Sunday, July 5, 2026
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उद्यान विभाग गुणवत्ता युक्त आलू व रबी मौसम के सागभाजी बीज उचित अनुदानित दर पर कराए जा रहे हैं उपलब्ध

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा)l उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त आलू बीज एवं रबी मौसम के सागभाजी बीज उचित अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।आलू के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु विभाग द्वारा आधारित प्रथम श्रेणी के कुफरी सिंदूरी कुफरी चिपसोना एवं कुफरी बहार प्रजाति का 80 कुंतल बीज किसानों को नगद मूल्य पर वितरण हेतु भेजा गया है ।खास बात यह है कि शासन द्वारा आलू बीज की दरों में ₹800 प्रति कुंतल की सब्सिडी प्रदान करते हुए आधारित प्रथम बीज की दर 2915 रुपए प्रति कुंतल तथा आधारित द्वितीय की दर 2710 रुपए प्रति कुंतल निर्धारित की गई है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि आलू बीज के 160 पैकेट, 50 किलोग्राम प्रति पैकेट के अनुसार कल प्राप्त हुए थे जिसमें से 76 पैकेट की बिक्री हो चुकी है तथा अब कुफरी सिंदूरी और कुफरी चिपसोना प्रजाति के 84 पैकेट बीज रोज गार्डन, बलिया मोड़ से एक-दो दिनों में किसानों को विक्रय किए जाएंगे।किसानों को सलाह दी गई कि वर्तमान में मोथा तूफान के कारण हो रही बारिश के मौसम को देखते हुए किसान बीज के आलू को खोलकर, छायेदार,हवादार स्थान पर अंकुरण हेतु रखें तथा मौसम साफ होने पर बीज का शोधन करते हुए बुवाई का कार्य पूर्ण करें। बीज को ज्यादा से ज्यादा उत्पादन उपरांत अगले वर्ष बीज के रूप में प्रयोग करें।जिला उद्यान अधिकारी द्वारा बताया गया है कि जनपद में जाड़े के शाकभाजी फसलों में सब्जी मटर की पांच प्रजातियां, 100 रुपए प्रति किलो की दर पर उपलब्ध है तथा मेथी, मूली धनिया, पालक एवं राजमा की प्रजातियां भी विभाग से अनुदानित दरों पर नगद मूल्य पर विक्रय की जा रही है सभी बीज आधारित और प्रमाणित श्रेणी के हैं जिनका मूल्य 85 से लेकर 325 रुपए किलो के मध्य निश्चित है। किसानों को साग भाजी फसलों में गुणवत्तापूर्ण बीज उचित दरों पर उपलब्ध कराने के दृष्टिगत विभाग द्वारा लगभग 1000 किलो बीज वितरित किया जा रहा है जिससे कृषक कम लागत में अपनी छोटी जोत में भी जाड़े में सब्जी मटर एवं अन्य फसलों को पैदा आय में वृद्धि कर सकते हैं।

ट्रेन में चोरी हुआ पर्स तो भड़की महिला ने तोड़ दिया एसी कोच का शीशा, वीडियो हुआ वायरल


सोशल मीडिया पर एक महिला यात्री का गुस्से से भरा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। मामला इंदौर से दिल्ली जाने वाली ट्रेन का है, जहां एक महिला यात्री ने अपना पर्स चोरी होने के बाद एसी कोच की खिड़की का शीशा तोड़ दिया। घटना के दौरान ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला।

बताया जा रहा है कि महिला के पर्स में पैसे, मोबाइल और जरूरी दस्तावेज रखे थे। चोरी की घटना के बाद जब उसे मदद नहीं मिली तो उसने गुस्से में आकर एसी कोच की विंडो पर प्लास्टिक बोर्ड मारना शुरू कर दिया, जिससे शीशा पूरी तरह टूट गया।

वीडियो में क्या दिखा?

वायरल वीडियो को @Vakil_sahab029 नामक अकाउंट से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर साझा किया गया है। वीडियो में महिला लगातार शीशे पर मारते हुए चिल्लाती नजर आ रही है —

“मेरा पर्स लाकर दो, नहीं तो मैं नहीं रुकूंगी।”

वीडियो में उसके पास एक छोटी बच्ची भी बैठी दिखाई दे रही है, जो डरी हुई लग रही है। आसपास बैठे यात्री उसे रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन महिला किसी की बात नहीं सुनती। शीशा टूटने के बाद कांच के टुकड़े महिला और बच्ची के पास बिखर जाते हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो जाती है।

लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

कई लोगों ने महिला के प्रति सहानुभूति जताई और कहा कि चोरी के बाद उसे तुरंत मदद मिलनी चाहिए थी।

वहीं कुछ यूजर्स ने महिला की हरकत की निंदा करते हुए कहा कि “सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गलत है।”

एक यूजर ने लिखा, “बच्ची के लिए बहुत बुरा लगा, किसी को उसे वहां से हटा देना चाहिए था।”

जबकि एक अन्य ने कहा, “ट्रेन का शीशा तोड़ने से पर्स वापस नहीं मिलेगा, यह पूरी तरह से गुस्से में की गई गलती है।”

रेलवे प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि आरपीएफ या टीटीई तुरंत कार्रवाई करते, तो महिला इस तरह का कदम नहीं उठाती। फिलहाल, रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित कोच के कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।

CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई ने जारी की 10वीं और 12वीं की फाइनल डेटशीट, 17 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं और 12वीं की फाइनल डेटशीट जारी कर दी है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक और 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। सभी पेपर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 या 1:30 बजे तक होंगे, विषय के अनुसार परीक्षा का समय तय किया गया है।

CBSE 2026: 10वीं की परीक्षा साल में दो बार

सीबीएसई बोर्ड ने घोषणा की है कि सत्र 2026 से कक्षा 10वीं की परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किया गया है, जिससे छात्रों को बेहतर अवसर और लचीलापन मिलेगा।

पहली बार बोर्ड ने 24 सितंबर 2025 को टेंटेटिव डेटशीट जारी की थी ताकि स्कूल और छात्र पहले से तैयारी कर सकें। अब जब स्कूलों ने अपने subject combinations का डेटा भेज दिया है, तो बोर्ड ने फाइनल डेटशीट परीक्षा से 110 दिन पहले जारी की है।

CBSE Class 10 Date Sheet 2026 (संक्षेप में)

17 फरवरी – गणित (स्टैंडर्ड / बेसिक)

18 फरवरी – होम साइंस

20 फरवरी – ब्यूटी एंड वेलनेस, मार्केटिंग, डेटा साइंस आदि

21 फरवरी – अंग्रेज़ी (कम्युनिकेटिव / लैंग्वेज एंड लिटरेचर)

25 फरवरी – विज्ञान

2 मार्च – हिंदी (कोर्स A / B)

7 मार्च – सामाजिक विज्ञान

10 मार्च – फ्रेंच

CBSE Class 12 Date Sheet 2026 (संक्षेप में)

17 फरवरी – बायोटेक्नोलॉजी, आंत्रप्रेन्योरशिप

20 फरवरी – फिजिक्स

28 फरवरी – केमिस्ट्री

12 मार्च – अंग्रेज़ी (इलेक्टिव / कोर)

16 मार्च – हिंदी (इलेक्टिव / कोर)

18 मार्च – अर्थशास्त्र

23 मार्च – राजनीति विज्ञान

27 मार्च – जीवविज्ञान

28 मार्च – बिजनेस स्टडीज़

4 अप्रैल – समाजशास्त्र

9 अप्रैल – डेटा साइंस, मल्टीमीडिया, टेक्सटाइल डिजाइन

महत्वपूर्ण निर्देश छात्रों के लिए

सभी परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से शुरू होंगी।

छात्रों को कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।

परीक्षा के दौरान एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी कार्ड साथ रखना अनिवार्य है।

पूरी डेटशीट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर उपलब्ध है।

उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा

गोरखपुर चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र, बिहार में एनडीए बनाएगी पूर्ण बहुमत की सरकार-बृजेश पाठक

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक बृहस्पतिवार को गोरखपुर आगमन पर सर्किट हाउस में पहुंचे, जहां उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद के जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सहित विभागीय अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक व संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान जिले के अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवा आपूर्ति, उपकरणों की स्थिति, भर्ती की व्यवस्था, चिकित्सकों की उपस्थिति तथा जनस्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता आमजन को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। प्रत्येक अस्पताल में मरीजों को दवाओं, जांच और आपात सेवाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता और प्रशिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, ताकि यहां से निकलने वाले चिकित्सक जनसेवा में उत्कृष्ट योगदान दे सकें।
डिप्टी सीएम ने कहा कि गोरखपुर जनपद और पूरा मंडल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहां न केवल बीआरडी मेडिकल कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं बल्कि आयुष्मान भारत, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसी योजनाओं में भी यह क्षेत्र अग्रणी है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को मॉडल स्वरूप देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए राजनीतिक सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारत की विरासत, संस्कृति और परंपराओं की कोई समझ नहीं है। उन्होंने छठ पर्व जैसे आस्था के महान पर्व पर जो बयान दिया है, वह निंदनीय है। बिहारवासी इस अपमान का जवाब मतदान से देंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में आगामी चुनाव में एनडीए गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगा, जबकि महागठबंधन पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में यूपी ने पूरे देश में अपनी नई पहचान बनाई है। उन्होंने आत्मविश्वास जताया कि वर्ष 2027 में भी भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मतदाता सूची में जिन व्यक्तियों की नामांकन योग्यताएं हैं, उन्हें मतदान करने का पूर्ण अधिकार है। कोई भी व्यक्ति पात्र मतदाताओं को वोट देने से नहीं रोक सकता। उन्होंने जनता से अपील की कि वे आगामी चुनावों में लोकतंत्र को मजबूत करने हेतु अधिक से अधिक मतदान करें।
बैठक के अंत में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गोरखपुर की प्रगति को लेकर संवेदनशील हैं, इसलिए किसी भी योजना में ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।

स्मृति मंधाना के मंगेतर पलाश मुच्छल की लग्जरी लाइफस्टाइल: 30 की उम्र में करोड़ों की संपत्ति के मालिक, जानें फैमिली और नेटवर्थ


भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना के मंगेतर और पॉपुलर संगीतकार पलाश मुच्छल इन दिनों सुर्खियों में हैं। इंगेजमेंट के बाद से ही फैंस उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर काफी उत्सुक हैं। संगीतकार, निर्देशक और प्रोड्यूसर के रूप में पहचान बना चुके पलाश मुच्छल आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।

पलाश मुच्छल की फैमिली और शुरुआती जीवन

पलाश मुच्छल का जन्म 22 मार्च 1995 को मध्यप्रदेश के इंदौर में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। 2025 के अनुसार उनकी उम्र 30 वर्ष है। उनके पिता राजकुमार मुच्छल प्राइवेट फर्म में कार्यरत हैं, जबकि मां अनीता मुच्छल एक गृहिणी हैं।

पलाश की बहन पलक मुच्छल बॉलीवुड की मशहूर गायिका हैं, जिन्होंने सलमान खान, अजय देवगन, रणबीर कपूर जैसे सुपरस्टार्स की फिल्मों में अपनी आवाज दी है। भाई-बहन की यह जोड़ी अपनी प्रतिभा और सामाजिक कार्यों के लिए भी जानी जाती है।

संगीत और निर्देशन में करियर

पलाश मुच्छल ने अपने करियर की शुरुआत 2014 में फिल्म “ढिश्कियाऊं” से बतौर म्यूजिक डायरेक्टर की थी। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।

उन्होंने “भूतनाथ रिटर्न्स” के हिट गाने “पार्टी तो बनती है” का म्यूजिक कंपोज किया, जो आज भी दर्शकों का फेवरेट है। इसके अलावा उन्होंने कई सुपरहिट म्यूजिक वीडियोज और फिल्मों जैसे “अर्ध” और “काम चालू है” का निर्देशन किया है।

अब तक पलाश टी-सीरीज, जी म्यूजिक, और पाल म्यूजिक जैसी बड़ी कंपनियों के लिए 40 से अधिक म्यूजिक वीडियोज बना चुके हैं।

नेटवर्थ और लग्जरी लाइफस्टाइल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पलाश मुच्छल की कुल संपत्ति 24 से 41 करोड़ रुपये के बीच है। उनकी कमाई का मुख्य स्रोत फिल्म प्रोजेक्ट्स, म्यूजिक वीडियोज और लाइव शोज हैं।

पलाश अपनी बहन पलक मुच्छल की तरह ही अपने कमाए हुए पैसों से जरूरतमंद बच्चों के इलाज में मदद करते हैं। वह सोशल कॉज और चैरिटी वर्क के लिए भी जाने जाते हैं।

महिला वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को दिया 339 रन का लक्ष्य, फीबी लिचफील्ड का धमाकेदार शतक

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2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 338 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फीबी लिचफील्ड (Phoebe Litchfield) ने शानदार 119 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि एलिसे पेरी (Ellyse Perry) और एश्ले गार्डनर (Ashleigh Gardner) ने अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही, जब कप्तान एलिसा हीली केवल 5 रन बनाकर आउट हो गईं। लेकिन इसके बाद लिचफील्ड और पेरी ने मिलकर 175 रनों की जबरदस्त साझेदारी की।

फीबी लिचफील्ड ने 93 गेंदों में 17 चौके और 3 छक्के लगाते हुए 119 रन बनाए। वहीं एलिसे पेरी ने 88 गेंदों पर 77 रन ठोके, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल थे।

अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने वापसी की और लगातार विकेट चटकाकर रनगति पर अंकुश लगाया। एश्ले गार्डनर ने 45 गेंदों में 63 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की पारी 49.5 ओवर में 338 रन पर सिमट गई।

भारत की ओर से प्रदर्शन:
भारतीय गेंदबाजों में श्री चरणी और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि अमनजोत कौर, राधा यादव, और क्रान्ति गौड़ को 1-1 विकेट मिला। आखिरी ओवर में दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 3 रन दिए और तीन विकेट गिरे, जिससे ऑस्ट्रेलिया 350 का आंकड़ा नहीं छू सकी।

अब टीम इंडिया के सामने फाइनल में जगह बनाने के लिए 339 रनों का कठिन लक्ष्य है।

छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता व समयबद्धता अनिवार्य: प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा

प्रमुख सचिव ने कहा 31 अक्टूबर तक हर हाल में ऑनलाइन आवेदन पूरा करें

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा को लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने गुरुवार को गोरखपुर एनेक्सी सभागार में उच्च स्तरीय बैठक की।
              बैठक में प्रमुख सचिव ने जनपद स्तर पर छात्रवृत्ति वितरण, ऑनलाइन आवेदन, वेरिफिकेशन एवं भुगतान की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति वितरण कार्य पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्र इस योजना से वंचित न रहे।
              प्रमुख सचिव ने कहा कि सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि पात्र छात्र-छात्राएं 31 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन अवश्य कर दें। जिन छात्रों के आवेदन सही पाए जाएंगे, उनके खातों में 28 नवंबर 2025 को छात्रवृत्ति की राशि सीधे ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी संस्थान में डेटा फीडिंग या वेरिफिकेशन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
              समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, जनपद गोरखपुर में माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 514 विद्यालयों में से 385 विद्यालयों ने अब तक छात्रवृत्ति डेटा भर दिया है। लगभग 29,000 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है, जिनमें से अधिकांश का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। प्रमुख सचिव ने शेष विद्यालयों को शीघ्र डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखनाथ विश्वविद्यालय और आयुष विश्वविद्यालय सहित इनके अधीनस्थ 159 कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया जाएगा।
                प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, दिव्यांगजन एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के शिक्षा अधिकारों को लेकर संवेदनशील है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र छात्र आर्थिक तंगी या शारीरिक असमर्थता के कारण शिक्षा से वंचित न हो।
                   कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव ने दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और संस्थान प्रमुखों से अपील की कि वे वे आसपास के दिव्यांगजन को इन योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करें, ताकि वे भी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
                बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जिले में छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। विद्यालयों और कॉलेजों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी न हो।
                मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि विकास खंड स्तर पर मॉनिटरिंग सेल बनाए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट नियमित रूप से जिला प्रशासन को सौंपी जा रही है।
              जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकांत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी बी.एन. सिंह, और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्रद्धा मिश्रा ने बताया कि छात्रवृत्ति फॉर्म भरने और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर विद्यालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
                       बैठक के अंत में प्रमुख सचिव ने कहा कि “सरकार की मंशा स्पष्ट है कि शिक्षा हर छात्र का अधिकार है। किसी भी पात्र विद्यार्थी को केवल लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति से वंचित नहीं होना चाहिए।”
            उन्होंने अंतिम चेतावनी दी कि यदि किसी विद्यालय या कॉलेज में विद्यार्थियों के आवेदन लंबित पाए गए, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य की मानी जाएगी।
              बैठक में जनपद के सभी प्रधानाचार्य, महाविद्यालयों के प्राचार्य और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुंबई पवई स्टूडियो कांड: बच्चों को बंधक बनाने वाला रोहित आर्या पुलिस मुठभेड़ में घायल, इलाज के दौरान मौत

Mumbai News: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पवई इलाके में बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्या की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्चों को बंधक बनाकर पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस मुठभेड़ में घायल रोहित आर्या को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना गुरुवार दोपहर की है, जब एलएंडटी बिल्डिंग के पास स्थित आर ए स्टूडियो में लगभग 17 बच्चों को बंधक बना लिया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने बच्चों को “वेब सीरीज ऑडिशन” के बहाने बुलाया था। करीब एक घंटे तक स्टूडियो में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

ये भी पढ़ें – स्वरोजगार हेतु बेरोजगारों को मिलेगा 10 लाख तक का ऋण

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को 30 अक्टूबर दोपहर 1:45 बजे इस घटना की जानकारी मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कुछ केमिकल और एयर गन बरामद हुईं। इस दौरान बच्चों को खिड़की से झांकते हुए देखा गया, जिससे परिजनों में दहशत फैल गई।

घटना से पहले रोहित आर्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उसने कहा कि उसे पैसे नहीं चाहिए, बल्कि वह कुछ लोगों से बात करना चाहता है। उसने धमकी दी थी कि अगर उसे ऐसा करने से रोका गया तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा।

मुंबई पुलिस ने बयान जारी कर कहा, “सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उन्हें उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया है। आरोपी की पहचान रोहित आर्या के रूप में हुई है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।”

ये भी पढ़ें – सनातन देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में हिंदू समाज पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

स्वरोजगार हेतु बेरोजगारों को मिलेगा 10 लाख तक का ऋण

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि उ० प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 हेतु ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग स्थापना हेतु शिक्षित उद्यमियों, बेरोजगारों, आई० टी० आई० प्रशिक्षण प्राप्त उद्यमियों परम्परागत कारीगरों को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्राविधान है। जिसकी उम्र 18 वर्ष से 50 वर्ष तक है, वे अपना आवेदन पत्र ऑनलाईन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत समान्य पुरुष को पूजीगत ऋण पर 4 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग (महिलायें, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अल्पसंख्यक, विकलांग एवं भूतपूर्व सैनिकों) को पूजीगत ऋण पर बिना ब्याज के ऋण दिए जाने का प्राविधान है जिनके अर्न्तगत रु0 10 लाख तक ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रोजक्ट कास्ट का 10 प्रतिशत एवं आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान लगाना होगा। एक जनपद एक उत्पाद वस्त्रोद्योग जैसे साडी लुंगी गमछा आदि उद्योग लगाने वाले को उद्यमियों को विशेष वरीयता दी जायेगी। इच्छुक व्यक्ति दिनांक 15 नवम्बर 2025 तक अपना आवेदन पत्र cmegp.data-center.com.in पर जाकर आवेदन कर सकते है। आवेदन पत्र आनलाईन ही स्वीकार किया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय संगीत पैलेस nijamu निजामुद्दीनपुरा मऊ तथा दूरभाष संख्या 7408410764, 9450510803 पर सम्पर्क कर सकते है।

सनातन देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में हिंदू समाज पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा) सोशल मीडिया पर सनातन धर्म के देवी-देवताओं पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश व्यक्त किया है। पार्टी के उत्तर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गौरव गोस्वामी ने इस मामले में हजरतगंज थाना प्रभारी व पुलिस उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर संबंधित युवती सिफा पठान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गौरव गोस्वामी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि सिफा पठान, निवासी आज़ाद नगर, टीलानगरी, ने सोशल मीडिया के माध्यम से भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की है, जिससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पत्र में उल्लेख किया गया कि उक्त पोस्ट से समाज में गहरा रोष व्याप्त है।
पार्टी की ओर से मांग की गई है कि आरोपी युवती के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति इस प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी करने का दुस्साहस न कर सके।
गौरव गोस्वामी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू समाज पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि सोशल मीडिया पर धर्म, देवी-देवताओं और आस्था से जुड़े विषयों पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर तुरंत कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए ताकि समाज में सौहार्द और धार्मिक मर्यादा बनी रहे।

अवैध चाकू के साथ घूम रहा था युवक, पुलिस ने दबोचा — नशे की लत और आपराधिक प्रवृत्ति से परेशान रहती है पुलिस

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हथुआ उर्फ़ अवरंगाबाद निवासी मुहम्मद हुसैन सिद्दीकी उर्फ़ राजू दीवाना पुत्र अब्दुल गनी गुरुवार की सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बताया जा रहा है कि वह सलेमपुर कस्बे के मजार के समीप अवैध चाकू लेकर संदिग्ध अवस्था में घूम रहा था।

स्थानीय लोगों ने जब उसकी हरकतों पर संदेह जताया तो तत्काल इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राजू दीवाना को घेराबंदी कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक धारदार अवैध चाकू बरामद हुआ।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, राजू दीवाना लंबे समय से नशे का आदि है और आए दिन अपने अशांत व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों के चलते स्थानीय लोगों और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसके खिलाफ पहले भी अशांति फैलाने, अभद्रता और अवैध गतिविधियों से संबंधित शिकायतें मिल चुकी हैं। वर्तमान में उसे थाने में पूछताछ के बाद न्यायिक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

पुलिस का कहना है कि ऐसे तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।

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सलेमपुर में साइबर ठगों ने रचा नया खेल, दुकानदारों से वसूले नकद — बैंक ने लगाया खातों पर रोक

नवलपुर चौराहे पर एक ही दिन में दो दुकानों से ठग ने उड़ाए 30 हजार रुपये, सहारनपुर में साइबर क्राइम में दर्ज हुआ मुकदमा

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
सलेमपुर थाना क्षेत्र के नवलपुर चौराहे पर गुरुवार को एक बड़ी साइबर ठगी की वारदात सामने आई है। एक शातिर ठग ने खुद को ग्राहक बनाकर दो दुकानदारों को निशाना बनाया और फोनपे के माध्यम से पैसा भेजने का झांसा देकर उनसे नगद वसूली कर ली। ठग द्वारा भेजा गया पैसा दरअसल साइबर अपराध से जुड़ा निकला, जिसकी जानकारी बाद में बैंक से हुई।

जानकारी के अनुसार, नवलपुर चौराहे पर स्थित एक दुकान पर एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचा और 20 हजार रुपये का सामान खरीदने के बहाने फोनपे से राशि भेजने की बात कही। उसने दुकानदार को अपने मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का सफल स्क्रीनशॉट दिखाया और नगद 20 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद वह आगे दूसरी दुकान पर पहुंचा और वहीं तरीका अपनाकर 10 हजार रुपये और वसूल लिए।

शाम होते-होते जब दुकानदार अपने खातों की जानकारी लेने बैंक पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। बैंक कर्मियों ने बताया कि उनके खातों पर रोक लगा दी गई है क्योंकि खातों में सहारनपुर देहात क्षेत्र से जुड़े साइबर फ्रॉड के पैसों का लेन-देन हुआ है। बताया जा रहा है कि सहारनपुर में साइबर क्राइम से संबंधित एक मुकदमा दर्ज है और उसी क्रम में यह ट्रांजेक्शन संदिग्ध पाया गया।

पीड़ित दुकानदारों ने तत्काल सलेमपुर थाने में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और साइबर सेल को भी मामले की जानकारी दी। दुकानदारों का कहना है कि उनके खाते पर रोक लगने से उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है।

दुकानदार ने कहा, “हम खुद ठगी के शिकार हैं, हमारे अपने पैसे भी खाते में फंसे हुए हैं। ठग ने बड़ी चालाकी से हम लोगों को निशाना बनाया। पुलिस और साइबर सेल से हमें न्याय की उम्मीद है।”

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में ठगों के नेटवर्क का जल्द खुलासा किया जाए ताकि निर्दोष व्यापारियों को राहत मिल सके।

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दरवाजे पर खड़े युवक को बदमाशों ने मारी गोली, हालत गंभीर — पुलिस जांच में जुटी

मईल/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के जिरासो गांव में गुरुवार की अपराह्न उस समय सनसनी फैल गई जब बाइक सवार बदमाशों ने दरवाजे पर खड़े युवक को गोली मार दी। गोली उसके सीने में लगी है और हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।

घटना के बाद जांच में लगी पुलिस

जानकारी के अनुसार, जिरासो निवासी अनमोल मिश्र (22 वर्ष) पुत्र स्व. रमाकांत मिश्र गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपने दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान हेलमेट लगाए तीन बदमाश अपाची बाइक से पहुंचे और अनमोल पर ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग कर दी। एक गोली अनमोल के सीने के बाईं ओर लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने घायल युवक को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर पहुंचाया, जहां से उसे हालत गंभीर होने पर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया रेफर कर दिया गया।

चिकित्सकों के अनुसार, अनमोल को सीने में एक गोली लगी है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि अनमोल प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है और कुछ दिन पूर्व ही गांव लौटा था।

ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि कुछ दिन पहले गांव में किसी विवाद को लेकर अनमोल का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ में एक वायरल वीडियो भी शामिल है। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपितों की तलाश में जुटी है।

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(ऐतिहासिक दिवस पर श्रद्धांजलि विशेष लेख)

भारत के इतिहास में 31 अक्टूबर का दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि अनेक युगपुरुषों और युगनायिकाओं की विदाई का दिन भी है। इस दिन कई ऐसे महान व्यक्तित्व इस संसार से विदा हुए, जिनकी स्मृतियाँ आज भी भारतीय जनमानस में अमर हैं। आइए जानते हैं, उन दिवंगत विभूतियों के जीवन, योगदान और प्रेरक यात्रा के बारे में —
🎶 1. सचिन देव बर्मन (1906 – 1975)
जन्मस्थान: कोमिल्ला (अब बांग्लादेश में)
प्रदेश: त्रिपुरा राजघराने से संबंध
शिक्षा: कोलकाता विश्वविद्यालय से संगीत और कला की प्रारंभिक शिक्षा
संगीत की आत्मा यदि कभी किसी इंसान में बसती है, तो वह सचिन देव बर्मन थे। वे सिर्फ संगीतकार नहीं, बल्कि भावनाओं के शिल्पकार थे। बंगाली लोकधुनों को हिंदी सिनेमा में इस तरह पिरोया कि उनकी धुनें आज भी श्रोताओं के दिल में गूंजती हैं। “आराधना”, “गाइड”, “प्यासा”, “कागज़ के फूल” जैसी फिल्मों का संगीत उनकी अमर रचनात्मकता का प्रतीक है। उनके गीतों में सादगी, लोक संस्कृति और आत्मीयता का अनूठा संगम था। उन्होंने अपने बेटे राहुल देव बर्मन (आर. डी. बर्मन) को भी संगीत की विरासत सौंपी, जिसने भारतीय सिनेमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
निधन: 31 अक्टूबर 1975
उनका संगीत आज भी भारतीय आत्मा की धड़कन बनकर जीवित है।
🇮🇳 2. इंदिरा गांधी (1917 – 1984)
जन्मस्थान: प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा: विश्व-प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों — शांति निकेतन, ऑक्सफोर्ड और सोमरविल कॉलेज से शिक्षित
प्रदेश: उत्तर प्रदेश
भारत की “लौह महिला” इंदिरा गांधी देश की पहली और अब तक की सबसे प्रभावशाली महिला प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प, निर्णायक नीतियों और साहस से भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। 1971 के भारत-पाक युद्ध में विजय, बांग्लादेश का निर्माण, हरित क्रांति, और बैंकों के राष्ट्रीयकरण जैसे ऐतिहासिक कदम उनके दूरदर्शी नेतृत्व के उदाहरण हैं।
31 अक्टूबर 1984 को उनके बलिदान ने देश को झकझोर दिया, परंतु उनकी विचारधारा और कार्यनीति आज भी भारत की राजनीतिक चेतना में जीवंत है।
उद्धरण: “मुझे गर्व है कि मेरा जन्म भारत में हुआ है, और मैं भारत के लिए जीवन अर्पित करने को तैयार हूँ।”
✍️ 3. अमृता प्रीतम (1919 – 2005)
जन्मस्थान: गुजरांवाला (अब पाकिस्तान में)
प्रदेश: पंजाब
शिक्षा: लाहौर में शिक्षा प्राप्त की
अमृता प्रीतम भारतीय साहित्य की वह आवाज़ थीं, जिसने स्त्री के दर्द और प्रेम को शब्दों की शक्ति से मुक्त किया। उनका लेखन केवल साहित्य नहीं, बल्कि संवेदना की क्रांति था। “पिंजर”, “अग्नि–रेखा”, और “रसीदी टिकट” जैसी रचनाएँ स्त्री स्वाभिमान और समाज के द्वंद्व का सशक्त चित्रण करती हैं।
विभाजन की पीड़ा पर लिखी उनकी प्रसिद्ध कविता “अज अाखां वारिस शाह नूं” आज भी पंजाब की आत्मा की पुकार है।
निधन: 31 अक्टूबर 2005
उनकी लेखनी स्त्री स्वतंत्रता की अमर प्रतीक बन चुकी है।
🎤 4. पी. लीला (1934 – 2005)
जन्मस्थान: त्रावणकोर (केरल)
प्रदेश: केरल
शिक्षा: पारंपरिक कर्नाटक संगीत की शिक्षा गुरुओं से प्राप्त
पी. लीला दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे मधुर पार्श्वगायिकाओं में से एक थीं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में सैकड़ों गीत गाए। उनकी आवाज़ में भक्ति, प्रेम और करुणा का अद्भुत संगम था। उन्होंने महान संगीतकारों के साथ काम करते हुए भारतीय संगीत को एक नई ऊँचाई दी।
निधन: 31 अक्टूबर 2005
उनका योगदान भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्ण युग का अविभाज्य हिस्सा है।
🏛️ 5. ब्रज कुमार नेहरू (1909 – 2001)
जन्मस्थान: इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा
प्रदेश: उत्तर प्रदेश
ब्रज कुमार नेहरू भारतीय प्रशासनिक सेवा के उन प्रखर अधिकारियों में से थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे पंडित जवाहरलाल नेहरू के चचेरे भाई थे और भारत के राजनयिक व राज्यपाल के रूप में अपनी कार्यकुशलता के लिए प्रसिद्ध थे।
उन्होंने अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया तथा बाद में जम्मू-कश्मीर और गुजरात के राज्यपाल भी बने।
निधन: 31 अक्टूबर 2001
वे अपने सौम्य व्यवहार और समर्पण के लिए याद किए जाते हैं।
📚 6. के. पी. सक्सेना (1932 – 2013)
जन्मस्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
शिक्षा: लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक
प्रदेश: उत्तर प्रदेश
हास्य और व्यंग्य के महारथी के. पी. सक्सेना ने हिंदी साहित्य को नई पहचान दी। उनका लेखन न केवल हँसी उत्पन्न करता था बल्कि समाज की विसंगतियों पर गहरा प्रहार भी करता था। “कभी-कभी”, “तनख्वाह”, “इंस्पेक्टर मातादीन” जैसे उनके व्यंग्य आज भी प्रासंगिक हैं।
उन्होंने टीवी धारावाहिकों और फिल्मों में भी लेखन किया, जिनमें लगान जैसी फिल्म में संवाद लेखन के लिए उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली।
निधन: 31 अक्टूबर 2013
वे अपनी व्यंग्यात्मक शैली और सरल भाषा के कारण जनमानस के प्रिय लेखक रहे।
🌺31 अक्टूबर इतिहास की वह तिथि है जब भारत ने अनेक युगपुरुषों और युगनायिकाओं को खोया, पर उनकी स्मृतियाँ आज भी भारतीय संस्कृति, राजनीति, साहित्य और संगीत के हर कोने में गूँजती हैं। उनके कार्य और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।

🌟 31 अक्टूबर के गौरव: जिनका जन्म भारत और विश्व इतिहास में अमर हो गया 🌟

भारत के इतिहास में 31 अक्टूबर का दिन अनेक महान विभूतियों के जन्म से आलोकित है। इस दिन जन्मे इन महापुरुषों ने अपने कर्म, चिंतन और योगदान से देश-विदेश के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। राजनीति से लेकर विज्ञान, समाज सुधार से लेकर शिक्षा और स्वतंत्रता संग्राम तक — हर क्षेत्र में 31 अक्टूबर का दिन प्रेरणा का प्रतीक है। आइए जानते हैं इस दिन जन्मे महान व्यक्तित्वों के जीवन, शिक्षा और योगदान पर विस्तृत दृष्टि—

  1. सरदार वल्लभभाई पटेल (जन्म: 31 अक्टूबर 1875, नडियाद, गुजरात)
    भारत के “लौह पुरुष” सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता, महान संगठनकर्ता और स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री थे। उन्होंने भारतीय रियासतों के एकीकरण में जो योगदान दिया, वह अद्वितीय है। 562 रियासतों को एकजुट कर उन्होंने भारत के नक्शे को एक अखंड राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
    सरदार पटेल की शिक्षा प्रारंभिक स्तर पर करमसद और पेटलाद में हुई, बाद में उन्होंने इंग्लैंड से कानून की पढ़ाई की और भारत लौटकर प्रसिद्ध वकील बने। महात्मा गांधी के संपर्क में आने के बाद उन्होंने अपना जीवन देशसेवा के लिए समर्पित कर दिया।
    उनकी कठोर इच्छाशक्ति, निर्णायक नेतृत्व और प्रशासनिक कुशलता के कारण उन्हें “भारत का बिस्मार्क” कहा जाता है। सरदार पटेल का योगदान आज भी भारतीय एकता और अखंडता की नींव है।
  2. आचार्य नरेन्द्र देव (जन्म: 31 अक्टूबर 1889, सीतापुर, उत्तर प्रदेश)
    आचार्य नरेन्द्र देव का जन्म उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हुआ। वे भारत के प्रख्यात समाजवादी, शिक्षाविद, चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी थे। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय में उन्होंने शिक्षा ग्रहण की और बाद में शिक्षा जगत में ही क्रांतिकारी विचारों का संचार किया।
    आचार्य नरेन्द्र देव समाजवाद के सिद्धांतों के प्रमुख प्रचारक थे और भारतीय समाज को समानता, न्याय और मानवता के मूल्यों पर संगठित करने का सपना देखते थे। वे भारतीय समाजवादी आंदोलन के जनक कहे जाते हैं।
    उन्होंने कहा था — “राजनीति में नैतिकता का होना उतना ही आवश्यक है जितना जीवन में आत्मा का।” उनकी सादगी, विचारशीलता और जनसमर्पण ने उन्हें इतिहास के स्वर्णाक्षरों में दर्ज कर दिया।
  3. नोरोदम शिनौक (जन्म: 31 अक्टूबर 1922, फ्नोम पेन्ह, कंबोडिया)
    नोरोदम शिनौक कंबोडिया के प्रतिष्ठित राजा और राजनीतिक नेता थे। वे दक्षिण पूर्व एशिया के इतिहास में एक ऐसे शासक माने जाते हैं जिन्होंने अपने देश की स्वतंत्रता और एकता के लिए संघर्ष किया। 1941 में वे कंबोडिया के राजा बने और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद के विरुद्ध संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभाई।
    1953 में कंबोडिया को स्वतंत्रता दिलाने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में भी देश की सेवा की। शिनौक न केवल एक राजा बल्कि फिल्म निर्माता, लेखक और कलाकार भी थे। उन्होंने कंबोडिया की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
    उनका जीवन देशभक्ति, संघर्ष और संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है। कंबोडियाई जनमानस में उन्हें “राष्ट्रीय पिता” के रूप में आज भी श्रद्धा से याद किया जाता है।
  4. डॉ. नरिंदर सिंह कपानी (जन्म: 31 अक्टूबर 1926, मोगा, पंजाब)
    डॉ. नरिंदर सिंह कपानी का जन्म पंजाब के मोगा जिले में हुआ था। उन्हें “फाइबर ऑप्टिक्स के जनक” (Father of Fiber Optics) के रूप में विश्वभर में जाना जाता है। उन्होंने प्रकाश की किरणों को पतले कांच के रेशों से प्रसारित करने की तकनीक विकसित की, जिसने संचार की दुनिया में क्रांति ला दी।
    उनकी शिक्षा देहरादून और लंदन में हुई। 1950 के दशक में उन्होंने ऑप्टिकल फाइबर पर अपने प्रयोगों से आधुनिक इंटरनेट और टेलीकॉम तकनीक की नींव रखी।
    डॉ. कपानी ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों में अध्यापन किया और अनेक पेटेंट हासिल किए। 2020 में उन्हें मरणोपरांत “पद्म विभूषण” से सम्मानित किया गया। वे न केवल वैज्ञानिक बल्कि भारतीय संस्कृति के संरक्षक भी थे।
  5. ओमान चांडी (जन्म: 31 अक्टूबर 1943, पुथुपल्ली, केरल)
    ओमान चांडी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनका जन्म केरल के कोट्टायम जिले के पुथुपल्ली में हुआ। वे अपने विनम्र स्वभाव, पारदर्शी शासन और जनता के बीच लोकप्रियता के लिए प्रसिद्ध थे।
    उनकी शिक्षा लॉ कॉलेज त्रिवेंद्रम से हुई और उन्होंने छात्र राजनीति से ही जनसेवा का मार्ग चुना। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने केरल में शिक्षा, स्वास्थ्य और आईटी सेक्टर के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।
    ओमान चांडी को 2019 में “Public Service Award” से सम्मानित किया गया। उनका नाम केरल की जनकल्याणकारी राजनीति का प्रतीक बन गया है।
  6. जी. माधवन नायर (जन्म: 31 अक्टूबर 1943, केरल)
    जी. माधवन नायर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष और प्रमुख वैज्ञानिक हैं। उनका जन्म केरल में हुआ और उन्होंने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, त्रिवेंद्रम से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
    नायर ने भारत के उपग्रह प्रक्षेपण कार्यक्रमों को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। उनके नेतृत्व में “PSLV” और “GSLV” जैसे रॉकेट मिशनों ने सफलता हासिल की।
    उनके योगदान से भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान में आत्मनिर्भरता प्राप्त की। उन्हें “पद्म भूषण” और “पद्म विभूषण” जैसे सम्मान प्राप्त हुए। वे भारत के वैज्ञानिक गौरव का प्रतीक हैं।
  7. सर्बानन्द सोनोवाल (जन्म: 31 अक्टूबर 1962, डिब्रूगढ़, असम)
    सर्बानन्द सोनोवाल असम के लोकप्रिय नेता और वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उनका जन्म असम के डिब्रूगढ़ जिले में हुआ। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।
    सोनोवाल असम आंदोलन से जुड़े और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। 2016 में वे असम के 14वें मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल में असम में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई।
    वे उत्तर-पूर्व के जनसरोकारों के सशक्त प्रतिनिधि हैं और असमिया अस्मिता के प्रतीक माने जाते हैं।
  8. देबदीप मुखोपाध्याय (जन्म: 31 अक्टूबर 1977, पश्चिम बंगाल)
    देबदीप मुखोपाध्याय भारत के प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ हैं। उनका जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ और उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से शिक्षा प्राप्त की।
    वर्तमान में वे आईआईटी खड़गपुर में प्रोफेसर हैं और क्रिप्टोग्राफी तथा कंप्यूटर सुरक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं।
    उनका शोध आधुनिक साइबर सुरक्षा प्रणालियों के निर्माण में उपयोगी सिद्ध हुआ है। वे भारत के युवाओं के लिए तकनीकी नवाचार का प्रेरक चेहरा हैं
    31 अक्टूबर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय और वैश्विक इतिहास का एक सुनहरा अध्याय है। इस दिन जन्मे इन महान व्यक्तित्वों ने अपने विचारों, कार्यों और समर्पण से समाज को दिशा दी। वे हमें याद दिलाते हैं कि एक व्यक्ति भी अपने कर्म से पूरी दुनिया को रोशन कर सकता है।