Tuesday, July 14, 2026
Home Blog Page 683

“प्रसवोत्तर देखभाल: माँ का साथ सास से ज्यादा कारगर”

माँ की गोद में मिलती सुरक्षा, सास की भूमिका पर उठे सवाल

अध्ययन बताते हैं कि प्रसव के बाद महिलाओं की देखभाल करने में सास की तुलना में उनकी अपनी माँ कहीं अधिक सक्रिय और संवेदनशील रहती हैं। लगभग 70 प्रतिशत प्रसूताओं को नानी से बेहतर सहयोग मिला, जबकि मात्र 16 प्रतिशत को सास से सहायता मिली। यह बदलाव संयुक्त परिवारों के टूटने और आधुनिक सोच का परिणाम है। नानी का भावनात्मक जुड़ाव और मातृत्व का अनुभव बेटी के लिए सहारा बनता है। हालांकि सास की भूमिका कमजोर पड़ना पारिवारिक संतुलन के लिए चुनौती है। ज़रूरी है कि माँ और सास दोनों मिलकर जिम्मेदारी निभाएँ।
भारतीय समाज में परिवार की भूमिका जीवन के हर पड़ाव पर महत्वपूर्ण होती है। जब घर में नया जीवन जन्म लेता है, तब यह जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। प्रसव एक ऐसा समय है जब महिला शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कमजोर होती है। उसे सिर्फ चिकित्सकीय सहायता ही नहीं, बल्कि गहरे स्तर पर देखभाल, सहारा और संवेदनशीलता की ज़रूरत होती है। परंपरागत रूप से यह जिम्मेदारी संयुक्त परिवारों में सास की मानी जाती थी, लेकिन बदलते दौर और सामाजिक संरचना के कारण यह भूमिका अब धीरे-धीरे माँ यानी नानी की ओर स्थानांतरित हो रही है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रसव के बाद महिलाओं को अपनी सास की तुलना में अपनी माँ से कहीं अधिक देखभाल और सहयोग मिलता है।

यह तथ्य कई स्तरों पर सोचने को मजबूर करता है। एक ओर यह माँ और बेटी के रिश्ते की गहराई और भावनात्मक मजबूती को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठाता है कि सास जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला इस प्रक्रिया में पीछे क्यों रह गई है। अध्ययन में पाया गया कि प्रसवोत्तर देखभाल में लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं को उनकी अपनी माँ से सहयोग मिला, जबकि मात्र 16 प्रतिशत महिलाओं की देखभाल उनकी सास ने की। यह आँकड़ा अपने आप में बहुत कुछ कह जाता है।

बेटी और माँ का रिश्ता हमेशा से भरोसे और आत्मीयता पर आधारित रहा है। प्रसव के बाद महिला अपने जीवन के सबसे नाजुक दौर से गुजरती है। उसका शरीर थका हुआ और कमजोर होता है, मानसिक रूप से वह असुरक्षा और चिंता का सामना करती है। ऐसे समय में वह सबसे पहले अपनी माँ के पास सहजता से जाती है। माँ न केवल उसकी तकलीफ को तुरंत समझती है बल्कि धैर्य और प्यार से उसका मनोबल भी बढ़ाती है। हर माँ ने मातृत्व का अनुभव किया होता है, इसलिए उसे पता होता है कि उसकी बेटी किन शारीरिक और मानसिक अवस्थाओं से गुजर रही है। यही वजह है कि बेटी अपनी असली माँ की देखभाल को सबसे भरोसेमंद मानती है।

इसके विपरीत सास-बहू का रिश्ता भारतीय समाज में अक्सर औपचारिकताओं और अपेक्षाओं से घिरा होता है। बहू अपनी सास के सामने उतनी सहजता महसूस नहीं कर पाती। कई बार पीढ़ियों का अंतर भी इस दूरी को और बढ़ा देता है। सास का सोचने का तरीका पुराने अनुभवों पर आधारित होता है, जबकि आज की पीढ़ी की महिलाएँ आधुनिक चिकित्सा और नई जानकारी पर अधिक भरोसा करती हैं। जब बहू को लगे कि उसकी ज़रूरतों को पूरी तरह समझा नहीं जा रहा है, तो वह अपनी माँ की ओर झुक जाती है। यही वजह है कि प्रसव के समय सास की तुलना में नानी की भूमिका अधिक अहम दिखाई देती है।

इस बदलाव के पीछे एक और बड़ा कारण है संयुक्त परिवारों का टूटना और एकल परिवारों का बढ़ना। पहले प्रसव के समय बहू अपने ससुराल में ही रहती थी और पूरे परिवार की महिलाएँ उसकी देखभाल करती थीं। सास इस देखभाल की मुख्य जिम्मेदार मानी जाती थी। लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। अधिकतर बेटियाँ प्रसव के समय मायके चली जाती हैं। वहाँ नानी स्वाभाविक रूप से जिम्मेदारी संभाल लेती है। यह प्रथा समाज में इतनी गहराई से जड़ पकड़ चुकी है कि अब यह लगभग सामान्य मान ली जाती है।

यह बदलाव कई दृष्टियों से सकारात्मक भी है। प्रसव के बाद महिला को भावनात्मक सुरक्षा मिलना बहुत ज़रूरी है। जब उसके पास उसकी अपनी माँ होती है, तो उसे मानसिक सुकून मिलता है। कई शोध बताते हैं कि प्रसवोत्तर अवसाद का खतरा उन महिलाओं में कम होता है जिन्हें अपनी माँ से पर्याप्त सहयोग मिलता है। नानी के अनुभव का लाभ शिशु को भी मिलता है। शिशु को समय पर स्तनपान कराना, उसकी सफाई और टीकाकरण जैसे छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कामों में नानी की भूमिका बहुत कारगर साबित होती है। इस दृष्टि से देखा जाए तो यह प्रवृत्ति माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

लेकिन इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। जब सास की भूमिका कमजोर पड़ती है तो परिवारिक संतुलन प्रभावित होता है। बहू और सास के रिश्ते में दूरी और बढ़ सकती है। यह दूरी सिर्फ देखभाल तक सीमित नहीं रहती बल्कि परिवार की सामंजस्यपूर्ण संस्कृति पर भी असर डाल सकती है। आखिरकार सास भी खुद कभी इस प्रक्रिया से गुज़री होती है और उसके अनुभव की अहमियत को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। अगर उसका अनुभव और स्नेह इस प्रक्रिया में शामिल न हो, तो यह न केवल उसके लिए निराशाजनक होता है बल्कि बहू और शिशु दोनों उस सहयोग से वंचित रह जाते हैं जो उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है।

यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि प्रसवोत्तर देखभाल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। यह पूरे परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी है। अगर माँ और सास दोनों मिलकर इस दायित्व को निभाएँ, तो महिला को दोगुना सहयोग मिलेगा। यह स्थिति न केवल प्रसूता महिला के लिए बेहतर होगी बल्कि शिशु के लिए भी अधिक लाभकारी होगी। इसके अलावा, परिवार के भीतर रिश्तों की मिठास और विश्वास भी बढ़ेगा।

समाज को भी यह समझना होगा कि प्रसव जैसे समय में महिला को सिर्फ शारीरिक मदद ही नहीं बल्कि मानसिक सहारा और भावनात्मक सहयोग भी चाहिए। अगर महिला को लगे कि उसकी सास भी उसके दर्द और ज़रूरतों को समझती है, तो उसका आत्मविश्वास और बढ़ेगा। इसी तरह, अगर सास-बहू के बीच संवाद और विश्वास का रिश्ता मजबूत हो, तो देखभाल का संतुलन अपने आप स्थापित हो जाएगा।

आज जब स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की पहुँच बढ़ रही है, तब परिवार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अस्पताल और डॉक्टर अपना काम कर सकते हैं, लेकिन प्रसवोत्तर देखभाल का असली दायित्व घर और परिवार पर ही रहता है। परिवार के भीतर यह जिम्मेदारी अगर संतुलित ढंग से बाँटी जाए तो इसका लाभ सीधा माँ और शिशु दोनों को मिलेगा।

इसलिए यह आवश्यक है कि इस विषय पर जागरूकता बढ़ाई जाए। परिवारों को समझाया जाए कि प्रसवोत्तर देखभाल किसी प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं है—यह माँ बनाम सास की लड़ाई नहीं है। बल्कि यह माँ और सास दोनों का संयुक्त दायित्व है। दोनों का अनुभव और स्नेह मिलकर प्रसूता महिला को वह सुरक्षा प्रदान कर सकता है, जिसकी उसे सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

“सास से ज्यादा माँ की देखभाल बेहतर” यह शीर्षक समाज में एक बदलते रुझान का दर्पण है। यह रुझान बताता है कि प्रसव जैसे संवेदनशील समय में महिला अपनी असली माँ को ज़्यादा भरोसेमंद और सहयोगी मानती है। लेकिन आदर्श स्थिति वही होगी जब सास और माँ दोनों मिलकर यह जिम्मेदारी निभाएँ। यह न केवल प्रसूता महिला के स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए अच्छा होगा, बल्कि शिशु की परवरिश और परिवारिक रिश्तों के सामंजस्य के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा। आखिरकार, स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु ही स्वस्थ समाज की नींव रखते हैं।

डॉ प्रियंका सौरभ

चिराग पासवान ने एनडीए में “सब ठीक” का संकेत दिया, कहा — बिहार विधानसभा चुनावों में अच्छी संख्या में सीटें चाहिए

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हाल ही में एनडीए के भीतर अपने रुख़ को स्पष्ट करते हुए कहा है कि गठबंधन में सब ठीक है, लेकिन बिहार विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को सम्मानजनक और गुणवत्ता-युक्त संख्या की सीटें चाहिए।

चिराग ने संवाददाताओं से कहा कि सीटों के बंटवारे पर अभी औपचारिक चर्चाएँ शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन उनकी पार्टी “सम्मानजनक संख्या” और “क्वालिटी सीटें” पाने की उम्मीद रखती है।उन्होंने यह भी दावा किया कि इस चुनाव लड़ाई में एनडीए 225 से अधिक सीटें जीत सकती है।

नीतीश कुमार की भूमिका पर चिराग ने कहा कि वे गठबंधन की मजबूत कड़ी हैं, और मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी उनके नेतृत्व में होगी। खुद उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल
चिराग पासवान ने बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर भी तीखा हमला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अपने गृह जिले नालंदा का हवाला देते हुए कहा कि यदि वहाँ दिनदिहाड़े हत्या हो सकती है, तो यह बताता है कि अपराधियों का मनोबल कितना ऊँचा है और राज्य में कानून-व्यवस्था किस कदर ध्वस्त है।

लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि उनका यह बयान समर्थन से अलग नहीं है — सरकार का समर्थन करना आवश्यक है, मगर जनता की आवाज़ को उठाना भी उनका कर्तव्य है।
राजनीति और गठबंधन की रणनीति
चिराग ने कहा है कि एनडीए में सीट बंटवारा “क्षमता के अनुसार” होगा। किसी भी सीट पर फैसला तय-शुदा नहीं है, बल्कि गठबंधन की बातचीत और सहमति से होगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि जनता दल (यू) के नेता नीतीश कुमार गठबंधन की विश्वास की मजबूत कड़ी हैं।

चिराग का कहना है कि जीत की संभावना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए न कि सिर्फ सीटों की संख्या। “गुणवत्ता वाली सीटें” ऐसी हों, जहाँ जीत का स्ट्राइक-रेट अधिक हो सके।
चिराग पासवान का बयान यह संकेत है कि बिहार विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए के भीतर असंतोष को टालने की कोशिश हो रही है, और गठबंधन को एकता के साथ मैदान में भेजने की रणनीति बनाई जा रही है। साथ ही, जनता और पार्टी कार्यकर्ता दोनों को यह विश्वास दिलाना चाहा जा रहा है कि एनडीए इस बार बड़ी सफलता के साथ उभरेगा, लेकिन इसके लिए सीटों के बंटवारे, नेतृत्व और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर संवेदनशील रणनीति बनानी होगी।

तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बलिया पुलिस के एक जवान की ऑन द स्पॉट मौत

0

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

रसड़ा रेलवे क्रासिंग के पास एक्सिस बैंक के सामने विपरीत दिशा में आने वाली तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बलिया पुलिस के एक जवान की ऑन द स्पॉट मौत हो गयी। इस घटना से विभागीय गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही जवान के घर परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन पहुंच गये है। आजमगढ़ जनपद के मूल निवासी राहुल कुमार यादव (29) वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर नियुक्त हुए थे। उनकी तैनाती क्षेत्राधिकारी कार्यालय रसड़ा (बलिया) में डाक पैरोकार के पद पर थी। मंगलवर की रात करीब साढ़े 10 बजे आरक्षी राहुल ड्यूटी कार्यालय की तरफ बाइक से जा रहे थे। रसड़ा रेलवे क्रासिंग के पास एक्सिस बैंक के सामने उनकी बाइक में तेज रफ्तार बाइक ने टक्टर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि राहुल अचेत पड़ गये। गंभीरावस्था में राहुल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने DU संकाय सदस्य की बर्खास्तगी को बरकरार रखा

न्यायालय ने देखा शैक्षणिक अखंडता पर हमला

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय की वाणिज्य विभाग की पूर्व रीडर (बिना कुर्सी वाला प्रोफेसर) डॉ. थील्मा जे. टैल्लू की बर्खास्तगी को वैध ठहराते हुए उनके उस फैसले को बरकरार रखा जोकि अदालत ने 2012 में DU की Appeals Committee द्वारा दिया गया था।
अभियोग: छात्रों ने आरोप लगाया था कि डॉ. टैल्लू उपस्थिति और अंक देने के बदले रिश्वत (नकद, मोबाइल फोन, हीरे की बालियाँ, मोती की माला आदि) मांगती थीं।

इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/defence-minister-rajnath-singh-praised-the-bravery-of-the-army-in-operation-sindoor-saying-that-indias-sovereignty-is-unbreakable-under-the-modi-government/

कार्रवाई की शुरुआत: शिकायत मिलने के बाद कॉलेज और विश्वविद्यालय ने inquiry committee गठित की, जिसने आरोपों को सही पाया। इसके बाद विश्वविद्यालय की Appeals Committee ने 23 अक्टूबर, 2012 के निर्णय में दोष सिद्ध किया और बर्खास्तगी को लेकिन “termination” (संबंध विच्छेद) में बदल दिया ताकि उनकी सेवानिवृत्ति सम्बन्धी भत्तों का हनन न हो।

प्रतिवादी की दलीलें: डॉ. टैल्लू ने कहा कि शिकायत झूठी है, उन्हें व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण फंसाया गया है और प्रस्तुत आडियो रिकॉर्डिंगों को संपादित किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच प्रक्रिया में न्याय नहीं हुआ, उन्हें उचित कानूनी प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
न्यायालय की गुहार और निर्णय
न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि छात्रों से ऐसे अवैध पारिश्रमिक की मांग “गंभीर” है, और यह शैक्षणिक अखंडता (academic integrity) की नींव को कमजोर करती है।

उन्होंने यह भी माना कि विश्वविद्यालय की Appeals Committee ने दंड की सीमा निर्धारित करते समय संतुलन बनाया है — बर्खास्तगी से “termination” की दूसरी सजा दी गई ताकि निवृत्ति भत्तों (retirement dues) को बरकरार रखा जा सके।

न्यायालय ने देखा कि 2012 का निर्णय साक्ष्यों के आधार पर था, जांच प्रक्रिया उम्मीद के मुताबिक थी और किसी प्रकार की प्रक्रियात्मक अनियमितता नहीं मिली जो निर्णय को रद्द करने लायक हो। § Section 34 of the Act के तहत दायर याचिका को अस्वीकार कर दिया गया।
महत्व और निहितार्थ
इस फैसले से शैक्षिक संस्थानों के प्रति एक सुस्पष्ट संकेत मिलता है कि छात्रों से उपस्थिति या अंक देने के बदले रिश्वत की मांग को न्यायालय नहीं बर्दाश्त करेगा।
यह निर्णय शैक्षणिक नीति और संस्थागत जवाबदेही (accountability) के लिहाज से मील का पत्थर है।
इसके पीछे यह संदेश है कि शिक्षक-छात्र संबंधों में पारदर्शिता और निष्पक्षता अपरिहार्य हैं।

EDIT INTO SEO FRIENDYL

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवा पखवाड़ा की शुरुआत की, प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन पर उनके नेतृत्व की की सराहना

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर उनके नेतृत्व की प्रशंसा की। भाजपा ने इस अवसर पर राष्ट्रव्यापी 15-दिवसीय अभियान सेवा पखवाड़ा की शुरुआत की है, ताकि नागरिकों को विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिल सके और सेवा एवं सार्वजनिक हित को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह पखवाड़ा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस अवधि में लोग स्वास्थ्य शिविरों, स्वच्छता अभियानों, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविरों, कला-साहित्य प्रतियोगिताओं सहित अन्य सेवा-उन्मुख गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। उन्होंने कहा:

“यह हमारा सौभाग्य है कि सेवा पखवाड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हो रहा है। वह दुनिया के सबसे दूरदर्शी और लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सिर्फ राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सेवा एवं जनहित की भावना के साथ कार्य कर रही है। इस सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में सांसद, विधायक, बूथ स्तर के कार्यकर्ता तथा आम जनता सक्रिय रूप से सम्मिलित हों, यह उनका आह्वान है। मुख्यमंत्री ने कहानी-कहानियों और जीवन से प्रेरणा लेने वाले प्रदर्शनियों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जैसे कि प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर चित्र प्रदर्शनी, लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ। इसके अतिरिक्त उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों को भी महत्व दिया, ताकि स्थानीय कारीगरों व स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने यह उल्लेख किया कि उनकी दूरदर्शिता और लोकप्रियता ने भारत को कई मोर्चों पर नई ऊँचाइयाँ दी हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जनसंख्या से लेकर जनकल्याण तक, आर्थिक विकास से लेकर सामाजिक न्याय तक, हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस सेवा पखवाड़ा के आयोजन की समीक्षा के लिए उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है ताकि आयोजन सुचारू रूप से हो सके। हर जिले में इस कार्यक्रम की देखरेख के लिए जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त होंगे, ताकि गतिविधियों का प्रभाव व्यापक हो। सरकारी विभागों, नागरिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है।

चलो बुलावा आया है, माँ वैष्णो देवी यात्रा 22 दिन बाद फिर शुरू — श्रद्धालुओं में उमंग और उत्साह

जम्मू/कटरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। लंबे इंतज़ार के बाद श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित विश्वप्रसिद्ध माँ वैष्णो देवी मंदिर यात्रा बुधवार से पुनः शुरू हो गई है। लगातार भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से 22 दिनों तक बंद रहने वाली यह पवित्र यात्रा अब भक्तों के लिए खोल दी गई है।

मंदिर के कपाट खुलते ही जय माता दी के नारों से वातावरण गूंज उठा। देशभर से आए श्रद्धालु बेस कैंप कटरा से दर्शन के लिए निकल पड़े। श्रद्धालुओं ने कहा कि इतने लंबे इंतज़ार के बाद माता के दर्शन करना उनके जीवन का सौभाग्य है।

प्रशासन की तैयारियां

श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने यात्रा शुरू होने से पहले ट्रैक की पूरी सुरक्षा जांच और सफाई करवाई। भूस्खलन से प्रभावित हिस्सों की मरम्मत पूरी कर दी गई है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने भी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

श्रद्धालुओं में उमंग

कटरा और भक्ति पथ पर रुके श्रद्धालु जैसे ही यात्रा पुनः शुरू होने की घोषणा सुनी, उनके चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी। मंदिर और आसपास का माहौल भक्तिमय हो गया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा को अपनी आस्था और विश्वास का प्रतीक मानते हैं।

आर्थिक और धार्मिक महत्व

माँ वैष्णो देवी यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी सीधी जुड़ी हुई है। यात्रा के फिर से शुरू होने से कटरा के व्यापारी, होटल कारोबार और परिवहन सेवा से जुड़े लोगों में भी उत्साह लौट आया है।

पीएम मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल पर दिया जोर, बोले- 2047 तक आत्मनिर्भर भारत बनेगा विकसित भारत

मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 75वें जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को मध्य प्रदेश के धार जिले में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और प्राथमिकता देने की अपील दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत ही 2047 तक विकसित भारत बनाने का मार्ग है और इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि त्योहारों के समय विशेष रूप से ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को याद रखें और हर खरीदारी में Made in India उत्पादों को प्राथमिकता दें।

वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब भी 140 करोड़ भारतीय कोई सामान खरीदें, तो वह भारत में बना हुआ होना चाहिए। हर उत्पाद के पीछे किसी भारतीय का परिश्रम होना चाहिए।” उन्होंने युवाओं और महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्टार्टअप्स और उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा दें और ऐसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स तैयार करें जो भारत की वैश्विक पहचान बनें।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान अहम भूमिका निभाएंगे। जब हर नागरिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाएगा, तभी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व कुटीर उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी। सभा में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री के इस आह्वान का उत्साहपूर्वक समर्थन किया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में सेना की बहादुरी को सराहा, बोले- मोदी सरकार में भारत की संप्रभुता अटूट

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब कोई भी शक्ति भारत की संप्रभुता को चुनौती देने का साहस नहीं कर सकती।

इसे भी पढ़ें – http://यूपी में SI भर्ती 2025: 16 लाख से ज्यादा आवेदन, कुछ हजार पदों पर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा https://rkpnewsup.com/si-recruitment-2025-in-up-over-16-lakh-applications-fierce-competition-for-a-few-thousand-posts/

उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना की निर्णायक क्षमता का उदाहरण है। इस ऑपरेशन को 7 मई को अंजाम दिया गया था, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था। इसमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को करारा झटका लगा और सरगना मसूद अजहर के परिवार को भारी नुकसान हुआ।

आतंकवाद पर भारत की कड़ी नीति

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का सबूत है कि भारत आतंकवाद और उसके संरक्षकों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है। उन्होंने भारतीय सैनिकों की प्रतिबद्धता और वीरता की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं के कारण देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं।

राजनाथ सिंह ने दोहराया कि मोदी सरकार किसी भी रूप में आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगी और देश की संप्रभुता व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

यूपी में SI भर्ती 2025: 16 लाख से ज्यादा आवेदन, कुछ हजार पदों पर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में होने वाली सब-इंस्पेक्टर (SI) सिविल पुलिस भर्ती 2025 को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 16 लाख अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं।

इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/it-survey-in-the-sub-registrar-office-investigation-of-irregularities-in-property-purchase-and-sale/

हालांकि, इस भर्ती में पदों की संख्या केवल कुछ हजार ही है, जिसकी वजह से प्रतियोगिता बेहद कठिन मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदकों के आने से कट-ऑफ (cut-off) काफी ऊंचा जा सकता है।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी बातें

भर्ती परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड जल्द जारी होने की संभावना।

चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और इंटरव्यू शामिल होंगे।

प्रतियोगियों को अभी से नियमित अभ्यास और तैयारी पर ध्यान देने की सलाह।

ग्रेटर नोएडा में UP International Trade Show 2025 की तैयारियां तेज, सीएम योगी करेंगे निरीक्षण

ग्रेटर नोएडा। एक्सपो मार्ट में होने वाले UP International Trade Show 2025 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरण के बीच समन्वय को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।

इसे भी पढ़ें – https://share.google/VSAIshaAafOVqNM6j

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अधिकारियों के साथ सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शो में आने वाले मेहमानों और आम लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।बैठक में डीएम मेधा रूपम, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को मिलकर समन्वय स्थापित करने और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के निर्देश दिए गए।

इसे भी पढ़ें https://rkpnewsup.com/many-leaders-including-cm-yogi-congratulated-prime-minister-modi-on-his-birthday/

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का उद्घाटन कर सकते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 सितंबर को खुद तैयारियों का जायजा लेंगे और अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण करेंगे।

ट्रेड शो में देश-विदेश की कंपनियां और उद्यमी शामिल होंगे। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।

त्योहारों से पहले यूपी की सड़कों की मरम्मत का आदेश, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ/वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर की सड़कों की मरम्मत कार्यों को त्योहारी सीज़न से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि बारिश के कारण खराब हुई सड़कों, गड्ढों (potholes), हाईवे और मुख्य मार्गों को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ पर्व के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।

इसे भी पढ़ें – http://होटल झिलियन एक्जक्युटिव पर फर्जी ‘निष्कासन रिपोर्ट’: मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान – राष्ट्र की परम्परा https://share.google/QTPETjh178HlUCJmU

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही नगर निकायों को निर्देशित किया गया कि शहरों की गलियों और संपर्क मार्गों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

त्योहारों पर यातायात को लेकर तैयारी

त्योहारों के दौरान सड़क जाम की समस्या से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को पहले से योजना बनाने के आदेश दिए गए हैं।

यूपी Weather Update: 35 से ज़्यादा जिलों में भारी बारिश, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बदलते मौसम के बीच लोगों को उमस से राहत मिलने की संभावना है, लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट?

भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना वाले जिलों की सूची:

प्रतापगढ़, जौनपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, बाराबंकी, अमेठी सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर

किन जिलों में येलो अलर्ट?

हल्की से भारी बारिश वाले जिले:

प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली

सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर

बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर आदि

तापमान और मौसम की स्थिति

अधिकतम तापमान: 30–32 डिग्री सेल्सियस

न्यूनतम तापमान: 24–26 डिग्री सेल्सियस

हवाएँ: गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30–40 किमी/घंटा तक की तेज़ हवाएँ चल सकती हैं।

बारिश की संभावना: अगले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में।

मौसम विभाग की सलाह

  1. अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
  2. खेत और खुले इलाकों में काम कर रहे किसान वज्रपात से बचाव करें।
  3. बारिश के दौरान वाहन धीरे चलाएँ, जलभराव से सावधान रहें।
  4. नदी-नालों के पास रहने वाले लोग सतर्क रहें।
  5. बिजली उपकरणों का इस्तेमाल गरज-चमक के समय न करें।

होटल झिलियन एक्जक्युटिव पर फर्जी ‘निष्कासन रिपोर्ट’: मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा न्यूज़) – कुर्ला एल विभाग महानगरपालिका वार्ड क्र. 166 में चल रहे अवैध होटल-गेस्ट हाउस पर कार्रवाई के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। नूर हॉस्पिटल, एलबीएस रोड, कुर्ला स्थित होटल झिलियन एक्जक्युटिव (Hotel Jhilian Executive) को मनपा की आधिकारिक रिपोर्ट (दिनांक 06 अक्टूबर 2021) में “निष्कासन पूरा” दिखाया गया है। लेकिन स्थल निरीक्षण में यह होटल अभी भी चालू पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि मनपा अधिकारियों ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर मानवाधिकार आयोग और न्यायालय को गुमराह किया।

मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग, मुंबई ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

आयोग ने “कुर्ला की चाल में खुले 108 होटल-लॉज में कोई हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार?” शीर्षक से दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट को आधार बनाकर सोनू मोटू केस नं. 7949/13/2023 दर्ज किया।

एल विभाग स्वास्थ्य विभाग ने आयोग को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बताया गया था कि:

108 होटल/गेस्ट हाउस को धारा 394 के तहत नोटिस दी गई।

91 होटल/गेस्ट हाउस को धारा 351 के तहत नोटिस दी गई, जिनमें से 76 पर अंतिम आदेश जारी किए गए।

17 होटल/गेस्ट हाउस को धारा 488 के तहत स्थल निरीक्षण नोटिस जारी हुई।

45 होटल/गेस्ट हाउस के मामले शहर दिवानी और उच्च न्यायालय में लंबित हैं।

इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/from-road-to-empowerment-47-women-conductors-get-new-identity-in-up-roadways/

रिपोर्ट में झूठ का खुलासा

रिपोर्ट में सिर्फ दो निर्माणों को “निष्कासन पूरा” बताया गया था:

  1. होटल मुंबई इन (साकीनाका 90 फीट रोड) – जिस पर 28 जुलाई 2020 को कार्रवाई हुई थी।
  2. होटल झिलियन एक्जक्युटिव – लेकिन हकीकत में यहां कोई कार्रवाई नहीं हुई।

भ्रष्टाचार और मिलीभगत का आरोप

स्थानीय शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता ने मिलकर फर्जी रिपोर्ट तैयार की।

आरोप है कि भ्रष्टाचार और मिलीभगत के चलते होटल झिलियन एक्जक्युटिव को बचाया गया।

पुलिस बंदोबस्त की कमी का हवाला देकर 29 होटल/गेस्ट हाउस पर कार्रवाई लंबित है।

इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/secretariat-of-lies-vs-struggle-journey-of-truth-the-game-of-truth-and-falsehood-in-the-mirror-of-politics/

कड़ी कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ताओं और दैनिक राष्ट्र की परम्परा समाचार पत्र ने मांग की है कि:

होटल झिलियन एक्जक्युटिव पर वास्तविक तोड़क कार्रवाई तुरंत हो।

फर्जी रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के तहत केस दर्ज किया जाए।

मानवाधिकार आयोग और न्यायालय के समक्ष सही रिपोर्ट पेश की जाए।

पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच हो।

पारदर्शिता पर सवाल

यह मामला मनपा की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह के फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अवैध होटल-गेस्ट हाउस और भ्रष्टाचार की मिलीभगत पर रोक लगाना नामुमकिन हो जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन पर सीएम योगी समेत कई नेताओं की बधाई

लखनऊ।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पूरे देशभर से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा—
“यशस्वी प्रधानमंत्री जी को जन्मदिन की बधाई। आप भारतीयों की आशाओं-आकांक्षाओं के संवाहक हैं। विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता को बधाई। आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करता हूँ। आपके नेतृत्व ने नए भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। हम सभी को आपका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे। आपने एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना साकार की है।”

इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/from-road-to-empowerment-47-women-conductors-get-new-identity-in-up-roadways/

प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वालों में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत तमाम केंद्रीय व प्रदेश नेताओं ने भी उन्हें दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की।EDIT INTO SEO FRIENDYL

उप निबंधक कार्यालय में IT का सर्वे, संपत्ति खरीद-फरोख्त में अनियमितताओं की जांच

लखनऊ/बहराइच (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
आयकर विभाग ने बहराइच के उप निबंधक कार्यालय पर सर्वे की कार्रवाई की। यह कदम संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उठाया गया है।

इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/ballia-police-constable-dies-on-the-spot-after-being-hit-by-a-speeding-bike/

सूत्रों के अनुसार, विभाग की टीम ने पाया कि कई लेन-देन में खरीदारों और विक्रेताओं के पैन कार्ड प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके चलते संबंधित सौदे SFT (स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन) में दर्ज नहीं हुए। इस कारण विभाग को करोड़ों की खरीद-फरोख्त की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।

इसे भी देखे – https://youtu.be/l0D8y-B7eds

जांच के दौरान अधिकारियों ने उप निबंधक कार्यालय से उपलब्ध रिकार्ड की एक्सल शीट और अन्य दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की। टीम अब यह खंगाल रही है कि किन सौदों में नियमों की अनदेखी की गई और किन मामलों में जानबूझकर पैन की जानकारी छुपाई गई।

बताया जा रहा है कि बहराइच के साथ-साथ नेपाल सीमा से सटे अन्य जिलों में भी 30 लाख रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की विशेष जांच चल रही है। विभाग का मानना है कि सीमा से लगे क्षेत्रों में अघोषित धन को संपत्ति में खपाने की कोशिश की जा रही है।

आयकर विभाग ने फिलहाल सभी संदिग्ध सौदों का डेटा अपने कब्जे में ले लिया है। जांच पूरी होने के बाद इसमें शामिल रजिस्ट्री अधिकारियों, खरीदारों और विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।EDIT INTO SEO FRIENDYL