती के साथ जागरूकता भी
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जागरूकता पहल भी है। पुलिस कर्मियों ने कई स्थानों पर वाहन चालकों को नियमों के महत्व के बारे में समझाया और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई से सड़क अनुशासन मजबूत होता है और यातायात व्यवस्था में सुधार आता है।
निष्कर्ष
देवरिया में चलाया गया देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 128 ई-चालान और 10 वाहनों की सीज कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर है।
यदि इसी प्रकार नियमित अभियान चलाए जाते रहे और नागरिक भी जिम्मेदारी निभाएं, तो निश्चित रूप से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
मिशन शक्ति के तहत जिला अस्पताल में बेटियों के जन्म पर विशेष आयोजन
मऊ।(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के जिला अस्पताल में बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाते हुए एक सराहनीय पहल की गई। जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव के तहत मिशन शक्ति एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में 14 नवजात बालिकाओं की माताओं को सम्मानित कर बेबी किट वितरित की गई। इस आयोजन ने न केवल अस्पताल परिसर में सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि भविष्य की आधारशिला हैं।
यह कार्यक्रम जिलाधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशानुसार महिला कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य बालिका जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना और सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना रहा।
14 नवजात बेटियों को मिला विशेष सम्मान
जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान हाल ही में जन्मी 14 बच्चियों की माताओं को सम्मानित करते हुए बेबी किट प्रदान की गई। इन किटों में नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित आवश्यक सामग्री शामिल थी, जिससे शिशु के प्रारंभिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को सुनिश्चित किया जा सके।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ऐसे आयोजनों से परिवारों को यह प्रेरणा मिलती है कि बालिका जन्म गौरव का विषय है। कार्यक्रम में मौजूद परिजनों ने भी इस पहल की सराहना की।
प्रसवोत्तर देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान माताओं को अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, पौष्टिक आहार, जननी सुरक्षा केंद्र, निःशुल्क दवाओं तथा जच्चा-बच्चा देखभाल सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेष रूप से महिलाओं को प्रसव के बाद स्वयं की देखभाल, स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित भोजन लेने और नवजात शिशु को समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने स्तनपान के महत्व पर भी जोर दिया।
कन्या सुमंगला योजना से जोड़ने पर जोर
जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव के अवसर पर अभिभावकों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म से लेकर शिक्षा के विभिन्न चरणों तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
परिवारों को जनसेवा केंद्र पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया तथा योजना से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए, ताकि पात्र लाभार्थी समय पर आवेदन कर सकें।
बाल विवाह मुक्त भारत का दिलाया गया संकल्प
कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है।
बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर उपलब्ध कराना ही सशक्त समाज की नींव है। जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
महिलाओं के लिए संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी
महिला कल्याण विभाग द्वारा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
निराश्रित महिला पेंशन योजना
वृद्धा पेंशन योजना
दिव्यांग पेंशन योजना
प्रधानमंत्री सामूहिक विवाह योजना
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना
अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर योजना के बारे में भी अवगत कराया गया। यह केंद्र महिलाओं को हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में कानूनी, मनोवैज्ञानिक और परामर्श सहायता प्रदान करता है।
साथ ही विभिन्न टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई—
181 – महिला हेल्पलाइन
112 – आपातकालीन सेवा
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
1090 – महिला पावर लाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
इन नंबरों का उद्देश्य संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों और स्टाफ की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय, तृप्ति राय, शहबाज़ अली तथा अस्पताल के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बेटियों का जन्म उत्सव का विषय है और उन्हें समान अधिकार एवं अवसर मिलना चाहिए। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो समाज में बालिका के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
निष्कर्ष
जिला अस्पताल में आयोजित जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम ने न केवल नवजात बेटियों के परिवारों को सम्मानित किया, बल्कि सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य भी किया। मिशन शक्ति और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत किया गया यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बेटियां राष्ट्र की धरोहर हैं। उनका सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में नई सोच और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
देवरिया में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चोरी की सुपर स्प्लेंडर बाइक के साथ युवक गिरफ्तार
देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद देवरिया में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। देवरिया बनकटा थाना पुलिस गिरफ्तारी अभियान के दौरान एक युवक को चोरी की मोटरसाइकिल और अवैध चाकू के साथ दबोच लिया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध निरोधक अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में थाना बनकटा पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमारी की।
मुखबिर की सूचना पर ईंट भट्ठे के पास दबिश
थाना बनकटा क्षेत्र के ग्राम सोहनपुर स्थित ईंट भट्ठे के समीप पुलिस टीम ने घेराबंदी कर अजय कुमार शाह पुत्र स्वर्गीय स्वामीनाथ शाह, निवासी ग्राम सोहनपुर, थाना बनकटा, जनपद देवरिया को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट BR29AH4894 लगी थी। जांच में पता चला कि वाहन का वास्तविक नंबर UP52BB7540 है और यह मोटरसाइकिल चोरी की है। इसके अतिरिक्त आरोपी के पास से एक अवैध चाकू भी बरामद हुआ।
देवरिया बनकटा थाना पुलिस गिरफ्तारी: दर्ज हुआ मुकदमा
बरामदगी के आधार पर थाना बनकटा में मु.अ.सं. 40/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 341(2) तथा आयुध अधिनियम की धारा 4/25 में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
इस कार्रवाई के साथ ही थाना कोतवाली में दर्ज मु.अ.सं. 20/26 धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत चोरी की गई मोटरसाइकिल प्रकरण का सफल अनावरण भी हो गया है। इससे पीड़ित वाहन स्वामी को राहत मिली है।
चोरी की मोटरसाइकिल का खुलासा, गिरोह की तलाश जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद मोटरसाइकिल कुछ समय पूर्व कोतवाली क्षेत्र से चोरी हुई थी। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था।
देवरिया बनकटा थाना पुलिस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले वारदात को अंजाम देता था या किसी गिरोह का हिस्सा है। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना बनकटा की पुलिस टीम की सक्रियता उल्लेखनीय रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारी इस प्रकार हैं—
उपनिरीक्षक संतोष कुमार मौर्या
उपनिरीक्षक आलोक रंजन सिंह
कांस्टेबल रामसागर गुप्ता
वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की तत्परता और सूझबूझ की सराहना की है।
अपराध नियंत्रण के लिए चल रहा विशेष अभियान
जनपद में लगातार बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित जांच की जा रही है।
देवरिया बनकटा थाना पुलिस गिरफ्तारी की यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास स्थापित करना है। पुलिस द्वारा रात्रि गश्त, चेकिंग प्वाइंट और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है।
आमजन से पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि—
अपने वाहनों में सुरक्षा उपकरण जैसे हैंडल लॉक व डिस्क लॉक का प्रयोग करें।
वाहन पार्क करते समय सुरक्षित स्थान का चयन करें।
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
देवरिया बनकटा थाना पुलिस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट है कि पुलिस अपराधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्षेत्र में बढ़ा सुरक्षा का एहसास
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लगातार हो रही चेकिंग और त्वरित गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समुदाय और पुलिस के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। देवरिया बनकटा थाना पुलिस गिरफ्तारी इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
निष्कर्ष
देवरिया बनकटा थाना पुलिस गिरफ्तारी अभियान के तहत चोरी की मोटरसाइकिल और अवैध हथियार के साथ आरोपी की गिरफ्तारी ने पुलिस की सतर्कता को साबित किया है। यह कार्रवाई न केवल वाहन चोरी की घटना का खुलासा है, बल्कि अपराधियों के विरुद्ध चल रहे व्यापक अभियान की सफलता भी है।
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चल रही मुहिम से स्पष्ट है कि जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया गया है। आने वाले दिनों में ऐसे और भी अभियान चलाए जाने की संभावना है।
बरहज रेलवे के विस्तार एवं सुदृढ़ व्यवस्था की मांग को लेकर ज्ञापन सौपा
बरहज /देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
23 फरवरी 2026, सोमवार को राष्ट्रीय समानता दल के तत्वावधान में बरहज क्षेत्र में रेल सेवा के विस्तार और सुदृढ़ व्यवस्था बनाए जाने की मांग को लेकर, सीपीआई तथा क्षेत्रीय जनता द्वारा सतराव रेलवे स्टेशन परिसर में लोककल्याणकारी सविनय निवेदन, मांग बैठक एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्य सभा सांसद आस मोहम्मद ने किया।पूर्व सांसद आस मोहम्मद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रेलसेवा मजबूत करने की जरूरत है।कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए संजयदीप कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय समानता दल, ने कहा कि बरहज बाजार क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल का समाधि स्थल, संत बाबा राघवदास की कर्मस्थली तथा वर्ष 1929 में अंग्रेजी शासन द्वारा रेलमार्ग एवं स्टेशन का निर्माण इस क्षेत्र के महत्व के प्रमाण हैं, किंतु वर्तमान में यह क्षेत्र उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने कहा कि बरहज को विकसित बरहज बनाने के लिए रेल नेटवर्क को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ट्रेन संख्या 65115 एवं 65116, जो वर्तमान में भटनी जंक्शन से चलकर अयोध्या धाम तक जाती है, का प्रस्थान–आगमन संचालन बरहज बाजार स्टेशन से किए जाने की मांग रखी।राष्ट्रीय मुख्य महासचिव आरएसडी अगमस्वरूप कुशवाहा ने बरहज बाजार, सिसई गुलाब राय, सतराव और देवरहवा बाबा हॉल्ट स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने की मांग की। प्रदेश सचिव सपा सुनील कुशवाहा ने कहा कि बरहज को विकसित करने के लिए रेल सेवा विस्तार की जरूरत है, हरेराम आर्य प्रदेश उपाध्यक्ष सपा अनुसूचित प्रकोष्ठ ने कहा कि रेल यात्रियों की जीवन रेखा है। आरएसडी प्रदेश सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि रेल सेवा मजबूत किया जाय।सीपीआई के जिला सचिव अरविंद कुशवाहा ने कहा कि बरहज का विकास एक महत्वपूर्ण प्रश्न है और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा। डॉ. चतुरानन ओझा ने बरहज बाजार को दोहरीघाट–सहजनवा नवनिर्मित रेलमार्ग से जोड़ने की मांग रखी। सुभावती देवी ने कहा कि कम आय वर्ग के लोगों के लिए रेल सेवा जीवनरेखा है। मानसिंह कुशवाहा ने कहा कि बरहज की उपेक्षा जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी।
कार्यक्रम में विजय कुमार जिलाध्यक्ष आरएसडी, विमलेश कुमार, अभय कुमार, मानसिंह ,सुभावती देवी,राजाराम कुशवाहा,शेषमणि ,रामशकल कुशवाहा, रामदवन, उमाशंकर,तुलसी देवी मोतीलाल हरिनारायण सहित ग्रामवासियों ने अनवरत संघर्ष का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी को उभांव पुलिस ने किया गिरफ्तार
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद बलिया के थाना उभांव पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई ओमवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक बलिया के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई।अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में थाना उभांव पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।पुलिस के अनुसार, 18 दिसंबर को वादिनी की तहरीर के आधार पर थाना उभांव में मु0अ0सं0 318/25 धारा 87/137(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान पीड़िता की बरामदगी कर उसके बयान धारा 180/183 बीएनएसएस के अंतर्गत दर्ज किए गए। साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 65(1) बीएनएस तथा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई। इसी क्रम में 18 फरवरी 2026 को उ0नि0 मुकेश कुमार मय हमराह क्षेत्र में गश्त पर थे। मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त ऋषिनन्दन बाल्मिकी पुत्र उपेन्द्र भारती निवासी वार्ड नं. 2, कस्बा भटनी, थाना भटनी, जनपद देवरिया को मधुवन ढाला के पास से सुबह करीब 9:40 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को न्यायालय भेज दिया गया।
T20 World Cup 2026: सुपर-8 में हार से बिगड़ा भारत का गणित, NRR बना सबसे बड़ी टेंशन
ICC T20 World Cup के सुपर-8 चरण में पहले ही मुकाबले में भारत को 76 रन की करारी हार झेलनी पड़ी। South Africa national cricket team ने 187/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और भारत को 111 रन पर समेट दिया। इस हार के बाद टीम इंडिया का नेट रन रेट (NRR) -3.800 पर पहुंच गया है, जो सेमीफाइनल की राह में बड़ी चुनौती बन गया है।
सुपर-8 ग्रुप-1 की मौजूदा अंक तालिका
| टीम | मैच | जीत | हार | अंक | नेट रन रेट |
| दक्षिण अफ्रीका | 1 | 1 | 0 | 2 | +3.800 |
| वेस्टइंडीज | 0 | 0 | 0 | 0 | 0.000 |
| जिम्बाब्वे | 0 | 0 | 0 | 0 | 0.000 |
| भारत | 1 | 0 | 1 | 0 | -3.800 |
मैच में क्या हुआ?
• डेविड मिलर (63) और डेवाल्ड ब्रेविस (45) ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
• जसप्रीत बुमराह ने 3/15 की शानदार गेंदबाजी की, लेकिन अन्य गेंदबाज महंगे साबित हुए।
• 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम लड़खड़ा गई।
• मार्को यानसेन ने 4 विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
ये भी पढ़े – महराजगंज में 7 माह से मानदेय बंद, ग्राम रोजगार सेवकों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
सेमीफाइनल के लिए पूरा समीकरण
समीकरण 1: भारत दोनों मैच जीते, दक्षिण अफ्रीका भी जीते
अगर India national cricket team अपने दोनों बचे मैच (जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ) जीत ले और दक्षिण अफ्रीका भी अपने बाकी मैच जीत जाए, तो भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रह सकता है। यह सबसे आसान रास्ता है।
समीकरण 2: तीन टीमें 4 अंकों पर
अगर दक्षिण अफ्रीका एक मैच हार जाए और भारत दोनों मैच जीत ले, तो तीन टीमें 4-4 अंकों पर पहुंच सकती हैं।
ऐसी स्थिति में फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत का मौजूदा NRR (-3.800) बेहद कमजोर है, इसलिए उसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
समीकरण 3: दक्षिण अफ्रीका दोनों मैच हारे
अगर दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मैच हार जाए और भारत दोनों मुकाबले जीत जाए, तो भारत सीधे 4 अंकों के साथ क्वालिफाई कर सकता है। उस स्थिति में वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे का मुकाबला निर्णायक होगा।
समीकरण 4: भारत एक ही मैच जीते
अगर भारत सिर्फ एक मैच जीतता है, तो मामला पूरी तरह NRR और अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर करेगा। यह सबसे जोखिम भरी स्थिति होगी।
सुपर-8 ग्रुप-1 के बचे हुए मुकाबले
• 23 फरवरी: वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे (मुंबई)
• 26 फरवरी: दक्षिण अफ्रीका vs वेस्टइंडीज (अहमदाबाद)
• 26 फरवरी: भारत vs जिम्बाब्वे (चेन्नई)
• 1 मार्च: दक्षिण अफ्रीका vs जिम्बाब्वे (दिल्ली)
• 1 मार्च: भारत vs वेस्टइंडीज (कोलकाता)
भारत के सामने बड़ी चुनौती
• दोनों मुकाबले जीतना अनिवार्य
• नेट रन रेट में भारी सुधार
• बल्लेबाजी में स्थिरता
• डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी
• प्लेइंग-11 का संतुलन
सुपर-8 में मिली 76 रन की हार ने भारत का गणित बिगाड़ दिया है। अब सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़ी जीत जरूरी है। वरना सेमीफाइनल की उम्मीदें नेट रन रेट और दूसरी टीमों के भरोसे रह जाएंगी।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2021/05/blog-post.html?m=1
महराजगंज में 7 माह से मानदेय बंद, ग्राम रोजगार सेवकों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
महराजगंज/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों में पिछले 7 माह से मानदेय न मिलने को लेकर भारी नाराजगी व्याप्त है। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ की जिला इकाई महराजगंज के जिलाध्यक्ष/प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने जिलाधिकारी के माध्यम से योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर लंबित मानदेय के तत्काल भुगतान की मांग की है।
अगस्त 2025 से लंबित है भुगतान
ज्ञापन में कहा गया है कि अगस्त 2025 से अब तक ग्राम रोजगार सेवकों को मानदेय नहीं मिला, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संघ का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत स्तर पर अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भुगतान में लगातार देरी हो रही है।
त्योहारों के बीच बढ़ी आर्थिक तंगी
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार मानदेय न मिलने से परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। त्योहारों के समय आर्थिक तंगी और बढ़ जाती है, जिससे ग्राम रोजगार सेवकों में मानसिक तनाव और असंतोष की स्थिति बन रही है।
जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। मानदेय न मिलने के कारण कुछ कर्मचारी कर्ज लेने को मजबूर हैं, जबकि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है।

ये भी पढ़े – संत कबीर नगर के मदरसे में 125 छात्राओं का रिकॉर्ड गायब, अल्पसंख्यक विभाग ने शुरू की जांच
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर शीघ्र बकाया भुगतान जारी कराने की मांग की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मानदेय जारी नहीं हुआ तो ग्राम रोजगार सेवक आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान इंद्रमणि विश्वकर्मा, अंबिका प्रसाद, अनीता वर्मा, असगर अली, राजेश तिवारी, प्रमोद कुमार, बंधु मद्धेशिया (ब्लॉक अध्यक्ष घुघली), राहुल गुप्ता (ब्लॉक मंत्री घुघली), अंजना गुप्ता, संगीता पांडेय, राजेश प्रजापति, शिल्पी राय, गंगोत्री, रीता देवी, राजकुमार, अयोध्या, सर्वेश कुमार, बाबूराम सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2021/05/blog-post.html?m=1
संत कबीर नगर के मदरसे में 125 छात्राओं का रिकॉर्ड गायब, अल्पसंख्यक विभाग ने शुरू की जांच
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद स्थित मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया में छात्राओं के पंजीकरण को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। मदरसा प्रबंधन द्वारा 338 छात्राओं के पंजीकरण की जानकारी दी गई थी, जबकि यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर केवल 213 छात्राएं दर्ज पाई गईं। इस तरह 125 छात्राओं का रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से मामला संदिग्ध हो गया है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मदरसा प्रबंधन को नोटिस जारी कर शेष छात्राओं का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग को कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ था।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रवीण मिश्र ने बताया कि पंजीकरण में पाए गए अंतर की गहन समीक्षा की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
39 छात्राएं हुई थीं बोर्ड परीक्षा में शामिल
विभागीय पहल पर 39 छात्राएं मदरसा बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हुई थीं। ऐसे में पंजीकरण और परीक्षा में शामिल छात्राओं की संख्या में अंतर भी जांच का विषय बना हुआ है।
जमीन और सीलिंग विवाद भी चर्चा में
फरवरी 2024 में न्यायालय के आदेश के बाद मदरसे की भूमि राज्य सरकार के खाते में दर्ज कर परिसर को सील कर दिया गया था। बाद में पास की जमीन पर नए भवन में संचालन शुरू किए जाने की शिकायत मिलने पर नवंबर में प्रशासनिक टीम ने उस स्थान को भी सील कर दिया।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2021/05/blog-post.html?m=1
एटीएस रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज
एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के विरुद्ध कोतवाली खलीलाबाद में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।
क्यों अहम है यह मामला?
• 125 छात्राओं का रिकॉर्ड गायब होना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है
• यू-डायस पोर्टल और वास्तविक पंजीकरण में बड़ा अंतर
• पहले से भूमि और संचालन को लेकर विवाद
• एटीएस जांच के चलते मामला और संवेदनशील
प्रशासनिक स्तर पर यह देखना अहम होगा कि पंजीकरण में हुई गड़बड़ी तकनीकी है या जानबूझकर की गई त्रुटि। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
ये भी पढ़े – मेक्सिको में हिंसा के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
BSA दफ्तर बना ‘कुरुक्षेत्र’: दफ्तर पहुंचीं DM दिव्या मित्तल, क्या रसूखदार ‘मैडम’ की होगी विदाई या लीपापोती की बिछ रही है बिसात?
आरोपी शालिनी श्रीवास्तव के दफ्तर में DM की मौजूदगी से हलचल; 16 लाख की घूस और शिक्षक की मौत के बाद अब ‘आर-पार’ के मूड में प्रशासन! , आरोपी बाबू की नियुक्ति भी सवाल के घेरे में

गौरव कुशवाहा
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या कांड ने अब सीधे जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारियों को सड़क पर उतार दिया है। सीडीओ और एसडीएम के बाद अब जिलाधिकारी दिव्या मित्तल खुद बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच चुकी हैं। जिस दफ्तर में बैठकर कल तक ‘रंगदारी’ और ‘वसूली’ का खेल चल रहा था, आज वहां भारी पुलिस बल और आला अधिकारियों का जमावड़ा है।
DM की मौजूदगी: कार्रवाई का संकेत या बचाव का रास्ता?
सूत्रों के मुताबिक, DM दिव्या मित्तल सीधे उस ‘क्राइम सीन’ (BSA दफ्तर) का मुआयना कर रही हैं, जहां कृष्ण मोहन को मौत से पहले आखिरी बार जलील किया गया था। सवाल यह है कि क्या DM साहिबा वहां BSA शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी करेंगी, या फिर यह पूरी कवायद केवल उन ‘डिजिटल सबूतों’ और ‘फाइलों’ को सुरक्षित करने की है जो शासन तक पहुंचने वाली हैं?
ये भी पढ़ें – शिक्षक आत्महत्या: भुगतान विवाद से उठा प्रशासनिक पारदर्शिता का सवाल
आरोपी BSA के चेहरे पर शिकन, पर कुर्सी का मोह बरकरार!
हैरानी की बात यह है कि BNS की धारा 108 और 351(3) में FIR दर्ज होने के बावजूद, आरोपी BSA अभी भी दफ्तर में मौजूद हैं। कानून की नजर में एक अपराधी और जांच अधिकारी का एक ही छत के नीचे होना ‘फेयर इन्वेस्टिगेशन’ के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाना है। क्या DM की मौजूदगी में शालिनी श्रीवास्तव का ‘कन्फेशन’ (जुर्म कुबूल करना) दर्ज होगा, या फिर बाबू संजीव सिंह को बलि का बकरा बनाकर मामले को दफन कर दिया जाएगा?
जनता की नजरें: क्या ‘जीरो टॉलरेंस’ सिर्फ कागजों पर है?
देवरिया की जनता और शिक्षक समाज की नजरें इस वक्त BSA दफ्तर पर टिकी हैं। 16 लाख की घूसखोरी का आरोपी अगर DM के बगल में बैठा है, तो यह सिस्टम की शुचिता पर सबसे बड़ा सवाल है। क्या DM दिव्या मित्तल अपनी उस ‘कठोर छवि’ के अनुरूप कार्रवाई करेंगी जिसके लिए वे जानी जाती हैं, या फिर ‘आईएएस-पीसीएस लॉबी’ एक बार फिर अपने साथी को बचाने के लिए ढाल बन जाएगी?
मेक्सिको में हिंसा के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
मेक्सिको में जारी हिंसक झड़पों के बीच भारतीय दूतावास, मेक्सिको सिटी ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। रविवार (22 फरवरी 2026) को जारी बयान में दूतावास ने सभी भारतीयों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में बताया कि Jalisco (पुएर्तो वल्लार्टा, चापाला, ग्वाडलाहारा), Tamaulipas (रेनोसा सहित अन्य नगरपालिकाएं), Michoacán, Guerrero और Nuevo León के कुछ इलाकों में सुरक्षा अभियान, सड़क अवरोध और आपराधिक गतिविधियां जारी हैं। इन क्षेत्रों में मौजूद भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक अपने स्थान पर ही रहने की सलाह दी गई है।
भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
दूतावास ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
• कानून-प्रवर्तन गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूर रहें
• अनावश्यक यात्रा और आवाजाही से बचें
• स्थानीय मीडिया और प्रशासनिक निर्देशों पर नजर रखें
• आपात स्थिति में 911 पर कॉल करें
• परिवार और मित्रों को अपनी स्थिति की जानकारी देते रहें
• सहायता के लिए +52 55 4847 7539 पर दूतावास से संपर्क करें
ये भी पढ़े – लाखों की सड़क 15 दिन में धराशायी: महराजगंज में पैचिंग ध्वस्त, PWD कटघरे में
ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा
रिपोर्ट्स के अनुसार हिंसा उस समय भड़की जब सेना के एक अभियान में कुख्यात ड्रग माफिया सरगना Nemesio Rubén Oseguera Cervantes उर्फ “एल मेंचो” की मौत हो गई। वह Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का प्रमुख था।
मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय के अनुसार जालिस्को में मुठभेड़ के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुआ और मेक्सिको सिटी ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
CJNG का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
अमेरिकी Drug Enforcement Administration (DEA) के अनुसार CJNG मेक्सिको के सबसे आक्रामक और प्रभावशाली कार्टेल्स में से एक है। इसका नेटवर्क अमेरिका के सभी 50 राज्यों तक फैला हुआ बताया जाता है और इसे सिनालोआ कार्टेल के बराबर ताकतवर माना जाता है।
मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और दूतावास के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2021/05/blog-post.html?m=1
लाखों की सड़क 15 दिन में धराशायी: महराजगंज में पैचिंग ध्वस्त, PWD कटघरे में
महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क: डोमा-कलनही मार्ग की पैचिंग ध्वस्त
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)निचलौल क्षेत्र महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। डोमा-कलनही मार्ग की पैचिंग ध्वस्त होने से सड़क पर गिट्टियां बिखर गई हैं, जिससे रोजाना हजारों लोगों की जान जोखिम में है। लाखों रुपये खर्च कर कराई गई मरम्मत महज दो हफ्तों में उखड़ने से PWD की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
डोमा-कलनही मार्ग बना हादसों का कारण
डोमा, कलनही और आसपास के गांवों को जोड़ने वाला यह मुख्य संपर्क मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। प्रतिदिन करीब पांच हजार छात्र-छात्राएं और हजारों ग्रामीण इसी रास्ते से स्कूल, कॉलेज, बाजार और अस्पताल तक पहुंचते हैं।
लेकिन महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क ने हालात बदतर कर दिए हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़कर गिट्टियां सड़क पर फैल गई हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कई लोग मामूली रूप से चोटिल भी हो चुके हैं।
ये भी पढ़ें – JNU में देर रात हिंसक झड़प, ABVP का पथराव का आरोप
पैचिंग ध्वस्त: गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क मरम्मत कार्य केवल औपचारिकता निभाने के लिए किया गया।सड़क की समुचित सफाई नहीं की गई,बेस लेयर को मजबूत नहीं किया गया
जल्दबाजी में गिट्टी और तारकोल डालकर कार्य पूरा दिखाया गया,गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई,परिणामस्वरूप हल्की बारिश और धूप के बाद ही पैचिंग ध्वस्त हो गई। महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनती दिख रही है।
PWD पर मिलीभगत के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों की निगरानी केवल कागजों तक सीमित रही। यदि कार्य मानक के अनुरूप किया जाता तो सड़क इतनी जल्दी नहीं उखड़ती।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अवर अभियंता राम नरेश मौर्य ने मौसम को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर गिट्टियां उखड़ी हैं और शीघ्र ही दोबारा मरम्मत कराई जाएगी।
हालांकि ग्रामीण इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती तो दोबारा मरम्मत की नौबत ही नहीं आती।
ये भी पढ़ें – संत कबीर नगर: मगहर हाईवे पर कूड़ा डंपिंग से बढ़ा खतरा, धुएं-राख से लोग परेशान
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क टिकाऊ नहीं बन पा रही है, तो यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क के मामले में विभाग केवल आश्वासन देगा या जिम्मेदारी तय कर वास्तविक कार्रवाई करेगा।
संभावित खतरे।
दोपहिया चालकों के फिसलने का खतरा
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर संकट,एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं में देरी,ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर।
महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क का मामला केवल एक मार्ग की बदहाली नहीं, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। यदि समय रहते गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जाती रहेंगी।
सुबह-सुबह सख्त हुई देवरिया पुलिस, 3 घंटे में 18 स्थानों पर सघन जांच
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नागरिकों के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत सोमवार की सुबह व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक संचालित इस विशेष कार्रवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ निगरानी, संवाद और प्रवर्तन की संयुक्त कार्यवाही की गई।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में संपन्न हुआ। अभियान का मकसद केवल औपचारिक चेकिंग नहीं, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा को जमीनी स्तर पर लागू करना था। पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधे संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया और स्थानीय स्तर की समस्याओं पर चर्चा भी की।
18 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान पूरे जनपद में कुल 18 प्रमुख स्थानों पर विशेष चेकिंग प्वाइंट बनाए गए। इन स्थानों पर पुलिस टीमों ने पैदल गश्त, बैरियर चेकिंग और मोबाइल पेट्रोलिंग के माध्यम से निगरानी की।
ये भी पढ़ें – किश्तवाड़ एनकाउंटर: जैश का सैफुल्लाह ग्रुप खत्म
अभियान के अंतर्गत:316 व्यक्तियों की पहचान व पूछताछ ,167 वाहनों की जांच ,संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी,यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई, पुलिस ने विशेष रूप से तीन सवारी चलने वाले दोपहिया वाहनों, नाबालिग चालकों, मॉडिफाइड साइलेंसर लगे बाइकों और कागजात विहीन वाहनों पर सख्ती दिखाई। इसके साथ ही अवैध असलहा और मादक पदार्थों की संभावित तस्करी को रोकने के लिए तलाशी अभियान भी चलाया गया।
मित्र पुलिसिंग की मिसाल: संवाद से सुलझे छोटे विवाद, इस देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रही – सामुदायिक सहभागिता। थाना प्रभारी और थानाध्यक्षों ने पार्कों, मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया।
स्थानीय स्तर पर चल रहे छोटे-मोटे विवादों को मौके पर ही समझाइश देकर सुलझाने का प्रयास किया गया। कई जगहों पर पुलिस अधिकारियों ने लोगों को यातायात नियमों, साइबर अपराध से बचाव और महिला सुरक्षा से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी।
नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुबह के समय पुलिस की सक्रिय उपस्थिति से सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है। लोगों ने यह भी कहा कि नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जाने चाहिए।
ये भी पढ़ें – संत कबीर नगर: सिरसी के पास भीषण सड़क हादसा, सपा नेता विनोद यादव की मौत
कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। सुबह के समय अपराध की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह रणनीतिक कदम उठाया गया।
विशेष रूप से चोरी की घटनाओं, बाइक स्टंटिंग, अवैध हथियारों के प्रदर्शन और नशे की तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान प्रभावी साबित हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुबह के समय कई असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जिन्हें चिन्हित करने और रोकने के लिए यह समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। तीन सवारी, हेलमेट न पहनना, तेज रफ्तार और साइलेंसर में अवैध संशोधन जैसे मामलों में चालान की कार्रवाई की गई।
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में अभिभावकों को चेतावनी दी गई और आवश्यकतानुसार विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ये भी पढ़ें – JNU में देर रात हिंसक झड़प, ABVP का पथराव का आरोप
अवैध असलहा और मादक पदार्थों पर नजर
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लेकर अवैध असलहा और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी निगरानी रखी गई। हालांकि इस दौरान बड़ी बरामदगी की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियानों से अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास उत्पन्न होता है।
आमजन में दिखा संतोष, सुरक्षा का भरोसा
अभियान के दौरान पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संवाद देखने को मिला। कई नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता को स्वागतयोग्य कदम बताया। मॉर्निंग वॉक के दौरान पुलिस की मौजूदगी से महिलाओं और बुजुर्गों ने विशेष संतोष व्यक्त किया।
जनपदीय पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान को आगे भी नियमित रूप से चलाया जाएगा, ताकि अपराध पर अंकुश और सामाजिक समरसता दोनों सुनिश्चित हो सकें।
ये भी पढ़ें – संत कबीर नगर: मगहर हाईवे पर कूड़ा डंपिंग से बढ़ा खतरा, धुएं-राख से लोग परेशान
भविष्य की रणनीति
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आगे भी ऐसे संयुक्त अभियानों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी विश्लेषण और सामुदायिक सूचना तंत्र को भी और मजबूत किया जाएगा।
जनपद में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सक्रिय गश्त और आकस्मिक चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान केवल एक औपचारिक कार्यवाही नहीं, बल्कि सामुदायिक विश्वास और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की ठोस पहल के रूप में सामने आया है। 18 स्थानों पर व्यापक चेकिंग, 316 व्यक्तियों और 167 वाहनों की जांच, तथा आमजन से सीधा संवाद – ये सभी कदम जनपद में बेहतर सुरक्षा तंत्र की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
यदि इसी प्रकार नियमित और योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलते रहे, तो अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास का सेतु और मजबूत होगा।
बिहार भागने की फिराक में था आरोपी, पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार
पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार का इनामिया गो तस्कर गिरफ्तार, पैर में गोली लगने के बाद दबोचा
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बांसडीह पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार के इनामिया गो तस्कर को गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बांसडीह और एसओजी बलिया की संयुक्त कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर अपराधी को घायल अवस्था में पकड़ा गया। अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
बांसडीह पुलिस मुठभेड़: कैसे हुई कार्रवाई?
पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 22 फरवरी की रात 11:42 बजे थाना कोतवाली बांसडीह क्षेत्र के हुसैनाबाद मोड़ पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी।
ये भी पढ़ें – जीवन और सृष्टि का अटूट संबंध: संतुलन ही भविष्य
चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह भागने लगा। तेज रफ्तार में भागते समय बाइक फिसल गई और वह सड़क किनारे गिर पड़ा। पुलिस टीम ने जब उसे घेर लिया तो बदमाश ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
ये भी पढ़ें – India vs South Africa Highlights: अहमदाबाद में भारत 111 पर ढेर, दक्षिण अफ्रीका की 76 रन से बड़ी जीत
घायल अभियुक्त की पहचान
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान बबलू नट (30 वर्ष) पुत्र सुलेमान नट, निवासी आदर थाना बांसडीह, जनपद बलिया के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, बांसडीह पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया यह आरोपी 25 हजार रुपये का इनामिया गो तस्कर है और हिस्ट्रीशीटर भी है।
ये भी पढ़ें – आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम: केंद्रीय बजट 2026 पर आगरा दक्षिण में व्यापक चर्चा
क्या-क्या हुआ बरामद?
बांसडीह पुलिस मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त के कब्जे से निम्न वस्तुएं बरामद की गईं—
01 अदद मोटरसाइकिल
01 अदद नाजायज तमंचा (.315 बोर)
01 अदद जिंदा कारतूस (.315 बोर)
01 अदद खोखा कारतूस (.315 बोर)
पहले भी फरार हो चुका था आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 8 फरवरी को गोवंश तस्करी कर बिहार ले जाने के मामले में इसका एक साथी गिरफ्तार हुआ था, जबकि बबलू नट मौके से फरार हो गया था। तभी से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी।
बांसडीह पुलिस मुठभेड़ के बाद अब आरोपी को सदर अस्पताल बलिया में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद में अपराध पर नियंत्रण के लिए सख्त अभियान जारी रहेगा। बांसडीह पुलिस मुठभेड़ जैसी कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है। अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
यूपी की 6 जल विद्युत परियोजनाएं 42 साल के लिए लीज पर
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं को 42 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी किया है। टेंडर के अनुसार 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के अग्रिम प्रीमियम पर निजी कंपनियों को ये परियोजनाएं सौंपी जाएंगी, जो 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।
प्रदेश में पहले से संचालित प्रमुख जल विद्युत परियोजनाएं
प्रदेश में 300 मेगावाट की रिहंद, 99 मेगावाट की ओबरा, 72 मेगावाट की माताटीला (ललितपुर) और 72 मेगावाट की खारा जल विद्युत परियोजनाएं पहले से संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन और अन्य संपत्तियां हैं।
लीज पर प्रस्तावित परियोजनाएं
लीज पर दी जाने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं:
• भोला (2.7 मेगावाट)
• सलावा (3 मेगावाट)
• निर्गजनी (5 मेगावाट)
• चित्तौरा (3 मेगावाट)
• पलरा (0.6 मेगावाट)
• सुमेरा (1.5 मेगावाट)
ये सभी अपर गंगा नहर पर स्थित लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी परियोजनाएं हैं।
ये भी पढ़े- नेपाल बस हादसा: धादिंग में 18 मौतें, 25 घायल
टेंडर जारी होते ही विरोध तेज
टेंडर जारी होने के बाद ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि ये परियोजनाएं राज्य सरकार के अधीन ही रहनी चाहिए, क्योंकि निजी कंपनियों की नजर इनके साथ जुड़ी बेशकीमती जमीन और संपत्तियों पर भी है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन की चेतावनी
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे निरंतर बिजली उत्पादन संभव है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में 15.5 मेगावाट की स्थापित क्षमता के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई और संपत्तियों का मूल्य कम आंका गया है। उनका कहना है कि सीमित निवेश से एक वर्ष में आधुनिकीकरण का खर्च निकाला जा सकता है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने उठाए सवाल
पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे निजीकरण की नई रणनीति बताया। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने आशंका जताई कि निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग की संभावना बढ़ेगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से टेंडर निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2021/05/blog-post.html?m=1
