Saturday, July 18, 2026
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बलिया बलिदान दिवस पर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, तीन मंत्रियों ने किया भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ

तीन मंत्रियों की मौजूदगी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का हुआ सम्मान
1942 की डॉक्यूमेंट्री और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

आजादी के अमर शहीदों की स्मृति में मंगलवार को गंगा बहुद्देशीय सभागार में बलिया बलिदान दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमामय तरीके से किया गया। प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दीप प्रज्वलित कर व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम विचार पाण्डेय और 49 स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को साल व किचन सेट देकर सम्मानित किया गया। वहीं 19 अगस्त 1942 के बलिया बलिदान दिवस पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। मंत्रियों के उद्बोधन में झलकी बागी बलिया की गूंज प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि बलिया ने 1857 से लेकर 1942 तक हर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन ही वह अवसर था जब बलिया ने अंग्रेजी हुकूमत को 14 दिनों तक सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को अद्भुत बताते हुए कहा कि यह मंचन नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया के गौरवशाली इतिहास को स्थायी स्वरूप देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बलिया में ₹40 करोड़ की लागत से ग्रीनफील्ड परियोजना विकसित की जा रही है और चिंटू पांडे स्मृति संस्थान को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा आवंटित भूमि पर जल्द ही क्रांतिकारियों की स्मृतियों को संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने 2026 में बलिदान दिवस को और भी भव्य बनाने की घोषणा की। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बलिया की क्रांतिकारी परंपरा को गौरव बताते हुए कहा कि यहां की धरती ने हर दौर में देश को दिशा दी है। उन्होंने बलिया की महिलाओं और ग्रामीण जनता के साहस को विशेष रूप से नमन किया। उनके भाषण के अंत में “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा। बच्चों की प्रस्तुति से भावविभोर हुए मंत्री कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत और नाट्य प्रस्तुति दी। सरस्वती वंदना सनबीम स्कूल अगरसंडा ने प्रस्तुत की, जबकि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, गुलाब देवी बालिका इंटर कॉलेज, द होराइजन स्कूल गड़वार, महर्षि वाल्मीकि विद्यालय काजीपुर और संकल्प साहित्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान ने गीत-नाटक प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। मंत्रियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाली 06 टीमों को 11-11 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में रही बड़ी संख्या में उपस्थिति इस अवसर पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन सिंह, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष संत कुमार गुप्ता उर्फ मिठाई लाल, महिला आयोग की सदस्य सुनीता सिंह, स्वतंत्रता सेनानी राम विचार पांडे सहित स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे

कैशलेस चिकित्सा में हो सुगमता: पेंशनर परिषद

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय सिविल पेंशनर परिषद की बैठक मंगलवार को कोषागार सभागार में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता हरिनारायण पांडेय ने तथा संचालन महामंत्री पं. वी.पी. पाठक भारद्वाज ने किया।
बैठक में कैशलेस चिकित्सा सुविधा को सुगम बनाने के लिए चिकित्सा संस्थानों को पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही रेलवे किराया रियायत को पुनः बहाल करने और कोरोना काल के डेढ़ वर्ष के फ्रीज डीए का एरियर दिए जाने की मांग भी उठाई गई।
इस अवसर पर राम आधार पांडे, इंद्रमणि पांडे, राम अवतार सिंह, रतन श्रीवास्तव, रघुवर सिंह, जय मंगल यादव, बलदाऊ सिंह, ए.बी. अंसारी व गौ सेवक वरुण वर्मा बैरागी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित

देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा)सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा पैकौली द्वारा ग्राम पंचायत पैकौली महराज
कुटी में वित्तीय समावेशन एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महराज कुटी के महन्थ ने दीप प्रज्वलन कर किया।
शिविर में उप महाप्रबन्धक ओ.पी. श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रमुख शशिभूषण दयाल, ए.डी.ओ. (आई.एस.बी.) व अग्रणी जिला प्रबन्धक आर.एस. प्रेम मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना व ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई।

बलिया बलिदान दिवस पर निकली ऐतिहासिक रैली, स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बलिया बलिदान दिवस के पावन अवसर पर मंगलवार को जनपद में भव्य ऐतिहासिक रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को नमन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला कारागार के ऐतिहासिक गेट को विधिवत रूप से खोलकर हुई। इस दौरान प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज मौजूद रहे। इसके बाद जिला कारागार परिसर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद राजकुमार बाघ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रैली के रूप में निकले जनसमूह ने शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थापित स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में वीरवर बाबू कँवर सिंह, रामदहिन ओझा, डॉ. भीमराव अंबेडकर, मुरली बाबू, शेरे बलिया चित्तू पाण्डेय, तारकेश्वर पाण्डेय, मंगल पाण्डेय, लाल बहादुर शास्त्री, चंद्रशेखर आजाद, उमाशंकर सोनार तथा महात्मा गांधी प्रमुख रहे। यह ऐतिहासिक रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए क्रांति मैदान (टाउन हॉल) पहुँची, जहां इसका भव्य समापन हुआ। पूरे आयोजन में देशभक्ति की गूंज और बलिया के गौरवशाली इतिहास की झलक साफ दिखाई दी। आमजन, छात्र-छात्राओं, युवाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने इस बलिदान दिवस को एक अविस्मरणीय स्वरूप प्रदान किया।

पुरुष कबड्डी में शारीरिक शिक्षा विभाग एवं महिला खो-खो में एथलेटिक एसोसिएशन की टीम विजेता

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षान्त समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित दीक्षांत सप्ताह में दिनांक 19 अगस्त 2025 को विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद द्वारा कबड्डी (पुरुष) एवं खो-खो (महिला) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कबड्डी प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय परिसर की एनसीसी टीम तथा शारीरिक शिक्षा विभाग की टीम ने भाग लिया, जिसमें शारीरिक शिक्षा विभाग की टीम विजेता रही। वहीं, खो-खो (महिला) प्रतियोगिता में एथलेटिक एसोसिएशन और शारीरिक शिक्षा विभाग की टीमों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें एथलेटिक एसोसिएशन की टीम ने विजयी स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं का शुभारंभ अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे एवं शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. विजय चहल ने किया। प्रतियोगिता के सफल संचालन में डॉ. राज वीर सिंह (सचिव, क्रीड़ा परिषद), डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. अपरा त्रिपाठी, डॉ. प्रभुनाथ, डॉ. सुरेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. आकाश विश्वकर्मा, पुनीत श्रीवास्तव एवं चंद्र प्रकाश सिंह का विशेष सहयोग रहा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रदेश के स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदन जाँच समिति की समीक्षा बैठक

आगरा (राष्ट्र की परम्परा) सर्किट हाउस सभागार, आगरा में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति मनीष असीजा ने की।बैठक में समिति के सदस्यों डॉ. डीसी वर्मा, सरिता भदौरिया, गुरुप्रसाद मौर्य,विनोद चतुर्वेदी, गौरव कुमार, कीरत सिंह व संग्राम सिंह ने भाग लिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल व सीडीओ प्रतिभा सिंह सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में नगर निगम, स्मार्ट सिटी, नगर पालिका/नगर पंचायतों, एडीए, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, ग्रामीण विकास, पशुपालन, जल निगम आदि विभागों के पिछले पाँच वर्षों के कार्यों, आवंटित बजट, निर्माणाधीन व पूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई।समिति ने कूड़ा निस्तारण, एसटीपी बढ़ाने, नालों की टैपिंग, यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने, गौशालाओं की स्थापना, सफाई व्यवस्था, उपकरण खरीद में पारदर्शिता और शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में सुधार हेतु ठोस दिशा-निर्देश दिए।इस दौरान समिति ने क्वीन इंप्रेस मेरी लाइब्रेरी तथा नगर निगम के कुबेरपुर स्थित बायोरिमेडिसन व बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण किया और नगर निगम द्वारा कूड़ा निस्तारण, बायो कंपोस्ट व जल संरक्षण के कार्यों की सराहना की।

छह महीने की शादी… फिर मौत का फंदा! अररिया में युवक ने की आत्महत्या, मायके गई थी पत्नी

अररिया।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) गाछी टोला वार्ड संख्या 24 से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां किराए के मकान में रह रहे एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान कटिहार निवासी करण कुमार राय के रूप में हुई है।

करण ने महज़ छह महीने पहले ही अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था और अररिया में पत्नी के साथ किराये के मकान में रह रहा था। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त उसकी पत्नी अपने मायके गई हुई थी। रक्षाबंधन के दिन ही करण ने उसे मायके छोड़ा था और सोमवार को अररिया लौटा था। मंगलवार सुबह जब उसकी लाश फंदे से लटकती मिली तो परिजनों व स्थानीय लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

सूचना मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, अररिया पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही, एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और कई अहम सबूत एकत्रित किए।

मृतक के चाचा रोशन कुमार राय ने बताया कि करण ने अपनी पसंद से शादी की थी, जिससे उसकी मां उससे नाराज़ चल रही थी। शादी के बाद वह पत्नी के साथ अलग रह रहा था। अब अचानक इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

नगर थाना पुलिस ने बताया कि परिजनों की लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार के लोग भी घटना के पीछे की असली वजह बताने की स्थिति में नहीं हैं।

स्थानीय लोग युवक की आत्महत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। परंतु पुलिस और एफएसएल की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।

बिहार में फिर एक्टिव हुआ मानसून, 20-21 अगस्त को अलर्ट

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में एक बार फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। इसके चलते अगले दो दिनों तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और ठनका गिरने का खतरा जताया गया है। पटना मौसम विभाग ने 20 और 21 अगस्त को पूरे बिहार के लिए अलर्ट जारी किया है।

📌 20 अगस्त का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, 20 अगस्त को आधे बिहार में ऑरेंज अलर्ट और आधे में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भयंकर बारिश की चेतावनी – किशनगंज, पूर्णिया, भागलपुर और बांका में

अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

📌 21 अगस्त का पूर्वानुमान

21 अगस्त को पूरे बिहार में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भारी बारिश की संभावना – सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार

अन्य हिस्सों में रुक-रुककर बारिश, गरज-चमक के साथ ठनका गिरने की आशंका

📌 लोगों और किसानों से अपील

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

ठनका गिरने के खतरे को देखते हुए किसानों और ग्रामीणों को खुले मैदान या खेतों में न रुकने की सलाह दी गई है।

घरों से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

📌 हाल के दिनों का मौसम

बीते कुछ दिनों से बिहार का मौसम मिला-जुला रहा। कहीं तेज धूप ने लोगों को बेहाल किया तो कहीं देर रात हल्की बारिश ने थोड़ी राहत दी। लेकिन 20 अगस्त से मानसून ट्रफ और चक्रवातीय गतिविधि की सक्रियता बढ़ने की वजह से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। इसका असर सबसे पहले उत्तरी और पूर्वी बिहार – किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और चंपारण में दिखने लगेगा।

👉 मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि आने वाले दो दिन बिहार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और लोगों को पूरी सतर्कता बरतनी होगी।

गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रत्येक सेमेस्टर में ‘स्वयं पाठ्यक्रम’

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब प्रत्येक विभाग को हर सेमेस्टर में कम से कम एक ‘स्वयं’ (SWAYAM) पाठ्यक्रम का प्रावधान करना होगा।
यूजीसी के निर्देशों के अनुसार, छात्र ‘स्वयं’ पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने कुल पाठ्यक्रम क्रेडिट का 40 प्रतिशत तक अर्जित कर सकते हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सभी संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि हर सेमेस्टर में ऐसा पाठ्यक्रम चुना जाए, जिसे छात्र वैकल्पिक रूप से ले सकें। इसमें शैक्षणिक संवर्द्धन पाठ्यक्रम और कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम भी शामिल किए जा सकते हैं।
कुलसचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन पाठ्यक्रमों को संबंधित बोर्ड ऑफ स्टडीज़ से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। विभागाध्यक्ष और विभागीय मेंटर की जिम्मेदारी होगी कि वे छात्रों को इन पाठ्यक्रमों की जानकारी दें और नामांकन प्रक्रिया में सहयोग करें।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत ‘स्वयं’ जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, स्वयं के समन्वयक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों से छात्रों को विषयगत ज्ञान के साथ आधुनिक कौशल भी मिलेंगे, जिससे उनकी रोजगार संभावनाएँ बढ़ेंगी।

फसल में रोग व कीट पहचान हेतु ऑनलाइन मदद उपलब्ध

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली (पीसीएसआरएस) के अंतर्गत किसानों को फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान एवं निदान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। इसके तहत किसान भाई अपने खेतों में प्रभावित फसलों की फोटो, अपना मोबाइल नंबर, ग्राम, पोस्ट, विकासखण्ड, तहसील और जिला का नाम लिखकर मोबाइल नंबर 9452247111 या 9452257111 पर व्हाट्सएप या एसएमएस भेज सकते हैं।
यह कार्यक्रम 18 मई 2016 से संचालित है। प्राप्त जानकारी के आधार पर कृषि विभाग/कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ 48 घंटे के भीतर किसानों को उचित समाधान उपलब्ध कराते हैं। इसमें व्यवहारिक, यांत्रिक, जैविक और आवश्यक होने पर रासायनिक विधियों द्वारा रोग एवं कीट नियंत्रण की जानकारी किसानों को व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है।

गर्ल्स इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय स्काउट गाइड कैंप

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय स्थित पीबी गर्ल्स इंटर कॉलेज खलीलाबाद में तीन दिवसीय स्काउट गाइड कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह 20 अगस्त 2025 तक चलेगा।
प्रधानाचार्या सुमन त्रिपाठी ने बताया कि कैंप के दूसरे दिन छात्राओं को गाइड प्रार्थना, मार्च पास्ट और झंडा फहराने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि स्काउट गाइड कैंप से बच्चों में आत्मनिर्भरता, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित होती है। शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है, जिससे वे एक बेहतर इंसान बनते हैं।
कैंप में छात्राओं ने टीमवर्क, जिम्मेदारी और अनुशासन का सराहनीय प्रदर्शन किया। प्रधानाचार्या ने सभी गाइड्स का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय से मास्टर ट्रेनर विकास और विद्यालय की शिक्षिका गाइड कैप्टन संध्या ने बच्चों को प्रशिक्षित किया।
शिक्षिकाएं सुमिता सिन्हा, अलका श्रीवास्तव, रिचा श्रीवास्तव, शगुफ्ता, अनुराधा, राजमणि, सबीना, सविता, वंदना और किरण भी मौजूद रहीं।

सिसोटार में बलिया बलिदान दिवस पर शहीद राजकुमार बाघ को किया गया नमन

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद राजकुमार बाघ की जन्मस्थली सिसोटार में भाजपा नेता मंजय राय ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया। ज्ञात हो कि वर्ष 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान राजकुमार बाघ ने सिकंदरपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में सिकंदरपुर जेल में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। इसके उपरांत अंग्रेज सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 1943 में जिला जेल में बंद रहने के दौरान ही अंग्रेजों ने उन्हें गोली मारकर शहीद कर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेता मंजय राय ने कहा कि “हमारे क्षेत्र में शहीद राजकुमार बाघ का होना गर्व की बात है। ऐसे महान सेनानियों के बलिदान के चलते ही आज देश स्वतंत्र हुआ है। हम सबको उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।”
इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज राय, भाजपा नेता दिलीप कुमार गोंड़, सभासद पिंटू पाठक, डब्लू खरवार, प्रबंधक दीपक सैनी, प्रधानाचार्य सुनील साहनी, मिंकु राय, सुधीर कुमार शर्मा एवं विकी राय समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बलिया बलिदान दिवस जिलेभर में गर्व और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

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बलिया बलिदान दिवस पर सेनानी पं. वृंदावन मिश्रा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित

सुखपुरा /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर मंगलवार को वृंदावन शिक्षण संस्थान परिसर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित वृंदावन मिश्रा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ क्षेत्र के गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत झंडारोहण व राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके उपरांत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, कविताएँ एवं लघु नाटक प्रस्तुत कर शहीदों को नमन किया। बच्चों की प्रस्तुति देख उपस्थित जनसमूह भावुक हो उठा और तालियों की गड़गड़ाहट से परिसर गूंज उठा। समारोह को संबोधित करते हुए लोकतंत्र सेनानी पं. द्विजेंद्र मिश्रा ने कहा कि भारत को ‘सोने की चिड़िया’ बनाने का सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था और उसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है। इस अवसर पर पुष्प अर्पित करने वालों में डॉ. श्यामनंदन मिश्रा, मनोज यादव, अक्षय, शैलेश, सनी, शिव शंकर, सीमा राय, राजकुमारी तिवारी, मीना शुक्ला सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

मोदी का नेहरू पर बड़ा हमला: “सिंधु जल संधि से भारत को कोई लाभ नहीं, किसानों के साथ हुआ विश्वासघात”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू ने देश को केवल एक बार नहीं, बल्कि दो बार विभाजित किया। पहली बार रेडक्लिफ रेखा के ज़रिए और दूसरी बार 1960 में पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु जल संधि के दौरान, जब भारत की नदियों का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को सौंप दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि नेहरू ने अपने सचिव के माध्यम से यह स्वीकार किया था कि इस समझौते से भारत को कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह संधि किसान विरोधी थी और इससे भारतीय किसानों का हक़ छीना गया।

बैठक में मौजूद भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भी सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर को देश के साथ “विश्वासघात” करार दिया। पाल ने कहा, “अगर नेहरू लोकतांत्रिक चुनाव से प्रधानमंत्री बने होते तो उन्हें संसद से इसकी मंजूरी लेनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और बिना कैबिनेट व संसद की सहमति के पाकिस्तान जाकर यह संधि कर आए। यह हमारे किसानों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात था।”

भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी का समर्थन किया और नेहरू सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान को 80 करोड़ रुपये दिए गए और नदियों का पानी सौंपा गया, वह भारत के हितों के खिलाफ था।

संसदीय बैठक में मोदी के इस बयान के बाद भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आगामी सत्रों में भाजपा इस मुद्दे को और आक्रामक ढंग से उठा सकती है।

जर्जर भवन बना खतरा, 151 बच्चों की जिंदगी पर मंडरा रहा संकट

सादुल्लानगर/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।शिक्षा क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय लौकिया ताहिर का भवन अब बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है। वर्ष 1978 में निर्मित यह विद्यालय आज पूरी तरह जर्जर हो गया है। विद्यालय के 8 कमरों की छत का प्लास्टर जगह-जगह से टूटकर गिर रहा है, वहीं कई बीमों में गहरी दरारें पड़ गई हैं। ऐसी स्थिति में यहां पढ़ने वाले 151 छात्र-छात्राओं की जिंदगी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

विद्यालय के शिक्षक मोहम्मद शफीक ने बताया कि इसकी लिखित सूचना बीईओ और बीएसए को दी गई है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

बीईओ रमेश कुमार वर्मा ने मामले पर कहा कि जर्जर भवन की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। आदेश मिलते ही समस्या का समाधान कर छात्रों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षा विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब तक नए भवन का निर्माण नहीं होता, बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों खतरे में बनी रहेंगी।