Monday, July 6, 2026
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📰विद्यालय की लापरवाही से नौवीं के छात्र की दर्दनाक मौत, परिजनों ने लगाई जांच की गुहार

“देवरिया में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, स्कूल की लापरवाही से मासूम की जिंदगी खत्म”

खेलते समय सिर में लगी गंभीर चोट के बाद भी स्कूल प्रशासन ने नहीं दी प्राथमिक चिकित्सा — अभिभावकों को नहीं दी गई सूचना

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा ) देवरिया जनपद के महरौना क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां कक्षा 9 के छात्र देवेन्द्र कुशवाहा की खेल के दौरान सिर में चोट लगने के बाद विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, छात्र 10 अक्टूबर 2025 को विद्यालय परिसर में खेलते समय गिर पड़ा और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। साथियों ने घटना की जानकारी विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन कुमार यादव को दी, मगर आरोप है कि विद्यालय प्रशासन ने न तो बच्चे को तुरंत अस्पताल भेजा, न ही अभिभावकों को सूचना दी।
विद्यालय छुटने के बाद घायल छात्र किसी तरह घर पहुंचा। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता वृजेन्द्र कुशवाहा ने डीएम से लिखित शिकायत में कहा है कि,
“मेरा बेटा मेरा एकमात्र सहारा था। विद्यालय प्रशासन की लापरवाही ने उसकी जान ले ली। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।”
परिजनों ने घटना की जांच कर दोषी प्रधानाचार्य और विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही से मौत (Section 304A IPC) का मामला दर्ज करने की मांग की है।

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श्रीकृष्ण लीला की दिव्यता से गूंजा कथा पंडाल

संत पचौरी जी महाराज ने छठवें दिन सुनाई चीर हरण, महारास लीला और कंस उद्धार की अद्भुत कथा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिवस श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और उल्लासपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कथा का आयोजन भारत-तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाचार्य रामकुमार सिंह के सौजन्य से किया जा रहा है।
इस अवसर पर वृंदावन धाम से पधारे राष्ट्रीय संत बाल योगी पचौरी जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रमुख बाल और किशोर लीलाओं चीर हरण, महारास लीला और कंस उद्धार का विस्तारपूर्ण और भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा व्यास संत पचौरी जी महाराज ने बताया कि चीर हरण लीला भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत शक्ति और न्यायप्रियता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब कंस ने देवकी और नंदबाबा की सुरक्षा को चुनौती दी, तब बालकृष्ण ने साहस और विवेक से कंस के अत्याचार का अंत किया। इस लीला से यह संदेश मिलता है कि सच्चा धर्म और न्याय हमेशा विजयी होता है।
इसके बाद महाराज ने महा रास लीला का वर्णन करते हुए बताया कि यह लीला प्रेम, भक्ति और आत्मसाक्षात्कार की चरम अवस्था का प्रतीक है। ब्रजवासी के साथ रास में भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण ने दर्शाया कि भक्ति और प्रेम का मिलन जीवन को दिव्यता और आनंद प्रदान करता है। पचौरी जी महाराज ने कहा कि रास लीला में प्रत्येक गली, द्वार और वृंदावन का वातावरण आज भी भक्तों के मन में उसी आनंद और आस्था का संचार करता है।
अंत में महाराज ने कंस उद्धार लीला का मार्मिक और रोमांचक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शौर्य, बुद्धि और दिव्य शक्ति से दुष्ट कंस का विनाश कर ब्रजवासियों को मुक्ति दिलाई। पचौरी जी महाराज ने कहा कि यह कथा यह सिखाती है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है और धर्म की विजय अवश्य होती है।
कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” और “कंस उद्धार की जय” के उद्घोषों से गूंज उठा। श्रद्धालु कथा में तल्लीन होकर भक्ति रस में डूबे और भाव-विभोर हो उठे।
इस अवसर पर कथा परीक्षित उर्मिला सिंह, रामकुमार सिंह, डॉ. के. के. सिंह, रमाशंकर सिंह, मुन्नी देवी, डॉ. श्याम कुमार सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष कुमार सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि इंजीनियर सुधांशु सिंह, भास्कर मणि त्रिपाठी, अयांश व रेयांश सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के अंत में भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।

सड़क हादसे और बिखरते परिवार पर संगोष्ठी

समाज के प्रहरी बने चिकित्सक और पुलिस अधिकारी हुआ सम्मान

“हम विकासशील देश हैं, लेकिन सुरक्षित देश भी बनना होगा” — राजेश पांडेय

“एक व्यक्ति नहीं, पूरा परिवार तबाह हो जाता है” सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी

हेलमेट नहीं, बहाने मौत का कारण बनते हैं-एसपी ट्रैफिक

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
शहर के शास्त्री चौक स्थित संकुल भवन में मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के तत्वावधान में “सड़क हादसे और बिखरते परिवार” विषय पर एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे राजेश पांडेय (आईपीएस), नोडल अधिकारी, पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (यूपीडा)।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद राय, अध्यक्ष मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति ने की, जबकि विशिष्ट अतिथियों में एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी उत्तरी जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय शामिल रहे।
इस मौके पर गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह, गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष रितेश मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष एसपी सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष अजीत यादव, पूर्व मंत्री ओमकार धर द्विवेदी समेत तीनों पत्रकार संगठनों की कार्यकारिणी, वरिष्ठ पत्रकार, चिकित्सक, समाजसेवी और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाने वाले डॉ. रवि राय, डॉ. वी.के. सुमन, डॉ. एस.पी. त्रिपाठी तथा उप निरीक्षक पूजा (आईटीएमएस) को समिति द्वारा सम्मानित किया गया।
इन सभी को “सड़क सुरक्षा प्रहरी सम्मान” प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि राजेश पांडेय एसपी उत्तरी जितेंद्र श्रीवास्तव एसपी सिटी अभिनव त्यागी एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय और समिति अध्यक्ष अरविंद राय गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष रत्नाकर सिंह गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब अध्यक्ष रितेश मिश्रा ने सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह देकर इनका उत्साहवर्धन किया।
अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा “आज सड़क हादसे समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं। कोई व्यक्ति मरता नहीं, पूरा परिवार उजड़ जाता है। चिकित्सकों की भूमिका इन क्षणों में अमूल्य होती है। हाल ही में मेरे भतीजे का एक्सीडेंट हुआ था, लेकिन डॉ. रवि राय ने रात चार बजे आकर उसका ऑपरेशन कर जान बचाई। ऐसे चिकित्सक समाज के लिए आदर्श हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि कुछ दिन पहले प्रयागराज जाते समय उनकी गाड़ी दस फीट गहरी खाई में गिर गई, लेकिन सावधानी और सुरक्षा के कारण सभी लोग सुरक्षित रहे। “हमें हर सफर से पहले वाहन की स्थिति, सीट बेल्ट और ड्राइवर की नींद की जांच जरूर करनी चाहिए
गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सबसे बड़ी समस्या है गलत दिशा में आने वाले वाहन और सड़कों पर अचानक आ जाने वाले पशु। उन्होंने कहा कि “बस चालक और ट्रक ड्राइवरों को कई बार डबल ड्यूटी करनी पड़ती है। थकान और नींद के कारण हादसे बढ़ रहे हैं। प्रशासन को जांच प्रणाली सख्त करनी चाहिए, और ट्रैफिक पुलिस को सिर्फ चालान काटने तक सीमित न रहकर सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस यदि थोड़ी सख्ती और मानवता दोनों के साथ काम करे तो शहर के अधिकांश हादसे रोके जा सकते हैं।
एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने कहा — “जीवन अमूल्य है। सड़क दुर्घटनाएं अचानक नहीं होतीं, वे हमारी लापरवाही का परिणाम होती हैं। कानून की जितनी जिम्मेदारी पुलिस की है, उतनी ही जनता की भी है। लोग पांच सौ रुपये का चालान भरने को तैयार हैं, लेकिन उतने ही रुपये का हेलमेट खरीदने से हिचकते हैं।”
उन्होंने कहा कि बच्चों के अभिभावक सबसे पहले खुद नियमों का पालन करें और अपने बच्चों को बिना हेलमेट वाहन न चलाने दें। “वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग और तेज रफ्तार दोनों ही सबसे बड़े कारण हैं,” उन्होंने कहा।

एसपी उत्तरी जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क सुरक्षा पर यह आयोजन किसी सरकारी संस्था को करना चाहिए था, लेकिन पत्रकार समिति ने यह कार्य कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
उन्होंने कहा — “अपराध से जितनी मौतें होती हैं, उससे साढ़े चार गुना ज्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं में मरते हैं। लेकिन इन पर न तो वैसी संवेदनशीलता दिखाई जाती है और न ही वैसी चर्चा। हमें समाज में यह संदेश देना चाहिए कि दुर्घटना भी हत्या जितनी गंभीर त्रासदी है।”
उन्होंने कहा कि “गोल्डन ऑवर” यानी दुर्घटना के एक घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। इससे खून का बहाव रुक जाता है और जीवन बच सकता है। “यदि हम 112 या एंबुलेंस को तुरंत सूचना दें तो हर साल सैकड़ों जानें बचाई जा सकती हैं,” उन्होंने कहा।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि दुर्घटना हमेशा त्रुटियों की देन होती है।
कुछ लोग कहते हैं हेलमेट से बाल खराब हो जाते हैं या सीट बेल्ट से शर्ट की क्रीज बिगड़ जाती है। यह सोच बदलनी होगी। जीवन से बड़ी कोई चीज नहीं।”
उन्होंने शहर के पैडलेगंज और असुरन चौराहों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये ऐसे पॉइंट हैं जहाँ सड़कें कई दिशाओं से आती हैं। “सड़क पार करते समय या ओवरटेक करते समय एक पल की सावधानी हमारी और दूसरों की जान बचा सकती है,” उन्होंने कहा।
मुख्य वक्ता और नोडल अधिकारी, पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (यूपीडा) राजेश पांडेय ने कहा कि पत्रकार समिति ने सामाजिक सरोकार का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह सराहनीय है।
उन्होंने बताया कि केवल पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर अब तक 32 करोड़ रुपये का चालान किया जा चुका है “अधिकतर सड़क हादसे नींद या शराब के नशे में वाहन चलाने से होते हैं। एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट का पालन नहीं होता। इलाहाबाद में 320 किमी लंबी जाली दोनों ओर लगाई गई है, जिससे 82 प्रतिशत दुर्घटनाएं कम हुई हैं,” उन्होंने बताया।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी अब सड़क सुरक्षा को लेकर राज्यों से जवाब तलब किया है। “हमें यह समझना होगा कि सड़कें चौड़ी हो रही हैं लेकिन जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ रही है। बड़े वाहनों के लिए अलग ट्रैक बनाए जाएं तो हादसे कम हो सकते हैं,” उन्होंने सुझाव दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे पर ड्राइवरों की नींद और स्पीड की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल सेंसर लगाए जा रहे हैं। “डेटा कहता है कि हादसों में 80% से ज्यादा मामलों में या तो नींद या नशा शामिल होता है। हमें जनजागरूकता बढ़ानी होगी,” उन्होंने कहा।
समिति ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि पत्रकार समिति, प्रेस क्लब और एसोसिएशन मिलकर शहर और जनपद स्तर पर “रोड सेफ्टी जागरूकता अभियान” चलाएंगे।
इसमें स्कूल-कॉलेजों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम, हेलमेट वितरण अभियान और ट्रैफिक नियमों के प्रचार हेतु वॉल पेंटिंग व नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे।
अंत में समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त किया और कहा “अगर हम एक जीवन भी बचा पाए तो यह सबसे बड़ा समाजसेवा का कार्य होगा। सड़क सुरक्षा केवल कानून नहीं, संस्कार है। संगोष्ठी में प्रमुख रूप भजन गायक नंदू मिश्रा जर्नलिस्ट प्रेस क्लब, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी, कोषाध्यक्ष प्रिंस पाण्डेय, सहायक सूचना अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव, नवनीत प्रकाश त्रिपाठी, वहाब खान, मनौव्वर रिजवी, दिग्विजय राय, कंचन त्रिपाठी, टीपी शाही, राम चन्द्र शाही, धीरेन्द्र गुप्ता, अशोक सिंह, रजनीश श्रीवास्तव, मान्यता प्राप्त मंत्री सतीश पाण्डेय, संजय त्रिपाठी, मुकेश पांडेय, जय प्रकाश दुबे, अरुण मिश्र, सूर्य प्रकाश गुप्ता, दुर्गेश यादव, अभिनव राजन चतुर्वेदी, शिवहर्ष द्विवेदी, विभव पाठक, राम गोपाल द्विवेदी, अखलेश पाण्डेय, एडी दुबे, अजय तिवारी, धनेश निषाद, संजय कुमार, हरेंद्र दुबे, सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय नवल ने किया।

स्व० रवीन्द्र किशोर शाही की 43वीं पुण्य स्मृति पर दो दिवसीय विशाल किसान मेला एवं स्वास्थ्य शिविर का हुआ भव्य आयोजन

बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
स्वर्गीय रवीन्द्र किशोर शाही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जनसंघ एवं पूर्व मंत्री की 43वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर देवरिया जनपद के आचार्य नरेन्द्र देव इंटर कॉलेज पथरदेवा में दो दिवसीय विशाल किसान मेला, स्वास्थ्य शिविर एवं मिशन शक्ति 5.0 जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह मेला 17 एवं 18 अक्टूबर संचालित होगा।कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को प्रदेश कृषि मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।मुख्य अतिथि प्रदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
कृषि मंत्री श्री शाही ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, किसानों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सक्रिय योगदान का आह्वान किया। किसान मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, गन्ना, रेशम, सहकारिता, एग्रो, सिंचाई, लघु सिंचाई, विद्युत, स्वास्थ्य, बैंकर्स, एनजीओ/एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल एवं प्रदर्शनी लगाई गई।जिनके माध्यम से कृषकों को उन्नत तकनीकों, योजनाओं एवं नवीन कृषि विधियों की जानकारी दी गई।
मेले में आए किसानों को डा. आर.के. मलिक अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान वाराणसी, डा. एस.के. नायक, डा. संजीव तेतरिया, डा. आर.आर. सिंह एवं डा. मान्धाता सिंह जैसे कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, उर्वरक प्रबंधन, बीज गुणवत्ता, कीट नियंत्रण एवं उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर उपयोगी जानकारी दी।
लकार्यक्रम में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग की टीम नीतू भारती,मीनू जायसवाल, मंशा सिंह , तथा अरविंद यादव ने वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं अन्य महिला कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाई।विकास अधिकारी प्रत्यूष पांडेय,मुरारी मोहन शाही,चेयरमैन क्रांति सिंह,जनार्दन कुशवाहा,गंगा सिंह कुशवाहा,जिप्पू शाही,सुजीत प्रताप सिंह,संजय सिंह, दयाशंकर शास्त्री,कुंवर राय,कमलेश यादव,ब्रह्मा यादव,पवन कुमार मिश्रा,नवीन शाही,पवन पाठक,संतोष पति त्रिपाठी,विकास राय,शशांक पांडेय,युगुल किशोर शाही,आशुतोष मिश्रा,प्रमोद यादव,भीम यादव,रामायण साहनी,अनिल प्रसाद,सुभाष पांडेय,पंकज राय,विवेक राय,विनोद कुशवाहा, रामाशीष मौर्य,ध्रुवदेव शाही,अरविंद राय,अवनीश पाठक,मनोज भारती, डॉ विंध्याचल मद्धेशिया,मारकंडे तिवारी,राधेश्याम शुक्ल,गोलू राव,सूरज गुप्ता,ओंकार राव,विश्वनाथ राय,दिग्विजय सिंह,आदि मौजूद रहे।

मुकदमे की सुनवाई नहीं सिर्फ फीस की चिंता – मुवक्किलों की मुश्किलें बढ़ीं

वकीलों की रणनीति से कोर्ट में मुवक्किलों का समय और पैसा बर्बाद

अधिकारियों की इच्छा के बावजूद वकीलों के रवैये से न्याय पाने में परेशान मुवक्किल

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर कमिश्नरी कोर्ट में अधिकारी समय पर मुकदमों की सुनवाई करना चाहते हैं, लेकिन वकीलों के रवैये के कारण मुवक्किल बार-बार असुविधा का सामना कर रहे हैं। वकील मुख्य रूप से अपनी फीस की चिंता में मुवक्किलों को फोन करते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं बताते कि आज कोर्ट में सुनवाई नहीं होगी।
सूत्रों के अनुसार, वकील जानबूझकर प्रस्ताव बार-बार देते हैं ताकि मुकदमे जल्दी निपटने पर उनकी फीस कम न हो। इस कारण पूरे महीने में मुश्किल से दस दिन ही कोर्ट की सुनवाई हो पाती है। मुवक्किल बार-बार कोर्ट आते हैं, समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं, और न्याय पाने की प्रक्रिया लंबी और थकाऊ बन जाती है।
मुवक्किलों का कहना है कि अधिकारी सुनवाई कराना चाहते हैं, लेकिन वकीलों के इस रवैये की वजह से उन्हें असुविधा होती है। कई बार वकील केवल फीस के लिए मुवक्किल को फोन करते हैं, जबकि कोर्ट में उपस्थित होना उनके लिए आवश्यक होता है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। कोर्ट में सुनवाई तय समय पर होनी चाहिए और मुवक्किलों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकारी न्याय दिलाना चाहते हैं, लेकिन वकीलों के हित के कारण मुवक्किलों को समय, पैसा और ऊर्जा की हानि उठानी पड़ रही है।

दीपावली का आनन्दोत्सव

दीपावली पर्व अति पावन पाँच
दिनो तक सारे भारत में होता है,
धन्वन्तरि ऋषि की जन्मतिथि
धनतेरस से यह पर्व शुरू होता है।

आयुर्वेद चिकित्सा में धन्वन्तरि
ने स्वस्थ शरीर को धन माना है,
पहला सुख निरोगी काया दूजा सुख
घर में माया धन लक्ष्मी को माना है।

इसीलिए धन त्रयोदशी को धन
लक्ष्मी की पूजा की जाती है,
तन स्वस्थ रहे, मन आनंदित हो,
अर्थ की देवी लक्ष्मी घर आती हैं।

अगले दिन छोटी दीवाली यानी नर्क
चतुर्दशी मनाने की बारी आती है,
काली पूजा, कृष्ण पूजा, यम पूजा,
वामन पूजा इस दिन की जाती है।

पौराणिक कथाएँ प्रचलित, नर्कासुर,
भौमासुर वध कृष्ण के द्वारा होता है,
काली माता, श्रीकृष्ण-सत्यभामा,
यमराज, वामन देव को पूजा जाता है।

दीवाली की रात अमावस होती
है श्रीगणेश लक्ष्मी को विधिवत
इस दिन श्रद्धा से पूजा जाता है,
सीता राम लखन के वन से वापसी
के स्वागत में हर घर में दीपमालिका
जला कर आनंद मनाया जाता है।

चौथे दिन कार्तिक शुक्ल परेवा को
गोवर्धन पूजा, श्रीकृष्ण द्वारा गोकुल
की इन्द्र के कोप से रक्षा की जाती है,
द्वितीया को अगले दिन भाईदूज,
भाई बहन के पावन रिश्ते और
प्यार के लिए मनाई जाती है।

पाँचो दिन दीवाली के हर्ष और
उल्लास पूर्वक श्रद्धा भक्ति पूर्वक
भारत के हर घर में मनाये जाते हैं,
ख़ुशियों और सुख समृद्धि हेतु पूरी
आस्था विश्वास जताकर आदित्य
मिठाई खाते हैं,पटाखे फोड़े जाते हैं।

  • डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
    ‘आदित्य’

एक्शन एक्टर गुलाब सलाट को मिला राष्ट्रीय एकता सन्मान अवार्ड, संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी

गरीबी से लेकर बॉलीवुड तक का सफर

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। गुजरात के आनंद जिले के एक छोटे से गांव में जन्मे गुलाब सलाट आज भारतीय सिनेमा के उभरते हुए एक्शन एक्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। हाल ही में उन्हें लोक गौरव राष्ट्रीय एकात्मता परिषद की ओर से राष्ट्रीय एकता सन्मान अवार्ड (राज्यस्तरीय लोक सेवा गौरव अवार्ड 2025) से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें 12 अक्टूबर 2025 को वाशी, नवी मुंबई में उनके कला और अभिनय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।
इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से नासिर खान सर और सलमा खान मैडम का आभार व्यक्त किया।

गुलाब सलाट का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता तम्मा भाई सलाट ने गरीबी में भी बेटे के सपनों को कभी मरने नहीं दिया। बचपन से ही गुलाब का सपना था कि वह फिल्मों में काम करें। पिता ने उन्हें ऑल इंडिया वाडो काई कराटे दो अकादमी में दाखिला दिलाया, जहां से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई।

संघर्ष और हौसले की मिसाल

गुलाब ने हैदराबाद में डांस और जिमनास्टिक सीखा, लेकिन मुंबई में एक निर्देशक ने उनके पिता से ₹15,000 ठग लिए। यह उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था। पिता के निधन के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और कराटे ट्रेनर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली।

उनकी मेहनत रंग लाई — उन्हें टीवी सीरियल ‘जय जय जग जननी दुर्गा मां जय बजरंगबली’ में काम मिला, जिससे उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई।

एक्शन और कला में महारथ

गुलाब सलाट आज एक प्रशिक्षित एक्शन आर्टिस्ट हैं। उन्होंने मार्शल आर्ट, कराटे, जिमनास्टिक, योगा, बॉडी स्टंट, ब्रेक डांस, लाठी, ननचाकू, तलवारबाजी, राइफल शूटिंग और फिल्मी अभिनय में विशेषज्ञता हासिल की है।
वे कहते हैं —

“मैं अपने पिता का नाम रोशन करने का सपना जल्द ही पूरा करूंगा।”

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित

गुलाब को अब तक कई अवार्ड मिल चुके हैं —

दिल्ली बॉलीवुड सिने रिपोर्टर अवार्ड, नागपुर गौरव महाराष्ट्र अवार्ड, मुंबई जन गौरव कार्य दर्पण अवार्ड, वडोदरा सिने मीडिया अवार्ड, वाइब्रेंट गुजराती फिल्म अवार्ड

ये सभी सम्मान उनके कठिन परिश्रम और लगन का परिणाम हैं।

गुलाब सलाट की कहानी उस हर युवा के लिए प्रेरणा है जो संघर्ष के बीच भी अपने सपनों को नहीं छोड़ता। उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति उन्हें भारतीय सिनेमा के अगले बड़े एक्शन स्टार के रूप में स्थापित कर रही है।

अनियमितता के आरोप में कोटे की दुकान निलंबित, कोटेदार पर मुकदमा दर्ज

ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। नगर पालिका क्षेत्र सिसवा बुजुर्ग स्थित उचित दर की राशन दुकान में लंबे समय से चल रही अनियमितताओं की शिकायत आखिरकार रंग लाई। पूर्ति विभाग ने जांच में आरोप सही पाए जाने पर कोटेदार रामप्यारे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। साथ ही मुकदमा दर्ज करा कर प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राशन व्यवस्था में लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले की शुरुआत अगस्त माह में तब हुई जब बुढ़वा टोला के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कोटेदार रामप्यारे कार्डधारकों को पूर्ण कोटा का राशन नहीं देते, तोल में हेराफेरी करते हैं और कई बार अपात्र लोगों को भी राशन उपलब्ध कराते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार शिकायत करने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। अंततः जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो पूर्ति
पूर्ति निरीक्षक निचलौल बालेश्वर मणि त्रिपाठी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। पूर्ति निरीक्षक द्वारा मौके पर पहुंच कर कार्डधारकों से पूछ-ताछ, वितरण रजिस्टर की जांच और राशन स्टॉक का मिलान किया गया। जांच में यह पाया गया कि कोटेदार द्वारा न केवल वितरण में गड़बड़ी की जा रही थी, बल्कि स्टॉक में अनुचित कमी भी दर्ज की गई थी। जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि राशन वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और कई कार्डधारक शिकायत की पुष्टि कर रहे थे। इस आधार पर विभाग ने कोटेदार को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद संबंधित दुकान के सभी कार्डधारकों को अब सिसवा खुर्द के बबली देवी वार्ड नं 5 स्थित उचित दर की दुकान से जोड़ दिया गया है ताकि किसी पात्र लाभार्थी को असुविधा न हो। विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि नई दुकान से राशन वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्ति निरीक्षक ने थाना कोठीभार में तहरीर देकर कोटेदार रामप्यारे के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
यह कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यह प्रशासन की निष्पक्षता और सख्ती का प्रमाण है।
इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक बालेश्वर मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि पात्र लाभार्थियों को उनका हक बिना किसी बाधा के मिले। जो भी कोटेदार नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में संतोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह कार्रवाई होती रही तो कोटे की दुकानों में फैला भ्रष्टाचार और मनमानी रुक सकेगी। अब आम जनता को उम्मीद है कि भविष्य में राशन वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनेगी।

🚧रूद्रपुर में डेकोरेटिव पोल लगाने पर सभासद का आपत्ति पत्र—“सकरी सड़क पर अतिक्रमण बढ़ेगा, जनहित में चौड़ी सड़कें हों प्राथमिक”

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) रूद्रपुर नगर पंचायत रूद्रपुर की वार्ड संख्या 15 की सभासद अनीता रावत ने नगर विकास कार्य को लेकर एक शिकायत एवं सुझाव पत्र उच्चाधिकारियों को भेजा है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा नगर के मेन मार्केट मार्ग (इमामबाड़ा चौराहा से भभौली बाईपास तक) पर 75 डेकोरेटिव पोल लगाने के लिए ₹1 करोड़ 12 लाख रुपये का टेंडर कराया गया है, जबकि यह सड़क मात्र 4 से 5 मीटर चौड़ी है और हमेशा जाम रहती है।
सभासद का कहना है कि नाली से 2–3 फीट अंदर पोल के फाउंडेशन बनने से सड़क की उपयोगी चौड़ाई घट जाएगी, जिससे अतिक्रमण, जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा।
उन्होंने सुझाव दिया है कि नगर की चौड़ी सड़कों जैसे –
दुग्धेश्वरनाथ मंदिर गेट से खजुहा चौराहा,
खजुहा से बस स्टेशन होते हुए तहसील मार्ग,
खजुहा चौराहा से आदर्श चौराहा होते हुए सेमरौना पुल (बथुआ रिवर फ्रंट) तक —

शिकायती पत्र

इन मार्गों पर डेकोरेटिव पोल लगाए जाएँ, ताकि शहर की सुंदरता और जनसुविधा दोनों बनी रहें।
अनीता रावत ने कहा कि “जनहित और सुरक्षा सर्वोपरि है, विकास कार्य ऐसे स्थानों पर हों जहाँ जनता को सुविधा मिले, समस्या नहीं।”
उन्होंने मांग की है कि सड़क की स्थिति की जांच कराकर डेकोरेटिव पोल को चौड़ी सड़कों पर स्थानांतरित किया जाए।यह पत्र 17 अक्टूबर 2025 को लिखा गया है, जो स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा विकास कार्य की दिशा और प्राथमिकता पर संवेदनशील हस्तक्षेप का उदाहरण माना जा रहा है।

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कुशीनगर बनेगा अंतरिक्ष विज्ञान का केंद्र

🚀 सेवरही में 27 से 30 अक्टूबर तक होगा राष्ट्रीय कैन सेट रॉकेट 2प्रक्षेपण प्रतियोगिता

देशभर के 700 युवा वैज्ञानिक दिखाएंगे प्रतिभा, इसरो व इन-स्पेस के विशेषज्ञ भी होंगे शामिल

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद का नाम अब अंतरिक्ष विज्ञान की नई ऊँचाइयों से जुड़ने जा रहा है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के पिपराघाट व जंगली पट्टी के बीच आगामी 27 से 30 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होने जा रही राष्ट्रीय कैन सेट रॉकेट मॉडल प्रक्षेपण प्रतियोगिता देशभर के 700 युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा का साक्षी बनेगी।

उन्होंने बताया कि “तमकुहीराज की धरती पर यह आयोजन सिर्फ विज्ञान नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में वैज्ञानिक चेतना जगाने का भी प्रयास है।”
उन्होंने आगे कहा कि “मैं स्वयं आईआईटी से रहा हूं, इसलिए मेरा सपना है कि युवाओं को विज्ञान की नई उपलब्धियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर भारत का वाहक बनाया जाए। यह आयोजन उसी दिशा में एक अविस्मरणीय कदम है।”
🌌 “उत्तर भारत में पहली बार होगा इस स्तर का आयोजन” – डीएम महेंद्र सिंह तंवर
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि “गुजरात, राजस्थान और दक्षिण भारत में इस तरह की प्रतियोगिताएँ पहले होती रही हैं, लेकिन उत्तर भारत में पहली बार कुशीनगर इस स्तर के अंतरिक्षीय आयोजन की मेजबानी कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि यह आयोजन छठ महापर्व के साथ होगा, जिससे देशभर से आने वाले वैज्ञानिकों को पूर्वांचल की समृद्ध संस्कृति से भी परिचित होने का अवसर मिलेगा।
“हम महिलाओं और श्रद्धालुओं के लिए ऐसी व्यवस्था करेंगे जिससे छठ पूजा में कोई व्यवधान न आए,” उन्होंने कहा।
🌠 “कुशीनगर में दीपावली पर नहीं, वास्तविक रॉकेट उड़ेंगे”
डीएम ने हंसते हुए कहा, “जब पूरा देश दीपावली में पटाखे उड़ाएगा, कुशीनगर में वास्तविक रॉकेट उड़ाए जाएंगे। यही हमारे जिले का विज्ञान से दीपोत्सव होगा।”
इस आयोजन में इसरो के डायरेक्टर, इन-स्पेस के वैज्ञानिक डॉ. विनोद, और अंतरिक्ष वैज्ञानिक शुभ्रांश शुक्ल भी शामिल होंगे। सभी प्रतिभागियों के रहने-खाने की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है।

🌍 युवा वैज्ञानिकों के लिए बनेगा प्रेरणास्त्रोत

डॉ. विनोद ने कहा कि “हमने देश के कई हिस्सों में इस प्रतियोगिता का आयोजन किया, लेकिन कुशीनगर में यह पहली बार है कि जिला प्रशासन ने इतनी सक्रियता से सहयोग दिया है। यह आयोजन निश्चित ही भावी वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणापुंज सिद्ध होगा।”

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भारत ने रचा इतिहास: रक्षा निर्यात 25,000 करोड़ पार, 2029 तक 50,000 करोड़ का लक्ष्य — आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और बड़ी छलांग

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को घोषणा की कि देश का रक्षा निर्यात अब 25,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है — जो कुछ वर्ष पहले मात्र 1,000 करोड़ रुपये था। यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

राजनाथ सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2029 तक रक्षा विनिर्माण में 3 लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात में 50,000 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर कहा, “हमारा रक्षा निर्यात, जो पहले 1,000 करोड़ रुपये से कम था, अब रिकॉर्ड 25,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। हमने अब 2029 तक घरेलू रक्षा विनिर्माण में 3 लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात में 50,000 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य रखा है।”

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इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की सराहना की, जिसने भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में अहम योगदान दिया है। राजनाथ सिंह ने नासिक स्थित एचएएल परिसर में तेजस एमके1ए की पहली उड़ान का अवलोकन किया और नई विमान उत्पादन लाइनों का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा, “नासिक की भूमि ऐतिहासिक और पवित्र है। भगवान शिव यहाँ त्र्यंबकेश्वर के रूप में विराजमान हैं। यह भूमि न केवल आस्था और भक्ति की है, बल्कि अब आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बन गई है। एचएएल यहाँ राष्ट्र की रक्षा शक्ति का प्रतीक है।”

रक्षा मंत्री ने एमके1ए के लिए तीसरी उत्पादन लाइन और एचटीटी-40 विमान के लिए दूसरी उत्पादन लाइन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।

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राजनाथ सिंह ने नासिक सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि “कभी यह स्थान मिग विमानों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यह सुखोई विमानों के उत्पादन का आधुनिक केंद्र बन चुका है। यह भारत की बदलती रक्षा ताकत और आत्मनिर्भरता का जीता-जागता उदाहरण है।”

फार्मर रजिस्ट्रेशन विशेष अभियान: 16 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलेगा अभियान, सभी किसानों का होगा पंजीकरण

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। शासन एवं जिलाधिकारी के निर्देशानुसार 16 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक जिले में फार्मर रजिस्ट्रेशन विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस एक माह के विशेष अभियान के अंतर्गत तहसील क्षेत्र के सभी किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए।

वर्तमान में क्षेत्र में पंजीकरण की स्थिति लगभग 51 प्रतिशत है, जिसे पहले सप्ताह में 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। अभियान में लेखपाल, पंचायत सहायक, जन सेवा केंद्र संचालक, सरकारी राशन विक्रेता, ग्राम प्रधान तथा कृषि विभाग के एटीएम और बीटीएम कर्मचारी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन कम से कम पांच किसानों का पंजीकरण कराएं, वहीं जन सेवा केंद्र संचालकों को प्रतिदिन न्यूनतम दो हजार पंजीकरण पूर्ण करने का लक्ष्य सौंपा गया है।

इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों के साथ-साथ ऐसे किसानों का भी पंजीकरण किया जाएगा, जो अब तक योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं। पूर्व में सॉफ्टवेयर की तकनीकी त्रुटियों के कारण पंजीकरण में कठिनाई आ रही थी, लेकिन अब उसमें सुधार कर दिया गया है।

अभियान की निगरानी के लिए खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, एडीओ कृषि और प्रभारी तहसीलदार को सुपरवाइजर बनाया गया है। ये अधिकारी प्रतिदिन शाम 5 बजे तक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे और अपने कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित करेंगे, जो प्रत्येक दो घंटे में ग्राम स्तर से जानकारी एकत्र करेगा।

महिला के सिर पर बंदूक तानकर लूटे गहने, घर का सामान जलाया – दीवार पर धमकी लिख फरार हुए बदमाश

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। गुरुवार की देर रात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम देवरिया उर्फ शामपुर में बदमाशों ने आतंक मचा दिया। चार नकाबपोश युवकों ने घर में घुसकर महिला के सिर पर बंदूक तान दी, उसके कान और नाक के गहने लूट लिए, और घर में रखा लाखों का सामान आग के हवाले कर दिया। जाते-जाते दीवार पर गालियां और जान से मारने की धमकी लिखकर फरार हो गए।

घटना के समय पीड़िता रजिया खातून पत्नी मेराजुद्दीन अपने दो बेटों के साथ किराए के मकान में सो रही थीं। रात करीब 11 बजे चार युवक जंगला फांदकर घर में घुस आए। बदमाशों ने रजिया की गोद में सोए छोटे बेटे यमन को पकड़ लिया और बंदूक तानकर गहनों की मांग करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने बच्चे को जमीन पर पटक दिया और कमरे में रखा सामान आंगन में लाकर जला दिया।

इसके बाद बदमाशों ने दीवार पर धमकी भरे शब्द लिखे, जिसमें मकान मालिक के बेटे मारूफ द्वारा लोन की रकम न चुकाने का जिक्र था। जब पड़ोसियों ने घर से धुआं उठते देखा तो शोर मचाया और 112 व कोतवाली पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और सहमे परिवार को ढांढस बंधाया।

घटना के समय रजिया के पति मेराजुद्दीन, जो पेशे से हलवाई हैं, भटनी थाना क्षेत्र के एक विवाह समारोह में खाना बना रहे थे। सूचना मिलते ही वे घर पहुंचे तो देखा कि घर में पुलिस और ग्रामीणों की भीड़ जुटी है। घटना के बाद रजिया बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजन ने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और बदमाशों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।

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धनतेरस को हुआ था चिकित्सा विज्ञान के देवता भगवान धन्वंतरि का जन्म – आचार्य अजय शुक्ल

18 अक्टूबर को मनाया जाएगा धनतेरस का पर्व

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सनातन धर्म व संस्कृति का प्रमुख पर्व धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज ही के दिन समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले थे जिसमें बिष, मां लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि भी थे।मंथन के वक्त निकलते समय भगवान धन्वंतरि के एक हाथ में अमृत कलश था जिससे लोग शारीरिकी कष्टों व रोगों के मुक्ति दिलाने के साथ ही जिसके पीने से जीवन मरण से देव छूट सकते थे। इसी कारण इन्हें चिकित्सा विज्ञान के देवता व देवताओं के वैद्य के रूप में जाना जाता है और इनकी पूजा आज के दिन की जाती है।इनके साथ मां लक्ष्मी जी व कलश के होने के कारण इस दिन मां लक्ष्मी जी के पूजन व बर्तन खरीदने का कार्य किया जाता है। इस बार खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त पहला मुहूर्त जो अमृत काल का होता है वह सुबह 8 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।साथ ही लाभ उन्नति चौघड़िया मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 51 मिनट से लेकर 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। वैसे तो धनतेरस के पूरे दिन आप वाहन,आभूषण व बर्तन की खरीदारी कर सकते हैं। धनतेरस में पूजन के लिए शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में 7 बजकर 16 मिनट से लेकर 8 बजकर 20 मिनट तक का है। इस पर्व के दिन से दीपावली पर्व की शुरुआत हो जाती है ।

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कक्षा 8 की छात्रा अनुष्का बनी एक दिन के लिए सीडीओ,दिया महिला शक्ति का संदेश

सीडीओ बनकर ग्राम्य विकास व विभिन्न विभागों की निम्न बिन्दुओं की करी समीक्षा बैठक,खराब प्रगति में सुधार लाने के दिए निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मिशन शक्ति के अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय माऊरबोझ की कक्षा 8 की छात्रा अनुष्का एक दिन के लिए मुख्य विकास अधिकारी बनकर विकास भवन सभागार में ग्राम्य विकास एवं विभिन्न विभागों की निम्न एजेंडा बिंदुओं पर समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान मनरेगा, आवास, पंचायती राज, समाज कल्याण, प्रोवेशन एवं पशुपालन विभाग द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की गई।
वृक्षारोपण की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि रोपित पौधों की सत प्रतिशत जीवितता सुनिश्चित करने हेतु प्रबंध करें किसी भी दशा में पौधों को सुरक्षित बचाना है तथा निर्गत आई डी के सापेक्ष शत प्रतिशत मस्टररोल निर्गत कर फीड करना सुनिश्चित करें।
एक दिन की सीडीओ बनकर अनुष्का ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश, जिसमें उन्होंने जल जीवन मिशन, मनरेगा, एनआरएलएम और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लंबित कार्यों को पूरा करने और विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। अनुष्का के इस पहल का उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाना प्राथमिकता रही।
इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी कक्ष में समस्त बैंकर्स के साथ भी बैठक की गई। उन्होंने बैंकों को जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने विद्युत विभाग की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सीडीओ ने अधिकारियों को विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कहा।
बैठक के दौरान परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित रहे।