Tuesday, June 30, 2026
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इतिहास की वह रोशनी, जो आज भी भविष्य का मार्ग उजागर करती है”

19 नवंबर के जन्मे महान व्यक्तित्व

19 नवंबर भारतीय इतिहास, राजनीति, साहित्य, कला और समाज सुधार की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन जन्मे अनेक महान व्यक्तित्वों ने न केवल अपने युग को नई दिशा दी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के अमिट स्रोत बने। चाहे स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला हो, राजनैतिक नेतृत्व का धैर्य, कला-संस्कृति की समृद्धि, साहित्य का गौरव या समाज सुधार की चेतना — 19 नवंबर का दिन इन सभी का उजाला अपने भीतर समेटे हुए है।
1835 – रानी लक्ष्मीबाई: स्वतंत्रता का अमर प्रतीक
19 नवंबर 1835 को जन्मी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की जीवित ज्वाला थीं। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध जिस साहस, रणनीति और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, वह इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। “मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी” जैसा अटल संकल्प राष्ट्रीय चरित्र का आधार बना। रानी लक्ष्मीबाई ने मातृत्व, शौर्य, त्याग और नेतृत्व—सभी को एक स्वरूप में ढालकर भारत की महिलाओं के लिए अदम्य प्रेरणा का स्त्रोत स्थापित किया। आज भी उनका जीवन संघर्ष हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित करता है।

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1838 – केशव चन्द्र सेन: समाज जागरण के प्रबल पुरोधा
19 नवंबर 1838 को जन्मे केशव चन्द्र सेन बंगाल नवजागरण के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वे ब्रह्म समाज के संस्थापकों में गिने जाते हैं और उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, बाल विवाह, छुआछूत तथा धार्मिक अंधविश्वासों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया। स्त्री-शिक्षा, वैवाहिक सुधार और आधुनिक चिंतन को प्रोत्साहित करने में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है। उन्होंने आध्यात्मिकता और विज्ञान दोनों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया। अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से केशव चन्द्र सेन ने भारतीय समाज में आधुनिक चेतना और नैतिकता का नया अध्याय जोड़ा।
1875 – रामकृष्ण देवदत्त भांडारकर: भारत के महान पुरातत्त्वविद
राष्ट्र का इतिहास संरक्षित करने वाले विद्वानों में रामकृष्ण देवदत्त भांडारकर का नाम अत्यंत सम्मान से लिया जाता है। उनका जन्म 19 नवंबर 1875 को हुआ। वे भारतीय पुरातत्त्व, प्राचीन शिलालेखों और संस्कृत साहित्य के गहन अध्येता थे। भांडारकर ने भारत की प्राचीन संस्कृति, वैदिक परंपरा और ऐतिहासिक ग्रंथों को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने और समझाने का विशाल कार्य किया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) में उन्होंने महत्वपूर्ण शोध कार्य किए, जिनका उपयोग आज भी देश के सांस्कृतिक इतिहास के पुनर्निर्माण में किया जाता है। उनका योगदान भारत को अपने अतीत से जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है।

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1917 – इन्दिरा गांधी: भारत की लौह-इच्छाशक्ति वाली नेता
19 नवंबर 1917 को जन्मी इन्दिरा गांधी स्वतंत्र भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थीं। वैश्विक राजनीति में उनका व्यक्तित्व दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। बांग्लादेश मुक्ति संग्राम, हरित क्रांति, अंतरिक्ष कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति—ये सभी उनके नेतृत्व की पहचान बने। ‘गरीबी हटाओ’ जैसे ऐतिहासिक नारे ने भारतीय राजनीति में आमजन की आवाज को केंद्र में रखा। आलोचनाओं और चुनौतियों के बीच भी इन्दिरा गांधी का साहसिक निर्णय उन्हें विश्व की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में शामिल करता है।
1918 – देवीप्रसाद चट्टोपाध्याय: इतिहास व दर्शन के अद्वितीय विद्वान
19 नवंबर 1918 को जन्मे देवीप्रसाद चट्टोपाध्याय भारतीय इतिहास, दर्शन और विज्ञान के अध्ययन में विशेष स्थान रखते हैं। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान, वैदिक विज्ञान, दर्शन और भारतीय तार्किक परंपरा पर गहन शोध किया। उनका कार्य भारतीय बौद्धिक इतिहास को पुनर्परिभाषित करने का प्रयास माना जाता है। उन्होंने यह प्रमाणित किया कि भारत का प्राचीन ज्ञान केवल अध्यात्म तक सीमित नहीं था, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्कवाद भी उसकी जड़ में मौजूद था। उनके शोध ग्रंथ आज भी विश्वभर के इतिहासकारों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री हैं।
1923 – सलिल चौधरी: संगीत की आत्मा को स्पर्श करने वाले स्वर–शिल्पी
19 नवंबर 1923 को जन्मे सलिल चौधरी भारतीय संगीत जगत के उन महान संगीतकारों में से थे जिन्होंने लोकधुनों, पश्चिमी संगीत और भारतीय भावनाओं को एक साथ जोड़कर अनोखी धुनें रचीं। ‘आवास’, ‘मधुमती’, ‘आनंद’, ‘काबुलीवाला’ जैसी फिल्मों में उनका संगीत आज भी मन को छू लेता है। वे एक उत्कृष्ट गीतकार, संगीतकार और लेखक भी थे। उनकी धुनों में मानवीय संवेदनाएं, प्रकृति की सुंदरता और सामाजिक चेतना जीवंत रूप में दिखाई देती थीं। भारतीय फिल्म संगीत में सलिल दा का योगदान अतुलनीय है।
1924 – विवेकी राय: भोजपुरी–हिंदी साहित्य के शिखरपुरुष
19 नवंबर 1924 को जन्मे विवेकी राय हिंदी और भोजपुरी साहित्य के सबसे सम्मानित नामों में से एक हैं। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन की संवेदना, आमजन की पीड़ा, संस्कृति और सामाजिक यथार्थ की सशक्त अभिव्यक्ति मौजूद है। ‘लोकरंग’, ‘कुहु–कुहु बोले कोयलिया’, ‘विवेकी राय की कहानियाँ’ जैसी कृतियों ने साहित्य जगत में नई पहचान बनाई। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त हुए। उनकी लेखनी ने भोजपुरी भाषा की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1928 – दारा सिंह: भारतीय पहलवानी और अभिनय का सूर्य
19 नवंबर 1928 को जन्मे दारा सिंह विश्वविख्यात पहलवान और बाद में प्रसिद्ध अभिनेता बने। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कुश्ती को नई पहचान दिलाई। ‘रुस्तम-ए-हिंद’ और ‘रुस्तम-ए-जहां’ जैसे खिताब उनके अपराजेय दमखम की मिसाल बने। अभिनय में भी वे ‘रामायण’ में हनुमान की भूमिका के लिए अमर हो गए। उनका व्यक्तित्व शक्ति, विनम्रता, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अद्भुत मिश्रण था। दारा सिंह भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का आधार बने हुए हैं।
1951 – ज़ीनत अमान: भारतीय सिनेमा की ग्लैमरस क्रांति
19 नवंबर 1951 को जन्मी ज़ीनत अमान ने भारतीय हिंदी सिनेमा में आधुनिकता, आत्मविश्वास और ग्लैमरस स्क्रीन–प्रेज़ेंस की नई परंपरा शुरू की। ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम्’, ‘डॉन’, ‘कुर्बानी’ में उनके अभिनय ने उन्हें हिन्दी फिल्मों की सुपरस्टार बना दिया। वे अपने दौर की सबसे साहसी, स्वतंत्र–स्वभाव की और प्रभावशाली अभिनेत्री थीं, जिन्होंने महिलाओं को स्क्रीन पर नए रूप में पेश किया।
1961 – विवेक (अभिनेता): हास्य और मानवता का संगम
19 नवंबर 1961 को जन्मे तमिल सिनेमा के मशहूर अभिनेता विवेक न केवल हास्य कलाकार थे बल्कि सामाजिक मुद्दों को अपने हास्य के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रसिद्ध थे। पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और सामाजिक जागरूकता हेतु उनका योगदान अत्यंत सराहनीय था। उनकी अभिनय शैली मनोरंजन और संदेश दोनों को साथ लेकर चलती थी।
1971 – किरण रिजिजू: ऊर्जावान और प्रभावी भारतीय नेता
19 नवंबर 1971 को जन्मे किरण रिजिजू भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश से आने वाले रिजिजू ने खेल मंत्रालय, कानून मंत्रालय और गृह मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया। वे युवाओं, खेल, उत्तर–पूर्व विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं।
1975 – सुष्मिता सेन: भारत की पहली मिस यूनिवर्स और प्रेरणा–स्त्रोत
19 नवंबर 1975 को जन्मी सुष्मिता सेन ने 1994 में मिस यूनिवर्स का ताज जीतकर भारत का नाम विश्वभर में रोशन किया। उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भारतीय महिलाओं की नई छवि दुनिया के सामने रखी—आत्मविश्वास, बुद्धिमत्ता और सौम्यता की छवि। फिल्मों में भी उन्होंने विविध भूमिकाएँ निभाईं। उनकी जीवन–शैली, गोद लिए गए बच्चों की परवरिश, और आत्मनिर्भरता का संदेश उन्हें आधुनिक भारत की प्रेरणा–महिला बनाता है।

विजय, संघर्ष और बदलाव की ऐतिहासिक झलक

19 नवंबर: इतिहास की पगडंडियों पर दर्ज अनसुने क्षण – त्रासदी, विजय और मानवता की बदलती कथा

इतिहास का प्रत्येक दिन अपने भीतर कई कहानियाँ समेटे रहता है—कभी असहनीय त्रासदियाँ, कभी मानव उपलब्धियों का नया अध्याय, तो कभी विश्व राजनीति के निर्णायक मोड़। 19 नवंबर भी ऐसा ही दिन है, जिसने दुनिया को झकझोरने वाली घटनाओं के साथ-साथ गर्व से भर देने वाले पलों का साक्षी बनाया। इस दिन घटित घटनाएँ न केवल समय की रफ्तार को समझने में मदद करती हैं, बल्कि मानव सभ्यता की बदलती दिशा भी दिखाती हैं।

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1824–सेंट पीटर्सबर्ग की भीषण बाढ़, दस हजार जिंदगियों का अंत
1824 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आई विनाशकारी बाढ़ मानव त्रासदी का ऐसा अध्याय है जिसे इतिहास कभी नहीं भूल सकता। समुद्री तूफानों और तेज़ हवाओं ने नेवा नदी को उफान पर पहुँचा दिया, जिसके चलते पूरा शहर पानी में डूब गया। अनुमानतः दस हजार से अधिक लोग मारे गए। यह घटना प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव असहायता की हृदयविदारक याद दिलाती है।

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1895 – फ्रेडरिक ई. ब्लेसडेल द्वारा पेंसिल का पेटेंट, शिक्षा जगत में क्रांति
19 नवंबर 1895 को फ्रेडरिक ई. ब्लेसडेल ने पेंसिल का पेटेंट हासिल किया। यह आविष्कार उस समय वैश्विक शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लेकर आया। लिखने के सरल और टिकाऊ साधन ने ज्ञान के प्रसार को नई गति प्रदान की, जिसे आज हम सामान्य मान लेते हैं, पर इसकी नींव इसी आविष्कार ने रखी।

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1933 – स्पेन में महिलाओं को मिला मताधिकार, समानता के संघर्ष की बड़ी जीत
स्पेन में 19 नवंबर 1933 को महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला। यह फैसला यूरोप में लैंगिक समानता के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। वर्षों तक जारी संघर्ष के बाद महिलाओं की आवाज़ को राष्ट्र की नीतियों में शामिल किया गया, जिसने आधुनिक लोकतंत्र की दिशा को मजबूत किया।

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1951 – अमेरिका का नेवाडा में परमाणु परीक्षण, विश्व राजनीति की नई दहलीज
1951 में अमेरिका ने नेवाडा प्रांत में परमाणु परीक्षण किया, जिसने शीत युद्ध की प्रतिस्पर्धा को और तीव्र बनाया। इस परीक्षण ने विश्व सुरक्षा समीकरणों में नए खतरे और आशंकाएँ पैदा कीं। यह घटना तकनीकी उन्नति के साथ-साथ वैश्विक तनावों का प्रतीक भी रही।

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1952 – स्पेन का यूनेस्को सदस्य बनना, सांस्कृतिक सहयोग का विस्तार
1952 को स्पेन यूनेस्को का सदस्य बना। इससे देश को वैश्विक सांस्कृतिक और शैक्षिक मंचों में सहभागिता का अवसर मिला। यह कदम स्पेन के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने वाला साबित हुआ।

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1977 – मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात की ऐतिहासिक इज़राइल यात्रा
मध्य पूर्व की राजनीति में 19 नवंबर 1977 का दिन इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात ने पहली बार इज़राइल की यात्रा की। यह साहसिक कदम दशकों से चले आ रहे संघर्ष में शांति वार्ताओं का पहला वास्तविक द्वार बना और दुनिया को कूटनीति की नई दिशा दिखाने वाला साबित हुआ।

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1982 – दिल्ली में नवें एशियाई खेलों का शुभारंभ
19 नवंबर 1982 को दिल्ली में एशियाई खेलों का नौवां संस्करण शुरू हुआ। भारत के खेल इतिहास में इस आयोजन ने बड़ी भूमिका निभाई। बेहतर स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय मानक और विस्तृत खेल संरचनाओं के निर्माण ने भारतीय खेलों को नई पहचान दी।

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1986 – पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू, हरित भारत की नींव मजबूत
1986 में भारत में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम प्रभावी हुआ। भोपाल गैस त्रासदी के बाद यह कानून पर्यावरणीय सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम था। इससे प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक निगरानी और प्रकृति संरक्षण को मजबूती मिली।

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1994 – ऐश्वर्या राय बनीं मिस वर्ल्ड, भारत को सौंदर्य मंच पर गौरव
19 नवंबर 1994 को ऐश्वर्या राय मिस वर्ल्ड चुनी गईं। उनकी जीत ने भारत को अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं में नई पहचान दिलाई। उनकी व्यक्तित्व, सौम्यता और आत्मविश्वास ने भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाया।

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1995 – कर्णम मल्लेश्वरी का विश्व रिकॉर्ड, भारतीय महिला शक्ति का प्रमाण
1995 में भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर देश का गौरव बढ़ाया। सीमित संसाधनों के बीच उनकी मेहनत और आत्मविश्वास ने भारतीय महिलाओं के खेल सफर को नई धार दी। आगे चलकर वे ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला भी बनीं।

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1997 – कल्पना चावला बनीं अंतरिक्ष जाने वाली पहली भारतीय महिला
1997 का यह दिन भारतीय विज्ञान और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक रहा। कल्पना चावला अंतरिक्ष में पहुंचने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बनीं। उनका यह मिशन न केवल तकनीकी उपलब्धि था, बल्कि सपनों को पंख देने वाला प्रेरणादायक क्षण भी बना।

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1998 – उल्का पिंड देखने की वैश्विक निराशा और भारत की कला को सम्मान
इस वर्ष दुनिया भर में लोग दुर्लभ उल्का वर्षा देखने को उत्सुक थे, पर अधिकांश देश निराश रहे। केवल जापान और थाईलैंड में ही यह दृश्य दिखाई दिया। इसी दिन भरतनाट्यम नृत्यांगना कोमला वर्धन को ‘वूमेन ऑफ द ईयर 1998’ के लिए चुना गया, जिसने भारतीय शास्त्रीय कला को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित किया।

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2000 – नुसरत भुट्टो को दो वर्ष कारावास की सजा
2000 में पाकिस्तान की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की मां, नुसरत भुट्टो को दो साल के कठिन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और विवादित निर्णयों का प्रतीक बना।

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2002 – ऑस्कर विजेता अभिनेता जेम्स कोबर्न का निधन
19 नवंबर 2002 को हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जेम्स कोबर्न का निधन हुआ। उनकी अभिनय क्षमता ने एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया। उनकी मृत्यु ने विश्व सिनेमा को एक महान कलाकार से वंचित कर दिया।
2005 – परवेज मुशर्रफ का कश्मीर समाधान सुझाव
2005 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भारत को कश्मीर मुद्दे को भूकंप पीड़ितों के हित में हल करने का सुझाव दिया। यह बयान संवेदनशील समय में दोनों देशों के संबंधों में नया राजनीतिक मोड़ लेकर आया।

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2006 – भारत ने परमाणु ऊर्जा सहयोग के लिए ऑस्ट्रेलिया से समर्थन माँगा
2006 में भारत ने परमाणु ऊर्जा और यूरेनियम आपूर्ति के लिए ऑस्ट्रेलिया से सहयोग की मांग की। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बेहद अहम माना गया।
2007 – अफगानिस्तान में आत्मघाती हमला, सात मौतें
2007 में अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत में आत्मघाती विस्फोट में गवर्नर के पुत्र सहित सात लोगों की मौत हुई। यह घटना आतंकवाद के बढ़ते खतरे और क्षेत्रीय अस्थिरता की चिंताओं को फिर सामने लाई।

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2008 – आईएईए प्रमुख अलबरदेई को इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार
2008 में संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अलबरदेई को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई। यह सम्मान वैश्विक परमाणु शांति प्रयासों की सराहना था।

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2013 – बेरुत में दोहरे बम धमाके में 23 लोगों की मौत
लेबनान की राजधानी बेरुत में 19 नवंबर 2013 को ईरानी दूतावास के पास हुए दोहरे आत्मघाती विस्फोटों में 23 लोगों की मौत हुई और 160 से अधिक घायल हुए। यह घटना मध्य पूर्व की अस्थिरता और आतंकवाद के गहरे संकट को दर्शाती है।

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वरिष्ठ नागरिक समिति देवरिया बैठक में उठा समस्याओं के समाधान का मुद्दा, प्रशासन ने दिए आवश्यक निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनपद देवरिया में वरिष्ठ नागरिक समिति देवरिया बैठक आज मंगलवार को गांधी सभागार, विकास भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी देवरिया के प्रतिनिधि परियोजना अधिकारी ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेंशन समस्याएं, आश्रम प्रबंधन और प्रशासनिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

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बैठक में पुलिस अधीक्षक देवरिया के प्रतिनिधि सीओ सदर, वरिष्ठ सदस्य श्रीराम त्रिपाठी (अध्यक्ष–उ.प्र. पेंशनर्स कल्याण संस्था, देवरिया), एनजीओ प्रतिनिधि नवल किशोर सिंह, शालिनी चतुर्वेदी, वृद्धाश्रम देवरिया के प्रबंधक तथा तहसील सुलह अधिकारी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े अनुभव और चुनौतियों को साझा किया।

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वरिष्ठ नागरिकों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में पेंशन वितरण में आ रहीं बाधाएं, पुलिस सहायता की उपलब्धता, स्वास्थ्य शिविरों की नियमितता, आश्रय गृहों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने से जुड़े सुझाव शामिल थे।

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अध्यक्षता कर रहे परियोजना अधिकारी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित सेवाओं को और अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए शीघ्र ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस विभाग की ओर से भी सुरक्षा और त्वरित सहायता की दिशा में प्रभावी कार्यवाही का भरोसा दिया गया।सभा का संचालन पदेन सदस्य सचिव सुधीर पाण्डेय ने किया।बैठक में लिए गए निर्णयों से उम्मीद है कि जिले में वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार को लेकर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में कर–करेत्तर एवं

आईजीआरएस की मण्डल स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

वसूली और रैंकिंग सुधारने के लिए कड़े निर्देश

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)l मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सभागार में मण्डल स्तरीय कर-करेत्तर एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, आबकारी, विद्युत, खनिज, विधिक माप विज्ञान एवं परिवहन सहित विभिन्न विभागों की वसूली और प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

वाणिज्य कर मद में मण्डल के सभी जिले क्रमिक मासिक लक्ष्य से पीछे पाए गए, जिनमें आगरा जिले की प्रगति सबसे कम रही। मण्डलायुक्त ने प्रगति में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के अपर जिलाधिकारी (वित्त) को आरसी वसूली में तेजी लाने के लिए सक्रिय समन्वय के निर्देश दिए गए।

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन में भी चारों जिले क्रमिक उपलब्धि से पीछे रहे, जबकि गत वर्ष की तुलना में मथुरा का प्रदर्शन कमजोर रहा। इस पर मण्डलायुक्त ने एआईजी स्टाम्प को एक माह में कम से कम 50 प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आबकारी विभाग की वसूली को संतोषजनक बताया गया।

विद्युत राजस्व में मथुरा को छोड़कर अन्य सभी जिलों की प्रगति कमजोर पाई गई। अधिकारियों को आरसी वसूली को प्राथमिकता देने को कहा गया। खनिज विभाग में फिरोजाबाद तथा विधिक माप विज्ञान में आगरा और मथुरा की प्रगति सुधारने पर विशेष जोर दिया गया। परिवहन विभाग में भी सभी जिले क्रमिक लक्ष्य से पीछे रहे, जिसमें आगरा की रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद आईजीआरएस की समीक्षा की गई। मण्डलीय प्रभारी एवं अपर आयुक्त ने बताया कि आगरा मण्डल की रैंक वर्तमान में 6वीं है। चारों जिलों में शिकायतकर्ता से सम्पर्क प्रतिशत और फीडबैक में सुधार को सराहा गया। मण्डलायुक्त ने इसे बनाए रखने और प्राप्त सभी शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं से अनिवार्य रूप से सम्पर्क करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों के असंतोषजनक फीडबैक की भी समीक्षा की गई। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि ब्लॉक, जिला और मण्डल स्तर पर नियमित आईजीआरएस सुनवाई हो, सभी अधिकारी शिकायतकर्ताओं से बात करें तथा प्रत्येक शिकायत एवं वार्ता का पूरा विवरण दर्ज करें। विभाग से संबंधित न होने पर शिकायत को पेंडिंग न रखते हुए तुरंत संबंधित विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर आयुक्त न्यायिक श्रीमती कंचन शरन, जिलाधिकारी आगरा अरविंद मलप्पा बंगारी, मथुरा जिलाधिकारी सी.पी. सिंह, फिरोजाबाद जिलाधिकारी श्री रमेश रंजन, मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त शुभांगी शुक्ला, डॉ. पंकज कुमार वर्मा, विशू राजा, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, आरटीओ अरुण कुमार तथा संयुक्त आयुक्त स्टेट जीएसटी बी.डी. शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

हक की बात जिलाधिकारी के साथ: कार्यक्रम में बालिकाओं ने बेझिझक रखी अपनी बातें

मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवरिया में हुआ सफल आयोजन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत नवीन कलेक्ट्रेट सभागार, देवरिया में “हक की बात जिलाधिकारी के साथ” कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में सम्पन्न इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों से पहुंची बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने घरेलू हिंसा, शिक्षा से जु̀ड़ी चुनौतियों, साइबर सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों तथा आत्मनिर्भरता के रास्तों पर जिलाधिकारी से खुलकर प्रश्न पूछे। जिलाधिकारी ने सभी सवालों का धैर्यपूर्वक उत्तर देते हुए बालिकाओं को उनके विधिक अधिकारों, सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन, शासन की योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को आत्मविश्वासपूर्वक आगे बढ़ने, किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट करने और अपने सपनों को साकार करने का संदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन को मजबूत करने की दिशा में शासन की एक प्रभावी पहल है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार सोनकर, नीतू भारती, मीनू जायसवाल, मंशा सिंह सहित महिला कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में महिला कल्याण विभाग की अहम भूमिका रही।

अंत में जिलाधिकारी ने सभी बालिकाओं को धन्यवाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

दहेज के लिए पति ने पत्नी को जमकर पीटा

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)l जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव खुड़रा में दहेज की खातिर विवाहिता को उसके पति ने जमकर डंडे से पीटा,आरोप है कि पेट्रोल डालकर जान लेने की कोशिश की। विवाहिता ने घर से निकल कर किसी तरह अपने आपको बचाया। थाना तिलहर के गांव नौगाई निवासी ब्रजपाल नें पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की मांग की। बताया 3 वर्ष पूर्व उसने अपनी बेटी नेहा की शादी गांव खुड़रा के धर्मपाल के बेटे अरुन के साथ की। सामर्थ्य के अनुसार धन दहेज़ मे दिया, बेटी के दो छोटे बच्चे हैं। शादी के कुछ माह बाद ही उसका पति अरुण, ससुर धर्मपाल, सास जसोदा दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। मायके से सोने की चेन व बाइक लाने का दबाव बनाते रहे। दो माह पूर्व भी बेटी के साथ मारपीट की गई तो पंचायत में फैसला हुआ। सोमवार शाम 6 बजे बेटी घर पर थी तो उसको पति अरुण ने डंडे से बेरहमी से मारा पीटा, गर्दन पकड़ कर जान से मारने की कोशिश की।आरोप लगाया कि सास ने फोन पर जान से मारने को कहा तो अरुन पेट्रोल निकाल लाया।बताया बेटी किसी तरह घर से निकल कर गांव में रह रही बहन के यहां पहुंची और फोन कर जानकारी दी।उसके पूरे शरीर में चोट के निशान हैं।

रोजगार योजनाओं में ढिलाई पर डीएम सख्त

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में उद्योग, व्यापार बन्धु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी सहित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं से सम्बन्धित कार्यों की समीक्षा बैठक की गयी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम युवा योजना में बैंकों की हीलाहवाली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने समस्त शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि सभी शाखाएं सीएम युवा सहित स्वरोजगारपरक योजनाओं में लंबित प्रकरणों को 01 सप्ताह में निस्तारित करें। निस्तारण में विलंब होने पर संबंधित शाखा प्रबंधक की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा गांगी बाजार, पनियरा की शिकायत मिलने पर शाखा प्रबंधक और पर्यवेक्षण में शिथिलता और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक के विरुद्ध चेयरमैन यूपी ग्रामीण बैंक को पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर बैंकों के द्वारा आवेदकों का उत्पीड़न किया जाता है, तो उनके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत आने वाले आवेदकों के साथ बैंक उचित व्यवहार करें और अगर आवेदन को निरस्त करतें हैं, तो उसका उचित कारण अवश्य दें।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान में वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए लक्ष्य 1700 है, जिसके सापेक्ष विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 1120 आवेदन स्वीकृत करते हुए 1068 मामलों में ऋण वितरण किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने वितरण और स्वीकृत हेतु बैंकों में लम्बित मामलों की बड़ी संख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 01 सप्ताह में निस्तारण हेतु निर्देशित किया। कहा कि सीएम युवा उद्यमी जैसी अहम योजना में हीलाहवाली कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में वित्तीय वर्ष 2025–026 में भौतिक लक्ष्य 160 के सापेक्ष 155 आवेदन विभाग द्वारा विभिन्न बैंकों को प्रेषित किए जा चुके हैं। इनमें अलग–अलग बैंकों द्वारा 75 आवेदनों को स्वीकृत करते हुए 69 में ऋण वितरित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ओडीओपी योजना के तहत 26 लक्ष्य के सापेक्ष 51 आवेदन बैंको को भेजे गए हैं, जिसमे 27 आवेदनो को स्वीकृत करते हुए बैंकों द्वारा 21 में ऋण का वितरण किया गया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब नहीं होना चाहिए।
व्यापार बंधु की बैठक में उन्होंने जीएसटी पंजीयन बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने उपस्थित व्यापारियों से भी अनुरोध किया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीएसटी पंजीयन करने हेतु प्रेरित करें। इससे उन्हें दुर्घटना की स्थिति में मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए का बीमा कवर भी प्राप्त होगा। उन्होंने राज्यकर अधिकारी को भी व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण हेतु सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कहा कि इस सन्दर्भ में तहसीलों के साथ समन्वय स्थापित कर आरसी का मिलान सुनिश्चित करें।
इस दौरान बैठक में उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, एलडीएम बी.एन. मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित व्यापारी फूल चन्द अग्रवाल, प्रमोद जायसवाल, सुरेश रूगंटा, पशुपतिनाथ गुप्ता सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहें।

पीछे की दीवार काटकर सेंधमारी, जेवर व नकदी उड़ा ले गए चोर

बृजमनगंज नगर पंचायत वार्ड 10 में बड़ी वारदात, बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा परिवार सदमे में

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बृजमनगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10, अहिल्याबाई के जहलीपुर टोले में बीती रात चोरों ने एक घर के पीछे की दीवार काटकर सेंधमारी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात चोर घर के अंदर घुसकर करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवरात और 50 हजार रुपये नकद पर हाथ साफ कर फरार हो गए।
घटना उस वक्त हुई जब घर का मुखिया आबिद हुसैन बरामदे में सो रहे थे और उनकी पत्नी झब्बन व बच्चे अंदर कमरे में सोए थे। सुबह भोर में जब झब्बन ने पीछे का दरवाजा खोला तो घर अस्त-व्यस्त देख चोरी का पता चला। उनके शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।जांच के दौरान घर से थोड़ी दूरी पर खेत में टूटा बक्सा और कुछ कपड़े बिखरे मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि चोरों ने जल्दी में सामान छांटा और वारदात के बाद बक्सा वहीं छोड़कर भाग निकले।
परिजनों ने बताया कि घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं और जेवर–कपड़े धीरे-धीरे खरीदे जा रहे थे। ऐसे में चोरी से परिवार पर बड़ा आर्थिक भार पड़ गया है।
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने कहा घटना की बारीकी से जांच की जा रही है। चोरों की तलाश के लिए टीम लगा दी गई है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।

पकड़ी बिशुनपुर में फार्मर रजिस्ट्री मेगा कैंप सम्पन्न

ग्राम पंचायत अधिकारी रोशनी सिंह की अगुवाई में रिकॉर्ड ऑन-स्पॉट पंजीकरण,किसानों में दिखा उत्साह

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। विकासखंड घुघली के ग्राम पंचायत पकड़ी बिशनपुर में मंगलवार को आयोजित फार्मर रजिस्ट्री मेगा कैंप में किसानों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। ग्राम पंचायत भवन पर लगे इस कैंप में कुल 19 किसानों का ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक किया गया।
कैंप को सुचारु रूप से संचालित कराने में ग्राम पंचायत अधिकारी रोशनी सिंह की नेतृत्वकारी भूमिका निर्णायक रही,जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को स्वयं मॉनिटरिंग करते हुए टीम को दिशा प्रदान की।
सुबह से ही किसानों की भीड़ उमड़ने लगी थी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुचारु रखने हेतु रोशनी सिंह ने अलग-अलग काउंटर स्थापित कराए, और मौके पर किसानों का डेटा शुद्धिकरण तथा अपडेट सुनिश्चित कराया। उनकी देख- रेख में कार्य होने के कारण किसानों को बिना किसी परेशानी के तेज,सरल और पारदर्शी रजिस्ट्रेशन का अनुभव मिला।
कैंप में ग्राम प्रधान मोहम्मद हुसैन ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के हितों की सुरक्षा करती है इससे सब्सिडी बीमा मशीनरी अनुदान और अन्य लाभ सीधे किसानों के खाते में पहुंचते हैं। हर किसान का पंजीकरण अति आवश्यक है। कैंप में तमाम किसान बाहर रहने एवं उनके आधार में मोबाइल रजिस्टर्ड न होने के कारण, खतौनी आदेश में होने के कारण तथा आधार व खतौनी में नाम मे भिन्नता होने के कारण काफी किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित रह गए।
इस दौरान पंचायत सहायक काजल तिवारी, ग्राम रोजगार सेवक संगीता पाण्डेय, पार्वती विश्वकर्मा, पूर्णिमा चौधरी, किसान सहायक रामभरोस सिंह, सफाईकर्मी रमेश कुमार भारती, आंगनवाड़ी कार्यकत्री अंजली विश्वकर्मा, पुष्पा पाल, रीता देवी सहित ग्रामीणों की भारी संख्या में मौजूदगी रहीं।

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में मजदूरी मांगने गए चालक की पिटाई, गंभीर घायल


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बसरिपुर गांव में मंगलवार दोपहर लगभग 1 बजे मजदूरी का पैसा मांगने गए युवक की पिटाई कर दी गई। 23 वर्षीय अरमान अहमद, निवासी बसरिपुर, वाहन चलाने की मजदूरी मांगने के लिए गांव के ही निसार खां के दरवाजे पर पहुंचे थे। उस समय निसार के पुत्र मूफिज, तौफीक ,और रफीक ,मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि अरमान द्वारा पैसा मांगने पर उक्त लोगों को आपत्ति हुई और कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला विवाद से मारपीट में बदल गया। मारपीट में अरमान अहमद के सर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अरमान को अस्पताल पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ओ-लेवल/CCC कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु पिछड़ा वर्ग के युवाओं केऑनलाइन आवेदन 20 नवंबर से शुरू

कुशीनगर,(राष्ट्र की परम्परा)
ओ-लेवल/CCC कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु पिछड़ा वर्ग के युवाओं के ऑनलाइन आवेदन 20 नवंबर से शुरू

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय पांडेय ने बताया कि ‘ओ’ लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु इच्छुक पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों से 20 नवंबर 2025 से 1 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रशिक्षण भारत सरकार की अधिकृत संस्था NIELIT से मान्यता प्राप्त जनपद स्तर पर चयनित संस्थाओं में प्रदान किया जाएगा।

कक्षा-12 उत्तीर्ण पात्र अभ्यर्थी backwardwelfareup.in या obccomputertraining.upsdc.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र के साथ शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों को ऑनलाइन अपलोड करना होगा तथा आवेदन की हार्ड कॉपी एवं समस्त अभिलेखों को संलग्न कर 1 दिसंबर 2025 तक जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, कुशीनगर कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है।

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी किसी भी कार्यदिवस में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय पांडेय ने बताया कि ‘ओ’ लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु इच्छुक पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों से 20 नवंबर 2025 से 1 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रशिक्षण भारत सरकार की अधिकृत संस्था NIELIT से मान्यता प्राप्त जनपद स्तर पर चयनित संस्थाओं में प्रदान किया जाएगा।

कक्षा-12 उत्तीर्ण पात्र अभ्यर्थी backwardwelfareup.in या obccomputertraining.upsdc.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र के साथ शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों को ऑनलाइन अपलोड करना होगा तथा आवेदन की हार्ड कॉपी एवं समस्त अभिलेखों को संलग्न कर 1 दिसंबर 2025 तक जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, कुशीनगर कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है।

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी किसी भी कार्यदिवस में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
ओ-लेवल/CCC कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु पिछड़ा वर्ग के युवाओं के ऑनलाइन आवेदन 20 नवंबर से शुरू

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय पांडेय ने बताया कि ‘ओ’ लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु इच्छुक पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों से 20 नवंबर 2025 से 1 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रशिक्षण भारत सरकार की अधिकृत संस्था NIELIT से मान्यता प्राप्त जनपद स्तर पर चयनित संस्थाओं में प्रदान किया जाएगा।

कक्षा-12 उत्तीर्ण पात्र अभ्यर्थी backwardwelfareup.in या obccomputertraining.upsdc.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र के साथ शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों को ऑनलाइन अपलोड करना होगा तथा आवेदन की हार्ड कॉपी एवं समस्त अभिलेखों को संलग्न कर 1 दिसंबर 2025 तक जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, कुशीनगर कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है।

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी किसी भी कार्यदिवस में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

महिला आयोग की सदस्य जनक नंदिनी करेंगी जनसुनवाई — 19 नवम्बर को हाटा तहसील में कार्यक्रम

कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश महिला आयोग द्वारा महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दिलाने के उद्देश्य से 19 नवम्बर 2025 को तहसील सभागार, हाटा में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी जानकारी जिला प्रवेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने दी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश महिला आयोग की माननीय सदस्य श्रीमती जनक नंदिनी करेंगी। जनपद की महिलाएँ इस अवसर पर अपनी शिकायतें, समस्याएँ एवं आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगी। शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया जाएगा, जबकि आवश्यक होने पर संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करना है। कार्यक्रम में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी समस्याओं पर चर्चा कर त्वरित निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला प्रशासन, महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग, समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जिससे पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समग्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।

जनसुनवाई के साथ ही पोषण अभियान से जुड़े विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मोटापा नियंत्रण, संतुलित आहार, किशोरियों का स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता, स्त्री-पुरुष समानता एवं बाल अधिकार जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

अंत में जिला प्रवेशन अधिकारी ने जनपद की सभी महिलाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस जनसुनवाई में शामिल होकर अपनी समस्याएँ प्रस्तुत करें और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग द्वारा महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दिलाने के उद्देश्य से 19 नवम्बर 2025 को तहसील सभागार, हाटा में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी जानकारी जिला प्रवेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने दी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश महिला आयोग की माननीय सदस्य श्रीमती जनक नंदिनी करेंगी। जनपद की महिलाएँ इस अवसर पर अपनी शिकायतें, समस्याएँ एवं आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगी। शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया जाएगा, जबकि आवश्यक होने पर संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करना है। कार्यक्रम में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी समस्याओं पर चर्चा कर त्वरित निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला प्रशासन, महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग, समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जिससे पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समग्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।

जनसुनवाई के साथ ही पोषण अभियान से जुड़े विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मोटापा नियंत्रण, संतुलित आहार, किशोरियों का स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता, स्त्री-पुरुष समानता एवं बाल अधिकार जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

अंत में जिला प्रवेशन अधिकारी ने जनपद की सभी महिलाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस जनसुनवाई में शामिल होकर अपनी समस्याएँ प्रस्तुत करें और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
महिला आयोग की सदस्य श्रीमती जनक नंदिनी करेंगी जनसुनवाई — 19 नवम्बर को हाटा तहसील में कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश महिला आयोग द्वारा महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दिलाने के उद्देश्य से 19 नवम्बर 2025 को तहसील सभागार, हाटा में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी जानकारी जिला प्रवेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने दी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश महिला आयोग की माननीय सदस्य श्रीमती जनक नंदिनी करेंगी। जनपद की महिलाएँ इस अवसर पर अपनी शिकायतें, समस्याएँ एवं आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगी। शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया जाएगा, जबकि आवश्यक होने पर संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करना है। कार्यक्रम में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी समस्याओं पर चर्चा कर त्वरित निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला प्रशासन, महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग, समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जिससे पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समग्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।

जनसुनवाई के साथ ही पोषण अभियान से जुड़े विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मोटापा नियंत्रण, संतुलित आहार, किशोरियों का स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता, स्त्री-पुरुष समानता एवं बाल अधिकार जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

अंत में जिला प्रवेशन अधिकारी ने जनपद की सभी महिलाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस जनसुनवाई में शामिल होकर अपनी समस्याएँ प्रस्तुत करें और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।

दिव्यांगजनों के लिए शिविर में सहायक उपकरण वितरित — 40 लाभार्थी हुए लाभान्वित

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)
ब्लॉक हाटा परिसर में आज दिव्यांगजन विभाग द्वारा दिव्यांगजनों हेतु विशेष उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ हाटा के माननीय विधायक मोहन वर्मा द्वारा किया गया।

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अभय पांडेय ने बताया कि शिविर में कुल 40 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें 34 ट्राइसाइकिल, 4 स्मार्ट केन एवं 2 एडीएल किट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कोक्लियर इम्प्लांट योजना के अंतर्गत लाभान्वित यश कुमार को 6 लाख रुपये का डेमो चेक प्रदान कर विधायक द्वारा सम्मानित किया गया।

शिविर में हाटा के माननीय विधायक मोहन वर्मा, ब्लॉक प्रमुख हाटा प्रतिनिधि, डीसी मनरेगा राकेश तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अभय पांडेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उनके लाभ के बारे में भी जानकारी दी गई।

शिविर में आए लाभार्थियों ने उपकरण पाकर संतोष व्यक्त किया तथा इस पहल को दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

सिकंदरपुर में फल विक्रेता के साथ साइबर ठगी, आधार अपडेट के नाम पर 30 हजार रुपये गायब

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)सिकंदरपुर कस्बे में आधार कार्ड अपडेट के बहाने एक फल विक्रेता के बैंक खाते से 30 हजार रुपये उड़ाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाना सिकंदरपुर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कस्बा बढ़ा निवासी विशाल वर्मा पुत्र श्रीभगवान वर्मा, जो फल बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने बताया कि 17 नवंबर को उनके मोबाइल नंबर पर आधार अपडेट से संबंधित एक लिंक भेजा गया। मैसेज में उनके सही आधार नंबर 2266 4946 3294 का उल्लेख होने के कारण उन्हें संदेश असली लगा और उन्होंने लिंक खोल दिया। थोड़ी ही देर बाद उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शाखा सिकंदरपुर स्थित खाते से लगातार तीन बार में रकम निकल गई। पहले 10,000 रुपये, फिर 10,500 रुपये और तीसरी बार 9,500 रुपये निकाल लिए गए। कुल 30,000 रुपये पलभर में खाते से साफ हो गए।लगातार पैसे कटने के मैसेज आने पर विशाल को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस दोनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वह थाना सिकंदरपुर पहुंचे और लिखित तहरीर देकर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आधार, केवाईसी और बैंक अपडेट के नाम पर भेजे जाने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

दिव्यांग व विधवा महिलाओं को सीएम आवास की सौगात

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

नवानगर ब्लॉक में समाज के सबसे कमजोर तबके को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही मुख्यमंत्री आवास योजना का असर जमीन पर दिखने लगा है। ब्लॉक क्षेत्र के कुल 67 पात्र लाभार्थियों को आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 38 दिव्यांगजन तथा शेष विधवा महिलाएँ शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि वंचित वर्ग को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
ब्लॉक प्रशासन के अनुसार स्वीकृत लाभार्थियों में से 26 लोगों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेज दी गई है, जिससे उनके मकान निर्माण का कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। बाकी लाभार्थियों की धनराशि बैंकिंग मर्जर से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया के कारण अस्थायी रूप से लंबित है। अधिकारी बताते हैं कि एक सप्ताह के भीतर शेष सभी पात्रों के खातों में भी धनराशि भेज दी जाएगी।
आवास स्वीकृति पत्र मिलने पर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उनका कहना है कि सरकार की इस पहल से अब उनके सिर पर पक्की छत का सपना साकार होता दिख रहा है। नवानगर के खण्ड विकास अधिकारी विनोद कुमार बिंद ने बताया कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि दिव्यांगजन, विधवा महिलाएँ, बेसहारा तथा समाज के कमजोर वर्ग के सभी लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए। ब्लॉक स्तर पर ऐसे लोगों की पहचान का कार्य निरंतर जारी है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाया जा सके। सरकार की यह पहल न केवल वंचितों को आवास उपलब्ध करा रही है, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की राह भी दिखा रही है।