Wednesday, July 22, 2026
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79 वाँ सवतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2025 का आगाज़ – ट्रंप को संदेश,आरएसएस का जिक्र, रोजगार योजना ,आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया,नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों को सन्देश

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारतीय स्वतंत्रता दिवस15 अगस्त2025 पर पूरे विश्व के सैलानियों भारतीय उत्सवों पर रुचि रखने वालों स्वतंत्रता का मूल्य जानने वालों विदेश में बेस मूल भारतीयों सहित,पूरे भारतवर्ष ने 79 वाँ स्वतंत्रता दिवस अपार उत्साह, जोश और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया। तड़के सुबह से ही देश के हर कोने में तिरंगे की शोभा देखते ही बन रही थी,चाहे वह महानगरों की ऊँची-ऊँची इमारतें हों, गांवों की गलियाँ हों या फिर स्कूल-कॉलेजों के प्रांगण।दिल्ली के लाल किले से पीएम द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ पूरे देश में एक स्वर में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष गूँज उठे। राजधानी से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों तक सुरक्षा बलों की परेड, सांस्कृतिक झाँकियों और देश की प्रगति की झलक दिखाते आयोजनों ने उत्सव को भव्य बना दिया। शहरों में सजावट रोशनी और झंडारोहण समारोह ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, शहीदों के बलिदान और आज़ादी के महत्व को जीवंत किया गया। विभिन्न राज्यों में पारंपरिक नृत्यों, संगीत और झाँकियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया गया। ग्रामीण इलाकों में भी ग्राम पंचायतों, स्थानीय क्लबों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने ध्वजारोहण कर देशप्रेम का संदेश दिया।सेना, नौसेना और वायुसेना ने अपने- अपने ठिकानों पर गरिमामय समारोह आयोजित किए, जिनमें युद्धक उपकरणों,विमाननकौशल और अनुशासन की अद्भुत मिसाल पेश की गई। स्वतंत्रता दिवस पर विभिन्न राज्यों के राजभवनों में राज्यपालों ने ध्वजारोहण किया और नागरिकों को राष्ट्र की एकता,अखंडता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।कई शहरों में तिरंगा यात्राएँ निकाली गईं, जिनमें आम नागरिक, विद्यार्थी,व्यापारी और सामाजिक संगठन एक साथ शामिल हुए। शाम होते-होते ऐतिहासिक इमारतों और स्मारकों पर तिरंगे के रंगों से जगमगाती रोशनी ने पूरे देश को मानो एक धागे में बाँध दिया। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का आयोजन केवल परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश की नई ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक बन गया। भारत के हर नागरिक ने, चाहे वह देश में हो या विदेश में, इस दिन को गर्व और सम्मान के साथ मनाया,और यह संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों मेंभारत को और अधिक सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित बनाने में अपना योगदान देंगे।इस साल का थीम ‘नया भारत’ है, समारोह की एक खास परंपरा यह रही कि यह प्रधानमंत्री का लगातार 12वीं बार लाल किले से भाषण था, जिसके चलते वे इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए इस विशेष श्रेणी में नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर आ गए।

साथियों बात अगर हम लाल किले की प्राचीर से भारतीय पीएम के संबोधन रूपी हुंकार की करें तो,79वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम ने लालकिले पर लगातार 12 वीं बार तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने अब तक का सबसे लंबा भाषण दिया।पीएम ने 103 मिनट के भाषण की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर से की। इस पर 13 मिनट से ज्यादा बोले, टैरिफ का बिना नाम लिए ट्रम्प को संदेशदिया ‘भारत के किसान,पशुपालक, मछुआरे, हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। इससे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है।भारत, अपने किसानों, पशुपालकों, मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता नहीं स्वीकार करेगा।’पीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है अमेरिका और भारत के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) पर बातचीत हो रही है। इसमें अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि और डेयरी सेक्टर में टैक्स कम करे।साथ ही मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम, एथेनॉल जैसे सामान पर टैरिफ कम करने और अमेरिकी डेयरी उत्पादों को भारत में ज्यादा बेचने कीअनुमति दे।12 साल में पहली बार लाल किले से आरएसएस का जिक्र हुआ,आज गर्व के साथ मैं इस बात का जिक्र करना चाहता हूं कि आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ।100 साल की राष्ट्र की सेवा बहुत ही गौरवपूर्ण है।व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर मातृभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया, सेवा, समर्पण संगठन और अप्रतिम अनुशासन जिसकी पहचान रही है। ऐसा आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है।उन्होंने आतंकवाद, सिंधु समझौता, आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया, नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने पहली बार लाल किले से आरएसएस का जिक्र किया।पीएम ने कहा,’ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने वो करके दिखाया, जो दशकों तक भुला नहीं सकते। सैकड़ों किमी दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया। पाकिस्तान की नींद अभी तक उड़ी है।अगर हम आत्मनिर्भर न होते, तो क्या ऑपरेशन सिंदूर इतनी तेजी से कर पाते। इसी कारण दुश्मन को पता भी नहीं चला कि कौनसा हथियार उन्हें खत्म कर रहा, उन्होंने दो ऐलान किए जीएसटी घटेगा, आज से रोजगार वाली नई योजना (1)जीएसटी रिफॉर्म: इस दिवाली पर सरकारजीएसटी रिफॉर्म ला रही है। इससे आम लोगों को टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी।(2)23.5 करोड़ नौजवानों को रोजगार:आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे-बेटी को 15 हजार रुपए सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी जो ज्यादा रोजगार जुटाएगा, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी। 

साथियों बात अगर हम 79 में स्वतंत्रता दिवस के लाल किला समारोह में आमंत्रित को की करें तो85 गांवों के सरपंच हुए विशेष मेहमान,इस साल समारोह में 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 85 गांवों के 210 सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया था जो रेखांकित करने वाली बात है। 

साथियों बात अगर हम 79 वाँ स्वतंत्रता दिवस वैश्विक स्तरपर मूल भारतीयों द्वारा मनाए जाने की करें तो, यूएसए में भारतीय समुदाय, विशेषकर ब्रॉवर्ड सेंटर, में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और खान-पान के कार्यक्रम आयोजित किए गए, साथ ही कई भारतीय रेस्तरां ऑफर्स भी पेश कर रहे थे।इसी दौरान, सिंगापुर और स्लोवाकिया के राजनयिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ भेजीं, सिंगापुर के उच्चायुक्त ने “हैप्पी 79 वाँ इंडिपेंडेंस डे” की बधाई दी, वहीं स्लोवाकिया के राजदूत ने समृद्धि, शांति और सौभाग्य की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।सिंगापुर के उच्चायुक्त ने “हमारी दोस्ती और 60-वर्षीय द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती की आशा” व्यक्त की, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने द्विपक्षीय सहयोग और भारत-सिंगापुर साझेदारी पर प्रकाश डाला ।इन उत्सवों ने यह साबित कर दिया कि भारतीय स्वतंत्रता दिवस केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में फैले भारतीयों के गर्व, पहचान और एकता का वैश्विक उत्सव बन चुका है। तिरंगे की छांव में, चाहे न्यूयॉर्क की भीड़ हो या लंदन का स्क्वायर, पेरिस की नदी हो या बर्लिन की ऐतिहासिक दीवार—हर जगह भारत की आत्मा और उसके स्वतंत्र होने का जश्न गूंजता लगातार रहा। 

साथियों बात अगर हम देश के कोने-कोने में आजादी व देशभक्ति की की लहर की करें तो देशभर में सुबह से ही स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी और निजी संस्थानों में ध्वजारोहण के कार्यक्रम आयोजित हुए।बच्चों ने देशभक्ति गीत गाए, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, और आज़ादी के मतवालों की कहानियों पर नाटक प्रस्तुत किए। गली-गली और गाँव-गाँव में घरों की छतों पर तिरंगे लहराते दिखाई दिए। बाज़ारों में मिठाइयों की महक और सजावट की रौनक देखते ही बनती थी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी तिरंगे के रंगों में रंगा हुआ था, जहाँ लोग स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ साझा कर रहे थे।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि 79 वाँ सवतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2025 का आगाज़-ट्रंप को संदेश, आरएसएस का जिक्र रोजगार योजना आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया, नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों को सन्देश, राष्ट्रीय  ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ पूरे देश में एक स्वर में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष गूँज उठे, 79 वाँ  स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारत की उपलब्धियों चुनौतियों व भविष्य की योजनाओं का प्रतीक बनकर उभरा।

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

अहंकार असफ़लताओं का वह घड़ा है, जिसका भरकर फूटना निश्चित है – नम्रता, ईमानदारी, शांतिप्रियता सफ़ल जीवन के मूल मंत्र-एडवोकेट किश सनमुखदास भावनानी

मैं सर्वश्रेष्ठ हूं, यह आत्मविश्वास है लेकिन मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूं यह अहंकार

गोंदिया – पृथ्वीलोक पर सृष्टि में सबसे बुद्धिमान जीव मानव की जब से उत्पत्ति या संरचना हुई है, रचनाकर्ता ने गुण अवगुण का पिटारा भी साथ में सृष्टि पर संलग्न कर दिया,इस सृष्टि पर सर्वश्रेष्ठ प्राणी मानव, अपनी बुद्धि कौशलता के आधार पर उस पिटारे में से चुनकर अपने जीवन यात्रा में सलंग्न करें,पिटारे में कई गुणों के रूप में अच्छाई, आत्मविश्वास, परोपकार, नम्रता, दीनता, शांतिप्रियता, मनोबल, उत्साह जैसे हजारों पुष्प और अवगुणों के रूप में अहंकार, दुष्टता, गुस्सा, मैं मैं, धोखा, कुटिलता, क्रोध, द्वेष, दुष्चक्र रूपी हजारों बेशर्म की पत्तियां समाहित है।
साथियों बात अगर हम उस पिटारे में मानव द्वारा उठाए गए गुणों रूपी पुष्प, अवगुणों रूपी बेशर्म पत्तियों की करें तो एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र, यह मानता हूं ki हजारों वर्ष पूर्व आदि-अनादि प्राचीन काल से ही हमें इन दोनों स्वरूपी मानव की चर्चा इतिहास में दर्ज पढ़ने को मिली है, जिसका भारतीय स्तरपर राम-रावण कृष्ण-कंस वैश्विक स्तरपर हिटलर, अनेक तानाशाह सहित अनेक हमारे सामने उदाहरण हैं जो आज तक के युग में भी आधुनिक मानव इसी तर्ज पर भी हैं और आगे भी होते रहेंगे,बस हम इस आर्टिकल द्वारा सीखना है कि उस पिटारे में से हमें पुष्प ही चुनकर लेनाहै न कि बेशर्म की पत्तियां हर उदाहरण में मेरा पक्ष सकारात्मकता की ओर है।
साथियों बात अगर हम आज के विषय आत्मविश्वास और अहंकार की करें तो इन दोनों शब्दों में ही पिटारे के गुण- अवगुण का मूल समाया हुआ है सबसे पहले हम चर्चा आत्मविश्वास की करेंगे कि हर व्यक्ति को यह पुष्प उसके जीवन की सफ़लता के हर पड़ाव पर अत्यंत जरूरी है उसे सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए आत्मविश्वास उसकी सफ़लता की पहली सीढ़ी है जिसके सहारे वह आगे बढ़ने में सक्षम होगा।
साथियों आत्मविश्वास मनुष्य के अंदर ही समाहित होता है। आपको इसे कहीं और अन्य जगह से लाने की जरूरत नहीं है। यह आपके अंदर ही है, बस जरूरत है अपने अंदर की आंतरिक शक्तियों को इकट्‍ठा कर अपने आत्मविश्वास को मजबूत करने की,वर्तमान समय में अगर हमें कुछ पाना है, किसी भी क्षेत्र में कुछ करके दिखाना है, जीवन को खुशी से जीना है, तो इन सबके लिए आत्मविश्वास का होना परम आवश्यक है। आत्मविश्वास में वह शक्ति है जिसके माध्यम से हम कुछ भी कर सकते है। आत्मविश्वास से हमारी संकल्प शक्ति बढ़ती है और संकल्प शक्ति से बढ़ती है हमारी आत्मिक शक्ति।
साथियों बात अगर हम आत्मविश्वास के बल पर वैश्विक प्रसिद्ध महामानव द्वारा अपने विज़न की सफलताओं की करें तो, इसी आत्मविश्वास ने कोलंबस को अमेरिका की खोज़ में सहयोग दिया था। नेपोलियन ने इसी शक्ति से ओतप्रोत होकर अपने सेनापति से कहा था कि यदि आल्पस पर्वत हमारा मार्ग रोकता है तो वह नहीं रहेगा और सचमुच उस विशाल पर्वत को काटकर रास्ता बना लिया गया। महात्मा गांधी भी इस आत्मविश्वास के बल पर सत्य और अहिंसा के अस्त्र बनाकर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। अंततः वे भारत माता की दासता रूपी बेड़ी को काटने में सफल रहे।
साथियों अब्राहम लिंकन ने अथक प्रयास कर दासों को मालिकों के शिकंजे से मुक्त कराया। उन्होंने अपनी डायरी में लिखा था कि मैंने अपने ईश्वर को वचन दिया है कि दासों की मुक्ति का कार्य अवश्य पूरा करूंगा। इमर्सन का कथन है- संसार के सारे युद्धों में इतने लोग नहीं हारते, जितने कि सिर्फ घबराहट से। इसलिए अपने ऊपर विश्वास रखकर ही आप दुनिया में बड़े से बड़ा काम सहज ही कर सकते हो और अपना जीवन सफल बना सकते हो।
साथियों आत्मविश्वास एक ऐसा मंत्र है, जिसके आगे सारे संकट दूर हो जाते हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति वाले के सामने मुसीबतों का पहाड़ भी सपाट मैदान की तरह बन जाते हैं और जिनके पास इसकी कमी होती है वह छोटी-मोटी समस्याओं से भी इतने घबरा जाते हैं कि उससे बचने के उपाय ढूंढ़ते-ढूंढ़ते खुद ही अपने आस पास के लोगों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। इतिहास गवाह है कि कई लोगों ने केवल अपने आंतरिक ताकत के बल पर ही साम्राज्य कायम किया, नहीं तो एक सामान्य से मुखिया के घर में पैदा हुआ चंद्रगुप्त मौर्य कभी सम्राट नहीं बनता।
साथियों अगर हम इतिहासको खंगालें तो विश्व के अधिकांश महानतम व्यक्ति चाहे वो गांधी हों या फिर माक्र्स, सभी के जीवन की शुरुआत सधारण तरीके से हुई, कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए उन्होंने अपने जीवन का सफ़र शुरू किया लेकिन आत्मविश्वास की दृढ़ता की वजह से ही कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए वैश्विक मानव की श्रेणी में पहुंचे।
साथियों बात अगर हम अहंकार की करें तो प्राचीन काल से लेकर आज तक के युग में जिसने भी अहंकार किया है या मैं मैं, मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूं, मेरे जैसा कोई नहीं रूपी बेशर्म की पत्तियों का चुनाव किया है वह आखिर नष्ट हुआ है, यह अवगुण रूपी पिटारे की पत्तियां मानव को नष्ट कर डालती है, क्योंकि यह अवगुण मानव का शत्रु है जो किसी भी क्षेत्र में अपने आप को सर्वश्रेष्ठ समझकर और अहंकार करते हैं उनका विनाश हुआ है! अहंकार चूर चूर हुआ है, जो हमने रावण, कंस, हिटलर सहित आज के युग में भी अनेक मानव देखे हैं जिनका सब कुछ नष्ट हुआ है क्योंकि अहंकार की खाई रूपी फिसलन पर जिसने भी पैर रखा है वह उस खाई में फिसलता ही गया है,वह न केवल खुदको बल्कि अपने कुल, कुटुंब को भी इस खाई में धकेलकर बहा ले जाता है।
साथियों बात अगर हम पिटारे से पुष्प उठाने के सकारात्मक फायदों की करें तो हम कितने भी सर्वश्रेष्ठ हो परंतु मैं मैं का भाव कभी अपने अंदर नहीं घुसने देना है! मानाकि तुम बहुत बड़े टॉप लेवल के अधिकारी, नेता, व्यवसाई, व्यापारी विधि विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, तांत्रिक विशेषज्ञ या किसी भी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ हो तो भाव यह होना चाहिए कि आप यह सोचिए कि आप के मुकाबले दुनिया में कोई और तुमसे अच्छा जरूर होगा, और सिर्फ़ मैं तक सीमित होना है नकि केवल मैं ही और मैं मैं को अपने अंदर पनपने देना है, क्योंकि यहीं से अहंकार, घमंड की उत्पत्ति होती है जिससे अपने आप को बचाना है, क्योंकि अहंकार असफलताओं का वह घड़ा है जिसका भरकर फूटना तय है जबकि नम्रता, नींवांपन और शांतिप्रियता सफ़ल जीवन का मूल मंत्र है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे किआत्मविश्वास बनाम अहंकार मैं सर्व श्रेष्ठ हूं यह आत्मविश्वास है, लेकिन सिर्फ मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूं यह अहंकार है, अहंकार सफ़लताओं का वह घड़ा है जिसका भरकर फूटना तय है, नम्रता, नींवांपन, ईमानदारी और शांतिप्रियता सफ़ल जीवन के मूल मंत्र है।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

स्वतंत्रता दिवस पर एम एम टी के नन्हें-मुन्नों की देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियाँ

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) 79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जनपद के मुन्सफ कॉलोनी स्थित एम एम टी स्कूल में बच्चों के बीच देशभक्ति की लहर छा गई। स्कूल प्रांगण में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अपने जोश, उत्साह और मनमोहक अदाओं से सभी का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद मंच पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ दी गईं। बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर शानदार नृत्य और स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित नाट्य मंचन कर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। मंच पर जब ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन-गण-मन’ की स्वर लहरियाँ गूंजीं तो पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।

स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल देश प्रेम की भावना को प्रबल करते हैं बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि मंचीय गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम में अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजते कार्यक्रम स्थल पर हर किसी के चेहरे पर गर्व और आनंद की झलक साफ दिखाई दे रही थी।

79वें स्वतंत्रता दिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) पथरदेवा विकास खंड क्षेत्र में शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर विभिन्न संस्थानों एवं कार्यालयों पर धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी,तिरंगा यात्रा,देशभक्ति के नारे एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र देशभक्ति में सराबोर हो गया।

इस पावन मौके बघौचघाट थाने पर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार अस्थाना, जूनियर हाई स्कूल बघौचघाट पर ग्राम प्रधान रामबेलाश व प्रधानाचार्य असरफ अली,देवता देवी महिला महाविद्यालय बघौचघाट अहिरौली में प्रबंधक नीलेश्वर राय,स्वामी विवेकानन्द महाविद्यालय कोटवा मिश्र केडी चौराहा पर प्रबंधक इ रणजीत गौतम,एमडीबी पब्लिक स्कूल कोईलसवा खुर्द में प्रबंधक मुकेश कुशवाहा,चंदा देवी इंटर कालेज प्रबंधक रामजी यादव,प्राथमिक विद्यालय बघौचघाट में ग्राम प्रधान रामबेलाश यादव,किंग्स पब्लिक स्कूल पर प्रबंधक जमशेद आलम व धर्मवीर गुप्ता,मदर डिवाइन पब्लिक स्कूल बंजरिया में डॉ विवेक सिंह पटेल,मेंदीपट्टी जूनियर हाई स्कूल पर ग्रामप्रधान उपेंद्र लाल श्रीवास्तव,साइन पब्लिक स्कूल मलसी में प्रधानाचार्य नासिर अहमद,एम एम टी यू एन स्कूल पर ग्राम प्रधान अफजल अंसारी,महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज कुर्मीपट्टी में प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह,पीएम श्री विद्यालय पथरदेवा में प्रधानाध्यापक सफीक अहमद,डॉ अंबेडर जनता शिक्षण संस्थान पथरदेवा में प्रबंधक डॉ विंध्याचल मद्धेशिया व प्रधानाचार्य अजय सिंह,जनता इंटर कॉलेज महुआरी में प्रधानाचार्य डॉ आशुतोष मिश्रा,सर्वोदय शिक्षण संस्थान पथरदेवा में प्रधानाचार्य राजेश तिवारी,स्व परमानन्द इंटर कॉलेज मलसी में राजेश यादव,एम बी एकेडमी बघौचघाट अहिरौली में अध्यक्ष अखिलेश्वर राय एवं प्रबंधक विकास कुमार राय,सेंट्रल पब्लिक स्कूल पर प्रधानाचार्य दिनेश सिंह, टी एस इंटरनेशनल स्कूल पकहां में प्रधानसंघ अध्यक्ष मुरारी मोहन शाही,मदरसा मलसी खास में प्रधानाचार्य सादिक अली, मदरसा सेमरी पर प्रबंधक एहसानुल्लाह सिद्दीकी ने ध्वजारोहण किया।जहां विभिन्न देशभक्ति नारे,गीत,सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर मजबूत कर दिया।

जी एम एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया ७९वां स्वतंत्रता दिवस

79वें स्वतंत्रता दिवस पर जी एम एकेडमी के बच्चों में दिखा उत्साह, निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने किया ध्वजारोहण

कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी, स्वतंत्रता पर्व पर हम सबकी जिम्मेदारी –मोहन द्विवेदी

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारतवर्ष का ७९ वां स्वतंत्रता दिवस नगर के ख्यातिप्राप्त विद्यालय जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
विद्यालय की निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया।
तत्पश्चात विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों ने अपने जोश और उत्साह का परिचय देते हुए भाषण, गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया। इस क्रम में काव्या उपाध्याय, अंबुज, आर्यन, विराट, आराध्या, वैष्णवी, आयुष गुप्ता, जया शुक्ला, स्टेजी, सृष्टि पांडेय, अपर्णा यादव, नैन्सी तिवारी, नीतिका आदि के कार्यक्रम की खूब सराहना हुई।
कार्यक्रम को आशुतोष तिवारी, सुनील गुप्ता आदि ने संबोधित किया। भारत माता की जयघोष एवं स्वतंत्रता के दीवानों तथा महापुरुषों के लिए लिए प्रयोग नारों से विद्यालय का प्रांगण गुंजायमान हो गया।

प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर समस्त छात्र-छात्राओं एवं अध्यापक अध्यापिकाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन तथा राष्ट्र की सेवा तन, मन और धन से करने एवं समस्त प्राणियों के प्रति सहानुभूति रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की छात्रा अनन्या दीक्षित ने किया। समस्त छात्र-छात्राओं को मिष्ठान खिलाकर राष्ट्र के इस महान पर्व का समापन किया गया। इस मौके पर दिलीप कुमार सिंह, एस.एन.पांडेय, वी वी सहदेव,अजय मिश्र,डी. मिश्र ए के तिवारी, प्रमोद कुमार, सीमा पांडेय, श्वेता राज, बी के तिवारी, सरस्वती पांडेय, डी एन उपाध्याय, जी के मिश्र, विभूषिका, मधु, शिवांगी, विकास, राकेश, अखिलेश, सुधीर, आलोक, अनस, अनामिका, अभिषेक, नीलम, अनुष्का, मुन्ना राज, चंदन, संजना, साधना, खुशबू, रागनी, भारती, अंकिता, काजू तिवारी, श्रुति, ध्रुव कुमार, प्रभात, संपूर्णानंद, अमूल्य, आदित्य, वी एस पांडेय, साक्षी , सरिता, पी गोस्वामी, अनीता, रेनू, अल्का, पंकज, संदीप, महेश, उधम, अंशु, श्याम बिहारी, नम्रता, जोया, सुनील आदि समस्त अध्यापक अध्यापिकाएं उपस्थित थे।

राजकीय पॉलिटेक्निक बिल्सी, बदायूं में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया

बिल्सी/बदायूं (राष्ट्र की परम्परा)। इंदिरा गांधी कंप्यूटर साक्षरता मिशन (IGCSM) द्वारा संचालित राजकीय पॉलिटेक्निक, बिल्सी में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य राजेश्वर सिंह पटेल, दिल्ली मुख्यालय से पधारे नवल जी तथा ग्राम प्रधान अवनीश सिंह ने संयुक्त रूप से तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद सभी उपस्थितजन ने सम्मानपूर्वक राष्ट्रगान गाया। इसके उपरांत दीप प्रज्वलन कर औपचारिक रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नवल जी ने IGCSM के चेयरमैन डॉ. सौरभ सिंघल का संदेश छात्रों तक पहुंचाया, जिसमें उन्होंने देशभक्ति, अनुशासन और शिक्षा के महत्व पर बल दिया। मुख्य अतिथि राजेश्वर सिंह पटेल ने अपने संबोधन में पॉलिटेक्निक शिक्षा की उपयोगिता, तकनीकी कौशल के महत्व और युवाओं के कंधों पर देश के भविष्य की जिम्मेदारी के बारे में प्रेरणादायक विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने वीर शहीदों के बलिदान को याद करने और उनके आदर्शों पर चलने का अवसर देता है। कार्यक्रम में धर्मेंद्र पाल, आकाश पटेल, अंश चौहान, कुमारी सलोनी सहित समस्त स्टाफ ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, भाषण, नृत्य और नाटक जैसी विविध प्रस्तुतियां दीं, जिनमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, त्याग और योगदान को भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए तालियों से उत्साहवर्धन किया। अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए निरंतर प्रयास करने तथा अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने का संकल्प लिया। यह भव्य कार्यक्रम पूर्ण रूप से IGCSM के अध्यक्ष डॉ. सौरभ सिंघल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रक्त क्रांति–इस बार एक कतरा रक्त देश के नाम

स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित हुआ रक्तदान शिविर

बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की जनपद बलरामपुर इकाई द्वारा आज एक वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन जनपद मुख्यालय स्थित सँयुक्त चिकित्सालय के ब्लड बैंक में किया गया। इस शिविर का आयोजन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इंटीग्रेटेड फेडरेशन ऑफ़ सोशल ऐक्टिविस्ट्स एंड डॉक्टर्स नामक संस्था की मुहिम रक्त क्रांति – हर घर रक्तदाता अभियान के अंतर्गत किया गया। एक नई पहल – रक्तदाताओं की भागीदारी न केवल जरूरतमंदों को नया जीवन देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को 100% स्वैच्छिक रक्तदाता राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी होगी। यह न केवल सेवा है, बल्कि एक गर्व का क्षण भी है – जब समाज आपके प्रयास को सराहेगा। आप आइए, साथ चलिए और रक्तदान से बनाइए इंसानियत की मिसाल। आपका एक कदम किसी की ज़िंदगी की नई शुरुआत बन सकता है। रक्तदान को जनांदोलन बनाने के संकल्प के साथ इस रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह महाअभियान इंटीग्रेटेड फेडरेशन ऑफ सोशल एक्टिविस्ट्स एंड डॉक्टर्स के द्वारा शुरू किया गया है, जो समाजसेवियों और चिकित्सकों के बीच समन्वय स्थापित कर जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी कार्य करने के उद्देश्य से गठित हुआ है। रक्त क्रांति अभियान का आयोजन 13 अगस्त से 17 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में किया जा रहा है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश को और वर्ष 2037 तक पूरे भारत को 100% स्वैच्छिक रक्तदाता राज्य व राष्ट्र बनाना है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान न केवल जीवन बचाने का सबसे सरल और मानवीय कार्य है, बल्कि यह सामाजिक एकता और जागरूकता का प्रतीक भी है। इससे आप स्वयं भी स्वस्थ रहते हैं और अनेक बीमारियों से बचते भी हैं। यूथ हॉस्टल्स की बलरामपुर इकाई द्वारा समय समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन होता रहा है। शिविर में इकाई के चेयरमैन रवि प्रकाश सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। शिविर के मुख्य सँयोजक जनपद के ब्लडमैन आलोक अग्रवाल ने बताया कि कुल 21 लोगों ने रक्तदान करने के लिए अपना नाम लिखवाया था जिसमें 17 लोग उपस्थित हुए और 16 लोगों ने रक्तदान करने का सौभाग्य प्राप्त किया। 1 रक्तदानी का हीमोग्लोबिन कम होने के कारण वह रक्तदान नहीं कर सके। स्थानीय सँयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर के ब्लड बैंक की टीम में डॉ आकांक्षा शुक्ला, काउंसलर हिमांशु तिवारी, लैब टेक्नीशियन अशोक पांडेय, सोनम तिवारी, अंजली सिंह एवं अजीत श्रीवास्तव का सराहनीय सहयोग रहा। रक्तदानियों में हिमांशु तिवारी, वेद मणि त्रिपाठी, श्याम सुंदर विश्वकर्मा, सुबोध कुमार मिश्र, आशुतोष मिश्र, राजेश कुमार कैराती, संध्या उपाध्याय, नेहा अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, मोहित मिश्रा, नूतन प्रताप सिंह, रवि मोहन तिवारी, ओम प्रकाश, कन्हैया चौहान, अमित कुमार, रवि मिश्रा रहे। इस अवसर पर रक्तदानियों को विशेष प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

कहासुनी के बाद दो भाइयों ने युवक को मारी चार गोलियां, हालत स्थिर

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शाहदरा इलाके में गुरुवार देर रात मामूली कहासुनी के बाद हुए गोलीकांड ने सनसनी फैला दी। पुलिस के मुताबिक, शाहदरा स्थित पुलिस क्वार्टर के पास, तिकोना पार्क के नजदीक, रात करीब 1 बजे 27 वर्षीय अखिल पंवार को दो सगे भाइयों ने कथित तौर पर गोली मार दी।

शाहदरा थाना पुलिस को रात 1:43 बजे इस घटना की सूचना पीसीआर कॉल के माध्यम से मिली। कॉल करने वाले रिधम सूरमा ने बताया कि सौरव नागर और गौरव नागर नामक दो भाइयों ने उसके दोस्त अखिल पंवार को बुलाया और विवाद के बाद उस पर फायरिंग कर दी।

घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई। पुलिस के अनुसार, पंवार को चार गोलियां लगी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पंवार का शाहदरा थाने में भी आपराधिक रिकॉर्ड है।

अधिकारियों के मुताबिक, विवाद की वजह एक पुरानी कहासुनी बताई जा रही है, जिसमें पंवार ने आरोपियों के लिए कथित तौर पर अपशब्द कहे थे। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें जुटाई गई हैं।

पोखर में डूबने से दो मासूमों की मौत

सुलतानपुर,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के बंधुआ कलां क्षेत्र में बृहस्पतिवार को पोखर में नहाते समय दो किशोरों की डूबकर मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बंधुआ कलां निवासी रामकुमार (14) और विनय (15) बकरी चराने के लिए गांव के बाहर गये थे। इस दौरान वे झारखंड मंदिर के पीछे बने पोखर में नहाने लगे। लगातार बारिश से पोखर का जलस्तर बढ़ा हुआ था, जिससे नहाते समय दोनों किशोर गहरे पानी में चले गए और डूब गए।

सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले। बंधुआ कलां थाने के प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

इस हृदयविदारक हादसे से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

हुगली नर्सिंग होम में नर्स की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाया हत्या व यौन उत्पीड़न का आरोप, प्रबंधन ने कहा आत्महत्या

हुगली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क), पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर स्थित एक नर्सिंग होम में कार्यरत 24 वर्षीय नर्स का शव गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे से लटका मिला। मृतका की पहचान नंदीग्राम (जिला पूर्वी मेदिनीपुर) निवासी के रूप में हुई है, जिसने महज़ चार दिन पहले ही इस नर्सिंग होम में काम करना शुरू किया था।

परिवार का आरोप है कि नर्सिंग होम के संचालन में अनियमितताओं का खुलासा करने पर मृतका का यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। मृतका के परिजनों ने मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, नर्सिंग होम प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि यह मामला आत्महत्या का है। प्रबंधन के अनुसार, मृतका मानसिक दबाव में थी और उसने खुदकुशी की।

पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम किसी भी कार्रवाई से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। जांच जारी है।”

घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। विपक्षी दल भाजपा और माकपा के कार्यकर्ताओं ने नर्स की हत्या का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।

राज्य के मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक बेचाराम मन्ना ने कहा कि यदि पुलिस जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सिद्धार्थनगर में सादगी और सौहार्द के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

सिद्धार्थनगर( राष्ट्र की परम्परा)के अनुरूप 79वां स्वतंत्रता दिवस जनपद में परंपरागत एवं सादगीपूर्ण माहौल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रातः 8 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के उपरांत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि/रा) उमाशंकर, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, अपर जिला सूचना अधिकारी विमलेश कुमार सहित कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी मौजूद रहे।

ध्वजारोहण के पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतंत्रता दिवस गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रघुवर प्रसाद सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत से हुई। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने उपस्थित जनसमूह को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी हमें कठिन संघर्ष के बाद मिली है, इसे बनाए रखना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनपद के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचे, यही लक्ष्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने जनपद को आकांक्षी जिले की श्रेणी से बाहर लाकर अग्रणी जिलों में शामिल करने का संकल्प दोहराया।

अपर जिलाधिकारी (वि/रा) गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों को साकार करने का संकल्प लेने का दिन है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश ने भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा और संविधान के महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह, एडवोकेट जयशंकर प्रसाद मिश्र और राणा प्रताप सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए और ब्लड बैंक में आयोजित रक्तदान शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. झा सहित चिकित्सक मौजूद रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर विकास भवन, जनपद न्यायालय, पुलिस लाइन, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, राजकीय मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, जिला संयुक्त चिकित्सालय, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, जिला कारागार, डीएफओ कार्यालय, तहसीलों, विकास खंडों, नगर निकायों तथा सभी शैक्षणिक संस्थानों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

“राष्ट्र प्रथम, स्कूल प्रथम” के संकल्प संग प्रभादेवी ग्रुप ने मनाया आज़ादी का 79वां महापर्व

ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अभिभावकों की सहभागिता ने बढ़ाया उत्सा

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी ग्रुप के सभी शैक्षणिक संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस का 79वां महापर्व हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मैनेजिंग डायरेक्टर वैभव चतुर्वेदी के निर्देशन में मनाया गया।
ब्लूमिंग बड्स स्कूल मेन ब्रांच पर प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी, ब्लूमिंग बड्स इंडस्ट्रियल एरिया एवं कंगारू किड्स प्री-प्राइमरी स्कूल में कॉर्डिनेटर विजय कुमार राय, ब्लूमिंग बड्स स्कूल गीडा ब्रांच में चेयरमैन विनय कुमार चतुर्वेदी, प्रभादेवी पीजी कॉलेज खलीलाबाद में प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, शिव शंकर चतुर्वेदी महाविद्यालय टूँगपार में कौशलेंद्र कुमार त्रिपाठी, कैलाशी देवी केशव प्रसाद महाविद्यालय बदरा में विश्वजीत दुबे तथा प्रभादेवी भगवती प्रसाद महाविद्यालय अनंतपुर, हरपुर-बुदहट में नीलम दुबे ने निर्धारित समय पर ध्वजारोहण किया। इसके बाद मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम में बच्चों ने देशभक्ति, मनोरंजन और संदेशात्मक गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिनमें समाज को सकारात्मक दिशा देने का संदेश निहित था। अभिभावकों की उत्साही उपस्थिति ने बच्चों का मनोबल और बढ़ा दिया। विगत 25 वर्षों से प्रभा सेवा समिति के अंतर्गत समाजसेवा करते हुए यह संस्थान निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।
अपने संबोधन में प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी ने कहा कि विद्यालय नए संसाधनों और नवाचारी उपक्रमों के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। चेयरमैन विनय कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं, जबकि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और प्रतिष्ठापरक व्यवहार उनके विकास के लिए आधारशिला का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर चैनल मैनेजर रितेश त्रिपाठी, नागेंद्र सिंह, विनोद मिश्रा, अनूप विश्वकर्मा, राजश्री ओझा, विवेकानंद शुक्ल, मीना सिंह, नेहा राय, प्रयाग नारायण शुक्ला, निशा सिंह, रीता यादव, बाल गोविंद राय, ईश्वर शरण चतुर्वेदी, हेमंत तिवारी, सुशील तिवारी, एस. एन. उपाध्याय सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

स्वतंत्रता दिवस पर तहसील क्षेत्र में जगह-जगह तिरंगा यात्रा, गूंजे देशभक्ति के नारे

भाटपार रानी, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय तहसील क्षेत्र एवं आस-पास के डिग्री कॉलेजों, माध्यमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया गया। सरकारी व निजी संस्थानों के परिसर से प्रारंभ हुई ये यात्राएं “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” जैसे जोशीले नारों के साथ बनकटा विकास खंड के विभिन्न मार्गों से गुजरती रहीं।

त्रिगुणा नंद जनता इंटरमीडिएट कॉलेज बनकटा से निकली तिरंगा यात्रा थाना रोड, ग्रामसभा बजरिया व बनकटा बाजार होते हुए गांव-गांव पहुंची। गलियों और चौपालों में बच्चों के हाथों लहराते तिरंगों ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। यात्रा विद्यालय में समाप्त होकर एक सभा में परिवर्तित हुई, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद विद्यालय प्रबंधक मुरली मनोहर पांडेय व प्रधानाचार्य उमेश कुमार पांडेय ने प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार और मेडल प्रदान किए तथा जलपान कराया।

बनकटा बाजार में भाजपा नेता अरविंद सहाय कुशवाहा ने झंडारोहण किया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान रणजीत कुमार खरवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य पोला, शेखावत, राजन पांडेय समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा सोहनपुर बापू इंटर कॉलेज अहिरौली बघेल, रतसिया, रामपुर बंगरा भाटपार रानी, भींगारी बाजार, अकटही बाजार स्थित तुलसी बालिका विद्यालय और अन्य स्थानों पर भी धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। विभिन्न सरकारी संस्थानों में विभागाध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहण किया गया।

“लव जिहाद पर त्वरित कार्रवाई — पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयास से पीड़िता को मिला न्याय की राह”

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) नाका थाना क्षेत्र में एक और लव जिहाद का मामला सामने आने के बाद पुलिस और समाजिक नेतृत्व की त्वरित पहल ने न्याय की उम्मीद को सशक्त किया। घटना के अनुसार, प्रिया रावत को विशेष समुदाय के युवक शहनवाज खान बहला-फुसलाकर भगा ले गया। परिजनों ने तत्काल नाका थाना में तहरीर दी, जिस पर थाना प्रभारी श्रीकांत राय ने बिना समय गंवाए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

घटनास्थल पर मौजूद इंस्पेक्टर नीलम पांडेय ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई कर पीड़ित परिवार का भरोसा मजबूत किया।

इस मामले में हिंदू समाज पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष गौरव गोस्वामी की भूमिका उल्लेखनीय रही। उन्होंने पीड़ित परिवार का संबल बनकर न केवल उनकी बात पुलिस तक पहुंचाई, बल्कि पूरी प्रक्रिया में साथ रहकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई।

यह प्रकरण समाज को यह संदेश देता है कि जब पुलिस और समाज साथ खड़े हों, तो किसी भी अन्याय के खिलाफ तुरंत और प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। न्याय की इस राह में समय पर की गई कार्रवाई, पीड़िता और उसके परिवार के लिए हौसले की किरण साबित हुई है।

स्वतंत्रता दिवस पर शहीद चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि, झंडारोहण कर मनाया जश्न

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नगर के बांस देवरिया वार्ड नं 21 में सभासद जावेद आलम के नेतृत्व में देशभक्ति और सम्मान का अनोखा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर उन्होंने वीर क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी शहादत को नमन किया।

सभासद जावेद आलम ने कहा कि शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। देश की स्वतंत्रता के लिए उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसके बाद मुहल्लेवासियों के साथ मिलकर उन्होंने झंडारोहण किया और तिरंगे को सलामी दी। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा।

इस मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, युवा, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में देश की अखंडता, एकता और प्रगति के लिए संकल्प लिया। झंडारोहण के उपरांत बच्चों को मिठाइयां वितरित की गईं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया । उक्त अवसर पर वार्ड के सभासद जावेद आलम, जयप्रकाश गौड़ , जयनाथ विश्वकर्मा, सलाउद्दीन उर्फ भोला, मनोज गुप्ता,अशोक गुप्ता, अखिलेश गुप्ता, विनोद गुप्ता,धर्मेंद्र गौड़, सुमन रावत, रामप्रताप यादव, समीउल्लाह अंसारी , राजा कुरैशी, राजेश गुप्ता , अली हसन, खालीक अहमद, सतीश राय, प्रधानाचार्य राबिया अंसारी, शिक्षक गण-अकबरी खातून, मोनिका त्रिपाठी आदि उपस्तिथि रहे