Wednesday, July 15, 2026
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असम को मिला 18,000 करोड़ का तोहफ़ा, पीएम मोदी ने नुमालीगढ़ में इथेनॉल संयंत्र का उद्घाटन किया

गोलाघाट (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने नए इथेनॉल संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे। इससे पहले पीएम मोदी ने दरांग जिले में भी कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

‘विकसित असम, विकसित भारत’ की दिशा में बड़ा कदम

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन ‘विकसित असम, विकसित भारत’ की गौरव यात्रा में ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि असम को आज लगभग 18,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मिली हैं, जो राज्य के उद्योग, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति देंगी।

ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात

पीएम मोदी ने कहा कि असम भारत की ऊर्जा शक्ति को सशक्त बनाने वाला राज्य है। यहां के पेट्रोलियम उत्पाद देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति में अहम योगदान देते हैं। नुमालीगढ़ में बने बायो-इथेनॉल संयंत्र की विशेषता यह है कि यह बांस से इथेनॉल बनाएगा। इसके साथ ही एक पॉलीप्रोपाइलीन प्लांट का भी शिलान्यास किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं युवाओं को रोजगार, किसानों को नया बाजार और राज्य को आत्मनिर्भर ऊर्जा के क्षेत्र में पहचान दिलाएंगी।

कांग्रेस पर तीखा हमला

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने असम और पूरे नॉर्थ-ईस्ट को अलगाव, हिंसा और विवाद दिए, जबकि हमारी डबल इंजन सरकार विकास और विरासत दोनों को संजो रही है।”
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने असमिया भाषा को ‘क्लासिकल लैंग्वेज’ का दर्जा दिया और लाचित बोरफुकन की वीरता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य असम को आधुनिक उद्योगों से संपन्न और सांस्कृतिक धरोहर से गौरवान्वित करना है।

मिट्टी मे दबी नवजात बच्ची को निकाल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया

जैतीपुर/शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। क्षेत्र में एक क्रूरता पूर्वक घटना सामने आई है।किसी व्यक्ति ने करीब एक सप्ताह की नवजात बच्ची को मरने के लिए मिट्टी में दबा दिया।रविवार को गौहावर मढ़ी के सामने भुड़िया जाने वाले रास्ते पर नदी किनारे मिट्टी में एक नवजात बच्ची बरामद हुई है।सुबह नदी किनारे टहलने निकले गौहावर के बबलू को बच्चे के रोने की हलकी आवाज सुनाई दी।मौके पर जाकर देखा तो एक नवजात शिशु मिट्टी में दबी थी,उसका सिर्फ एक हाथ दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों की भीड़ लग गई सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। एसआई इतेश तोमर नें मिट्टी में दबी बच्ची को बाहर निकाला।बच्ची मिट्टी में दबी होने के चलते कराह रही थी। एक हाथ बुरी तरह जख्मी था पुलिस उसको मिट्टी खोदकर बाहर निकाल लिया और अपने वाहन से इलाज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।बच्ची गंभीर अवस्था में थी।उसकी एक हाथ के पंजे को जंगली जानवरों ने नोच लिया था।मिट्टी में दबे रहने के कारण शरीर की खाल सिकुड़ गई थी।सीएचसी पर बच्ची का इलाज किया गया। ग्रामीणों ने बताया बच्ची नए कपड़े पहने हुए थी माथे पर टीका भी लगा था। बच्ची को दबाने वालों का भी पता नहीं चल पाया है।ग्रामीणों में रोष है।पुलिस जांच में जुटी हुई है।
स्टाफ नर्स प्रज्ञा सिंह ने बताया नवजात बच्ची करीब एक सप्ताह की लग रही है,नाल कटा हुआ हैं ऐसा प्रतीत होता है। रात में किसी समय मिट्टी दबाया गया है।बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया बच्ची को इलाज के लिए सीएचसी भेजा गया है। चाइल्ड केयर वालों को जानकारी दे दी गई है।शीघ्र घटना का खुलासा किया जाएगा।

एशिया कप में भारत-पाक मैच पर बवाल: विपक्षी दलों का विरोध, ओवैसी ने उठाए सवाल

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले से पहले देशभर में विरोध और प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है। ऐसे माहौल में इस क्रिकेट मैच के आयोजन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

ओवैसी का केंद्र पर हमला

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि, “जिस पाकिस्तान ने पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान ली, उसके साथ क्रिकेट खेलना क्या सही है?”
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या बीसीसीआई को मिलने वाले 2000-3000 करोड़ रुपये की कमाई हमारे 26 नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान को याद दिलाते हुए कहा कि जब आपने कहा था, “खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते, बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं हो सकते,” तो फिर आज यह रुख क्यों बदला जा रहा है?

विपक्षी दलों का विरोध

कई विपक्षी दलों ने इस मैच का बहिष्कार करने का आह्वान किया है। मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) की महिला कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और अनोखे अंदाज़ में अपनी मांग रखते हुए कहा कि वे हर घर से प्रधानमंत्री को ‘सिंदूर’ भेजेंगी।
पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया कि उनकी महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर इस मैच का विरोध करेंगी। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सम्मान किसी भी आर्थिक लाभ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

मैच पर छाया विवाद

भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर देश में तीखी बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर खेल को राजनीति और आतंकवाद से अलग रखने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों और विपक्षी नेताओं का मानना है कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान के साथ खेलना शहीदों और पीड़ित परिवारों का अपमान है।

निष्पक्षता व निडरता के साथ कलम की ताकत को रखें मजबूत – नागेंद्र नाथ शर्मा

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की बैठक पत्रकार भवन में हुआ संपन्न

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र के सजग प्रहरी व दबे कुचले व निराश्रित लोगों की सशक्त आवाज होता है पत्रकार उसे निष्पक्षता व निडरता के साथ कलम की ताकत को मजबूत रखना होगा।उक्त बातें ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन सलेमपुर की बैठक जो नगर के हरैया लाला स्थित पत्रकार भवन में आयोजित हुई उसको सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नागेन्द्र नाथ शर्मा ने कहा। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने, पत्रकारों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने तथा संगठन की आगामी कार्य योजना को पूरे मनोयोग से करने की आवश्यकता है। तहसील अध्यक्ष श्यामनारायन मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है, इसलिए निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कलम की ताकत को बुलन्द रखना है।इस महीने के 16 तारीख को संगठन के निर्देश के क्रम में एसोसिएशन जिला अधिकारी को एक 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपेगा जो पत्रकारों हितों की रक्षा हेतु होगा इस दौरान अधिक से अधिक पत्रकारों की उपस्थिति अनिवार्य है ।जिला उपाध्यक्ष रामनवल सिंह ने कहा कि आगामी जिला सम्मेलन हेतु तैयारियों पर संगठन के साथियों को अभी से मनोयोग से लग जाना है ।बैठक को के पी गुप्ता,प्रमोद कुमार राय,आनन्द उपाध्याय,अवधनारायण मिश्र,डॉ धर्मेन्द्र पांडेय,प्रेमचंद मिश्र, रत्नेश यादव,दिनेश कसेरा,,रामू यादव,योगेश तिवारी, मो० फैज ईनाम,शशांक भूषण मिश्र,अनूप कुमार उपाध्याय,धीरेन्द्र दुबे,विपिन कुमार जायसवाल,राजेंद्र बहादुर सिंह,रामू यादव,संजीव कुमार,ओमप्रकाश मिश्रा,जितेंद्र नाथ पाण्डेय,श्यामू यादव,रामविलास तिवारी, संतोष सिंह आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता श्यामनारायन मिश्र व संचालन डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने किया।

मां ने बेटे संग 13वीं मंजिल से कूदकर दी जान, बीमारी से जूझ रहे बच्चे के दर्द ने तोड़ी हिम्मत

नोएडा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बिसरख थाना क्षेत्र की ऐस सिटी हाई-राइज सोसाइटी में एक 37 वर्षीय महिला ने अपने 11 वर्षीय बेटे के साथ 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई।

सुबह करीब 10 बजे जोरदार आवाज और चीखें सुनकर जब सोसाइटीवासी बाहर आए, तो मां-बेटे को खून से लथपथ कॉमन एरिया में पड़ा पाया। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट में लिखा— “हम इस दुनिया को छोड़ रहे हैं, माफ करना…”

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जो महिला ने अपने पति के लिए लिखा था। नोट में लिखा गया—
“हम इस दुनिया को छोड़ रहे हैं… माफ करना। हम आपको और परेशान नहीं करना चाहते। हमारी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।”

लंबी बीमारी से जूझ रहा था बच्चा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चा बचपन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। वह पूरी तरह दवाओं पर निर्भर था और लंबे समय से स्कूल भी नहीं जा पा रहा था। परिवार इलाज के लिए उत्तराखंड तक आध्यात्मिक सहायता लेने गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।

महिला का चार्टर्ड अकाउंटेंट पति घटना के वक्त ऑफिस गया हुआ था। उसने पत्नी से बेटे को दवा देने को कहा था। दवा देने के कुछ ही मिनट बाद महिला बेटे को छत पर ले गई और दोनों ने छलांग लगा दी।

पुलिस ने माना— मानसिक तनाव से उठाया कदम

पुलिस का कहना है कि मां बेटे की बीमारी से लंबे समय से तनाव और अवसाद में थी। इसी मानसिक दबाव ने उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया। पुलिस ने मामले को संदिग्ध आत्महत्या मानते हुए जांच शुरू कर दी है।

365 दिन अपने बलबूते खड़ी रहती है हिंदी

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हिंदी पखवाड़ा पर केंद्रित

हिंदी की खोज-खबर लेने का विशेष दिन है हिंदी दिवस. इस अवसर पर कुछ औपचारिक कार्यक्रम होते हैं. हिंदी की दशा और दिशा पर सुख-दुख व्यक्त किया जाता है. कोई डराता है तो कोई उत्साह प्रकट करता है. तरह-तरह की संभावनाएं रेखांकित की जाती हैं. इसी तरह की रस्म अदायगी के साथ एक पखवाड़ा पूरा कर लिया जाता है।

हिंदी की ऐतिहासिक और क्रांतिकारी भूमिका के कारण उसका उत्सव मनाया जाना वाजिब है। राजभाषा हिंदी और उसका समृद्ध साहित्य
निश्चय ही गौरवान्वित करने वाला है. किंतु इससे यह समझ विकसित करना कि हिंदी दिवस या पखवाड़ा मनाने से हिंदी ताकत अर्जित करती है, संदेहास्पद है. हिंदी के उन्नयन एवं विकास की चिंता से अभिसिंचित हिंदी दिवस से हिंदी का कोई विशेष हित नहीं सधता है. हिंदी वर्षभर अपने बलबूते खड़ी रहने वाली भाषा है।

हिंदी की शक्ति को समझने के लिए उसकी मौसेरी बहन उर्दू को गौर करने की जरूरत है. उर्दू एक बेहद खूबसूरत भाषा है. नजाकत और नफासत से भरी उर्दू की खुशबू से कौन नहीं वाकिफ होगा! अदब की भाषा उर्दू का कोई शानी हो, मुश्किल है. इन सब के बावजूद उर्दू की स्थिति नाजुक है. उर्दू की स्वीकार्यता होने के बावजूद वह कमजोर स्थिति में नजर आती है।
इसका सबसे बड़ा कारण है उर्दू का ज्ञान की भाषा में तब्दील न हो पाना. और यही हिंदी की शक्ति का मूल है. मौजूदा समय में हिंदी ज्ञान की भाषा के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है. इसमें अनुवाद की बड़ी भूमिका है. हिंदी ने देश दुनिया के बेहतरीन ज्ञान विज्ञान को अपनी भाषा में अनुवाद के माध्यम से शामिल कर स्वयं को समृद्ध किया है. वह इस प्रक्रिया में निरंतर विकासमान है. कहना न होगा कि वही भाषा बची रहेगी, जो ‘ज्ञान की भाषा’ होगी. संस्कृत को बोलने वाले मुश्किल से मिलेंगे. लेकिन संस्कृत आज भी सुरक्षित है और आगे भी रहेगी. इसका कारण एक है संस्कृत ज्ञान की भाषा है. ज्ञान की प्रासंगिकता जब तक रहेगी संस्कृत बनी रहेगी. इसमें हिंदी की भूमिका विशिष्ट है. वह राजभाषा है, बाजार की भाषा है, ज्ञान की भाषा है, सिनेमा की भाषा है, संवेदना और शिल्प की भाषा है. आम जुबान की भाषा है. और दुनिया को इस भाषा की जरूरत है।

एक भाषा के तौर पर हिंदी भारत का प्रतिरूप है. जिसमें उदारता, समावेशिका, स्वीकार्यता, समन्वय और विविधता को देखा जा सकता है. हिंदी का स्वरूप समय की मांग के अनुसार बनता व ढलता रहा है. जड़ता के खिलाफ है हिंदी. इसका लचीलापन विविधताओं का स्वागत करता रहा है. ‘आनो भद्रा क्र्तवो यन्तु विश्वतः’ का सुंदर उदाहरण है हिंदी. हिंदी की कमियां गिनाने वाले उसे बोलियों का समूह कहकर उलाहना देते हैं. जब किया उसकी उदारता और समावेशिका का परिचायक है. एक और जरूरी बात यह है कि यदि तमिलनाडु का व्यक्ति लड़खड़ाती हुई जुबान में हिंदी बोलता है तो यह हिंदी का प्रसार व स्वीकार्यता का द्योतक है. इसमें हिंदी के भ्रष्ट होने की संभावना नहीं खोजी जानी चाहिए. व्याकरण और शुद्धता का अत्यधिक आग्रह भारत जैसे बहुरंगी देश में उचित नहीं है. तमिलनाडु या केरल की लड़खड़ाती जुबान में भी हिंदी भारत को एकता के सूत्र में पिरोती है. हिंदी ने तमिलनाडु से तकनीकी तक प्रत्येक जगह अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है।

तेजी से बदल रही दुनिया के पीछे सबसे बड़ी भूमिका टेक्नोलॉजी की ही है. जिस विचार या टेक्नोलॉजी का समय आ गया हो, उसे रोका नहीं जा सकता. हाँ, सामंजस्य के बिंदु तलाशे जा सकते हैं. खारिज करने के बजाय संग्रह और त्याग की सीमा चिन्हित की जा सकती है. विविध संदर्भ में उसके प्रभाव पर विचार किया जा सकता है. समय के साथ प्रभाव की लकीरें अधिक स्पष्ट होती जाती हैं।

एआई और हिंदी के बीच बेहतर तालमेल दिख रहा है. हालांकि हिंदी का अपना दो संदर्भ है : भाषा और साहित्य. एआई अर्थात कृत्रिम बुद्धिमत्ता मूलतः और अंततः कृत्रिम ही है. इसका उत्पादन चाहे जितना सुंदर हो, किंतु होगा कृत्रिम ही. मसलन एआई से कविता गढ़ी जा सकती है. किंतु रचनात्मकता में फर्क की बारीक लकीरें होंगी ही. एआई के बावजूद नैसर्गिकता का सौंदर्य बचा रहेगा. साहित्य अमूमन अनदेखे, अनचीन्हे या धुंधले पड़ गए को उजागर करता है. जबकि एआई बखूबी देखे-पहचाने से ही शक्ति अर्जित करता है।

एआई बेहतरीन और बहुरंगी मजमून प्रस्तुत कर सकता है. कालिदास या शेक्सपीयर का विकल्प नहीं. मानव मन स्वयं में इतनी जटिलता समेटे हुए है कि उसे पूरी तरह डिकोड कर पाना लगभग असंभव है. इसी मन की अभिव्यक्ति के क्रम में श्रेष्ठतम रचे जाने के बावजूद अपरमपार संभावनाएं शेष हैं. संवेदनशीलता इसी अशेष को असीम सृजनात्मकता प्रदान करती है. एआई चाहे जितनी सुंदर तस्वीरें खींचे, कलाकार की कुंची लिओनार्दो द विंची रचती रहेगी। हिंदी भाषा की दृष्टि से एआई की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण प्रतीत हो रही है. हिंदी की समावेशी प्रवृत्ति में न केवल भिन्न भाषाओं के शब्द और ज्ञान को स्वीकार किया, बल्कि टेक्नोलॉजी के साथ भी बेहतर कदमताल की कोशिश करती रही है. एआई से हिंदी भाषा को मजबूती मिलेगी. हिंदी की पैठ लोगों के बीच बढ़ेगी. प्रथमया तो व्याकरण, शब्दकोश आदि की दृष्टि से लोगों की लेखनी दुरुस्त होगी. यह अपने आप में एक तरह का हिंदी को सीखने व बरतने का भी प्लेटफार्म हो सकता है। एआई कार्यालय में प्रयुक्त होने वाली हिंदी की राह को आमजन के लिए भी सुबोध बना सकती है. कचहरी की भाषा अपनी दुरुहता और पुरानेपन के कारण बोधगम्यता की दृष्टि से कमजोर दिखती है. एआई इस दिशा में भी सहायक हो सकता है। दुनिया के पटल पर हिंदी का बाजार अपने आकार के कारण मायने रखता है. एआई इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. भाषा और ज्ञान के स्तर पर दुनिया के साथ लेनदेन की प्रक्रिया में भी एआई की भूमिका निर्णायक हो सकती है. फिलहाल हम अभी एआई के पहले चरण में हैं. सावधानियां और फायदे दोनों ही मौजूद हैं. आने वाला समय बताएगा कि एआई की भूमिका कितनी परिवर्तनकारी होगी! हिंदी पखवाड़ा की हार्दिक शुभकामनाएं!

  • डॉ.अभिषेक शुक्ल,
    सहायक प्रोफेसर,
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय,
    गोरखपुर

असम में पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, 6,300 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास

दरांग (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के दरांग में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और 6,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने अपने संबोधन में हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे मां कामाख्या के आशीर्वाद का फल बताया।

कांग्रेस पर हमला

पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष के उस कथित बयान पर नाराजगी व्यक्त की जिसमें भारत रत्न से सम्मानित गायक-गीतकार भूपेन हजारिका का अपमान करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, “जिस दिन भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया गया, उसी दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि मोदी नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहे हैं।”

मोदी ने 1962 के युद्ध के बाद पंडित नेहरू के ‘नॉर्थ-ईस्ट को छोड़ देने’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की वर्तमान पीढ़ी भी उस घाव पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।

कांग्रेस पर गंभीर आरोप

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर देशविरोधी और घुसपैठियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने घुसपैठ को बढ़ावा दिया। “आज भी कांग्रेस चाहती है कि घुसपैठिए हमेशा के लिए भारत में बस जाएं। जब पूरा देश आतंकवाद से जूझ रहा था, तब कांग्रेस चुप रही, और आज हमारी सेना आतंकवाद को खत्म कर रही है, लेकिन कांग्रेस पाकिस्तान के साथ खड़ी नजर आती है।”

6,300 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम मोदी ने इस दौरान असम के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें—

570 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और जीएनएम स्कूल

1,200 करोड़ रुपये की लागत वाला 2.9 किलोमीटर लंबा नारेंगी-कुरुवा पुल 4,530 करोड़ रुपये की गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना

गुवाहाटी रिंग रोड असम के कामरूप और दरांग जिलों को मेघालय के री भोई से जोड़ेगी। पीएम मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं नॉर्थ-ईस्ट के विकास को नई दिशा देंगी और रोजगार के नए अवसर खोलेंगी।

प्रधानमंत्री ने सभा के अंत में जनता से अपील की कि वे विकास और राष्ट्रहित के लिए बीजेपी और एनडीए का साथ दें और कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकारें।

कम्प्यूटर सेंटर की आड़ में चल रहा था स्पा और सेक्स का कॉकटेल, 12 गिरफ्तार

मेरठ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने गढ़ रोड स्थित सम्राट शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से एक बड़ा खुलासा किया है। यहां एफेबल डिजाइन्स कंपनी के नाम से चल रहे कम्प्यूटर ट्रेनिंग सेंटर की आड़ में अवैध स्पा सेंटर और सेक्स रैकेट संचालित हो रहा था।

शनिवार देर शाम नौचंदी थाना पुलिस और मेडिकल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारते हुए 12 लोगों को हिरासत में लिया। पकड़े गए लोगों में सेंटर का मालिक राजवीर, आठ युवतियां और चार युवक शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कम्प्यूटर ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर यहां लंबे समय से गुपचुप तरीके से स्पा चलाया जा रहा था, जहां ग्राहकों को मसाज के साथ देह व्यापार की भी सुविधा दी जा रही थी।

एसपी सिटी मेरठ ने बताया कि इस पूरे मामले में विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉम्प्लेक्स में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया।

तेंदुए के हमले में 4 वर्षीय बच्ची की मौत, गांव में दहशत

प्रतीकात्मक

पौड़ी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तराखंड के पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर की बालकनी में खेल रही चार साल की बच्ची रिया पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

गढ़वाल के वन संरक्षक आकाश वर्मा ने बताया कि तेंदुआ बच्ची को घसीटकर घर से लगभग 50 मीटर दूर खेत में ले गया और वहीं छोड़कर भाग गया। जब तक परिवार और ग्रामीण पहुंचे, तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।

परिवार और ग्रामीणों के मुताबिक, रिया की मां ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाने की कोशिश की और उसके पीछे भी दौड़ी, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका। रिया दो बहनों में सबसे छोटी थी और परिवार 17 सितंबर को उसका जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहा था। पिता जितेंद्र सिंह रावत खासतौर पर मुंबई से गांव लौटे थे।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। गांव में शोक और दहशत का माहौल है।

वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए हैं और जल्द ही तीन और पिंजरे लगाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इलाके में टीम लगातार गश्त कर रही है।

हालांकि, बच्ची का अंतिम संस्कार शनिवार शाम तक नहीं किया गया था। परिजन और ग्रामीण तेंदुए को मारने की अनुमति की मांग पर अड़े थे। इस पर लैंसडाउन प्रभागीय वन अधिकारी जीवन मोहन डेगड़े ने उन्हें तेंदुए को पकड़ने और सुरक्षा के इंतजामों का भरोसा दिलाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में तेंदुओं की आवाजाही आम है और सरकार को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

👉 यह घटना पहाड़ी इलाकों में इंसान-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को एक बार फिर उजागर करती है।

सुबह 5 से 8 बजे तक चला देवरिया पुलिस का मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)
पुलिस अधीक्षक देवरिया विक्रान्त वीर के निर्देशन में रविवार की सुबह 5 से 8 बजे तक जनपद में “मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की गहन चेकिंग की।
अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस व आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर विश्वास व सुरक्षा की भावना को और मजबूत करना, छोटे-मोटे विवादों का सामुदायिक स्तर पर समाधान करना तथा मित्र पुलिसिंग की भावना को बढ़ावा देना रहा। चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की तलाशी ली गई, चोरी की गाड़ियों की पड़ताल की गई, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, तीन सवारी, मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई की गई। साथ ही महिलाओं व बच्चियों से छेड़खानी करने वालों तथा अवैध असलहा एवं मादक पदार्थ रखने वालों पर विशेष निगरानी रखी गई।
जनसंपर्क के दौरान लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और मॉर्निंग वॉक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।
थानावार चेकिंग परिणाम:
अभियान के अंतर्गत जनपद के 27 स्थानों पर कुल 574 व्यक्तियों व 346 वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान नियमों का पालन न करने वाले 05 वाहनों का ई-चालान भी किया गया।
थाना कोतवाली क्षेत्र में 65 व्यक्तियों व 50 वाहनों,
रामपुर कारखाना में 36 व्यक्तियों व 23 वाहनों,
तरकुलवा में 25 व्यक्तियों व 12 वाहनों,
बघौचघाट में 20 व्यक्तियों व 08 वाहनों,
महुआडीह में 20 व्यक्तियों व 14 वाहनों,
रुद्रपुर में 16 व्यक्तियों व 07 वाहनों,
गौरीबाजार में 26 व्यक्तियों व 18 वाहनों,
मदनपुर में 25 व्यक्तियों व 17 वाहनों,
एकौना में 19 व्यक्तियों व 13 वाहनों,
सलेमपुर में 25 व्यक्तियों व 16 वाहनों,
लार में 19 व्यक्तियों व 09 वाहनों,
खुखुन्दू में 25 व्यक्तियों व 15 वाहनों,
बरियारपुर में 35 व्यक्तियों व 20 वाहनों,
भाटपाररानी में 24 व्यक्तियों व 17 वाहनों,
भटनी में 21 व्यक्तियों व 13 वाहनों,
बनकटा में 22 व्यक्तियों व 10 वाहनों,
खामपार में 20 व्यक्तियों व 12 वाहनों,
श्रीरामपुर में 32 व्यक्तियों व 15 वाहनों,
बरहज में 18 व्यक्तियों व 13 वाहनों,
मईल में 35 व्यक्तियों व 15 वाहनों,
भलुअनी में 24 व्यक्तियों व 15 वाहनों तथा
सुरौली में 22 व्यक्तियों व 14 वाहनों की चेकिंग की गई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ऐसे अभियानों को निरंतर चलाया जाएगा ताकि जनपद में शांति, सुरक्षा व कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास कायम हो।

दुष्कर्म पीड़िता को जानते थे आरोपी, पिता की तहरीर पर दोनों गिरफ्तार

हरदोई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पीड़िता को पहले से जानते थे। पूछताछ में आरोपियों ने यह स्वीकार भी किया है।

सीओ ने जानकारी दी कि पीड़िता के पिता की लिखित तहरीर पर थाना शाहपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। प्राथमिकी में बताया गया है कि दोनों आरोपी लंबे समय से पीड़िता से संपर्क में थे और घटना के दिन उन्होंने उसे अपने जाल में फँसाने की कोशिश की।

मामला दर्ज होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को दबोच लिया। वर्तमान में दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

👉 पुलिस का दावा है कि इस पूरे मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इस खबर को थोड़ा छोटा संस्करण (संक्षिप्त समाचार शैली) में भी बना दूँ ताकि यह अखबार/टीवी बुलेटिन के लिए उपयुक्त हो?

सुबह 5 से 8 बजे तक चला देवरिया पुलिस का मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक देवरिया विक्रान्त वीर के निर्देशन में रविवार की सुबह 5 से 8 बजे तक जनपद में “मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की गहन चेकिंग की। अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस व आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर विश्वास व सुरक्षा की भावना को और मजबूत करना, छोटे-मोटे विवादों का सामुदायिक स्तर पर समाधान करना तथा मित्र पुलिसिंग की भावना को बढ़ावा देना रहा। चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की तलाशी ली गई, चोरी की गाड़ियों की पड़ताल की गई, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, तीन सवारी, मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई की गई। साथ ही महिलाओं व बच्चियों से छेड़खानी करने वालों तथा अवैध असलहा एवं मादक पदार्थ रखने वालों पर विशेष निगरानी रखी गई। जनसंपर्क के दौरान लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और मॉर्निंग वॉक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया। थानावार चेकिंग परिणाम:
अभियान के अंतर्गत जनपद के 27 स्थानों पर कुल 574 व्यक्तियों व 346 वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान नियमों का पालन न करने वाले 05 वाहनों का ई-चालान भी किया गया। थाना कोतवाली क्षेत्र में 65 व्यक्तियों व 50 वाहनों, रामपुर कारखाना में 36 व्यक्तियों व 23 वाहनों,
तरकुलवा में 25 व्यक्तियों व 12 वाहनों, बघौचघाट में 20 व्यक्तियों व 08 वाहनों, महुआडीह में 20 व्यक्तियों व 14 वाहनों, रुद्रपुर में 16 व्यक्तियों व 07 वाहनों, गौरीबाजार में 26 व्यक्तियों व 18 वाहनों, मदनपुर में 25 व्यक्तियों व 17 वाहनों, एकौना में 19 व्यक्तियों व 13 वाहनों, सलेमपुर में 25 व्यक्तियों व 16 वाहनों, लार में 19 व्यक्तियों व 09 वाहनों, खुखुन्दू में 25 व्यक्तियों व 15 वाहनों, बरियारपुर में 35 व्यक्तियों व 20 वाहनों, भाटपाररानी में 24 व्यक्तियों व 17 वाहनों, भटनी में 21 व्यक्तियों व 13 वाहनों, बनकटा में 22 व्यक्तियों व 10 वाहनों, खामपार में 20 व्यक्तियों व 12 वाहनों, श्रीरामपुर में 32 व्यक्तियों व 15 वाहनों, बरहज में 18 व्यक्तियों व 13 वाहनों, मईल में 35 व्यक्तियों व 15 वाहनों, भलुअनी में 24 व्यक्तियों व 15 वाहनों तथा सुरौली में 22 व्यक्तियों व 14 वाहनों की चेकिंग की गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ऐसे अभियानों को निरंतर चलाया जाएगा ताकि जनपद में शांति, सुरक्षा व कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास कायम हो।

भोजपुर में हथियारों का जखीरा बरामद, दो गिरफ्तार

आरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार पुलिस ने शनिवार को भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके में बड़ी सफलता हासिल की। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए अभियान में दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से एके-47 राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।

अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान एसटीएफ जवानों ने एके-47 राइफल, कई पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और कुल 76 जिंदा कारतूस जब्त किए। पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई शाहपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना मिलने पर की गई।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे और स्थानीय लोगों से जबरन वसूली करते थे। पुलिस को संदेह है कि इनके तार आपराधिक गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।

एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। उनसे बरामद हथियारों के स्रोत और आपराधिक नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने कहा कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा ताकि क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हों।

👉 यह कार्रवाई भोजपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, 151 यात्रियों की जान बची

लखनऊ।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) शनिवार को लखनऊ एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। इंडिगो की लखनऊ-दिल्ली फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रनवे पर टेकऑफ की प्रक्रिया के दौरान विमान तेज रफ्तार भरने के बाद भी हवा में नहीं उठ पाया। इस विमान में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव समेत कुल 151 यात्री सवार थे।

सूत्रों के मुताबिक, विमान के उड़ान न भर पाने की स्थिति को भांपते हुए फ्लाइट कैप्टन ने तुरंत समझदारी दिखाई और रनवे के अंतिम छोर से पहले ही विमान को नियंत्रित कर रोक लिया। यदि पायलट ने समय रहते निर्णय न लिया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

यात्रियों ने बताया कि टेकऑफ के दौरान अचानक जोर का झटका लगा और विमान रुक गया। कुछ देर के लिए यात्रियों में दहशत फैल गई, लेकिन बाद में सभी सुरक्षित रहे। एयरपोर्ट प्रबंधन और क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को आश्वस्त किया और स्थिति सामान्य करने का भरोसा दिलाया।

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, घटना की तकनीकी जांच की जा रही है। प्राथमिक जानकारी में तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है। विमान को दोबारा उड़ान भरने लायक बनाने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही रोके रखा गया।

👉 राहत की बात यह रही कि पायलट की सूझबूझ और सतर्कता से 151 लोगों की जान सुरक्षित बच गई।

कुआनो जंगल में लकड़ी काटने गए बुजुर्ग किसान की हत्या, बेटा गंभीर घायल

गोंडा।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई जब लकड़ी काटने गए एक बुजुर्ग किसान और उसके बेटे पर अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में किसान की मौत हो गई जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल ने बताया कि शिवगढ़ निवासी गंगासागर विश्वकर्मा (70) अपने बेटे अनोखी लाल (45) के साथ गोंडा-बलरामपुर जिले की सीमा पर स्थित कुआनो जंगल में लकड़ी काटने गए थे। इस दौरान दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। अत्यधिक रक्तस्राव के चलते गंगासागर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनोखी लाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक और एसओजी टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलित किए। गंगासागर के बेटे अलखराम की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।