Sunday, May 3, 2026
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Civil Defence Volunteer Recruitment 2026: 10 मार्च तक करें आवेदन, युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) जनपद में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से Deoria Civil Defence Volunteer Recruitment 2026 की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी, नागरिक सुरक्षा कोर ने जानकारी देते हुए बताया कि नगरीय क्षेत्रों में अवैतनिक स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी 10 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।यह भर्ती नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत की जा रही है। नागरिक सुरक्षा संगठन का मुख्य उद्देश्य आपातकाल, आपदा या संभावित संकट की स्थिति में जन-धन की रक्षा करना है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन सहायता, औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा योजना और आपदा के समय त्वरित राहत उपाय शामिल हैं।Deoria Civil Defence Volunteer Recruitment 2026 के लिए आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। महिला एवं पुरुष दोनों आवेदन कर सकते हैं। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी का भारतीय नागरिक, अराजनैतिक एवं उत्तम चरित्र का होना अनिवार्य है। आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड या सुरक्षा सेवाओं का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।आवेदन पत्र नियंत्रक, जिलाधिकारी/नागरिक सुरक्षा कोर कार्यालय, देवरिया से कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्राप्त किए जा सकते हैं। भरे हुए आवेदन पत्र 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक सायं 4:30 बजे तक जमा किए जाएंगे।प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर जनसेवा में भागीदारी सुनिश्चित करें।

महराजगंज: नहर सफाई के बाद सड़क बनी खतरे का रास्ता: सिल्ट से फिसलन, हादसे की आशंका

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा क्षेत्र में सिंदुरिया से मंगलपुर होते हुए भागाटार को जोड़ने वाली नहर पटरी की पिच सड़क इन दिनों खतरनाक बन गई है। नहर सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट सड़क पर ही छोड़ दी गई। इसलिए मार्ग पर बलुई मिट्टी की मोटी परत जम गई है। अब आवागमन जोखिम भरा हो गया है।

सिल्ट से बढ़ी फिसलन, रोजाना हो रहे हादसे

स्थानीय लोगों के अनुसार, नहर की सफाई जल संरक्षण के लिए जरूरी थी। हालांकि, मलबा न हटाने से नई समस्या खड़ी हो गई। सड़क पर फैली सिल्ट के कारण दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं। वहीं पैदल राहगीरों को भी चलने में दिक्कत हो रही है।

कई ग्रामीण गिरकर चोटिल हो चुके हैं। खासकर, स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को ज्यादा परेशानी हो रही है। हल्की बारिश के बाद फिसलन और बढ़ जाती है।

मुख्य संपर्क मार्ग होने से बढ़ी चिंता

ग्रामीण राम दयाल, निकेश, वशिष्ठ नारायण, चौथी निषाद, मिठाई लाल, महातम और कमलेश यादव ने बताया कि सफाई कार्य काफी पहले पूरा हो चुका है। लेकिन सिल्ट हटाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।

यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आते-जाते हैं। इसलिए दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग पर निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया है।

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प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर जमा सिल्ट तुरंत हटाई जाए। साथ ही, नहर सफाई कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।

विभाग का पक्ष

इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि निकाली गई सिल्ट हटाने के लिए नीलामी प्रक्रिया जारी है। नीलामी पूरी होते ही सड़क से सिल्ट हटाकर मार्ग सुरक्षित बनाया जाएगा।

अंततः, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप करे। यदि समय पर समाधान हुआ तो आवागमन सुचारु होगा और संभावित दुर्घटनाओं पर भी रोक लग सकेगी।

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संकट में सहारा बना SBI: दो परिवारों को मिली करोड़ों की बीमा सहायता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। संकट की घड़ी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने संवेदनशील बैंकिंग का उदाहरण पेश किया है। बैंक की विकास भवन शाखा ने दो दिवंगत ग्राहकों के परिजनों को बीमा दावों की बड़ी राशि उपलब्ध कराई। इससे दोनों परिवारों को आर्थिक राहत मिली और बकाया ऋण का बोझ कम हुआ।

वेदप्रकाश प्रकरण: 1.15 करोड़ का बीमा दावा

सबसे पहले, विकास भवन शाखा से गृह ऋण लेने वाले वेदप्रकाश ने बैंक के मार्गदर्शन में एसबीआई जीवन बीमा की ₹1.15 करोड़ की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। दुर्भाग्यवश, केवल दो प्रीमियम जमा करने के बाद उनका आकस्मिक निधन हो गया।

इसके बाद शाखा ने त्वरित कार्रवाई की। सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराई गईं और बीमा दावा प्रक्रिया को तेजी से निष्पादित किया गया। परिणामस्वरूप, बीमा राशि उनकी पत्नी गिरिजा को प्रदान की जा रही है। इस राशि से गृह ऋण का पूर्ण समापन होगा। साथ ही, मकान के मूल दस्तावेज परिवार को सौंपे जाएंगे।

परसुराम प्रकरण: 50 लाख की दुर्घटना बीमा सहायता

इसी क्रम में, जिला कलेक्ट्रेट के कर्मचारी परसुराम की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उनका वेतन खाता विकास भवन शाखा में संचालित था। इस खाते में राज्य सरकार की वेतन पैकेज योजना के तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सुविधा शामिल थी।

दावा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ₹50 लाख की बीमा राशि उनकी पत्नी ब्रह्मावती को दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, इस सहायता से उनका व्यक्तिगत ऋण भी समायोजित किया जाएगा। इसलिए परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा।

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औपचारिक चेक वितरण कार्यक्रम

विकास भवन शाखा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने दोनों लाभार्थियों को चेक सौंपे। इस अवसर पर अधिकारियों ने शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि बैंक हर परिस्थिति में अपने ग्राहकों के साथ खड़ा रहेगा।

बैंक प्रबंधन ने कहा कि उद्देश्य केवल बैंकिंग सेवाएं देना नहीं है। बल्कि, जरूरत के समय ग्राहकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी प्राथमिकता है।

बीमा जागरूकता पर जोर

अंततः, बैंक अधिकारियों ने बीमा सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह पहल स्पष्ट करती है कि सही समय पर लिया गया बीमा कवर संकट में मजबूत सुरक्षा कवच बन सकता है। इसलिए, ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार बीमा योजनाओं का लाभ अवश्य लेना चाहिए।

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 252 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गुरुवार को बलिया के राजकीय पॉलिटेक्निक ग्राउंड में 252 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। इस आयोजन में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की मौजूदगी में नवदंपतियों को आर्थिक सहायता एवं उपहार सामग्री वितरित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ एवं परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा गणेश प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। दोनों मंत्रियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सरकार की ओर से प्रदान की जाने वाली सहायता राशि और 24 प्रकार की घरेलू सामग्री सौंपी।

एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता

प्रभारी मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित इस योजना ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को आर्थिक संकट झेलना पड़ता था, लेकिन अब सरकार की मदद से आर्थिक अभाव विवाह में बाधा नहीं बनता। उन्होंने जानकारी दी कि विवाह अनुदान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के अनुसार, एक लाख रुपये की सहायता राशि में से 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे, जबकि 25 हजार रुपये की उपहार सामग्री दी गई है। शेष राशि आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय होती है।

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24 प्रकार की उपहार सामग्री का वितरण

नवदंपतियों को पांच साड़ियां, चुनरी, चांदी की पायल व बिछिया, स्टील डिनर सेट, प्रेशर कुकर, कढ़ाई, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, डबल बेड चादर, कंबल, गद्दे, तकिए सहित कुल 24 प्रकार की घरेलू उपयोग की सामग्री दी गई। साथ ही दोनों पक्षों को लड्डू एवं ड्राई फ्रूट के पैकेट भी वितरित किए गए।

17 विकास खंडों से पहुंचे लाभार्थी

जिले के 17 विकास खंडों से आए जोड़ों के लिए विवाह स्थल पर ही पंजीकरण काउंटर और ब्यूटी पार्लर की सुविधा उपलब्ध कराई गई। प्रशासन ने इसे गरीब परिवारों के लिए वरदान बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही।

सरकार का दावा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम सादगी, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन रहे हैं।

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27 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – आज का इतिहास



27 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विज्ञान, राजनीति, खेल और विश्व इतिहास के कई अहम मोड़ों की गवाह रही हैं। 27 फ़रवरी का इतिहास मानव सभ्यता के विकास, वैज्ञानिक खोजों और राजनीतिक बदलावों से जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं 27 फरवरी की ऐतिहासिक घटनाएं विस्तार से।

  1. सैकरिन की खोज (1879)
    Konstantin Fahlberg

1879 में रूसी रसायनशास्त्री कॉन्सटैंटिन फालबर्ग ने आर्टिफिशियल स्वीटनर ‘सैकरिन’ की खोज की। कोल टार पर शोध के दौरान उनके हाथ में एक मीठा पदार्थ लगा, जिससे इस खोज की शुरुआत हुई।
सैकरिन व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होने वाला पहला कृत्रिम मिठास देने वाला पदार्थ बना। आज भी यह शुगर-फ्री उत्पादों में उपयोग होता है।
27 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विज्ञान की दुनिया में इस खोज को विशेष स्थान देती हैं।

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  1. न्यूट्रॉन की खोज (1932)
    James Chadwick

1932 में ब्रिटिश भौतिकशास्त्री जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की।
इस खोज ने परमाणु संरचना को समझने में क्रांतिकारी बदलाव किया। प्रोटॉन और न्यूट्रॉन मिलकर नाभिक बनाते हैं और इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर घूमते हैं।
न्यूट्रॉन की खोज के बाद परमाणु ऊर्जा और परमाणु हथियारों के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। 27 फरवरी इतिहास में यह वैज्ञानिक उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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  1. गोधरा कांड (2001)
    Godhra

27 फरवरी 2001 को गुजरात के गोधरा स्टेशन पर अयोध्या से लौट रहे कारसेवकों के डिब्बे में आग लगने से 59 लोगों की मृत्यु हो गई।
यह घटना देश के इतिहास में अत्यंत संवेदनशील और विवादास्पद मानी जाती है, जिसके बाद व्यापक दंगे भड़के।
27 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ में यह घटना सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

  1. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का आदेश (2001)
    Taliban

2001 में तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में सभी देव प्रतिमाओं को नष्ट करने का आदेश दिया।
बामियान की ऐतिहासिक बुद्ध प्रतिमाओं का विध्वंस विश्व विरासत के लिए एक बड़ी क्षति था।

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खेल और राजनीति की घटनाएँ
मारिया शारापोवा की जीत (2005)
Maria Sharapova
Qatar Open

2005 में मारिया शारापोवा ने कतर ओपन खिताब जीतकर अंतरराष्ट्रीय टेनिस में अपनी प्रतिष्ठा मजबूत की।
लान्साना कोयटे प्रधानमंत्री बने (2007)
Lansana Kouyate

2007 में लान्साना कोयटे गुयाना के नए प्रधानमंत्री बने।

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जी.आर-8 सम्मान (2008)
लगातार सातवें वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 25 महिलाओं को ‘जी.आर-8 सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
आसिफ अली जरदारी पर आरोप वापसी (2008)
Asif Ali Zardari

पाकिस्तान सरकार ने आसिफ अली जरदारी के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप वापस लिए।
अटल जी ने सीट सौंपी (2009)
Atal Bihari Vajpayee
Lal Ji Tandon

भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी लोकसभा सीट का उत्तराधिकारी वरिष्ठ नेता लाल जी टंडन को बनाया।

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राष्ट्रमंडल निशानेबाज़ी प्रतियोगिता (2010)
भारत ने 35 स्वर्ण सहित कुल 74 पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया। यह 27 फरवरी की ऐतिहासिक घटनाएं में खेल जगत की बड़ी उपलब्धि रही।
भारत की अर्थव्यवस्था पर अनुमान (2012)
ऊर्जा क्षेत्र की वैश्विक कंपनी बीपी ने अनुमान लगाया कि 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
27 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विज्ञान, राजनीति, खेल और समाज के कई महत्वपूर्ण मोड़ों को दर्शाती हैं।
आज का इतिहास 27 फ़रवरी हमें यह सिखाता है कि एक दिन में हुई घटनाएँ आने वाली सदियों को प्रभावित कर सकती हैं।
27 फरवरी की ऐतिहासिक घटनाएं केवल तारीख नहीं, बल्कि परिवर्तन और सीख का प्रतीक हैं।

136 वाहनों का ई-चालान, 12 वाहन सीज

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से Deoria Traffic Police Checking Campaign के तहत यातायात पुलिस ने शहर में व्यापक जांच अभियान चलाया। देवरिया में चलाए गए इस विशेष अभियान में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।यह अभियान पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में और यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में संचालित हुआ। शहर के प्रमुख मार्गों—गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड और बस स्टैंड क्षेत्र—में ई-रिक्शा और ऑटो वाहनों की गहन जांच की गई।जांच के दौरान वैध कागजात रखने वाले ई-रिक्शा वाहनों की नंबरिंग सुनिश्चित की गई, जबकि बिना फिटनेस, बिना ड्राइविंग लाइसेंस या सड़क पर अवैध रूप से सवारी भरने वाले वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान और सीज की कार्रवाई की गई।Deoria Traffic Police Checking Campaign के अंतर्गत कुल 136 वाहनों का ई-चालान किया गया, वहीं 12 वाहनों को सीज किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होता है और सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाएं कम होती हैं।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें और आवश्यक दस्तावेज साथ रखें।

देवरिया में GST स्थापना दिवस पर मैत्री क्रिकेट मैच, विभाग-व्यापारियों में बढ़ा सामंजस्य

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। GST स्थापना दिवस के अवसर पर वाणिज्य कर (राज्य कर) विभाग और व्यापारियों के बीच आयोजित मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता आपसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक बन गई। गुरुवार को डॉ भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले ने विभाग और व्यापारिक समुदाय के रिश्तों को नई ऊर्जा दी।

खेल बना संवाद और सद्भाव का माध्यम

उपायुक्त जीएसटी बृजेश कुमार दीपांकर ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल नहीं, बल्कि संवाद और समन्वय का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि पूर्व में वाणिज्यकर (सेल्स टैक्स) के रूप में स्थापित विभाग आज राज्य कर (GST) के रूप में अपना 78वां स्थापना दिवस मना रहा है।

मैच का रोमांचक विवरण

• व्यापार मंडल एकादश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 ओवर में 137 रन बनाए।
• रोहित पटेल ने 23 रन बनाए, जबकि राहुल सिंह ने 15 गेंदों में 51 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली।
• लक्ष्य का पीछा करते हुए GST एकादश ने आखिरी ओवर में एक विकेट से जीत दर्ज की।
• अखिलेश ने 13 गेंदों में 45 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया।
• नीरज (25 रन) और अमित राय (17 रन) ने भी अहम योगदान दिया।

अंतिम ओवर में लगाए गए छक्के ने मुकाबले को यादगार बना दिया।

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पुरस्कार वितरण

मैन ऑफ द मैच: रोहित पटेल
बेस्ट बल्लेबाज: अखिलेश और राहुल सिंह

कार्यक्रम में व्यापार मंडल पदाधिकारियों, जीएसटी अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।

खेल से मजबूत हुआ समन्वय

GST स्थापना दिवस मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि खेल गतिविधियों के माध्यम से प्रशासन और व्यापार जगत के बीच बेहतर तालमेल और विश्वास कायम किया जा सकता है।

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देवरिया: बनकटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चोरी की बाइक के साथ आरोपी गिरफ्तार

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना बनकटा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (UP52 BV1814) के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई Uttar Pradesh Police द्वारा पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत की गई।

घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी

पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी भाटपार रानी अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में 26 फरवरी की रात संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग की जा रही थी।

मुखबिर की सूचना पर रतसिया तिराहे से सिकटिया मार्ग की ओर घेराबंदी कर एक युवक को रोका गया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई।

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आरोपी की पहचान

गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितेश कुमार राज पुत्र श्याम सुंदर राम, निवासी शिवपुर मठिया, थाना मैरवा, जिला सिवान (बिहार) के रूप में हुई है।

मुकदमा दर्ज, जांच जारी

इस संबंध में थाना बनकटा पर मु0अ0सं0-46/2026 के तहत धारा 317(2) बीएनएस में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह एवं कांस्टेबल अवनीश पाण्डेय की सक्रिय भूमिका रही।

जनता से अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वाहन चोरी की सूचना तत्काल स्थानीय थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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बलिया: जनाड़ी तिराहे पर दो बुलेट बाइक की आमने-सामने टक्कर, एक की मौत, दूसरा गंभीर

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। एनएच-31 से जनेश्वर मिश्र सेतु जाने वाले मार्ग पर स्थित जनाड़ी तिराहे के पास गुरुवार अपराह्न दो बुलेट मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार नगवा निवासी 32 वर्षीय अखिलेश पांडेय अपने मित्र अवनीश ओझा के साथ वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जनाड़ी तिराहे के पास सामने से आ रही दूसरी बुलेट मोटरसाइकिल से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई।

दूसरी बाइक पर बिसेनीडेरा निवासी 20 वर्षीय कुनाल सिंह सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।

पुलिस की तत्परता

दुघर्टना की आवाज सुनकर तिराहे पर तैनात पुलिस पिकेट के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उठाया गया। एंबुलेंस के इंतजार के बजाय पुलिस ने निजी वाहन से दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।

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अस्पताल में एक की मौत

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद अखिलेश पांडेय को मृत घोषित कर दिया। उनकी असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

गंभीर रूप से घायल कुनाल सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

तेज रफ्तार बनी कारण?

पुलिस ने क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिलों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की भिड़ंत को हादसे का कारण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने जनाड़ी तिराहे पर वाहनों की अधिक रफ्तार को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम की मांग की है।

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भागलपुर में नंदिनी स्वीट हाउस पर छापेमारी, सैंपलिंग को लेकर उठे सवाल

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के भागलपुर कस्बे स्थित नंदिनी स्वीट हाउस पर मिलावटखोरी के आरोपों को लेकर प्रशासन ने छापेमारी की। कार्रवाई एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार बरहज के नेतृत्व में की गई। इस दौरान खाद्य पूर्ति विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने (सैंपल) लिए।

चार घंटे चली कार्रवाई

छापेमारी की कार्रवाई करीब चार घंटे तक चली। इस दौरान अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा और क्षेत्र में हलचल का माहौल बना रहा। कार्रवाई की सूचना मिलते ही चौराहे की कई छोटी-बड़ी दुकानों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।

सैंपलिंग को लेकर स्थानीय लोगों के सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मिलावट की जांच की जा रही है तो केवल एक ही दुकान पर कार्रवाई क्यों? उनका आरोप है कि क्षेत्र की अन्य मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की भी सैंपलिंग होनी चाहिए।
साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि जिन थोक विक्रेताओं या सप्लाई स्रोतों से मिठाइयां और सामग्री आती है, उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

बताया जा रहा है कि संबंधित दुकान पर पूर्व में भी कई बार छापेमारी हो चुकी है। इससे लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे नियमित प्रशासनिक कार्रवाई मान रहे हैं, तो कुछ इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

देर शाम तक सैंपलिंग और जांच की प्रक्रिया जारी रही। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और संभावित आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार: पुलिस चौकी के बावजूद 20 घंटे तक नहीं मिला सुराग, जिम्मेदारों पर सवाल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार होने की घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तरकुलवा थाने की पुलिस द्वारा बरामद की गई किशोरी को सुरक्षित रखने के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजा गया था, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सेंटर परिसर में पुलिस चौकी होने के बावजूद किशोरी फरार हो गई। 20 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।
इस पूरे मामले में पुलिस और सेंटर कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, तरकुलवा थाना क्षेत्र से एक किशोरी को पुलिस ने बरामद किया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे देवरिया वन स्टॉप सेंटर में अस्थायी संरक्षण के लिए रखा गया। वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य संकटग्रस्त महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना होता है।
लेकिन सुरक्षा के दावों के बीच किशोरी के फरार होने की घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बताया जा रहा है कि किशोरी देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में सेंटर से बाहर निकल गई। सुबह जब उसकी मौजूदगी की जांच की गई तो वह नहीं मिली।
देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस चौकी के बावजूद कैसे हुई चूक?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस परिसर में पुलिस चौकी मौजूद है, वहां से किशोरी कैसे निकल गई? क्या सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर नहीं थे? क्या सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे?
क्या रजिस्टर में निगरानी की एंट्री की गई थी?इन सभी सवालों का जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक, रातभर पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, आसपास के इलाकों में तलाश की, लेकिन 20 घंटे बाद भी कोई सफलता नहीं मिली।
देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार होने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।

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प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई का अभाव
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की बैठक तो हुई, लेकिन अब तक किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ निलंबन या विभागीय जांच की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि: वन स्टॉप सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच हो। सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए।
ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार होने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
वन स्टॉप सेंटर की भूमिका और जिम्मेदारी
वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में तत्काल सहायता, कानूनी सलाह, काउंसलिंग और अस्थायी आश्रय प्रदान करना है। ऐसे में यदि इसी सुरक्षित माने जाने वाले स्थान से किशोरी फरार हो जाए, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता मानी जाएगी।
सेंटर में 24 घंटे निगरानी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। प्रवेश और निकास द्वार पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। पुलिस और सेंटर प्रशासन के बीच समन्वय मजबूत होना चाहिए।
देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार होने की घटना इन व्यवस्थाओं की वास्तविकता पर सवाल खड़ा करती है।

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पुलिस की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किशोरी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और आसपास के जनपदों में भी अलर्ट जारी किया गया है। मोबाइल लोकेशन और परिचितों से पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, घटना के 20 घंटे बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलना चिंता का विषय बना हुआ है।
देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार मामले में पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा, लेकिन अब तक नतीजे सामने नहीं आए हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षित केंद्रों की यह स्थिति है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा?
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि:
पूरे जिले के सभी आश्रय गृहों की सुरक्षा ऑडिट कराई जाए।
लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार होना सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।
उठते प्रमुख सवाल
सेंटर परिसर में पुलिस चौकी होने के बावजूद सुरक्षा में चूक कैसे हुई?
क्या सीसीटीवी कैमरे चालू थे?
ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका क्या रही?
जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?
देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार प्रकरण में इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं।
देवरिया वन स्टॉप सेंटर से किशोरी फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। 20 घंटे बाद भी किशोरी का पता नहीं चलना प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है। पुलिस और सेंटर कर्मचारियों की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कब तक ठोस कार्रवाई करता है और किशोरी को सुरक्षित बरामद कर पाता है या नहीं।
यह घटना न केवल देवरिया, बल्कि पूरे प्रदेश में वन स्टॉप सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रही है।

पंचांग 27 फरवरी 2026: आमलकी एकादशी व्रत, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया का संपूर्ण विवरण

पंचांग 27 फरवरी 2026 के अनुसार आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। यह दिन आमलकी एकादशी व्रत के रूप में अत्यंत पवित्र माना जाता है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है, इसलिए आज का दिन विशेष रूप से शुभ फलदायी है। नीचे प्रस्तुत है आज का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग और चौघड़िया।

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🗓️ 27 फरवरी 2026 का पंचांग (Panchang 27 February 2026)
संवत्सर: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु)
मास: फाल्गुन (अमांत एवं पूर्णिमांत)
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: एकादशी रात्रि 10:33 बजे तक, तत्पश्चात द्वादशी
वार: शुक्रवार
ऋतु: वसंत (द्रिक), शिशिर (वैदिक)
अयन: उत्तरायण
🌅 सूर्योदय-सूर्यास्त एवं चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: सुबह 6:24 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:50 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 1:39 बजे
चंद्रास्त: प्रातः 4:04 बजे (28 फरवरी)
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि: प्रातः 03:52 बजे तक मिथुन, फिर कर्क राशि में प्रवेश

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📿 तिथि, नक्षत्र, योग और करण
तिथि

शुक्ल एकादशी: रात्रि 10:33 बजे तक
शुक्ल द्वादशी: इसके बाद प्रारंभ
नक्षत्र
आद्रा: सुबह 10:48 बजे तक
पुनर्वसु: इसके बाद प्रारंभ
योग
आयुष्मान योग: शाम 7:43 बजे तक
सौभाग्य योग: इसके बाद
करण
वणिज: सुबह 11:32 बजे तक
विष्टि: रात्रि 10:33 बजे तक
बव: इसके बाद

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अशुभ काल (राहुकाल सहित)
राहुकाल: सुबह 10:41 से 12:07 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 2:59 से 4:24 बजे तक
कुलिक काल: सुबह 7:50 से 9:16 बजे तक
दुर्मुहूर्त: 08:41 से 09:27 बजे तक एवं 12:30 से 01:16 बजे तक
वर्ज्यम्: रात्रि 10:11 से 11:42 बजे तक
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:44 से 12:30 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: 04:47 से 05:35 बजे तक
सर्वार्थसिद्धि योग: 27 फरवरी 10:48 AM से 28 फरवरी 06:23 AM तक
त्रिपुष्कर योग: 28 फरवरी 06:23 AM से 09:34 AM तक
🌙 चंद्रबल (Chandrabalam)
28 फरवरी 03:52 AM तक:
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
इसके बाद 06:23 AM तक:
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ

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🌟 ताराबल (Tarabalam)
10:48 AM तक:
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा
इसके बाद 28 फरवरी 06:23 AM तक:
भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती
🕒 दिन का चौघड़िया (27 फरवरी 2026)
चर: 06:24 – 07:50
लाभ: 07:50 – 09:16
अमृत: 09:16 – 10:41
काल: 10:41 – 12:07
शुभ: 12:07 – 01:33
रोग: 01:33 – 02:59
उद्बेग: 02:59 – 04:24
चर: 04:24 – 05:50

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🌌 रात का चौघड़िया
रोग: 05:50 – 07:24
काल: 07:24 – 08:58
लाभ: 08:58 – 10:32
उद्बेग: 10:32 – 12:07
शुभ: 12:07 – 01:41
अमृत: 01:41 – 03:15
चर: 03:15 – 04:49
रोग: 04:49 – 06:23

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🙏 आमलकी एकादशी का महत्व
पंचांग 27 फरवरी 2026 के अनुसार आज आमलकी एकादशी व्रत है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने और भगवान विष्णु का व्रत रखने से पापों का नाश होता है तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
🔎 निष्कर्ष
पंचांग 27 फरवरी 2026 के अनुसार आज का दिन व्रत, पूजा और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ है। हालांकि राहुकाल और यमगण्ड काल में शुभ कार्यों से बचना चाहिए। सर्वार्थसिद्धि योग और सौभाग्य योग के कारण दिन विशेष फलदायी रहेगा।

महराजगंज: पुरैना से घुघली तक पुलिस का फ्लैग मार्च, होली से पहले सुरक्षा का कड़ा संदेश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से Uttar Pradesh Police ने थाना घुघली क्षेत्र में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च पुरैना चौराहा से लेकर घुघली कस्बे तक निकाला गया, जिसने आमजन में सुरक्षा का भरोसा और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया।

संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त

फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल ने संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों, प्रमुख बाजारों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों और मुख्य चौराहों पर पैदल गश्त की।
पुलिस ने दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों और युवाओं से संवाद कर सुरक्षा संबंधी सुझाव भी लिए। बाजारों में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति से लोगों ने राहत महसूस की और क्षेत्र में शांति का वातावरण दिखाई दिया।

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थाना प्रभारी का सख्त संदेश

थाना प्रभारी कुंवर गौरव सिंह ने स्पष्ट कहा कि होली को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। क्षेत्र में लगातार गश्त, सघन चेकिंग अभियान और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, हुड़दंग या अवांछित गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आमजन से अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे त्योहार आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव के साथ मनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

फ्लैग मार्च से यह स्पष्ट संकेत गया है कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जहां शांति बनाए रखने वालों को सुरक्षा का भरोसा दिया गया, वहीं माहौल बिगाड़ने वालों को सख्त कार्रवाई का संदेश भी दिया गया।

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महराजगंज: होली से पहले अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, फरेन्दा में 12.5 कुंतल लहन नष्ट

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। होली पर्व से पहले अवैध कच्ची शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने थाना फरेन्दा क्षेत्र में बड़ी छापेमारी कर 12.5 कुंतल लहन बरामद कर नष्ट कर दिया। साथ ही शराब बनाने की भट्टियों और उपकरणों को भी ध्वस्त कर दिया गया। संयुक्त कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई

Uttar Pradesh Police के नेतृत्व में, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी फरेन्दा अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में टीम ने ग्राम भारी वैसी व निरनाम पश्चिमी में सघन दबिश दी। कार्रवाई में उपजिलाधिकारी फरेन्दा, थाना पुलिस और आबकारी विभाग की टीम शामिल रही।

छापेमारी के दौरान खेतों और झाड़ियों में छिपाकर रखी गई अवैध लहन की बड़ी खेप बरामद हुई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। साथ ही शराब निर्माण में प्रयुक्त भट्टियों और उपकरणों को तोड़ दिया गया।

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ड्रोन से निगरानी, छिपे अड्डों की पहचान

कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की। इससे छिपे हुए अवैध शराब निर्माण स्थलों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।

होली को लेकर बढ़ी सतर्कता

अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान अवैध शराब के सेवन से होने वाली घटनाओं को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
अभियान में प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र कुमार राय, आबकारी निरीक्षक दीपेन्द्र त्रिपाठी समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सख्त चेतावनी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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महराजगंज में घटती गौरैया की चहचहाहट: क्या हम बचा पाएंगे यह नन्ही मेहमान?

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कभी घरों की मुंडेर, आंगन और खलिहानों में सुबह की पहली किरण के साथ चहचहाने वाली गौरैया अब खामोश होती जा रही है। बदलते परिवेश, बढ़ते कंक्रीट के जंगल और प्रकृति से दूरी ने इस नन्ही चिड़िया का संसार सिमटा दिया है।

क्यों घट रही है गौरैया की संख्या?

पक्के मकान और बंद संरचनाएं: पुराने कच्चे घर, छप्पर और खुली मुंडेरें अब सीमेंट-कंक्रीट की इमारतों में बदल गई हैं, जहां घोंसला बनाने की जगह नहीं बची।
पेड़ों और झाड़ियों की कटाई: प्राकृतिक आश्रय स्थल खत्म होते जा रहे हैं।
रासायनिक खाद व कीटनाशक: खेती में रसायनों के बढ़ते उपयोग से कीट-पतंगे कम हो रहे हैं, जो गौरैया का मुख्य भोजन हैं।

मोबाइल टावर विकिरण पर चिंता: विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक विकिरण पक्षियों के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि गौरैया केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि घर-आंगन की जीवंतता और पारिस्थितिक संतुलन का प्रतीक है।

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क्या कर सकते हैं हम?

• घर की बालकनी या छत पर दाना-पानी रखें
• कृत्रिम घोंसले (Nest Box) लगाएं
• आसपास पेड़-पौधे रोपें
• रासायनिक कीटनाशकों का सीमित उपयोग करें
• बच्चों को पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूक करें

छोटे-छोटे प्रयास इस नन्ही मेहमान की वापसी का रास्ता बना सकते हैं।

भावनात्मक जुड़ाव और पर्यावरणीय संदेश

गौरैया की अनुपस्थिति हमें यह एहसास दिलाती है कि हम प्रकृति से कितनी तेजी से दूर हो रहे हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां इसकी चहचहाहट को केवल कहानियों और तस्वीरों में ही जान पाएंगी।
अगर आंगन की रौनक बचानी है, तो गौरैया को बचाना होगा।
गौरैया बचेगी, तभी प्रकृति की मुस्कान और बचपन की यादें जिंदा रहेंगी।

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