Friday, July 3, 2026
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12 साल से लंबित वरासत का एक घंटे में निस्तारण, लेखपाल निलंबित, कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि

संपूर्ण समाधान दिवस में 95 शिकायतें प्राप्त, 05 का मौके पर निस्तारण

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l तहसील सिकंदरपुर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह की अध्यक्षता में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। दूर-दराज़ से आए नागरिकों ने अपनी-अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। इस अवसर पर कुल 95 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 05 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से किया जाए। भूमि से संबंधित मामलों की संख्या अधिक होने पर डीएम ने संबंधित विभागों को समय रहते मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान एक शिकायत में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की भूमि का बिना अनुमति अन्य जाति के नाम बैनामा किए जाने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे सभी प्रकरणों की जांच कराने के आदेश दिए और स्पष्ट किया कि बिना परीक्षण के किसी भी बैनामे की अनुमति न दी जाए। इसी दौरान ग्राम चेतन किशोर, तहसील सिकंदरपुर निवासी पंकज कुमार ने शिकायत की कि उनके स्वर्गीय पिता शिवानंद राजभर की वरासत प्रक्रिया पिछले 12 वर्षों से लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एक घंटे के भीतर वरासत दर्ज करने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने पर उन्होंने लेखपाल सुनील कुमार को निलंबित करने और कानूनगो संजय कुमार सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश जारी किए। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी शिकायतों का निस्तारण पूर्ण पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किया जाए। इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर, तहसीलदार, सीएमओ, तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

डीडी ओ ने किया नि:शुल्क बीज वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा )देश में मसाले की बढ़ती मांग एवं देश से निर्यात में मसाला फसलों,प्याज एवं लहसुन की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत मसाला फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने हेतु किसानों को निशुल्क बीज वितरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्याज के पचास हेक्टेयर क्षेत्रफल तथा लहसुन के चार हेक्टेयर क्षेत्रफल के लक्ष्य पूर्ति हेतु पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को अनुदान पर निशुल्क बीज वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ, राजकीय अलंकृत उद्यान, रोज गार्डन, चंद्रभानपुर में उमेश चंद्र तिवारी, जिला विकास अधिकारी,के द्वारा किया गया। जिला विकास अधिकारी द्वारा बीज वितरण के पश्चात किसानों को किए गए संबोधन में किसानों से आह्वान किया गया कि जनपद में रबी मौसम में उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए बीज से गुणवत्तापूर्ण खेती करते हुए ज्यादा से ज्यादा उत्पादन प्राप्त करें तथा अपने दैनिक जीवन में मसाला के उपयोग में आत्मनिर्भरता पैदा करें तथा देश को प्याज, लहसुन का निर्यातक देश बनाने में अपना योगदान करें। उन्होंने प्याज, लहसुन पर दैनिक खानपान में आ रहे आर्थिक बोझ को कम करने हेतु सभी किसानों से कम या ज्यादा एरिया में प्याज, लहसुन की खेती जरूर से करने का अनुरोध किया। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि जनपद में प्राप्त लक्ष्य की पूर्ति हेतु विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण उपरांत भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान विकास प्रतिष्ठान, नासिक (एन एच आर डी एफ)से प्याज की एग्री फाउंड लाइट रेड प्रजाति एवं लहसुन की यमुना सफेद- तीन प्रजाति का बीज प्राप्त करते हुए सोलह बिस्वा प्याज क्षेत्रफल हेतु एक किलो से अधिक बीज तथा सोलह विस्वा लहसुन क्षेत्रफल हेतु अनुदान सीमा के अंतर्गत अनुमन्य बीज किसानों को निशुल्क दिया जा रहा है तथा सुझाव दिया गया कि अभी मौसम साफ होने पर, उचित जल निकासी व्यवस्था करते हुए ही प्याज की नर्सरी डालें तथा लहसुन की बुवाई करें।जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार विगत वर्ष प्याज, लहसुन का लक्ष्य ज्यादा प्राप्त हुआ था परंतु इस वर्ष प्राप्त कम लक्ष्य को बढ़वाने हेतु निदेशक उद्यान से किए गए अनुरोध पर शीघ्र अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त होने की संभावना है। योजना प्रभारी अरुण कुमार यादव ने बताया कि आज के बीच वितरण कार्यक्रम में प्रत्येक विकासखंड से पांच कृषक आए तथा कुल पैतालीस किसानों को बीज वितरण करते हुए कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जिसमें नवंबर माह में योजना में पंजीकृत किसानों को ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित करते हुए बीज निशुल्क वितरित किया जाएगा। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रभारी सुनील कुमार गुप्त, चंद्रभान, बालजीत, राजकुमार ,रामसमुझ यादव,योगेंद्र यादव सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित थे।

संपूर्ण समाधान दिवस मे 83 शिकायतों में 05 का निस्तारण, 02 शिकायतों के निस्तारण हेतु मौके पर भेजी गई टीम

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तहसील मधुबन में हुआ। जनसुनवाई के दौरान कुल 83 शिकायते प्राप्त हुई जिनमें से 05 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया एवं 02 शिकायतों के निस्तारण हेतु मौके पर टीम भेजी गई। आज प्राप्त कुल शिकायतों में से राजस्व विभाग की 40, पुलिस विभाग की 15 एवं शेष अन्य विभागों से संबंधित थी। जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण ढंग से निस्तारण करने को कहा। विशेष कर राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण हेतु उन्होंने राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त संयुक्त टीम को मौके पर भेज कर शिकायत को निस्तारित करने की निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर शिकायत का समय बद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए जिससे आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करें और पीड़ितों को न्याय दिलाने में लापरवाही ना करें।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक इलामरन उप जिलाधिकारी मधुबन, तहसीलदार सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम ने की जनसुनवाई में समस्याओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश

सदर तहसील में डीएम ने की जनसुनवाई,समस्याओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सदर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जनशिकायतों की सुनवाई की। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष कुल 24 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु सौंपते हुए उन्होंने समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि अंत्योदय कार्डों का पुनः सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस में आए प्रकरणों का निस्तारण ईमानदारी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए तथा प्रत्येक शिकायत का फीडबैक भी उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया, तथा तहसीलदार पंकज शाही सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सदर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जनशिकायतों की सुनवाई की। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष कुल 24 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु सौंपते हुए उन्होंने समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि अंत्योदय कार्डों का पुनः सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस में आए प्रकरणों का निस्तारण ईमानदारी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए तथा प्रत्येक शिकायत का फीडबैक भी उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया, तथा तहसीलदार पंकज शाही सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

सड़क व नाली को लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन

कोपागंज वार्ड नंबर 1 के लोग सड़क व नाली के अभाव से भकीचड़ में गिरकर घायल हो रहे बच्चे, महिलाए

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जनपद के नगर पंचायत कोपागंज के वार्ड नंबर 1 हरिजन बस्ती में लंबे समय से सड़क और नाली का निर्माण न होने से लोगों का गुस्सा आखिरकार शनिवार को फूट पड़ा। वार्ड के लोगों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल सड़क एवं नाली निर्माण की मांग की।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पूरे वार्ड की गलियां बदहाल हैं। जगह-जगह कीचड़ और गंदे पानी का जमाव बना रहता है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे रोज कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, कई बच्चे चोटिल हो चुके हैं और कुछ को इतनी गंभीर चोटें आई हैं कि वे कई दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे।
लोगों ने यह भी बताया कि गलियों में निकलते समय कुछ लोगों के हाथ-पांव तक टूट गए हैं, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी।

प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासी लालू ने कहा, “हम लोग कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। बरसात में घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।”
वहीं राजीव ने कहा, “सड़क और नाली न होने से गंदा पानी हर घर तक पहुंच जाता है, बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत को कोई परवाह नहीं।”
गीता देवी ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा, “हर बार सफाई और विकास की बात होती है, लेकिन हमारी बस्ती आज भी पिछड़ेपन की पहचान बनी हुई है। अब अगर जल्द काम नहीं हुआ तो हम धरना देने को मजबूर होंगे।”

लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क और नाली का निर्माण कार्य नहीं शुरू हुआ, तो वे नगर पंचायत कार्यालय का घेराव करेंगे।

विरोध प्रदर्शन में लालू, सोनू, राजीव, चंदन, राजेंद्र, प्रमोद, कमलेश, अमन, गोलू, तेतरी, गीता, आशा, जयंती, शकुंतला सहित बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में नारे लगाते हुए कहा कि वे अब विकास के झूठे वादों में नहीं फंसेंगे, जब तक सड़क और नाली नहीं बनेगी, आंदोलन जारी रहेगा।

महराजगंज महोत्सव का शानदार आगाज, झूमे लोग

वर्षा के बावजूद दर्शकों में दिखा उत्साह, कला और संस्कृति की बही बयार

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।तराई की संस्कृति, कला और लोक परंपरा की अनूठी झलक लिए महराजगंज महोत्सव का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को जवाहर लाल नेहरू स्मारक पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज परिसर में हुआ। हल्की-हल्की वर्षा के बावजूद जनपदवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंच पर कला और संस्कृति के रंग बिखरते रहे तो दर्शक देर रात तक तालियों की गूंज और संगीत की धुन पर थिरकते रहे।
महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महराजगंज महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और जनपद की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाना है। उन्होंने इसे जनपद के विकास और सांस्कृतिक गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल, विधायक सदर जयमंगल कन्नौजिया, विधायक पनियरा ज्ञानेंद्र सिंह, विधायक नौतनवा ऋषि त्रिपाठी, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना, बजरंग बहादुर सिंह और पुष्पलता मंगल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आरंभ आर.एस. पब्लिक स्कूल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। इसके बाद बजरंगी सिंह इंटर कॉलेज के स्वागत गीत ने तालियों की गूंज से माहौल को ऊर्जावान कर दिया।प्राथमिक विद्यालय वागापार द्वितीय की छात्राओं ने लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी, वहीं प्राथमिक विद्यालय जड़ार की बालिकाओं ने उत्तराखंड के प्राचीन पांडव नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम होते-होते मंच की रंग-बिरंगी लाइटों ने पूरे परिसर को जगमगा दिया। छः बजे के बाद दर्शकों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि पंडाल खचाखच भर गया। सुर,लय और ताल की तान जैसे-जैसे उठती गई, वैसे-वैसे दर्शकों का उत्साह भी परवान चढ़ता गया। पहले दिन की बॉलीवुड संध्या में लोकप्रिय गायक असित त्रिपाठी ने अपनी सुरीली आवाज़ से ऐसा रंग जमाया कि पूरा परिसर देर रात तक संगीत की लहरों में डूबा रहा।असित ने मुस्कुराने की वजह तुम हो, गुनगुनाने की वजह तुम हो, ले जाए मुझे कहां हवाएं, केसरिया तेरा इश्क है और मोह-मोह के धागे जैसे हिट गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।रात करीब सवा नौ बजे उनके मंच पर आते ही चारों ओर से असित-असित के नारे गूंज उठे और युवा दर्शकों ने अपने पसंदीदा गायक का जोश से स्वागत किया। महोत्सव स्थल पर लगे स्वदेशी उत्पाद मेले में जिले के हस्तशिल्प, हर्बल उत्पाद, बांस और लकड़ी से बने सामान तथा अन्य स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान खींचा। कई जिलों के उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।महोत्सव स्थल पर दर्शकों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव न केवल मनोरंजन बल्कि जनपद की प्रतिभाओं और संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास है। पहले दिन की शानदार सफलता से यह स्पष्ट है कि आने वाले दो दिनों में महोत्सव और भी रंगीन और यादगार बनने जा रहा है।

हिन्दी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि,साहित्यकार,और शिक्षाविद थे डॉ रामदरश मिश्र – गिरिधर करुण

पद्म श्री रामदरश मिश्र के निधन पर साहित्यकार, समाजसेवियों ने जताया शोक

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। पद्म श्री पुरस्कार से विभूषित हिन्दी साहित्य के कवि व साहित्यकार रामदरश मिश्र के निधन पर साहित्यकार व समाजसेवियों ने नगर के ईचौना पश्चिमी वार्ड में शोक सभा का आयोजन कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस दौरान सम्बोधित करते हुए कवि और साहित्यकार गिरिधर करुण ने कहा कि हिन्दी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि ,साहित्यकार व महान शिक्षाविद थे रामदरश मिश्र इनके निधन से साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति हुई है।इनके योगदान से पूर्वांचल अपने को गौरवान्वित महसूस करेगा।

सेंट जेवियर्स के प्रधानाचार्य वीके शुक्ला ने कहा कि आधुनिक हिंदी साहित्य के लिए यह हमेशा जाने जाते थे अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी साहित्य को नई उचाइयां प्रदान की। कांग्रेस नेता डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि इन्होंने अपनी रचनाओं में गांव की मिट्टी ,सादगी और मूल्यधर्मिता को सदैव स्थान दिया। इसके लिए इन्हें 2025 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कवि व रंगकर्मी संजय मिश्र ने कहा कि इन्होंने अपने रचनाओं के माध्यम से आमजन की पीड़ा को व्यक्त किया। इनकी कमी सदैव महसूस होगी। पूर्व प्रधानाचार्य कवि नरसिंह तिवारी ने कहा कि इनकी लम्बी साहित्यिक यात्रा समय के कई मोड़ों से गुजरी है और नित्य नई नूतनता की छवि को प्राप्त हुई है।पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधाकर गुप्त ने कहा कि इनकी रचनाओं में मानवीय संवेदनाओं और संघर्षों का चित्रण मिलता है। डॉ चतुरानन ओझा ने कहा कि अपनी सर्जनात्मक प्रतिभा से अपनी प्रभावशाली अभिव्यक्ति के साथ गजल में भी सार्थक उपस्थित रेखांकित किया है।शोक व्यक्त करने वालों में कवि अरुण शर्मा,सतीश चंद भाष्कर, रामविलास तिवारी, अश्विनी पांडेय,भागीरथी प्रसाद,कवि योगेन्द्र द्विवेदी, बीरबल यादव,मोहन प्रसाद,योगेंद्र वियोगी, आनंद उपाध्याय ,गोपाल यादव आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।

चंद लोगों के हाथ की कठपुतली बनी है बिहार की राजनीति जो हमारे देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे है।

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बिहार, जो कभी अपनी राजनीतिक चेतना, वैचारिक नेतृत्व और सामाजिक आंदोलन के लिए जाना जाता था, आज कुछ गिने-चुने लोगों के हाथ की कठपुतली बनकर रह गया है। कभी लोकतंत्र की प्रयोगशाला कहा जाने वाला यह राज्य अब व्यक्तिवाद और जातिवाद की जकड़ में ऐसा उलझा है कि जनसरोकार पीछे छूट गया हैं और सत्ता की डोर कुछ नेताओं की मुठ्ठी में सिमट गई है।
लोकतंत्र का पतन और सत्ता का केंद्रीकरण
लोकतंत्र की मूल भावना यह है कि सत्ता जनता के हाथ में हो, लेकिन बिहार में वर्षों से यही लोकतंत्र कुछ परिवारों और दलों के शीर्ष नेताओं के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। पार्टियों के भीतर लोकतांत्रिक परंपराएं खत्म हो चुकी हैं। उम्मीदवारों का चयन, पदों का वितरण और नीतियों का निर्धारण सब कुछ “ऊपर” से तय होता है। जनता की राय, कार्यकर्ताओं की मेहनत और क्षेत्रीय जरूरतें अब केवल चुनावी भाषणों का हिस्सा रह गई हैं।
जातिवाद की जंजीरें और विकास की रुकावटें
बिहार की राजनीति में जातिवाद वह पुराना हथियार है जिससे हर बार जनता को बांटा गया। हर चुनाव से पहले जातीय समीकरणों की गणना होती है—न कि विकास योजनाओं या रोजगार के अवसरों की चर्चा। नतीजा यह है कि राजनीति अब “सेवा” नहीं बल्कि “समीकरण” बन गई है। जो नेता इन समीकरणों को साध लेता है, वही सत्ता में टिकता है, भले ही राज्य की जनता बेरोजगारी, पलायन और शिक्षा की बदहाली से जूझती रहे।
जनता की भूमिका: वोट बैंक से आगे बढ़ने की जरूरत
दुख की बात यह है कि जनता भी इन “कठपुतली नेताओं” के खेल का हिस्सा बन गई है। चुनाव के समय मुफ्त राशन, जातीय अपील या किसी एक चेहरे की “छवि” पर वोट देना, फिर पांच साल बाद वही निराशा — यह चक्र अब तोड़ना होगा। जब तक जनता अपनी सोच को जाति और व्यक्ति की सीमाओं से ऊपर उठाकर विकास और सुशासन को आधार नहीं बनाएगी, तब तक बिहार की राजनीति कुछ चेहरों के इशारे पर नाचती रहेगी।
आवश्यक है नई राजनीतिक चेतना
बिहार को फिर से उसी वैचारिक ऊँचाई पर लाना होगा, जहाँ जयप्रकाश नारायण जैसे नेताओं ने “संपूर्ण क्रांति” का सपना देखा था। अब वक्त है कि नई पीढ़ी राजनीति में भागीदारी करे — न कि कठपुतली बने, बल्कि दिशा दिखाने वाली शक्ति बने। दलों में लोकतंत्र की बहाली, पारदर्शिता, और जनता आधारित नीति निर्माण की पहल ही बिहार की राजनीति को इन चंद लोगों की पकड़ से मुक्त करा सकती है।
बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा संकट यह है कि यहाँ “नेतृत्व” नहीं, “नेता” हैं; “विचारधारा” नहीं, “वोट-बैंक” है। राजनीतिक दल जनता को बांटकर सत्ता की सीढ़ियाँ चढ़ते हैं, और जनता हर बार यह सोचकर ठगी जाती है कि शायद इस बार कुछ बदलेगा। मगर असलियत यह है कि सत्ता की डोर उन्हीं पुराने हाथों में रहती है जो वर्षों से राजनीति को अपनी कठपुतली बनाकर नचाते आए हैं।राजनीति का यह चरित्र अब इतना जटिल हो चुका है कि जनता की आवाज़ भी धीरे-धीरे मौन होती जा रही है। पंचायत से लेकर विधानसभा तक, हर स्तर पर विचार नहीं, बल्कि व्यक्ति-पूजा का बोलबाला है। लोकतंत्र में जनता मालिक होनी चाहिए, मगर बिहार में जनता को केवल चुनावी मौसम में “गणना की इकाई” भर बना दिया गया है।
बिहार की राजनीति को यदि वास्तव में सुधारना है, तो जनता को जागरूक होना होगा। उसे यह समझना होगा कि विकास सिर्फ चुनावी घोषणाओं से नहीं, बल्कि उसके अपने निर्णय से संभव है। जाति, धर्म और क्षेत्रीय भावनाओं से ऊपर उठकर अगर जनता सही नेतृत्व को चुने, तो वही कठपुतली की डोर जनता के हाथों में लौट सकती है।
अंततः, सवाल यह नहीं है कि बिहार की राजनीति किसके हाथ में है, बल्कि सवाल यह है कि जनता अब भी क्यों मौन है?
जब तक जनता अपनी शक्ति को नहीं पहचानेगी, तब तक बिहार की राजनीति कुछ चंद लोगों की कठपुतली बनी रहेगी — और लोकतंत्र सिर्फ एक दिखावा मात्र रह जाएगा।

चंद्रकांत सी पूजारी
(गुजरात)

जिलाधिकारी का निर्णय — पूर्व स्वीकृत स्थानीय दरों पर कराया जाएगा निर्वाचन प्रपत्रों का मुद्रण

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) का मुद्रण 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 के बीच कराया जाएगा, ताकि 4 नवम्बर से बी.एल.ओ. (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर सकें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आदेश के अनुसार गणना एवं सूचना प्रपत्रों की अधिकतम मुद्रण दर ₹1.83 प्रति पृष्ठ (जीएसटी सहित) निर्धारित की गई है। चूंकि यह आदेश 28 अक्टूबर को निर्गत हुआ, इसलिए समयाभाव के कारण जेम पोर्टल या ई-टेंडर प्रक्रिया से निविदा को 3 नवम्बर से पूर्व अंतिम रूप देना संभव नहीं था।

समयबद्ध कार्यक्रम की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी बलिया ने वर्ष 2024 में स्वीकृत स्थानीय दरों पर मुद्रण कार्य कराने का निर्णय लिया है। स्थानीय फर्म भारद्धाज स्टेशनर्स, हरपुर बलिया को ₹1.15 प्रति पृष्ठ (लेजर मुद्रण) एवं ₹0.6254 प्रति पृष्ठ (फोटोकॉपी) — कुल ₹1.7754 प्रति पृष्ठ (जीएसटी सहित) की दर से चार विधान सभा क्षेत्रों के प्रपत्र मुद्रण की स्वीकृति दी गई है। वहीं, शिवम् स्टेशनर्स, रामपुर उदयभान को शेष तीन विधान सभा क्षेत्रों के लिए इसी दर पर मुद्रण की अनुमति दी गई है।

ये भी पढ़ें – खराब मौसम के कारण ‘बलिया महोत्सव 2025’ एवं बलिया स्थापना दिवस का स्थल बदला

यह दर आयोग द्वारा अनुमोदित अधिकतम दर ₹1.83 प्रति पृष्ठ से भी कम है। जनपद बलिया की 7 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 25,10,596 मतदाता पंजीकृत हैं। प्रत्येक मतदाता के लिए दो प्रतियों में गणना प्रपत्र मुद्रण हेतु लगभग 50,21,192 पृष्ठों की आवश्यकता होगी। ₹1.7754 प्रति पृष्ठ की दर से लगभग ₹89.14 लाख का व्यय अनुमानित है, जबकि ₹1.83 की दर से यह राशि ₹91.88 लाख होती। इस प्रकार लगभग ₹2.74 लाख की बचत होगी।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि यह निर्णय राजकीय कार्यहित में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रस्ताव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश से औपचारिक स्वीकृति मांगी गई है, ताकि निर्धारित समयावधि में निर्वाचन नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

खराब मौसम के कारण ‘बलिया महोत्सव 2025’ एवं बलिया स्थापना दिवस का स्थल बदला

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में लगातार बने खराब मौसम और वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने ‘बलिया महोत्सव 2025’ एवं बलिया स्थापना दिवस के आयोजन स्थल में बदलाव किया है। पूर्व निर्धारित स्थल रामलीला मैदान के स्थान पर अब यह कार्यक्रम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गंगा बहुउद्देशीय सभागार (Ganga Multipurpose Auditorium) में संपन्न होगा।

ये भी पढ़ें – अभिभावक व शिक्षक ही संवारते हैं बच्चों का भविष्य – जी.एम. सिंह

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय जनहित और प्रतिभागियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बदलते मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है ताकि नागरिकों, कलाकारों और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

अधिकारियों ने बताया कि बलिया महोत्सव 2025 का पूरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय पर ही आयोजित होगा, केवल स्थल में परिवर्तन किया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नवीन स्थल पर पहुंचकर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आयोजनों का आनंद लें।

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अभिभावक व शिक्षक ही संवारते हैं बच्चों का भविष्य – जी.एम. सिंह

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। विकासखंड परतावल के सिसरसियां मलमलिया स्थित इंटीग्रल पब्लिक हाई स्कूल का प्रथम वार्षिकोत्सव बड़े ही उत्साह और सांस्कृतिक भव्यता के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी सजावट, नन्हे कलाकारों की मुस्कान और अभिभावकों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक जी.एम. सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। विद्यालय के प्रबंधक इकरार अहमद और प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि सहित सभी गणमान्य लोगों का अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर स्वागत किया।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य अतिथि जी.एम. सिंह ने कहा कि “बच्चों का भविष्य माता-पिता और शिक्षकों की संयुक्त जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के सच्चे निर्माता होते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। उन्होंने ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को बच्चों की प्रतिभा निखारने का सर्वोत्तम माध्यम बताया।

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प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष एजाज खान ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और देशभक्ति नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा।

कार्यक्रम का सफल संचालन सुजीत प्रजापति ने किया। अंत में विद्यालय के प्रबंधक इकरार अहमद ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी सत्र से विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिक्षा प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शहरों जैसी शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

मंडी समिति की लापरवाही से मुख्य सड़क पर रोज लग रहा भीषण जाम, राहगीर और किसान बेहाल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां नगर इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की चपेट में है। खासतौर पर मंडी समिति परिसर के सामने रोज लगने वाला जाम अब नगरवासियों और किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। स्थिति यह है कि मुख्य सड़क पर साइकिल और मोटरसाइकिल चलाना तो दूर, पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।

स्थानीय नागरिक सुनील कुमार, महेश कुमार, जगदीश, पूरन, सतीश, संतराम, गंगाधर, सुभाष, निखिल कुमार और धर्मेंद्र ने बताया कि यह अव्यवस्था मंडी समिति प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। मंडी परिसर में पर्याप्त जगह होते हुए भी किसानों को बैठने की सुविधा नहीं दी जा रही है।

किसानों का कहना है कि मंडी परिसर में बैठे आढ़ती और व्यापारी उन्हें अपने आसपास सब्जी रखने नहीं देते और डांट-फटकार कर बाहर भगा देते हैं। मजबूर होकर किसान मुख्य सड़क किनारे सब्जियां बेचने लगते हैं, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन जाती है और राहगीरों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मंडी समिति प्रशासन किसानों के लिए स्थायी स्थान तय कर दे और आढ़तियों की मनमानी पर रोक लगाए, तो इस जाम की समस्या से राहत मिल सकती है।

आज जब ट्रैफिक जाम चरम पर पहुंच गया, तो सूचना पाकर थानाध्यक्ष नौतनवां पुरुषोत्तम राव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गांधी चौक से लेकर डूडी नदी तक फैले जाम को करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया।

नगरवासियों ने मंडी समिति प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि आमजन और किसानों को रोजाना लगने वाले जाम से निजात मिल सके।

बी०एस०एस० परशुराम सेना ने कई प्रमुख पदों पर किया मनोनयन लोगों ने दी बधाई

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बी.एस.एस. परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं० श्रीनाथ पाण्डेय और प्रदेश अध्यक्ष पं० अजीत कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में बी०एस०एस० परशुराम सेना द्वारा मऊ जनपद में संगठन को मजबूत बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण पदों पर मनोनयन किए गए।
इस क्रम में मानस मंदाकिनी रागिनी सरस्वती को महिला प्रकोष्ठ मण्डल अध्यक्ष, आजमगढ़ के पद पर नियुक्त किया गया है। संगठन ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे ब्राह्मण हित में निरंतर कार्य करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

वहीं गोपाल तिवारी को आजमगढ़ मण्डल संयोजक के पद पर नियुक्त किया गया है। संगठन ने उनसे अपेक्षा की है कि वे समाज में एकता व सम्मान की भावना को सशक्त करेंगे और ब्राह्मण समाज को संगठित करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

इसके अलावा राजेश कुमार पाण्डेय को प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया गया है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए बी०एस०एस० परशुराम सेना के विस्तार और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इन मनोनयनों के अवसर पर समूचे संगठन ने तीनों पदाधिकारियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। संगठन ने कहा कि ये तीनों कार्यकर्ता ब्राह्मण समाज के सम्मान, बहन-बेटियों की सुरक्षा और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सदा सक्रिय रहेंगे।

पटखौली में गिरा विशाल पीपल का पेड़, घंटों जाम में फंसे वाहन

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। लगातार 36 घंटे से हो रही रिमझिम बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार की सुबह पटखौली ग्रामसभा स्थित बलिया–सिकंदरपुर मार्ग पर एक विशाल पीपल का पेड़ गिर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सुबह करीब 5 बजे पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। सौभाग्य से उस समय कोई वाहन या राहगीर पास नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क जाम होने से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। ग्रामीणों ने घंटे भर की मशक्कत के बाद पेड़ का कुछ हिस्सा काटकर हटाया, जिससे धीरे-धीरे वाहन निकलने लगे। करीब 11 बजे सूचना पर पहुंची सुखपुरा पुलिस और वन विभाग की टीम ने मिलकर पेड़ को पूरी तरह हटवाया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। इस दौरान पेड़ गिरने से विद्युत तार भी टूट गए, जिससे लगभग 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।

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हिन्दू महासभा 27 दिसंबर को चेन्नई से अयोध्या तक छतरी यात्रा निकालेगी – बी एन तिवारी

नई दिल्ली/चेन्नई (राष्ट्र की परम्परा)। अखिल भारत हिन्दू महासभा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी चेन्नई से अयोध्या तक हनुमान छतरी यात्रा निकालने जा रही है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने नई दिल्ली में कहा कि अयोध्या में पिछले 12 वर्षों से हिन्दू महासभा हनुमान छतरी यात्रा निकालते हुए हनुमान गढ़ी में भगवान हनुमान को छतरी समर्पित कर रही है। इस वर्ष तेरहवीं हनुमान छतरी यात्रा आगामी 27 दिसंबर को निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में देश भर से एकत्र होने वाले कार्यकर्ता हनुमान गढ़ी में छतरी समर्पित करते हुए राम राज्य की स्थापना और हिन्दू राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेंगे।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने जारी बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने हनुमान छतरी यात्रा कार्यक्रम का विवरण देते हुए बताया कि हिन्दू महासभा तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष रमेश बाबू के नेतृत्व में 19 दिसंबर को एक स्थानीय मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हनुमान गढ़ी में समर्पित होने वाली छतरी का पूजन करेंगे। पूजन के साथ राम राज्य की स्थापना और हिन्दू राष्ट्र निर्माण की संकल्प शक्ति के साथ यज्ञ हवन किया जाएगा।19 दिसंबर से 22 दिसंबर तक हिन्दू महासभा के कार्यकर्ता चेन्नई और उसके आस पास के विभिन्न धर्मस्थलों में जाकर छतरी का पूजन कर हिन्दू राष्ट्र निर्माण का संदेश जन जन को देंगे। साथ ही सात नदियों का पवित्र जल संगृहीत कर चेन्नई से अयोध्या लाया जाएगा।
बी एन तिवारी ने बताया कि 23 दिसंबर को तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष रमेश बाबू के नेतृत्व में दक्षिण भारत के 50 श्रीराम भक्त कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल चेन्नई रेलवे स्टेशन से वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे। 25 दिसंबर को वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करेंगे। 26 दिसंबर को प्रतिनिधि मंडल अयोध्या पहुंचेगा। 27 दिसंबर को प्रातः 10 बजे बिड़ला धर्मशाला से हनुमान छतरी यात्रा आरंभ होगी और हनुमान गढ़ी पहुंचकर वहां के गद्दीनशीं महंत को छतरी समर्पित करेंगे।
जारी बयान के अनुसार अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित आत्माराम तिवारी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री पवन शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री ललित अग्रवाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल गुप्ता, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनोज शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी छतरी यात्रा में शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंच जाएंगे। अयोध्या के धर्माचार्य स्वामी करपात्री महाराज, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास महाराज सहित अयोध्या के अनेक बड़े धर्माचार्यों को छतरी यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र दिया जाएगा।