Friday, May 1, 2026
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साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़7आरोपी गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेजों के जरिए खातों से करोड़ों का लेनदेन भारी मात्रा में सामान बरामद

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना एम्स पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों को लोन दिलाने और सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 2 लैपटॉप, 8 कूटरचित मोहर, 28 हस्ताक्षरित चेक, 4 पासबुक, 3 एटीएम कार्ड और 2 चेकबुक बरामद किए हैं।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एक पीड़ित ने थाना एम्स में शिकायत दर्ज कराई कि लोन दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उसके बैंक खातों के दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड ले लिए। बाद में खातों में संदिग्ध लेनदेन होने पर खाते फ्रीज हो गए। पूछताछ करने पर आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी गिरोह बनाकर जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाते थे। वे पहले लोन या सरकारी योजना का झांसा देकर खाताधारकों से उनके बैंकिंग दस्तावेज हासिल कर लेते थे, फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों के ट्रांजैक्शन में करते थे। इसके अलावा, आरोपी कूटरचित स्टैंप और दस्तावेजों के जरिए फर्जी लोन प्रोसेस भी तैयार करते थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ध्रुव साहनी, सूरज सिंह, अजय उपाध्याय, अखंड प्रताप सिंह उर्फ विक्की, बृजेन्द्र कुमार सिंह, अभिषेक कुमार यादव और अमर कुमार निषाद शामिल हैं। सभी के खिलाफ थाना एम्स में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

स्वच्छता जागरूकता से सजे ‘नव निर्माण के 09 वर्ष’ कार्यक्रम का सातवां दिन

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के 11 वर्ष एवं प्रदेश सरकार के 09 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित नव निर्माण के 09 वर्ष कार्यक्रम के अंतर्गत विकास भवन परिसर स्थित डीपीआरसी हॉल में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु नौ दिवसीय कार्यक्रम जारी है। इसी क्रम में सातवें दिन स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व, साफ-सफाई की आदतों और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। जिला सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने जनपद में मिशन की प्रगति से अवगत कराते हुए संचारी रोगों की रोकथाम में स्वच्छता की भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि नालियों, सड़कों, स्कूलों, पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों और कूड़ा स्थलों की नियमित सफाई अत्यंत आवश्यक है। साथ ही सभी परिवारों से शौचालय के नियमित उपयोग और खुले में शौच न करने की अपील की गई। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग एकत्र कर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित आरआरसी केंद्रों के माध्यम से निस्तारण करने की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, सफाई कर्मी, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

हेल्दी फूड स्टार्टअप ‘नेचर्स सैंडविच’ से युवाओं ने दी सेहत और स्वरोजगार की नई मिसाल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के दौर में गोरखपुर के युवाओं ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए “नेचर्स सैंडविच” नाम से हेल्थ-बेस्ड फूड स्टार्टअप की शुरुआत की। इस फूड कार्ट का शुभारंभ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, प्रो. एस.एस. दास, डॉ. सी.पी. अग्रवाल एवं अचिंत्य लाहिड़ी की उपस्थिति रही।
इस स्टार्टअप का मार्गदर्शन गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह द्वारा किया गया। उनके निर्देशन में यह पहल सफलतापूर्वक साकार हुई। यह स्टॉल नियमित रूप से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने लगाया जाएगा, जिससे छात्रों और स्थानीय लोगों को हेल्दी फूड विकल्प उपलब्ध हो सके।
इस स्टार्टअप की स्थापना अभिनव सिंह (एम.एससी. फूड टेक्नोलॉजी, अंतिम वर्ष) ने अपने सहयोगियों शिवम सिंह, मनीष सिंह एवं निर्भय सिंह के साथ मिलकर की है। लगभग 1 लाख रुपये की लागत से शुरू किए गए इस उद्यम का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना भी है।
“नेचर्स सैंडविच” की सबसे बड़ी विशेषता इसका हेल्थ-फोकस्ड कॉन्सेप्ट है, जहां कम वसा में सैंडविच तैयार किए जाते हैं और ताजी सब्जियों का उपयोग किया जाता है। बढ़ते फास्ट फूड कल्चर के बीच यह पहल स्वादिष्ट, पौष्टिक और संतुलित आहार का बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ नवाचार और उद्यमिता को अपनाने वाले युवा न केवल आत्मनिर्भर बनते हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा देते हैं। उन्होंने इसे स्वास्थ्य और रोजगार दोनों के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रो. दिव्या रानी सिंह ने बताया कि इस स्टार्टअप की प्रेरणा लोगों को गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराने से मिली। यह पहल युवाओं की उद्यमशीलता के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और स्वस्थ भोजन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू डॉ. अनुभूति दुबे, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. नीता सिंह, डॉ. गार्गी, डॉ. गरिमा यादव सहित गृह विज्ञान विभाग की शोध छात्राएं उपस्थित रहीं।

गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ भाजपा नेता का विरोध, डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा

अवैध वसूली बंद करने, होम डिलीवरी सुनिश्चित करने व कॉल सेंटर स्थापित करने की उठाई मांग, 30 मार्च से अनशन की चेतावनी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां क्षेत्र में गैस एजेंसियों की कथित मनमानी और अवैध वसूली के खिलाफ भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को उन्होंने चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी नवीन प्रसाद को सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नौतनवां स्थित इंडेन गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से गैस रिफिल के निर्धारित मूल्य से अधिक 30 से 50 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। भाजपा नेता ने इस वसूली को तत्काल बंद कराने की मांग करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि गैस रिफिल की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए और उपभोक्ताओं को गोदाम या अन्य स्थानों पर लाइन में खड़ा न होना पड़े। साथ ही, इस व्यवस्था के बारे में लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर उपभोक्ताओं में व्याप्त भ्रम की स्थिति को समाप्त किया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एजेंसी कार्यालय पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल सेंटर स्थापित किया जाए, जहां उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। इसके अतिरिक्त, मांगलिक कार्यक्रमों या मृत्यु उपरांत कर्मकांड जैसे विशेष अवसरों के लिए अतिरिक्त गैस सिलेंडर की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि 29 मार्च तक इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 30 मार्च से क्रमिक अनशन शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी एजेंसी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।

बृहद रोजगार मेले का आयोजन, 915 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन

22 कंपनियों ने लिया भाग, 1536 युवाओं का साक्षात्कार—नव निर्माण के नौ वर्ष कार्यक्रम के तहत आयोजन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नव निर्माण के उत्कृष्ट नौ वर्ष कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सेवायोजन विभाग, महराजगंज द्वारा जवाहरलाल नेहरू स्मारक पी.जी. कॉलेज परिसर में बृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने प्रतिभाग कर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा एवं मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की रोजगारपरक नीतियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में 22 कंपनियां प्रतिभाग कर रही हैं, जो युवाओं को नियुक्ति का अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कंपनियों से अधिकाधिक युवाओं को रोजगार देने का आह्वान किया और अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कौशल विकास मिशन के अंतर्गत जनपद में 18 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। रोजगार मेले में लगभग 2400 युवाओं को नियुक्ति देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके करियर की महत्वपूर्ण शुरुआत है।
जिलाधिकारी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, स्वावलंबन और रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि रोजगार मेले में बालिकाओं की सहभागिता उल्लेखनीय रही।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जनपद में अब तक 174 से अधिक रोजगार मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 17,524 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है। साथ ही, विश्व टीबी दिवस के अवसर पर 125 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया।
रोजगार मेले में कुल 22 कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें 1536 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार किया गया, जबकि 915 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, जिला सेवायोजन अधिकारी ईशान प्रकाश, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शांति शरण मिश्र ने किया।

बलिया में ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026’ लागू, गांवों को मिलेगी सीधी परिवहन सुविधा

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026’ को जनपद में लागू किया जा रहा है। इस संबंध में परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क से जोड़ना और गांवों के लोगों को ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय तक सुरक्षित एवं आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे दूरस्थ और असंबद्ध ग्राम पंचायत, जहां परिवहन निगम की बस सेवाएं सीमित हैं, वहां इस योजना के माध्यम से निजी बस संचालकों की मदद से परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का मुख्य लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी परिवहन सेवा पहुंचाना है।
योजना के तहत 15 से 28 सीट क्षमता वाले डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन संचालित किए जाएंगे। इन वाहनों के संचालन की प्रारंभिक अवधि 10 वर्ष होगी, जिसे आगे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। खास बात यह है कि इन वाहनों को मोटर यान अधिनियम 1988 की संबंधित धारा के अंतर्गत परमिट की आवश्यकता से छूट दी गई है।
आवेदन प्रक्रिया के तहत इच्छुक आवेदकों को 2000 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा, जबकि प्रति वाहन 5000 रुपये की प्रतिभूति राशि देनी होगी, जो संयोजन अवधि समाप्त होने पर वापस कर दी जाएगी। इसके अलावा वाहन स्वामी को प्रति माह 1500 रुपये का संरक्षण शुल्क परिवहन निगम को देना होगा।योजना के अंतर्गत प्रत्येक वाहन को ग्राम पंचायत से ब्लॉक तक निर्धारित रूट पर चलाया जाएगा, जिससे रास्ते में पड़ने वाले सभी गांवों को लाभ मिलेगा। यह सेवा आगे तहसील और जिला मुख्यालय तक भी विस्तारित की जा सकती है। प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा और हर ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार सेवा मिलेगी।इस योजना के लिए विज्ञापन समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें आवेदन के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित होगी। आवेदन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जमा किए जाएंगे।
चयन प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा पूरी की जाएगी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सदस्य शामिल होंगे। परिवहन विभाग के अनुसार, आवेदन से लेकर चयन और वाहन संचालन तक की पूरी प्रक्रिया लगभग 45 दिनों में पूर्ण कर ली जाएगी।
इस योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

मऊ में गंगा स्वच्छता अभियान: छात्राओं ने श्रमदान कर हटाया 80 किलो कचरा

मऊ,(राष्ट्र की परम्परा)। गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत जनपद मऊ में पर्यावरण संरक्षण और नदी स्वच्छता को लेकर एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। जिला गंगा समिति मऊ द्वारा रामवचन सिंह महिला महाविद्यालय, बगली पिजड़ा में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और श्रमदान करते हुए लगभग 80 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र कर स्वच्छता का संदेश दिया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल गंगा सहित अन्य नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना था, बल्कि युवाओं को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करना भी रहा। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से नदी संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
श्रमदान से स्वच्छता का संदेश, तालाब का हुआ पुनरोद्धार
कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर में स्थित वर्षा जल संचयन के लिए बनाए गए तालाब की सफाई और पुनरोद्धार का कार्य किया गया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए तालाब में फैली गंदगी को हटाया और उसे स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस दौरान लगभग 80 किलो प्लास्टिक कचरे को एकत्र किया गया, जो यह दर्शाता है कि यदि सामूहिक प्रयास किए जाएं, तो पर्यावरण को स्वच्छ रखना संभव है। यह पहल स्थानीय स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुई।
दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार और जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत यादव द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियां हमारे जीवन का आधार हैं और उनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
लोकगीतों के माध्यम से जागरूकता
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण गंगा लोकगीत आधारित जागरूकता प्रस्तुति रही। लोकगायिका मंजू चौहान ने अपने मधुर गीतों के माध्यम से गंगा सहित अन्य नदियों के संरक्षण का संदेश दिया। उनके गीतों ने उपस्थित छात्राओं और दर्शकों को भावुक कर दिया और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराया।
इसके अलावा महाविद्यालय की छात्राओं—अर्चना सिंह चौहान, आकांक्षा चौहान, मीनाक्षी द्विवेदी और स्नेहा कनौजिया—ने भी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें नदियों की पवित्रता और उनके महत्व को उजागर किया गया।
प्रतियोगिताओं के जरिए जागरूकता का विस्तार
कार्यक्रम के अंतर्गत लोकगीत और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ और नदी स्वच्छता जैसे विषयों पर आकर्षक पोस्टर बनाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
पूनम चौहान, काजल वर्मा सहित कई छात्राओं ने अपने चित्रों के माध्यम से यह संदेश दिया कि यदि आज हम नदियों को बचाने के लिए कदम नहीं उठाएंगे, तो भविष्य में जल संकट गंभीर रूप ले सकता है।
विशेषज्ञों का संदेश: नदियों की स्वच्छता है सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों और अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. दीपक पाराशर और डॉ. शिवनाथ प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रविंद्र कुमार पांडे द्वारा किया गया, जिन्होंने विभिन्न गतिविधियों को सुव्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया।
शपथ के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार ने कविता के माध्यम से नदी संरक्षण का संदेश दिया, जिसने सभी को प्रेरित किया। वहीं, जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत यादव ने सभी उपस्थित लोगों को गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई।
उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि न केवल गंगा, बल्कि देश की सभी नदियों की स्वच्छता और अविरलता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल
गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के तहत आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है और वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, तो न केवल नदियों की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि समाज में स्वच्छता के प्रति एक स्थायी संस्कृति विकसित होगी।
निष्कर्ष
मऊ में आयोजित गंगा स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं। छात्राओं द्वारा किया गया श्रमदान और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से दिया गया संदेश समाज के लिए एक प्रेरणा है।

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से बढ़ा विवाद, प्रधान ने थाने में दी तहरीर

सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र के सिवानकलां गांव में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव के वर्तमान प्रधान तारिक अजीज ने आरोप लगाया है कि गांव के ही दीपेन्द्र भारद्वाज पुत्र सत्येन्द्र राजभर द्वारा फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार अपमानजनक और भ्रामक पोस्ट डालकर उनकी छवि को धूमिल किया जा रहा है। मामले को लेकर प्रधान ने थाना सिकन्दरपुर में तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।प्रधान तारिक अजीज का कहना है कि आरोपी ‘दीप बाबू’ नाम से और अन्य फर्जी आईडी के माध्यम से कई दिनों से उनके तथा उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर रहा है। इतना ही नहीं, उनकी फोटो भी सोशल मीडिया पर अपलोड कर वायरल की गई है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। इन पोस्टों के वायरल होने से गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा तेज हो गई है।प्रधान ने तहरीर में आरोप लगाया है कि इस कृत्य से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है। उनका कहना है कि स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग उनसे दूरी बनाने लगे हैं और समाज में उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इसे करोड़ों रुपये की मानहानि बताते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।प्रधान ने पुलिस से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर लगाम लग सके। वहीं, थाना पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि व्यक्तिगत रंजिश निकालने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है, जिस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, अन्यथा ऐसे मामले समाज में तनाव और विवाद को और बढ़ा सकते हैं।

सड़क पर नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, देवरिया में चला विशेष चेकिंग अभियान

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से देवरिया यातायात पुलिस ने शहर में व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 126 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 5 वाहनों को सीज कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया, जिसकी अगुवाई यातायात प्रभारी गुलाब सिंह ने अपनी टीम के साथ की। अभियान के तहत शहर के प्रमुख स्थानों पर सघन चेकिंग की गई, जिसमें विशेष रूप से ई-रिक्शा, बस, ऑटो और दोपहिया वाहनों को निशाने पर रखा गया।
शहर के प्रमुख चौराहों पर चला विशेष अभियान
यातायात पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र सहित शहर के व्यस्ततम इलाकों—सुभाष चौक, बस स्टैंड और मालवीय रोड—पर चेकिंग अभियान चलाया। इन स्थानों पर अक्सर यातायात अव्यवस्थित रहता है, जिसके चलते दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर विशेष नजर रखी गई। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए चालान और सीज की प्रक्रिया अपनाई गई।
ई-रिक्शा वाहनों की जांच और नंबरिंग
कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की विशेष जांच की गई। जिन ई-रिक्शा चालकों के पास सभी आवश्यक दस्तावेज सही पाए गए, उनके वाहनों की विधिवत नंबरिंग कराई गई। वहीं, जिनके पास आवश्यक कागजात नहीं थे, उनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
इस पहल का उद्देश्य ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करना और अवैध संचालन पर रोक लगाना है, ताकि शहर में यातायात सुचारू रूप से चल सके।
किन नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान निम्नलिखित नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई:
बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना
वाहन की फिटनेस प्रमाण पत्र का अभाव
बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना
बाइक पर तीन सवारी बैठाकर चलना
सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरना
इन सभी मामलों में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ई-चालान जारी किए गए और गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर वाहनों को सीज भी किया गया।
अभियान का असर: जागरूकता और अनुशासन में बढ़ोतरी
यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान का शहर में सकारात्मक असर देखने को मिला। जहां एक ओर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों में भय का माहौल बना, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमित अभियान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे वाहन चालकों को यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस का संदेश: नियमों का पालन ही सुरक्षा की गारंटी
यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय सभी यातायात नियमों का पालन करें। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, वाहन के सभी कागजात साथ रखना और निर्धारित गति सीमा का पालन करना न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
देवरिया जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में बढ़ती वाहनों की संख्या के बीच यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त पहल से ही सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
यातायात पुलिस का यह अभियान न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करता है, बल्कि नागरिकों को जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित भी करता है।
निष्कर्ष
देवरिया यातायात पुलिस द्वारा चलाया गया यह चेकिंग अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 126 वाहनों का चालान और 5 वाहनों का सीज होना इस बात का संकेत है कि नियमों के उल्लंघन पर अब कड़ी कार्रवाई तय है।
यदि इस तरह के अभियान लगातार जारी रहते हैं और नागरिक भी सहयोग करते हैं, तो निश्चित रूप से देवरिया में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू बनेगी।

यूपी खेल छात्रावासों में अंतर्राष्ट्रीय कोच की भर्ती, ₹1.5 लाख मासिक मानदेय

कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के खेल निदेशालय के अंतर्गत संचालित आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी एवं प्रशिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह पहल प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी रवि कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भर्ती पूर्णतः मानदेय/संविदा के आधार पर की जाएगी। चयनित प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों के तकनीकी विकास, फिटनेस और प्रतियोगी प्रदर्शन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस योजना के तहत विभिन्न खेलों के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदेश के खेल छात्रावासों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
किन खेलों के लिए मांगे गए आवेदन
इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत कई प्रमुख खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें हॉकी, वॉलीबाल, तैराकी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबाल, कबड्डी, कुश्ती (बालक एवं बालिका वर्ग), हैंडबाल (बालिका वर्ग), फुटबॉल, बॉक्सिंग, क्रिकेट तथा जूडो (बालक वर्ग) शामिल हैं।
इन खेलों में अंतर्राष्ट्रीय अनुभव रखने वाले खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक आवेदन कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य इन सभी खेलों में प्रतिभाओं को निखारना और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरकर दो प्रतियों में जमा करना होगा। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल 2026, दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित की गई है।
आवेदन पत्र संबंधित जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय से कार्यालय दिवसों में प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक निःशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए अभ्यर्थियों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।
मानदेय और सेवा अवधि
इस भर्ती के अंतर्गत चयनित अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों को आकर्षक मानदेय दिया जाएगा। प्रत्येक चयनित प्रशिक्षक को ₹1.50 लाख प्रति माह का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
नियुक्ति की अवधि प्रारंभिक रूप से 3 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, प्रत्येक वर्ष प्रशिक्षकों के कार्य, अनुशासन, आचरण एवं खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन न होने की स्थिति में सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।
पात्रता और आवश्यक योग्यता
इस भर्ती के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिन्होंने निम्नलिखित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया हो या संबंधित स्तर पर प्रशिक्षण दिया हो:
ओलंपिक गेम्स
कॉमनवेल्थ गेम्स
एशियन गेम्स
वर्ल्ड कप या वर्ल्ड चैंपियनशिप
इन प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, पद्मश्री, खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार या ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी/प्रशिक्षक भी आवेदन के पात्र हैं।
साथ ही, ऐसे प्रशिक्षक जिन्होंने भारतीय टीम को ओलंपिक, विश्वकप, एशियन या कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रशिक्षण दिया है, उन्हें भी वरीयता दी जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
चयन प्रक्रिया और शर्तें
यह नियुक्ति पूरी तरह से संविदा/मानदेय आधारित होगी और भविष्य में नियमितीकरण का कोई दावा मान्य नहीं होगा। चयनित प्रशिक्षकों को खेल छात्रावासों में रहकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना होगा तथा आवश्यकता अनुसार प्रतियोगिताओं और अन्य खेल गतिविधियों में भी सहयोग करना होगा।
यदि नियुक्ति के बाद किसी भी प्रकार की प्रतिकूल जानकारी सामने आती है, तो सेवाएं तत्काल समाप्त की जा सकती हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को सभी दस्तावेजों और जानकारी को सही एवं प्रमाणित रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
खिलाड़ियों को होगा बड़ा फायदा
इस योजना के लागू होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती में वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
खेल छात्रावासों में पहले से मौजूद संसाधनों के साथ जब अंतर्राष्ट्रीय अनुभव वाले प्रशिक्षकों का सहयोग मिलेगा, तो यह प्रदेश के खेल ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
कैसे करें तैयारी
जो अभ्यर्थी इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें चाहिए कि वे अपने सभी प्रमाण पत्र, अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी से संबंधित दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाण पत्र पहले से तैयार रखें। आवेदन पत्र भरते समय किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें और समय सीमा से पहले जमा करें।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खेल छात्रावासों में अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों की भर्ती का यह कदम प्रदेश के खेल परिदृश्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि प्रदेश को खेलों में नई पहचान भी मिलेगी।

ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौपा

मथुरा(राष्ट्र की परम्परा)
ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गौ पुत्र सत्यवीर सिंह चौधरी ने पूरी टीम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्बोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौपा।
ज्ञापन के माध्यम से सत्यवीर सिंह ने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहाँ कि भारत देश के जिन जिन जिलों, तहसीलों और ब्लाको में तीर्थ स्थल है उन्हें मांस मुक्त व नशा मुक्त किया जाए और भारत देश में कहीं पर भी किसी भी गौ प्रेमी की दुर्घटना मे मृत्यु हो जाती है तो वहां का पुलिस प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों को गाड़ियों समेत गिरफ्तार करके जेल भेजे । गौ हत्यारों और गौ तस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए कठोर आजीवन कारावास जैसी सजा का प्रावधान हो। गौ तस्करी में उपयोग आने वाले वाहनों की जब्ती होने पर जमानत न हो व सदा सदा के लिए राजसाद हो और उन्हें नीलाम किया जाये अथवा गौशालाओं को उपयोग हेतु सौंप दिया जाए। कम्पनियों के सी एस आर फण्ड में से एक निश्चित राशि गौ सेवा से जुड़े कार्यों हेतु खर्च करने की अनिवार्य लाभ हो।
भारत देश में गौ हत्या और गौ तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। किसी भी संगठन व दल के गौ रक्षक प्रमुख पात्र व गौ सेवक प्रमुख पात्र को सुरक्षा हेतु सरकार की तरफ से सरकारी लाइसेंस देने की व कुछ लोहे के औजार रखने की अनुमति दी जाए, जिससे गौ रक्षक व गौ सेवक अपनी गौ माताओं की व नंन्दियो की गौ तस्करों से उनके प्राण बचाया जा सके। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर निराश्रित नर गौ वंशों के लिए नंदी शाला की स्थापना की जाए। अधिक धन प्राप्त करने वाले सरकारी नियंत्रण में चल रहे मंदिरों के साथ गौशाला संचालक अनिवार्य किया जाए। भारत देश में पशु मेलों के नाम पर हो रही अवैध गौ तस्करी पर अंकुश लगाने हेतु केन्द्रीय कानून बने ताकि गौ वंश की मृत देह का उचित अंतिम संस्कार हो। गौ सेवको व गौ रक्षकों के लिए भारत देश में टोल टैक्स फ्री किया जाय । गौ प्रेमी सेवा करते हुए अगर कहीं पर भी दुर्घटना का शिकार होता है तो सरकार उसे 50 लाख रुपए मुआवजा और परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी प्रदान । यह समय रामराज की पुनर्स्थापना का है वर्तमान में केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राज्य में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी महाराज के नेतृत्व में संगठन को पूर्ण विश्वास है कि आक्रांत और राक्षसों का नाश राम और लक्ष्मण के रूप में किया जाए और गौ सेवक व गौ रक्षक सरकार से निवेदन करते हैं कि गौ हत्यारे और उनके सहयोगी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उसी प्रकार दंड मिले जैसा की राम और लक्ष्मण ने दुष्ट राक्षसों को दिया था।
इस दौरान ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गौ पुत्र सत्यवीर सिंह चौधरी, मथुरा जिला अध्यक्ष गौपुत्र भोला परिहार, जिला प्रवक्ता गौ पुत्र अरुण चौधरी, मथुरा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष गौ पुत्र वीरेंद्र सिंह तोमर, गौ पुत्र मोहित कुशवाहा, गौ पुत्र मनीष कुमार सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

फांसी लगाकर किशोर ने अपनी जीवन लीला समाप्त की

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
नगर के आजाद नगर वार्ड में मंगलवार को सुबह एक किशोर ने अपने कमरे में पंखे की कुंडी से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस उसके शव को नीचे उतारा और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरहज नगर के आजाद नगर निवासी विशाल चौहान 17 पुत्र प्रभुनाथ चौहान रात मे खाना खाकर कमरे का दरवाजा बंद करके सो गया । सुबह करीब सात बजे तक जब वह बाहर नहीं निकला तो घर वालों को चिंता हुई, उंन्होने आवाज दी फिर भी कोई अंदर से जवाब नहीं मिला। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग भी जुट गए और उंन्होने दरवाजा तोड़ा तो देखा की विशाल फंदे से लटक रहा है। रस्सी काटकर उसको नीचे उतारा गया किन्तु उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार सुबह करीब चार बजे विशाल शौच के लिए बाहर निकला था,उसके बाद दरवाजा बन्द कर फिर सोने चला गया। विशाल की मृत्यु से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मोहल्ले में सन्नाटा छा गया है।

Maharajganj News: पुलिया निर्माण में गड़बड़ी के आरोप, घटिया सामग्री से काम—ग्रामीणों में भारी आक्रोश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सदर तहसील अंतर्गत विकास खंड महराजगंज में निर्माणाधीन सड़क परियोजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। महराजगंज से चिंउरहा, रामपुर बुजुर्ग होते हुए बागापार तक बन रही पक्की सड़क पर पुलिया निर्माण में कथित अनियमितता और मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत बागापार निवासी उमेश चंद मिश्र ने संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सड़क परियोजना उच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका के बाद स्वीकृत हुई थी, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद थी। लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे पूरी परियोजना की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिया निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। पुरानी पुलिया के दोनों ओर घटिया सामग्री का प्रयोग कर नई पुलिया का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जो तकनीकी दृष्टि से बेहद चिंताजनक है। इससे न केवल पुलिया की मजबूती पर असर पड़ेगा, बल्कि भविष्य में इसके जल्द जर्जर होने या ध्वस्त होने की आशंका भी बनी हुई है।

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स्थानीय ग्रामीणों में भी इसको लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई, तो आने वाले समय में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही सरकारी धन के दुरुपयोग की भी आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तकनीकी टीम भेजकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके।

शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पुलिया निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने की अपील की है, जिससे क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ सड़क सुविधा मिल सके।

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली थाना क्षेत्र में सोमवार शाम पुरानी रंजिश के चलते एक सनसनीखेज हमला सामने आया, जिसमें एक कंपाउंडर को लोहे के पाइप से बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल वर्मा पुत्र चुल्हाई वर्मा, निवासी पतरेंगवां थाना सिंदुरिया, वर्तमान में तिवारी बाजार स्थित डॉ. डी. के. पाण्डेय के अस्पताल में कंपाउंडर के रूप में कार्यरत है। सोमवार को करीब 3:30 बजे वह अस्पताल से बाहर निकल रहा था, तभी उसके रिश्तेदार सदानंद वर्मा पुत्र अशोक वर्मा, निवासी वार्ड नंबर 5 नगर पंचायत घुघली, ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया। हमले में राहुल के सिर पर गंभीर चोटें आईं।

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घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी कस्बा घुघली पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघली पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए केएमसी अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज जारी है।

इस संबन्ध में थानाध्यक्ष घुघली कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जायेगी।

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सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। विगर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकास खंड सलेमपुर के चांदपालिया क्षेत्र में प्रगतिशील किसान शशिकांत मिश्रा के खेत पर फसल प्रदर्शन एवं किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शशिकांत मिश्रा को कंपनी की ओर से “बेस्ट फार्मर अवॉर्ड” प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों तथा उन्नत फसल प्रजातियों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। संगोष्ठी के दौरान कंपनी द्वारा विकसित गेहूं की उन्नत किस्में ‘मिल्खा 159’ एवं ‘मिल्खा 777’ का प्रदर्शन किया गया, जिसकी बुवाई स्वयं शशिकांत मिश्रा द्वारा की गई है।

कंपनी के एरिया मैनेजर प्रशांत कुमार पाण्डेय ने शशिकांत मिश्रा को मेडल एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों किसानों को हंसिया एवं गमछा वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

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अपने संबोधन में प्रशांत कुमार पाण्डेय ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और देवरिया जनपद में ‘मिल्खा 159’ एवं ‘मिल्खा 777’ प्रजातियां अधिक पैदावार देने वाली सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने किसानों को उन्नत बुवाई, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं समुचित सिंचाई के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
प्रगतिशील किसान शशिकांत मिश्रा ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन के साथ-साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं।

कार्यक्रम में कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक, विक्रय अधिकारी, ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अनिल गुप्ता, बीरबल गौंड, उदय गुप्ता, रामप्रवेश यादव, गोविंद बिहारी दुबे, उमाशंकर दुबे, अंगद यादव, रामनरेश यादव, कुंज बिहारी दुबे, गुड्डू कुशवाहा, उपेंद्र यादव, गणेश यादव एवं अक्षयवर कुशवाहा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत फसल प्रजातियों के महत्व की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।

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