Saturday, May 2, 2026
Home Blog Page 58

हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला संपन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित “हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का समापन शुक्रवार को यशोधरा सभागार में सम्पन्न हुआ। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, महापौर नगर निगम गोरखपुर ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के ज्ञान-विस्तार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। संग्रहालय न केवल अतीत के संरक्षक होते हैं, बल्कि भविष्य के लिए सांस्कृतिक विरासत के संवाहक भी हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम गोरखपुर में भी शहर के इतिहास को संरक्षित करने के उद्देश्य से संग्रहालय विकसित किया जा रहा है। उन्होंने संग्रहालय द्वारा आयोजित कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और शैक्षिक गतिविधियों को विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
समापन सत्र से पूर्व वैज्ञानिक डॉ. संघर्ष राव (रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स सेंटर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश) ने “डिजिटल हेरिटेज मिशन: स्मार्ट संग्रहालयों और भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रसार हेतु LiDAR एवं GIS का उपयोग” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं वरिष्ठ विरासत संरक्षक अशोक कुमार उपाध्याय (लखनऊ) ने पांडुलिपियों के क्षरण के कारण एवं उनके प्राथमिक उपचार पर प्रकाश डाला तथा संरक्षण संबंधी औषधियों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में लगभग 130 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जिनमें संत कबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, जौनपुर और वाराणसी सहित बिहार एवं उत्तराखंड के प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यशाला में गणित, भूगोल, जीवविज्ञान, शिक्षा शास्त्र, इतिहास एवं पुरातत्व विषयों के शिक्षक व प्रतिभागियों ने भाग लिया।
संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने संगोष्ठी की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 19-20 मार्च तक आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिनों में पांच तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनमें आठ मुख्य वक्तव्यों के माध्यम से महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
समापन सत्र का संचालन आकाशवाणी की वरिष्ठ कलाकार रीता श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ. देव प्रकाश शर्मा एवं तारामंडल गोरखपुर के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

स्वच्छता रैली, रंगोली प्रतियोगिता और स्वास्थ्य जागरूकता के साथ एनएसएस शिविर का छठा दिवस संपन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दिग्विजय नाथ पी.जी. कॉलेज, गोरखपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर के छठे दिवस का शुभारंभ मीराबाई छात्रावास स्थित दिग्विजय नाथ स्मृति सभागार में उत्साहपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, महंत दिग्विजय नाथ एवं राष्ट्र संत अवैद्यनाथ की प्रतिमाओं पर पुष्पार्पण व माल्यार्पण के साथ हुई। इसके पश्चात एनएसएस लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना सभा आयोजित कर स्वयंसेवकों में सेवा, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार किया गया।
इसके उपरांत “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” थीम पर आधारित जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह, आईक्यूएसी प्रभारी प्रो. परीक्षित सिंह तथा प्रॉक्टर डॉ. राम प्रसाद यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से स्वयंसेवकों ने स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। इसके बाद बेतियाहाता स्थित मलिन बस्ती, हनुमान मंदिर एवं मंगलादेवी मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता का व्यवहारिक संदेश दिया।
शिविर के दौरान “विकसित भारत 2047” विषय पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें प्रथम स्थान नंदनी कन्नौजिया, महिम, सोनाली, निखिल, निधि, करिश्मा, काजल की टीम को मिला। द्वितीय स्थान काम्या यादव, अर्चना गुप्ता, पलक, अभिनव यादव, खुशी व गरिमा की टीम तथा तृतीय स्थान हर्षिता त्रिपाठी, प्रियंका चौधरी, अर्पिता कुमारी, चांदनी मिश्रा, प्रियंका गुप्ता, सोहनी मिश्रा व प्रतिभा की टीम को प्राप्त हुआ।
दोपहर के बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रभारी डॉ. अवधेश शुक्ला ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार एवं सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने योग, ध्यान व खेल-कूद को तनावमुक्त जीवन के लिए आवश्यक बताया तथा स्वयंसेवकों को अनुशासित व नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रदीप यादव ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. निधि राय, डॉ. पीयूष सिंह सहित अनेक स्वयंसेवकों का सक्रिय सहयोग रहा।
इस प्रकार एनएसएस शिविर का छठा दिवस स्वच्छता अभियान, रचनात्मक गतिविधियों एवं स्वास्थ्य जागरूकता से परिपूर्ण रहा, जिसने स्वयंसेवकों में सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया।

‘वंदे मातरम् चौक’ बनाने की मांग, राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देने की पहल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में राष्ट्रभक्ति को सशक्त करने और जनभावनाओं के सम्मान में शहर के एक प्रमुख चौराहे का नाम ‘वंदे मातरम् चौक’ रखने की मांग तेज हो गई है। विश्व हिंदू महासंघ की जिला इकाई ने इस संबंध में जिला प्रशासन से पहल करने का आग्रह किया है।
संगठन का कहना है कि यदि कोई भी देशी या विदेशी शक्ति भारत की संप्रभुता को चुनौती देने का प्रयास करेगी, तो ‘वंदे मातरम् चौक’ राष्ट्रवाद के उस शंखनाद का केंद्र बनेगा, जिसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देगी। जिले के हर कोने में देशभक्ति का वातावरण मजबूत करने के उद्देश्य से इस चौक की स्थापना को आवश्यक बताया गया है।
जिला संयोजक संजय चौशल ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। यह मंत्र आज भी देशवासियों में समर्पण और देशप्रेम की भावना उत्पन्न करता है।
जिलाध्यक्ष विकेश कुमार सुमेरी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा चौक घोषित किए जाने के बाद संगठन इसकी जिम्मेदारी स्वयं संभालेगा। इस चौक पर भव्य तिरंगा ध्वज, भारत माता का चित्र, वंदे मातरम् गीत की पट्टिका और यातायात संकेत स्थापित कर इसे सुव्यवस्थित किया जाएगा।
संगठन ने शासन से अपील की है कि आगामी 23 मार्च को शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर शहर के किसी प्रमुख और व्यस्त चौराहे को ‘वंदे मातरम् चौक’ के रूप में नई पहचान दी जाए।

एआई तकनीक से डिजाइन और विनिर्माण पर विशेषज्ञों का मंथन शुरू

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 20 से 25 मार्च तक “कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजाइन से विनिर्माण” विषय पर एक सप्ताह का संकाय विकास कार्यक्रम शुरू हुआ। इस कार्यक्रम को देशभर के 31 से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. राहुल कुमार कर रहे हैं।
कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) वाराणसी, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, जीएलए विश्वविद्यालय तथा पी. पी. सवानी विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए आधुनिक अभियांत्रिकी शिक्षा एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. जीऊत सिंह ने यांत्रिक अभियांत्रिकी में एआई के उपयोग और डिजाइन व विनिर्माण प्रक्रियाओं में इसके प्रभाव को रेखांकित किया। स्वागत भाषण अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हिमांशु पांडेय ने दिया।
कार्यक्रम हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में आयोजित किया जा रहा है, जिससे व्यापक सहभागिता सुनिश्चित हो रही है। इसे ऑटोडेस्क द्वारा संचालित तथा ट्विनटेक इंजीनियरिंग एंड डिजाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) सरनजीत सिंह, कुलपति, केआईआईटी डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय ने यांत्रिक अभियांत्रिकी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोगों पर अपने विचार साझा करते हुए नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में प्रो. एस. एन. तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के प्रमुख संसाधन व्यक्तियों में डॉ. निशा सिंह एवं डॉ. सैगीता प्रियदर्शिनी शामिल हैं। इस संकाय विकास कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को एआई आधारित उपकरणों एवं तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना तथा डिजाइन एवं विनिर्माण के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है।

छात्रावास में सजी कला की महफिल, नृत्य-गायन व काव्य से छात्राओं ने जीता दिल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलकनंदा महिला छात्रावास में नृत्य, गायन एवं स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। कहीं सुरों की मधुर गूंज तो कहीं नृत्य की लयबद्ध झंकार ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया।
स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता में श्वेता सिंह विशेन ने अपनी भावनाओं और विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी (सिद्धार्थ नगर) के पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रावास जीवन व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है। यहां रहने वाले विद्यार्थी अवसाद से दूर रहते हैं और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के अलावा छात्रावास का जीवन भी बहुत कुछ सिखाता है, जो आगे बढ़ने में सहायक होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सहयोग के बिना देश का विकास संभव नहीं है और आत्मनिर्भर बनने के लिए व्यक्तित्व को निखारना आवश्यक है।
इस अवसर पर छात्रावास की अभिरक्षिका डॉ. मीतू सिंह, अधीक्षिका डॉ. पूर्णिमा मिश्रा, संपत्ति अधिकारी डॉ. अमित उपाध्याय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अंत में डॉ. मीतू सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

डंपरों की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक हादसों पर सख्ती

मंडलायुक्त, डीआईजी, एसएसपी व डीएम का कड़ा निर्देश—नियम तोड़ने पर कार्यदाई संस्थाएं होंगी जिम्मेदार

गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)l जनपद में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों में मिट्टी ढोने वाले डंपरों से लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। बीते कुछ दिनों में डंपरों की चपेट में आकर कई लोगों की जान जाने की घटनाओं ने शासन-प्रशासन को गंभीर चिंता में डाल दिया है। इसी क्रम में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ और जिलाधिकारी दीपक मीणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य डंपरों के संचालन में हो रही अनियमितताओं, ओवरस्पीडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को रोकना तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बैठक में बेहद कड़े शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यदाई संस्थाओं को अपने अधीन संचालित सभी वाहनों पर सख्त निगरानी रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी नियमों का पालन किया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि यह लगातार देखने में आ रहा है कि मिट्टी ढोने वाले डंपर तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। कई मामलों में यह भी पाया गया है कि वाहन चलाने वाले चालक प्रशिक्षित नहीं होते या उनके पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता। इस तरह की लापरवाही सीधे-सीधे हादसों को न्योता देती है।
डीआईजी रेंज एस. चनप्पा ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि डंपरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर ओवरस्पीडिंग, गलत रूट पर संचालन और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बैठक में कहा कि पिछले पांच दिनों में डंपरों की चपेट में आकर लोगों का मौत होना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदाई संस्थाएं अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं और यह सुनिश्चित करें कि वाहन तकनीकी रूप से फिट हों।
वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने ड्राइवरों की योग्यता और जिम्मेदारी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के और वैध हैवी लाइसेंस धारक ही डंपर चलाएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कई मामलों में यह देखा गया है कि डंपर चालक बगल में बैठा रहता है और खलासी वाहन चला रहा होता है, जो न केवल अवैध है बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। ऐसी प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी डंपर निर्धारित रूट पर ही संचालित होंगे। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर अन्य रास्तों पर चलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
बैठक में यह महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया कि अधिकांश डंपर चालकों को “चक्कर” (ट्रिप) के आधार पर भुगतान किया जाता है, जिसके कारण वे अधिक कमाई के लालच में तेज गति से वाहन चलाते हैं और अधिक से अधिक चक्कर लगाने का प्रयास करते हैं। यही प्रवृत्ति सड़क हादसों का एक प्रमुख कारण बन रही है। इस पर मंडलायुक्त ने कार्यदाई संस्थाओं को अपनी भुगतान प्रणाली की समीक्षा करने और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी डंपर से दुर्घटना होती है और उसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यदाई संस्था की होगी। ऐसे मामलों में न केवल एफआईआर दर्ज होगी, बल्कि संस्था के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी, जिसमें ब्लैकलिस्टिंग तक शामिल हो सकती है।
बैठक में एडीएम (वित्त) विनीत कुमार सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह, जिला खनन अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करें तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्देशों का पालन हो रहा है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जनपद भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जिसमें डंपरों की गति, चालक की योग्यता, वाहन की फिटनेस और रूट परमिट की गहन जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अब सड़क सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

अधिवक्ताओं को टोल शुल्क से छूट देने की मांग

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। ज्यूडिशियल काउंसिल ने भारत सरकार से देशभर के सभी टोल प्लाज़ा पर अधिवक्ताओं को पूर्णतः टोल शुल्क से मुक्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में काउंसिल के चेयरमैन राजीव अग्निहोत्री ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।

पत्र में कहा गया है कि अधिवक्ता न्याय प्रणाली के अभिन्न स्तंभ हैं, जो विधि के शासन को बनाए रखने, मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और नागरिकों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परिषद के अनुसार अधिवक्ताओं का कार्य केवल पेशा नहीं बल्कि संवैधानिक दायित्व है, जो लोकतंत्र और न्यायिक व्यवस्था के संचालन में सीधा योगदान देता है।

काउंसिल ने बताया कि अधिवक्ताओं को विभिन्न न्यायालयों में पेशी, मुवक्किलों से परामर्श और अन्य कानूनी कार्यों के लिए लगातार यात्रा करनी पड़ती है, कई बार कम समय के नोटिस पर भी। ऐसे में टोल शुल्क का भुगतान उनके लिए एक निरंतर आर्थिक बोझ बन जाता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

चेयरमैन अग्निहोत्री ने कहा कि टोल शुल्क से छूट मिलने पर अधिवक्ताओं की आर्थिक भार कम होगा और वे अधिक दक्षता से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और न्याय व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।

ज्यूडिशियल काउंसिल ने यह भी उल्लेख किया कि कई आवश्यक सेवाओं से जुड़े वर्गों को पहले से टोल में छूट मिलती है। ऐसे में न्याय प्रक्रिया के सुगम संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिवक्ताओं को भी यह सुविधा दी जानी चाहिए।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए काउंसिल ने एक मानकीकृत पहचान प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया है, जैसे सत्यापित डिजिटल पास या आधिकारिक पहचान पत्र, जिसे मौजूदा टोल प्रणाली से जोड़ा जा सके।

काउंसिल ने मंत्री नितिन गडकरी से इस प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यह कदम विधि समुदाय के लिए महत्वपूर्ण होगा और देश की न्याय व्यवस्था को मजबूत करेगा।

Petrol Price Hike: मिडिल ईस्ट संकट का असर, प्रीमियम पेट्रोल महंगा—दिल्ली से मुंबई तक जानें नए रेट

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।

प्रीमियम पेट्रोल हुआ महंगा

Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने अपने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में करीब ₹2.09 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।

• IOCL का XP95
• BPCL का Speed
• HPCL का Power
अब पहले से महंगे हो गए हैं।

ये नई दरें 20 मार्च की रात से लागू हो गई हैं।

आम पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर

राहत की बात यह है कि:

• सामान्य पेट्रोल
• डीजल
की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

हालांकि, औद्योगिक डीजल पर ₹22 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई है।

आपके शहर में पेट्रोल के दाम

देश के विभिन्न राज्यों में सामान्य पेट्रोल के दाम:

• दिल्ली – ₹94.77/लीटर
• गुजरात – ₹94.49/लीटर
• हरियाणा – ₹95.91/लीटर
• पश्चिम बंगाल – ₹106.72/लीटर
• झारखंड – ₹98.38/लीटर
• केरल – ₹106.08/लीटर

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में पेट्रोल ₹103.92/लीटर तक पहुंच गया है।

ये भी पढ़े – बलिया में फरार आरोपी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, घर पर मुनादी—कुर्की की तैयारी तेज

क्यों बढ़े दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक:

• कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार
• मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात
• डॉलर की मजबूती
इन कारणों से पेट्रोल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

रुपये में गिरावट से बढ़ी चिंता

भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है और पहली बार $1 = ₹93 के स्तर से नीचे पहुंच गया है, जिससे आयात महंगा हो गया है।

महंगाई बढ़ने के संकेत

पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों से:

• ट्रांसपोर्ट महंगा होगा
• रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं

जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

ये भी पढ़े – आधी रात में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से दहला जौनपुर, घर में लगी भीषण आग—गृहस्वामी गंभीर झुलसे, लाखों का नुकसान

आधी रात में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से दहला जौनपुर, घर में लगी भीषण आग—गृहस्वामी गंभीर झुलसे, लाखों का नुकसान

मुंगरा बादशाहपुर (राष्ट्र की परम्परा)स्थानीय थाना क्षेत्र के मोहल्ला नईगंज (पुराना डाकखाना गली) में बीती रात करीब 12 बजे एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। दीपक सोनी उर्फ सोनू उम्र 41 वर्ष पुत्र रामजी सोनी के घर में गैस सिलेंडर से अचानक हुए रिसाव के कारण भीषण आग लग गई और जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में लगभग तीन लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई, जबकि गृहस्वामी दीपक सोनी आग बुझाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलस गए।

मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 12 बजे दीपक सोनी अपने पत्नी सावित्री सोनी, बेटे आयुष और बेटियों आयुषी व रम्या के साथ घर में सो रहे थे। अचानक कमरे में गैस भर जाने से सभी को सांस लेने में परेशानी होने लगी। दीपक सोनी की नींद खुली तो उन्होंने स्थिति को भांपते हुए देखा कि गैस सिलेंडर लीक कर रहा है और पूरा कमरा गैस से भर चुका है। स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से जैसे ही दीपक सोनी बिजली का मेन स्विच बंद करने के लिए आगे बढ़े, उसी दौरान स्विच से निकली चिंगारी ने कमरे में फैली गैस को आग पकड़वा दी।

ये भी पढ़े – बलिया में फरार आरोपी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, घर पर मुनादी—कुर्की की तैयारी तेज

देखते ही देखते जोरदार ब्लास्ट हुआ और पूरा कमरा आग की लपटों में घिर गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। आग की भयावहता के बीच किसी तरह परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर निकलने में सफल रहे। इस दौरान दीपक सोनी ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन इसी क्रम में वे गंभीर रूप से झुलस गए।

उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम और स्थानीय लोगों और स्थानीय पुलिस ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

इस आगजनी में रसोई में रखा फ्रिज, गैस चूल्हा, बर्तन और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। वहीं पास में रखी वाशिंग मशीन, लोहे की अलमारी सहित कई कीमती वस्तुएं भी आग की चपेट में आ गईं। विस्फोट इतना भीषण था कि मकान की छत का एक हिस्सा फट गया और एक दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। दरवाजे और खिड़कियां भी बुरी तरह टूट-फूट गईं और जल गईं। बताया जा रहा है कि घर में रखा दूसरा गैस सिलेंडर समय रहते बाहर फेंक दिया गया, जिससे एक और बड़ा धमाका होने से टल गया।

यदि समय रहते यह कदम न उठाया जाता, तो नुकसान और भी भयावह हो सकता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह हादसा इतना भयानक था कि घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लोगो ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे इस भारी नुकसान से उबर सकें।

ये भी पढ़े – देवरिया के कालीचरण घाट पर समाजसेवी की पहल, हैंडपंप ठीक कर लगाया पीपल का पौधा—पर्यावरण का दिया संदेश

देवरिया के कालीचरण घाट पर समाजसेवी की पहल, हैंडपंप ठीक कर लगाया पीपल का पौधा—पर्यावरण का दिया संदेश

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। क्षेत्र के कालीचरण घाट पर पेयजल समस्या और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल सामने आई है। समाजसेवी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य Jagat Jaiswal ने खराब पड़े हैंडपंप को ठीक कराकर लोगों को राहत दी, साथ ही पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

हैंडपंप ठीक होने से मिली राहत

घाट पर पिछले कई महीनों से दोनों हैंडपंप खराब पड़े थे, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को पानी के लिए दूर जाना पड़ता था।
समस्या की जानकारी मिलने पर जगत जायसवाल मौके पर पहुंचे और करीब 40 फीट पाइप लगवाकर हैंडपंप को ठीक कराया, जिससे अब घाट पर आने वाले लोगों को काफी सुविधा मिल रही है।

ये भी पढ़े – संत कबीर नगर: ट्रक की टक्कर से कंबाइन मशीन पुल से गिरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख की मौत

पीपल का पौधा लगाकर दिया संदेश

घाट पर स्थित एक पुराना पीपल का पेड़ सूखकर आग लगने से नष्ट हो गया था। इसके स्थान पर नया पीपल का पौधा लगाया गया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि:

• गर्मी में छांव और पानी दोनों जरूरी हैं
• पर्यावरण संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है

जनसेवा को बताया प्राथमिकता

जगत जायसवाल ने कहा कि जहां भी जनता को जरूरत होगी, वे हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहेंगे।

स्थानीय लोगों का सहयोग

इस कार्य में दिलीप, दिनेश, नाथू प्रसाद, रामपत, प्रदीप प्रसाद और अभिषेक समेत कई लोगों ने सहयोग किया।

अतिक्रमण की भी समस्या

बताया जाता है कि कालीचरण घाट पर दाह संस्कार, स्नान-ध्यान और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या भी बनी हुई है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।

ये भी पढ़े – बलिया में फरार आरोपी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, घर पर मुनादी—कुर्की की तैयारी तेज

बलिया में फरार आरोपी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, घर पर मुनादी—कुर्की की तैयारी तेज

सिकंदरपुर /बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। थाना क्षेत्र के ग्राम कठौरा में फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के घर पहुंचकर कुर्की की उद्घोषणा की कार्रवाई की।

कोर्ट के आदेश पर एक्शन

पुलिस के अनुसार ग्राम कठौरा निवासी संजीत राजभर (पुत्र हरिंदर राजभर) के खिलाफ मुकदमा संख्या 288/2024 दर्ज है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था।
इस पर न्यायालय ने Section 82 CrPC के तहत उद्घोषणा जारी की।

गांव में मुनादी, घर पर चस्पा नोटिस

शुक्रवार को पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची और:

• डुगडुगी पिटवाकर गांव में मुनादी कराई
• उद्घोषणा पत्र घर के बाहर चस्पा किया
• ग्रामीणों के बीच सार्वजनिक घोषणा की
पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी को तय समय के भीतर कोर्ट में पेश होना होगा।

ये भी पढ़े – तेज रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइक, तीन की हालत गंभीर

नहीं आने पर होगी कुर्की

पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी निर्धारित समय में अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए कुर्की (संपत्ति जब्ती) की प्रक्रिया लागू की जाएगी।

पुलिस टीम रही मौजूद

इस कार्रवाई के दौरान Chandrashekhar Yadav के नेतृत्व में पुलिस टीम मौजूद रही, जिसमें कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

पुलिस की अपील

पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि आरोपी के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत सूचना दें, ताकि उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

ये भी पढ़े – संत कबीर नगर: ट्रक की टक्कर से कंबाइन मशीन पुल से गिरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख की मौत

संत कबीर नगर: ट्रक की टक्कर से कंबाइन मशीन पुल से गिरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख की मौत

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मगहर स्थित नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह हुए सड़क हादसे में पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र यादव, प्रधान (50) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब एक अज्ञात ट्रक की टक्कर से कंबाइन मशीन अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी।

घायलों में कंबाइन चालक दिनेश राठौर (24), निवासी सोनपरी, थाना खुटार, शाहजहांपुर और खलासी सोनपाल कश्यप (27) शामिल हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

ये भी पढ़े – महराजगंज में शुरू हुआ विरासत बचाने का अभियान, आमजन भी बनेंगे भागीदार

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जद्दूपुर गांव निवासी और ब्रह्मपुर ब्लॉक के पूर्व प्रमुख देवेंद्र यादव पंजाब से नई कंबाइन मशीन लेकर लौट रहे थे। मगहर क्षेत्र में आमी नदी पुल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद मशीन का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकराकर रेलिंग तोड़ते हुए पुल से नीचे लटक गई।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन की तलाश के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं।

ये भी पढ़े- तेज रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइक, तीन की हालत गंभीर

तेज रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइक, तीन की हालत गंभीर

राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिर हादसा, लापरवाही और ओवरस्पीडिंग पर उठे सवाल



महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे का है, जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर मार्ग के पास हुआ। बताया जा रहा है कि गोरखपुर जनपद के गुलरिया थाना क्षेत्र के मलंग स्थान निवासी लक्ष्मण कुमार अपनी भाभी और एक मासूम बच्ची के साथ मोटरसाइकिल से परतावल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही दूसरी बाइक ने अचानक उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
दूसरी मोटरसाइकिल पर महराजगंज के कोतवाली थाना क्षेत्र के विजयपुर बागापार निवासी बेचन अपने एक साथी के साथ सवार थे, जो भटहट से लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार सभी लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में तीन लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य को भी चोटें लगी हैं।
घटना की सूचना मिलते ही श्यामदेउरवा थाने के उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों मोटरसाइकिलों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने बताया कि इस सड़क पर न तो पर्याप्त ट्रैफिक निगरानी है और न ही गति नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए गए हैं। कई बार प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही, वाहन चालकों से भी अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और तेज रफ्तार से बचें।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों में लगातार वृद्धि का मुख्य कारण ओवरस्पीडिंग, हेलमेट का उपयोग न करना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। जरूरत है कि प्रशासन और आमजन दोनों मिलकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि अनमोल जीवन को बचाया जा सके।

महराजगंज में शुरू हुआ विरासत बचाने का अभियान, आमजन भी बनेंगे भागीदार

ज्ञान भारतम् मिशन से सहेजी जाएगी विरासत: महराजगंज में 75 साल पुरानी पांडुलिपियों का होगा बड़ा सर्वे

📌 महराजगंज से बड़ी पहल: ज्ञान भारतम् मिशन को मिली गति


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में ज्ञान भारतम् मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बिखरी पड़ी प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों, दुर्लभ अभिलेखों और ग्रंथों को खोजकर सुरक्षित करना और उन्हें डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करना है। प्रशासन ने इस मिशन को एक जनभागीदारी अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
📚 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों का सर्वे शुरू
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत जिले में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए। इसके तहत—
मठ, मंदिर और आश्रम
विद्यालय एवं महाविद्यालय
पुस्तकालय और शोध संस्थान
निजी संगठनों एवं व्यक्तियों
से संपर्क कर 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों और ग्रंथों की सूची तैयार की जाएगी।
यह सर्वेक्षण सिर्फ दस्तावेजों को एकत्र करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी स्थिति, महत्व और विषयवस्तु का भी आकलन किया जाएगा।
💻 डिजिटलीकरण से सुरक्षित होगी बौद्धिक विरासत
बैठक में बताया गया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों का—
वैज्ञानिक संरक्षण,डिजिटल स्कैनिंग,कैटालागिंग (सूचीकरण),अभिलेखीकरण
किया जाएगा।
इस प्रक्रिया से सदियों पुरानी ज्ञान परंपरा को न केवल सुरक्षित रखा जाएगा, बल्कि उसे शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए भी सुलभ बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन ज्ञान, दर्शन और साहित्य की भूमि रहा है, इसलिए इस मिशन में प्रदेश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
🔒 स्वामित्व रहेगा सुरक्षित, बढ़ेगा विश्वास
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान के तहत किसी भी पांडुलिपि का स्वामित्व नहीं बदलेगा।
पांडुलिपियां जिस व्यक्ति या संस्था के पास हैं, उनके पास ही रहेंगी।
केवल उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
मालिक की पहचान और अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
यह व्यवस्था लोगों में विश्वास पैदा करेगी और अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकेंगे।
🏛️ तीन माह में पूरा होगा सर्वे
बैठक में तय किया गया कि पूरे जिले में सर्वेक्षण कार्य तीन माह के भीतर पूरा किया जाएगा।
तैयार सूची को संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत राजकीय अभिलेखागार को भेजा जाएगा, जहां से आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके बाद विशेषज्ञों की टीम संबंधित स्थानों पर जाकर—
पांडुलिपियों का परीक्षण।
संरक्षण कार्य।
डिजिटलीकरण।
सुनिश्चित करेगी।
📱 आमजन की भागीदारी: ऐप से जुड़ें अभियान
ज्ञान भारतम् मिशन को जन-आंदोलन बनाने के लिए प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है।
अब कोई भी व्यक्ति अपने पास उपलब्ध पुरानी पांडुलिपियों की जानकारी ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से साझा कर सकता है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी अनमोल धरोहरें भी सामने आ सकेंगी।
👥 बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें—मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ,डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया,जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा
जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी,डीपीआरओ श्रेया मिश्रा,अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार,जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के प्राचार्य अजय कुमार मिश्रा ,सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
🌟 क्यों खास है ज्ञान भारतम् मिशन?
ज्ञान भारतम् मिशन सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।
इससे—
दुर्लभ ग्रंथों का संरक्षण होगा।
शोध कार्य को नई दिशा मिलेगी।
युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
महराजगंज में इस मिशन की शुरुआत एक सकारात्मक संकेत है कि अब स्थानीय स्तर पर भी विरासत संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।

श्मशान घाट की बदहाली पर समाजसेवी की पहल, कालीचरण घाट पर बना समतल रास्ता बना राहत का कारण

जब प्रशासन चूका, तब आगे आए अभय मिश्रा—श्मशान घाट की तस्वीर बदली



भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)देवरिया जनपद के भागलपुर क्षेत्र स्थित कालीचरण घाट के पास बने श्मशान घाट की लंबे समय से चली आ रही बदहाली आखिरकार एक समाजसेवी की पहल से सुधरती नजर आ रही है। वर्षों से उपेक्षित इस श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। घाट तक पहुंचने के लिए न तो कोई समुचित रास्ता था और न ही जमीन समतल थी, जिससे हर बार लोगों को जोखिम उठाकर नीचे उतरना पड़ता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कालीचरण घाट के समीप स्थित यह श्मशान घाट क्षेत्र का प्रमुख अंतिम संस्कार स्थल है, जहां रोजाना कई लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने पहुंचते हैं। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए जो रास्ता था, वह बेहद खतरनाक और असुविधाजनक था। ऊंची-नीची जमीन, दरारें और ढलानें लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई थीं। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह रास्ता किसी चुनौती से कम नहीं था। कई बार लोग फिसलकर गिर भी जाते थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी।
ऐसे हालात में जब समाजसेवी एवं भावी जिला पंचायत प्रत्याशी अभय मिश्रा एक अंतिम संस्कार में शामिल होने वहां पहुंचे, तो उन्होंने इस समस्या को करीब से देखा। घाट की स्थिति को देखकर उन्होंने तुरंत इसे सुधारने का निर्णय लिया। बिना किसी देरी के उन्होंने जेसीबी मशीन मंगवाई और अपने निजी खर्च से घाट की सफाई और समतलीकरण का कार्य शुरू कराया।
समतलीकरण के दौरान घाट पर मिट्टी और रेत डालकर जमीन को समतल किया गया, जिससे एक वैकल्पिक कच्चा मार्ग तैयार हो सका। इस कार्य के पूरा होने के बाद अब घाट तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। लोग अब बिना किसी जोखिम के अपने परिजनों के शव को घाट तक ले जा सकते हैं और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सम्मानजनक ढंग से पूरा कर सकते हैं।
इस पहल के बाद स्थानीय लोगों में काफी खुशी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में अभय मिश्रा द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है और अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
स्थानीय निवासी कहते हैं कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थान पर बुनियादी सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। यह केवल एक रास्ते का निर्माण नहीं है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं का सम्मान भी है। इस कार्य से न केवल लोगों की परेशानी कम हुई है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक समाप्त हो गई है।
समाजसेवी अभय मिश्रा ने कहा कि उन्होंने यह कार्य मानवता के नाते किया है और भविष्य में भी क्षेत्र के विकास के लिए इसी तरह प्रयास करते रहेंगे। उनका मानना है कि समाज की छोटी-छोटी समस्याओं को समय रहते हल करना ही सच्ची सेवा है।
यह पहल न सिर्फ एक रास्ता बनाने की कहानी है, बल्कि यह दिखाती है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो बिना किसी सरकारी सहायता के भी समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। कालीचरण घाट का यह श्मशान घाट अब लोगों के लिए राहत का प्रतीक बन चुका है।