देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सदर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को अमन पब्लिक स्कूल के सामने एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्लास्टर का काम कर रहे मजदूर विजय शर्मा (35 वर्ष) की करंट लगने से मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, विजय शर्मा सवरेजी, थाना रामपुर कारखाना के रहने वाले थे और दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। शनिवार को वे विजय प्रशांत सिंह के मकान में प्लास्टर का काम कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह बच नहीं सके। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी और छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी आगामी सप्ताह में अल्जीरिया की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है, जिसे भारत की वैश्विक रणनीतिक सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा न केवल द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को गहरा करेगा, बल्कि अफ्रीका–भूमध्यसागर क्षेत्र में भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक उपस्थिति को भी मजबूत करेगा।
हालिया उच्च स्तरीय संपर्कों की कड़ी
जनरल द्विवेदी की यह यात्रा उस कूटनीतिक सिलसिले को आगे बढ़ाएगी, जिसकी नींव हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की अल्जीरिया यात्राओं ने रखी थी। इन दौरों के दौरान रक्षा, ऊर्जा और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। सेना प्रमुख का दौरा इस सहमति को व्यवहारिक आयाम देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत–चीन प्रतिस्पर्धा की पृष्ठभूमि
अल्जीरिया की यह यात्रा केवल एक औपचारिक सैन्य कार्यक्रम नहीं बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा है। चीन बीते एक दशक से अफ्रीका और भूमध्यसागर क्षेत्र में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऋण परियोजनाओं के जरिए गहरी पैठ बना चुका है। इसके बरक्स भारत रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और ऊर्जा साझेदारी के जरिए क्षेत्र में अपनी विश्वसनीय उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति अपना रहा है।
साझेदारी से संतुलन और स्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अल्जीरिया के बीच बढ़ता सहयोग न केवल चीन के प्रभाव को संतुलित करेगा, बल्कि अफ्रीका में भारत की विदेश नीति को नई दिशा भी देगा। इस साझेदारी से दोनों देश साझा सुरक्षा चुनौतियों—जैसे आतंकवाद, समुद्री डकैती और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा—पर मिलकर काम कर पाएंगे। साथ ही ऊर्जा, शिक्षा और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते भी खुलेंगे।
भविष्य की राह
जनरल द्विवेदी का यह दौरा भारत की बदलती कूटनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है। अब भारतीय सेना केवल घरेलू सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में सक्रिय भूमिका निभा रही है। अल्जीरिया यात्रा से भारत–अफ्रीका संबंधों में नई ऊर्जा आएगी और साझा विकास तथा स्थिरता की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
क्योंझर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। ओडिशा के क्योंझर जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। बनस्पाल ब्लॉक स्थित एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा गलती से स्कूल के भीतर ही बंद हो गई और पूरी रात वहीं कैद रही। शुक्रवार सुबह जब दरवाजा खोला गया, तो बच्ची गंभीर हालत में मिली।
मिली जानकारी के अनुसार, दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ वर्षीय छात्रा ज्योत्सना देहुरी गुरुवार को अन्य बच्चों के साथ स्कूल में मौजूद थी। क्लास खत्म होने के बाद सभी बच्चे घर चले गए, लेकिन ज्योत्सना किसी कारणवश स्कूल के भीतर ही रह गई। इसी दौरान गेटकीपर ने बच्ची की मौजूदगी से अनजान होकर मुख्य द्वार को बाहर से बंद कर दिया।
घर न लौटने पर परिजनों ने बच्ची की खोज शुरू की। ग्रामीणों की मदद से रातभर तलाश के बावजूद ज्योत्सना का पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह जब स्कूल का दरवाजा खोला गया, तो छात्रा स्कूल की इमारत के भीतर अचेत अवस्था में पाई गई। तत्काल उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर लेकिन स्थिर बताया।
ग्रामीणों और परिजनों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए स्कूल प्रशासन और गेटकीपर की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कानपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में कॉलेज से घर लौट रही एक बीबीए छात्रा पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में छात्रा को गंभीर चोटें आईं। कुत्तों ने उसे जमीन पर घसीटा और चेहरे व शरीर को बुरी तरह नोच डाला। घटना इतनी भयावह थी कि छात्रा का दाहिना गाल फटकर दो हिस्सों में बँट गया, जबकि नाक और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गहरे जख्म हो गए। डॉक्टरों को उसके गाल और नाक पर 17 टांके लगाने पड़े और अब सर्जरी की सलाह दी गई है।
बताया गया कि पीड़िता वैष्णवी, स्व. वीरेंद्र स्वरूप साहू की बेटी है और बीबीए की पढ़ाई कर रही है। शुक्रवार को कॉलेज से लौटते समय रास्ते में आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। कुत्ते उसे घसीटते हुए बार-बार काटते रहे। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और बड़ी मुश्किल से कुत्तों को भगाया। तब तक छात्रा का काफी खून बह चुका था।
स्थानीय लोगों की मदद से परिवारजन तुरंत वैष्णवी को कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां उसका आपातकालीन इलाज किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर थी और चेहरे पर गहरे जख्म के कारण प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी।
पीड़िता के चाचा आशुतोष ने बताया, “मेरे दिवंगत भाई वीरेंद्र स्वरूप साहू की बेटी वैष्णवी कॉलेज से लौट रही थी, तभी यह भयावह घटना घटी। पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।”
इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं किसी और के साथ भी हो सकती हैं।
शनिवार तड़के 5:40 पर टायर पंचर होने के बाद हुआ हादसा
मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के 5:40 बजे वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक (नागपुर) के वर्तमान कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी (उम्र 55 वर्ष) और उनकी पत्नी बदामी देवी (उम्र 52 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गाड़ी का चालक वैभव मिश्र (उम्र 35 वर्ष, निवासी गोपालगंज, बिहार) गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार, प्रो. हरेराम त्रिपाठी अपनी पत्नी और चालक वैभव मिश्र के साथ इनोवा कार से नागपुर से अपने पैतृक निवास कुशीनगर जनपद के चकिया बाघोचघाट जा रहे थे। गाड़ी प्रो. त्रिपाठी स्वयं चला रहे थे, जबकि उनकी पत्नी आगे की सीट पर और चालक वैभव मिश्र पीछे की सीट पर बैठे थे। वैभव ने बताया कि नींद आने की वजह से उन्होंने प्रो. त्रिपाठी को गाड़ी चलाने के लिए कहा था। तड़के अहिरानी के पास एक पेट्रोल पंप के सामने पंचर होने के कारण खड़े ट्रेलर से इनोवा कार की भीषण टक्कर हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही दोहरीघाट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शवों को गाड़ी से बाहर निकाला। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। घायल चालक वैभव मिश्र को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दोहरीघाट ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दोहरीघाट थाना प्रभारी राज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने ट्रेलर और इनोवा कार को कब्जे में ले लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में ट्रेलर के पंचर होने के कारण सड़क पर खड़े होने की बात सामने आई है, जिससे यह हादसा हुआ।
छतरपुर(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के गहवारा गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, घटना जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर गहवारा गांव की है। परिजनों ने बताया कि छात्र ने अपने कमरे में फांसी लगाई। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। हालांकि, सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। परिवारजनों और मित्रों से पूछताछ की जा रही है।
गांव में इस घटना से शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की कार्य परिषद की बैठक कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ विभागाध्यक्षों पर लगे आरोपों की समीक्षा की गई और उस पर निर्णय लिए गए।
बैठक में गायनी विभाग की प्रो. तूलिका चंद्रा को बड़ी राहत मिली। उन पर लगे फर्जी हस्ताक्षर और भ्रष्टाचार के आरोप जांच में साबित नहीं हो सके। परिषद ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया है। अब वे दोबारा विभागाध्यक्ष (HOD) का कार्यभार संभालेंगी।
वहीं, थोरेसिक सर्जरी विभागाध्यक्ष पर निजी प्रैक्टिस करने के आरोप पाए गए। परिषद ने इस मामले में उन्हें चार्जशीट देने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार वस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष पर स्टॉक रजिस्टर न बनाने और गड़बड़ियों के आरोप पाए गए, जिन पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
कार्य परिषद की बैठक में प्रशासनिक और शैक्षणिक सुधारों पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार की स्थिति में संबंधित
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में भी उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है।
शाहजहांपुर पुलिस के अनुसार, भाजपा नगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता की तहरीर पर शुक्रवार को सदर बाजार थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने बताया कि शिकायत में तेजस्वी यादव पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है, जिससे देशभर में जनाक्रोश फैला है।
एफआईआर में कहा गया है कि राजद के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया था – “आज वोट चोर बिहार के गया में आएगा और बिहारियों के सामने झूठ पर झूठ बोलेगा।” इस बयान से आम जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं में तीखा रोष फैल गया और तेजस्वी यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी।
शाहजहांपुर में दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) (अफवाह फैलाना) और 197(1)(ए) (तस्वीर के माध्यम से आरोप लगाना) के तहत आरोप लगाया गया है।
इसी तरह महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भाजपा विधायक मिलिंद नरोटे की शिकायत पर भी यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहां दर्ज मामले में BNS की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाना), 356 (मानहानि), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 353 (सार्वजनिक रूप से अशांति फैलाने वाले बयान) शामिल हैं।
लगातार दर्ज हो रही एफआईआर से साफ है कि तेजस्वी यादव की टिप्पणी राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि आगे इस मामले में पुलिस और अदालत क्या कदम उठाते हैं।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वित्तीय समावेशन व डिजिटलीकरण पर दिया जोर
अहमदाबाद(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) डाक विभाग अब सिर्फ चिट्ठियाँ पहुँचाने वाला संगठन नहीं, बल्कि एक आधुनिक, बहुआयामी और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रदाता के रूप में उभर रहा है। यह बातें उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने 20 से 22 अगस्त 2025 के दौरान ‘मेघदूतम्’ सभाकक्ष, क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं।
श्री यादव ने कहा कि डिजिटल युग में डाक विभाग देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, पार्सल, स्पीड पोस्ट, अंतरराष्ट्रीय मेल, बैंकिंग और बीमा सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 8 प्रमुख श्रेणियों की समीक्षा बैठक में पोस्टमास्टर जनरल ने विभागीय कार्यों को 8 श्रेणियों—
डोमेस्टिक मेल्स
पार्सल
इंटरनेशनल मेल
बचत बैंक सेवाएँ
डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB)
नागरिक केंद्रित सेवाएँ (आधार, पासपोर्ट आदि)
मार्केटिंग व तकनीकी नवाचार की समीक्षा करते हुए भविष्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप परिणाम-आधारित कार्य योजना बनाने पर बल दिया। अहम उपलब्धियाँ इस वित्तीय वर्ष में खोले गए 3 लाख नए बचत खाते, 36 हजार IPPB खाते और 9,500 सुकन्या समृद्धि खाते। डाक जीवन बीमा में 80 करोड़ रुपये और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 16 करोड़ रुपये की प्रीमियम राशि जमा। आधार सेवाओं का लाभ लेने वाले 1.10 लाख लोग, जबकि 55 हजार से अधिक लोगों ने IPPB के माध्यम से आधार अपडेट कराया। 23 हजार डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी और 8 हजार लाभार्थियों को घर बैठे AEPS भुगतान। 10 हजार से अधिक लोगों ने IPPB की जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी ली। ग्रामीण स्तर पर 830 गांव सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम और 650 गांव सम्पूर्ण बीमा ग्राम घोषित। डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाकघरों में एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी लागू होने से डिजिटल लेन-देन और भुगतान सेवाओं में तेजी आई है, जो प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी के विजन को साकार कर रही है। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उत्साह, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। बैठक में उपस्थित अधिकारी इस अवसर पर अहमदाबाद सिटी मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक चिराग मेहता, गांधीनगर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक पियूष रजक, IPPB अहमदाबाद क्षेत्र चीफ मैनेजर अभिजीत जिभकाटे, अहमदाबाद जीपीओ सीनियर पोस्टमास्टर अल्पेश आर. शाह, साबरकांठा मंडल अधीक्षक कोमलसिंह, पाटन मंडल अधीक्षक एच.सी. परमार, बनासकांठा मंडल अधीक्षक आर.ए. गोस्वामी, महेसाणा मंडल अधीक्षक एस.यू. मन्सुरी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठौर, सहायक लेखाधिकारी चेतन सैन, सहायक निदेशक वारिस वहोरा, एम.एम. शेख, रितुल गांधी, सहायक अधीक्षक जीनेश पटेल, रोनक शाह, भाविन प्रजापति, डाक निरीक्षक पायल पटेल, योगेंद्र राठोड़ सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
वॉशिंगटन(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आदेश दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चल रहे कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के अभियान के तहत राजधानी वॉशिंगटन की सड़कों पर तैनात नेशनल गार्ड के जवानों को अब हथियार उपलब्ध कराए जाएंगे।
रक्षा मंत्रालय मुख्यालय ‘पेंटागन’ ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य हाल के दिनों में बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों और अशांति को नियंत्रित करना है।
सरकार का कहना है कि नेशनल गार्ड की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थानीय पुलिस की मदद करने में अहम होगी। वहीं, इस फैसले को लेकर कई राजनीतिक हलकों में बहस भी तेज हो गई है।
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मईल थाना क्षेत्र के मईल चौराहे पर शनिवार सुबह हुए सड़क हादसे में सीमा सुरक्षा बल (SSB) के जवान की मौत हो गई। मृतक की पहचान बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के टियरा हैदरपुर गांव निवासी सतेंद्र कुमार यादव (30 वर्ष) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, सतेंद्र यादव गोरखपुर से बाइक पर छुट्टी पर गांव लौट रहे थे। तभी बिहार की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सूचना मिलते ही मईल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जवान की पहचान उनके पास मिले आईकार्ड से हुई। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मईल चौराहे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यातायात नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था न होने से हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ट्रेलर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
काठमांडू(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) पूर्वी नेपाल में शुक्रवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह भूकंप रात 11 बजकर 15 मिनट पर आया जिसकी तीव्रता 4.4 मापी गई।
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र ने बताया कि इसका केंद्र संखुवासभा जिले के मघांग क्षेत्र में था। भूकंप के झटके पूर्वी नेपाल के कई जिलों में महसूस किए गए।
हालांकि, अब तक इस भूकंप से किसी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
गौरतलब है कि नेपाल उच्च भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्र में स्थित है और यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। वर्ष 2015 में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में करीब 9,000 लोगों की मौत हो गई थी और पांच लाख से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा ) सदर तहसील अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे कुछ काश्तकारों जमीन मालिकों की सूची इकट्ठा कराकर उनके साथ बैठक कर आ रही गतिरोध को समाप्त करने का फैसला लिया गया। एसडीएम सदर दीपक गुप्ता संबंधित लेखपालों और कानूनगो के साथ बैठक कर लेखपालों कानूनगो को निर्देशित किया कि तहसील अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे जमीन मालिकों काश्तकारों की सूची तैयार कर, उपलब्ध कराया जाए। जिससे उन जमीन मालिकों से वार्ता कर आ रही अड़चन को दूर किया जाए जिससे चल रहे विकास कार्यों को गति मिल सके। एसडीएम सदर लगातार अपने सहयोगियों के साथ बैठक कर निर्देशित कर रहे हैं चल रहे निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, युद्ध स्तर पर लगकर काश्तकारों से रजिस्ट्री कराने का कार्य करें जिससे तहसील के साथ साथ जनपद को विकास पथ पर ले जाया जा सके। बैठक में नायब तहसीलदार राकेश शुक्ला कानूनगो लेखपाल मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जनता परेशान, गाँव-गाँव में झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला
बलिया। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनने के बजाय परेशानी का सबब साबित हो रहे हैं। ताजा स्थिति यह है कि कई उपकेंद्र महीनों से तालेबंद पड़े हैं। वहीं, पीएचसी पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की अनियमितता आम बात हो गई है। दवाओं की भारी कमी, जर्जर भवन और टूटी-फूटी मशीनें मरीजों की पीड़ा को और बढ़ा रही हैं। गाँवों में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव का फायदा झोलाछाप डॉक्टर उठा रहे हैं। यह कथित “डॉक्टर” बिना डिग्री और प्रशिक्षण के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे आए दिन गलत दवा और गलत ऑपरेशन के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में सिकंदरपुर क्षेत्र की एक महिला ने आरोप लगाया था कि एक झोलाछाप डॉक्टर ने उसका गलत ऑपरेशन कर दिया, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल तक भागना पड़ा। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता विनोद तिवारी ने कहा – “स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। अधिकारी केवल बैठकों और रिपोर्ट तक सीमित हैं। जनपद के आम नागरिकों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग को तत्काल कड़ा कदम उठाकर गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करना चाहिए, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते हैं।
सकारात्मक एंगल (विस्तृत)
बलिया स्वास्थ्य विभाग ने सुधार की दिशा में उठाए ठोस कदम, ग्रामीणों को मिलने लगी राहत
बलिया। लंबे समय से आलोचना झेल रहे जिले के स्वास्थ्य विभाग ने अब सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। विभाग ने हाल ही में कई पहल की हैं, जिनका असर धीरे-धीरे जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि बलिया के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से आवश्यक दवाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। 15 नए डॉक्टरों की तैनाती हाल ही में की गई है, जबकि नर्सिंग स्टाफ की कमी भी धीरे-धीरे दूर की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अगस्त महीने में ही 12 से अधिक अवैध क्लिनिक और पैथोलॉजी लैब सील की जा चुकी हैं। साथ ही, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए “विशेष स्वास्थ्य शिविर” आयोजित कर 2,500 से अधिक लाभार्थियों को उपचार और दवाएँ दी गईं।स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की शुरुआत भी की है, जो दूर-दराज़ गाँवों तक पहुँचकर मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। स्थानीय निवासी सुरेश यादव ने खुशी जताते हुए कहा – “पहले हमें मामूली बुखार या जांच के लिए शहर भागना पड़ता था, लेकिन अब गाँव में ही इलाज और दवा मिल रही है। यह बदलाव सराहनीय है। जिला प्रशासन का दावा है कि अगले छह महीनों में बलिया की स्वास्थ्य सेवाओं को मॉडल के रूप में पूरे प्रदेश के सामने पेश किया जाएगा
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना के तहत स्नातक पास छात्राओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सोमवार से शुरू करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जिनके परिणाम संबंधित विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों द्वारा शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार रिकॉर्ड 5.65 लाख से अधिक छात्राओं के रिजल्ट पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं, जो पिछले सात वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र छात्रा को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। आवेदन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आधार सत्यापन से जुड़ी औपचारिकताओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बार केवल वही छात्राएं आवेदन कर पाएंगी, जिनके विश्वविद्यालय परिणाम पहले से पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आवेदन शुरू होने से छात्राओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह योजना न केवल उच्च शिक्षा को बढ़ावा देती है बल्कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम कदम है।