मधेपुरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के कुमारखंड थाना क्षेत्र के रौता गांव में रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव की रहने वाली आशा देवी (25) ने अपने दो छोटे बच्चों कृति कुमारी (2) और रियांशु कुमार (1) के साथ तालाब में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के मुताबिक, दोनों बच्चों के शव तालाब से बरामद कर लिए गए थे, जबकि महिला का शव रविवार सुबह मिला। मृतका आशा देवी, राकेश कुमार यादव (रौता वार्ड-11 निवासी) की पत्नी थी। राकेश तीन महीने पहले मजदूरी के लिए पंजाब गए हुए हैं।
परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, महिला अपने सास-ससुर से अलग रहती थी। ससुर ने बताया कि सुबह जब वे घर लौटे तो दरवाजा बंद मिला और घर के भीतर आग लगी हुई थी। इसी बीच पड़ोसियों ने तालाब से बच्चों के शव मिलने की सूचना दी।
सूत्रों का कहना है कि महिला का पति से फोन पर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी आक्रोश में उसने यह चरम कदम उठाया। मृतका के पति से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। पड़ोसी पूनम देवी ने बताया किआशा देवी बच्चों को लेकर कहीं जाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन थोड़ी ही देर बाद तालाब से शव मिलने की खबर आई।
घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है।
भागलपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हावड़ा-भागलपुर वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन का विस्तार अब जमालपुर तक कर दिया गया है। इसके साथ ही रविवार से इस ट्रेन के संचालन समय में बदलाव लागू हो गया है।
रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या 22309 (अप) हावड़ा से सुबह 7:45 बजे रवाना होगी और बोलपुर शांति निकेतन, रामपुरहाट, दुमका, नौनिहाट, हंसडिहा, मंदारहिल, बाराहाट होते हुए भागलपुर दोपहर 1:15 बजे और जमालपुर 2:15 बजे पहुंचेगी।
वहीं, ट्रेन संख्या 22310 (डाउन) जमालपुर से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी। यह भागलपुर 4:22 बजे पहुंचेगी और वहां से आगे बाराहाट, मंदारहिल, हंसडिहा, नौनिहाट, दुमका, रामपुरहाट, बोलपुर शांति निकेतन होते हुए हावड़ा रात 10:05 बजे पहुंचेगी।
ट्रेन को भागलपुर स्टेशन पर दोनों ओर से दो मिनट का ठहराव दिया गया है।
नई समय सारणी का मुख्य बिंदु
पहले भागलपुर आगमन का समय 2:05 बजे था, अब यह 50 मिनट पहले 1:15 बजे हो गया है।
भागलपुर से प्रस्थान का समय पहले 3:05 बजे था, अब यह 1:17 बजे कर दिया गया है।
जमालपुर में यह ट्रेन शाम 4:22 बजे पहुंचेगी और 4:24 बजे आगे के लिए रवाना होगी।
रैक और कोच की स्थिति
शनिवार को वंदे भारत एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से 16 कोचों के साथ चलाया गया था। हावड़ा से दूसरी जगह जाने वाली वंदे भारत का रैक जोड़कर ट्रेन चलाई गई। हालांकि, रविवार से यह ट्रेन अपने नियमित स्वरूप में 8 कोच के साथ ही चलेगी।
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में फिलहाल मानसून की रफ्तार थमी हुई है, जिससे नदियों के जलस्तर में कमी आई है। इसके बावजूद राजधानी पटना के कई इलाके अब भी जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
रामकृष्ण नगर की संचार कॉलोनी और ज्योतिष पथ में करीब 25 हजार से अधिक लोग पिछले 15 दिनों से पानी से घिरे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पार्षद, विधायक और सांसद को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
इसी तरह वार्ड संख्या 56 के रानीपुर पैजावा, रानीपुर चकिया (दक्षिणी भाग) और नवविहार कॉलोनी में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां करीब 235 घरों में रहने वाले 1500 लोग जलजमाव से फंसे हुए हैं। इन इलाकों में कमर तक पानी भरा हुआ है। लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम प्रशासन ने चार नावें उपलब्ध कराई हैं। नवविहार कॉलोनी में दो नाव, रानीपुर चकिया में एक और रानीपुर पैजावा में एक नाव लगाई गई है।
जानकारी के अनुसार, पुनपुन नदी के उफान पर होने के कारण उसका फाटक बंद कर दिया गया है। इससे पैजावा नहर से पानी की निकासी में दिक्कत आ रही है। यही कारण है कि पहाड़ी और आसपास के इलाकों में जलजमाव बना हुआ है।
वहीं, गंगा नदी का जलस्तर घटने से दियारा क्षेत्र और दीघा के बिंद टोली समेत कई इलाकों में लोगों को राहत मिली है। शनिवार को गंगा का जलस्तर मनेर में 52.22 मीटर, दानापुर में 50.54 मीटर, दीघा घाट में 49.64 मीटर, गांधी घाट में 48.51 मीटर और बंका घाट में 46.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से नीचे है।
पटना (राष्ट्र की परम्पर डेस्क)बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस और राजद ने बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस सांसद व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को सासाराम से 16 दिनों की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की। यह यात्रा करीब 1300 किलोमीटर लंबी होगी और 25 जिलों से गुजरेगी।
इस मौके पर उनके साथ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित विपक्षी खेमे के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
यात्रा का पहला दिन – राहुल गांधी विशेष विमान से गया पहुंचे, जहां से हेलीकॉप्टर द्वारा एसपी जैन कॉलेज, सासाराम उतरे।दोपहर 12 से 2 बजे तक सुवारा में विपक्षी नेताओं ने सभा को संबोधित किया।शाम 4.30 बजे देहरी ऑन सोन के आंबेडकर चौक से यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई।रात में सभी नेता बंभनडीह स्पोर्ट्स ग्राउंड में ठहरेंगे।
दूसरा दिन का कार्यक्रम – सुबह 8 बजे यात्रा अंबा कुटुंबा से आगे बढ़ेगी। राहुल गांधी 9.30 बजे देव सूर्य मंदिर का दर्शन करेंगे। दोपहर में गुरारू, गया में लंच होगा। शाम 6.30 बजे गया के खालिस पार्क चौक पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जनसभा को संबोधित करेंगे।रात में रसलपुर क्रिकेट ग्राउंड में विश्राम होगा।
तेजस्वी यादव का बयान येतेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा – “यह लड़ाई अब सिर्फ चुनाव की नहीं बल्कि बिहार और बिहारियों के सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ जन-जन का जयघोष बन गई है।”
एनडीए का पलटवार येइस यात्रा को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तंज कसा। उन्होंने कहा – “पत्थर पर सिर पटकने से कुछ नहीं होगा, सिर्फ सिर फूटेगा। SIR बहुत जरूरी है, मृत और बाहर रहने वाले लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।”
मांझी ने चिराग पासवान पर भी बयान दिया –“चिराग बड़े आदमी हैं, लेकिन हम उन्हें सलाह देंगे कि एनडीए में रहकर ही अपना भविष्य तलाशें, वरना गर्दिश में जाएंगे।”
ऐसा ही बनकटा थाने में कृण जन्म अष्टमी मनाए जाने के दौरान चरितार्थ होते दिखा
भाटपार रानी/ देवरिया (राष्ट्र की परंपरा) स्थानीय तहसील क्षेत्र स्थित बनकटा थाना परिसर के शिव मंदिर प्रांगण में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया जहां थाना प्रभारी नवीन चौधरी द्वारा सपत्नीक पूजन अर्चन किया गया। जहां धूमधाम के साथ पूरे थाना परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों आदि से सजा कर जन्मोत्सव मनाया गया। वहीं इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष देवरिया पंडित ग्रीस चन्द त्रिपाठी, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, सहित क्षेत्र के सभी गणमान्य जनता जन सहित जन प्रतिनिधि एवं पत्रकार उपस्थित रहे। बताते चलें कि इस थाने में तैनाती के बाद से निरंतर इलाके के आम जनता एवं पीड़ित फरियादियों को त्वरित न्याय देने व दिलाने में पूरी तन्मयता से निरन्तर कार्यशील रह कर क्षेत्रीय जनता में अपनी एक अलग छाप छोड़ने अपने स्पष्ट बेबाक वाक् के लिए ख्याति प्राप्त करने वाले थाना प्रभारी नवीन चौधरी के इस सहज भाव एवं भावना के वशीभूत हो स्थानीय जनता के साथ ही ईश्वर की साक्षात कृपा भी इन्हीं भाव भावना के अनुरूप कन्हैया/कान्हा के जन्मोत्सव में देखने को मिली है।जहां एक तरफ थाना प्रभारी एवं थाने के सभी स्टाफ के लोगों द्वारा क्या अधिकारी क्या कर्मचारी हर किसी का यह ख्याल रखा गया की जन्म उत्सव में आए किसी मेहमान को कमी न रहे। वहीं सभी प्रसाद ग्रहण करने वाले आगत जनों के मुख से पूरे कार्यक्रम के दौरान बरबस एक ही बात सुनने को मिलती रही वह यह रही कि,,,जहां भाव व भावना हो वहां ईश्वर स्वयं चल कर आते हैं। कुछ ऐसा ही यहां के प्रसाद में, एवं जन्मोत्सव में जो भव्यता एवं दिव्यता उसमें देखने को मिली है।इसको लेकर सभी ने एक स्वर से थाना प्रभारी नवीन चौधरी के भाव एवं भावना के अनुरूप ही भगवान कृष्ण के इस जन्मोत्सव कार्यक्रम में साक्षात ईश्वर का वास होने की बात बरबस ही सभी के मुख से निकलती रही। जो करोना काल के बाद पहली बार इतनी भव्य आयोजन हुई थी। कार्यक्रम में इस दौरान सीनियर सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश दुबे, आरपी कनौजिया, आलोक कुमार सिंह, मृत्युंजय पाठक, राघवेन्द्र सिंह, आदि सहित समस्त स्टाफ एवं स्थानीय लोगों में समाज सेवी चंद्र प्रताप सिंह, बादल सिंह, संजय सिंह, सहित क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि ग्राम प्रधान बीडीसी सदस्य आदि लोग उपस्थित रहे। वहीं जन्मोत्सव एवं आरती गायन टीम के गायक मंडल के वाणी में भी साक्षात सरस्वती का वास प्रकट होता रहा जहां जन्मोत्सव में भाग ले रहे भक्त एवं श्रोता जन भी झूमते हुए तालियां बजाए जाने से वंचित नहीं रह सके।
देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही श्री कृष्ण जन्माष्टमी
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और रोशनियों से सजाया गया है। विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन, झांकियां और मटकी फोड़ जैसी प्रतियोगिताएं भक्तों में उत्साह भर रही हैं। मथुरा-वृंदावन सहित देशभर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर में विशेष सजावट और भव्य आरती के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण जन्म के समय मंदिरों की घंटियों की गूंज और “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। भक्तजन व्रत, पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण से परिवार की खुशहाली और देश की समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम 1960 के तहत मृत्यु भोज कानून दंडनीय है
गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियां में भारत ही एक ऐसा देश है जहां हजारों समाज, लाखों जातियां, उपजातियां धर्म व आध्यात्मिक आस्था की जड़ कहा जाता रहा है, जिसकी गिनती विदेशो में भारतीय खूबसूरती की विशेषताओं में से एक है। कई सैलानी इस अनोखी व्यवस्था को देखनें ही भारत यात्रा पर आते हैं और कहते हैं काबिल-ए-तारीफ़! इसी कारण ही भारत धर्मनिरपेक्ष देश की ताक़त से प्रसिद्ध है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र, मानता हूं के भारतीय रीति रिवाज को हर समाज स्तर पर अलग अलग रूप से लागू किया जाता रहा है,परंतु बहुत सी ऋतियां और रिवाज ऐसे हैं जो करीब करीब हर समाज जाति में कॉमन है, उन्हें में से एक है, परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने पर उस परिवार में 13 दिवसीय शोक मनाया जाता है तथा अंतिम दिन को, 13 वीं या 12 वीं दिन के रूप में अंतिम दिन मृत्यु भोज दिया जाता है, जिसे समाज स्तर व पारिवारिक व रिश्तेदारों के लोग शामिल होते हैं। परंतु समय के बदलते परिपेक्ष में आजकल समय अभाव के कारण समाज में अपने-अपने समय अनुसार मृत्यु भोज दिया जाता है, तो अनेक समाजों में यह मृत्यु भोज केवल पारिवारिक व रिश्तेदारी तक सीमित कर दिया गया है, जो कि इस प्रकार के नियम समझो कि पंचायत द्वारा ही बनाए गए हैं, जो मेरा मानना है कि काफी हद तक उचित भी हैं।हमारी राइस सिटी गोंदिया नगरी के कुछ समाजों के प्रबुद्ध नागरिकों से इस मृत्यु भोज के विषय पर मेरी लंबी चर्चा हुई तो, उन्होंने कहा हमारे समाज में मृत्यु भोज प्रतिबंधित है परंतु समाज के लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों तक सीमित रूप से मृत्यु भोज की रस्म करते रहते हैं। यह चर्चा आज हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि मुझे आज 16 अगस्त 2025 को एक महिला ने डिस्पोजल शॉप पर बताया कि उसके पति की मृत्यु हो गई है, वह उसकी 13 वीं में मृत्यु भोज कर रहे हैं। पूरे 13 दिवसीय शोक में एक लाख रुपए से अधिक खर्च आ गया है, व मृत्यु भोज पर भी करीब 40-50 हज़ार रुपए खर्च होगा। उन्होंने कहा कि वह यह मृत्यु भोज नहीं करना चाहती है परंतु कुछ समाज के लोगों ने कहा इससे समाज वाले उंगली उठाएंगे,बदनाम करेंगे, व सामाजिक प्रतिष्ठा कम होगी! इसलिए मैं यह सब कर रही हूं। बस! इसलिए मैंने आज इस विषय पर आर्टिकल लिखने की सोचा और मैंने फिर इस पर रिसर्च शुरू की तो,मुझे राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम 1960 मिला, जिसके तहत मृत्यु भोज देना या उसमें भाग लेना दंडनीय अपराध है, जेल जाना पड़ सकता है। उसमें 1 साल की सजा वह 1000 रुपए जुर्माना की सजा है।दुसरा 13 दिसंबर 2023 तारीख़ की राजस्थान पुलिस की एक सोशल मीडिया पर पोस्ट मिली जिसमें लिखा था, मृत्यु भोज करने और उसमें शामिल होना कानूनं दंडनीय अपराध है। मानवीय दृष्टिकोण से भी यह आयोजन अनुचित है, इसलिए आओ मिलकर इस कुरीति को समाज के से दूर करें, इसका विरोध करे।चूंकि राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम 1960 के तहत मृत्यु भोज कानून दंडनीय अपराध है, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे पारिवारिक सदस्य की मृत्यु पर 13 दिवसीय शौक पर मृत्यु भोज को कुरीति/रीति/धार्मिक संस्कार पर बस छिड़ी। राष्ट्रीय स्तरपर इसका समाधान होना जरूरी है। साथियों बात अगर हम मृत्यु भोज की करें तो, हिंदू परिवारों में मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए परिजन अंतिम संस्कार के बाद विधि विधान से तेरह दिन पर तेरहवीं के रूप में मृत्यु भोज रखते हैं, मगर राजस्थान पुलिस का फरमान देख लगता है कि यह लोगों का अधिकार नहीं बल्कि अपराध है। राजस्थान पुलिस ने 13 दिसंबर की सुबह सोशल साइट एक्स पर पोस्ट किया था – मृत्यु भोज करना और उसमें शामिल होना कानूनन दंडनीय है। मानवीय दृष्टिकोण से भी यह आयोजन अनुचित है,तो क्या किसी को भोज दे ही नहीं?असल में मृत्यु भोज ऐक्ट आज का नहीं है, यह 1960 से है। इसमें साफ लिखा है कि मृत्यु भोज देना या उसमें भाग लेना दंडनीय अपराध है। सजा के रूप में एक साल तक का या एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसमें साफ है कि धार्मिक संस्कार के तहत रखे गए भोज में सौ से ज्यादा लोगों की संख्या नहीं होनीचाहिए। एक्ट बने इतने साल बीत गए मगर हकीकत यह है कि लोग इसके बारे में जानते भी नहीं। राजस्थान पुलिस के ट्वीट पर भी कई लोगों की प्रतिक्रिया थी कि क्या ऐसा भी कोईकानून है। ऐसा कहने वाले भी कम नहीं थे कि यह उनका निजी विषय है। एक ने एक्स पर लिखा-ऐसे हिंदू विरोधी क़ानून बंद करें।यह हिंदू धर्म के लिए ठीक नहीं।इसमें कोई जबरदस्ती नहीं होती। हर इंसान अपनी हैसियत के हिसाब से ही करता है। तो कुछ लोगों ने इसके समर्थन में भी पोस्ट किया। एक ने लिखा-हमारे यूपी में भी ऐसा कानून होना चाहिए! मरने के बाद धर्म संकट में डालकर लूटने वालों की दुकानों पर ताला लगना चाहिए!राजस्थान में कुरीति बन चुकी है मृत्यु भोज?लोगों के तर्क से बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या शोकाकुल परिजनों को मृत्यु भोज के लिए धर्म संकट में डाला जाता है? राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार ने सबसे पहले पुलिस को ट्रोल करने वालों को जवाब दिया। वह बताते हैं-ट्रोल करने वालों में ज्यादातर लोग प्रदेश के बाहर के हैं। शायद इन्हें नहीं पता होगा कि राजस्थान में नुकता यानी मृत्युभोज कितनी बड़ी कुरीति रही है। राजस्थान में शादियों में ढाई-तीन हजार लोगों को आमंत्रित किया जाता है और मृत्युभोज में भी इतनी ही तादाद में भोज कराने का दबाव रहता है। बेशक खाने के आइटम शादी के मुकाबले थोड़े कम होते हैं। यहां तक कि अगर घर में किसी युवा शख्स की मौत होती है तो भी इतना बड़ा भोज करने का दबाव रहता है। यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को भावनात्मक और आर्थिक रूप से बहुत कमजोर कर देता है। कई बार तो कर्ज लेना पड़ जाता है। पुलिस की कानूनी बंदिश यह कहती है कि आप सौ-सवा सौ से ज्यादा लोगों को भोज न दें। साथियों बात अगर हम राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम 1960 की मुख्य धाराओं की करें तो, परिभाषा – इस अधिनियम में, जब तक कि विषय या संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -(ए) मृत्यु भोज का अर्थ है किसी व्यक्ति के निधन के अवसर पर या उसके संबंध में किसी भी अंतराल पर आयोजित या दी जाने वाली दावत और इसमें एक नुक्ता, एक मोसर और एक चहल्लुम शामिल है,और (बी) मृत्यु भोज आयोजित करने या देने’ में तैयार या बिना तैयार भोजन की वस्तुओं का वितरण शामिल है, लेकिन इसमें धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष संस्कारों के पालन में परिवार के लोगों या पुरोहित वर्ग के व्यक्तियों या फागीरों को खाना खिलाना शामिल नहीं है, जो कि इससे अधिक नहीं है। कुल मिलाकर सौ व्यक्तियों की संख्या।(3) मृत्यु भोज का निषेध-राज्य में कोई भी व्यक्ति मृत्यु भोज आयोजित नहीं करेगा,न देगा,न शामिल होगा, न ही भाग लेगा।(4) धारा 3 के उल्लंघन के लिए सजा- जो कोई भी धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या ऐसे किसी भी उल्लंघन को करने के लिए उकसाता है, उकसाता है या सहायता करता है, उसे एक अवधि के लिए कारावास की सजा हो सकती है, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, या दोनों के साथ।(5) निषेधाज्ञा जारी करने की शक्ति- यदि धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध का संज्ञान लेने में सक्षम न्यायालय इस बात से संतुष्ट है कि इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मृत्यु भोज की व्यवस्था की गई है या होने वाली है या दी जाने वाली है तो ऐसी अदालत आयोजन पर रोक लगाने के लिए निषेधाज्ञा जारी कर सकती है या ऐसे मृत्यु भोज देना (6) धारा 5 के तहत निषेधाज्ञा की अवज्ञा के लिए सजा- जो कोई भी, यह जानते हुए कि धारा 5 के तहत एक आदेश जारी किया गया है, ऐसे निषेधाज्ञा की अवज्ञा करेगा, उसे एक अवधि के लिए कारावास, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, जो एक हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से दंडित किया जाएगा।इस अधिनियम की धारा 5 के तहत जारी हस्ताक्षर के किसी भी उल्लंघन पर एक वर्ष या पांच रुपये तक की सजा का प्रावधान किया गया है।1000/ – या दोनों (7) सरंपच आदि जानकारी देने के लिए बाध्य (1) राजस्थान पंचायत अधिनियम 1953 (1953 का राजस्थान अधिनियम 21) के तहत स्थापित ग्राम पंचायत के सरपंच और प्रत्येक पंच और प्रत्येक पटवारी और लंबरदार धारा 4 या के तहत दंडनीय अपराध का संज्ञान लेने के लिए सक्षम निकटतम मजिस्ट्रेट को तुरंत सूचित करने के लिए बाध्य होंगे। धारा 6 कोई भी जानकारी जो उसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमा के भीतर ऐसे अपराध को करने या करने के इरादे के संबंध में उसके पास हो।(2) ऐसे किसी भी सरपंच, पंच, पटवारी या लंबरदार को उप-धारा (1) के तहत आवश्यक जानकारी देने में विफल रहने पर तीन महीने तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।यह धारा सरपंच और प्रत्येक पंच या ग्राम पंचायत, पटवारी और लंबरदार के लिए धारा 6 में से 5 के तहत अपराध की जानकारी निकटतम प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट को देना अनिवार्य बनाती है, यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है तो उसे दंडित भी किया जा सकता है और इस धारा के तहत दोषी ठहराए जाने पर 3 महीने तक की सजा या जुर्माना या दोनों।(8) पैसा उधार लेने या उधार देने पर रोक(1) कोई भी व्यक्ति मृत्यु भोज आयोजित करने या देने के उद्देश्य से किसी अन्य व्यक्ति से धन या सामग्री उधार नहीं लेगा या उधार नहीं देगा।(2)इस जानकारी के साथ या यह विश्वास करने का कारण होने पर कि दिए गए ऋण का उपयोग मृत्यु भोज रखने या देने के उद्देश्य से किया जाएगा, दिए गए ऋण के पुनर्भुगतान के लिए प्रत्येक समझौता शून्य होगा और कानून की अदालत में लागू नहीं किया जाएगा।(9) अपराध का क्षेत्राधिकार और संज्ञान- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के अलावा कोई भी अदालत इस अधिनियम के तहत दंडनीय किसी भी अपराध का संज्ञान नहीं लेगी, या उस पर मुकदमा नहीं चलाएगी।(10) अभियोजन के लिए परिसीमा- कोई भी अदालत इस अधिनियम के तहत किसी भी अपराध का संज्ञान उस तारीख से एक वर्ष की समाप्ति के बाद नहीं लेगी जिस दिन अपराध होने का आरोप लगाया गया है। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि मृत्यु भोज देना या उसमें भाग लेना दंडनीय अपराध है!- जाना पड़ सकता है जेल!राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम 1960 के तहत मृत्यु भोज कानून दंडनीय है।पारिवारिक सदस्य की मृत्यु पर 13 दिवसीय शोक पर मृत्यु भोज को कुरिति/रीति या धार्मिक संस्कार इसपर बहस छिड़ी-राष्ट्रीय स्तरपर इसका समाधान होना ज़रूरी है।
–संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र
गया(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) गुरारू बाजार स्थित बंद पड़े केरोसिन तेल गोदाम की सफाई के दौरान शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और आक्रोशित लोगों ने गुरारू चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया।
मृतकों की पहचान गुरारू बाजार बहवलपुर निवासी सोनू कुमार (18), सागर कुमार (19) और दशरथ बिगहा गांव के छोटू पासवान (25) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सफाई के दौरान छोटू पासवान तेल टैंक में गिर गया। उसे बचाने के लिए सागर और सोनू भी अंदर उतरे, लेकिन जहरीली गैस के कारण तीनों बेहोश हो गए।
स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन गुरारू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए गया मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने गुरारू-हियापुर स्टेट हाइवे 69 और गया-रफीगंज मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात ठप हो गया और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। परिजन मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। एसपी सुशांत कुमार चंचल के आश्वासन के बाद करीब आधे घंटे बाद जाम हटाया गया।
सीवान (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भांटापोखर के पास शनिवार को हुई पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी लक्की तिवारी दोनों पैरों में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले सीवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
मैरवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा निवासी लक्की तिवारी, धनंजय तिवारी का पुत्र है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को गुप्त सूचना मिली थी कि लक्की तिवारी अपने साथियों के साथ किसी बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बना रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भांटापोखर गांव के पास घेराबंदी की। पुलिस को देख अपराधियों ने भागने और हमला करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। इसमें लक्की तिवारी को दोनों पैरों में गोली लगी।
मौके से छह बाइक, एक कट्टा, कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने लक्की के पांच साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि लक्की तिवारी पर मैरवा और गुठनी थाने में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही कृष्ण जन्माष्टमी के उपवास पर रही लक्की की मां सदमे से बेहोश हो गई। सीवान एसपी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि अपराधियों की ओर से सुनियोजित अपराध की तैयारी की जा रही थी, जिस पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की। मामले की जांच जारी है।
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पूर्वी चंपारण जिले में सूखे नशे की बड़ी खेप के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। चकिया पुलिस ने एसटीएफ के नारकोटिक्स सेल से मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई रेलवे रैक के सामने चीनी मिल जिरात में की।
गिरफ्तार आरोपियों में रामकरण पकड़ी वार्ड नंबर-5 निवासी आशीष कुमार (21) और गुड्डी देवी (32) के साथ कल्याणपुर थाना के कटहरिया निवासी कुंदन कुमार (19) शामिल हैं। पुलिस ने आशीष के पास से 1.09 किलोग्राम और गुड्डी देवी के पास से 1.084 किलोग्राम अफीम बरामद की। साथ ही BR05BD3688 नंबर की एक हीरो स्प्लेंडर बाइक और दो एंड्रॉयड फोन भी जब्त किए गए।
पूछताछ में आशीष ने बताया कि उसे अफीम जितौरा के एक व्यक्ति ने दी थी, जिसे पंजाब पहुंचाने का निर्देश मिला था। इसके एवज में उसे अग्रिम तीन लाख रुपये मिले थे। वहीं, गुड्डी देवी ने खुलासा किया कि उसे इस काम के बदले छह हजार रुपये देने की बात कही गई थी।
पुलिस ने इस मामले में आशीष के पिता राघोलाल साह को भी आरोपी बनाया है, जो पहले दिल्ली में एनडीपीएस मामले में जेल जा चुका है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस तस्करी के पीछे संगठित गिरोह के होने की संभावना है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा शनिवार को नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य डॉ. रतनपाल सिंह ने तिरंगा दिखाकर किया। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए सैकड़ों युवाओं ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और तिरंगा अमर रहे के नारे लगाए। तिरंगा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों मालवीय रोड, बस स्टेशन चौराहा, रुद्रपुर रोड सहित अन्य रास्तों से होते हुए पूरे शहर में भ्रमण किया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने फूल वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर एमएलसी डॉ. रतनपाल सिंह ने कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान-शान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करना है। भाजयुमो पदाधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि देने और देशभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिए निकाली गई। कार्यक्रम में भाजयुमो जिलाध्यक्ष प्रवीण प्रताप मल्ल, रंजीत कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष रमेश वर्मा, जिला मंत्री जयदीप मणि, शिवम गुप्ता, तेजप्रताप गुप्ता आदि शामिल रहे।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। गौरी बाजार के पूर्व विधायक स्व. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी “श्री बाबू” की 26 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया। गौरीबाजार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते उन्हें नमन किया। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई व पूर्व विधायक श्रीबाबू को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि श्री बाबू राजनीतिक और सामाजिक सरोकारों के महान पुरोधा थे तथा पक्ष के पहाड़ थे। प्रखरता के साथ समाज का पक्ष रखते थे और कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहते थे।भारतीय जनता पार्टी के सिपाही के रूप उन्होंने जिले का प्रतिनिधित्व किया और मुझे भी उनके साथ काम करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ था। सदर सांसद शशांक मणि ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के दो महापुरुषों की पुण्यतिथि आज हम एक साथ मनाने के लिए एकत्र हुए हैं जिसमें से एक ने पूरे राष्ट्र को एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया तो दूसरे ने पूरे जनपद में राजनीतिक और सामाजिक समरसता को एक नई दिशा दी। वे हमेशा सत्य और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हुए समाज की सेवा करने की प्रेरणा देते थे। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं के मान सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले श्री बाबू जनपद की शान थे। सदर विधायक डा. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि श्री बाबू एक आदर्श विधायक थे जिन्होंने पार्टी संगठन को संगठित करने का कार्य किया। संचालन वरिष्ठ भाजपा नेता गिरिजेश मणि त्रिपाठी ने किया। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता टीपी शुक्ला, पूर्व विधायक गंगा सिंह कुशवाहा, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, जिला महामंत्री प्रमोद शाही, श्रीनिवास मणि त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा, गंगा सिंह कुशवाहा, नीरज शाही, अरुण कुमार सिंह, जिला मंत्री डा हेमंत मिश्रा, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष पवन कुमार मिश्रा, संजय तिवारी, राधेश्याम शुक्ला, बलराम उपाध्याय, मारकंडे शाही, मारकंडे तिवारी, सज्जन मणि त्रिपाठी, कृष्ण नाथ राय, रमेश तिवारी, रामाशीष प्रसाद, अखिलेश त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष आदित्य सिंह, रमेश वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप मद्धेशिया, सरिता पासवान, ब्लाक प्रमुख प्रभाकर राय, डब्लू मणि त्रिपाठी, निर्मला गौतम, अजय दुबे वत्स, दुर्गेश नाथ त्रिपाठी, सचिंद्र शाही दीपू, नवीन तिवारी, विपिन यादव आदि उपस्थित रहे।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा )l जिले में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक पुत्र ने रिश्तों को शर्मसार करते हुए, अपने पिता का गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एम्स थाना क्षेत्र के रहने वाले 60 वर्षीय भागवत मिश्रा अपने चार बेटों के साथ राजही के राम सहरिया टोला में रहते हैं। उनकी पत्नी का देहांत 2 वर्ष पहले हो चुका था,7 माह पहले उनके बड़े बेटे कृष्णजीवन का एक्सीडेंट हो गया था,घटना के दौरान उनके सर में गंभीर चोट आई थी। पिता ने पुत्र का जीवन बचाने के लिए दो बीघा जमीन बेच कर बेटे का इलाज कराया था। इस बात से उनका चौथे नंबर का बेटा राधेश्याम मिश्रा जो काम के सिलसिले में पुणे रहता है ,बेहद नाराज था। 10 दिन पहले गोरखपुर वापस लौटने पर उसने पिता से विवाद किया कि मुझे भी मेरे हिस्से की जमीन बेचकर पैसा चाहिए। लेकिन पिता इस बात के लिए तैयार नहीं थे, उन्होंने कुछ पैसा राधेश्याम को भी दिया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। शुक्रवार की रात 11:00 बजे पिता पुत्र के बीच इसी बात को लेकर पुनः विवाद हुआ, घर वालों ने समझा=बुझाकर मामला शांत कराया और सभी लोग सोने चले गए। बड़ी बहू का आरोप है कि रात 12:00 बजे के आसपास जब पिता जी सो रहे थे राधेश्याम उनके कमरे में पहुंचा और फावड़े से वार कर उनकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। घटना के बाद घर में चीख= पुकार मच गई ।इसकी सूचना पुलिस को दी गई, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपी राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से फॉरेंसिक टीम ने कुछ साक्ष्य इकट्ठे किए हैं। घटना में प्रयुक्त फावड़े को बरामद कर लिया गया है।
इस बारे में सीओ कैंट योगेंद्र सिंह का कहना है कि घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शुरुआती पूछताछ और जांच में पारिवारिक विवाद सामने आया है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है,शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के साथ ही फोरेंसिक टीम साक्ष्यों की जांच कर रही है।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत तिब्बत समन्वय संघ संत कबीर नगर इकाई की ओर से गोरक्ष, महाकौशल और मध्य भारत प्रांत के तीन वरिष्ठ पदाधारियों के परिजनों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया। गोरक्ष प्रांत की गोरखपुर निवासिनी महिला विभाग की प्रांत मंत्री रूपाली श्रीवास्तव की पूज्य माता जी का निधन विगत दिनों हो गया। वहीं महाकौशल प्रांत के बालाघाट जिले के स्वावलंबन निर्माण प्रभाग के प्रांत संयोजक ललित येडे के पूज्य पिता जी और मध्य भारत प्रांत के नर्मदापुरम जिले की महिला विभाग की जिलाध्यक्ष रुचि अग्निहोत्री के पूज्य पिता जी के निधन से संघ परिवार दुखित है। बीटीएसएस परिवार ने इन सभी पुण्यात्माओं के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रार्थना की है कि वे मोक्ष प्राप्त कर गोलोक को प्राप्त हों। साथ ही भगवान महादेव से प्रार्थना की गई है कि शोक संतप्त परिवारजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l बांसडीह क्षेत्र के पर्वतपुर गांव में शनिवार को सरयू नदी की छाड़न में स्नान करने गए 17 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी रोहित बिंद अपने साथियों के साथ पंचायत भवन के पास सरयू की छाड़न में नहा रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। डूबते देख उसके साथी शोर मचाते हुए बचाने का प्रयास करने लगे, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने से रोहित बाहर नहीं निकल सका। कुछ देर बाद ग्रामीणों की मदद से उसे पानी से बाहर निकाला गया और तत्काल सीएचसी बांसडीह ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर अंत्य परीक्षण हेतु जिला अस्पताल भेज दिया। बताया जा रहा है कि मृतक रोहित अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।