Monday, July 13, 2026
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किराये के मकान में प्रेम प्रसंग का दर्दनाक अंत

बुलन्दशहर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के डिबाई क्षेत्र से गुरुवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवक और नाबालिग लड़की की लाश मकान में खून से लथपथ हालत में बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक ने पहले अपनी प्रेमिका को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह सनसनीखेज घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डिबाई थाना क्षेत्र के सराय किशनचंद मोहल्ले में सुबह करीब साढ़े तीन बजे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। जब पुलिस मौके पर पहुँची तो कमरे में 25 वर्षीय प्रिंस और 15 वर्षीय दीया मृत अवस्था में मिले। दोनों के सिर में गोली के निशान पाए गए।

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जानकारी के अनुसार, प्रिंस और दीया मूल रूप से मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और वहां के छपार थाने में प्रिंस के खिलाफ नाबालिग लड़की के अपहरण का मुकदमा भी दर्ज था। दोनों बुलंदशहर आकर किराये के मकान में रह रहे थे। पुलिस की एक टीम लड़की को छुड़ाने के लिए गुरुवार सुबह मकान पर पहुँची थी, लेकिन प्रिंस ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। थोड़ी देर बाद पड़ोस की छत से गोली चलने की आवाज सुनाई दी और इसके बाद दोनों के शव बरामद हुए।

मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

ट्रेन की चपेट में आने से अज्ञात युवती की मौत

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सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
भटनी-वाराणसी रेलमार्ग पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सलेमपुर रेलवे स्टेशन से आगे बरसीपार गांव के समीप एक अज्ञात युवती ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घटना की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे तो रेल पटरी पर युवती का शव पड़ा हुआ था। इसकी सूचना तुरंत रेलवे स्टेशन और पुलिस को दी गई।

सूचना पाकर सलेमपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू कर दी है और शव की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।

इस घटना के चलते रेलवे लाइन पर कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि पुलिस और रेलवे कर्मियों के प्रयास से स्थिति सामान्य कराई गई और रेल यातायात बहाल हो गया।

पुलिस का कहना है कि युवती की पहचान होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से गांव व क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।

“अमेरिका में एच-1बी वीजा महंगा, चीन का नया ‘के वीजा’ भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए नई राह खोलता है”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क4)अमेरिका में स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए एच-1बी वीजा अब महंगा और चुनौतीपूर्ण बन गया है। ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा शुल्क को बढ़ाकर $1 लाख (करीब 88 लाख रुपए) कर दिया है और चयन प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव किए हैं। अब वीजा सिर्फ लॉटरी से नहीं बल्कि उम्मीदवार के कौशल और वेतन स्तर पर निर्भर करेगा। इस बदलाव से भारतीय आईटी और STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथेमैटिक्स) क्षेत्र के प्रोफेशनल्स के लिए अमेरिका में अवसर सीमित हो सकते हैं।

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इसी बीच चीन ने 1 अक्टूबर से ‘के वीजा’ लॉन्च किया है, जो वैश्विक प्रतिभाओं के लिए नई संभावना खोलता है। इस वीजा के तहत प्रोफेशनल्स को किसी स्थानीय नियोक्ता के जॉब ऑफर की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे रिसर्च, शिक्षा, स्टार्टअप और बिजनेस गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। 10 साल तक मल्टीपल एंट्री की सुविधा, युवा वैज्ञानिकों और तकनीकी पेशेवरों के लिए वरीयता, और STEM क्षेत्रों में विशेष अवसर इसे अमेरिकी एच-1बी वीजा से अलग और आकर्षक बनाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के वीजा शुल्क और सख्त नियमों के कारण भारत के एंट्री और मिड-लेवल प्रोफेशनल्स अब चीन और अन्य देशों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां उनके लिए बेहतर अवसर और खुली संभावनाएं मौजूद हैं।

एशिया कप 2025: भारत ने हारीस रऊफ और फर्हान की हरकतों पर दर्ज की शिकायत, वीडियो सबूत सौंपे

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दुबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 सुपर-4 मुकाबले के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ियों हारीस रऊफ और साहिबजादा फर्हान की हरकतों पर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को आधिकारिक शिकायत दर्ज कराते हुए दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

BCCI ने अपनी शिकायत के साथ वीडियो सबूत भी सौंपे हैं। भारतीय टीम का आरोप है कि हारीस रऊफ और फर्हान ने मैच के दौरान उकसाने वाले और अभद्र इशारे किए, जो खेल की भावना के खिलाफ हैं।

हारीस रऊफ के इशारे बने विवाद का कारण

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हारीस रऊफ ने भारतीय दर्शकों के “कोहली-कोहली” नारों के बीच कई बार विमान उड़ाने जैसा इशारा किया। इतना ही नहीं, संजू सैमसन का विकेट लेने के बाद उन्होंने ‘6-0’ का इशारा भी दिखाया, जिसे भारत के खिलाफ एक भड़काऊ प्रोपेगेंडा माना गया। इसके अलावा, रऊफ का टकराव भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल से भी हुआ।

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साहिबजादा फर्हान का ‘गन-फायरिंग’ सेलिब्रेशन

मैच के दौरान पाकिस्तान के ओपनर साहिबजादा फर्हान ने अर्धशतक पूरा करने के बाद गन-फायरिंग वाला सेलिब्रेशन किया, जिस पर भी भारत ने आपत्ति जताई है।

BCCI का बयान

BCCI अधिकारी ने कहा:
“ऐसा व्यवहार खेल की भावना के खिलाफ है। हमने इसकी शिकायत मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट से की है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वीडियो सबूत भी ईमेल के साथ संलग्न किए गए हैं।”

पाकिस्तान की सफाई

वहीं, पाकिस्तान टीम की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब शाहीन अफरीदी से इस विवाद पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा:
“हमारा काम क्रिकेट खेलना है। लोग जो चाहें सोच सकते हैं। हम एशिया कप जीतने के लिए यहां हैं और पाकिस्तान की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”

यह विवाद अब एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान टकराव को और भी गरमा रहा है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की महाराजा एक्सप्रेस में विशेष यात्रा: वृंदावन-मथुरा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अपनी एक दिवसीय धार्मिक यात्रा के लिए देश की सबसे शानदार पर्यटन ट्रेनों में से एक, महाराजा एक्सप्रेस, से नई दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से वृंदावन की ओर रवाना होंगी। यह विशेष यात्रा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा संचालित 18 डिब्बों वाली ट्रेन में आयोजित की जा रही है, जिसमें राष्ट्रपति और उनके स्टाफ के लिए प्रेसिडेंशियल सुइट, डीलक्स सुइट, रेस्टोरेंट और लाउंज जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा वृंदावन एवं मथुरा के प्रमुख धार्मिक स्थलों को कवर करेगी, जिसमें श्री बांके बिहारी मंदिर, निधिवन, कुब्जा कृष्ण मंदिर और सुदामा कुटी में दर्शन एवं पूजा शामिल हैं। विशेष ट्रेन की सुचारू संचालन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दो इंजन लगाए गए हैं और वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों, सुरक्षा बलों और स्टेशन मास्टरों के बीच कड़ी समन्वय व्यवस्था की गई है।

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मथुरा और वृंदावन में सुरक्षा के बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन ने शहर में प्रवेश प्रतिबंध लागू किया है और सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। लगभग 5000 पुलिस एवं प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) के जवान तैनात किए गए हैं। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ भी राष्ट्रपति के आगमन और यात्रा मार्ग की निगरानी में सक्रिय हैं। इस निजी धार्मिक यात्रा के दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे।

लखनऊ में फिर दिखा तेंदुआ, ‘रुचि खंड’ के आस-पास लोगों में चिंता

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के रुचि खंड इलाके के आस-पास एक बार फिर तेंदुआ देखा गया है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और सतर्कता बढ़ गई है। वन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है और लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि देर रात या सुबह के समय तेंदुए की आवाज़ और उसका दर्शन आम होने लगे हैं। वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुँच कर निगरानी बढ़ा रही है। इसके अलावा, आसपास के इलाकों में कैमरा ट्रैप लगाकर तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

वन विभाग ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें, खुले में कूड़ा न डालें और रात के समय बाहर जाने से बचें। वन विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

महाराष्ट्र के पालघर में जेएसडब्ल्यू स्टील संयंत्र में लगी आग, कोई हताहत नहीं; तकनीकी जांच शुरू

पालघर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पालघर जिले के बोईसर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जेएसडब्ल्यू स्टील के पीएलटीसीएम संयंत्र में गुरुवार सुबह अचानक आग लग गई। जिला आपदा प्रबंधन प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि हादसे में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई।

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बताया गया कि आग संयंत्र के ‘हाइड्रोलिक ऑयल सिस्टम’ में सुबह लगभग पांच बजे भड़क उठी थी, जिसे स्थानीय फायर ब्रिगेड और सुरक्षा टीम ने सुबह सात बजकर 45 मिनट तक पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। इस घटना के बाद संयंत्र प्रशासन और स्थानीय पुलिस संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कर रही है, जबकि तकनीकी टीम आग के वास्तविक कारण की जांच में जुटी हुई है।

62 वर्षीय स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद पर छात्राओं का शोषण, 16 साल से चलता आ रहा था गंदा खेल

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक प्रतिष्ठित निजी प्रबंधन संस्थान से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने शिक्षा जगत को हिला कर रख दिया है। संस्थान के पूर्व कुलाधिपति और स्वयंभू बाबा कहे जाने वाले 62 वर्षीय स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ स्वामी पार्थसारथी पर दर्जनों छात्राओं ने गंभीर यौन उत्पीड़न और शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले 16 वर्षों से यह आरोपी महिलाओं और छात्राओं को अपना शिकार बनाता रहा है।

अश्लील संदेशों से लेकर धमकियों तक का नेटवर्क

छात्राओं के मोबाइल फोन से मिले व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल सबूतों में यह साफ देखा जा सकता है कि आरोपी ने महिला विद्यार्थियों को बार-बार आपत्तिजनक संदेश भेजे। इनमें “बेबी, आई लव यू”, “आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो”, “मैं तुम्हें विदेश ले जाऊँगा, तुम्हें एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा” जैसे मैसेज शामिल हैं। यही नहीं, चैतन्यानंद ने कभी पैसों का लालच देकर तो कभी कम अंक देने की धमकी देकर छात्राओं पर दबाव बनाने की कोशिश की।

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पीड़ित छात्रा की गवाही

21 वर्षीय छात्रवृत्ति पर पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपनी एफआईआर में बताया कि आरोपी ने पहली मुलाकात में ही उसे “अजीब नजरों” से देखा और फिर रात के समय लगातार मैसेज भेजना शुरू कर दिए। इनमें उसके रूप-रंग पर भद्दी टिप्पणियाँ और प्रेम प्रस्ताव शामिल थे। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने शिकायत की, तो संस्थान के एसोसिएट डीन ने उल्टा उसे ही आरोपी को जवाब देने के लिए मजबूर किया। यही तरीका अन्य पीड़िताओं के साथ भी अपनाया गया।

सह-आरोपी महिला वार्डन

जांच में यह भी सामने आया है कि संस्थान की तीन महिला वार्डन आरोपी का साथ देती थीं। उनका काम था छात्राओं पर दबाव डालना कि वे बाबा की मांगों को मानें और उसके भेजे गए मैसेज को तुरंत डिलीट कर दें। पुलिस ने इन्हें भी प्राथमिकी में सह-आरोपी बनाया है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं केस

पुलिस का कहना है कि आरोपी मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है और वह लंबे समय से शैक्षिक संस्थानों से जुड़कर अपनी छवि साधु-संत जैसी बनाए हुए था। वर्ष 2009 और 2016 में भी उस पर छेड़छाड़ के मामले दर्ज हुए थे, लेकिन वह कानूनी कार्रवाई से बच निकला। यही कारण था कि उसकी हिम्मत और बढ़ गई और उसने सालों तक महिलाओं का शोषण जारी रखा।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएँ

वसंत कुंज उत्तर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2) (यौन उत्पीड़न), 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।

“बाबा” की किताबें और बड़ा नेटवर्क

गौरतलब है कि चैतन्यानंद ने अब तक 28 किताबें लिखी हैं, जिनकी प्रस्तावनाएँ कई बड़ी हस्तियों ने लिखी थीं। इससे उसकी सामाजिक और शैक्षिक साख बनी रही, लेकिन अंदर ही अंदर वह छात्राओं का यौन शोषण करने वाला शिकारी साबित हुआ।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे शिक्षा और अध्यात्म की आड़ में ऐसे लोग संस्थानों पर कब्जा जमाकर मासूम छात्राओं का शोषण करते रहते हैं और वर्षों तक बच निकलते हैं।

भारत को चाहिए नेतृत्व दिखाने की हिम्मत: सोनिया गांधी का इजराइल-फलस्तीन संघर्ष पर चेतावनी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दिशा पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने एक बार फिर सवाल उठाया है। उन्होंने हाल ही में इजराइल-फलस्तीन संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार की “गहरी चुप्पी” और व्यक्तिगत कूटनीति पर आधारित फैसलों की कड़ी आलोचना की है। गांधी ने कहा कि भारत को अपने नैतिक और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए, न कि केवल व्यक्तिगत मित्रता या राजनीतिक संबंधों के चलते कदम उठाने चाहिए।

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सोनिया गांधी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विश्व के 193 सदस्य देशों में से अब तक 150 से अधिक देशों ने फलस्तीन को औपचारिक रूप से मान्यता दे दी है। उन्होंने भारत के ऐतिहासिक योगदान को भी याद दिलाया, जब 18 नवंबर 1988 को भारत ने फलस्तीनी राज्य को पीएलओ के माध्यम से आधिकारिक मान्यता दी थी। गांधी ने उदाहरण देते हुए बताया कि भारत ने रंगभेद के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में आवाज उठाई और अल्जीरिया की स्वतंत्रता संग्राम (1954-62) में सक्रिय समर्थन दिया।

सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि भारत ने 1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में नरसंहार रोकने के लिए निर्णायक कदम उठाए, जिससे आधुनिक बांग्लादेश का निर्माण संभव हुआ। अब इजराइल-फलस्तीन संकट के बीच भारत को फिर से एक संवेदनशील, न्यायपूर्ण और मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध रुख अपनाते हुए वैश्विक नेतृत्व दिखाने की जरूरत है।

39 साल बाद मिला न्याय: झूठे आरोप ने बर्बाद कर दी पूरी ज़िंदगी

मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मध्य प्रदेश से न्यायिक विलंब का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न्याय व्यवस्था की धीमी गति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य परिवहन निगम में कार्यालय बिल सहायक रहे जागेश्वर अवधिया पर लगभग चार दशक पहले मात्र ₹100 की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था।

उस समय दर्ज किए गए इस झूठे मामले ने अवधिया की पूरी ज़िंदगी को तहस-नहस कर दिया। आरोप साबित करने में 39 साल लग गए और अब जब अदालत ने उन्हें बेगुनाह करार दिया है, तब उनकी उम्र 83 वर्ष हो चुकी है।

इस लंबे अंतराल में जागेश्वर अवधिया का करियर बर्बाद हो गया, सामाजिक सम्मान टूट गया और उनकी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा अदालतों के चक्कर काटने में ही गुजर गया।

यह मामला एक बड़ा प्रश्न खड़ा करता है कि जब महज़ ₹100 के आरोप में सच्चाई सामने आने में लगभग चार दशक लग सकते हैं, तो हमारी न्याय व्यवस्था आम नागरिक को समय पर न्याय दिलाने में कितनी सक्षम है?

नगीना सांसद पर गंभीर आरोप — सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों से सनसनी, सत्यापन अभी बाकी

बिजनौर(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद पर एक महिला ने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाने वाली महिला अपने आप को डॉ. रोहिणी घावरी के नाम से पेश कर रही हैं। रोहिणी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से दो वीडियो और एक तस्वीर शेयर कर दावा किया है कि सांसद ने उनके साथ शारीरिक व मानसिक शोषण किया, रिश्ते में जबरदस्ती एवं धमकियां दीं और बाद में उन्हें समाज के सामने बदनाम किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग करते हुए संवेदनात्मक भाषा में अपनी बात रखी और कथित रूप से खुदकुशी की धमकी जैसी बातें भी कही हैं। क्या कहा जा रहा है — मुख्य दावे पहले वीडियो के कैप्शन में कहा गया है कि “इस अय्याश बेवड़े आदमी को मैं बहुजन आंदोलन के लायक बना रही थी… इसने मुझे समाज के सामने बदनाम किया… पुलिस मेरी नहीं सुन रही क्योंकि बीजेपी इसे बचा रही है।

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” पोस्ट में आरोपों का स्वर सामाजिक और कानूनी दोनों तरह का है। दूसरे वीडियो में महिला ने बताया कि “रात में 3 बजे रो-रो कर इस रिश्ते में जबरदस्ती बांधे रखा जाता था… छोड़ दोगी तो मर जाऊंगा” जैसी कथनबद्ध धमकियों का जिक्र किया गया है और कहा कि उन्होंने इस सब के बावजूद सांसद का साथ संभाला, पर अब उनके जीवन का तमाशा बन गया है। साथ ही वायरल तस्वीर के साथ दावा किया गया कि उसमें सांसद अपने परिवार (पत्नी व पुत्र) के साथ दिख रहे हैं, और पोस्ट में यह भी लिखा गया कि “आज तेरे नाम पर जहर खाऊंगी — मेरी लाश भारत वापस मत लाना।” इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तेज़ प्रतिक्रिया और चिंता पैदा कर दी है।

सीबीआई ने फरार पुलिसकर्मियों पर रखा 2-2 लाख का इनाम , गुना हिरासत मौत कांड से जुड़ा मामला

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मध्यप्रदेश के गुना जिले में चर्चित देव पारधी हिरासत मौत प्रकरण में फरार चल रहे दो पुलिसकर्मियों की तलाश तेज कर दी है। एजेंसी ने नगर निरीक्षक संजीत सिंह मावई और सहायक उप निरीक्षक उत्तम सिंह कुशवाहा की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वालों को प्रत्येक 2-2 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

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अधिकारियों के अनुसार, यह मामला गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां हिरासत में लिए गए देव पारधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मी आरोपी बनाए गए, लेकिन लंबे समय से फरार हैं।

सीबीआई ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति दोनों आरोपियों की whereabouts की पुख्ता जानकारी दे तो उसे घोषित इनाम प्रदान किया जाएगा।

भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रिसर्च व इनोवेशन पर जोर : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भारत जैसे देश को किसी पर निर्भर रहना अब स्वीकार्य नहीं है। किसी पर निर्भर रहना सबसे बड़ी कमजोरी है और जितना देश दूसरों पर निर्भर रहेगा, उसकी वृद्धि उतनी ही सीमित होगी।”* उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। “मुश्किल हालात हमें रोक नहीं सकते, बल्कि ऐसे समय में हम नए रास्ते खोजते हैं।

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आज भारत आने वाले दशकों के लिए मजबूत नींव तैयार कर रहा है।”प्रधानमंत्री ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रिसर्च और इनोवेशन में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत में जो भी वस्तुएँ बन सकती हैं, उन्हें यहीं निर्मित किया जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि रूस के सहयोग से उत्तर प्रदेश में स्थापित फैक्ट्री में जल्द ही एके-203 राइफल का निर्माण शुरू किया जाएगा।मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक जीवंत रक्षा क्षेत्र विकसित करना है। इसके लिए ऐसा “पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा रहा है, जहां हर घटक पर ‘मेड इन इंडिया’ का चिह्न होगा।”आर्थिक सुधारों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों से गरीबों एवं मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिला है और करों में उल्लेखनीय कमी आई है।प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आत्मनिर्भर भारत का अभियान देश को न केवल वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्थायी व मजबूत अर्थव्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करेगा।

1962 भारत–चीन युद्ध में वायुसेना की भूमिका से बदल सकती थी तस्वीर: CDS

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत और चीन के बीच हुए 1962 के युद्ध को लेकर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि उस दौर में भारतीय वायुसेना का सक्रिय उपयोग किया गया होता, तो चीनी हमले की गति काफी धीमी हो सकती थी और भारतीय थल सेना को बेहतर तैयारी का मौका मिल जाता। जनरल चौहान ने स्पष्ट किया कि उस समय वायु शक्ति के इस्तेमाल को तनाव बढ़ाने वाला कदम समझा गया, लेकिन मौजूदा दौर में हालात बदल चुके हैं और हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसकी सटीक मिसाल है।

जनरल चौहान ने पुणे में लेफ्टिनेंट जनरल एस.पी.पी. थोराट की आत्मकथा “रेवेली टू रिट्रीट” के संशोधित संस्करण के विमोचन अवसर पर अपने वीडियो संदेश में यह बात कही। उन्होंने यह भी माना कि 1962 में अपनाई गई ‘अग्रिम नीति’ को लद्दाख और नेफा (वर्तमान अरुणाचल प्रदेश) दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू करना एक बड़ी रणनीतिक भूल थी, क्योंकि दोनों इलाकों की भौगोलिक परिस्थिति और विवाद का इतिहास बिल्कुल अलग रहा है।

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सीडीएस ने जोर देकर कहा कि बदलते समय के साथ युद्ध का स्वरूप और सुरक्षा परिदृश्य पूरी तरह बदल चुके हैं। ऐसे में वायुसेना की ताकत अब निर्णायक भूमिका निभाती है और भारतीय सेना ने इससे जुड़े सबक भी समय के साथ सीख लिए हैं।

असम–मिजोरम बॉर्डर पर बड़ा ऑपरेशन: 100 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स बरामद, तस्कर गिरफ्तार

गुवाहाटी/ऐजोल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर–पूर्व भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रग्स माफियाओं पर तगड़ा प्रहार किया है। असम के कछार जिले में पुलिस ने खुफिया इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एक वाहन से 90 करोड़ रुपये कीमत की तीन लाख याबा टैबलेट्स जब्त कर लीं। इस दौरान वाहन में सवार दो अंतरराज्यीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया। ‘याबा’, जिसे थाई भाषा में क्रेजी मेडिसिन कहा जाता है, बेहद खतरनाक नशे की गोली है, जो मेथामफेटामीन और कैफीन का मिश्रण होती है।

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उधर, मिजोरम के चम्फाई जिले में असम राइफल्स ने म्यांमार सीमा के पास एक बड़ी कार्रवाई में 11.4 करोड़ रुपये की 1.37 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। जवानों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए तीन लोगों को रंगे हाथ पकड़ा, जो छिपाए गए नशीले पदार्थ को उठाने की फिराक में थे। बरामद हेरोइन और आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क और नारकोटिक्स विभाग के हवाले कर दिया गया।

इन दोनों ऑपरेशनों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तर–पूर्व भारत अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां सुरक्षा बलों को लगातार चौकन्ना रहना पड़ रहा है।