Monday, July 6, 2026
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गोरखपुर महोत्सव 2026 की तैयारियां शुरू

मंडलायुक्त ने सौंपी जिम्मेदारियां

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी वर्ष गोरखपुर महोत्सव-2026 की तैयारियों को लेकर बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध और सुनियोजित ढंग से पूरी की जाएं, ताकि यह आयोजन अगले वर्ष और भी भव्य रूप में सामने आए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि गोरखपुर महोत्सव 2026 का आयोजन 10, 11 और 12 जनवरी को चम्पा देवी पार्क में किया जाएगा। महोत्सव में इस बार हॉलीवुड और बॉलीवुड कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी नृत्य, संगीत और लोककलाओं की प्रस्तुति देकर गोरखपुरवासियों का मनोरंजन करेंगे।

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मंडलायुक्त ने बताया कि महोत्सव के नोडल अधिकारी जीडीए उपाध्यक्ष होंगे। उन्होंने आयोजन से संबंधित सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपीं और कहा कि सभी अधिकारी अपनी तैयारियां पहले से सुनिश्चित करें ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। महोत्सव का उद्घाटन राज्य की संस्कृति मंत्री द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों से किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जीडीए सचिव पुष्प राज सिंह, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय, पर्यटन अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त ने सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, मंच सज्जा, विद्युत आपूर्ति, जल व्यवस्था, पार्किंग और अतिथि सत्कार की जिम्मेदारियां संबंधित विभागों को सौंपीं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव अब क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।

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इसलिए अगले वर्ष 2026 में होने वाला यह आयोजन पिछले आयोजन से अधिक आकर्षक और यादगार बनाने का लक्ष्य रखा गया है। महोत्सव में विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि यह आयोजन जनसहभागिता का प्रतीक बन सके।

घर से निकली किशोरी मरियम की मौत ने गांव को दहला दिया

देवरिया के अन्हारबारी गांव में दसवीं की छात्रा का शव मिलने से फैली सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका — पुलिस ने शुरू की गहन जांच

देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा) जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के अन्हारबारी गांव में मंगलवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के एक पोखरे में 16 वर्षीय छात्रा का शव उतराता हुआ मिला। मृतका की पहचान इसी गांव के इसरायल की पुत्री मरियम के रूप में हुई, जो बखरा इंटर कॉलेज में कक्षा दस की छात्रा थी।परिजनों के अनुसार, मरियम मंगलवार दोपहर करीब दो बजे घर से कुछ कहे बिना बाहर निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजन जब उसकी तलाश में जुटे थे, तभी रात करीब आठ बजे गांव के एक व्यक्ति ने पोखरे में कुछ संदिग्ध वस्तु तैरती देखी। पास जाकर देखने पर वह मरियम का शव निकला।

सूचना फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।सूचना पाकर गौरी बाजार थाना प्रभारी राहुल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। परिजनों का आरोप है कि मरियम किसी के बुलावे में घर से निकली और उसकी हत्या कर शव को पोखर में फेंक दिया गया।थाना प्रभारी राहुल सिंह ने बताया कि किशोरी का शव बरामद कर लिया गया है और मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी। पुलिस हर दिशा में जांच कर रही है

🔥 तालिबान का पाकिस्तान पर भीषण प्रहार

रूसी टैंकों संग हमला, पाक सैनिकों की पैंटें बंदूकों पर टांगीं – सीमा पर जंग का अलार्म!

काबुल/इस्लामाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खूनी जंग में तब्दील हो गया है। मंगलवार देर रात और बुधवार तड़के अफगान तालिबान ने पाकिस्तान की सीमा चौकियों पर जबरदस्त हमला बोल दिया। इस बार तालिबान ने रूस के पुराने युद्ध टैंकों को भी मैदान में उतार दिया — वे टैंक जो कभी सोवियत सेना से छीने गए थे।

तालिबान ने बयान जारी कर कहा कि “पाकिस्तान ने हमारे 12 मासूम नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया, जिसका जवाब हमने खून से दिया है।” तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तान के कई सैनिकों को मार गिराया है और कईयों को जिंदा पकड़ लिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने पकड़े गए सैनिकों की पैंटों को अपनी बंदूकों पर टांग कर सीमा क्षेत्रों में गश्त लगाई — जो पाकिस्तान के लिए अपमानजनक दृश्य बन गया।

पाकिस्तानी सेना की सफाई – ‘हमने हमले विफल किए’
पाकिस्तान की सेना ने कहा कि अफगानिस्तान के तालिबान द्वारा दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों में किए गए दो बड़े हमलों को विफल कर दिया गया। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, दक्षिणी कंधार प्रांत में अफगान सीमा के पास स्पिन बोल्डक में हुए हमले में लगभग 20 तालिबान लड़ाके मारे गए।

हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने यह भी माना कि उत्तर-पश्चिमी सीमा पर रात भर चली झड़पों में 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की संभावना है। वहीं सीमावर्ती जिले ओरकजई में हुए एक अन्य हमले में छह पाकिस्तानी अर्धसैनिक जवान मारे गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

अफगानिस्तान का पलटवार – ‘पाकिस्तान ने पहले हमला किया’
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने अफगान क्षेत्र में हल्के और भारी हथियारों से हमला किया, जिसमें 15 नागरिकों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान बार-बार हमारी सीमाओं का उल्लंघन कर रहा है, हम अपनी जमीन की रक्षा करना जानते हैं।”

यह झड़प पिछले सप्ताह हुए उस टकराव की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसमें अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर बदले की कार्रवाई की थी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में काबुल में हुए हमले के लिए पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था।

रूसी टैंकों की दहाड़ से कांपा सीमा इलाका
रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान ने इस बार रूसी मूल के पुराने टी-55 और टी-62 टैंकों का इस्तेमाल किया, जो कभी सोवियत युद्ध में इस्तेमाल हुए थे और अब तालिबान के नियंत्रण में हैं। सीमा क्षेत्रों में टैंकों की गड़गड़ाहट से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

सीमा पर हालात बिगड़े – नागरिकों में दहशत
सीमा पार के गांवों में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। दर्जनों घर तबाह हुए, कई नागरिकों की मौत हुई और अस्पतालों में घायल सैनिकों और नागरिकों की भीड़ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।

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सफाई कर्मचारी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या, कर्मचारियों ने चक्काजाम कर जताया आक्रोश

मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। खुरई नगर के सिंधी कैंप में एक सफाई कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान दीपक पथरोल शास्त्री के रूप में हुई है। घटना बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे हुई, जब एक युवक ने सफाईकर्मी पर हमला किया। मौके पर मौजूद लोग कुछ नहीं कर सके।

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सूचना मिलते ही नगरपालिका अधिकारी और भारी पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे। घटना से गुस्साए सफाईकर्मियों ने परसा तिराहा पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने रास्ता कचरे से भरे नगरपालिका वाहनों से जाम कर दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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मृतक के परिजनों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और बुल्डोजर से उसके घर को गिराने की मांग की है। शहर के प्रमुख चौराहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। मौके पर एसडीएम मनोज चौरसिया, नगरपालिका सीएमओ राजेश मेहतेले और भारी पुलिस बल मौजूद हैं।

आंबेडकर प्रतिमा विवाद: शहर छावनी में, 4,000 जवान तैनात

ग्वालियर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। ग्वालियर में आंबेडकर प्रतिमा विवाद के बीच सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 15 अक्टूबर को आंबेडकर समर्थकों के बड़े प्रदर्शन की चेतावनी के मद्देनजर पुलिस ने पूरे शहर को छावनी में बदल दिया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है और शहर में 4,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं।

विवाद की शुरुआत छह महीने पहले ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुई थी। वकीलों के दो धड़े इसमें आमने-सामने थे। मामला तब और भड़क गया जब बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद आंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी समेत संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया।

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पिछले दंगों (2 अप्रैल 2018) को देखते हुए पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। शहर के 50 से अधिक प्वाइंट्स पर पुलिस बेरिकेड लगाकर निगरानी कर रही है। बार काउंसिल अध्यक्ष के घर के आसपास 6 लेयर बेरिकेड और 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।

ग्वालियर के अलावा आसपास के जिलों शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड में भी हाईवे नाकेबंदी की गई है। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है और अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट हटाई जा चुकी हैं।

सीएसपी हिना खान ने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आम जनता से सहयोग की अपील की गई है।

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“अब हर घर में दीया जलेगा, गैस मुफ़्त और दंगा शून्य प्रदेश रहेगा— सीएम योगी”

त्योहारों की खुशियों में खलल डालने वालों के लिए जेल के दरवाज़े खुले, गरीब माताओं को योगी सरकार का ‘दिवाली तोहफ़ा’ — मुफ़्त एलपीजी सिलेंडर”

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रदेशवासियों को दोहरी सौगात दी — एक तरफ़ त्योहारों की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया, तो दूसरी ओर 1 करोड़ 86 लाख उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को दिवाली पर मुफ़्त रसोई गैस सिलेंडर का तोहफ़ा घोषित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “त्योहारों की खुशियों में खलल डालने की कोशिश करने वाले सीधे जेल जाएंगे, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह ऐलान मुफ़्त एलपीजी सिलेंडर वितरण कार्यक्रम में किया, जहाँ उन्होंने लाभार्थियों, अधिकारियों और अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह पहल गरीब परिवारों, महिलाओं और वंचित वर्गों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम है।

योगी ने कहा, “त्योहार समाज में सामूहिकता और सौहार्द का प्रतीक हैं। यदि कोई व्यक्ति इन पर्वों की शांति और आनंद को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो जेल की सलाखें उसका इंतज़ार कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में पिछले आठ वर्षों में सभी त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में मनाए गए हैं। यह अब दंगाइयों के आगे झुकने वाली सरकार नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार ने गरीबों को त्योहारों पर दो बार — होली और दिवाली — मुफ़्त रसोई गैस सिलेंडर देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि किसी गरीब परिवार को त्योहार पर रसोई गैस की चिंता न करनी पड़े। यह सरकार लोक कल्याण के लिए समर्पित है, जो जरूरतमंदों तक बिना भेदभाव के राहत पहुँचाने में विश्वास रखती है।”

योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की सराहना करते हुए कहा कि 2014 से पहले किसी भी गरीब परिवार को रसोई गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। “आज 11 वर्षों में देशभर में 11 करोड़ से अधिक परिवारों को रसोई गैस का लाभ मिला है, जिनमें से अकेले उत्तर प्रदेश में 1.86 करोड़ लाभार्थी हैं,” उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पहले जो परिवार लकड़ी, कोयला या मिट्टी के तेल से खाना बनाते थे, उन्हें अब एलपीजी की सुविधा मिली है, जिससे महिलाओं को धुएं और कठिनाई से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं के जीवन में “सम्मान, सुविधा और सुरक्षा” का नया अध्याय खोला है।

योगी ने कार्यक्रम में अपने कैबिनेट सहयोगियों सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा, संजय सेठ और महापौर सुषमा खरकवार का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास “त्योहारों को खुशियों और समरसता से भरने का प्रयास” है।

त्योहारों के मौसम में सरकार की यह सौगात न सिर्फ़ गरीब माताओं के चेहरे पर मुस्कान लाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को “शांति, सुरक्षा और समृद्धि” के मार्ग पर अग्रसर रखने का संदेश भी दे रही है।

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रेल हादसे में दंपती की दर्दनाक मौत

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के चकिया गांव के पास बुधवार सुबह रेल हादसे में एक बुजुर्ग दंपती की मौत हो गई। दोनों रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी गोरखपुर-गोंडा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गए।
मृतकों की पहचान 75 वर्षीय प्रहलाद और उनकी 70 वर्षीय पत्नी संतराजी देवी के रूप में हुई है। बताया गया कि प्रहलाद पूर्व नगर सहकारी बैंक के कर्मचारी रह चुके थे और अखिल भारतीय गोंड महासभा के प्रांतीय संरक्षक भी थे। हादसे के समय वे बस्ती में आयोजित संगठन के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दंपती को सुनने में कठिनाई थी। जिससे वे ट्रेन की आवाज नहीं सुन पाए और यह दर्दनाक दुर्घटना हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के अनुसार मृतक के चार बेटे और एक बेटी हैं। परिवार खलीलाबाद शहर के माली टोला में रहता है। बताया गया कि दंपती दो दिन पहले गांव में धान की फसल देखने आए थे और बुधवार सुबह लौटते समय यह हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

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मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के काफिले की गाड़ी का भीषण एक्सीडेंट, दो कारों में आमने-सामने टक्कर, पांच लोग घायल

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अमृतसर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पंजाब के गुरदासपुर जिले में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के काफिले की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। जानकारी के अनुसार, कलानौर रोड पर मंत्री की पायलट कार की एक स्विफ्ट कार से आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई। हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और पांच लोग घायल हुए, जिनमें चार सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।

हादसे के तुरंत बाद मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ खुद राहत और बचाव कार्य में जुट गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्विफ्ट कार के एयरबैग खुल गए और घायलों को सिर व चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद हाईवे पर ट्रैफिक जाम लग गया। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने वाहनों को हटवाकर मार्ग सुचारू कराया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

💥 “सचिवों का संग्राम: बीडीओ परतावल के खिलाफ फूटा आक्रोश, एकतरफा कार्रवाई से भड़के पंचायत सचिव”

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड परतावल में पंचायत सचिवों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) संतोष यादव के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष राकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में सचिवों ने बीडीओ की कार्रवाई को “एकतरफा, अनुचित और अपमानजनक” बताते हुए तीव्र नाराजगी जताई।

बैठक में यह मुद्दा जोरशोर से उठा कि 13 अक्टूबर को ग्राम पंचायत रामपुर चकिया से जुड़े एक सचिव के विरुद्ध बिना जांच और कारण बताए कार्रवाई की गई। सचिवों ने कहा कि यह न केवल एक व्यक्ति के खिलाफ अन्याय है बल्कि पूरे सचिव समुदाय के मनोबल पर चोट है।

सचिवों का कहना था कि कुछ ही दिन पहले सभी सचिवों ने बीडीओ से मुलाकात कर सौहार्दपूर्ण माहौल में काम करने और पारदर्शिता बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने बीडीओ से “अभिभावक की भूमिका” निभाने की अपेक्षा भी की थी। बावजूद इसके, अचानक हुई एकतरफा कार्रवाई से सचिवों में असंतोष फैल गया है।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक सचिव विकासखंड और जनपद स्तरीय व्हाट्सएप ग्रुपों एवं विभागीय बैठकों से दूरी बनाए रखेंगे।
सचिवों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की पारदर्शी जांच नहीं कराई गई, तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होंगे।

बैठक में मौजूद सचिवों में चंद्रशेखर सिंह, सृष्टि सिंह, प्रियंका दुबे, एकलाख अहमद, विवेक कुमार, सत्येंद्र कुमार, डॉ. आशीष सिंह, विकास कुमार सिंह, सुधीर सिंह, जितेंद्र कुमार, गोपेश्वर पटेल, सूरज गोड़ और मांडवी सिंह शामिल रहे।

इस पूरे मामले पर बीडीओ संतोष यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, परंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मंदिर का धन देवता की संपत्ति, सरकार का नहीं; ट्रस्टी केवल संरक्षक, दुरुपयोग पर वसूली के आदेश

शिमला (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंदिरों की आय और दान राशि के उपयोग को लेकर ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और राकेश कैंथला की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि मंदिर का धन देवता की संपत्ति है, सरकार का नहीं और ट्रस्टी केवल इसके संरक्षक हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी मंदिर अपनी मासिक आय, परियोजनाओं और ऑडिट की जानकारी सार्वजनिक करें।

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अदालत ने यह भी कहा कि मंदिर के धन का उपयोग केवल धार्मिक, शैक्षणिक, सामाजिक सुधार और तीर्थयात्रियों के कल्याण जैसे उद्देश्यों के लिए हो सकता है। सरकारी योजनाओं, सड़कों, पुलों और भवन निर्माण पर मंदिर का पैसा खर्च नहीं होगा।

कोर्ट ने मंदिरों को समाज सुधार के केंद्र बनाने पर जोर देते हुए कहा कि वे अंतरजातीय विवाह, शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करें, जिससे युवा पीढ़ी मंदिरों से जुड़ सके।

भाषा एवं संस्कृति विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल के 12 प्रमुख मंदिरों से 10 साल में 361 करोड़ रुपये की आय हुई है। इनमें ज्वालामुखी, तारा देवी, संकटमोचन और बाबा बालक नाथ मंदिर शामिल हैं।

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हाईकोर्ट ने कहा कि मंदिर केवल पूजा के स्थल नहीं, बल्कि सेवा, शिक्षा और समाज उत्थान के केंद्र बन सकते हैं, जो हिंदू धर्म की करुणा और समावेशिता की भावना को आगे बढ़ाएं।

‘महाभारत’ के कर्ण पंकज धीर का निधन, अर्जुन बने फिरोज बोले– “एक बहुत ही अच्छे दोस्त को खो दिया”

एंटरटेनमेंट (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में कर्ण का यादगार किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता पंकज धीर का निधन हो गया है। बुधवार (15 अक्टूबर) सुबह करीब 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। हालांकि, उनके निधन के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। यह खबर सामने आते ही टीवी इंडस्ट्री और फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है।

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‘महाभारत’ में अर्जुन का किरदार निभाने वाले अभिनेता फिरोज खान ने अमर उजाला से बात करते हुए इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने भावुक होकर कहा, “हां, यह सच है कि वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। मैंने एक बहुत ही अच्छे दोस्त को खो दिया है। पंकज एक बेहद अच्छे इंसान और शानदार कलाकार थे। मैं अभी भी सदमे में हूँ।”

फैंस सोशल मीडिया पर अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। पंकज धीर को उनकी शानदार एक्टिंग और कर्ण के दमदार रोल के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

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इंस्टाग्राम पर दोस्ती बनी खौफनाक: मिलने से इनकार पर महिला के बेटे का अपहरण, लखनऊ से दिल्ली पुलिस ने किया रेस्क्यू

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दक्षिण पूर्व दिल्ली की अमर कॉलोनी थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से चार साल के एक मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपी की पहचान सुधाकर सिंह के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुधाकर सिंह की बच्चे की मां से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। आरोपी लगातार महिला पर मिलने का दबाव डाल रहा था, लेकिन महिला ने मिलने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने बदले की भावना से बच्चे के अपहरण की साजिश रची और उसे घर के बाहर से उठा लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस तुरंत हरकत में आई। अमर कॉलोनी थाने की टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर लखनऊ में दबिश दी। पुलिस ने मासूम को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर दिल्ली ले आई।

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प्रशांत किशोर ने सत्ता में आते ही 100 सबसे भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों की अवैध कमाई जब्त करने का किया वादा

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को बिहार की राजनीति में एक बड़ा सनसनीखेज एलान किया है। किशोर ने दावा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आते ही राज्य के 100 सबसे भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले महीने के भीतर ही इन लोगों की अवैध कमाई जब्त कर सरकारी खजाने में जमा कर दी जाएगी, जिसे बिहार के विकास के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

किशोर ने कहा, “हमने बिहार को भू-माफिया, रेत माफिया और अन्य सभी प्रकार के भ्रष्ट तत्वों से मुक्त करने का वादा किया है। इसके लिए हमने छह अहम वादे किए हैं, जिनमें फर्जी शराबबंदी नीति को खत्म करना भी शामिल है।।”

किशोर ने साफ कहा कि भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों पर मुकदमा चलाकर उनकी अवैध कमाई जब्त की जाएगी और यह धन सीधे बिहार के विकास में लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में भ्रष्टाचार व्याप्त है, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले इस गठबंधन की छवि, लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जितनी खराब नहीं है।

प्रशांत किशोर ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सत्ता में आने से पहले ही भ्रष्ट नेता और नौकरशाह इसके लिए पूजा-पाठ कर रहे होंगे। हमें उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी है।” उन्होंने यह भी कहा कि ‘जमीन के बदले नौकरी घोटाले’ में लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव पर आरोप तय होने पर यह कोई नई खबर नहीं होगी, क्योंकि उनकी छवि पहले से ही दागदार है।

किशोर ने राजग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सम्राट चौधरी, जो सात लोगों की हत्या से संबंधित मामले में आरोपी हैं, फिर भी उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं। “उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र दिखाकर मुकदमे से बच निकले, जबकि घटना के समय वह नाबालिग थे। यह साफ संकेत है कि राजग में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है।”

इस बयान के बाद बिहार की सियासी हलचल और तेज होने की संभावना है। प्रशांत किशोर की सख्त नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग बिहार के आम नागरिकों में उम्मीद की नई किरण जगा सकती है।

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बुलंदशहर: 18 माह के मासूम की हत्या, संदूक में मिली लाश; आरोपी परिजनों संग करता रहा तलाश

उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बुलंदशहर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नरसेना थाना क्षेत्र के नित्यानंदपुर नंगली गांव में मंगलवार शाम 18 माह के मासूम माधव का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस को जांच में पता चला कि हत्यारे ने बच्चे के शव को अपने घर में रखे संदूक में रजाई के नीचे छिपा दिया और खुद पर शक न हो इसलिए वह परिजनों के साथ बच्चे की तलाश का नाटक करता रहा।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अचानक डेढ़ वर्षीय माधव लापता हो गया था। परिवार ने पूरे गांव में तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इस बीच पुलिस को गांव के ही पड़ोसी अंकुश पर शक हुआ। जब पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली, तो संदूक में रजाई के नीचे से मासूम का शव बरामद हुआ।

पुलिस ने तुरंत आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या की वजह और साजिश का खुलासा किया जा सके।

इस निर्मम वारदात के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और भय का माहौल है। लोग यह सोचकर सिहर उठे हैं कि जो व्यक्ति बच्चे की तलाश में साथ था, वही मासूम का हत्यारा निकला। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और विधिक कार्रवाई जारी है।

आईजीआरएस में उलटबांसी: सूचना मांगने वाले पर ही आरोप, रिपोर्ट में बना दिया आरोपी

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)ग्राम पंचायत निजामाबाद के एक युवक द्वारा जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी अब विवादों में घिर गई है। एक वर्ष तक सूचना न मिलने पर युवक ने ऑनलाइन आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि निस्तारण रिपोर्ट में शिकायतकर्ता को ही आरोपी बना दिया गया।ग्रामीण क्षेत्र सलेमपुर ब्लॉक के निजामाबाद निवासी आमिर खान पुत्र नियाजुद्दीन ने ग्राम सचिव से सूचना मांगने के लिए कई बार पत्र लिखे, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। अंततः उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कर दी। कुछ ही दिनों में मामला “निस्तारित” दिखा दिया गया। रिपोर्ट में न केवल यह लिखा गया कि आमिर खान ने कोई सूचना कभी मांगी ही नहीं, बल्कि उन पर ग्रामीणों को भड़काने और धन उगाही जैसे गंभीर आरोप लगा दिए गए।पत्र के अनुसार, यह रिपोर्ट सहायक विकास अधिकारी (सलेमपुर-देवरिया) द्वारा जिला पंचायतराज अधिकारी देवरिया को भेजी गई थी, जिसमें लिखा गया है कि आमिर खान ने अब तक कोई सूचना नहीं मांगी और वे ग्राम पंचायत में भ्रम फैलाकर योजनाओं में बाधा डाल रहे हैं। यही रिपोर्ट आईजीआरएस पोर्टल पर निस्तारण का आधार बना दी गई।उधर, शिकायतकर्ता आमिर खान ने इसका खंडन किया है। उनका कहना है कि उन्होंने एक वर्ष से लगातार सूचना मांगी है, जिसका स्पष्ट प्रमाण उनके पास मौजूद है। आमिर द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि स्वयं सहायक विकास अधिकारी कार्यालय कर्मियों से सूचना तैयार करने की बात कह रहे हैं। यह वीडियो इस बात की पुष्टि करता है कि सूचना वास्तव में मांगी गई थी।आमिर खान का कहना है कि ऐसे फर्जी निस्तारण से न केवल सूचना के अधिकार का उल्लंघन हुआ है, बल्कि सरकारी पोर्टल की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठता है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि निस्तारण रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी साधारण व्यक्ति की वैध शिकायत को उलटा उसी पर दोष मढ़कर बंद किया जाने लगे, तो आम जनता का शासन-प्रशासन पर भरोसा कमजोर पड़ जाएगा।

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