देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया-कसया मार्ग पर रतनपुरा गांव के समीप देर शाम अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में घायल युवक को पुलिस ने तत्काल महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार तरकुलवा थाना क्षेत्र के पथरदेवा कस्बा निवासी चंदन राजभर (25 वर्ष), पुत्र श्यामबदन राजभर, अज्ञात वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अचानक हुई इस दुर्घटना से परिवार में मातम छा गया। मृतक पाँच भाइयों में चौथे नंबर पर था। मां सुग्गी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है और बार-बार अचेत हो जा रही हैं। परिजनों और गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है।
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) पुलिस की अपराध शाखा ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 12 आरोपियों (जिसमें एक दंपति भी शामिल है) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों से 60.82 करोड़ रुपये की ठगी की है।
👉 पुलिस उपायुक्त (जांच) राज तिलक रोशन ने बताया कि हाल ही में पकड़े गए पांच आरोपियों ने साइबर धोखाधड़ी के लिए अपने बैंक खाते और सिम कार्ड गिरोह को बेच दिए थे। 👉 12 अगस्त को कांदिवली स्थित एक कार्यालय पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में सिम कार्ड और बैंक पासबुक जब्त किए। 👉 जांच में सामने आया कि गिरोह ने 943 बैंक खाते खरीदे, जिनमें से 180 का उपयोग धोखाधड़ी के लिए किया गया। 👉 आरोपी 7,000 से 8,000 रुपये में सिम कार्ड और बैंक खाते खरीदते थे और उनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन शॉपिंग और शेयर बाजार से जुड़ी ठगी के लिए करते थे।
📌 पुलिस के मुताबिक, अब तक मुंबई में 1.67 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 10.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है।
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)l वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के निर्देशन पर सहायक वाणिज्य प्रबंधक डी.के.सिंह के नेतृत्व में 22 अगस्त,2025 बुधवार को बनारस सिटी को आधार बनाकर वाराणसी सिटी- छपरा खण्ड पर बस रेड टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बनारस,छपरा तथा गोरखपुर रेल खण्ड पर चलने वाली 15104 बनारस -गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस,55131 बलिया-प्रयागराज रामबाग मेमू,15018 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस ,15159 छपरा-दुर्ग एक्सप्रेस , 15111 छपरा-वाराणसी सिटी,12562 नई दिल्ली-जय नगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस सहित विभिन्न एक्सप्रेस एवं विभिन्न सवारी गाड़ियों में किलाबन्दी कर सघन टिकट चेकिंग की गई है।
इस टिकट जांच अभियान टीम में सहायक वाणिज्य प्रबंधक डी.के.सिंह के साथ 15 टिकट जाँच कर्मचारियों एवं 03 रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के सहयोग से सघन टिकट जांच किया गया और बिना टिकट यात्रा एवं अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले कुल 65 यात्रियों को पकड़ा गया और उनसे रेल राजस्व के रूप में रु 38,130 (अड़तीस हजार एक सौ तीस रूपये) जुर्माना वसूलने के बाद छोड़ा दिया गया । इस टिकट जाँच अभियान में कुल 06 यात्रियों को जुर्माना नहीं चुकाने पर रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष ट्रायल हेतु प्रस्तुत किया गया और जुर्माना अदा करने के पश्चात छोड़ा गया । उक्त बस रेड अभियान के दौरान इस खण्ड के स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर टिकट लेने के लिए लम्बी कतार लग गई थी । वाराणसी मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक शेख रहमान ने आम यात्रियों से अपील की है कि यात्री अपनी यात्रा के दौरान रेल नियमों का पालन करें और अपना उचित यात्रा टिकट लेकर ही यात्रा करें ।
नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की हालिया टिप्पणी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने मुनीर द्वारा भारत की तुलना लग्जरी कार और पाकिस्तान की तुलना डंप ट्रक से करने वाले बयान का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि यह टिप्पणी पाकिस्तान की विफलता की स्वीकारोक्ति है।
राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था हाईवे पर दौड़ती मर्सिडीज और फेरारी जैसी है। यह मैं नहीं कह रहा, बल्कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख खुद कह रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मलबे से भरे डंप ट्रक जैसी है। अब इसका जवाब तो आप लोग समझ ही सकते हैं।”
दरअसल, कुछ दिन पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने बयान दिया था कि “भारत एक चमचमाती मर्सिडीज है जो फेरारी की तरह हाईवे पर आ रही है, लेकिन पाकिस्तान बजरी से भरा डंप ट्रक है। अगर ट्रक कार से टकरा जाए, तो नुकसान किसका होगा?”
मुनीर के इस बयान पर पाकिस्तान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें खूब ट्रोल किया गया। विश्लेषकों ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान दोनों को एक साथ आज़ादी मिली थी और आज भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जबकि पाकिस्तान अभी भी आर्थिक संकट में डूबा है, तो यह उनकी अपनी नीतिगत विफलताओं का परिणाम है।
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l अपर जिलाधिकारी (वि/रा) शुभांगी शुक्ला ने बताया कि गोकुल बैराज, मथुरा से छोड़े गए 97362 क्यूसेक पानी के कारण यमुना का जलस्तर 151.190 मीटर तक पहुँच गया था, हालांकि सिंचाई विभाग के अनुसार जलस्तर घट रहा है और 23 अगस्त को भी घटेगा। तहसील सदर एवं फतेहाबाद क्षेत्र के कई ग्राम प्रभावित होने की सम्भावना है। एडीएम ने लोगों से अपील की है कि जरूरी कागजात व दवाइयां सुरक्षित रखें, उबला या क्लोरीन युक्त पानी ही पिएं, बिजली-गैस के स्विच बंद करें और बाढ़ शरणालयों में शरण लें। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है। हेल्पलाइन नंबर – 0562-2260550, 09458095419।
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में आरटीई एक्ट 2009 के अन्तर्गत वंचित व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश न देने वाले 1428 प्रकरणों की समीक्षा की गई। कमेटी ने ऐसे निजी विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता समाप्ति सहित विधिक कार्यवाही की संस्तुति की। डीएम ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अब तक 5054 बच्चों का प्रवेश कराया जा चुका है, जो गत वर्ष से 800 अधिक है। पाठ्यपुस्तक व कार्यपुस्तिकाओं का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित हुआ है। मध्याह्न भोजन योजना के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन से एमओयू किया गया है तथा अक्टूबर से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। जर्जर विद्यालय भवनों की समीक्षा में 539 भवन चिन्हित हुए, जिनमें से 124 अत्यंत जर्जर भवनों को गिराने का कार्य पंचायतों द्वारा कराया जाएगा। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, बीएसए जितेन्द्र कुमार गौंड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा महाव नाले का निरीक्षण कर कटान के कारणों की जानकारी ली गयी और आवश्यक निर्देश दिया गया। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय ने बताया कि नेपाल में अत्यधिक वर्षा के कारण बेहद कम समय मे नाले के जल स्तर में अभूतपूर्व वृद्धि हुई जिसके कारण ओवरफ्लो और कटान की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त 2025 को सिर्फ 12 घंटे में नेपाल राष्ट्र के अंतर्गत महाव नाले के कैचमेंट में 100 मिमी से अधिक वर्षा हुई है जिससे जनपद महराजगंज में महाव नाला उच्चतम जल स्तर से 6 इंच ऊपर 12.50 फीट के लेवल पर प्रभावित हुआ और सभी प्रयासों के बावजूद भी भारी मात्रा में आये पानी के तत्काल निकासी न होने के कारण पानी ओवरफ्लो करने लगा और जिससे लगभग 11:00 बजे कटान की स्थिति पैदा हो गयी। अधिशासी अभियंता ने बताया कि महाव नाले का अब- तक का उच्चतम जल स्तर 12 फ़ीट था, लेकिन आज यह साढ़े बारह फीट पर बह रहा था। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और लगभग सारा पानी निकल चुका है। जिलाधिकारी ने तटबंध सुदृढ़ीकरण कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण करने का निर्देश दिया,और निर्देशित किया कि महाव सहित समस्त तटबंधों की निगरानी 24 घंटे सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी हाइ अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने एसडीएम नौतनवां को प्रभावित फसलों का सर्वे कर मुआवजा का आंकलन करने हेतु निर्देशित किया, ताकि समय से मुआवजा वितरण किया जा सके। इससे पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्वअधिकारियों, सिंचाई विभाग के अधिकारियों और नोडल अधिकारियों द्वारा सभी तटबंधों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एडीएम (न्यायिक) नवनीत गोयल, अधिशासी अभियंता सिंचाई द्वितीय राजीव कपिल, अपर उपजिलाधिकारी प्रेम शंकर पांडेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
नई दिल्ली।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ, जब अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से लौटने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएँ दीं और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के नए आयाम की ओर इसे एक बड़ी छलांग करार दिया।
इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन पुण्यश्लोक बिस्वाल, इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन, तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र के निदेशक दिनेश कुमार सिंह भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने पूरी टीम को आने वाले मिशनों, विशेषकर गगनयान मिशन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम न केवल वैज्ञानिक प्रगति बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
अंतरिक्ष का अनुभव साझा किए
राष्ट्रपति से भेंट के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में अंतरिक्ष में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में रहकर मिले ज्ञान और अनुभव भविष्य की मानव अंतरिक्ष उड़ानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि कक्षा से पृथ्वी को देखना एक अद्वितीय अनुभव है। उन्होंने गर्व से कहा – “भारत आज भी अंतरिक्ष से सारे जहाँ से अच्छा दिखता है।”
शुक्ला ने बताया कि यह मिशन भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान संबंधी महत्वाकांक्षाओं को मजबूती देगा और वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान दिलाएगा।
भारत के लिए बड़ा कदम
इसरो और भारतीय वायुसेना के लिए यह मिशन एक मील का पत्थर माना जा रहा है। अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभव और वैज्ञानिक आंकड़े भारत के आगामी गगनयान और भविष्य की गहन अंतरिक्ष यात्राओं की नींव को और मजबूत करेंगे।
भारत के अंतरिक्ष इतिहास में यह उपलब्धि आने वाले समय में नई ऊँचाइयों और संभावनाओं का रास्ता खोलती है।
“मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया” – मजरूह सुल्तानपुरी की ये पंक्तियाँ मौजूदा भारतीय राजनीति की सियासी यात्रा संस्कृति पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं।
महात्मा गांधी की पदयात्राओं से लेकर विनोबा भावे, जयप्रकाश नारायण और अब राहुल गांधी तक—भारतीय राजनीति में यात्राओं का हमेशा एक ऐतिहासिक महत्व रहा है। गांधी जी ने भारतीय मानस से अंग्रेजों का भय मिटाकर राजनीति को अभय की भावना दी। यही अभय—निडर रहने की प्रेरणा—आज राहुल गांधी भी अपने राजनीतिक भाषणों और यात्राओं में दोहरा रहे हैं। संसद में उन्होंने शिव की अभय मुद्रा से लेकर इस्लाम की दुआ की मुद्रा तक का हवाला देकर इसे निडर लोकतंत्र का प्रतीक बताया।
यात्राओं की परंपरा और राहुल का सफर
राहुल गांधी ने राजनीति के शुरुआती दिनों से ही यात्राओं का सहारा लिया।
भट्टा-पारसौल (पश्चिम यूपी, 2011) – भूमि अधिग्रहण के खिलाफ पैदल यात्रा, जिसने मायावती सरकार को चुनौती दी।
किसान यात्रा (देवरिया से दिल्ली, 2016) – किसानों की बदहाली पर केंद्रित, 2,500 किलोमीटर का सफर और नारा दिया “कर्जा माफ, बिजली बिल हाफ।”
केदारनाथ यात्रा (2015) – आपदा के बाद पुनर्निर्माण की तस्वीर दिखाने और धार्मिक-आध्यात्मिक शक्ति से जुड़ाव जताने का प्रयास।
भारत जोड़ो यात्रा (2022–23) – राहुल गांधी की सबसे चर्चित यात्रा, जिसमें वे पैदल हजारों किलोमीटर चले और भाजपा की राजनीति के खिलाफ वैचारिक लड़ाई छेड़ी।
अब उनकी “वोटर अधिकार यात्रा” सामने है, जो कई मायनों में अलग है।
बिहार की पृष्ठभूमि और महागठबंधन की चुनौती
बिहार की राजनीति लंबे समय से जातीय समीकरणों पर टिकी है। 40 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य ने 2024 के आम चुनाव में भाजपा को निर्णायक बढ़त दी, जबकि यूपी, महाराष्ट्र और बंगाल में भाजपा की सीटें गिरीं। ऐसे में कांग्रेस और महागठबंधन के लिए बिहार अगला बड़ा रणक्षेत्र है।
राहुल गांधी की इस यात्रा का मकसद—
बहुजन समाज को साधना
जाति जनगणना और आरक्षण की सीमा हटाने की मांग को केंद्र में रखना
दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को एक साझा राजनीतिक छतरी के नीचे लाना
नीतीश कुमार की जदयू और चिराग पासवान की लोजपा के वोट बैंक में सेंध लगाना
यहां राहुल गांधी मुकेश सहनी की वीआईपी और दीपंकर भट्टाचार्य की सीपीआईएमएल जैसी क्षेत्रीय दलों की लाइन के करीब दिखाई दे रहे हैं।
भारत जोड़ो यात्रा से अंतर
भारत जोड़ो यात्रा पूरी तरह राहुल गांधी के इर्द-गिर्द केंद्रित थी। वे पैदल लोगों से जुड़े और छवि में बदलाव लाने में सफल रहे। वहीं वोटर अधिकार यात्रा एक साझा मोर्चे की तस्वीर पेश करती है। इसमें राहुल अकेले नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव जैसे सहयोगी बराबरी से शामिल हैं। यह एक गठबंधन का सामूहिक संदेश है, न कि केवल कांग्रेस का।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और राजनीतिक संदर्भ
यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और अचानक एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से मतदाता अधिकारों पर संदेह गहरा गया। राहुल गांधी इस मौके को एक अखिल भारतीय मुद्दे में बदल रहे हैं—वोट चोरी को लोकतंत्र की सबसे बड़ी चुनौती बताकर। महात्मा गांधी ने जिस “अभय” की बात कर भारतीय राजनीति को नई दिशा दी थी, राहुल गांधी उसी धारा को आधुनिक राजनीतिक संदर्भ में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या उनकी यह यात्रा बिहार में कांग्रेस और महागठबंधन को जमीन पर मजबूती दे पाएगी? क्या जाति जनगणना और वोटर अधिकार जैसे मुद्दे भाजपा की चुनावी बढ़त को चुनौती देंगे?
इतिहास गवाह है कि भारत की राजनीति में यात्राएं सिर्फ पैरों की थकान नहीं होतीं, बल्कि वे जनमानस को झकझोरने वाली धार बन जाती हैं। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी की यह यात्रा अभय मुद्रा की तरह जनता को निडर लोकतंत्र की ओर ले जा पाएगी या नहीं।
पूर्णिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के धमदाहा थानाक्षेत्र के अमारी गांव में प्रेम प्रसंग एक युवक की मौत का कारण बन गया। जब राजघाट गैरेल गांव निवासी 21 वर्षीय रिशु कुमार, पिता नवीन पासवान, प्रेमिका के बुलावे पर उसके घर पहुंचा। लेकिन वहां पहुंचते ही उस पर जानलेवा हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
धमदाहा थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों की ओर से लड़की के पिता जयप्रकाश सहनी समेत कुल 16 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पूर्णिया सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि रिश्ते की बात को लेकर लंबे समय से तनाव था, जो अब जानलेवा रूप में सामने आया।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सुनियोजित तरीके से प्रेमिका के बहाने बुलाकर रिशु की हत्या कर दी गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस ने कहा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) उत्तर प्रदेश द्वारा लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन के 7वें संस्करण में राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने पर चर्चा हुई। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक प्रगति की है। 17 नए मेडिकल कॉलेज, ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क प्राथमिक देखभाल, “जच्चा-बच्चा केंद्र”, ई-स्वास्थ्य समाधानों जैसे संजीवनी ऐप और सशक्त स्वास्थ्यकर्मी बल के माध्यम से राज्य अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग की सचिव ऋतु महेश्वरी ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और FACTA जैसी पहलों से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिला है। पिछले तीन वर्षों में 14 करोड़ से अधिक ABHA आईडी बनाई गईं, 68,000 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण हुआ, 97,000 पेशेवर प्रशिक्षित हुए और 9.5 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार हुए। CII उत्तर प्रदेश की चेयरपर्सन डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि सरकार की योजनाओं और निजी निवेश से स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सिर्फ सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार का भी आधार है। CII उत्तरी क्षेत्रीय स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन डॉ. धर्मेन्द्र नागर ने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर पारदर्शी और स्थायी स्वास्थ्य मॉडल विकसित करने होंगे, ताकि हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंच सकें। POCT ग्रुप के चेयरमैन सौरभ गर्ग ने PHCs और CHCs के बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की आवश्यकता बताई। वहीं PSI इंडिया के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत, ई-संजीवनी और निरामया जैसी योजनाओं ने समाज के हर वर्ग को स्वास्थ्य सुविधाएं दी हैं।सम्मेलन का संदेश स्पष्ट रहा – सरकार, उद्योग और समाज मिलकर ही “स्वस्थ भारत, समर्थ भारत” के लक्ष्य को साकार कर सकते हैं।
नालंदा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की लगातार कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को नालंदा जिले के इस्लामपुर प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक कम्युनिटी मैनेजर (बीसीएम) आशुतोष कुमार को 40 हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी ने बताया कि आशुतोष कुमार पर आशा कार्यकर्ताओं की बहाली प्रक्रिया में रिश्वत लेने का गंभीर आरोप था। इस्लामपुर वार्ड संख्या-20 निवासी रशीदा परवीन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सेलेक्शन के नाम पर उनसे 40 हज़ार रुपये की मांग की गई। पीड़िता की शिकायत पर विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जाल बिछाया गया। जैसे ही तय रकम ली गई, टीम ने मौके पर ही बीसीएम आशुतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
गांव में मचा हड़कंप घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने कहा कि जिस स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जा रही है, यदि उसी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हावी होगा तो आमजन को कैसे फायदा मिलेगा। लोगों ने आरोपी अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती वहीं, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। हाल के दिनों में कई अफसर और कर्मचारी रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़े गए हैं। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि जनता से जुड़ी सेवाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में तैनात एक लेखपाल को एंटी करप्शन विभाग की टीम ने शुक्रवार को पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया। जबकि लेखपाल ने घूस की रकम छूने से इंकार किया है। जमीन की पैमाइश के नाम पर वह यह रकम मांग रहा था। मिली जानकारी के अनुसार मगहर कस्बे के अंजान शरीफ मोहल्ला निवासी बेलाल अहमद का भूमि विवाद का मामला चल रहा था। इस संबंध में लेखपाल रामअवध से पैमाइश कराने की मांग की गई थी। आरोप है कि इसके बदले लेखपाल ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बेलाल अहमद ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग, बस्ती यूनिट से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार को खलीलाबाद तहसील परिसर में घूस की रकम स्वीकार करते ही लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के दौरान उसने हाथ छुड़ाकर भागने की कोशिश भी की, लेकिन टीम ने तत्काल उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे बखिरा थाने ले जाया गया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। नेपाल व आस-पास के इलाकों में हो रही तेज वर्षा के चलते महाव नाले का जलस्तर शुक्रवार सुबह अचानक बढ़ गया। दबाव बढ़ते ही नाले का पूर्वी तटबंध देवघट्टी गांव के सामने करीब 10 मीटर लंबा हिस्सा टूट गया। कुछ ही घंटों में पानी खेतों में घुस गया। सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गई। स्थानीय किसानों रामनाथ साहनी, जयहिंद वर्मा, पारस यादव, रामसमुझ और अवधेश का कहना है कि महाव नाले की सिल्ट सफाई और तटबंध मरम्मत हर साल केवल कागजों में होती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तटबंध पहली बरसात में ही दम तोड़ देता है। किसानों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग सिर्फ फाइलों में काम दिखाकर खानापूर्ति करता है, जबकि असलियत में तटबंध जर्जर हाल में ही छोड़ दिए जाते हैं। किसानों ने बताया कि महंगाई के दौर में बड़ी मुश्किल से धान की रोपाई पूरी की गई थी। फसल अब बढ़वार पर थी, तभी जल-भराव ने सारी मेहनत चौपट कर दी। देवघट्टी, हरखपुरा, हरपुर, अमहवा और नरायनपुर समेत कई गांवों के खेतों में पानी भर चुका है। यदि पानी लंबे समय तक रुका रहा तो पूरी फसल बर्बाद हो जायेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध की मरम्मत कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही सिल्ट सफाई व मरम्मत कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई है, ताकि हर साल किसानों को इस तरह की बर्बादी का सामना न करना पड़े। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी और नायब तहसीलदार स्थिति का जायजा लेकर तटबंध की मरम्मत कार्य में जुट गए हैं।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर के शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. विजय कुमार राय का स्वागत एवं अभिनंदन समारोह शिक्षा संकाय द्वारा आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. विजय कुमार राय ने कहा कि “शिक्षक की एक मात्र महत्वपूर्ण भूमिका अध्ययन और अध्यापन है।” उन्होंने बीएड प्रशिक्षुओं को भविष्य का शिक्षक मानते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी की जाए तो एक कुशल अध्यापक बनने से कोई नहीं रोक सकता। महाविद्यालय की प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी ने प्रो. विजय कुमार राय के सहज, सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व शिक्षकों और प्रशिक्षुओं के लिए आदर्श है। प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने उनके शैक्षिक जीवन एवं उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी जीवटता और परिश्रम ही उनकी सफल शैक्षणिक यात्रा का आधार है। इस अवसर पर डी.सी. पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, डॉ. अमरनाथ पाण्डेय, रितेश त्रिपाठी, नागेन्द्र सिंह, विनोद कुमार मिश्र, श्रीकृष्ण पाण्डेय, दीपक सिंह, शालिनी मिश्रा, पूनम उपाध्याय, अमन राय, संतोष गोंड, शैलेश पाण्डेय, अनूप विश्वकर्मा, विशाल सिंह, अरुण त्रिपाठी, उमेश सिंह, सीमा पाण्डेय, माया, सुनीता गौतम, बबिता, मनीष सिंह सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।