Tuesday, July 14, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी युग और लोकतंत्र की चुनौती

नवनीत मिश्र

भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदय केवल एक नेता की लोकप्रियता की कहानी नहीं है, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक सफर का नया अध्याय भी है। 2014 के चुनाव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय पटल पर जिस शक्ति के साथ स्थापित किया, उसने राजनीति की धारा ही बदल दी। आज भारतीय राजनीति का केंद्रबिंदु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। यह बदलाव कई मायनों में सकारात्मक है, लेकिन इसके साथ गंभीर प्रश्न भी जुड़े हैं—क्या लोकतंत्र अब संस्थाओं पर टिका रहेगा या केवल व्यक्तित्व के प्रभाव पर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास को राजनीति का आधार बनाया। सबका साथ, सबका विकास का नारा केवल चुनावी जुमला नहीं, बल्कि जनता को जोड़ने का माध्यम बना। जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, मुफ्त राशन और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों के जीवन को प्रभावित किया। स्वच्छ भारत मिशन ने गाँव-गाँव में शौचालय निर्माण से जीवनशैली बदली। आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना ने बेघरों को घर देने का सपना पूरा किया। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया ने नई पीढ़ी को रोजगार और अवसरों का संदेश दिया। ग्राम सड़क योजना और जल जीवन मिशन ने बुनियादी ढांचे को नई दिशा दी। यहाँ तक कि हर घर तिरंगा अभियान ने सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को नया जोश दिया।

राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी छाप छोड़ी। सीमाओं पर सख्ती, आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, और वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति ने जनता में आत्मविश्वास पैदा किया। अब भारत को केवल विकासशील देश नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति के रूप में देखा जाने लगा है।

हालांकि इस सफलता का दूसरा पहलू भी है। चुनाव अब भाजपा बनाम विपक्ष नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनाम विपक्ष की लड़ाई में बदल चुके हैं। संगठन और विचारधारा के बजाय पूरा ध्यान एक चेहरे पर केंद्रित हो गया है। विपक्ष की कमजोरियों ने इस स्थिति को और गहरा किया है। नतीजा यह हुआ कि लोकतांत्रिक बहस सिकुड़ती जा रही है और आलोचना को असहमति के बजाय शत्रुता माना जाने लगा है।

जनता के दृष्टिकोण में भी गहरा बदलाव आया है। गरीब तबका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को योजनाओं का मसीहा मानता है, जिसने उसकी जिंदगी में सीधा हस्तक्षेप किया। मध्यमवर्ग उन्हें भारत के गौरव और शक्ति का प्रतीक समझता है। धार्मिक प्रतीकवाद और सांस्कृतिक आह्वान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और अधिक लोकप्रिय बनाया है। लेकिन इन सबके बीच बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक तनाव जैसे सवाल अब भी जनता की चिंता बने हुए हैं।

सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या यह सब लोकतंत्र को मजबूत करता है या कमजोर करता है। प्रधानमंत्री कार्यालय में अत्यधिक केंद्रीकरण, मीडिया और नौकरशाही पर दबाव, तथा असहमति की जगह का सिकुड़ना लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरे का संकेत है। समर्थकों का तर्क है कि विशाल और जटिल भारत के लिए एक मजबूत प्रधानमंत्री आवश्यक है, परंतु लोकतंत्र का सार किसी एक नेता की शक्ति में नहीं, बल्कि संस्थाओं की मजबूती और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी में निहित है।

आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की ऊर्जा को केवल चुनावी विजय तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसका उपयोग लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और ठोस सुधारों में किया जाए। लोकतंत्र का भविष्य तभी सुरक्षित रहेगा जब जनता आंख मूंदकर नहीं, बल्कि जागरूक होकर सवाल पूछे और भागीदारी निभाए।

यह वह क्षण है जब जनता को जागना होगा। लोकतंत्र में नायक आवश्यक हैं, लेकिन नायक से भी बड़ा लोकतंत्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर में यदि यह सत्य भुला दिया गया, तो कल का भारत केवल नारों की गूंज तक सिमट जाएगा और लोकतंत्र की असली ताकत खो जाएगी। इसलिए देशवासियों को चाहिए कि वे नेतृत्व का समर्थन करें, लेकिन अपनी जागरूकता और सहभागिता को कभी न खोएँ। लोकतंत्र की रक्षा का दायित्व केवल नेताओं का नहीं, बल्कि हर नागरिक का है।

सोनिया-राहुल गांधी ने की मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात, दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से भेंट की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री रामगुलाम की भारत यात्रा के दौरान हुई।

बैठक में भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मज़बूत बनाने पर चर्चा की गई। राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा —
“सीपीपी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के साथ, मुझे मॉरीशस गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात करने का सौभाग्य मिला। हमने दोनों देशों और लोगों को जोड़ने वाली गहरी और स्थायी मित्रता के बारे में बात की।”

प्रधानमंत्री रामगुलाम 9 से 16 सितम्बर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वे कई राजनीतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री रामगुलाम का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नई दिल्ली और पोर्ट लुई के बीच अद्वितीय और स्थायी द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने पर ज़ोर दिया।

राष्ट्रपति भवन द्वारा साझा किए गए संदेश में कहा गया:
“भारत और मॉरीशस के संबंध हमारे साझा इतिहास, भाषा, संस्कृति और मूल्यों पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री रामगुलाम के व्यापक नेतृत्व अनुभव से ये रिश्ते भविष्य में और भी मजबूत होंगे।”

भारत और मॉरीशस के बीच घनिष्ठ रिश्ते ऐतिहासिक जुड़ाव और भारतीय मूल के लोगों की गहरी सांस्कृतिक विरासत पर आधारित हैं। यह यात्रा दोनों देशों की साझेदारी को नए आयाम देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

“मुख्यमंत्री के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था ध्वस्त”-अखिलेश यादव

गोरखपुर में NEET छात्र की हत्या पर का सरकार पर सपा अध्यक्ष का हमला

अखिलेश यादव

गोरखपुर,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को गोरखपुर के मऊचापी गाँव में पशु तस्करों के साथ हुई मुठभेड़ में 19 वर्षीय मेडिकल छात्र दीपक गुप्ता की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कड़ा प्रहार किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में हुई है और इससे साफ़ हो गया है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर और आसपास के इलाकों में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार और पुलिस बेबस नज़र आ रही है।

सपा प्रमुख ने कहा – “यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गोरखपुर में पुलिस द्वारा एक व्यापारी की हत्या की जा चुकी है। अब मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में एक NEET अभ्यर्थी की बेरहमी से हत्या हो गई। यह गंभीर चिंता का विषय है।”

सोमवार रात पिपराइच थाना क्षेत्र के मऊचापी गाँव में हुई इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया, पथराव किया और सड़क जाम कर दिया।

अखिलेश यादव ने गोरखपुर के राजनीतिक महत्व का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा – “गाजीपुर, कौशाम्बी और गोरखपुर जैसे जिलों में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। अगर मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र में इस तरह की घटनाएँ होंगी, तो यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था की असल तस्वीर दिखाता है।”

स्थानीय लोगों और परिजनों ने दीपक गुप्ता को न्याय दिलाने की माँग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आठ मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, आज शाम शपथ लेंगे नए मंत्री

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा

शिलांग,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मेघालय की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) सरकार के आठ मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम कैबिनेट में प्रस्तावित फेरबदल से ठीक पहले उठाया गया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।

इस्तीफा देने वालों में एनपीपी के अम्पारीन लिंगदोह, कॉमिंगोन यम्बोन, रक्कम ए. संगमा और अबू ताहिर मंडल शामिल हैं। इसके अलावा यूडीपी (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी) से पॉल लिंगदोह और किरमेन शायला, एचएसपीडीपी (हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) से शकलियार वारजरी तथा भाजपा से ए.एल. हेक ने भी पद छोड़ा है।

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने राजभवन जाकर राज्यपाल सी. एच. विजयशंकर को मंत्रियों के इस्तीफे सौंप दिए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आज शाम 5 बजे राजभवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी।

सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम युवाओं को अवसर देने और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सरकार की छवि सुधारने की कोशिश भी हो सकता है।

नई मंत्रिपरिषद में किन चेहरों को जगह मिलेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, एनपीपी और सहयोगी दलों के कुछ युवा विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। साथ ही भाजपा और अन्य सहयोगियों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की भी तैयारी चल रही है।

मेघालय में यह फेरबदल केवल सत्ता संतुलन का खेल नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति भी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नई टीम जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

अनुबोधन त्रैमासिक शोध जर्नल का कुलपति ने किया विमोचन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने सिरी रिसर्च फाउंडेशन, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक शोध पत्रिका अनुबोधन के मार्च एवं जून अंक का विमोचन किया।
अनुबोधन गोरखपुर से प्रिन्ट माध्यम में प्रकाशित होने वाला आईएसएसएन सहित राष्ट्रीय शोध जर्नल है, जिसका प्रकाशन मार्च 2025 से प्रारंभ हुआ है। इसके संपादकीय कार्य विश्वविद्यालय के आचार्यों एवं अध्येताओं द्वारा संपादित किए जा रहे हैं।
विमोचन अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने पत्रिका की सामग्री की सराहना करते हुए कहा कि यह गोरखपुर परिक्षेत्र में शोध प्रकाशन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पत्रिका एवं प्रकाशित आलेखों को डीओआई प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। कुलपति ने कहा कि डीओआई मिलने से शोध को वैश्विक पहचान और व्यापक उपलब्धता मिलती है।
महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ के उपनिदेशक एवं संपादकीय समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. कुशलनाथ मिश्र ने बताया कि शीघ्र ही पत्रिका को डी.ओ.आई. लेने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। पत्रिका के संपादक डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि शोध पत्रिका का ऑनलाइन संस्करण भी जल्द ही प्रकाशित किया जाएगा।
इस अवसर पर संपादकीय समिति के सदस्य डॉ. रामवंत गुप्ता, डॉ. संजय कुमार राम, डॉ. रमेश चंद एवं सह संपादक डॉ. हर्षवर्धन सिंह उपस्थित रहे।

मत्स्य विभाग ने मांगे आवेदन

लखनऊ/आगरा। (राष्ट्र की परम्परा) मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा निषादराज बोट सब्सिडी योजना के अंतर्गत वुडेन व एफआरपी बोट, जाल, लाइफ जैकेट एवं आइसबॉक्स की आपूर्ति हेतु अच्छी छवि की एजेंसियों/वेंडर्स से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभागीय पोर्टल fisheries.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2025 निर्धारित है। विस्तृत जानकारी पोर्टल या सहायक निदेशक मत्स्य, आगरा कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

चौकीदार-दफादारों का प्रदर्शन ,आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर सड़क पर उतरे कर्मचारी

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजधानी पटना मंगलवार को चौकीदार और दफादारों (बिहार पुलिस) के जोरदार प्रदर्शन का गवाह बनी। अपनी पुरानी मांग—आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति—को लेकर राज्य के सैकड़ों चौकीदार-दफादार पटना की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से मार्च निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े।

इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहा तक मार्च जारी रखा। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई, हालांकि बाद में पुलिस ने हालात नियंत्रित कर आवागमन बहाल करा दिया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चौकीदार और दफादार अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिस को अहम जानकारी देते हैं, ऐसे में उनकी मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को नौकरी दी जानी चाहिए। चौकीदार-दफादार यूनियन के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि वे अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा—“जब चौकीदार अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान जोखिम में डालते हैं तो उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार को सहारा मिलना चाहिए। सरकार हमारी इस न्यायोचित मांग को लगातार नजरअंदाज कर रही है।”

गौरतलब है कि चौकीदार-दफादार लंबे समय से आश्रितों की बहाली की मांग करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देती है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाती। इसी वजह से अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना है।

इस प्रदर्शन ने सरकार तक यह संदेश साफ कर दिया है कि चौकीदार-दफादार अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक उनके आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति की मांग पूरी नहीं होती।

डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण से नागरिकों को लाभ : पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अहमदाबाद। (राष्ट्र की परम्परा)ओढव इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन सभागार में “डाक व्यवसाय विकास एवं वित्तीय समावेशन” महामेला का शुभारंभ उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि डाकघर अब सिर्फ डाक का केंद्र नहीं, बल्कि बहुउद्देशीय सेवा केंद्र बन गया है। डिजिटल सेवाओं, सुरक्षित निवेश योजनाओं और वित्तीय समावेशन के जरिए नागरिकों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पासबुक व पॉलिसी बॉन्ड प्रदान किए गए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को सम्मानित किया गया। अहमदाबाद मंडल में अब तक 13.50 लाख बचत खाते, 1.12 लाख सुकन्या समृद्धि खाते और 1.46 लाख आईपीपीबी खाते संचालित हैं।
विशिष्ट अतिथियों में पार्षद राजेशकुमार दवे, निताबेन देसाई और इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन अध्यक्ष मुकेशभाई वेकरिया मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, डाककर्मी और आमजन ने भागीदारी की।

संवाद कार्यक्रम में 2047 का खींचा गया खाका, नागरिक समूहों ने दिए सुझाव

क्यूआर कोड के माध्यम से अपने सुझाव दें नागरिक— नागेश्वरनाथ उपाध्याय*

संवाद कार्यक्रम आमजन को नीति निर्माण में शामिल करने का माध्यम—नोडल अधिकारी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने हेतु आयोजित संवाद कार्यक्रम के दूसरे दिन आज नगर एवं ग्राम्य विकास, उद्योग व पर्यटन और सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों पर पूर्व नौकरशाहों और शिक्षाविदों द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में चर्चा की गई।
संवाद कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ग्राम्य और नगर विकास के संदर्भ में विभिन्न नागरिक समूहों द्वारा उनके सुझाव आमंत्रित किए गए। प्रतिभागी समूहों में रोटरी क्लब, सिटीजन फोरम, ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह आदि के सदस्य शामिल रहे।
कैसे बने गांव और शहर विकसित व आत्मनिर्भर
परिचर्चा के दौरान नागरिक समूहों ने विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला गांवों और नगरों को बताते हुए इनके विकास के लिए अपने सुझाव रखे।
ग्राम्य विकास के संदर्भ में अपने सुझाव प्रस्तुत करते हुए उपस्थित लोगों ने कहा मनरेगा के बजट में वृद्धि की जाए। पंचायतों का और अधिक सशक्तिकरण किया जाए। गांवों में अवसंरचना को मजबूत किया जाए।
नगर विकास पर भी लोगों ने अपने सुझाव दिए। इनमें महात्मा बुद्ध की मूर्ति स्थापना, नगर पालिका के विकास हेतु मास्टर प्लान की तैयारी, सीवरेज प्रणाली को बेहतर करने, मोटरसाईकिल स्टैंड बनाने और अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दों पर अपने सुझाव रखे।
महराजगंज को उद्योग और पर्यटन का केंद्र बनाने का रोडमैप बनाने पर हुई चर्चा।
संवाद के दूसरे सत्र में उद्यमियों, परिवहन संचालकों, टूरिस्ट गाइडों, होम स्टे संचालकों, लोक कलाकारों ने जनपद को उद्योग और पर्यटन का परिदृश्य बदलने और महराजगंज को प्रमुख औद्योगिक व पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने पर चर्चा की गई।
संवाद कार्यक्रम में अमित अंजन ने लोक कलाओं को बचाने और उनको आय से जोड़ने पर अपने सुझाव रखते हुए कहा कि लोक कलाओं को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कलाकारों के पंजीकरण हेतु सूचना विभाग द्वारा कराए गए स्क्रीनिंग के रिजल्ट की मांग को रखा।
जनपद के औद्योगिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि उद्यमियों ने विशेष औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की मांग रखी। समिति ने इस सन्दर्भ में 100 एकड़ भूमि को चिन्हित करते हुए शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुनिश्चित करने हेतु निवेश प्रक्रिया को आसान करने के लिए कहा।
कैसे हो सुरक्षित आम नागरिक संवाद कार्यक्रम में सुरक्षा एवं सुशासन विषय पर संवाद के दौरान नागरिकों को सुरक्षित करने और गुड गवर्नेंस पर व्यापक चर्चा हुई, जिसमें बेहतर पुलिसिंग, सर्विलांस आदि को बेहतर बनाने पर चर्चा की गई। बिना सीट बेल्ट और हेलमेट के वाहन चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध को सुनिश्चित करने और वाहन चालन प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना जैसे सुझाव नागरिक समूहों द्वारा रखे गए।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता और सेवानिवृत्त आईएएस नागेश्वरनाथ उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित करना है। इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने की पहली शर्त है कि उत्तर प्रदेश को समर्थ और विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना होगा। हम इस लक्ष्य को वर्ष 2047 तक कैसे प्राप्त करें, इसको लेकर ही वृहद संवाद कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है। संवाद हेतु सभी जिलों में अलग–अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ लोगों से बात कर रहे हैं और उनके सुझाव आमंत्रित कर रहे हैं, ताकि विकसित उत्तर प्रदेश 2047 में प्रत्येक परिवार के सुझाव को समाहित किया जा सके। उन्होंने सभी से अपील किया कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव शासन को प्रेषित करें, ताकि आपके सुझावों को समावेशित करते हुए 2047 की रूपरेखा तैयार की जा सके। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वच्छता शपथ भी दिलाई।
नोडल अधिकारी ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना में समस्त नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस संवाद कार्यक्रम और क्यूआर कोड को जारी करने का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को नीति निर्माण में सीधी भूमिका प्रदान करना है।
जिलाधिकारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और सभी नागरिकों से संवाद कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अपील की। संवाद कार्यक्रम को पूर्व कृषि निदेशक प्रमोद पांडेय और शिक्षाविद घनश्याम शर्मा ने भी संबोधित किया।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ने सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंटकर किया।
इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, डीसी उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, सहायक पर्यटक अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित तमाम नागरिक उपस्थित रहें।

डीएम की अध्यक्षता में दुर्गा पूजा-दशहरा को लेकर जिला शांति समिति की बैठक संपन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी न्यायिक चन्द्रेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह सहित अधिकारीगण एवं दुर्गा पूजा मंडली के आयोजक मौजूद रहे।
बैठक में आगामी नवरात्रि पर्व, दुर्गा पूजा एवं दशहरा को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बिजली, पानी, साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि दुर्गा पूजा पंडालों और विसर्जन मार्गों पर ढीले व लटके तारों की मरम्मत सुनिश्चित कराई जाए। नगर पालिका और नगर पंचायतों को साफ-सफाई व अन्य आवश्यक इंतजाम समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि जिले में त्योहारों को मनाने की गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी नवरात्रि व दशहरा उत्सव शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह रोकने के लिए ग्राम पंचायत स्तर तक निगरानी तंत्र मजबूत करने की बात कही।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहेगा, लेकिन त्योहार की सफलता स्थानीय लोगों के सहयोग से ही संभव है। उन्होंने अपील की कि मूर्तियों की ऊंचाई व ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ध्वनि सीमा का पालन किया जाए, पंडालों में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र व सुरक्षित विद्युत कनेक्शन का उपयोग अनिवार्य किया जाए। एसपी ने चेतावनी दी कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर जिले के सभी उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष, विभागीय अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंतर्जनपदीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश, 06 आरोपी गिरफ्तार

एसओजी,स्वाट,भिटौली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, चोरी व ठगी के सामान बरामद

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिले की भिटौली पुलिस ने एसओजी व स्वाट टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतर्जनपदीय चोर–ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में छः शातिर अभियुक्तों को चोरी और ठगी में प्रयुक्त सामान सहित गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। गिरोह के सदस्य राहगीरों के सामने नोटों और कागज की गड्डी गिराकर उन्हें लालच में फंसाते थे। इसके बाद नकली लालच दिखाकर उनके पास मौजूद गहने व नकदी लेकर फरार हो जाते थे। वहीं कई बार महिलाओं को अंधविश्वास भूत-प्रेत, झाड़-फूंक का हवाला देकर उनसे आभूषण व नकदी ठग लेते थे। पुलिस पूछताछ में अपना नाम करन पुत्र जितेन्द्र निवासी लाल डिग्गी पार्क राजघाट गोरखपुर 24 वर्ष,अर्जुन पुत्र सुरेश निवासी लाल डिग्गी पार्क राजघाट गोरखपुर 27वर्ष ,जाबिद अली पुत्र जलालुद्दीन निवासी पल्हीपार बाबू खजनी गोरखपुर 22 वर्ष,धनन्जय पुत्र संजय डोम निवासी पहुनवा टोला बेलघाट गोरखपुर 20 वर्ष,दिलदार पुत्र चन्दन, निवासी रूद्रपुर खजनी गोरखपुर 22 वर्ष,अशोक उर्फ टिंकू पुत्र बसन्त उर्फ बहिरा निवासी लाल डिग्गी पार्क राजघाट गोरखपुर 50 वर्ष बताया। 16 सितम्बर 2025, सुबह 02:46 बजे ग्राम भिसवा नहर विभाग खण्डहर, थाना भिटौली से गिरफ्तार किया गया। मु०अ०सं०213/2025, धारा 313, 317(2), 317(4), 3(5) बीएनएस, थाना भिटौली मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं सोने जैसे दिखने वाले आभूषण (टीकिया व लॉकेट),6 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन
औजार (हथौड़ी, छेनी, पेचकस, हेक्साब्लेड आदि) ,नकद ₹3000,2 मोटरसाइकिल, पिट्ठू बैग व अन्य सामग्री भी बरामद किया गया इसके अलावा इन गिरफ्तार अभियुक्त व आपराधिक इतिहास में करन पुत्र जितेन्द्र (24), निवासी लालडिग्गी पार्क, गोरखपुर – पहले भी गोरखपुर में चोरी व धोखाधड़ी के कई मामलों (धारा 379, 420 भा.दं.सं.) में जेल जा चुका है।अर्जुन पुत्र सुरेश (27), निवासी लालडिग्गी पार्क, गोरखपुर – नशाखोरी व लूट के मामलों धारा 392, 411 में वांछित रह चुका है।जाबिद अली पुत्र जलालुद्दीन 22, निवासी पल्हीपार बाबू, खजनी – गोरखपुर व आसपास के जिलों में कई ठगी के मामलों धारा 420, 406 में नामजद। धनन्जय पुत्र संजय डोम निवासी बेलघाट स्थानीय थाने में चोरी धारा 379, 411
के मुकदमे दर्ज। दिलदार पुत्र चन्दन निवासी रूद्रपुर, खजनी – नकली गहनों की ठगी और राहगीरों को झांसा देने के मामलों में पूर्व से अभियुक्त।अशोक उर्फ टिंकू पुत्र बसन्त उर्फ बहिरा निवासी लाल डिग्गी पार्क हाल करीमनगर गिरोह का मास्टरमाइंड, जिसके खिलाफ गोरखपुर और बस्ती जिलों में ठगी, धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के कई मुकदमे धारा 420, 406, 413 दर्ज हैं।
इस सफलता में थाना भिटौली पुलिस, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक योगेश सिंह व उनकी टीम तथा स्वाट प्रभारी अखिलेश प्रताप सिंह व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने संयुक्त कार्रवाई में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की सराहना की और कहा कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

बांसी नदी पुनरोद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार, मेला से पूर्व होगी सफाई

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी की उपस्थिति में बांसी नदी के पुनरोद्धार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिकारियों के साथ बांसी नदी से सटे ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे।बैठक में जानकारी दी गई कि नदी की कुल 114 किमी लंबाई को सेक्टरों में विभाजित कर कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें 0 से 60 किमी तक का क्षेत्र सिंचाई खंड-2 तथा 60 से 114 किमी तक का क्षेत्र बाढ़ खंड के अंतर्गत आता है। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान नदी का ड्रोन से लिया गया वीडियो भी देखा।डीएम ने निर्देश दिया कि बांसी मेला से पूर्व सफाई का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने इसे सामाजिक अभियान का रूप देने की बात कहते हुए सभी ग्राम प्रधानों से श्रमदान के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने की अपील की।बैठक में बताया गया कि नदी जीर्णोद्धार हेतु 6 करोड़ 22 लाख रुपये का डीपीआर शासन को भेजा जाएगा। वहीं, टाइड फंड के अंतर्गत प्राप्त 2 करोड़ रुपये में से 1.5 करोड़ बांसी नदी और 50 लाख हिरण्यवती नदी के लिए खर्च किए जाने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जलकुंभी की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के उपाय किए जाएंगे।डीएम ने कहा कि सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी के तहत कार्ययोजना अनुसार तय समयसीमा में काम शुरू करें। एक सप्ताह, 15 दिन और एक माह में पूर्ण होने वाले कार्यों का अलग-अलग उल्लेख करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा नदी किनारे सरकारी भूमि पर तालाब एवं केले की खेती प्रशासन की देखरेख में कराने तथा प्रदूषण विभाग को भी समिति में शामिल करने का आदेश दिया गया।उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है, जब तक कार्य पूर्ण नहीं होता तब तक ग्राम प्रधानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन के सहयोग से इसे सामाजिक अभियान के रूप में लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा राकेश, खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

ऑनलाइन गेम की लत ने छीनी मासूम की जान:

लखनऊ में 13 साल के छात्र ने 14 लाख हारने के बाद की आत्महत्या

लखनऊ।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के धनुवासाढ़ गांव में महज़ 13 साल के एक छात्र ने ऑनलाइन गेम में 14 लाख रुपये हारने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने अभिभावकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखना कितना ज़रूरी है।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान यश कुमार (13 वर्ष) पुत्र सुरेश कुमार यादव के रूप में हुई है। यश छठी कक्षा का छात्र था। उसने पढ़ाई के बहाने पिता के मोबाइल और बैंक खाते का इस्तेमाल कर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे यह लत इतनी बढ़ गई कि उसने पिता के खाते से कुल 14 लाख रुपये खर्च कर दिए।

सोमवार को जब पिता सुरेश कुमार बैंक से पैसे निकालने पहुंचे तो उन्हें खाते में बैलेंस शून्य बताया गया। बैंक प्रबंधक से बातचीत के बाद सारा सच सामने आया। घर लौटकर पिता ने परिवार को यह जानकारी दी। उसी समय घर पर मौजूद यश ने घबराहट में पढ़ाई का बहाना बनाया और छत पर बने कमरे में चला गया।

कैसे हुआ हादसा?
थोड़ी देर बाद जब यश की बहन गुनगुन कमरे में गई तो उसने अपने भाई को फंदे से लटका हुआ पाया। शोर मचाने पर परिवार के लोग पहुंचे और यश को उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई
मोहनलालगंज थाना प्रभारी निरीक्षक डी.के. सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ऑनलाइन गेम की लत और रुपये गंवाने के डर ने बच्चे को यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

मामले से उठे सवाल
यह घटना अभिभावकों के लिए एक चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर सतर्क निगरानी बेहद ज़रूरी है। समय रहते संवाद और नियंत्रण न हो तो गेमिंग की यह लत जानलेवा साबित हो सकती है।

सादुल्लानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर जलभराव, मरीजों और राहगीरों को हो रही परेशानी

सादुल्लानगर/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)।
झमाझम बारिश के बाद सादुल्लानगर के रेहरा बाजार रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और थाना परिसर जाने वाले मार्ग पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। तेज बारिश के चलते सड़क पर जगह-जगह पानी भर जाने से मरीजों, फरियादियों, राहगीरों सहित छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों को पानी में से आना जाना पड़ता हैं। वहीं थाना पहुंचने वाले लोगों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगो ने आरोप लगाया कि नाली और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल बारिश में यही स्थिति बन जाती है।अहरौला निवासी रवि कुमार, गामा भारती ने बताया कि उक्त जलभराव वाले रास्ते को पार कर अहरौला से दर्जनों नौनिहाल पी एम श्री कम्पोजिट विद्यालय सादुल्लानगर आते जाते हैं जिससे उन्हें समस्याओ का सामना करना पड़ता है।मोहम्मद आसिफ, गुलाम हुसैन, तहारत रजा,मान सिंह चौहान, प्रमोद, राजेश आदि
ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था करने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि मरीजों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।

जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद का सेतु बना सीएम योगी का मंच

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित जनता दरबार (जनता दर्शन) प्रदेश की आम जनता के लिए आशा और विश्वास का बड़ा मंच बन गया है। इस अनूठी पहल के जरिए प्रदेशवासी अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकते हैं।

सीएम योगी स्वयं जनता की बात सुनते हैं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी देते हैं। इससे न केवल समाधान की प्रक्रिया तेज होती है बल्कि जनता को यह भरोसा भी मिलता है कि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंच रही है।

जनता दरबार की प्रमुख विशेषताएँ

  1. सूचना प्राप्त करें – जनता दरबार की तारीख, समय और स्थान की जानकारी सीएम कार्यालय अथवा स्थानीय प्रशासन से ली जा सकती है।
  2. पूर्व-आवेदन दर्ज करें – शिकायत या सुझाव लिखित रूप में तैयार करना आवश्यक है। आवेदन स्पष्ट और संक्षिप्त भाषा में होना चाहिए।
  3. जरूरी दस्तावेज साथ रखें – पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन), समस्या से जुड़े प्रमाण, कागजात, आदेश, बिल आदि।
  4. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया – दरबार स्थल पर पहुंचकर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर नाम और विवरण दर्ज करना होता है। इसके बाद टोकन नंबर जारी होता है।
  5. मुख्यमंत्री से सीधी मुलाकात – टोकन के आधार पर बारी-बारी से लोग अपनी शिकायतें रखते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व्यक्तिगत रूप से संवाद कर अधिकारियों को निर्देश देते हैं।

जनता की राय

जनता दरबार में शामिल होने वाले लोगों का कहना है कि यह मंच उन्हें बिना किसी माध्यम के सरकार से सीधे संवाद का अवसर देता है। यहां पारदर्शिता और भरोसा सबसे बड़ी ताकत है।

महत्व और प्रभाव

यह मंच आमजन को सशक्त बनाता है।शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करता है।पहली बार उत्तर प्रदेश में किसी मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह का नियमित मंच स्थापित किया गया है।आवश्यक सावधानियाँआवेदन संक्षिप्त और स्पष्ट भाषा में लिखें।समस्या से जुड़े पूरे दस्तावेज और प्रमाण साथ रखें।भीड़ अधिक होने की स्थिति में धैर्य और अनुशासन बनाए रखें।सुनिश्चित करें कि आवेदन संबंधित विभाग से जुड़ा हुआ हो।

जनता दरबार ने उत्तर प्रदेश में शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को और भी अधिक मजबूत किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल लोगों की उम्मीदों को नया आधार दे रही है।