मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल पशु आरोग्य मेले का स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण ब्लॉक परदहा में पशुपालन विभाग के तत्वाधान में उमापुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा जिला महामंत्री राघवेंद्र शर्मा ,डॉक्टर जीएस अंसारी, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सदर मऊ व पशु चिकित्सा अधिकारी पीपरीडीह इटौरा ने गौ पूजन फीता काटकर मेले का शुभारंभ किये। इसमें पशुओं के विभिन्न बीमारियों उत्तम की जानकारी स्वास्थ्य की जानकारी पशुपालकों को दी गई ।साथ में मेले में 284 मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा का वितरण किया गया मुख्य अतिथि श्री राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि पशुपालन देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ है । पूरे विश्व में हमारा देश दुग्धउत्पादन में सबसे आगे है। उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सदर मऊ द्वारा पशुपालकों को पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया गया।
छेड़खानी की संभावना में संदिग्धो से भरवाया गया बंधपत्र
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मिशन शक्ति के अंतर्गत जनपद के हलधरपुर थाने की महिला पुलिस टीम ने क्षेत्र के जमदरा ग्राम पंचायत में स्थित दयानंद सरस्वती पब्लिक स्कूल में पहुंचकर छात्रों को स्त्री स्वालंबन, सुरक्षा ,आत्मनिर्भरता इत्यादि पर उन्हें जागरूक किया गया। महिला उप निरीक्षक विजयलक्ष्मी ने छात्राओं को अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में स्त्री सशक्तिकरण की विधिवत जानकारी दी गई। वही बाइक पर फरार्टा भरने वाले तथा छात्राओं से छेड़खानी की फिराक में रहने वाले कथित मनचलों को हिदायत दिया गया, और उनसे बंधपत्र भरवाया गया।
मिशन शक्ति कार्यक्रम में महिला उपनिरीक्षक विजयलक्ष्मी
महिला आरक्षी अमिता पटेल
आरक्षी रविकांत ,मुख्य आरक्षी मुकेश भारती इत्यादि प्रमुख थे।
सीएम योगी बोले – कोई भी छात्र छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहेगा, हर बच्चे में समाज को बदलने की क्षमता
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने दशमोत्तर व पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत 10 लाख 28 हजार 205 विद्यार्थियों को 300 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा, “हर बच्चे में समाज को बदलने की क्षमता होती है, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।”
पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रणाली
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में भेदभाव, भ्रष्टाचार और देरी जैसी समस्याएं आम थीं। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डीबीटी प्रणाली से पात्र छात्रों के खाते में राशि सीधे पहुंच रही है। अब छात्रवृत्ति दो चरणों में (अक्टूबर और जनवरी) दी जाएगी ताकि समय पर सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि 2016-17 तक केवल 8.64 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति से लाभान्वित होते थे, जो अब बढ़कर 62 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच गई है।
शिक्षा ही स्वावलंबन का मार्ग
सीएम योगी ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि “पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबी बन सकते हैं और समाज के लिए कुछ कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
पिछले आठ वर्षों में 4 करोड़ 27 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। योगी ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी थी, लेकिन उनकी सरकार ने न केवल वह राशि जारी की बल्कि दो वर्षों की छात्रवृत्ति एक साथ दी।
शिक्षा-सशक्तिकरण की नई पहलें
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चल रही हैं—
अटल आवासीय विद्यालय: श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा।
आश्रम पद्धति विद्यालय: अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा व निःशुल्क सुविधा।
कस्तूरबा बालिका विद्यालय: गरीब व वंचित वर्ग की बालिकाओं के लिए इंटरमीडिएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा।
अभ्युदय कोचिंग योजना: हर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी की सुविधा।
सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास
सीएम योगी ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 1 करोड़ 5 लाख परिवारों को वार्षिक 12,000 रुपये पेंशन डीबीटी के जरिए दी जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों के विवाह कराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है — 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं, जिनमें से 6 करोड़ उत्तर प्रदेश से हैं।
हर छात्र में बदलाव की क्षमता
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि “आपमें नैसर्गिक प्रतिभा है। मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ पढ़ाई करें — यही बाबा साहब के सपनों को साकार करने का मार्ग है।” उन्होंने सभी छात्रों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं और भरोसा दिलाया कि हर पात्र विद्यार्थी को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड, राज्य मंत्री मो. दानिश आजाद अंसारी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मिशन शक्ति टीम की मिसाल: 30 मिनट में लापता 2 वर्षीय कृषा को ढूंढकर परिजनों से मिलाया, भावुक हुए माता-पिता
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में थाना सिंदुरिया पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने शुक्रवार को मानवता और संवेदनशीलता की अद्भुत मिसाल पेश की। क्षेत्र से लापता हुई दो वर्षीय मासूम कृषा को पुलिस टीम ने मात्र 30 मिनट के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही मिशन शक्ति टीम ने बिना देरी किए बच्ची की तलाश शुरू कर दी। स्थानीय लोगों की मदद और तकनीकी संसाधनों के उपयोग से पुलिस ने चारों ओर सघन खोज अभियान चलाया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई रंग लाई और आधे घंटे के अंदर ही कृषा को सुरक्षित ढूंढ लिया गया।
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जैसे ही पुलिस ने बच्ची को उसकी मां सोनी विश्वकर्मा और पिता अमरजीत के हवाले किया, परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। भावुक परिजनों ने कहा, “पुलिस ने हमारे परिवार को फिर से जीवन दे दिया।”
थाना प्रभारी सिंदुरिया ने बताया कि “मिशन शक्ति अभियान सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर कमजोर वर्ग की रक्षा के लिए समर्पित है।” उन्होंने कहा कि बच्ची को परिजनों से मिलाना मानवता की जीत है और इस कार्रवाई ने पुलिस की संवेदनशीलता व दक्षता को उजागर किया है।
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यह सफलता न केवल पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान को भी और मजबूत करती है।
स्कॉर्पियो की टक्कर से व्यक्ति गंभीर रूप से घायल, ड्राइविंग सीख रहे युवक ने मारी जोरदार टक्कर
सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया जिले के सिकंदरपुर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। चेतन किशोर खेल मैदान में ड्राइविंग सीख रहे युवक की स्कॉर्पियो से टक्कर लगने पर एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, घायल का नाम शिवानंद राजभर (50 वर्ष) पुत्र स्व. किशुन राजभर है। वे जलालीपुरा चट्टी स्थित एक स्थान पर ट्रैक्टर चालक के रूप में कार्य करते हैं। सुबह वे अपने घर से कार्यस्थल की ओर जा रहे थे, तभी मैदान में ड्राइविंग सीख रहे नौशाद अहमद (45 वर्ष) पुत्र सकूर अहमद, निवासी जलालीपुरा ने स्कॉर्पियो से उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद वाहन ने घायल को लगभग 50 से 60 मीटर तक बोनट पर घसीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग लापरवाह ड्राइविंग को लेकर आक्रोशित हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
चौकी प्रभारी अश्वनी मिश्रा ने बताया कि वाहन चालक की लापरवाही से दुर्घटना हुई है। पुलिस ने स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर पुलिस चौकी सिकंदरपुर में खड़ा करा दिया है। मामले की जांच जारी है।
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कमलेश तिवारी के बलिदान दिवस पर हिंदू महासभा की सिंह गर्जना, लिया ‘जेहाद मुक्त भारत’ का संकल्प
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष दिवंगत बलिदानी कमलेश तिवारी का बलिदान दिवस शुक्रवार को पूरे देश में ‘जेहाद मुक्त भारत संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर हिंदू महासभा कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें नमन किया और जेहाद मुक्त भारत निर्माण का संकल्प लिया।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी. एन. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि कमलेश तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सम्मान की रक्षा और जेहाद मुक्त भारत के निर्माण के लिए अपना बलिदान दिया।
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उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी सरकार में तत्कालीन मंत्री आजम खान द्वारा संघ कार्यकर्ताओं को “समलैंगिक” कहे जाने पर कमलेश तिवारी ने संघ के सम्मान में प्रतिक्रिया दी थी। इस टिप्पणी के बाद इस्लामिक चरमपंथियों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और सर तन से जुदा के नारे लगाते हुए उनके सिर की कीमत करोड़ों रुपये घोषित की थी।
कमलेश तिवारी को नौ महीने जेल में रहना पड़ा और जमानत पर रिहा होने के कुछ समय बाद लखनऊ के खुर्शीदबाग स्थित कार्यालय में उनकी नृशंस हत्या कर दी गई।
रविंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि “कमलेश तिवारी का जेहाद मुक्त भारत निर्माण का संकल्प आज भी अधूरा है, जिसे हिंदू महासभा पूरा करने के लिए प्रयत्नशील है।” उन्होंने 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान तय हिंदू-मुस्लिम आबादी की अदला-बदली को आवश्यक बताते हुए कहा कि “इसके बिना जेहाद मुक्त भारत का स्वप्न अधूरा रहेगा।”
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राष्ट्रीय प्रवक्ता बी. एन. तिवारी ने कहा कि कमलेश तिवारी हिंदुत्व का एक प्रखर चेहरा थे और उनका बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि जीवन के अंतिम दिनों में तिवारी ने हिंदू समाज पार्टी की स्थापना की थी और उसकी हिंदू महासभा में पुनः विलय की इच्छा जताई थी। तिवारी के समर्थकों ने इसे उनकी “अधूरी इच्छा” बताते हुए पूरा करने का आह्वान किया।
उत्तराखंड से मरीज लेकर बनारस जा रही एम्बुलेंस पलटी, चार की मौत, एक बच्ची गंभीर
सीतापुर/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। सीतापुर जिले के अटरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। देहरादून से मरीज को लेकर बनारस जा रही एक निजी एम्बुलेंस हिंद अस्पताल के पास नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
थानाध्यक्ष उमाकांत शुक्ला ने बताया कि हादसा सुबह लगभग 6 बजे हुआ। एम्बुलेंस मरीज को इलाज के लिए बनारस ले जा रही थी। इसी दौरान हिंद अस्पताल के पास वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे में सड़क किनारे खड़ी करीब 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसके साथ खड़ी एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची का इलाज हिंद अस्पताल में चल रहा है।
एम्बुलेंस में सवार तीन लोगों की भी मौत हो गई। मृतकों में मरीज विशाल पांडेय (40) निवासी देहरादून, एम्बुलेंस चालक गुरमीत (23) निवासी हरिद्वार, और एक अज्ञात व्यक्ति (करीब 45 वर्ष) शामिल हैं।
मृतकों की सूची:
- विशाल पांडेय (40) – निवासी देहरादून, कमर में गंभीर चोट का इलाज कराने बनारस जा रहे थे।
- गुरमीत (23) – एम्बुलेंस चालक, निवासी हरिद्वार।
- अज्ञात व्यक्ति (45) – एम्बुलेंस सवार।
- अज्ञात महिला (40) – सड़क किनारे खड़ी।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
श्रीलंका से फैज़े रज़ा और मध्य प्रदेश से अजहरी करेंगे शिरकत, बालेपुर कला में 5 नवंबर को विशाल जलसा-ए-दस्तारबंदी
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम बालेपुर कला स्थित दारुल उलूम नवाज अहले सुन्नत में 5 नवंबर को एक विशाल जलसा-ए-दस्तारबंदी और हिफ़्ज़-ए-कुरान का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में श्रीलंका से प्रसिद्ध आलिम फैज़े रज़ा और मध्यप्रदेश से मुफ्ती गुलाम जिलानी अशरफी शिरकत करेंगे।
कार्यक्रम की जानकारी मदरसा कमेटी द्वारा दी गई। बताया गया कि इस अवसर पर तीस पारे के कुरान की हिफ्ज़ व क़िराअत का समापन कार्यक्रम रखा गया है। इसमें देश के विभिन्न शहरों के साथ-साथ विदेशों से भी लोगों के आने की संभावना है।
नात पेश करने के लिए मशहूर नातख्वां शोएब रज़ा कानपुरी और कारी तशरीफ निज़ामी भी शामिल होंगे।
मदरसे के प्राचार्य मुफ्ती नौशाद अमजदी ने बताया कि यह कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के आम लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस खास मौके की रौनक बढ़ाएं।
लोक लाज व बदनामी से बचने के लिए बना हत्यारा
शादी का दबाव बनाने पर सुनील पाण्डेय ने कर दी थी रेशमा राजभर की हत्या, डीएनए टेस्ट से हुईं पुष्टि दो साल बाद हत्या का पर्दाफाश अभियुक्त गिरफ्तार
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक इलामारन के निर्देशन अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे वांछित अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत कोपागंज थाना पुलिस ने शादिक झांसा देकर मनमानी करने और बाद में दुपट्टे से गला कसकर हत्या कर शव को गाड़ देने के मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया ।थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय ने बताया कि वर्ष 2022 में दर्ज हुईगुमशुदगी की विवेचना दौरान मामला उजाग्रहोने बाद उप निरीक्षक जितेंद्र नाथ राय, अभयराज यादव, विकास यादव,सुधीर कुमार यादव की सयुक्त टीम ने गाजीपुर जनपद के बभनोली देवचन्द्रपुर रामपुर माझा निवासी सुनील कुमार पाण्डेय पुत्र चन्ददेव को गिरफ्तार किया । बताया जाता हैं कि कोपागंज थाना क्षेत्र के कांछी कला निवासी श्यामलाल राजभर ने अपनी पुत्री रेशमा कुमारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट 10 अप्रैल 2022 को दर्ज करायी थी ।विवेचना के दौरान पता चला कि रेशमा का सम्बंध सुनील से बन गया था । रेशमा सुनील पर शादी का दबाव बना रही थी ।आजीज सुनील ने रेशमा को ठिकाने लगाने की योजना बनाकर उसे बुलाया और उसकी हत्या कर शव को गाड़ दिया । जबकि सुनील रेशमा से जिस्मानी रिश्ता बना चुका था । मगर लोक लाज व बदनामी के डर से शादी नही करना चाहता था । यही वजह है कि उसने रेशमा की जिद्द पर ही उसे मार डाला । अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने रेशमा का गड़ा शव बरामद कर लिया । डीएनए रिपोर्ट से भी पुष्टि हो गयी । जिसके आधार पर पुलिस ने हत्यारोपी का चालान कर दिया ।
“बदलाव की बयार में नीतीश का बड़ा फैसला – जेडीयू ने नई टोली उतारी मैदान में”
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। गुरुवार देर शाम जारी दूसरी सूची में 44 नाम शामिल किए गए, जबकि पहली सूची में 57 प्रत्याशी घोषित हुए थे। इस तरह जेडीयू ने कुल 101 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं — जो गठबंधन में उसके हिस्से की सभी सीटें हैं।
इस बार पार्टी ने “नए जोश और पुराने अनुभव” का संतुलन साधते हुए 37 मौजूदा विधायकों पर दोबारा भरोसा जताया है, जबकि 7 विधायकों के टिकट काटे गए हैं। इनमें सबसे चर्चित नाम गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल का है, जिनकी जगह बुलो मंडल को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने यह संकेत दिया है कि इस बार प्रदर्शन और संगठन निष्ठा ही टिकट की असली कसौटी रही।
जेडीयू ने 13 महिला और 4 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को मौका दिया है। इनमें लेशी सिंह, शीला मंडल, मीना कामत और शालिनी मिश्रा जैसी सक्रिय महिला नेता शामिल हैं। वहीं, नए चेहरों को भी मौका मिला है — बसपा से आए जमा खान को चैनपुर, राजद छोड़ने वाले चेतन आनंद को नवीनगर और विभा देवी को नवादा से टिकट दिया गया है। निर्दलीय विधायक सुमित सिंह को भी इस बार जेडीयू ने अपने सिंबल पर मैदान में उतारा है।
दिलचस्प बात यह है कि पार्टी ने इस बार वंशवाद और बगावत दोनों को साधने की रणनीति अपनाई है। सिकटा से समृद्ध वर्मा, जो पूर्व विधायक दिलीप वर्मा के पुत्र हैं, को टिकट मिला है। वहीं, पार्टी छोड़कर प्रतिद्वंद्वी खेमे में गए नेताओं की जगह नए उम्मीदवार उतारे गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, टिकट बंटवारे में नीतीश कुमार और जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह की निर्णायक भूमिका रही। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने हर उम्मीदवार का रिपोर्ट कार्ड और क्षेत्रीय समीकरण खुद परखा, ताकि कोई भी सीट संगठन के लिए कमजोर न रहे।
2020 के चुनाव में जेडीयू ने 115 सीटों पर लड़कर 43 सीटें जीती थीं। इस बार पार्टी 101 सीटों पर फोकस रणनीति के साथ मैदान में है। कम सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारना ही उसका नया फार्मूला है। पार्टी को उम्मीद है कि एनडीए के नए समीकरण और नीतीश कुमार के नेतृत्व की स्थिरता से इस बार पिछली बार से बेहतर नतीजे मिलेंगे।
हालांकि, जिन विधायकों के टिकट कटे हैं, उनमें से कई अब नाराज और बागी तेवर दिखा रहे हैं, जिससे जेडीयू को भीतरखाने चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। लेकिन पार्टी नेतृत्व का विश्वास है कि अनुभव, निष्ठा और नया उत्साह ही इस बार की जीत की कुंजी बनेगा।
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कांग्रेस ने खोला चुनावी पिटारा: बिहार में 48 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार देर रात अपनी पहली प्रत्याशी सूची जारी कर दी। इस सूची में कुल 48 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने इस बार अनुभव, संगठन और सामाजिक-सांस्कृतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पुराने और नए दोनों तरह के चेहरों को जगह दी है।
सूची की खास बातें
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम को कुटुंबा (SC) सीट से उतारा गया है।विधायक दल के नेता शकील अहमद खान को कदवा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।कुल 11 मौजूदा विधायकों को पुनः टिकट दिया गया है।
महिला और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास किया गया है — पहली सूची में 5–6 महिलाएं और 4 मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं।
सूची में पहले और दूसरे चरण की दोनों प्रकार की सीटों को शामिल किया गया है।
पार्टी ने कई संवेदनशील और समीकरण वाली सीटों पर दांव लगाया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस मैदान को पूरी गंभीरता से देख रही है।
कुछ प्रमुख नाम और सीटें
नीचे सूची में शामिल कुछ प्रमुख सीटें और उनके उम्मीदवारों के नाम (पूरी सूची नहीं, लेकिन प्रतिनिधि उदाहरण):
बगहा – जयेश मंगल सिंह, नौतन – अमित गिरी ,चनपटिया – अभिषेक रंजन,बेतिया – वसी अहमद,गोविंदगंज – शशि भूषण राय
,बथनाहा (SC) – इंजीनियर नवीन कुमार,बेनीपट्टी – नलिनी रंजन झा
बहादुरगंज – प्रो. मसवर आलम (मुस्लिम उम्मीदवार),पटना साहिब – शशांत शेखर,हिसुआ – नीतू कुमारी,खगड़िया – चंदन यादव (मौजूदा विधायक का टिकट काट कर नया उम्मीदवार),भागलपुर – अजीत कुमार शर्मा,वजीरगंज – अवधेश कुमार सिंह,लखीसराय – अमरेश कुमार (अनीश) (ऑफिशियल पार्टी घोषणाएँ आने के बाद अंतिम नामों में परिवर्तन संभव है।)
विश्लेषण और चुनौतियाँकांग्रेस इस सूची के माध्यम से यह संदेश देना चाहती है कि वह अनुभवी नेताओं को साथ लेकर चलना चाहती है, लेकिन साथ ही नये और संतुलित चेहरे देना चाहती है।
हालांकि, महागठबंधन में सीटों का अंतिम बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है, जिससे अब भी समीकरणों की जटिलता बनी हुई है।
कुछ सीटों पर कांग्रेस और गठबंधन दलों के बीच “फ्रेंडली मुकाबले” की भी संभावना है, जहां दोनों दलों के उम्मीदवार आपस में मुकाबला कर सकते हैं।इस सूची के अलावा अगली सूची में महिलाओं और युवाओं को और अधिक प्रतिनिधित्व दिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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प्रशांत किशोर की जन सुराज में शामिल हुए सीमांचल के कद्दावर नेता सरफराज आलम, राजद को बड़ा झटका
पटना/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जन सुराज पार्टी के राजनीतिक विस्तार को गुरुवार को मजबूती मिली, जब अररिया के जोकीहाट से चार बार विधायक और पूर्व सांसद सरफराज आलम ने आधिकारिक रूप से पार्टी जॉइन की। दिवंगत केंद्रीय मंत्री तस्लीमुद्दीन के बेटे आलम, सीमांचल क्षेत्र के प्रमुख मुस्लिम राजनीतिक चेहरे हैं, और उनके शामिल होने से प्रशांत किशोर के खेमे में मजबूती आई है।
राजद से इस्तीफा और जन सुराज में शामिल:
लोकसभा के पूर्व सदस्य और जोकीहाट सीट से चार बार के विधायक सरफराज आलम ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद जन सुराज पार्टी में प्रवेश किया। पटना के शेखपुरा हाउस में पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने आलम का स्वागत किया।
आलम ने कहा, “मैं जन सुराज को सलाम करता हूं, जिसने संस्थापक प्रशांत किशोर के दृष्टिकोण के तहत बिहार को बदलने का संकल्प लिया है। यह मंच मुझे सीमांचल के लोगों के लिए अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर देगा।”
किशोर का बयान और महागठबंधन पर हमला:
आलम के शामिल होने के बाद किशोर ने कहा कि यह कदम सीमांचल में ‘भय की राजनीति’ से ‘विकास की राजनीति’ की ओर बदलाव लाएगा। उन्होंने महागठबंधन और राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव पर भी हमला किया। किशोर ने आरोप लगाया कि इस बार महागठबंधन ने खुलेआम करोड़ों रुपये में टिकट बेचे हैं और कई जगहों पर अंदरूनी कलह के कारण दो दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
किशोर ने यह भी सवाल उठाया कि क्या मुकेश सहनी, जिन्होंने बिना आधिकारिक सीट घोषणा के उपमुख्यमंत्री पद का दावा किया, वास्तव में महागठबंधन के सहयोगी हैं।
इस कदम से जन सुराज पार्टी को सीमांचल में राजनीतिक बढ़त मिलने की संभावना बढ़ गई है और राजद को झटका लगा है।
पांच साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या मामले में चाचा और साथी को फांसी की सजा
आगरा/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बाह थाना क्षेत्र में डेढ़ साल पहले हुए एक जघन्य अपराध में न्यायालय ने चाचा अमित और उसके साथी निखिल को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने अपराध को गंभीर और घृणित बताया।
मामला 18 मार्च 2024 का है, जब पांच वर्षीय बालिका घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी बालिका को बहला-फुसलाकर बाइक पर ले गए, उसके बाद उसके साथ अत्यंत गंभीर अपराध किया और उसे हत्या के बाद सुरक्षित स्थान पर छिपा दिया।
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अपराधियों ने 19 मार्च को बालिका के पिता को छह लाख रुपये की फिरौती देने के लिए कॉल किया। पिता ने पुलिस को सूचित किया, और 20 मार्च को पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर शव बरामद किया।
पुलिस ने मामले की जांच कर मजबूत साक्ष्य एकत्र किए और एक माह के भीतर चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। एडीजीसी सुभाष गिरी ने 18 गवाहों के बयान दर्ज कर न्यायालय में साक्ष्य पेश किए। अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई और इस कदम से कानून और न्याय की पुष्टि हुई।
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फैसले के बाद आरोपियों ने न्यायालय में माफी मांगी। बच्ची के परिवार ने न्यायालय और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। एडीजीसी सुभाष गिरी ने बताया कि न्यायालय ने पिछले वर्ष भी इसी दिन एक दोषी को फांसी की सजा दी थी और इस बार भी दुष्कर्म के खिलाफ सख्त संदेश दिया गया।
देवदह बौद्ध स्थल पर तीन दिवसीय महोत्सव का भव्य समापन, पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने दिए बुद्ध के उपदेशों पर विचार
महराजगंज/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर ब्लॉक में स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह में तीन दिवसीय प्रवज्जा प्रशिक्षण, विपश्यना और देवदह महोत्सव का भव्य समापन गुरुवार को हुआ। समारोह में देशभर से आए बौद्ध भिक्षु, अनुयायी और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि तथागत बुद्ध के उपदेशों में मानवता और विश्व शांति का संदेश निहित है। उन्होंने देवदह क्षेत्र के विकास के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे स्थानीय रोजगार सृजन होगा और युवाओं का पलायन रुकेगा। उन्होंने बौद्ध धर्म को अहिंसा, करुणा और त्याग का प्रतीक बताते हुए कहा कि जीवन के दुःखों का निवारण लोभ त्याग से संभव है।
पूर्वांचल कोरी जागृति संस्थान के संयोजक सुग्रीव राम ने कहा कि बौद्ध धर्म विज्ञान, तर्क और बुद्धि पर आधारित है और इसे आज जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता है। वहीं श्रवण कुमार पटेल ने कहा कि बौद्ध धर्म जाति विहीन समाज की स्थापना करता है और देवदह भूमि तथागत बुद्ध के चरणों से पवित्र है। डॉ. ममता ने कहा कि देवदह का विकास न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक समृद्धि का मार्ग खोलेगा।
यह तीन दिवसीय सम्मेलन 14 से 16 अक्टूबर तक आयोजित हुआ, जिसमें बौद्ध शिक्षा, अहिंसा, करुणा, मानवता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। सम्मेलन में यह संकल्प लिया गया कि देवदह को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन सर्किट में प्रमुख स्थान दिलाने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र राव, अध्यक्ष देवदह बौद्ध विकास समिति ने किया।
समारोह में भंते अमित प्रिय, श्रवण कुमार पटेल, डॉ. ममता, सुग्रीव राव, जितेंद्र राव, महेंद्र जायसवाल, लक्ष्मी चंद्र पटेल, रोहित गौतम, संतराम अखिलेश कुमार, राममिलन, ज्वाला, अर्चना कोरी, बेचू कन्नौजिया, छोटू, विनोद, जयप्रकाश, अनिल गौतम, जयराम कोरी, राम प्रकाश, राम प्रसाद, अंजली कोरी, तारा गौतम, कुसुम गौतम सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
