Wednesday, July 8, 2026
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फर्रुखाबाद कोचिंग सेंटर में धमाका, दो छात्रों की मौत

फर्रुखाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में शनिवार दोपहर एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण विस्फोट से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सेंट्रल जेल चौराहे के पास स्थित सन लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी प्वाइंट के बाहर करीब तीन बजे जोरदार धमाका हुआ। हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि नौ छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

धमाके से 200 मीटर दूर तक बिखरा मलबा

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कोचिंग सेंटर की दीवारें और छत उड़ गईं। मलबा 200 मीटर दूर तक जा गिरा। आसपास की इमारतों के शीशे चटक गए और कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके के तुरंत बाद इलाके में धुएं का गुबार छा गया और बारूद जैसी तेज दुर्गंध फैल गई।

दो छात्रों की मौके पर मौत

हादसे में 24 वर्षीय आकाश सक्सेना और 22 वर्षीय आकाश कश्यप की मौत हो गई। आकाश सक्सेना का शव कोचिंग सेंटर के बाहर खून से लथपथ पड़ा मिला, जबकि आकाश कश्यप के शरीर के टुकड़े 50 मीटर दूर गड्ढे में मिले। दोनों छात्र वहीं पढ़ाई करने आते थे।

घायल छात्र-छात्राओं की हालत गंभीर

विस्फोट के वक्त कोचिंग सेंटर में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे। नौ विद्यार्थी घायल हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घायलों में —

वेदांत यादव (12), निवासी सातनपुर मंडी – गंभीर हालत में कानपुर रेफर

पीयूष यादव (12), निखिल यादव (9), अंशिका गुप्ता (11), अभय (10) — लोहिया अस्पताल में भर्ती

अंशुल यादव (14) व आयुष यादव (13) — निजी अस्पताल में उपचाररत

प्रशासन और पुलिस ने किया मौके का निरीक्षण

धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस, आईटीआई चौकी और सेंट्रल जेल चौकी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किए। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
डीएम और एसपी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बाद में घटनास्थल का निरीक्षण किया।

जांच के दो प्रमुख एंगल: पटाखा भंडारण या मीथेन गैस रिसाव

जांच के दौरान बारूद की दुर्गंध से अवैध पटाखा भंडारण की आशंका जताई जा रही है। वहीं, अधिकारियों ने संभावना जताई है कि सीवर टैंक या सेफ्टी टैंक में मीथेन गैस के रिसाव से विस्फोट हुआ हो सकता है। फॉरेंसिक टीम मौके से नमूने एकत्र कर जांच में जुटी है।

इलाके में मचा हड़कंप

धमाके की आवाज एक किलोमीटर तक सुनाई दी और आसपास के मकान हिल गए। स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन ने आसपास के भवनों की सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

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कार्तिक मास में किए जाने वाले व्रत और तारा भोजन का विधान

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नारायण तारायन : कार्तिक प्रारंभ होने के पहले दिन तारों का अर्घ्य देकर भोजन करें। कार्तिक के दूसरे दिन दोहपर को भोजन करें, तीसरे दिन निराहार व्रत रखें। इस तरह से पूरे कार्तिक मास इस क्रम को पूरा करें। व्रत उद्यापन में चांदी का तारा या 33 पेड़े ब्राह्मण को दान करें। ये व्रत नारायण तारायन कहलाता है।

तारा भोजन : कार्तिक मास में तारा
देखकर भोजन करना तारा करें। रोज दिन भर निराहार रह कर तारा देखने के बाद व्रत खोला जाता है। ये व्रत ही तारा भोजन कहलाता है। बाद में ब्राह्मण को भोजन कराकर चांदी का तारा व 33 पेड़ा दान में देना चाहिए।

छोटी सांकली: इस व्रत में २ दिन भोजन

और एक दिन उपवास रखने का विधान होता है। इस क्रम को पूरे मास किया जाता है। उद्यापन के समय सोने या चांदी की सांकली भगवान के मन्दिर में चढ़ा कर ब्राह्मणों को भोजन खिलाया जाता है।
एकातर व्रत : इस व्रत में एक दिन भोजन और एक दिन उपवास पूरे मास किया जाता है। अंत में ब्राह्मणों को भोजन खिलाया जाता है और दक्षिणा दी जाती है।

चंद्रायन व्रतः यह व्रत कार्तिक मास प्रारंभ की पूर्णिमा से कार्तिक की पूर्णमासी तक किया जाता है। इसमें पूर्णमासी को उपवास, एकम को एक ग्रास, दिवितिया को दो ग्रास और इस तरह प्रतिदिन क्रम बढ़ाकर अमावस्या तक पन्द्रह ग्रास खाने होते हैं। व्रत में आप हलवा बना कर खा सकते हैं। वहीं अमावस्या के दूसरे दिन से एक ग्रास कम करते हुए क्रम में इसे ग्रहण करना होता है। उद्यापन में हवन कराकर ब्राह्मण को जोड़े में भोजन खिलाया जाता है।

तुलसी नारायण व्रत: इस व्रत को आंवला नवमी से एकादशी तक निराहार किया जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु के समक्ष अखंड ज्योति जलाने, ग्यारस के दिन तुलसी विवाह करने और बारस के दिन ब्राह्मण भोज कराया जाता है।

अलूना पावंभर खाना : कार्तिक पूरे परेम मास या पांच दिन या तीन दिन तक बिना नमक का भोजन करना में होता है। प्रसाद को भगवान को भोग लगाकर खाया जाता है और लड्डू में रुपए रख कर गुप्त दान करना चाहिए।

छोटी पंचतीर्थया व्रत : एकादशी

से लेकर पूनम तक रोज भगवान का भजन-कीर्तन करना और जितनी देर हो सके व्रत पालन करना चाहिए।

पंचतीर्थया एकादशी, ग्यारस, बारस, तेरस, चौदस और पूनम के दिन निराहार व्रत कर ब्राह्मण से हवन कराया जाता है।

कार्तिक मास में आप चाहें जो भी व्रत का चयन करें, लेकिन उद्यापन करते समय जोड़े में ब्राह्मणों को भोजन कराएं और वृद्ध महिला को साड़ी और सुहागन महिला को सुहाग की सामग्री जरूर दें।

गरिमा सिंह -अजमेर

कार्तिक मास में किए जाने वाले व्रत और तारा भोजन का विधान-

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नारायण तारायन : कार्तिक प्रारंभ होने के पहले दिन तारों का अर्घ्य देकर भोजन करें। कार्तिक के दूसरे दिन दोहपर को भोजन करें, तीसरे दिन निराहार व्रत रखें। इस तरह से पूरे कार्तिक मास इस क्रम को पूरा करें। व्रत उद्यापन में चांदी का तारा या 33 पेड़े ब्राह्मण को दान करें। ये व्रत नारायण तारायन कहलाता है।

तारा भोजन : कार्तिक मास में तारा
देखकर भोजन करना तारा करें। रोज दिन भर निराहार रह कर तारा देखने के बाद व्रत खोला जाता है। ये व्रत ही तारा भोजन कहलाता है। बाद में ब्राह्मण को भोजन कराकर चांदी का तारा व 33 पेड़ा दान में देना चाहिए।

छोटी सांकली: इस व्रत में २ दिन भोजन

और एक दिन उपवास रखने का विधान होता है। इस क्रम को पूरे मास किया जाता है। उद्यापन के समय सोने या चांदी की सांकली भगवान के मन्दिर में चढ़ा कर ब्राह्मणों को भोजन खिलाया जाता है।
एकातर व्रत : इस व्रत में एक दिन भोजन

और एक दिन उपवास पूरे मास किया जाता है। अंत में ब्राह्मणों को भोजन खिलाया जाता है और दक्षिणा दी जाती है।

चंद्रायन व्रतः यह व्रत कार्तिक मास प्रारंभ की पूर्णिमा से कार्तिक की पूर्णमासी तक किया जाता है। इसमें पूर्णमासी को उपवास, एकम को एक ग्रास, दिवितिया को दो ग्रास और इस तरह प्रतिदिन क्रम बढ़ाकर अमावस्या तक पन्द्रह ग्रास खाने होते हैं। व्रत में आप हलवा बना कर खा सकते हैं। वहीं अमावस्या के दूसरे दिन से एक ग्रास कम करते हुए क्रम में इसे ग्रहण करना होता है। उद्यापन में हवन कराकर ब्राह्मण को जोड़े में भोजन खिलाया जाता है।

तुलसी नारायण व्रत इस व्रत को आंवला

नवमी से एकादशी तक निराहार किया जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु के समक्ष अखंड ज्योति जलाने, ग्यारस के दिन तुलसी विवाह करने और बारस के दिन ब्राह्मण भोज कराया जाता है।

अलूना पावंभर खाना : कार्तिक पूरे परेम मास या पांच दिन या तीन दिन तक बिना नमक का भोजन करना में होता है। प्रसाद को भगवान को भोग लगाकर खाया जाता है और लड्डू में रुपए रख कर गुप्त दान करना चाहिए।

छोटी पंचतीर्थया व्रत : एकादशी

से लेकर पूनम तक रोज भगवान का भजन-कीर्तन करना और जितनी देर हो सके व्रत पालन करना चाहिए।

पंचतीर्थया एकादशी, ग्यारस, बारस, तेरस, चौदस और पूनम के दिन निराहार व्रत कर ब्राह्मण से हवन कराया जाता है।

कार्तिक मास में आप चाहें जो भी व्रत का चयन करें, लेकिन उद्यापन करते समय जोड़े में ब्राह्मणों को भोजन कराएं और वृद्ध महिला को साड़ी और सुहागन महिला को सुहाग की सामग्री जरूर दें।

गरिमा सिंह

(अजमेर)

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एसडीएम सदर ने लेखपालों को दिए सख्त निर्देश

आवेदकों को समय पर मिले सभी सेवाओं का लाभ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील सभागार में शनिवार को एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने बैठक कर राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। इस बैठक में उनके साथ डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, सभी नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल मौजूद रहे। एसडीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक कार्य समय सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि आम जनता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री, ई-खसरा पड़ताल, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, बरसात राहत कार्य, कन्या सुमंगला योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी रिपोर्टें निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएं। कोई भी लेखपाल आवेदक के आने की प्रतीक्षा न करे, बल्कि अपने क्षेत्र से संबंधित सभी लंबित आवेदनों की रिपोर्ट स्वयं पहल कर लगाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जिम्मेदारी से करे ताकि जनता का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
एसडीएम दीपक गुप्ता ने विशेष रूप से कृषक दुर्घटना बीमा योजना पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि सभी लेखपाल पात्र किसानों की रिपोर्ट सटीकता के साथ दें। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की मृत्यु दुर्घटना से हुई हो, ऐसे मामलों को प्राथमिकता से जांचकर जिला स्तरीय समिति को भेजा जाए ताकि पात्रों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

इसके अलावा एसडीएम ने शहरी क्षेत्र के लेखपालों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में डेढ़ एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित कर उपलब्ध कराएं, ताकि उस भूमि पर विकास से जुड़े कार्य कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि शहर के विस्तार और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपयुक्त सरकारी जमीनों का चिन्हांकन बेहद आवश्यक है।
अंत में एसडीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि राजस्व विभाग सरकार और जनता के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए कार्य में पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्धता, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ किया जाए, यही एक कुशल प्रशासन की पहचान है। बैठक में
डिप्टी कलेक्टर / तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह नायब तहसीलदार गण देवेन्द्र यादव अरविंद नाथ पांडेय आकांक्षा पासवान नीरू सिंह राकेश कुमार शुक्ला कानूनगो लेखपाल मौजूद रहे।

महासमिति व जिला प्रशासन के समन्वय से महाविसर्जन सकुशल सम्पन्न

चप्पे चप्पे पर तैनात रहे महासमिति के पदाधिकारी,भोर पहर तक चला विसर्जन

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में दुर्गा प्रतिमाओं का महाविसर्जन दुर्गा पूजा महासमिति व जिला प्रशासन के समन्वय से सकुशल सम्पन्न हो गया।विसर्जन का दौर भोर पहर तक चलता रहा।ढोल,नगाड़ो की थाप पर माता के भक्त जयकारे लगाते हुए दुर्गा प्रतिमाओं को नम आंखों से विदा किया।महाविसर्जन को लेकर दुर्गा पूजा महासमिति व जिला प्रशासन ने वेल प्रूफ व्यवस्था कर रखी थी।एक तरफ महासमिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मोर्चे पर डटे रही तो दूसरी ओर पुलिस के जवान भी विसर्जन को सकुशल सम्पन्न करवा रहे थे।महासमिति के अध्यक्ष सुदामा की अगुवानी में घंटाघर चौक पर दुर्गा प्रतिमाओं का स्वागत कर रहे थे।महासमिति के महामंत्री कन्हैया सोनी ने सकुशल विसर्जन के लिए पदाधिकारियों,तहसील व थाना प्रमुखों,नगर पालिका एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।महासमिति के मीडिया प्रभारी सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि महासमिति व जिला प्रशासन के आपसी समन्वय से महाविसर्जन को सकुशल सम्पन्न करवाया गया है।उन्होंने बताया कि महासमिति के पदाधिकारी चप्पे चप्पे पर तैनात थे जो उपसमितियो को विसर्जन स्थल तक दुर्गा प्रतिमाओं को ले जाने में सहयोग कर रहे थे।उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 1600 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई जिनका सकुशल विसर्जन किया गया।उन्होंने सकुशल विसर्जन के जिला प्रशासन,पदाधिकारियों,सदस्यों व कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया।उल्लेखनीय हो कि मां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन नवमी तिथि से ही शुरू हो जाता है जो एकादशी तिथि तक चलता रहता है।महाविसर्जन के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में मेले जैसा दृश्य दिखाई पड़ा।भीषण बारिश भी माता के भक्तों का उत्साह कम न कर पायी।माता के भक्तो के लिए जगह जगह प्रसाद वितरण का भी कार्यक्रम देखने को मिला।भोर पहर तक मां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में आए हुए फरियादियों के समस्याओं से रूबरू हुए प्रभारी मंत्री

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिये प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले सम्पूर्ण समाधान दिवसों की कड़ी में तहसील पयागपुर में प्रदेश के मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग/प्रभारी मंत्री जनपद बहराइच सूर्य प्रताप शाही ने विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रामनयन सिंह, उप जिलाधिकारी अश्वनी पाण्डेय व अन्य अधिकारियों के साथ आए हुए फरियादियों के समस्याओं की गंभीरता पूर्वक सुनवाई करते हुए संबन्धित अधिकारियों को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिये। इससे पूर्व प्रभारी मंत्री ने विभागो द्वारा लगाये स्टालों के निरीक्षण के दौरान आईसीडीएस विभाग के स्टाल पर चार गर्भवती महिला सोनम तिवारी, साधना तिवारी, मनीषा रानी व बच्ची यादव की गोद भराई की तथा तीन बच्चों अंजू, क्षमा व जीविका को अन्नप्रासन कराया।
प्रभारी मंत्री ने जनससमयाओं की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनससमयाओं का समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्वक निस्तारण किया जाय ताकि आमजन को अनावश्यक दौड़ भाग न करनी पड़े। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का निस्तारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शीर्ष प्राथमिकता है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निस्तारण समय से व गुणवत्तापूर्ण हो, जिससे कि फरियादी आपकी कार्यवाही से संतुष्ट हो सके।
उल्लेखनीय है कि तहसील पयागपुर में सम्पन्न हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस में 52 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए जिसमें से 12 का मौके पर निस्तारण किया गया। इसी प्रकार अन्य तहसीलों महसी में प्राप्त 51 में 03, सदर बहराइच में प्राप्त 09 में 02, कैसरगंज में प्राप्त 27 में 03, नानपारा में प्राप्त 20 में 06 तथा मिहींपुरवा (मोतीपुर) में प्राप्त 16 में 02 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण मौके पर किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, विधायक पयागपुर के प्रतिनिधि निशंक त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी राज कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र तिवारी, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव, जिला प्राबेशन अधिकारी विनोद राय, जिला गन्ना अधिकारी आनन्द शुक्ला सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी व थानाध्यक्षगण मौजूद रहे।

धान की फसल काट रहे किसान की अचानक तबियत बिगड़ने से मौत

शाहजहांपुर ( राष्ट्र की परम्परा)l
जैतीपुर क्षेत्र के गांव सुरजूपुर में शनिवार शाम 5 बजे खेत में धान की फसल काट रहे किसान की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत होने पर बेटा बाइक से घर लेकर आया। एंबुलेंस को फोन किया लेकिन कुछ ही देर में किसान की मौत हो गई,जिससे परिजनों में कोहराम मच गया गांव वालों की भीड़ लग गई। सुरजूपर के किसान दयाराम कश्यप की उम्र तकरीबन 60 वर्ष थी।धान की फसल पकने पर उन्होंने हाथ से काटने की शुरुआत की थी।शनिवार सुबह वह बेटों के साथ खेत पर धान काटने गए शाम 5 बजे धान काटते समय उनके सीने में दर्द होने लगा, बेटे मुनेश को उन्होंने बताया तो वह घर लेकर आया। एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन कुछ ही देर में दयाराम कश्यप की मौत हो गई। अचानक हुई घटना से गांव वाले स्तब्ध रह गए। परिजनों का हाल बेहाल हो गया। दयाराम कश्यप के दो बेटे व दो बेटियां हैं।सभी की शादी हो चुकी है।पत्नी पूरन देवी सहित सभी बेसुध हैं।जानकारी पाकर प्रधान प्रवेन्द्र सिंह यादव ने परिजनों को सांत्वना देकर शासन से मिलने वाली हर संभव मदद का भरोसा दिया।

आईटीआई के फीटर ट्रेड में देश में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विकाश को प्रधानमंत्री ने किया सम्मानित


देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)।शहर के कृष्णा नगर टीचर कालोनी देवरिया खास स्थित देवरिया प्राइवेट आईटीआई के छात्र विकास कुमार ने पूरे देश में आईटीआई के फीटर ट्रेड से पहला स्थान हासिल किया है। शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में दीक्षांत समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे कौशल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। उसकी इस उपलब्धि पर जहां परिवार में हर्ष का माहौल है वहीं विद्यालय परिवार भी प्रशिक्षु छात्र की सफलता पर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। बिहार प्रांत के गोपालगंज
जिले के महेशपुर निवासी विकाश ने आईटीआई फीटर ट्रेड से प्रशिक्षण के लिए शहर के देवरिया खास स्थित देवरिया निजी आईटीआई में पढ़ाई कर रहा था। दो वर्षीय पाठ्यक्रम में विकास ने अपने ट्रेड में देश में पहला स्थान लाकर अपनी मेधा का परचम लहराया है। उधर नई दिल्ली में शनिवार को विज्ञान भवन में सर्वाधिक अंक पाने वाले प्रशिक्षु छात्रों को सम्मानित करने के लिए बुलाया गया था। जिसमें विकाश का भी नाम शामिल था। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकाश कुमार को कौशल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। विकाश कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा सम्मान मिलना एक सपने जैसा है इसे बस शुरुआत मानता हूं। उसका कहना है कि संघर्ष से सफलता तक में विद्यालय का बेहतर माहौल व पढ़ाई से हुआ है। इस कड़ी को
मंजिल मिलने तक जारी रखूंगा। वहीं विकाश को मिली ऐतिहासिक उपलब्धि पर आईटीआई कालेज के प्रबंधक सुरेन्द्र कुशवाहा व प्रधानाचार्य अमन कुशवाहा ने बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विद्यालय की तरफ से उसे आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए 12 हजार रुपए प्रोत्साहन को रुप में दिया है। प्रबंधक ने कहा कि यह हम सभी के लिए ऐतिहासिक क्षण है।

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भारी बारिश से जन जीवन व्यस्त, फसले,पेड़ गिरे, विद्युत पोल टूटे

बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l पथरदेवा क्षेत्र लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।इस दौरान सवारी छोड़ कर लौटे ई रिक्शा पर पेड़ गिरने से हादसा टला लेकिन गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि तेज हवाओं से सड़कों पर दर्जनों पेड़, तार गिर पड़े, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ग्रामीण_इलाकों में भी पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन ठप हो गया है। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोग अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं।के विभिन्न जगह पर शुक्रवार देर शाम से हो रही अचानक तेज बारिश और हवाओं से जगह जगह पेड़ गिरे,बिजली के पोल टूटे,तार गिरे और धान की फैसले गिर गई है।वही तेज बारिश हवा के कारण लोग घरों से बाहर चौक चौराहा आदि जगहों पर नहीं निकल पाए चौक चौराहा सड़कों पर बारिश की वजह से सन्नाटा पसरा हुआ है।जगह-जगह तेज बारिश, हवा के कारण पेड़ उखड़ गए है,बिजली के पोल और तारे टूटी है जिससे बिजली बाधित है वही बिजली बाधित होने से लोगों के मोबाइल ,इनवर्टर बिजली पंप आदि बंद पड़े हैं। मौसम जानकारो के अनुसार अगले 24 घंटे तक तेज बारिश, हवा चलने के आसार है। किसानों द्वारा तैयार की गई धान की फसल, गन्ना ,मक्का,आदि फसल तेज बारिश और हवा के दबाव से जमीन पर गिर गया है जिससे भारी नुकसान हुई है।वही पशुओं और बच्चों ,बुजुर्गों के लिए यह मौसम बहुत ही कष्टदाई बना हुआ है।देर शाम तक झमाझम बारिश और तेज हवा चलने से लोग घरों में छुपे हुए हैं।किसान राजेन्द्र राय ने बताया कि एक तरफ बारिश से धान की फसल को लाभ हुई है उससे कही अन्य फसलों को जायदा नुकसान हुआ है। किसान सुभाष यादव ने बताया कि फसल के लिए बारिश कारगर हुई है लेकिन तेज हवा से काफी नुकसान हुआ है।

मदनपुर समेत कई रास्ते बंद, एंबुलेंस फंसने से मरीज के साथ तीमारदारों की जान हलक में फसी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देवरिया जनपद के मदनपुर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार सुबह से ही क्षेत्र के गोला बाजार, गायघाट और रामपुर को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के बीच कई जगहों पर बिजली के तारों के साथ विशाल वृक्ष सड़क पर गिर पड़े, जिससे एम्बुलेंस समेत कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने फंसे वाहनों को निकालने के लिए खुद ही पेड़ काटकर रास्ता खोलने का प्रयास शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि अब तक प्रशासनिक टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी है। इस बीच, कई घरों में पानी घुस गया है और बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित हो गई है।
स्थानीयों का सहयोग से बचाव कार्य जारी
गांव के युवक और स्वयंसेवक लगातार पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ करने में जुटे हुए हैं।
फंसे हुए वाहनों में मौजूद मरीजों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित निकालने में ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
📸 स्थिति गंभीर — सड़क पर जलभराव और कीचड़ से हालात बिगड़े लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई है। दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है, जबकि दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

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यूपी में बड़े पैमाने पर जजों का तबादला: प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ समेत 39 जिलों में नए जिला जज नियुक्त

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर न्यायिक अधिकारियों का तबादला किया है। हाईकोर्ट के आदेश पर कुल 130 न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। इनमें प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, संभल, देवरिया, बुलंदशहर सहित 39 जिलों में नए जिला जजों की नियुक्ति की गई है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा कदम

यह तबादला आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली के निर्देश पर जारी हुआ है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मंजीत सिंह श्योराण ने शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।

सूत्रों के अनुसार, यह तबादला प्रक्रिया न्यायिक प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है, ताकि लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके।

इन जिलों में बदले गए जिला जज

इस तबादले में जिन जिलों में नए जिला जजों की नियुक्ति की गई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं —
लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, नोएडा, गाजियाबाद, बरेली, बुलंदशहर, कानपुर नगर, हरदोई, फतेहपुर, सुल्तानपुर, चंदौली, महाराजगंज, मुरादाबाद, पीलीभीत, देवरिया, संभल, ललितपुर, जालौन, महोबा और कई अन्य जिले।

न्यायिक प्रणाली में नई ऊर्जा की उम्मीद

न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए तबादलों से निचली अदालतों में कामकाज की रफ्तार बढ़ेगी और न्यायिक व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।
हाईकोर्ट प्रशासन ने सभी नए नियुक्त जिला जजों को शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।

कीर्तन से लौटी किशोरी ने की आत्महत्या, कमरे में फंदे से लटका मिला शव


असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव की घटना, पढ़ाई को लेकर नाराज थी छात्रा

फतेहपुर (राष्ट्र की परम्परा)। फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव में शुक्रवार की रात एक किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय खुशी तिवारी, जो कक्षा 10 की छात्रा थी, कीर्तन से लौटने के कुछ घंटे बाद अपने घर में फंदे से लटकी मिली।

पुलिस के मुताबिक, किशोरी की मां सुशीला देवी ने बताया कि वह बेटी के साथ रात में गांव के ही बड़े तिवारी के डेरा में आयोजित कीर्तन कार्यक्रम में गई थीं। कार्यक्रम के बाद खुशी करीब रात दो बजे घर लौट आई, जबकि मां सुबह करीब चार बजे घर पहुंचीं।

घर पहुंचकर उन्होंने देखा कि बेटी पंखे के हुक से रस्सी के सहारे फंदे पर झूल रही थी। शोर मचाने पर पड़ोसी इकट्ठा हुए और फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

पढ़ाई को लेकर हुई थी नाराजगी

किशोरी के पिता देवनरायण तिवारी दिल्ली में नौकरी करते हैं। मां सुशीला देवी ने बताया कि शुक्रवार शाम उन्होंने बेटी को पढ़ाई को लेकर डांटा था, जिससे वह नाराज हो गई थी। मां का कहना है कि नाराजगी के चलते ही बेटी ने यह कदम उठाया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी विनोद निगम मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बैंकों में ₹1.84 लाख करोड़ की अनक्लेम्ड संपत्तियां: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया, कैसे मिलेगा हकदारों को उनका हक

गांधीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देशभर के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में करीब ₹1.84 लाख करोड़ की अनक्लेम्ड (बिना दावा की गई) संपत्तियां पड़ी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को इस चिंताजनक स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह राशि सही हकदारों तक पहुंचे।

वह गांधीनगर से शुरू किए गए तीन महीने लंबे “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” (Your Wealth, Your Right) अभियान के शुभारंभ अवसर पर बोल रही थीं। इस कार्यक्रम में गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, वित्त मंत्रालय और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

तीन ‘ए’ फार्मूला: जागरूकता, पहुंच और कार्यवाही

सीतारमण ने कहा कि इस मिशन की सफलता के लिए अधिकारियों को तीन “ए” — Awareness (जागरूकता), Access (पहुंच) और Action (कार्यवाही) को अपनाना होगा।
उन्होंने कहा,

“पहला ‘ए’ है जागरूकता — लोगों को बताएं कि उनकी जमा पूंजी कहां पड़ी है और वे किन दस्तावेजों के साथ इसे प्राप्त कर सकते हैं। दूसरा ‘ए’ है पहुंच — बैंक स्टॉल्स और पोर्टलों के माध्यम से सही मालिकों तक पहुंच बनाएं। तीसरा ‘ए’ है कार्यवाही — हर लंबित केस पर तेजी से कार्रवाई करें।”

उन्होंने कहा कि यदि सभी अधिकारी और बैंक मिलकर प्रयास करें, तो यह अभियान सफल होगा और लोगों को उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी।

UDGAM पोर्टल से मिल सकेगी जानकारी

वित्त मंत्री ने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस उद्देश्य से UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access Information) पोर्टल शुरू किया है, जहां कोई भी व्यक्ति अपने बैंक खातों, जमा राशियों या शेयरों से जुड़ी अनक्लेम्ड संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
सीतारमण ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे लोगों को पोर्टल के उपयोग के प्रति जागरूक करें और उन्हें दावा प्रक्रिया में सहायता दें।

अनक्लेम्ड संपत्तियां हैं सुरक्षित

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये राशियां पूरी तरह सुरक्षित हैं — चाहे वे बैंकों, आरबीआई या IEPF (Investor Education and Protection Fund) में हों। सही दस्तावेज प्रस्तुत करने पर कोई भी व्यक्ति अपनी राशि का दावा कर सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई राशि लंबे समय तक दावा नहीं की जाती है, तो उसे नियमानुसार एक संस्था से दूसरी संस्था में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

सीतारमण ने गुजरात ग्रामीण बैंक की सराहना करते हुए कहा कि बैंक के अधिकारी राज्य के हर गांव में जाकर लावारिस जमा राशि के असली मालिकों की पहचान करने में मदद करेंगे।

सरकार और आरबीआई का यह संयुक्त अभियान देशभर में फैली अनक्लेम्ड संपत्तियों को rightful owners तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने पुराने बैंक खातों, एफडी, पीएफ या शेयर निवेश से जुड़ी जानकारी UDGAM पोर्टल पर जांचें और यदि कोई राशि पड़ी है तो उसका दावा करें।

सदर तहसील में डीएम ने की जनसुनवाई,समस्याओं के गुणवत्ता पूर्ण व त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता व जवाबदेही पर जोर, विभागीय अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद करने के निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जन शिकायतों की सुनवाई की। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 17 जन शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 02 मामलों का निस्तारण मौके पर ही जिलाधिकारी द्वारा कर दिया गया। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित करते हुए उन्होंने निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सिर्फ फाइलों पर निस्तारण न दिखाएं, बल्कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसका फीडबैक अवश्य लें। जब तक शिकायतकर्ता संतुष्ट न हो,तब तक निस्तारण अधूरा माना जाएगा।
उन्होंने गौशालाओं के नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए कहा कि वे गोवंश की देखभाल, चारे-पानी और सुरक्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखें ताकि मौके पर पूछे जाने पर सटीक जानकारी दी जा सके।

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उन्होंने ने कहा कि विभागीय अधिकारी तहसील दिवस और आइजी आरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर समाधान करें और हर शिकायत का फीडबैक पोर्टल पर अपलोड कराएं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और शासन स्तर पर जनपद की रैंकिंग में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिशन शक्ति अभियान भी संचालित है, इसलिए सभी विभाग अपने-अपने दिशा-निर्देशों के अनुरूप महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दें। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ग्राम स्तर पर कार्यों में उदासीनता बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान कई शिकायतकर्ताओं ने सीधे जिलाधिकारी को अपनी समस्याएं बताईं, जिनमें बिजली, सड़क, राजस्व, आवास, और शौचालय निर्माण से संबंधित मुद्दे प्रमुख रहे। जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई का असली उद्देश्य जनता को राहत देना है, न कि सिर्फ रिपोर्ट तैयार करना।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही प्रशासन की सच्ची सफलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में संपूर्ण समाधान दिवस जनता के लिए न्याय और समाधान का प्रभावी माध्यम बनेगा।

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इस दौरान पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.श्रीकांत शुक्ला, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया,तहसीलदार पंकज शाही समेत जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।

लगातार बारिश से बागापार टोला पिपरा में बड़ा हादसा टला

मुख्य मार्ग पर गिरा विशाल पेड़,यातायात और जनजीवन प्रभावित

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को सुबह से हो रही लगातार मूसलधार बारिश ने जिले में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण जगह-जगह पेड़ गिरने और जल-भराव की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बागापार टोला पिपरा में दोपहर करीब 11 बजे एक बड़ा हादसा टल गया।
मिली जानकारी के अनुसार गांव के मुख्य मार्ग पर अचानक एक विशाल यूकेलिप्टस का पेड़ सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और आवागमन ठप पड़ गया। साथ ही पेड़ के साथ गुंथे बिजली के तार टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

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स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घटना के समय यदि कोई व्यक्ति या वाहन उस मार्ग से गुजर रहा होता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। सौभाग्य से उस समय सड़क खाली थी, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
घटना के बाद राहगीरों को दूसरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है, वहीं बिजली आपूर्ति ठप होने से गांव में अंधेरा और असुविधा का माहौल बना हुआ है। कई घरों में पानी घुसने और जलभराव की स्थिति भी देखी जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बारिश के कारण कई पेड़ों की जड़ें कमजोर हो गई हैं और यदि समय रहते इनकी छंटाई नहीं की गई, तो भविष्य में और भी हादसे हो सकते हैं।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत कर शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बारिश के मौसम में सड़कों के किनारे खड़े पुराने पेड़ों की जांच और छंटाई कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।