Sunday, July 19, 2026
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जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर का ऐलान

गांधी-आंबेडकर की विचारधारा पर बनेगा हिंदू-मुस्लिम गठबंधन, भाजपा को हराने का लिया संकल्प

पटना(राष्ट्र की परम्परा)लाल जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी और बाबासाहेब आंबेडकर की विचारधाराओं में विश्वास रखने वाले हिंदुओं तथा मुस्लिम समुदाय के बीच एक मजबूत गठबंधन बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस गठबंधन के जरिये भाजपा को चुनावी मैदान में हराने का संकल्प लिया गया है।शनिवार को मुस्लिम समुदाय से जुड़े जन सुराज पार्टी के नेताओं के साथ बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए किशोर ने कहा, “सभी हिंदू भाजपा के साथ नहीं हैं। यह कहना भी गलत होगा कि अधिकांश हिंदू भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। हम एक विचारधारा-आधारित गठबंधन बनाना चाहते हैं, जो गांधी और आंबेडकर के सिद्धांतों पर टिका हो। अगर ऐसा समीकरण खड़ा होता है, तो भाजपा को आसानी से पराजित किया जा सकता है।”उन्होंने आगे कहा कि बिहार की राजनीति जाति और धर्म की खींचतान में उलझकर विकास के असली मुद्दों से भटक गई है। “जन सुराज का मकसद लोगों को वैचारिक रूप से जोड़ना है, न कि केवल जातीय समीकरणों पर राजनीति करना।”गौरतलब है कि प्रशांत किशोर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 लोकसभा चुनाव अभियान के प्रबंधन से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए थे। इसके बाद उन्होंने देशभर की कई पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति तैयार की। अब अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी जन सुराज के माध्यम से वे सीधे राजनीति में उतर चुके हैं।हाल ही में किशोर ने यह घोषणा की थी कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और इनमें से 40 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया जाएगा। इस ऐलान से महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-वाम दल) में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि ये दल लंबे समय से अल्पसंख्यक वोटों पर पारंपरिक रूप से निर्भर रहे हैं।
प्रशांत किशोर का यह नया फार्मूला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को नया आयाम दे सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर जन सुराज पार्टी हिंदू-मुस्लिम गठजोड़ की इस रणनीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में सफल होती है, तो यह न सिर्फ भाजपा बल्कि महागठबंधन के लिए भी चुनौती बन सकती है।

पारिवारिक कलह से त्रस्त महिला ने दी जान, मां की भी बची जान

सहारनपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) – जिले के देवबंद थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पारिवारिक कलह से परेशान एक महिला ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी, वहीं उसकी मां ने भी खुदकुशी की कोशिश की लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचा लिया।

जानकारी के अनुसार, रेलवे रोड निवासी शिवाली (45) देर रात अपनी मां विनोद गंभीर (65) के साथ रेलवे ट्रैक के किनारे टहल रही थी। इस दौरान सहारनपुर की ओर से ट्रेन आने पर शिवाली अचानक पटरी पर कूद गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मां भी बेटी के पीछे पटरी पर कूदने लगीं, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाकर उन्हें रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका पारिवारिक कलह से परेशान थी। मां-बेटी दोनों ही लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रही थीं।

इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा पसर गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, बाल-बाल बचे परिवार के सदस्य

गुरुग्राम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)के सेक्टर-57 स्थित बिग बॉस विजेता व यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर रविवार सुबह अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उनके घर पर 20 से 24 से भी ज्यादा राउंड गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए।

हमले के समय एल्विश यादव घर पर मौजूद नहीं थे। वह काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए हुए थे। हालांकि, घर के अंदर उनके परिवार के सदस्य और एक केयरटेकर मौजूद थे, लेकिन सौभाग्य से किसी को कोई चोट नहीं आई।

गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि परिवार की ओर से शिकायत दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश जारी है।

किश्तवाड़ बादल फटने की त्रासदी : जीएमसी जम्मू ने निभाई अग्रणी भूमिका, 25 गंभीर मरीजों की सफल सर्जरी

जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) एवं अस्पताल, जम्मू ने किश्तवाड़ में बादल फटने से उत्पन्न चिकित्सा आपदा से निपटने में अहम योगदान दिया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीजों की जान बचाने के लिए अस्पताल ने युद्ध स्तर पर काम किया।

जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने जानकारी दी कि “14 अगस्त की रात को 66 गंभीर रूप से घायल मरीजों को अस्पताल लाया गया। उसी रात 25 से अधिक बड़ी सर्जरी की गईं और मरीजों की जान बचाई गई।”

उन्होंने बताया कि अगले दिन भी इलाज और सर्जरी का सिलसिला जारी रहा।

यह आपदा 14 अगस्त की दोपहर करीब 12:30 बजे मचैल माता मंदिर मार्ग पर स्थित चिशोती गांव में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से हुई। इस भीषण हादसे में अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, 82 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 81 तीर्थयात्री और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का एक जवान शामिल है।

छात्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, क्षेत्र में फैला दहशत

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। गर्दनिबाग थाना क्षेत्र के सरिस्ताबाद इलाके में रविवार सुबह अज्ञात अपराधियों ने 19 वर्षीय छात्र राज कृष्णा को बीच सड़क पर गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे तुरंत पीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और घटनास्थल से खोखा बरामद किया। FSL टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है।

इस वारदात ने पूरे सरिस्ताबाद क्षेत्र को दहला दिया है। स्थानीय लोगों ने सुबह-सुबह हुई इस घटना पर आक्रोश जताया और पुलिस से अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

परिवार में मातम मृतक छात्र राज कृष्णा के परिवारजन गहरे सदमे में हैं। अचानक और हिंसक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। परिजनों ने कहा कि उनके बेटे को इंसाफ मिलना चाहिए।

पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। छानबीन जारी है और अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जमशेदपुर के आसपास घूमने लायक खूबसूरत जगहें

जमशेदपुर (राष्ट्र की परम्परा) झारखंड का औद्योगिक शहर जमशेदपुर अपनी पहचान “स्टील सिटी” या “टाटानगर” के रूप में रखता है। लेकिन यह शहर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आसपास कई ऐसे खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं, जो प्रकृति प्रेमियों और घूमने के शौकीनों के लिए किसी खजाने से कम नहीं। अक्सर लोग मानते हैं कि जमशेदपुर में घूमने की जगहें कम हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यहां के आसपास की वादियां, झीलें और मंदिर सैलानियों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।

डालमा हिल्स– जमशेदपुर की पहचान में शामिल डालमा हिल्स प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद मानी जाती है। यहां की हरियाली और मनमोहक दृश्य हर किसी को आकर्षित करते हैं। यह स्थान पिकनिक और एडवेंचर गतिविधियों के लिए बेहतरीन है।
यहां देखें:

डालमा हिल्स व्यू प्वाइंट – दलमा वन्यजीव अभयारण्य,मकुलाकोचा,डालमा माई मंदिर,चांडिल डैम,सुवर्णरेखा नदी पर बना चांडिल डैम झारखंड का प्रमुख डैम है और साथ ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी। मानसून में यहां की सुंदरता देखते ही बनती है। यहां नौकायन (बोटिंग) और सर्दियों में साइबेरियन पक्षियों को देखना एक अलग ही अनुभव देता है।

घाटशिला– जमशेदपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर बसा घाटशिला एक खूबसूरत पहाड़ी शहर है, जो सुवर्णरेखा नदी के किनारे स्थित है। इसे “उत्सवों का शहर” भी कहा जाता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य झारखंड ही नहीं बल्कि बंगाल और ओडिशा के पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।
यहां देखें:

पांच पांडव स्थल,रंकिणी मंदिर,फूलडुंगरी पहाड़ी,बुरुडीह झील,मुकुटमणिपुर (पश्चिम बंगाल)

झारखंड की सीमा से सटा पश्चिम बंगाल का मुकुटमणिपुर भी प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद खास है। कंगसाबती और कुमारी नदियों के संगम पर स्थित यह स्थल मानसून में हरियाली और नीली झीलों के बीच अद्भुत नजारा पेश करता है।
यहां देखें:

मुकुटमणिपुर बांध,परेश नाथ पहाड़ी,हिरण पार्क,जमशेदपुर और उसके आसपास के ये पर्यटन स्थल परिवार संग आउटिंग, दोस्तों के साथ पिकनिक या फिर प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। अगर आप भी जमशेदपुर में रहते हैं या यहां घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन खूबसूरत जगहों को अपनी यात्रा सूची में जरूर शामिल करें।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग नगरी समेत,लाखों का सामान जलकर राख

बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
पथरदेवा विकासखंड क्षेत्र के बघौचघाट टोला अहिरौली में शनिवार रात 12:00 बजे के करीब शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई।आग से घर में रखा नगदी समेत सारा सामान जलकर राख हो गया।मौके पर पहुंचे आसपास के लोग एवं पुलिस ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया।
बघौचघाट टोला अहिरौली निवासी लखीचंद प्रसाद पुत्र स्व धरीक्षन एवं रामचंद्र पुत्र स्व धरीक्षन अपने मकान में सफाई का काम लगाए हैं जिससे घर का सारा सामान घर से कुछ दूर अपने गोठा पर बना टीन शेड के घर में रखे थे। शनिवार रात करीब 12:00 बजे अचानक संदिग्ध परिस्थिति में आग लग गई जिससे घर में रखा एक मोटरसाइकिल,चार साइकिल, सिलाई मशीन,कपड़ा ,चार बखार गेहूं, गैस सिलेंडर, चूल्हा ,डेकोरेशन के समान,टेंपो का सामान एवं कपड़े आदि समेत दैनिक जरूरत के सभी सामान जलकर राख हो गया।आग की लपट इतना तेज था कि आसपास के लोग समेत मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।तब तक घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया था।पीड़ित महेश प्रसाद पुत्र रामचंद्र,उमेश प्रसाद एवं नरसिंह प्रसाद पुत्र स्व लखीचंद ने बताया कि जमीन लिखवाने के लिए पहले से रुपए एवं फल,फ्रूट,सब्जी बेचकर कुल नगद डेढ़ लाख रुपए बॉक्स में रखा था ।

जो जलकर राख हो गया।आग की लपट इतना तेज था कि निकाल नहीं पाए। हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक मदन मोहन राय ने बताया की आग लगने की सूचना पर मौके पर पहुंचकर आपको बुझाया गया घटना में काफी नुकसान हुआ है।

बिहार में महागठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ आज से, जदयू नेता अशोक चौधरी ने कसा तंज

पटना(राष्ट्र राहुल गांधी)। बिहार में महागठबंधन की ओर से आज से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत हो गई है। यह यात्रा चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के खिलाफ निकाली जा रही है। यात्रा की शुरुआत सासाराम से हुई, जिसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

जदयू नेता व राज्य सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने इस यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का धन्यवाद करना चाहिए, क्योंकि अब राज्य की सड़कें इतनी बेहतर हो चुकी हैं कि इतनी बड़ी यात्रा संभव हो पा रही है। उन्होंने कहा – “राहुल गांधी को नीतीश कुमार का आभार व्यक्त करना चाहिए, क्योंकि जो सड़कें कभी बेहद खराब स्थिति में थीं, अब इतनी चिकनी हो गई हैं कि वे यात्रा निकाल पा रहे हैं।”

यात्रा कार्यक्रम: सुबह 10:30 बजे: राहुल गांधी विशेष विमान से गया पहुँचे।,सुबह 11:05 बजे: गया से हेलीकॉप्टर द्वारा सासाराम के एसपी जैन कॉलेज पहुँचे।दोपहर 12:00 – 2:00 बजे: सासाराम से सुवारा तक फ्लैग ऑफ और संबोधन।शाम 4:30 बजे: देहरी-ऑन-सोन के आंबेडकर चौक से यात्रा की औपचारिक शुरुआत, खुली गाड़ी में शामिल हुए राहुल गांधी और अन्य नेता।शाम 7:30 बजे: औरंगाबाद के रमेश चौक पर जनसभा।रात्रि विश्राम: बंभनडीह स्पोर्ट्स ग्राउंड।करीब 16 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 20 से अधिक जिलों से होकर गुजरेगी। इसका समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में महागठबंधन की विशाल रैली के साथ होगा।

मानसून में स्किन केयर: इन टिप्स से पाएं हेल्दी और ग्लोइंग स्किन

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मानसून का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता है, लेकिन इस दौरान स्किन संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं। उमस और नमी के कारण पसीना अधिक आता है और धूल-मिट्टी के साथ प्रदूषण त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर देता है। इसका असर चेहरे पर रूखापन, डलनेस और पिंपल्स के रूप में दिखने लगता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर इस मौसम में सही स्किन केयर रूटीन अपनाया जाए तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

🔹 फेस वॉश करें जरूरी
मानसून में चेहरे पर गंदगी जल्दी जम जाती है, जिससे एक्ने और पिंपल्स बढ़ सकते हैं। दिन में कम से कम दो बार अपनी स्किन टाइप के अनुसार फेस वॉश का इस्तेमाल करें।

🔹 मॉइस्चराइजर न छोड़ें
पसीने के कारण लोग अक्सर मॉइस्चराइजर लगाना बंद कर देते हैं, लेकिन यह आदत नुकसानदायक है। स्किन को हाइड्रेट रखने के लिए हल्के और ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।

🔹 फेस मास्क और स्क्रब
डेड स्किन और गंदगी हटाने के लिए हफ्ते में दो बार फेस मास्क या स्क्रब का प्रयोग करें। इससे स्किन डीप क्लीन होगी और नेचुरल ग्लो भी मिलेगा।

🔹 हाइड्रेशन का रखें ध्यान
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। शरीर अंदर से हाइड्रेटेड रहेगा तो त्वचा नैचुरली सॉफ्ट और ग्लोइंग दिखेगी।

🔹 विशेषज्ञ की सलाह
जरूरत पड़ने पर स्किन ट्रीटमेंट के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना भी फायदेमंद हो सकता है।

👉 कुल मिलाकर, मानसून में स्किन की देखभाल को लेकर लापरवाही आपकी खूबसूरती को छीन सकती है। इसलिए सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर डाक्टर की सलाह ले,आप इस मौसम में भी हेल्दी, सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन पा सकती हैं।

प्रदेश में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू, 10 जनवरी तक चलेगा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत कर दी है। यह अभियान आगामी 10 जनवरी तक चलेगा।

इस दौरान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, सरकारी अस्पताल, राशन की दुकानें और सरकारी कार्यालयों में शिविर लगाकर पात्र लोगों के कार्ड बनाए जाएंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की पात्रता सूची में 3.48 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। इनमें से अब तक केवल 1.30 करोड़ लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। यानी 2.18 करोड़ पात्र लाभार्थी अभी भी योजना के लाभ से वंचित हैं। सरकार का लक्ष्य इस अभियान के तहत शेष सभी पात्र लोगों को कार्ड उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा 49.74 लाख पात्र गृहस्थी राशन कार्ड परिवार, जिनमें पाँच या उससे अधिक सदस्य हैं, उनके भी आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।

आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जारी एक डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड है। यह कार्ड लाभार्थी को पूरे देश में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देता है। योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) – मुख्य बातें,शुरूआत – 23 सितंबर 2018,लाभार्थी – 10.74 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवार (लगभग 50 करोड़ लोग),प्रति परिवार प्रति वर्ष – ₹5 लाख तक स्वास्थ्य कवर,सभी पूर्व-मौजूदा बीमारियाँ पहले दिन से कवर,सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज,देशभर में पोर्टेबल कवरेज,गंभीर बीमारियों जैसे हृदय सर्जरी, कैंसर, घुटना प्रत्यारोपण आदि शामिल,पात्रता मानदंड

ग्रामीण क्षेत्रों में: कच्चे मकान में रहने वाले परिवार,जिन परिवारों में 16-59 वर्ष के बीच कोई कमाने वाला सदस्य न हो,भूमिहीन मजदूर एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवार

शहरी क्षेत्रों में: घरेलू कामगार, सफाईकर्मी, रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, निर्माण मजदूर, मोची आदि

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 2027 के लिए वैश्विक विज़न का किया अनावरण, पेश किए चार फ्यूचरिस्टिक एसयूवी कॉन्सेप्ट

मुंबई/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने अपने वैश्विक विज़न 2027 का ऐलान करते हुए चार नई फ्यूचरिस्टिक एसयूवी कॉन्सेप्ट्स पेश की हैं। इन कॉन्सेप्ट्स को कंपनी ने अपने नए मॉड्यूलर और मल्टी-एनर्जी प्लेटफॉर्म NU_IQ पर तैयार किया है, जो उन्नत तकनीक, वैश्विक डिज़ाइन और लचीले पावरट्रेन विकल्पों से लैस होगा।

कंपनी ने जिन चार कॉन्सेप्ट्स को पेश किया है, उनमें शामिल हैं—Vision.S – स्पोर्टी सॉलिडिटी का प्रतीक ,Vision.T – प्रतिष्ठित और शालीन डिज़ाइन,Vision.SXT – लक्ज़री और प्रीमियम अहसास,Vision.X – मूर्तिकलात्मक एथलेटिकवाद का परिचय

महिंद्रा का कहना है कि इनका उत्पादन वर्ष 2027 से शुरू होगा और इन्हें भारतीय ग्राहकों के साथ-साथ वैश्विक लेफ्ट-हैंड ड्राइव बाजारों के लिए भी तैयार किया गया है।

NU_IQ प्लेटफॉर्म: भविष्य की दिशा
महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड के अध्यक्ष (ऑटोमोटिव व्यवसाय नामित) और प्रबंध निदेशक आर. वेलुसामी ने कहा, “NU_IQ प्लेटफॉर्म महिंद्रा एसयूवी के भविष्य का रणनीतिक खाका है। इसके जरिए हम अपने एसयूवी डीएनए को बरकरार रखते हुए कई टॉप हैट्स और पावरट्रेन में नवाचार कर सकते हैं।”

HEARTCORE डिज़ाइन दर्शन
महिंद्रा के ग्लोबल डिज़ाइन हेड और क्रिएटिव ऑफिसर प्रताप बोस ने बताया कि ये कॉन्सेप्ट मुंबई और यूके के बैनबरी स्थित महिंद्रा के ग्लोबल स्टूडियो में डिजाइन किए गए हैं। “नए कॉन्सेप्ट ‘विपरीत आकर्षित करते हैं’ थीम पर आधारित हैं, जहां विपरीत तत्व मिलकर साहसिक और अभिव्यंजक डिज़ाइन भाषा गढ़ते हैं।”

घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार पर फोकस
महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड के सीईओ और कार्यकारी निदेशक नलिनीकांत गोलागुंटा ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म केवल कॉन्सेप्ट नहीं बल्कि भविष्य की झलक है। “यह गतिशीलता के नए युग की शुरुआत करता है, जहां स्वतंत्रता को नया अर्थ मिलेगा।”

कंपनी का मानना है कि ये कॉन्सेप्ट न केवल एसयूवी की अगली पीढ़ी का आधार साबित होंगे, बल्कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी देंगे।

राजस्थान में सरकारी शिक्षक बनने का सुनहरा अवसर, 3000 से अधिक पदों पर भर्ती शुरू

जयपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने स्कूल लेक्चरर के 3000 से अधिक पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

यह अवसर उन विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण है जो शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

📅 आवेदन तिथि:आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत: 14 अगस्त 2025अंतिम तिथि: 12 सितंबर 2025आवेदन वेबसाइट:rpsc.rajasthan.gov.in

📘 शैक्षणिक योग्यता:संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन/डिप्लोमा आवश्यक ,हिंदी (देवनागरी लिपि) और राजस्थान की संस्कृति का ज्ञान अनिवार्य,अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी आवेदन कर सकेंगे (शर्त: परीक्षा से पूर्व योग्यता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा)
🎯 आयु सीमा: न्यूनतम आयु: 21 वर्ष,अधिकतम आयु: 40 वर्ष,आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट
💰 आवेदन शुल्क:
सामान्य/ओबीसी – ₹600
ओबीसी (NCL)/EWS – ₹400
एससी/एसटी/दिव्यांग – ₹400
✅ चयन प्रक्रिया:
लिखित परीक्षा,पर्सनल इंटरव्यू,डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन,मेडिकल टेस्ट
💼 वेतनमान: चयनित उम्मीदवारों को लेवल-12 सैलरी मिलेगी, जो स्थिर और सम्मानजनक करियर सुनिश्चित करेगी।
🔑 आवेदन प्रक्रिया:1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और “Apply Online” सेक्शन पर क्लिक करें।

  1. New Registration कर आवश्यक जानकारी भरें।
  2. रजिस्ट्रेशन आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  3. आवेदन पत्र भरें, दस्तावेज अपलोड करें और फीस जमा करें।
  4. सबमिट करने के बाद आवेदन पत्र का प्रिंट आउट निकाल लें।

📌 युवाओं के लिए प्रेरणा:
यह भर्ती केवल रोजगार का अवसर ही नहीं बल्कि शिक्षा और समाज निर्माण में योगदान देने का सुनहरा मौका है। मेहनत और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थी इस अवसर को सुनहरे भविष्य में बदल सकते हैं।

PUBG बैटलग्राउंड्स का बड़ा ऐलान, 13 नवंबर से PS4 और Xbox One पर नहीं चलेगा गेम

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) दुनियाभर में लोकप्रिय बैटल रॉयल गेम पबजी बैटलग्राउंड्स खेलने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा झटका सामने आया है। डेवलपर कंपनी ने आधिकारिक घोषणा की है कि 13 नवंबर 2025 से यह गेम पुराने कंसोल्स – प्लेस्टेशन 4 (PS4) और एक्सबॉक्स वन (Xbox One) पर उपलब्ध नहीं रहेगा।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अब PUBG बैटलग्राउंड्स केवल नवीनतम कंसोल्स – प्लेस्टेशन 5 (PS5) और एक्सबॉक्स सीरीज एक्स (Xbox Series X) पर ही खेला जा सकेगा।

साल 2018 से PS4 और Xbox One पर उपलब्ध यह गेम अब तक लाखों खिलाड़ियों की पसंद रहा है। वहीं, नवंबर 2020 में कंपनी ने इसका अपग्रेडेड वर्जन PS5 और Xbox Series X के लिए पेश किया था।

डेवलपर टीम का कहना है कि पुराने कंसोल्स पर गेम बार-बार क्रैश होने और परफॉर्मेंस से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ग्राफिक्स और प्रोसेसिंग क्षमता सीमित होने के कारण खिलाड़ियों को स्मूथ अनुभव नहीं मिल पा रहा था। साथ ही, आने वाले नए अपडेट्स और फीचर्स को पुराने कंसोल्स पर सपोर्ट करना संभव नहीं था।

कंपनी ने खिलाड़ियों से अपील की है कि वे नवंबर से पहले नए कंसोल्स पर अपग्रेड कर लें, ताकि गेमिंग अनुभव बाधित न हो।

गेमिंग उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला तकनीकी प्रगति और नए कंसोल्स की ओर तेजी से हो रहे बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में अन्य बड़ी गेमिंग कंपनियां भी पुराने प्लेटफॉर्म्स से सपोर्ट हटाने की दिशा में कदम उठा सकती हैं।

गोल्ड लोन कार्यालय में दिनदहाड़े डकैती, 9.5 लाख रुपये की नकदी लूटी

गुरुग्राम। (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) शीतला माता रोड स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कार्यालय में बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। ऑडिटर बनकर आए पांच हथियारबंद लुटेरों ने कर्मचारियों को बंदूक के बल पर बंधक बनाया और करीब 9.5 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, कार्यालय कर्मचारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि लुटेरे सोने के आभूषण भी ले गए या नहीं।

घटना की जानकारी मिलते ही सेक्टर-5 थाना प्रभारी सुखबीर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और इलाके के सभी प्रमुख चौराहों पर बैरिकेड लगाकर सघन जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कहा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दर्दनाक घटना : महिला ने दो बच्चों संग तालाब में लगाई छलांग, तीनों की मौत

मधेपुरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के कुमारखंड थाना क्षेत्र के रौता गांव में रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव की रहने वाली आशा देवी (25) ने अपने दो छोटे बच्चों कृति कुमारी (2) और रियांशु कुमार (1) के साथ तालाब में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस के मुताबिक, दोनों बच्चों के शव तालाब से बरामद कर लिए गए थे, जबकि महिला का शव रविवार सुबह मिला। मृतका आशा देवी, राकेश कुमार यादव (रौता वार्ड-11 निवासी) की पत्नी थी। राकेश तीन महीने पहले मजदूरी के लिए पंजाब गए हुए हैं।

परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, महिला अपने सास-ससुर से अलग रहती थी। ससुर ने बताया कि सुबह जब वे घर लौटे तो दरवाजा बंद मिला और घर के भीतर आग लगी हुई थी। इसी बीच पड़ोसियों ने तालाब से बच्चों के शव मिलने की सूचना दी।

सूत्रों का कहना है कि महिला का पति से फोन पर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी आक्रोश में उसने यह चरम कदम उठाया। मृतका के पति से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। पड़ोसी पूनम देवी ने बताया किआशा देवी बच्चों को लेकर कहीं जाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन थोड़ी ही देर बाद तालाब से शव मिलने की खबर आई।

घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है।