Wednesday, July 15, 2026
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दुष्कर्म पीड़िता और बच्चे की डीएनए जांच आदेश नियमित रूप से नहीं हो सकता

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि दुष्कर्म पीड़िता और उसके बच्चे की डीएनए जांच का आदेश नियमित ढंग से नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे आदेश तभी दिए जाने चाहिए जब बाध्यकारी और अपरिहार्य परिस्थितियां हों, क्योंकि इस तरह की जांच से गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।

मामला रामचंद्र राम नामक आरोपी की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है। आरोपी ने निचली अदालत द्वारा दुष्कर्म पीड़िता और उसके बच्चे की डीएनए जांच कराने के आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी थी।

कोर्ट की टिप्पणी

न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) के मामलों में बच्चे के पितृत्व का पता लगाना आवश्यक नहीं है। डीएनए जांच का आदेश तभी दिया जा सकता है जब इसके लिए मजबूर कर देने वाली परिस्थितियां उत्पन्न हों। अन्यथा यह पीड़िता और बच्चे दोनों के लिए सामाजिक रूप से गंभीर दुष्परिणाम ला सकता है।”

मामला क्या है?

आरोपी रामचंद्र राम के खिलाफ दुष्कर्म, घर में घुसने, गलत कैद करने और आपराधिक धमकी देने सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच पूरी होने पर उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। पाँच गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद आरोपी ने डीएनए जांच की मांग की, लेकिन निचली अदालत ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

निचोड़

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि डीएनए जांच कोई नियमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे केवल असाधारण परिस्थितियों में ही आदेशित किया जा सकता है। इस फैसले से भविष्य में दुष्कर्म मामलों में डीएनए जांच संबंधी मांगों पर न्यायालयों के रुख को लेकर महत्वपूर्ण दिशा मिली है।

मथुरा में दुष्कर्म आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मुठभेड़, पैर में गोली लगने से घायल

सांकेतिक फोटो

मथुरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के जमुनापार क्षेत्र में शुक्रवार को दुष्कर्म के आरोप में पकड़ा गया एक ऑटो चालक पुलिस से भिड़ गया। उसने मौका-ए-वारदात दिखाने के दौरान पुलिस उपनिरीक्षक की सर्विस पिस्तौल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लग गई। आरोपी को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

छात्रा से दुष्कर्म अपर पुलिस अधीक्षक (नगर क्षेत्र) राजीव कुमार सिंह ने जानकारी दी कि लखनऊ की रहने वाली एक स्थानीय विश्वविद्यालय की डी-फार्मा छात्रा शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े पाँच बजे एक्सप्रेस-वे होते हुए मथुरा पहुँची थी। वृंदावन कट पर उतरने के बाद उसने विश्वविद्यालय जाने के लिए ऑटो-रिक्शा बुक किया। रास्ते में एक सुनसान जगह पर चालक दिनेश ने जबरन छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गया।

सर्विलांस से गिरफ्तारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए सर्विलांस के माध्यम से आरोपी को कुछ ही घंटों में दबोच लिया। पुलिस उसे घटना स्थल का मौका मुआयना कराने ले जा रही थी।

पिस्तौल छीनकर की फायरिंग इसी दौरान आरोपी दिनेश ने उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार की सर्विस पिस्तौल छीन ली और पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली उसके दाएँ पैर में लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा।

अस्पताल में भर्ती, मुकदमा दर्ज पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 307 (हत्या का प्रयास), 394 (लूट), 353 (सरकारी कार्य में बाधा), 332 (सरकारी कर्मचारी पर हमला) तथा शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एनआईए ने बरामद किए 3 हथगोले और पिस्तौल, विदेशी आकाओं की साजिश का पर्दाफाश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमला मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी ने पंजाब के बटाला के भामरी गांव से तीन हथगोले और .30 बोर की एक पिस्तौल बरामद की है। यह बरामदगी हाल ही में गिरफ्तार आरोपी शरणजीत कुमार उर्फ ​​सन्नी की निशानदेही पर की गई।

एनआईए की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हथियार और विस्फोटक एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जिसका मकसद पंजाब की शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस साजिश के पीछे यूरोप, अमेरिका और कनाडा में बैठे आतंकवादी आकाओं का हाथ है, जिन्होंने शरणजीत और उसके साथियों को हथियार मुहैया कराए। एजेंसी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क पंजाब को अस्थिर करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के इरादे से काम कर रहा था।

एनआईए मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही इस आतंकी षड्यंत्र के अन्य पहलुओं को भी उजागर करने की उम्मीद जताई जा रही है।

“ट्रंप के लाडले चार्ली कर्क का मर्डर क्यों? – दुनियाँ के सामने सबसे बड़ा सवाल!”

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर नेपाल में जेन जी आंदोलन अभी थमा ही नहीं है बल्कि उनमें ही आपसी फूट के नज़ारे दिख रहे हैं उधर फ्रांस में जेन जी के लिए सोशल मीडिया पर बैन की खबर पर चर्चा जारी है,लेकिनअमेरिका में अपने विचारों से जेन जी पर असर डालने वाले कंजरवेटिव एक्टिविस्ट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी दोस्त चार्ली कर्क की हत्या, पूरी दुनियाँ के लिए इससे भी बड़ी खबर बनी हुई है, अमेरिका,यूरोप और दुनियाँ भर के मुस्लिम मुल्कों के साथ साथ भारत में भी डोनाल्ड ट्रंप के करीबी चार्ली कर्क की हत्या पर चर्चा की जा रही है,सिर्फ 31 साल के चार्ली कर्क अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के लिए कितने महत्वपूर्ण थे,उसे इस तरह समझा जा सकता है,उनकी हत्या के बाद ट्रंप ने अमेरिकी झंडे को चार दिन तक झुका कर रखने का आदेश दिया है, इसी के साथ ट्रंप ने कर्क के हत्यारे को किसी भी कीमत पर पकड़कर सजा देने का भी एलान किया है। चार्ली कर्क की उस वक्त गोली मारकर हत्या की गई जब वो अमेरिका की यूटायूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत कर रहे थे, अचानक एक गोली चली जो उनके गले में लगी,अस्पताल में उनको मृत घोषित कर दिया गया। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि,दुनियाँ के सामने सबसे बड़ा सवाल है चार्ली कर्क को किसने मारा?उसकी हत्या क्यों की गई, क्या यह हत्या अमेरिका में एक बहुत बड़े विभाजन का अलॉर्म बजा रही है? क्या चार्ली कर्क को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वो डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक थे?चार्ली की हत्या उस वक्त की गई जब वो कॉलेज में पढ़ने वाले युवाओं यानि जेन ज़ी के बीच ट्रंप की विचारधारा को बढ़ाने के अभियान पर निकले थे।चूँकि ट्रंप केलाडले का मर्डर क्यों?दुनियाँ के सामने सबसे बड़ा सवाल?, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे,राजनीतिक मतभेद अब सिर्फ भाषणों या विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं हैं,बल्कि हिंसा का रूप ले रहे हैं?-चार्ली की हत्या एक गंभीर संकेत है।
साथियों बात अगर हम हत्या की टाइमिंग की करें तोसिर्फ 31साल के चार्ली अमेरिकन कमबैक टूर पर थे,इस कार्यक्रम का आयोजन चार्ली के संगठन टर्निंग पॉइंट यूएसए ने किया था,इस संगठन की स्थापना चार्ली ने सिर्फ 18 साल की उम्र में की थी,इस छात्र संगठन का मकसद अमेरिकी कॉलेजों में कंजर्वेटिव विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना है, कंजर्वेटिव विचारधारा ये मान्यता रखती है कि पुरानी परंपराएं, धर्म, रीति-रिवाज़ और नैतिक मूल्य समाज को स्थिर और मजबूत बनाते हैं, यानि ये पुराने रीति रिवाजों के बदलाव का विरोध करती है। इसके अलावा राष्ट्र की संप्रभुता, झंडा, सेना और राष्ट्रीय पहचान के प्रति गर्व और निष्ठा की भावना रखती है,यानि ये अमेरिकी की राष्ट्रवादी विचारधारा है,अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी इसी विचारधारा को फॉलो करती है। इसी वजह से चार्ली कर्क डोनाल्ड ट्रंप के बहुत करीबी थे, और विरोधियों के निशाने पर रहते थे।अपने अमेरिकन कमबैक टूर पर वह कैंपस में युवाओं से संवाद करने वाले थे, यूटा वैली यूनिवर्सिटी उनका पहला स्टाप था, जहां पर उनकी हत्या कर दी गई।हम कह सकते हैं चार्ली की हत्या उस वक्त की गई जब वो कॉलेज में पढ़ने वाले युवाओं यानि जेन ज़ी के बीच ट्रंप की विचारधारा को बढ़ाने के अभियान पर निकले थे।
साथियों बात अगर हम चार्ली कर्क क़े दृष्टिकोणों को समझने की करें तो (1)गर्भपात-: उन्होंने एबॉर्शन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, और कुछ बयानों में यह बताया गया कि यदि 10 वर्षीय लड़की के साथ यौन शोषण हो और गर्भधारण झाल, तो क्या किया जाए, इस तरह के सवालों पर उनके दृष्टिकोण कण्ट्रोवरसी पैदा कर चुके हैं।(2) गन राइट्स:-बंदूक-स्वामित्व, आत्मरक्षा,उन्होंने गन राइट्स को समर्थन दिया।(3) राष्ट्रवाद, सदैव “अमेरिका फर्स्ट ”जैसी विचारधारा : उनके भाषणों में अमरीकी संप्रभुता, सीमाएँ, आव्रजन (इमाइग्रेशन) आदि मुद्दों पर कठोर दृष्टिकोण देखा जाता है। (4)लेफ्ट विरोध:उन्होंने लेफ्ट-लिबरल और प्रोग्रेसिव समूहों की आलोचना की है, विशेष तौर पर कॉलेज परिसरों में फ्री स्पीच,वोके कल्चर, डाइवर्सिटी, इन्क्लूशन आदि मुद्दों पर। यह दायरा अक्सर ट्रंप समर्थकों और दक्षिणपंथी विचार प्रकारों में मौजूद है।इस तरह, उनके विचार उन्हें ट्रंप समर्थक और लेफ्ट-विरोधी बनाते थे।
साथियों बात अगर हम हत्या और राजनीतिक हिंसा की करें तो पहले भी राजनीतिक हिंसा और हत्या हुई है, उदाहरण के लिए, सांसदों, एक्टिविस्टों, प्रदर्शनकारियों पर हमले, गोलियाँ चलना आदि। लेकिन यह कहना कि हर मुखर समर्थक या हर “विचारधारा के व्यक्ति” ख़तरे में है, सही नहीं होगा।चार्ली की हत्या एक गंभीर संकेत है कि राजनीतिक मतभेद अब सिर्फ भाषणों या विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हिंसा का रूप ले रहे हैं। यह घटना “पॉलिटिकल असासिनेशन” कहलायी है।नया नहीं, मगर बढ़ती प्रवृत्ति:-ऐसी घटनाएँ नई नहीं हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में पोलिटिकली मोटिवेटेड वायलेंस में वृद्धि देखी गई है। चार्ली कुर्क की हत्या इस प्रवृत्ति का एक और दुखद उदाहरण है।
साथियों बात अगर हम क्या चार्ली कुर्क की हत्या यह ट्रंप के लिए भारी पड़ेगी-संभवतः हाँ, निम्न कारणों से: (1) राजनीतिक संवाद और हिंसा की आलोचना: ऐसी हत्या राजनीतिक हिंसा के प्रश्न को देशव्यापी बना देगी। ट्रंप, जो अक्सर“लेफ्ट -विंग एक्स्ट्रामिस्म” या“रेडिकल लेफ्ट रहेटोरिक”की बात करते हैं, उन्हें इस घटना में अपनी आलोचना का केंद्र बनना पड़ेगा। (2)न्याय और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी: प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी होती है कि कानून- व्यवस्था कायम हो; यदि हो कि हत्या की जांच में देरी हो,साजिश या राजनीतिक गलत दावों से स्थिति बिगड़े, तो राजनीतिक नुकसान हो सकता है।(3) मतदाता भावना पर असर: उनके समर्थकों में दुःख और गुस्सा होगा; विपक्ष इस घटना का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ उठा सकता है, “हिंसात्मक राजनीति” की आलोचना करते हुए।(4)मीडिया और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका प्रभाव है, यूरोप के दक्षिणपंथी नेता आदि, मीडिया, मानवाधिकार संगठन इसकी समीक्षा कर रहे हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पुरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि ट्रंप के लाडले का मर्डर क्यों?दुनियाँ के सामने सबसे बड़ा सवाल ?राजनीतिक मतभेद अब सिर्फ भाषणों या विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं हैं,बल्कि हिंसा का रूप ले रहे हैं?-चार्ली की हत्या एक गंभीर संकेत है,वक्तव्य देते समय वक्ताओं, मीडिया, नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि भाषा संयमित हो, उत्तेजना कम हो, लेकिन सक्रिय आलोचनाएँ हों,यह लोकतंत्र के लिए ज़रूरी है।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

गुंडे बाज महिला बीच सड़क पर खुद बनी जज

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने बीच सड़क पर खुद को जज बना लिया। यह घटना मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन के पास की बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने पहले एक युवक को सड़क पर रोका और उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद उसने युवक से ₹20,000 की मांग की और मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया।

जब आसपास मौजूद राहगीरों ने महिला से कहा कि वह पुलिस को बुलाए, तो महिला ने साफ इनकार कर दिया और बोली – “मैं पुलिस को नहीं बुलाऊंगी।”

मामले की शुरुआत एक मोटरसाइकिल और कार के एक्सीडेंट से हुई थी। लेकिन सड़क पर हंगामा करने के बाद महिला ने अपनी मनमानी करते हुए खुद ही फैसले सुनाने शुरू कर दिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लखनऊ में पहले “थप्पड़बाज महिला” का मामला सुर्खियों में रहा था, लेकिन अब यह नया मामला लोगों को हैरान कर रहा है।

फिलहाल पुलिस की ओर से इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

🌟 आज का राशिफल: भाग्य, सफलता और सावधानियों का संपूर्ण मार्गदर्शन 🌟

आज का दिन कई राशियों के लिए आर्थिक लाभ, नई उपलब्धियों और उन्नति लेकर आया है। व्यापार और करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं। हालांकि कुछ जातकों को स्वास्थ्य, गलतफहमी या घरेलू विवाद जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में धैर्य और विवेक सफलता की कुंजी साबित होंगे। आइए जानते हैं, आज का दिन आपके लिए क्या संदेश लेकर आया है—
मेष
दीर्घकाल से चला आ रहा विवाद समाप्त होगा। उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। आप वायदा पूरा करेंगे लेकिन सतर्क रहें, धोखे का योग है। ईष्ट-मित्रों के सहयोग से परेशानी दूर होगी।
वृष
घर-परिवार में आपका सम्मान और सुयश बढ़ेगा। आमदनी के नए साधन मिलेंगे और तनाव कम होगा। हालांकि हाथ आया अवसर या धन फिसल सकता है। उधार न दें और बोलचाल में संयम रखें।
मिथुन
समय की पहचान कर कार्य करें। मनोरथ पूर्ति पर हर्ष होगा। आर्थिक संकट की स्थिति बन सकती है, शायद कर्ज लेना पड़े। चिंता और समस्याएं घेरे रहेंगी। धैर्य बनाए रखें।
कर्क
कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय की संभावना है। चुनौतियों से घिरे रहेंगे लेकिन स्वास्थ्य में सुधार होगा। परहेज और सतर्कता जरूरी है। उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।
सिंह
पूंजी निवेश भविष्य में लाभकारी साबित होगा। लाभ मिलेगा और प्रियजनों से भेंट का सुख मिलेगा। अपनी क्षमता से समस्याओं का समाधान करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग लाभकारी रहेगा।
कन्या
सकारात्मक सोच से स्वास्थ्य में लाभ होगा। मनोरंजन और उत्साहपूर्ण कार्यों में व्यस्त रहेंगे। मित्रों का सहयोग अमूल्य रहेगा। उदासी दूर होगी और ऊर्जावान महसूस करेंगे।
तुला
पदोन्नति और मान-सम्मान की संभावना है। सहयोग भी मिलेगा। जरूरी कार्य दोपहर तक निपटा लें। प्रियजन से जुड़ी कोई अप्रिय सूचना मिल सकती है, मन विचलित हो सकता है।
वृश्चिक
दफ्तर में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और मानदेय भी बढ़ेगा। घर या कार्यस्थल पर निष्ठा से काम करेंगे। आत्मबल मजबूत रहेगा और मानसिक संतोष मिलेगा। शक्ति और सामर्थ्य में वृद्धि होगी।
धनु
निंदक और विरोधी सक्रिय रहेंगे, सावधान रहें। अतिथियों के स्वागत-सत्कार में व्यस्तता रहेगी। नई योजना का श्रीगणेश होगा। मामा पक्ष से कोई विशेष समाचार मिल सकता है।
मकर
स्वास्थ्य की उपेक्षा उन्नति में बाधा डाल सकती है। अनावश्यक विवाद हो सकता है, दिन थोड़ा अशुभ रहेगा। हालांकि मान-सम्मान और उपहार प्राप्त होंगे। सत्ता सम्पन्न लोगों से संपर्क बढ़ेगा।
कुंभ
जरूरी कार्य दोपहर तक पूरे कर लें। दिन सामान्य रहेगा, जोखिम से बचें। रोजगार और व्यापार स्थल पर ईमानदारी और ख्याति के चर्चे होंगे। हल्की-फुल्की दुर्घटना की संभावना है।
मीन
लाभ के अवसरों का लाभ अवश्य उठाएं। शाम का समय अशुभता से भरा रह सकता है। व्यवसाय में प्रगति होगी और समस्याएं हल होंगी। सरकारी क्षेत्र में रुके हुए काम पूरे होंगे।

आज का दिन कई राशियों के लिए प्रगति और लाभ का संकेतक है। वहीं कुछ जातकों को स्वास्थ्य और विवाद से सावधान रहना होगा। सकारात्मक सोच, धैर्य और विवेक से आज के दिन को सफल बनाया जा सकता है। 🌞

(पंडित प्रमोद कुमार मिश्र द्वारा राष्ट्र की परम्परा के माध्यम से आप के लिए प्रस्तुत )

BJP कार्यकर्ता की मौत के बाद SP का बड़ा एक्शन, 12 पुलिसकर्मी गिरे गाज

गाजीपुर (राष्ट्र की परम्परा) पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच हुए टकराव का मामला अब और गरमाता जा रहा है। नोनहरा थाना क्षेत्र में हुए लाठीचार्ज प्रकरण में घायल भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय की मौत के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक इरज राजा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसा है। इनमें थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं, जबकि 6 अन्य को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

कैसे भड़का विवाद?
मामले की शुरुआत गठिया गांव के ओंकार राय और अरविंद राय के बीच बिजली के खंभे को लेकर विवाद से हुई थी। आरोप है कि ओंकार राय अपने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए अरविंद राय के खेत से बिजली पोल ले जाना चाहते थे, जिसका अरविंद राय ने विरोध किया। विवाद गहराया तो भाजपा नेता राजेश राय बागी और विपुल मिश्रा समेत करीब 20 समर्थक नोनहरा थाने पहुंच गए।

थाने पर बात न बनने पर भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। आरोप है कि देर रात पुलिस ने अचानक बिजली काटकर लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए, जिनमें भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय भी थे। बाद में उनकी मौत हो गई, जिससे इलाके का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

इलाके में तनाव, बीजेपी का विरोध तेज
सीताराम उपाध्याय की मौत से भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

इधर, बीजेपी की पूर्व विधायक अलका राय के बेटे व पार्टी नेता पीयूष राय ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की पूरी जानकारी अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा की है।

गाजीपुर में यह घटना राजनीतिक माहौल को और गरमा सकती है। अब सबकी निगाहें सरकार और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

वाराणसी में भारत–मॉरीशस रिश्तों का नया अध्याय

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) की प्राचीन धरती पर गुरुवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगूलाम आमने-सामने बैठे। यह दृश्य महज़ एक राजनयिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक और ऐतिहासिक यात्रा का पुनर्पुष्टिकरण था, जिसकी जड़ें सदियों पहले गंगा की लहरों के साथ हिंद महासागर पार कर मॉरीशस की धरती तक पहुँची थीं।

भारत और मॉरीशस का रिश्ता केवल “द्विपक्षीय साझेदारी” नहीं बल्कि रक्त-संबंधों जैसा है, जहाँ संस्कृति, परंपरा और प्रवासी भावना साझा सेतु का काम करती है। काशी, जिसे विश्व के सबसे प्राचीन जीवित नगरों में गिना जाता है, सदियों से भारतीय संस्कृति का प्रसारक रहा है। यही संस्कृति आज मॉरीशस की मिट्टी में भी अपनी गहरी जड़ें जमाए हुए है। प्रधानमंत्री मोदी के शब्द — “भारत और मॉरीशस परिवार हैं” — प्रवासी भारतीयों की पीढ़ियों के अनुभव का संक्षेप माने गए।

रणनीतिक महत्व हालांकि यह रिश्ते सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं हैं। हिंद महासागर की राजनीति में भारत और मॉरीशस की निकटता का सीधा संबंध सामरिक समीकरणों से है। चागोस समझौते पर भारत का समर्थन मॉरीशस की संप्रभुता को पुष्ट करता है और उपनिवेशवाद विरोधी भूमिका को सशक्त बनाता है।

समुद्री सुरक्षा सहयोग, तटरक्षक जहाजों का पुनर्निर्माण, हाइड्रोग्राफी समझौता और उपग्रह सहयोग जैसे कदम हिंद महासागर में भारत को “नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर” के रूप में स्थापित करते हैं। साथ ही, चीन की बढ़ती उपस्थिति को देखते हुए यह सहयोग भारत की “नेबरहुड फ़र्स्ट” नीति और “इंडो-पैसिफ़िक विज़न” को ठोस आकार देने वाला माना जा रहा है।

विकास सहयोग भारत ने इस दौरान मॉरीशस को 215 मिलियन डॉलर की ग्रांट और 440 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा की। इसके तहत अस्पताल, वेटरनरी स्कूल, एयरपोर्ट टॉवर और सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे। ये परियोजनाएँ मॉरीशस के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति देंगी और दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा बनाएंगी।

वाराणसी की इस मुलाकात ने स्पष्ट कर दिया कि भारत और मॉरीशस का रिश्ता केवल इतिहास की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य की साझी रणनीति और विकास की नींव भी है।

शीर्ष कमांडर समेत 10 नक्सली ढेर, मुठभेड़ जारी

सांकेतिक फोटो

गरियाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की। मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगल में हुई मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी कमांडर मोडेम बालकृष्ण उर्फ मनोज समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया गया। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है, लिहाजा मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है।

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने जानकारी दी कि नक्सल विरोधी अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की अन्य इकाइयों के जवान इस ऑपरेशन में शामिल हैं। मुठभेड़ के दौरान रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।

गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही 31 मार्च 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। इसी अभियान के तहत हाल ही में नारायणपुर जिले में 16 निचले स्तर के नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।

पुलिस के मुताबिक, नक्सली खोखली माओवादी विचारधारा और उनके द्वारा निर्दोष आदिवासियों पर किए जा रहे अत्याचारों से निराश होकर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। माओवादी संगठन स्थानीय लोगों को जल, जंगल और जमीन की रक्षा, समानता और न्याय के नाम पर गुमराह करता है, लेकिन हकीकत में उनका शोषण करता है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को गंभीर अत्याचार झेलने पड़ते हैं, वहीं महिला माओवादियों की स्थिति और भी दयनीय होती है।

इस बड़ी कार्रवाई ने सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया है और माओवादियों के नेटवर्क को करारा झटका दिया है।

कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने किया सीएम डैशबोर्ड के प्रगति की समीक्षा बैठक

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में विकास कार्यों संबंधी विभिन्न योजनाओं की सीएम डैशबोर्ड पर प्रगति के कार्यों की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में की गई।
जिलाधिकारी ने पंचायतीराज, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, सहकारिता, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, उद्योग सहित विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
मुख्य विकास अधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर विकास में प्रथम स्थान मिलने पर सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सबके प्रयास से जनपद को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। हम लोगों को इसी प्रयास को बनाए रखने की आवश्यकता है।उन्होंने पीएम सूर्यघर में प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए प्रगति को बढ़ाने का निर्देश दिया एक्सईएन हाइडिल को निर्देशित किया कि खराब ट्रांसफार्मर को समय सीमा में बदलवाएं और रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने एंबुलेंस सेवा 102 में जनपद की रैंकिंग गिरने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सर्विस प्रदाता कंपनी के मानदेय में कटौती करने और नोडल अधिकारी को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया। सीएमओ को निर्देशित किया कि समीक्षा कर एंबुलेंस सेवा 102 की समयांतर्गत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में अपूर्ण आवासों का स्थलीय निरीक्षण कराते हुए अपूर्ण आवासों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लोग अपने विभागीय योजनाओं की प्रगति पर निगाह रखें और सुनिश्चित करें कि प्रगति न खराब होने पाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने 12 सितंबर को प्रस्तावित दिशा की बैठक के दृष्टिगत सभी विभागों को अपनी तैयारियों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। इसलिए सभी लोग विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन आख्या के साथ उपस्थित हों।
इस दौरान बैठक में डीएफओ निरंजन सुर्वे राजेन्द्र, सीएमओ डॉ श्रीकांत शुक्ला, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, पीडी रामदरश चौधरी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कन्हैया यादव, बीएसए ऋद्धि पाण्डेय, सहायक पर्यटक अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

डीएम ने किया एमबीडी तटबंध का स्थलीय निरीक्षण

बाढ़ से बचाव एवं राहत व्यवस्था पर दिए कड़े निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने घाघरा/सरयू नदी के बाएं तट पर स्थित मदरहा-बेहराडाड़ी तटबंध (एमबीडी) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से सुरक्षा, सतर्कता और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित बनाए रखने हेतु अधिशाषी अभियंता ड्रेनेज खंड समेत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में डीएम ने ड्रेनेज खंड-2 के अंतर्गत एमबीडी तटबंध और ग्राम पंचायत गायघाट के ढोलबजा पुरवा कटान स्थल का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद सिंचाई व लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को सतत निगरानी रखने और कटान निरोधक परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
तहसील धनघटा स्थित तुरकौलिया में एमबीडी बांध और गायघाट ग्राम सभा के ढोलबजा क्षेत्र में घाघरा नदी से हो रहे कटान का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए बांधों का नियमित निरीक्षण किया जाए और किसी भी प्रकार की संभावित आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बाढ़ राहत केंद्रों एवं राहत सामग्रियों की पूरी व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश भी दिया।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, नायब तहसीलदार हरेराम यादव, सहायक अभियंता ड्रेनेज खंड, जेई पीडब्ल्यूडी, थानाध्यक्ष धनघटा, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत पोक्सो एक्ट पर जागरूकता कार्यशाला

बालक अपनी सुरक्षा स्वयं करें और कानून के जानकार बनें: अपर जिला जज

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार “संकल्प” हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन योजनांतर्गत 10 दिवसीय महिला सशक्तिकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम (2 से 12 सितंबर 2025) के क्रम में मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, खलीलाबाद में पोक्सो एक्ट विषयक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में अपर जिला जज (पोक्सो) कृष्ण कुमार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए और कानून की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पोक्सो एक्ट में पीड़ित के लिए प्रतिकार धनराशि और अपराधियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। साथ ही बाल अधिकार और बाल विवाह संबंधी कानूनी पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
चीफ डिफेंस काउंसिल अजय कुमार श्रीवास्तव ने बच्चों को पोक्सो एक्ट की पृष्ठभूमि, इसकी आवश्यकता और इसके निर्माण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कानूनी सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 के उपयोग की जानकारी भी दी।
डीएमसी मोनिका शुक्ला ने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सेंटर मैनेजर ऋतुका दुबे, जेंडर स्पेशलिस्ट शुभम चौधरी व अमन गौड़, काउंसलर पूनम शुक्ला तथा विद्यालय के शिक्षक डॉ. मो. ताहिर, विजय, अब्दुल सुदद्दसर, जय प्रकाश, गिरिजानंद, धर्मेंद्र, अब्दुल हक खान, शोएब, मो. अकिल, मो. अमन, नदीम, काजी मुस्किब सहित अन्य उपस्थित रहे।

डीएम की अध्यक्षता में आईजीआरएस की समीक्षा संपन्न

संदर्भों का ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारीगण: डीएम

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज मुख्यमंत्री, आयुक्त, जिलाधिकारी एवं तहसील दिवस संदर्भों सहित लम्बित शिकायतों एवं सीएम डैशबोर्ड पर आधारित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारीगण आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं संदर्भों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर अवश्य करें, ताकि कोई भी मामला डिफाल्टर की श्रेणी में न आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और प्रत्येक शिकायत पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुए उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही, शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन विभागों का फीडबैक अपेक्षाकृत कम पाया जाएगा, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान डीएम ने विभागवार शिकायतों की स्थिति पर चर्चा की और अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनकी विभागीय योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति होनी चाहिए, जिससे सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग बेहतर बनी रहे।
बैठक में उप जिलाधिकारी मेहदावल संजीव राय, उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, उप जिलाधिकारी न्यायिक रविकांत चौबे, उप जिलाधिकारी न्यायिक हृदय राम चौधरी, डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी, डीएफओ हरिकेश यादव, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, सब रजिस्ट्रार खलीलाबाद राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, जिला बांट माप अधिकारी वी.पी. वर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश कुमार भारती, ईडीएम राकेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अंतराष्ट्रीय ‘सार्क प्राईड अवार्ड 2025’ से नवाजे गए वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश वशिष्ठ

हिन्दू महासभा ने दी शुभकामनाएं

, नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा) काठमांडू नेपाल की राजधानी काठमांडू में धराधाम इंटरनेशनल, देवनागरी उत्थान फाउंडेशन, एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स एवं बौद्ध वर्ल्ड फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अंतराष्ट्रीय ‘सार्क अंतर्राष्ट्रीय गौरव सम्मान 2025’ समारोह भव्यता और ऐतिहासिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति परमानंद झा, जिन्होंने देश-विदेश की विशिष्ट विभूतियों को अंतराष्ट्रीय ‘सार्क गौरव सम्मान 2025’ से अलंकृत किया। इसी कड़ी में निष्पक्ष पत्रकारिता और साहित्य लेखन के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए जोधपुर के वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक पत्रकार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राकेश वशिष्ठ को साहित्य सृजन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियों के आधार पर उनको “इंटरनेशनल सार्क प्राईड अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया। अखिल भारत हिन्दू महासभा पत्रकार प्रकोष्ठ हिन्दू पत्रकार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर राकेश वशिष्ठ को अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2025 से सम्मानित होने पर देश भर से हिन्दू महासभा पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई और शुभकामना संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने फोन पर डॉक्टर राकेश वशिष्ठ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान डॉक्टर राकेश वशिष्ठ के समाज, राष्ट्र और धर्म के प्रति अनुराग, प्रतिबद्धता और समर्पण भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर राकेश वशिष्ठ और सम्मान दोनों एक दूसरे का पर्याय बन चुके हैं। उन्होंने डॉक्टर वशिष्ठ को कर्म पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने जारी बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि डॉक्टर राकेश वशिष्ठ को समाज कल्याण फैडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान ग्रेटर नोएडा के पी आई आई टी इंस्टीट्यूट में आयोजित सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2025 से अलंकृत किया गया। डॉक्टर वशिष्ठ को मिलने वाला यह छठा अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। उन्हें इस सम्मान से पत्रकारिता, संपादकीय लेखन और साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान और अविस्मरणीय भूमिका के लिए अलंकृत किया गया। बी एन तिवारी ने उन्हें कोटि कोटि शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्रदान किया। जारी बयान के अनुसार जोधपुर से हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री 10008 महामंडलेश्वर ललित दास महाराज ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि राकेश वशिष्ठ को मिलने वाला यह सम्मान उनके उत्कृष्ट व्यक्तित्व का परिचायक है। उन्होंने कहा कि 105 बार रक्तदान करने और देहदान की घोषणा करने वाले राकेश वशिष्ठ का जीवन समस्त देशवासियों के लिए अनुकरणीय है। नई दिल्ली से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि डॉक्टर राकेश वशिष्ठ का व्यक्तित्व किसी भी सम्मान का मोहताज नहीं है, फिर भी यह सम्मान उन्हें आगे बढ़ने और पहले से अधिक उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनोज शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल सक्सेना ने आगरा से, एक अन्य प्रदेश उपाध्यक्ष पत्रकार संजय कुमार ने गोरखपुर से राकेश वशिष्ठ को बधाई देते हुए उन्हें हिन्दू महासभा की राजनीति और पत्रकारिता जगत का जगमगाता हुआ सितारा बताया। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश सिंह, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री उपेंद्र पाल सिंह, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी दुष्यंत पचौरी, हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष सूरज सिंह, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राजू पार्चा सहित विभिन्न प्रदेश नेताओं ने फोन कर राकेश वशिष्ठ को शुभकामनाये दी। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि डॉ राकेश वशिष्ठ द्वारा विभिन्न मुद्दों पर प्रकाशित आलेख देश विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित होते रहते हैं साथ ही देहदान और अंगदान के क्षेत्र में डॉ वशिष्ठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में देहदान और अंगदान का पंजीयन करवा चुके है और अभी तक 536 व्यक्तियों को प्रेरित कर उनका स्वैच्छिक पंजीयन करवा चुके हैं । जारी बयान के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह में इस अति विशिष्ट अतिथि नेपाल के उप प्रधानमंत्री नेपाल प्रकाश मान सिंह का ने सभी सम्मानित प्रतिभागियों को शुभकामना देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

मऊ के लिए विशेष ट्रेन 26 सितम्बर से,

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा) रेलवे प्रशासन द्वारा त्योहारों में अधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल यात्रियों की सुविधा हेतु 01123/01124 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-मऊ-लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्वि-साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी का संचलन लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 26 सितम्बर से 30 नवम्बर ,2025 तक प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार को तथा मऊ से 28 सितम्बर से 02 दिसम्बर ,2025 तक प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को 20 फेरों के लिये निम्नवत किया जायेगा।
01123 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-मऊ द्वि-साप्ताहिक त्योहार विशेष गाड़ी 26 सितम्बर से 30 नवम्बर ,2025 तक प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 12.15 बजे प्रस्थान कर ठाणे से 12.36 बजे, कल्याण जं. से 12.55 बजे, इगतपुरी से 14.45 बजे, नासिक रोड से 15.15 बजे, जलगांव जं. से 18.45 बजे, भुसावल से 19.15 बजे, खंडवा से 21.00 बजे, दूसरे दिन इटारसी 00.40 बजे, भोपाल से 02.45 बजे, वीणा से 5.10 बजे,वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन से 7.45 बजे, उरई से 09.10 बजे, गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन से 11.15 बजे, फतेहपुर से 12.20 बजे, प्रयागराज जंक्शन से 14.40 बजे, ज्योनाथपुर से 18.45 वाराणसी जं.से 19.50 बजे, जौनपुर से 22.15 बजे तथा औंड़िहार से 23.15 बजे छूटकर तीसरे दिन मऊ 00.35 बजे पहुँचेगी।
वापसी यात्रा में, 01124 मऊ-लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्वि-साप्ताहिक त्योहार विशेष गाड़ी 28 सितम्बर से 02 दिसम्बर ,2025 तक प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को मऊ से 05.50 बजे प्रस्थान कर औंड़िहार से 06.55 बजे, जौनपुर से 9.20 बजे, वाराणसी जं. से 11.45 बजे, ज्योनाथपुर से 12.50 प्रयागराज जंक्शन से 16.55 बजे, फतेहपुर से 19.15 बजे से, गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन 20.20 बजे,उरई से 22.25 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन 23.50 बजे छुटकर दूसरे दिन वीणा से 2.25 बजे, भोपाल से 4.50 बजे , इटारसी 06.55 बजे, खंडवा से 11.33 बजे, भुसावल से 14.05 बजे, जलगांव जं. से 14.37 बजे, नासिक रोड से 17.43 बजे, इगतपुरी से 19.00 बजे, कल्याण जं. से 21.05 बजे तथा ठाणे से 21.28 बजे छूटकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस 22.20 बजे पहुँचेगी।

इस गाड़ी में शयनयान श्रेणी के 04, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का 02, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 08, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 04 तथा एस.एल.आर.डी. के 01एवं जनरेटर ब्रेक यान 01 कोचों सहित कुल 20 कोच लगाये जायेंगे।