Saturday, May 2, 2026
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जनगणना 2027 की तैयारी: कुशीनगर में 122 फील्ड ट्रेनरों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)l देश की आगामी जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में जनपद कुशीनगर में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के गृहमंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जनगणना-2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य प्रदेश में मई से जून 2026 के बीच संपादित किया जाएगा। यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध है, इसलिए इससे जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण व्यवस्था की गई है।
प्रशिक्षण श्रृंखला का दूसरा चरण शुरू
जनपद कुशीनगर में जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है। पहले चरण में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया था। अब दूसरे चरण में उन्हीं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिले में कुल 122 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाना है। ये सभी फील्ड ट्रेनर आगे चलकर गणनाकारों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना का कार्य सुचारु और सटीक तरीके से संपन्न हो सके।
16 मार्च से शुरू हुआ पहला प्रशिक्षण सत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 16 मार्च 2026 से 18 मार्च 2026 तक पहले बैच के फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान क्रम संख्या 01 से 40 तक के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया जा रहा है।
वहीं क्रम संख्या 41 से 80 तक के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (DPRC) में आयोजित किया जा रहा है। दोनों स्थानों पर प्रशिक्षण का समय सुबह 09:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा फील्ड ट्रेनरों को जनगणना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं, डेटा संग्रहण की विधि, मकानों की गणना, डिजिटल प्रणाली के उपयोग और फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों के समाधान के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।
दूसरे चरण का प्रशिक्षण 23 मार्च से
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण में शेष फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार क्रम संख्या 81 से 120 तक के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण 23 मार्च से 25 मार्च 2026 तक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया जाएगा।
इसी अवधि में क्रम संख्या 121 और 122 के फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (DPRC) में संपन्न होगा। इन सभी प्रशिक्षण सत्रों का समय भी सुबह 09:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशिक्षण में दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान फील्ड ट्रेनरों को जनगणना के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इसमें मुख्य रूप से मकान सूचीकरण, परिवारों का विवरण, जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों का संग्रहण, डिजिटल डेटा एंट्री और सर्वेक्षण के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा प्रशिक्षुओं को यह भी बताया जा रहा है कि जनगणना के दौरान किस प्रकार प्रत्येक घर तक पहुंचकर सटीक और विश्वसनीय जानकारी एकत्रित करनी है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना का डेटा देश की विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्रीय महत्व का कार्य
जनगणना भारत में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक प्रक्रिया है, जो देश की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, आर्थिक परिस्थितियों और आवासीय ढांचे की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही सरकार विभिन्न विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतिगत निर्णयों को लागू करती है।
इसी कारण प्रशासन इस कार्य को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने के लिए लगातार तैयारी कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारी पूरी तरह प्रशिक्षित और सक्षम हों।
समय से पहले पहुंचने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी द्वारा सभी नामित फील्ड ट्रेनरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने निर्धारित प्रशिक्षण स्थल पर समय से पहले पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण स्थल पर कम से कम 15 मिनट पहले उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी प्रकार की अनुपस्थिति या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह प्रशिक्षण जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए अनिवार्य है, इसलिए सभी संबंधित कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ इसमें भाग लेना होगा।
जनगणना की तैयारी में प्रशासन सक्रिय
कुशीनगर प्रशासन जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से न केवल कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी दी जा रही है बल्कि उन्हें जनगणना की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने का अवसर भी मिल रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे जनगणना के दौरान अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से डेटा संग्रहण कर सकेंगे।
जनपद में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में जनगणना के व्यापक कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि प्रशिक्षित टीमों के सहयोग से जनगणना-2027 का पहला चरण निर्धारित समय के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकेगा।

मिशन शक्ति फेज-5.0: देवरिया पुलिस ने महिलाओं को सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत जनपद देवरिया में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने विशेष अभियान चलाकर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की।
इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, धार्मिक स्थलों तथा प्रमुख घाटों पर पहुंचकर महिलाओं और किशोरियों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई।
सरयू घाट पर मिशन शक्ति टीम ने चलाया जागरूकता अभियान
अभियान के तहत थाना बरहज की मिशन शक्ति टीम ने सरयू घाट पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उपनिरीक्षक अभिमित कुमार, आरक्षी बबलू गिरी और महिला आरक्षी रीना यादव ने घाट पर उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं से संवाद किया।
पुलिस टीम ने महिलाओं को बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या साइबर अपराध की स्थिति में वे तत्काल संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा महिलाओं को पम्पलेट वितरित कर उन्हें सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को यह भी बताया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसके लिए कई प्रभावी तंत्र विकसित किए गए हैं, जिनका उपयोग कर वे आसानी से सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
रामपुर कारखाना क्षेत्र में भी चलाया गया जागरूकता कार्यक्रम
इसी क्रम में थाना रामपुर कारखाना की मिशन शक्ति टीम ने भी कस्बा क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान महिला उपनिरीक्षक अंतिमा मौर्या और महिला आरक्षी आशा सरोज ने बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं और किशोरियों से संवाद स्थापित किया।
पुलिस टीम ने उन्हें बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा कई हेल्पलाइन सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इन सेवाओं के माध्यम से महिलाएं किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल मदद प्राप्त कर सकती हैं।
अभियान के दौरान महिलाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पूरे जिले में चलाया गया अभियान
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पुलिस टीमों ने स्कूलों, बाजारों, धार्मिक स्थलों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं से संपर्क कर उन्हें सुरक्षा संबंधी जानकारी दी।
टीमों ने महिलाओं को पम्पलेट वितरित कर विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।
महिलाओं को बताए गए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
डायल 112 – आपातकालीन पुलिस सहायता
महिला हेल्पलाइन 181 – महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें
वुमेन पावर लाइन 1090 – महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायत
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 – बच्चों से जुड़े मामलों के लिए सहायता
सीएम हेल्पलाइन 1076 – सरकारी शिकायतों के लिए संपर्क
वन स्टॉप सेंटर 181 – संकटग्रस्त महिलाओं को सहायता
स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन 102 – स्वास्थ्य सेवाएं
एंबुलेंस सेवा 108 – आपातकालीन चिकित्सा सहायता
साइबर हेल्पलाइन 1930 – साइबर अपराध की शिकायत
पुलिस टीमों ने महिलाओं को इन हेल्पलाइन नंबरों को अपने मोबाइल में सेव रखने की सलाह दी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता ली जा सके।
महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को न केवल सुरक्षा प्रदान करना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। इस अभियान के तहत पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभाग मिलकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ अपराध की घटनाओं को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुलिस ने दिलाया सुरक्षा का भरोसा
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की समस्या या खतरे की स्थिति में पुलिस उनकी सहायता के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की कि वे महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें तथा किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत चलाए जा रहे इस अभियान को लेकर जनपद में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। महिलाओं और बालिकाओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें सुरक्षित और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ई-पेमेंट व्यवस्था लागू, 31 मार्च तक हर हाल में होगा बिलों का भुगतान

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को देखते हुए जनपद में कोषागारों में ई-पेमेंट व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिलाधिकारी ने सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च तक सभी बिलों का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।

25 मार्च तक बिल जमा करने के निर्देश

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शासनादेश संख्या-3/2026 के तहत 12 मार्च 2026 को ई-पेमेंट से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। उसी क्रम में सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 15 मार्च तक प्राप्त बजट के सापेक्ष सभी बिल अधिकतम 25 मार्च 2026 तक कोषागार में जमा कर दें।

ई-पेमेंट से होगा भुगतान

निर्देश के अनुसार बिलों की जांच और पासिंग के बाद कोषागार द्वारा ई-पेमेंट के माध्यम से 31 मार्च 2026 तक भुगतान के लिए ट्रांजेक्शन ऑथराइजेशन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 31 मार्च की शाम 5 बजे तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि भारतीय रिजर्व बैंक के सर्वर पर ई-पेमेंट फाइलें समय से अपलोड की जा सकें।

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देरी होने पर तय होगी जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कारण से 25 मार्च तक बिल कोषागार में प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी 31 मार्च को अपराह्न 3 बजे तक हर हाल में बिल जमा कराएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी आहरण-वितरण अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यालयाध्यक्षों को भी इन आदेशों की जानकारी दें और समय सीमा के भीतर बिल जमा कराना सुनिश्चित करें।
आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर कार्रवाई न होने के कारण किसी धनराशि का व्यय नहीं हो पाता है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।

विभागों में तेज हुई तैयारी

प्रशासन की सख्ती के बाद विभिन्न विभागों में बिलों के निस्तारण और भुगतान प्रक्रिया को लेकर हलचल तेज हो गई है, ताकि वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी भुगतान समय पर पूरे किए जा सकें।

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गोरखपुर: एनएसएस शिविर में स्त्री शिक्षा और नई शिक्षा नीति पर हुई बौद्धिक गोष्ठी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। Digvijay Nath P.G. College में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाइयों द्वारा आयोजित विशेष सप्तदिवसीय शिविर के दूसरे दिन का कार्यक्रम मीराबाई छात्रावास स्थित महंत दिग्विजय नाथ स्मृति सभागार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत युगपुरुष Mahant Digvijay Nath, Baba Gambhir Nath, माता सरस्वती, Mahant Avaidyanath तथा Maharana Pratap के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत सामूहिक रूप से गाया और प्रार्थना सभा आयोजित की।

स्वयंसेवकों ने चलाया स्वच्छता अभियान

कार्यक्रम के अगले चरण में स्वयंसेवकों ने सभागार परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया और स्वच्छता का संदेश दिया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों का परिचयात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने एक-दूसरे से परिचय प्राप्त किया। इस सत्र का उद्देश्य स्वयंसेवकों के बीच आपसी समन्वय और टीम भावना को मजबूत करना था।

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नई शिक्षा नीति और स्त्री शिक्षा पर चर्चा

शिविर के दूसरे सत्र में “नई शिक्षा नीति 2020: स्त्री शिक्षा के विशेष संदर्भ में” विषय पर बौद्धिक गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि शिक्षा शास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. त्रिभुवन मिश्रा ने नई शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति शिक्षा को अधिक समावेशी, लचीला और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण संभव है और समाज में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देना आवश्यक है।

कई स्वयंसेवकों ने लिया सक्रिय भाग

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रदीप यादव ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पीयूष सिंह और डॉ. निधि राय भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में अनुराग मिश्रा, क्षमा पाण्डेय, अर्चना गुप्ता, चांदनी मिश्रा, अंचल और मनमीत तिवारी सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

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चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से, 27 मार्च को होगा समापन – आचार्य अजय शुक्ल

सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मां दुर्गा की उपासना और हिंदू नववर्ष के शुभारंभ से जुड़ा होता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इसका समापन 27 मार्च को पूर्णाहुति के साथ होगा।

यह जानकारी देते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि इस बार नवरात्रि का पर्व पूरे नौ दिनों तक विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

आचार्य अजय शुक्ल के अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से 7:53 बजे तक रहेगा। यदि किसी कारणवश इस समय घटस्थापना संभव न हो सके, तो भक्त अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 12:05 से 12:53 बजे) के दौरान भी कलश स्थापना कर सकते हैं।

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नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है—

  1. पहला दिन: मां शैलपुत्री
  2. दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी
  3. तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा
  4. चौथा दिन: मां कुष्मांडा
  5. पांचवां दिन: मां स्कंदमाता
  6. छठवां दिन: मां कात्यायनी
  7. सातवां दिन: मां कालरात्रि
  8. आठवां दिन: मां महागौरी
  9. नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री

अंतिम दिन कन्या पूजन के साथ व्रत का पारण किया जाता है।

सात्विक आहार और श्रद्धा से करें पूजा

आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि नवरात्रि के दौरान भक्तों को तामसिक भोजन से दूर रहकर सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए। व्रत रखने वाले लोग फलाहार करते हैं और पूरे नौ दिन मां दुर्गा की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।
उन्होंने कहा कि पवित्र मन और सच्ची श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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    देवरिया: खंड शिक्षा अधिकारी ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण

    देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। वार्षिक परीक्षाओं के दौरान सदर के खंड शिक्षा अधिकारी Dev Muni Verma ने कई परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में चल रही परीक्षा व्यवस्था और बच्चों के शैक्षणिक स्तर का जायजा लिया।

    छात्रों से पूछे सामान्य ज्ञान और भाषा से जुड़े प्रश्न

    निरीक्षण के क्रम में बीईओ कमपोजिट विद्यालय असना पहुंचे, जहां कक्षा 4 के छात्रों की मौखिक परीक्षा चल रही थी। खंड शिक्षा अधिकारी ने स्वयं कई छात्रों से कविता, पर्यायवाची, विलोम शब्द और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे। इसके अलावा उन्होंने बच्चों से उत्तर प्रदेश के जिलों के नाम और देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों के बारे में भी जानकारी ली।

    छात्रों के संतोषजनक उत्तरों से बीईओ संतुष्ट नजर आए। इस दौरान विद्यालय में प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र नाथ चौबे, शिक्षक अनिल यादव, आशुतोष कुमार सहित अन्य शिक्षक और शिक्षा मित्र उपस्थित रहे।

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    कई विद्यालयों का किया निरीक्षण

    खंड शिक्षा अधिकारी ने सदर ब्लॉक के कई अन्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का भी दौरा किया। पहले दिन उन्होंने मुजहना, धोवी छापर, पकड़ी खास, दुलहू, असना और भैसहां सहित दर्जनों विद्यालयों का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान छात्रों को अनुशासित तरीके से परीक्षा देते देखकर बीईओ ने संतोष जताया और विद्यालयों की व्यवस्था की सराहना की।

    नकल विहीन परीक्षा के दिए निर्देश

    निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों को परीक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    बताया गया कि सदर ब्लॉक में कुल 97 प्राथमिक विद्यालय, 25 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 46 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन सभी विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जो 20 मार्च तक चलेंगी।

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    कविन लिखि गाथा सुनावतो

    — डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

    आदित्य मति खोजि-खोजि,
    गूगल-ऊगल में सर्च करत,
    झूठ और साँच का भेद सबै,
    कवित्त रचना लिखावतो।

    सीता-राम, राधा-कृष्ण,
    शिव-शिवा, शंकर-सती,
    देव-दनुज, नर और नारी,
    सबकी महिमा बतावतो।

    तुलसीकृत रामचरित मानस,
    गीता, भागवत और महाभारत,
    वाल्मीकि, व्यास, सूर, केशव—
    कविन लिखि गाथा सुनावतो।

    आदित्य कवि कहत है सबलों,
    हृदय की यह पावन प्रीति,
    संसार की अगम्य-गम्य प्रतीति,
    जन-गण मानस को दिखावतो।

    संत कबीर नगर: डीसीएम-कार की टक्कर में दो की मौत, दो की हालत गंभीर

    संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के Khalilabad कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर सोमवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया। रसूलाबाद (मगहर) स्थित पेट्रोल पंप के पास डीसीएम और कार की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    डिवाइडर पार कर कार से टकराई डीसीएम

    मिली जानकारी के अनुसार कार में सवार सभी लोग लखनऊ में आयोजित पत्रकार सम्मान एवं होली मिलन समारोह में शामिल होने के बाद वापस Kushinagar लौट रहे थे। इसी दौरान गोरखपुर से लखनऊ की ओर जा रही डीसीएम अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर गई और सामने से आ रही वैगनआर कार से जोरदार टक्कर हो गई।

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    कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त, चालक सीट में फंसा

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चालक सीट पर ही फंस गया। पास के पेट्रोल पंप कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से कार का दरवाजा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से सभी को जिला चिकित्सालय भेजा गया।

    अस्पताल में दो लोगों को मृत घोषित किया

    जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने धनंजय पाण्डेय (35) निवासी सरगरिया उर्फ रामनगर, थाना नेबुआ नौरंगिया, जनपद कुशीनगर और शंभू मिश्रा (45) निवासी लखुआ खुर्द, थाना खड्डा, जनपद कुशीनगर को मृत घोषित कर दिया।
    वहीं रमन कुमार (42) निवासी इंदिरा नगर, पडरौना और सुदेश मिश्र (42) निवासी चिलोना, थाना नेबुआ नौरंगिया की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों का इलाज जारी है।

    समारोह से लौट रहे थे पत्रकार

    पुलिस के अनुसार कार में सवार चारों लोग पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश स्तरीय होली मिलन और पत्रकार सम्मान समारोह में शामिल होकर कुशीनगर लौट रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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    भक्ति और आस्था की गूंज के बीच पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य शुभारंभ

    महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ग्राम पंचायत बचगंपुर, टोला हीरापुर में रविवार को श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उत्साह के बीच पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ, श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा और युवा जागृत सम्मेलन का भव्य शुभारंभ मंगल कलश यात्रा के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्ति गीतों के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

    मंगल कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा गायत्री मंत्र का जाप, वेद मंत्रों का उच्चारण और भक्ति गीतों का गायन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं की आरती उतारकर अभिनंदन किया।

    महिलाओं और युवाओं की रही विशेष भागीदारी

    कलश यात्रा में महिलाओं और युवतियों की विशेष भागीदारी देखने को मिली। पारंपरिक परिधान में सुसज्जित महिलाएं सिर पर कलश लेकर श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुईं। वहीं गांव के युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी कर आयोजन को भव्य बना दिया।

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    समाज में संस्कार और नैतिकता का संदेश

    आयोजकों ने बताया कि पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। आज के दौर में सामाजिक चुनौतियों को देखते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को सदाचार, सेवा, संयम और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

    प्रज्ञा पुराण कथा और युवा जागृत सम्मेलन

    कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा में विद्वान वक्ता धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करेंगे। वहीं युवा जागृत सम्मेलन के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त समाज, शिक्षा के महत्व और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    कई दिनों तक चलेगा आयोजन

    यज्ञ स्थल पर विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक विधि-विधान से पंच कुंडीय महायज्ञ का अनुष्ठान कराया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में आहुति दे रहे हैं। आयोजन स्थल को ध्वज-पताकाओं, तोरण द्वारों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है।

    आयोजकों के अनुसार यह धार्मिक आयोजन कई दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन यज्ञ अनुष्ठान, प्रज्ञा पुराण कथा, भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव मजबूत होता है और लोगों में आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।

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    ओडिशा के कटक में अस्पताल के ICU में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत; कई झुलसे

    कटक/ओडिशा (राष्ट्र की परम्परा)। ओडिशा के कटक स्थित SCB Medical College and Hospital में सोमवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के ICU में लगी भीषण आग में अब तक 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार यह हादसा सुबह करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच हुआ।

    दमकल विभाग की कई टीमों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन, पुलिस और मरीजों के परिजनों ने भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया।

    ट्रॉमा केयर ICU में लगी आग

    अधिकारियों के मुताबिक आग अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू में भड़की, जहां गंभीर हालत वाले मरीजों का इलाज चल रहा था। आग तेजी से फैल गई और आसपास के कुछ वार्ड भी इसकी चपेट में आ गए।
    दमकल कर्मियों ने समय रहते बचाव अभियान चलाकर कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला और आग को नियंत्रित किया।

    मरीजों को बचाते समय 11 कर्मचारी झुलसे

    मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में अस्पताल के 11 कर्मचारी झुलस गए।
    हादसे के बाद कुल 23 मरीजों को तत्काल दूसरे वार्ड और विभागों में शिफ्ट किया गया, ताकि उनकी जान बचाई जा सके।

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    मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लिया जायजा

    घटना की सूचना मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi और स्वास्थ्य मंत्री Mukesh Mahaling अस्पताल पहुंचे।
    मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

    मुख्यमंत्री के अनुसार सात गंभीर मरीजों की मौत शिफ्टिंग के दौरान हो गई, जबकि तीन मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों के इलाज में कोई कमी न रहे।
    राज्य सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले हर मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

    फिलहाल अस्पताल में स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

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    नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। । देश में LPG सिलिंडर को लेकर पिछले कुछ दिनों से बनी अफरा-तफरी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार एलपीजी सिलिंडर की दैनिक बुकिंग 88.8 लाख से घटकर 77 लाख रह गई है, जो स्थिति में सुधार का संकेत माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।

    सरकार के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद ईंधन आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और देशभर में तेल कंपनियां सामान्य तरीके से वितरण कर रही हैं।

    ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में बढ़ोतरी

    सरकारी अपडेट के अनुसार एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग 84% से बढ़कर लगभग 87% हो गई है। यह तेल कंपनियों के उस अभियान का असर माना जा रहा है, जिसमें लोगों को डिजिटल माध्यम से सिलिंडर बुक करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में सिलिंडर या ईंधन की अनावश्यक खरीदारी न करें, क्योंकि देश में पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

    तेल रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रहीं

    सरकार ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

    भारत पेट्रोल और डीजल उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आयात की आवश्यकता नहीं पड़ रही। तेल विपणन कंपनियों के अनुसार किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी की सूचना नहीं मिली है।

    30 राज्यों में एलपीजी वितरण व्यवस्था मजबूत

    सरकार के अनुसार बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों ने सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी सिलिंडरों के आवंटन के आदेश जारी किए हैं।

    वाणिज्यिक सिलिंडरों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है और अब यह 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध है।

    22 राज्यों में कंट्रोल रूम स्थापित

    स्थिति पर नजर रखने के लिए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाए गए हैं।

    एलपीजी की मांग का दबाव कम करने के लिए होटल, रेस्तरां और आतिथ्य क्षेत्र को केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति दी गई है।

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    जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती

    राज्य सरकारें पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई कर रही हैं। आंध्र प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी भी की गई है।

    कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार

    सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया संकट से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 100 डॉलर से अधिक हो गई है।

    इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रखी गई हैं, जिससे तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।

    रिफाइनरियों पर बढ़ सकता है वित्तीय दबाव

    रिपोर्ट के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां घाटा कम करने के लिए रिफाइनरियों पर कुछ वित्तीय बोझ डालने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। इसके तहत रिफाइनरी ट्रांसफर प्राइस (RTP) में बदलाव जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

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    नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। निर्वाचन आयोग ने रविवार (15 मार्च) को पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे।

    निर्वाचन आयोग ने Election Commission of India द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव कराए जाएंगे।

    पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान

    निर्वाचन आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे।

    • पहला चरण: 23 अप्रैल
    • दूसरा चरण: 29 अप्रैल

    पिछले चुनाव में यहां 8 चरणों में मतदान हुआ था, जबकि इस बार इसे घटाकर दो चरण कर दिया गया है।

    असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग

    • असम – 9 अप्रैल (एक चरण)
    • केरल – 9 अप्रैल (एक चरण)
    • पुडुचेरी – 9 अप्रैल (एक चरण)

    इन राज्यों में एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा।

    तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान

    तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे।

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    4 मई को आएंगे नतीजे

    निर्वाचन आयोग के अनुसार पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
    चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही इन सभी राज्यों में आचार संहिता भी लागू हो गई है।

    17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान

    मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार इन पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हैं, जबकि विधानसभा सीटों की कुल संख्या 824 है।

    2.19 लाख मतदान केंद्र और 25 लाख कर्मी तैनात

    • कुल 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे
    • करीब 25 लाख चुनाव कर्मियों की तैनाती होगी
    • प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 750–900 मतदाता होंगे

    चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

    हर दो घंटे में अपडेट होगा मतदान प्रतिशत

    निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर मौजूद पीठासीन अधिकारी हर दो घंटे में मतदान प्रतिशत अपलोड करेंगे और मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद अंतिम आंकड़े जारी कर दिए जाएंगे।

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    गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ शोध पीठ, गोरखपुर में आयोजित “विशाल भारत का भूगोल” विषयक दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती और महायोगी गुरु गोरक्षनाथ के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया।

    सेमिनार के निदेशक प्रो. एस. के. सिंह ने स्वागत भाषण में संगोष्ठी के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली के परिप्रेक्ष्य में भारत की भौगोलिक अवधारणा को समझना और उसका बहुआयामी अध्ययन करना बेहद आवश्यक है।

    आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार सिंह ने सेमिनार प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली के आलोक में विशाल भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अवधारणा का पुनर्परिचिंतन करना था। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में 332 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 41 प्रतिशत महिलाएं शामिल रहीं। प्रतिभागी 218 से अधिक संस्थानों और 12 से अधिक विषयों से जुड़े थे तथा इस दौरान लगभग 285 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।

    संगोष्ठी के दौरान कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 300 से अधिक ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रस्तुतियां दी गईं। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के रूप में डॉ. कुमार कृष्ण (नासा, अमेरिका), डॉ. अनुपम सिंह (यूके) और प्रो. आलोक तिवारी (सऊदी अरब) ने ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार साझा किए।

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    समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. पृथ्वीस नाग, निदेशक एनएटीएमओ ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं बल्कि एक विचार और प्रयोग है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक भारत और आध्यात्मिक भारत के संबंधों को समझना बेहद महत्वपूर्ण है। विशाल भारत की अवधारणा को समझने के लिए मध्य एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन और निकोबार द्वीपों के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का अध्ययन भी जरूरी है।

    विशिष्ट अतिथि प्रो. वी. सी. झा, पूर्व निदेशक एनएटीएमओ ने कहा कि भारत की भौगोलिक अवधारणा को समझने के लिए ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखना आवश्यक है। वहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. ए. आर. सिद्दीकी ने कहा कि भारत की स्थलाकृति, भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक विविधता अद्वितीय है तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली को वैश्विक ज्ञान प्रणालियों के साथ जोड़ने की जरूरत है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि भूगोल का अध्ययन हमें पर्यावरण, संसाधनों और समाज के प्रति जागरूक बनाता है और हमें अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करना चाहिए।

    इस अवसर पर दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. शांतनु रास्तोगी भी उपस्थित रहे। उन्होंने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और भूगोल विभाग को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे अकादमिक आयोजन नई बौद्धिक संभावनाओं को जन्म देते हैं और भारतीय ज्ञान परंपरा को मजबूत करते हैं।

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    संगोष्ठी के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति का पुरस्कार दिव्या मिश्रा और उनकी टीम को तथा द्वितीय स्थान प्रियंका मिश्रा और उनकी टीम को मिला। वहीं सर्वश्रेष्ठ मॉडल प्रस्तुति का पुरस्कार अंकित दुबे और उनकी टीम को प्रदान किया गया।
    कार्यक्रम के अंत में डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि संचालन डॉ. श्रीप्रकाश सिंह ने किया।

    खुखुंदू चौराहा के पास भूसे से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, अहिल्यापुर मंदिर गेट के समीप हुआ हादसा

    देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में रविवार को एक सड़क हादसा उस समय हो गया जब खुखुंदू चौराहा से आगे अहिल्यापुर मंदिर गेट के बीच भूसे से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के बाद कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और आवागमन भी प्रभावित हुआ।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी मात्रा में भूसा लदा हुआ था और वह खुखुंदू चौराहा से आगे अहिल्यापुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान मंदिर के मुख्य गेट के पास सड़क पर हल्का मोड़ होने के कारण चालक ट्रॉली पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। ट्रॉली के पलटते ही भूसा सड़क पर फैल गया और आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए।स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी, लेकिन ट्रॉली पलटने के बाद कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है। चालक को मामूली चोटें आईं, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग और राहगीर मौके पर जुट गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीधा करने का प्रयास किया। बाद में ग्रामीणों की मदद से सड़क पर फैले भूसे को हटाया गया, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर भारी लोड वाले वाहन गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने और वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग की है।यह घटना एक बार फिर भारी लोड वाले वाहनों को सावधानी से चलाने की जरूरत की ओर संकेत करती है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

    पूर्वांचल के स्थानीय नायक फतेह बहादुर शाही पर 16 को विशेष व्याख्यान

    गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के तत्वावधान में 16 मार्च 2026 को एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा। “प्रतिरोध के प्रतीक पूर्वांचल के स्थानीय नायक फतेह बहादुर शाही का ऐतिहासिक पुनर्मूल्यांकन” विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. जे. एन. सिन्हा मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे।
    इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि इतिहास के पृष्ठों में अनेक ऐसे नायक और व्यक्तित्व दर्ज हैं, जिन्हें समकालीन ऐतिहासिक स्रोतों के अभाव में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे वास्तव में अधिकारी थे। ऐसे व्याख्यानों के माध्यम से देश और समाज के लिए योगदान देने वाले इन उपेक्षित नायकों के जीवन, संघर्ष और योगदान पर नया प्रकाश डाला जाएगा। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और इतिहास के अध्येताओं को उनके बारे में अधिक प्रामाणिक और विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी। उन्होंने इस आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के अकादमिक व्याख्यान विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा इतिहास की नई दृष्टियों और विमर्शों से परिचित कराते हैं।