Wednesday, July 15, 2026
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नए बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को सीधे स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपलब्ध

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

प्रदेश में अब नए बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को सीधे स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपलब्ध कराया जाएगा। पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने इस संबंध में सभी विद्युत वितरण निगमों को निर्देश जारी किए हैं। बताया गया है कि पुराने मीटरों को हटाकर चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश में लगभग 37 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को भविष्य में मीटर बदलवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत और भुगतान का हिसाब मोबाइल एप या ऑनलाइन माध्यम से आसानी से देख सकेंगे। साथ विधुत विल जमा करने में सहूलियत रहेगी
इसकी जानकारी एसडीओ अजय कुमार सरोज ने दिया

पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली का भारत पर निशाना: “भारत की वजह से गई मेरी सत्ता”

लिपुलेख-कलापानी विवाद और अयोध्या के राम जन्मस्थल पर बयान — ओली का कहना है कि उनकी पॉलिसी के कारण ही कर दिया गया इस्तीफ़ा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने हाल ही में भारत को अपनी सत्ता खोने की ज़िम्मेदार ठहराया है। ओली के अनुसार, भारत के साथ सीमा विवादों और धार्मिक-ऐतिहासिक बयानों ने उनके विरोधियों को राजनीतिक हथियार दिए, जिससे उनकी सत्ता कमजोर हुई।
विवादित बयान और आरोप
ओली ने कहा है कि लिपुलेख-कलापानी-लिम्पियाधुरा क्षेत्र को लेकर भारत के धरातलीय दावों को स्वीकार न करना उनकी बड़ी भूल नहीं बल्कि देशभक्ति की नीति थी। उनके मुताबिक, भारत की इस नीति का समर्थन न करने से उन्हें राजनीतिक दबाव झेलنا पड़ा, जिसकी वजह से उनकी सत्ता जाएगी।

इसके अलावा, उन्होंने अयोध्या-भगवान राम जन्मभूमि से जुड़ी घटनाओं और भारत में धर्म-इतिहास के बयानों को लेकर भारत की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उन्होंने भारत की “संस्कृति-विचारशैली” के अनुसार काम नहीं किया और इसी वजह से उन पर आरोप लगने लगे।
ओली का विश्लेषण: उन्होंने क्या कहा
ओली ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि अगर उन्होंने ये विवादित मुद्दे नहीं उठाए होते, तो आज भी वे पद पर बने रहते। उनका मानना है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने भारत के खिलाफ उनकी ‘भारत-विरोधी रुख’ को अपने फायदे के लिए प्रयोग किया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि वर्तमान समय में भी भारत पर आरोप लगाना सरल रास्ता है, जबकि असली मुद्दे (उनके बयानों, राजनीतिक फैसलों, लोचता की कमी इत्यादि) आगे नहीं बढ़े गए।
राजनीतिक परिवेश और प्रतिक्रिया
ओली का इस्तीफ़ा गन ज़ेड (Gen Z) आंदोलन और देश में बढ़ते प्रदर्शनों के बीच हुआ, where भारी भीड़ ने सरकारी नीतियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आवाज़ उठाई।

Oli की भारत नीति को लेकर नेपाल के कुछ राजनेताओं और जनता के बीच मतभेद हैं: कुछ लोगों का कहना है कि वो अपने भाषणों से नेपाल-भारत संबंधों को अनावश्यक तनाव में ला रहे थे।

भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जो ये बताए कि भारत इन आरोपों को कैसे देखता है। हालांकि, मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि ये आरोप ओली की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं — विरोधियों से ध्यान हटा कर जनता की नाराज़गी को भारत की ओर मोड़ने का प्रयास।
केपी शर्मा ओली के बयानों से स्पष्ट है कि वे अपनी राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता चली जाने को भारत-से जुड़े विवादों से जोड़ रहे हैं। हालांकि, आलोचक कहते हैं कि सिर्फ आरोप लगाना पर्याप्त नहीं, बल्कि राजनीतिक फैसलों, जनता की अपेक्षाओं और आचरण की ज़िम्मेदारी भी उन्हें लेनी चाहिए।

यह देखना रोचक होगा कि भविष्य में नेपाल-भारत संबंध किस दिशा में जाएंगे, और ओली या उनकी पार्टी इस बहस को किस तरह आगे बढ़ाएगी।

ग्राम कोथ में फर्जी लाइनमैन की करतूत उजागर

फर्जी लाइनमैन की करतूत उजागर विभाग द्वारा काटी कनेक्शन को जोड़ा मुकदमा दर्ज

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

ग्राम कोथ में फर्जी लाइनमैन की करतूत उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि सिंटू प्रजापति पुत्र रामाशीष प्रजापति निवासी कोथ ने डिस्कनेक्ट की गई बिजली लाइन को बुधवार को रात में अवैध रूप से जोड़ दिया। इस कारण विभागीय राजस्व की वसूली प्रभावित हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ अजय कुमार सरोज ने आरोपी फर्जी लाइनमैन के खिलाफ थाना सिकंदरपुर में लिखित तहरीर दी है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधि से न सिर्फ राजस्व की हानि होती है, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे प्रकरणों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी फर्म बनाकर 2.23 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा, GST विभाग ने दर्ज कराई FIR

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कर चोरी के मामले में जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने चिनहट थाने में एक फर्जी फर्म के संचालक के खिलाफ 2.23 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार गुलशन शर्मा नामक व्यक्ति ने ऑनलाइन पंजीकरण कराकर फर्जी फर्म बनाई और कागजों पर ही कारोबार दिखाकर करीब 12.40 करोड़ रुपये का लेन-देन किया। इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकार को 2.23 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान पहुँचाया गया।

विभागीय जांच में सामने आया कि रजिस्टर्ड पता पर फर्म का कोई संचालन नहीं हो रहा था। पूरा कारोबार केवल कागजों पर ही दर्शाया गया था। जब जीएसटी टीम मौके पर पहुँची तो फर्म अस्तित्व में ही नहीं मिली।

विभागीय अधिकारियों ने मामला चिन्हित करते हुए संचालक के खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर टैक्स चोरी करने का आरोप लगाते हुए चिनहट थाने में एफआईआर दर्ज कराई। अब पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, टैक्स चोरी से जुड़े इस नेटवर्क में और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है, जिसकी जांच जारी है।

ईडी की बड़ी कार्रवाई: देशभर में कई मामलों में करोड़ों की संपत्ति कुर्क, अभियोजन शिकायत दायर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देशभर में विभिन्न मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं और कई अभियोजन शिकायतें दायर की हैं।

कोलकाता: ईडी, कोलकाता आंचलिक कार्यालय ने 30 अगस्त 2025 को जिन्नर अली और अन्य चार के खिलाफ विशेष न्यायालय में अभियोजन शिकायत दायर की। न्यायालय ने 8 सितंबर को इस पर संज्ञान लिया। इससे पहले 27 अगस्त को ईडी ने जिन्नर अली से जुड़ी 2.2 करोड़ रुपये की संपत्तियां, जिनमें बर्द्धमान जिले की 10 अचल संपत्तियां और बैंक बैलेंस शामिल हैं, कुर्क की थीं।

श्रीनगर: ईडी ने आईटीबीपी द्वारा 108 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किए जाने और चीन सीमा से 1064 किलोग्राम सोने की तस्करी के मामले में दिल्ली-एनसीआर और लद्दाख में छापेमारी की। तलाशी के दौरान कई अपराध-संकेती दस्तावेज़ बरामद किए गए।

देहरादून: अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी से जुड़े फर्जी कॉल सेंटर केस में ईडी ने ए टू जेड सॉल्यूशंस (मालिक आरिफ अली) और नितिन गुप्ता, गर्वित सिंघल, उदित गर्ग के खिलाफ विशेष पीएमएलए न्यायालय में अभियोजन शिकायत दायर की। अदालत ने आरोपियों को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली: संपत्ति दस्तावेजों में जालसाजी और कूटरचना केस में हरजिंदर पाल सिंह और जगजीत सिंह की 66.25 लाख रुपये मूल्य की दो अचल संपत्तियां (संतगढ़ और मुनिरका विहार, नई दिल्ली) कुर्क की गईं। अब तक इस केस में 1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।

बेंगलुरु: केआईएडीबी, धारवाड़ में दोहरे मुआवज़े घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने वीडी सज्जन और अन्य 17 आरोपियों के खिलाफ 4 सितंबर को मैंगलुरु की अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दायर की।

मुंबई: डीएचएफएल बैंक धोखाधड़ी केस में कपिल वधावन, धीरज वधावन और अन्य के खिलाफ ईडी ने 5 सितंबर को मुंबई स्थित 154 फ्लैटों और 20 फ्लैटों से संबंधित प्राप्य चल संपत्ति, कुल 185.84 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। इस केस में अब तक कुल 256.23 करोड़ रुपये की कुर्की हो चुकी है।

ईडी की ये ताबड़तोड़ कार्रवाइयां भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग, बैंक धोखाधड़ी और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भागवत को दी बधाई, कांग्रेस ने कसा तंज

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को उनके 75वें जन्मदिन पर बधाई दी और उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में बताया, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक परिवर्तन, सद्भाव और बंधुत्व की भावना को मज़बूत करने में समर्पित किया है। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर शुभकामना संदेश साझा करते हुए कहा कि भागवत वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत के प्रतीक हैं। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में भागवत के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की भी कामना की।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने भागवत की जीवन यात्रा पर एक लेख भी लिखा, जिसमें उनके शुरुआती दौर में एक प्रचारक के रूप में किए गए कार्य, विदर्भ में संगठनात्मक ज़िम्मेदारियां निभाने की भूमिका और आगे चलकर सरसंघचालक बनने तक के सफर का उल्लेख किया। यह लेख विभिन्न अखबारों में प्रकाशित हुआ।

उधर, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आरएसएस नेतृत्व को खुश करने के लिए ‘बेताब’ हैं। रमेश ने तंज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भागवत को बधाई संदेश लिखते समय 11 सितंबर 1893 को स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का उल्लेख तो किया, लेकिन 11 सितंबर 1906 को महात्मा गांधी द्वारा दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में पहली बार किए गए सत्याग्रह आह्वान को याद नहीं किया।

जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री से सत्याग्रह की उत्पत्ति को याद रखने की उम्मीद करना बहुत ज्यादा हो जाता है, क्योंकि सत्य शब्द ही उनके लिए अपरिचित है। प्रधानमंत्री स्वयं को ‘नॉन-बायलॉजिकल’ बताते हैं और अपने प्रवचनों को ऐसे प्रस्तुत करते हैं मानो वह स्वयं ईश्वर हों।”

प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए इस विशेष संदेश और लेख ने जहां आरएसएस और उसके समर्थकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा की है, वहीं विपक्ष ने इसे राजनीतिक निहितार्थों से जोड़कर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गई महिला प्रधानाध्यापिका, जेल भेजी गईं

बरेली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला प्रधानाध्यापिका को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को बिथरी चैनपुर क्षेत्र के म्यूडी खुर्द स्थित प्राथमिक विद्यालय में की गई।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार की गई प्रधानाध्यापिका सरिता वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने विद्यालय में हुए निर्माण कार्य का भुगतान जारी करने के लिए ठेकेदार से नाजायज कमीशन मांगा था।

शिकायत पर कार्रवाई

पीड़ित ठेकेदार राजकुमार ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने जाल बिछाया। योजना के मुताबिक राजकुमार तयशुदा 50 हजार रुपये की रिश्वत लेकर विद्यालय पहुंचा।

जैसे ही प्रधानाध्यापिका ने ठेकेदार से रकम ली, एंटी करप्शन टीम ने तत्काल उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया।

मुकदमा दर्ज, जेल भेजा गया

प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल ने बताया कि गिरफ्तार सरिता वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गुरुवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार की ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम जरूरी हैं ताकि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

नेपाल आंदोलन से प्रभावित आमजन की परेशानी : बॉर्डर बंद, रिश्तों और सपनों के बीच फंसी जिंदगियां

मधुबनी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) नेपाल में चल रहे आंदोलन का असर भारत-नेपाल सीमा पर आमजन की जिंदगी पर साफ झलक रहा है। शादी के 40 साल बाद मायके जाने निकली लक्ष्मी देवी का चेहरा मायूसी से भरा हुआ है। दिल्ली से चलीं और वाराणसी तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन जैसे ही जयनगर पहुंचीं, उन्हें नेपाल की स्थिति का अंदाजा हुआ। लक्ष्मी देवी को काठमांडू जाना था। उन्होंने बताया कि शादी के बाद अब तक मायके जाने का मौका नहीं मिल पाया था। इस बार दीपावली पर घरवालों ने जिद की तो वह आ गईं, लेकिन हालात ने उनका रास्ता रोक दिया।

लक्ष्मी देवी के साथ सफर कर रही सिंधुली की उमा कुमारी भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि “हम लोगों को ट्रेन में कुछ जानकारी नहीं मिली। अब जब बॉर्डर तक पहुंचे तो हालात बिगड़े हुए देखे। एसएसबी ने जरूरी कागजात देखकर तो छोड़ दिया, लेकिन आगे का सफर कैसे होगा, यह कहना मुश्किल है। अब जो होगा, उसका सामना करना ही पड़ेगा।”

इसी तरह नेपाल के गमहरिया गांव के बिंदे ठाकुर भी अपने बीमार संबंधी से मिलने भारत के लदनियां आए हैं। वे कहते हैं, “रिश्तेदार की हालत गंभीर है। चाहे पैदल जाना पड़े या किसी भी साधन से, हमें जाना ही है।”

नेपाल के सिरहा जिले के खटौका मारर स्थित भंसार कार्यालय आंदोलन के दिन से बंद कर दिया गया है। इस वजह से गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। स्थानीय लोगों को पहचान पत्र दिखाने पर थोड़ी छूट दी जा रही है, लेकिन लंबी दूरी तय करने वालों के लिए यह सुविधा नाकाफी साबित हो रही है।

मारर बॉर्डर पर तामिलनाडु से सीमेंट लेकर नेपाल जा रहे ट्रक ड्राइवर अर्जुन यादव पिछले कई दिनों से फंसे हुए हैं। उनका कहना है, “हम परमिट की प्रक्रिया में उलझे थे और तभी बॉर्डर बंद हो गया। अब नहीं जानते कि कितने दिन तक यहीं अटके रहेंगे। ऊपर से डर भी है कि कहीं असुरक्षित न हो जाएं।”

सीमा पर यही हाल है—कोई बीमार मां से मिलने निकल पड़ा है।कोई पति-पत्नी के मिलन की आस लगाए बैठा है।कोई पिता अपने बेटे-बेटी को गले लगाने की उम्मीद में है।तो कोई सालों की कमाई से घर बनाने के सपने के साथ जरूरी सामान लेकर फंसा हुआ है।

नेपाल में जारी अस्थिरता और सीमा बंदी के बीच इन आमजन की परेशानी साफ झलक रही है। सवाल यही है कि रिश्तों और सपनों के बीच अटका यह सफर आखिर कब अपने मुकाम तक पहुंचेगा।

देवरिया पुलिस का ‘मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान’, 539 व्यक्ति और 289 वाहन हुए चेक

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर के निर्देशन में प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक जनपद में व्यापक स्तर पर मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया गया।इस अभियान के तहत सभी थानाध्यक्षों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले आमजन से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन चेकिंग की गई।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता के तहत जनमानस में विश्वास जगाना, मित्र पुलिसिंग की भावना को प्रोत्साहित करना और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना रहा। चेकिंग के दौरान चोरी की गाड़ियां पकड़ने, तीन सवारी पर कार्रवाई करने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, महिलाओं-बच्चियों से छेड़छाड़ करने वालों पर कार्यवाही करने तथा अवैध असलहा व मादक पदार्थों की जांच पर विशेष ध्यान दिया गया।जनपदीय पुलिस ने कुल 27 स्थानों पर चेकिंग करते हुए 539 व्यक्तियों और 289 वाहनों की जांच की। नियमों का उल्लंघन करने वाले चार वाहनों का ई-चालान भी किया गया।जनसामान्य ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे अभियान

अपराध पर कैसे कसेगा शिकंजा? पटना में आरजेडी नेता की दिनदहाड़े हत्या से दहशत

मृतक का फाइल फोटो

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि बुधवार देर शाम उन्होंने आरजेडी नेता और प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार राय उर्फ आला राय की गोली मारकर हत्या कर दी। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी अब किसी भय के साये में नहीं हैं।

घर पहुंचते ही ताबड़तोड़ फायरिंग पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजकुमार राय जैसे ही अपनी गाड़ी से घर के पास पहुंचे, तभी घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए वे पास के एक होटल में घुस गए, लेकिन हमलावरों ने वहां भी पीछा कर गोलियों की बौछार कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार होटल परिसर में भी कई राउंड फायरिंग हुई जिससे लोगों में भगदड़ मच गई।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत गंभीर रूप से घायल राय को पुलिस ने तत्काल पीएमसीएच पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से पुलिस ने 6 खोखे बरामद किए हैं। वहीं, पटना पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कहा कि मामले की हर एंगल से छानबीन हो रही है।

चुनाव की तैयारी कर रहे थे मृतक मृतक की बहन शिला देवी ने आरोप लगाया कि अपराधियों ने 8 से 10 गोलियां चलाईं। उन्होंने बताया कि उनका भाई इस बार राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे शव को सड़क पर रखकर विरोध करेंगे।

अपराधी निरंकुश, जनता सहमी राजधानी में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत है। लोगों का कहना है कि आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि जब राजनीतिक रूप से सक्रिय एक नेता सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का जिम्मा कौन लेगा?

पुलिस पर बढ़ा दबाव हत्या के बाद पुलिस प्रशासन पर अपराधियों को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अपराधियों की पहचान की जा रही है। लेकिन जनता का विश्वास तभी बहाल होगा जब अपराधियों को सख्त सजा मिले और कानून-व्यवस्था पर कड़ा शिकंजा कसा जाए।

यह वारदात न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार में बढ़ते अपराध की भयावह तस्वीर पेश करती है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि “आखिर अपराधी कब तक खुलेआम गोलियां बरसाते रहेंगे और कानून-व्यवस्था कब तक मूकदर्शक बनी रहेगी?”

बारिश के बीच ढही जिंदगी की दीवार, तीन मौतें, चार घायल

फोटो सौजन्य से ANI

धनबाद। (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) झारखंड के कोयलांचल धनबाद में बुधवार शाम भारी बारिश आफ़त बनकर टूटी। लोदना पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत बीसीसीएल (B.C.C.L.) के एक पुराने व जर्जर क्वार्टर के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय क्वार्टर में कुल सात लोग मौजूद थे। मकान के जर्जर होने के कारण दीवारें और छत भारी बारिश के दबाव में भरभरा कर गिर गईं। स्थानीय लोगों ने चीख-पुकार सुनकर तुरंत राहत कार्य शुरू किया और एक खुदाई मशीन की मदद से मलबा हटाकर सभी लोगों को बाहर निकाला।

सभी घायलों और मृतकों को तत्काल धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) पहुँचाया गया।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार गिंदौरिया ने बताया कि “कुल सात लोगों को लाया गया था। उनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि चार अन्य घायल हैं जिनका उपचार जारी है।”

प्रशासन अलर्ट, जर्जर मकानों पर निगरानी

घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय निवासियों ने बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन से सवाल उठाए हैं कि लंबे समय से जर्जर भवनों में लोग मजबूरीवश रह रहे हैं, जबकि समय रहते इन्हें खाली कराने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया और घायलों के बेहतर इलाज का आश्वासन दिया।

विष्णु भगवान और बृहस्पति ग्रह : कथा, मंत्र और महत्व

(पंडित जय प्रकाश पाण्डेय द्वारा राष्ट्र की परम्परा के माध्यम से प्रस्तुति)

🌿 भारतीय संस्कृति में ग्रहों को देवतुल्य स्थान दिया गया है। प्रत्येक ग्रह किसी न किसी देवता से जुड़ा हुआ है। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह (गुरु) को सबसे शुभ और कल्याणकारी ग्रह माना गया है। इसे देवताओं का गुरु, ज्ञान, धर्म, आस्था और समृद्धि का प्रतीक बताया गया है। पुराणों के अनुसार, बृहस्पति का सीधा संबंध विष्णु भगवान से है, क्योंकि विष्णु स्वयं धर्म और सत्पथ के रक्षक हैं, और गुरु उसी पथ के मार्गदर्शक।
🌼 बृहस्पति ग्रह और विष्णु भगवान का संबंध
बृहस्पति को देवताओं का आचार्य कहा गया है। वे देवराज इंद्र के राजगुरु भी हैं।
धर्म, न्याय, नीति और आध्यात्मिकता बृहस्पति का स्वभाव है, और यही गुण भगवान विष्णु के स्वरूप में प्रकट होते हैं।
श्रीमद्भागवत महापुराण में उल्लेख है कि जब भी अधर्म बढ़ता है, तब भगवान विष्णु अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। इसी प्रकार ज्योतिष में बृहस्पति जातक को धर्म, सदाचार और सही मार्ग पर ले जाते हैं।
इसलिए गुरुवार का दिन बृहस्पति और विष्णु पूजा दोनों के लिए शुभ माना जाता है।
📖 कथा : देवताओं के गुरु और विष्णु का आशीर्वाद
एक प्राचीन कथा के अनुसार, असुरों ने देवताओं पर विजय प्राप्त कर ली थी। देवताओं ने अपनी हार से दुखी होकर भगवान विष्णु की शरण ली। विष्णु ने कहा कि जब तक देवताओं का मार्गदर्शन करने वाला कोई ज्ञानी आचार्य नहीं होगा, वे विजय नहीं पा सकेंगे।
इसी समय अंगिरा ऋषि के पुत्र बृहस्पति को देवताओं का गुरु बनाया गया। उन्होंने धर्म, ज्ञान और नीति का मार्ग दिखाया। उनके आशीर्वाद और विष्णु की कृपा से देवताओं ने असुरों को पराजित किया।
इस कथा से यह स्पष्ट होता है कि धर्म और विजय का आधार भगवान विष्णु और गुरु (बृहस्पति) की संयुक्त कृपा है।
🕉️ बृहस्पति एवं विष्णु के प्रमुख मंत्र

  1. बृहस्पति मंत्र (ग्रह शांति हेतु)
    ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥
  2. विष्णु मंत्र (धन, सौभाग्य व कल्याण हेतु)
    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥
  3. संयुक्त प्रार्थना (गुरुवार को विशेष फलदायी)
    देवानां च ऋषीणां च गुरुं काञ्चन सन्निभम्।
    बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥
    🌟 बृहस्पति ग्रह का ज्योतिषीय महत्व
    बृहस्पति कुंडली में उच्च ज्ञान, धर्म, विवाह, संतान सुख और धन का कारक है।
    जिसकी कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है, वह व्यक्ति समाज में आदर, ज्ञान और धन प्राप्त करता है।
    विष्णु की भक्ति और गुरु का सम्मान करने से बृहस्पति ग्रह की स्थिति सुधरती है।
    🌿 गुरुवार को क्या करें?
    पीले वस्त्र धारण करें।
    भगवान विष्णु और बृहस्पति को पीले पुष्प अर्पित करें।
    चने की दाल, केला, हल्दी का दान करें।
    शाम को तुलसी पर दीपक जलाएं।
    बृहस्पति ग्रह और विष्णु भगवान का गहरा आध्यात्मिक और ज्योतिषीय संबंध है। जहां विष्णु धर्म और विश्व की रक्षा करते हैं, वहीं गुरु धर्ममार्ग दिखाते हैं। मंत्र-जप, गुरुवार का व्रत और दान करने से व्यक्ति को ज्ञान, समृद्धि और जीवन में शुभ फल प्राप्त होता है।

वैष्णो देवी यात्रा 16वें दिन भी स्थगित, मरम्मत कार्य अंतिम चरण में

मां वैष्णवी की यात्रा के लिए मुख्य द्वार

जम्मू-कश्मीर(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा लगातार 16वें दिन भी स्थगित रही। हालांकि जम्मू क्षेत्र में मौसम की स्थिति में अब काफी सुधार देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि 26 अगस्त को कटरा बेल्ट की त्रिकुटा पहाड़ियों के अधकुवारी क्षेत्र में बादल फटने के कारण हुए भीषण भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 20 अन्य लोग घायल हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया था।

अधिकारियों ने बताया कि गुफा मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर अधिकांश मरम्मत और सफाई का काम अब लगभग पूरा हो चुका है। संभावना जताई जा रही है कि शनिवार या रविवार तक यात्रा पुनः शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा शुरू करने का निर्णय पूरी तरह हालात की समीक्षा और सुरक्षा इंतज़ामों के आधार पर ही लिया जाएगा।

🌟 11 सितम्बर 2025 – दैनिक राशिफल 🌟

मेष (Aries)
आज जितना जोखिम कम लेंगे, उतना लाभ सुरक्षित रहेगा। सगे-संबंधियों से शुभ समाचार मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और मन प्रसन्न रहेगा।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लाल | सलाह: जल्दबाज़ी से बचें।
वृषभ (Taurus)
व्यापारिक साझेदारी में नई योजनाएं बनेंगी। परिश्रम के अनुरूप सफलता मिलेगी। नई पहचान और प्रतिष्ठा अर्जित करेंगे।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद | सलाह: नए रिश्तों में सावधानी रखें।
मिथुन (Gemini)
पारिवारिक व संतान संबंधी चिंताएं कम होंगी। यात्रा टालना बेहतर होगा। जरूरी दस्तावेज गुम होने की आशंका है। पालतू पशुओं से सावधान रहें।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हरा | सलाह: दस्तावेज सुरक्षित रखें।
कर्क (Cancer)
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी, वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी। बीमारी पर खर्च संभव है। सामाजिक व धार्मिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: चांदी | सलाह: स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
सिंह (Leo)
खर्च और विचारों में संतुलन जरूरी है। पदोन्नति के योग हैं और सहयोग मिलेगा। परंतु विश्वासपात्र ही विश्वासघात कर सकते हैं।
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: सुनहरा | सलाह: निर्णय सोच-समझकर लें।
कन्या (Virgo)
प्रतिष्ठा की रक्षा करने में सफल रहेंगे। शुभ समाचार प्राप्त होगा। विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट सफल होंगे, लेकिन मन में असंतोष और उदासी बनी रहेगी।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: हरा | सलाह: आत्मविश्वास बनाए रखें।
तुला (Libra)
नए कार्यों की शुरुआत लाभकारी होगी। आर्थिक लेन-देन शुभ रहेगा। सामाजिक व जनहित कार्यों में रुचि लेंगे, दान का अवसर मिलेगा। डूबे धन की वापसी संभव।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नीला | सलाह: अवसर का लाभ उठाएं।
वृश्चिक (Scorpio)
सबसे प्रेम और आदर मिलेगा। परंतु जोखिम लेना भारी पड़ सकता है। सरकारी कार्यों में सफलता और संतान से लाभ होगा। कार्यभार से थकान महसूस होगी।
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: लाल | सलाह: जोखिम से बचें।
धनु (Sagittarius)
धन संबंधी मामलों में चिंतन रहेगा। कार्य में सफलता मिलेगी। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। किसी विशेष समस्या का समाधान मिलेगा।
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: पीला | सलाह: धैर्य बनाए रखें।
मकर (Capricorn)
संतान से आशाजनक समाचार मिलेगा। गलतफहमियों और अफवाहों से चिंता होगी। निवेश भविष्य के लिए लाभकारी रहेगा। नौकरी व व्यापार में लाभ मिलेगा।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: काला | सलाह: विवादों से बचें।
कुंभ (Aquarius)
आज का दिन अविस्मरणीय रहेगा। नायक जैसा सम्मान मिलेगा। कार्य में सफलता और विशेष प्रशिक्षण के योग हैं।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: आसमानी | सलाह: आत्मविश्वास से कार्य करें।
मीन (Pisces)
अशुभ समय, अप्रिय घटनाओं और समाचार की आशंका। फालतू गतिविधियों से बचें। समय का सदुपयोग करें और रिश्तों को मजबूती दें।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: बैंगनी | सलाह: धैर्य से काम लें।
📰 विशेष टिप्स:
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा के योग हैं।
स्वास्थ्य और रिश्तों में धैर्य और सावधानी जरूरी है।
सकारात्मक सोच आपके दिन को सफल बनाएगी।

दक्षिण एशिया की राजनीतिक अस्थिरता और भारत की भू-राजनीतिक चुनौतियाँ

गोंदिया-वैश्विक स्तरपर दक्षिण एशिया आज विश्व राजनीति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहाँ की आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। नेपाल, जो भारत के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक औरभौगोलिक रूप से गहराई से जुड़ा हुआ है, वर्तमान में एक बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। सत्ता परिवर्तन, युवा आक्रोश, भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन,बाहरी हस्तक्षेप और आर्थिक चुनौतियाँ इससंकट की मुख्य वजहें हैं?भारत के लिए यह स्थिति केवल पड़ोसी की चिंता नहीं है,बल्कि अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा,सीमाई स्थिरता, आर्थिक व्यापारिक हित और क्षेत्रीय रणनीति से भी गहराई से जुड़ी हुई है।भारत और नेपाल के बीच लगभग 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है,जो उत्तर प्रदेश, बिहार,पश्चिम बंगाल,उत्तराखंड और सिक्किम से लगती है। यह भौगोलिक निकटता दोनों देशों के संबंधों को विशेष बनाती है। नेपाल के लगभग 80 लाख नागरिक भारत में कामकाज और रोजगार से जुड़े हुए हैं।यह केवल आर्थिक पहलू नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक बंधन भी है,क्योंकि लाखों नेपाली परिवार भारत में बसते हैं और दोनों देशों के लोगों के बीच वैवाहिक रिश्ते भी आम हैं।भारत के लिए नेपाल में राजनीतिक स्थिरता इसलिए जरूरी है, क्योंकि यदि वहाँ लगातार सत्ता संकट,विद्रोह या गृहयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होती है,तो उसका सीधा असर भारत की सीमाओं, सुरक्षा और आंतरिक राजनीति पर पड़ेगा, जो रेखांकित करने वाली बात है इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे,नेपाल सहित पड़ोसी मुल्कों में राजनीतिक अस्थिरता और भारत पर इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव:-एक गहन विश्लेषण।
साथियों बात अगर हम,नेपाल के युवाओं क़े स्पष्ट रूप से खुलासा करने की करें तो उन्होंने कहा है कि तोड़फोड़, लूटपाट और हथियार छीनने जैसी घटनाओं में उनका कोई हाथ नहीं है। यह काम कुछ बाहरी तत्वों का है, जिन्होंने आंदोलन में प्रवेश करके उसकी दिशा बदलने की कोशिश की। इस बयान से यह साफ है कि नेपाल का युवा वर्ग केवल पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त शासन चाहता है,न कि अराजकता और हिंसा।भारत के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है। अगर नेपाल में लंबे समय तक चुनाव टाले जाते हैं और स्थिर सरकार नहीं बनती, तो अराजक तत्व और बाहरी शक्तियाँ स्थिति का फायदा उठाकर भारत की सीमाओं में असुरक्षा फैला सकती हैं।
साथियों बात अगर हम भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक रिश्ते अति गहरे होने की करें तो,नेपाल के कुल व्यापार का लगभग दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ होता है।भारत नेपाल को मशीनरी,पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयाँ,खाद्य सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और औद्योगिक वस्तुएँ भारी मात्रा में निर्यात करता है, जबकि नेपाल से मुख्य रूप से तैलीय बीज, वन उत्पाद और कुछ सीमित वस्तुएँ ही आयात करता है।इससे भारत का ट्रेड सरप्लस बढ़ता है, लेकिन नेपाल की अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है। राजनीतिक संकट से नेपाल की अर्थव्यवस्था और कमजोर होगी, जिससे उसकी खरीद क्षमता घटेगी और भारत के निर्यात पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
साथियों बात अगर हम वर्तमान समय में भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ व डिजिटल डेटा पॉलिसी जैसे मुद्दों पर तनाव चलनें की करें तो,ऐसे समय में भारत को अपने निर्यात के लिए नए बाज़ारों की आवश्यकता है। नेपाल भारत का प्राकृतिक और पारंपरिक बाज़ार रहा है। यदि नेपाल की अर्थव्यवस्था राजनीतिक अस्थिरता के कारण और कमजोर हो जाती है,तो यह भारत की रणनीति के लिए दोहरी चुनौती होगी।यानें एक ओर अमेरिका से तनाव,और दूसरी ओर नेपाल का संकट,दोनों मिलकर भारत की निर्यात नीति, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
साथियों बात अगर हम इसे चीनी दक्षिण एशिया और वैश्विक संलग्नता के एंगल से देखे तो, नेपाल की अस्थिरता केवल भारत का मामला नहीं है। इस क्षेत्र में चीन भी अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करनेकी कोशिश करता रहा है। चीन, बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत नेपाल को इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऋण के जाल में फँसाने का प्रयास कर रहा है। अगर नेपाल लंबे समय तक अस्थिर रहता है, तो चीन वहाँ अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश करेगा।भारत के लिए यह सुरक्षा दृष्टि से खतरा है,क्योंकि नेपाल की खुली सीमा भारत की रक्षा नीति के लिए चुनौती बन सकती है।नेपाल की अस्थिरता केवल सीमाई समस्या नहीं पैदा करेगी,बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में अविश्वास और असुरक्षा का माहौल पैदा कर सकती है। यह स्थिति सार्क जैसी क्षेत्रीय संस्थाओं की निष्क्रियता को और गहरा करेगी।साथ ही भारत-बांग्लादेश संबंध, भारत -श्रीलंका संबंध और भारत- भूटान संबंध भी इससे प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि क्षेत्रीय राजनीति पर एक प्रकार का डोमिनो प्रभाव पड़ता है।
साथियों बात कर हम सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, लोकतंत्र और न्याय क़े महत्व की करें तो,10 सितंबर 2025 को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने नेपाल के संवैधानिक और राजनीतिक संकट पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। “प्रेसिडेंशियल रेफरेंस केस” की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीज़ेआई) नेपाल के हालात पर चिंता जताई है,प्रेस‍िडेंश‍ियल रेफरेंस पर सुनवाई के दौरान कांस्‍टीट्यूशन बेंच की अध्‍यक्षता कर रहे चीफ जस्‍ट‍िस ने कहा, हमें अपने संविधान पर गर्व है,पड़ोसी देशों की ओर देखिए, नेपाल में हमने देखा, इस पर जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा,और बांग्लादेश में भी,पड़ोसी देशों का ज‍िक्र क्यों?
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में राजनीतिक अस्थिरता और संविधान को लेकर विवाद जारी हैं,नेपाल में हालात ऐसे बन गए हैं क‍ि जनता के गुस्‍से की वजह से प्रधानमंत्री को पद छोड़ना पड़ा है,चार द‍िन से देश में आग लगी हुई है, बांग्‍लादेश में कुछ महीनों पहले ऐसे ही हालात बने थे और प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी।हमें क्यों है गर्व?भारत का संविधान दुनियाँ के सबसे बड़ा और सबसे लोकतांत्रिक संविधान में से एक है, इसने न केवल जनता को बराबरी और अधिकार दिए हैं, बल्कि सत्ता में बैठे नेताओं को भी सीमाओं में रहने का सबक सिखाया है, आपातकाल जैसी स्थिति में भी लोकतंत्र ने अपनी राह बनाई और जनता ने संविधान के जरिए ही सत्ता को पलट दिया,न्यायपालिका ने कई ऐतिहासिक फैसलों के जरिए संविधान की आत्मा को मजबूत बनाए रखा है। सीजेआई की टिप्पणी इसी भरोसे की ओर इशारा करती है कि चाहे कितने भी संकट आएं, भारतीय लोकतंत्र अपने संविधान की वजह से बार-बार मजबूत होकर खड़ा हुआ है।
साथियों बात अगर हम वैश्विक स्तरपर सोशल मीडिया एल्गोरिथ्म और जनआंदोलन की जटिलता की करें तोआधुनिक युग में राजनीति केवल सड़कों और संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया एल्गोरिथ्म द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। विश्वभर के उदाहरण,फ्रांस में पीली जैकेट आंदोलन, आज 10 सितंबर 2025 को फ्रांसमेँ जबरदस्त आंदोलन, श्रीलंका में राजपक्षे सरकार का पतन, बांग्लादेश और नेपाल में युवाओं का विद्रोह,यह साबित करते हैं कि सोशल मीडिया जनमत को जिस तरह आकार देता है, वह कभी-कभी स्थिर लोकतंत्रों को भी अस्थिर बना सकता है। एल्गोरिथ्म की समस्या यह है कि यह संतुलित खबरों की जगह अधिक उग्र,सनसनीखेज और विभाजनकारी सामग्री को प्राथमिकता देता है, जिससे समाज में ध्रुवीकरण और असंतोष तेज़ी से फैलता है।भारत को नेपाल के अनुभव से सीख लेनी चाहिए। क्योंकि अगर सोशल मीडिया एल्गोरिथ्म के प्रभाव पर गंभीर नियंत्रण और निगरानी नहीं की गई, तो यह स्थिति भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक समरसता के लिए भी खतरा बन सकती है।
साथियों बात अगर हम समाधान की दिशा मेँ कदम बढ़ाने की करें तो-(1) नेपाल में शीघ्र और पारदर्शी चुनाव कराना अनिवार्य है।(2) भारत को नेपाल के साथ कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाना चाहिए, ताकि वहाँ लोकतांत्रिक संस्थाएँ मजबूत हों।(3) सोशल मीडिया एल्गोरिथ्म और बाहरी तत्वों पर सख्त निगरानी जरूरी है।(4) नेपाल की आर्थिक कमजोरी दूर करने के लिए भारत को संतुलित व्यापार नीति अपनानी होगी।(5)क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत, नेपाल और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के बीच बहुपक्षीय संवाद होना चाहिए।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन करें इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि नेपाल की मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता केवल एक पड़ोसी देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह भारत और पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती है। भारत के सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, युवाओं की शांतिपूर्ण आकांक्षा, और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ इस बात को साबित करती हैं कि नेपाल में शीघ्र चुनाव और स्थिर सरकार का गठन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।अगर भारत इस मौके पर सक्रिय और संतुलित भूमिका निभाता है, तो न केवल नेपाल को स्थिरता मिलेगी बल्कि भारत का क्षेत्रीय और वैश्विक नेतृत्व भी और मजबूत होगा।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया