Tuesday, June 30, 2026
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कागजों में खत्म, जमीन पर जिंदा—किसानों की समस्या से महकमे की लापरवाही बेनकाब!

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। कागज़ों में किसानों की समस्याएं भले ही हीरोइन की एंट्री की तरह पलभर में गायब दिख जाती हों, लेकिन जमीनी हकीकत किसी ब्लॉक-बस्टर फिल्म की खलनायकी से कम नहीं है। जिले के हजारों किसान आज भी बीज, खाद, सिंचाई, समर्थन मूल्य और फसल सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
गांवों में खेतों का हाल यह है कि कहीं सिंचाई के साधन नहीं, तो कहीं बीज भंडारों पर स्टॉक आने वाला है के नाम पर हफ्तों से टाल-मटोल चल रही है। किसान सुबह से लाइन में लगे रहते हैं और शाम तक कल आना जवाब पाकर लौट जाते हैं।
सबसे बड़ी चिंता यह कि महकमे के अधिकारी दफ्तरों में बैठकर समस्याओं को सिर्फ कागज़ों में सॉल्व दिखा देते हैं। वहीं किसान बताते हैं कि न कोई नियमित निरीक्षण होता है, न ही क्षेत्रीय स्तर पर उनकी समस्याओं को सुनने के लिए कोई जिम्मेदार मौजूद मिलता है।
खेती को घाटे का सौदा बनाने वाली बिजली कटौती भी किसानों की कमर तोड़ रही है। दिन में घंटों की कटौती और रात में उपकरण खराब होने से सिंचाई का काम ठप पड़ जाता है। फसल सूखने पर जब किसान शिकायत दर्ज कराते हैं तो विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देता है। इधर बढ़ती लागत और घटते दाम ने किसानों की जेब पर गहरा वार किया है। धान-गेहूं का समर्थन मूल्य सिर्फ कागजों पर राहत दिखाता है,जबकि मंडियों में बिचौलियों की मनमानी जारी है। किसान मजबूरी में औने-पौने दाम पर उपज बेचकर घर लौटता है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो खेती करना और भी मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बीज-खाद वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, बिजली सप्लाई दुरुस्त हो।

“कक्षा 12 फिजिक्स: पिछले 5 साल के महत्वपूर्ण सवाल और टॉपर की तैयारी रणनीति”

एजुकेशन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)

“बार-बार दोहराए गए टॉप प्रश्न: कक्षा 12 भौतिक विज्ञान का 5-वर्षीय ट्रेंड आधारित विशेष प्रश्नपत्र”

वो प्रमुख सवाल जिन्हें पिछले वर्षों ने सबसे ज़्यादा महत्व दिया—छात्रों के लिए सफलता का असली रोडमैप”

🟢 सेक्शन–A (अति महत्वपूर्ण Very-Short Questions)

(1–2 अंक)

  1. इलेक्ट्रोस्टैटिक शील्डिंग क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
  2. गॉस नियम (Gauss Law) का कथन लिखिए।
  3. किर्चॉफ के नियमों के नाम और उपयोग बताइए।
  4. डीमैग्नेटाइजेशन कैसे होता है?
  5. स्टॉपिंग पोटेंशियल की परिभाषा दें।
  6. वेवफ्रंट क्या है?
  7. मीटर ब्रिज का सिद्धांत क्या है?
  8. इंडक्टर और कैपेसिटर में मूल अंतर लिखिए।
  9. एनालॉग और डिजिटल सिग्नल में फर्क।
  10. सतही तनाव क्या है? (कुछ वर्षों में बार-बार)

🟠 सेक्शन–B (Short Answer – 3 अंक)

  1. कैपेसिटर की क्षमता किन-किन कारकों पर निर्भर करती है?
  2. पोटेंशियोमीटर से सेल का EMF कैसे निकालते हैं?
  3. किर्चॉफ के नियमों का उपयोग करके Wheatstone Bridge की व्याख्या करें।
  4. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत—उदाहरण सहित।
  5. फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के नियम लिखें।
  6. एल्यूमिनियम को चुंबकीय नहीं माना जाता—क्यों?
  7. परमाणु के Bohr मॉडल को 3 बिंदुओं में समझाइए।
  8. फाइबर ऑप्टिक संचार कैसे काम करता है?
  9. एसी और डीसी के बीच फर्क (Reasoning expected)।
  10. मैग्नेटिक फ्लक्स क्या होता है? इसकी SI इकाई लिखें।

🔵 सेक्शन–C (Long Answer – 5 अंक)

(ये सबसे अधिक दोहराए जाने वाले “High-Weightage” प्रश्न हैं)

  1. कूलॉम का नियम सिद्ध कीजिए और इसका महत्त्व समझाइए।
  2. इलेक्ट्रिक डाइपोल का विद्युत क्षेत्र—(i) अक्षीय बिंदु पर, (ii) विषुवत् बिंदु पर।
  3. फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव का प्रयोगात्मक सेटअप व ग्राफ सहित व्याख्या।
  4. ए.सी. सर्किट में LCR सर्किट का प्रतिबाधा (Impedance) और अनुनाद (Resonance) समझाइए।
  5. ट्रांसफॉर्मर का कार्य सिद्धांत और ऊर्जा हानि के कारण।
  6. सेमीकंडक्टर डाइोड का कार्य—फॉरवर्ड/रिवर्स बायस ग्राफ सहित।
  7. यंग का डबल स्लिट प्रयोग (YDS) का सिद्धांत व सूत्र व्याख्या।
  8. न्यूक्लियर फ्यूजन और फिशन में अंतर—आरेख सहित।
  9. रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग की व्याख्या।
  10. लेजर का सिद्धांत—स्टिम्युलेटेड एमिशन क्या है?

🟣 सेक्शन–D (Numerical – 5 अंक)

(बार-बार आने वाले प्रमुख संख्यात्मक प्रश्न)

  1. एक कैपेसिटर की क्षमता 12 μF है और इसे 100V सप्लाई से जोड़ा गया है। इसकी ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
  2. एक तार की लंबाई 2m, प्रतिरोध 4Ω और क्षेत्रफल 2×10⁻⁶ m² है। चालकता ज्ञात करें।
  3. किसी कॉइल में 5A धारा बहने पर 0.01Wb फ्लक्स लिंक होता है। इंडक्टेंस निकालें।
  4. तालिका आधारित प्रश्न – मीटर ब्रिज प्रयोग (हर वर्ष की पुनरावृत्ति)।
  5. प्रिज़्म का अपवर्तनांक ज्ञात करने का प्रश्न (डाटा दिया रहता है)।

सीने में होने वाला दर्द कही हार्ट अटैक का संकेत तो नहीं -डॉक्टर गोपाल कृष्ण राय

धीरेन्द्र त्रिपाठी

मऊ { राष्ट्र की परम्परा }

सीने में हो रहें दर्द को हल्के में लेना भारी पड़ सकता हैं। वैसे तो मानव शरीर में दर्द होना एक सामान्य प्रक्रिया हैं। लेकिन सीने में उठ रहें सारे दर्द एक समान नहीं होते। उनमे से कुछ दर्द ऐसे होते जो हार्ट की बीमारी के संकेत को दर्शाते है। कुछ ऐसे भी दर्द होते जो किसी अन्य कारणों से भी हो सकता है। यह कहना हैं जनपद के वरिष्ठ हॉर्ट सर्जन एवं अविका हार्ट सेन्टर के चिकित्सक डॉक्टर गोपाल कृष्ण राय के जो ” राष्ट्र की परम्परा न्यूज़ से बात चीत में गोपाल कृष्ण राय नें बताया कि हार्ट से जुड़े बीमारियों के बारे में लोगो में जागरूकता जरूरी हैं। आइए जानते हैं कि हार्ट अटैक किसे कहते हैं कौन कौन से दर्द खतरनाक होते हैं।

हार्ट अटैक में क्या क्या होता हैं —?:

  1. हार्ट अटैक: सीने में दर्द हार्ट अटैक का एक आम लक्षण है, जिसमें हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है।
  2. एंगाइना: सीने में दर्द एंगाइना का भी एक लक्षण हो सकता है, जिसमें हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है।
  3. हार्ट फाइल: सीने में दर्द हार्ट फाइल का भी एक लक्षण हो सकता है, जिसमें हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

सीने में उठ रहें दर्द इन कारणों से भी हो सकता हैं…

  1. एसिडिटी: एसिडिटी या गैस की समस्या से सीने में दर्द हो सकता है।
  2. मांसपेशियों का दर्द: मांसपेशियों के दर्द या तनाव से सीने में दर्द हो सकता है।
  3. पसलियों की समस्या: पसलियों की समस्या या फ्रैक्चर से सीने में दर्द हो सकता है।
  4. फेफड़ों की समस्या: फेफड़ों की समस्या जैसे कि निमोनिया या प्लूरिसी से सीने में दर्द हो सकता है।

सुझाव—- डॉक्टर गोपाल कृष्ण राय का कहना है कि अगर किसी मरीज में सीने में बाएं तरफ व पीठ के पिछले हिस्से में दर्द हो रहा हैं तो ऐसे में उस व्यक्ति को तुरंत अपने निजी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए

  1. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें: अगर आपको सीने में दर्द हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  2. शांत रहें: शांत रहें और घबराएं नहीं।
  3. लंबी सांस लें: लंबी सांस लें और आराम करें।
  4. अगर दर्द बढ़ जाए: अगर दर्द बढ़ जाए या अन्य लक्षण जैसे कि सांस लेने में कठिनाई, पसीना आना, या उल्टी होना, तो तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को बुलाएं।

दुबई एयर शो 2025: तेजस विमान क्रैश में पायलट शहीद, 24 साल में दूसरी बड़ी दुर्घटना; जानें पहली बार कब हुआ था हादसा

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​नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय वायु सेना के हल्के लड़ाकू विमान, तेजस एमके 1, को उस समय बड़ा झटका लगा जब यह दुबई एयर शो 2025 में एक हवाई प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान के पायलट शहीद हो गए हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित यह विमान दो दशकों से अधिक समय से भारतीय बेड़े का हिस्सा है। हालांकि, 24 साल के सेवाकाल में यह तेजस की दूसरी बड़ी दुर्घटना है।

​24 साल में दूसरी दुर्घटना: पहली बार कब हुआ था हादसा?

​तेजस विमान के साथ पहली बड़ी दुर्घटना 12 मार्च 2024 को हुई थी।

  • पहला हादसा (12 मार्च 2024): यह दुर्घटना राजस्थान के जैसलमेर के पास, तीनों सेनाओं के एक संयुक्त अभ्यास के दौरान हुई थी।
  • कारण (शुरुआती रिपोर्ट): शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, जैसलमेर दुर्घटना का कारण इंजन में समस्या (संभवतः तेल पंप की खराबी के कारण इंजन बंद होना) बताया गया था।
  • पायलट की स्थिति: उस घटना में पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने (Eject) में सफल रहे थे।
​दुबई एयर शो क्रैश (2025): दुर्घटना का कारण क्या?

​दुबई एयर शो में हुई यह दुर्घटना दर्शकों के सामने प्रदर्शन के दौरान हुई।

  • दुर्घटना का संकेत: चश्मदीदों के अनुसार, विमान ने नियंत्रण खोने से कुछ देर पहले एक नेगेटिव-जी पैंतरेबाजी (Negative-G Manoeuvre) की थी। इस पैंतरेबाज़ी के तुरंत बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और दुर्भाग्य से इसमें पायलट की जान चली गई।
  • जांच के आदेश: भारतीय वायुसेना ने इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का ऐलान किया है।
​कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में क्या होगा?

​जांचकर्ता दुर्घटना के पीछे के सही कारणों को स्थापित करने के लिए कई पहलुओं पर गौर करेंगे:

  1. ​फ्लाइट-डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) की जानकारी।
  2. ​युद्धाभ्यास मापदंडों (विशेष रूप से नेगेटिव-जी टर्न) का विश्लेषण।
  3. ​इंजन के प्रदर्शन लॉग (Engine Performance Logs)।
  4. ​प्रदर्शन उड़ान की स्थितियों के मानवीय पहलू (Human Factors)।

​इस जांच के नतीजे भविष्य के प्रदर्शन-उड़ान प्रोटोकॉल, प्रदर्शन पायलटों के प्रशिक्षण और पूरे तेजस बेड़े के लिए परिचालन सुरक्षा प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं।

​तेजस का महत्त्व: स्वदेशी निर्माण और निर्यात का लक्ष्य

​तेजस एक सिंगल इंजन वाला, डेल्टा-विंग हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे भारत के पुराने लड़ाकू विमानों की जगह लेने और विदेशी निर्यात (Export) के लिए डिज़ाइन किया गया है। दो दशकों से अधिक के विकास और सेवाकाल में, केवल दो दुर्घटनाओं के साथ, इस कार्यक्रम ने एक मजबूत सुरक्षा रिकॉर्ड पर ज़ोर दिया है। यह दुर्घटना भारत के रक्षा निर्माण को स्वदेशी बनाने के व्यापक प्रयास के बीच हुई है, जिससे सार्वजनिक जांच बढ़ गई है।

दुर्भावना वश मैरेज हाल पर भेजा गया ज़ी एस टी टीम -श्वेता जायसवाल

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शुक्रवार की शाम को नगर के एक मैरेज हाल पर ज़ी एस टी टीम पहुँच कर जाँच पड़ताल की।
नपा अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने कहा कि नगर पालिका परिषद गौरा बरहज सीमांतर्गत लगभग 7 मैरेज हाल तथा 2 धर्मशाला है।लेकिन केवल हमारे मैरेज हाल पर दुर्भावना वश जी एस टी की टीम को भेजा गया है, जबकि हमारे परिवार द्वारा अनेको ऐसे लोगों एवं परिवारों को यह मैरेज हाल बाजार से काफी कम किराये पर या बहुत ऐसे परिवार हैं जिनको हम लोगों ने फ्री में अपना मैरेज हाल देकर मानवीय दृष्टिकोण से मदद करने का कार्य किया है। वही नगर के अन्य मैरेज हाल में किराया लाखों रुपये ग्राहकों से वसुला जाता है लेकिन उनके यहां कभी जी एस टी की टीम नहीं आयी?नगर के एक शिकायतकर्ता ने रंजिश वश केवल मेरे मैरेज हाल के खिलाफ शिकायत किया है, लेकिन अन्य सभी मैरेज हालों के खिलाफ वे चुप क्यों हैं? यह भी जांच का विषय है तथा इसकि भी जांच कराई जायेगी।

जल–जंगल–ज़मीन की पुकार: बदलते पर्यावरण में छात्रों के सपनों का भविष्य कैसे बचेगा?

धरती की धड़कन पहले से कहीं तेज़ हो चुकी है। सूखी नदियों में चौड़ी होती दरारें, जंगलों का सिकुड़ता घेरा और शहरों में जहरीली होती हवा अब केवल प्रकृति की समस्या नहीं—यह सीधे-सीधे आने वाली पीढ़ी के सपनों पर असर डाल रही है। छात्र, जो देश के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण नींव हैं, आज सिर्फ किताबों का बोझ नहीं बल्कि बिगड़ते पर्यावरण का दबाव भी झेल रहे हैं।
गर्म होती धरती उनके पढ़ने के माहौल को बदल रही है। बढ़ता तापमान ध्यान में बाधा डालता है, प्रदूषित हवा फेफड़ों के साथ उनकी कल्पनाओं को भी चोट पहुँचाती है। ऐसे में बड़ा सवाल है—क्या बदलते पर्यावरण के बीच छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह पाएगा?
लेकिन आशा वहीं जन्म लेती है जहाँ चुनौतियाँ सबसे बड़ी होती हैं। प्रकृति हमें पुकार रही है—पढ़ाई और पर्यावरण दोनों को संतुलित करने के लिए। यहाँ छात्रों, अभिभावकों और सरकार—सभी के लिए कुछ ऐसे उदाहरण दिए जा रहे हैं, जो बदलाव को आसान और सफल बना सकते हैं।

🌱 10 आसान और व्यावहारिक उदाहरण जो छात्र, स्कूल और समाज तुरंत अपना सकते हैं

  1. सुबह की धूप से अध्ययन की शुरुआत
    सिर्फ 10 मिनट धूप में बैठने से दिमाग की ग्रहणशीलता बढ़ती है। यह छात्रों के फोकस को तेज़ करता है
  2. स्कूलों में “ग्रीन कॉर्नर” अनिवार्य हों
    एक छोटे इलाके में 20 स्कूल हों तो हर स्कूल के 10 ग्रीन कॉर्नर 200 मिनी-फॉरेस्ट बराबर होते हैं।
  3. हर छात्र एक पौधा—हर परिवार एक पेड़ अभियान
    यदि हर छात्र साल में सिर्फ एक पौधा लगाए तो एक जिले में लाखों पेड़ बढ़ सकते हैं।
  4. प्रदूषण वाले दिनों में ‘इनडोर स्टडी प्लान’
    स्कूल अगर AQI मॉनिटर कर अध्ययन समय को लचीला बनाएं तो छात्रों की सेहत सुरक्षित रहती है।
  5. पढ़ाई में “इको-ब्रेक” जोड़ें
    2 मिनट गहरी सांस, 1 मिनट स्ट्रेचिंग और 1 मिनट हरियाली देखने से मानसिक दबाव 30% तक कम होता है।
  6. डिजिटल नोट्स अपनाएँ
    एक छात्र 100 पन्ने कम उपयोग करे तो हजारों पेड़ बच सकते हैं—सरकार डिजिटल शिक्षा को और बढ़ावा दे सकती है।
  7. वर्षा जल संरक्षण को पाठ्यक्रम से जोड़ें
    एक स्कूल की छत से बारिश के मौसम में 20,000 लीटर पानी सुरक्षित किया जा सकता है। यह उदाहरण छात्रों को सीधे समझ आता है।
  8. स्थानीय पर्यावरण को GK नहीं, लाइफ-नॉलेज बनाएं
    हवा की गुणवत्ता, जल संकट, स्थानीय पेड़—इन पर छोटे असाइनमेंट छात्रों में जिम्मेदारी बढ़ाते हैं।
  9. ‘एक गांव–एक हरियाली योजना’ में छात्रों की भागीदारी
    यदि ग्राम पंचायतें छात्रों को हरियाली दूत बनाएं, तो पर्यावरण संरक्षण तेज़ी से आगे बढ़ सकता है।
  10. स्कूल बसें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता
    यदि 200 छात्र एक बस से जाएँ तो 150 कारें सड़क से कम होती हैं—सीधे प्रदूषण में कमी।
    🌏 यह सिर्फ पर्यावरण नहीं—छात्रों के भविष्य की लड़ाई है
    छात्रों की सुरक्षा केवल दीवारों और कक्षाओं से नहीं होती।
    साफ हवा, सुरक्षित पानी और स्थिर जलवायु—ये तीनों उनकी पढ़ाई की सबसे बड़ी नींव हैं।
    अगर आज हम जल–जंगल–ज़मीन को बचाते हैं, तो दरअसल हम आने वाली पीढ़ियों की साँसें बचा रहे हैं।
    सरकार, स्कूल और आमजन—अगर तीनों साथ आएँ तो पर्यावरण के बिगड़ते संकट को रोका जा सकता है।
    किताबों का ज्ञान कभी-कभी भूल भी जाता है,
    पर धरती का दिया सबक हमेशा जीवन में याद रहता है।
    आज उठाया गया छोटा कदम भविष्य की बड़ी सुरक्षा बन सकता है।
    जल–जंगल–ज़मीन सिर्फ संसाधन नहीं—
    वे हमारे छात्रों के सपनों की सबसे जरूरी विरासत हैं।

📜 22 नवंबर: समय की पुस्तक में दर्ज वे पल, जिन्हें दुनिया कभी नहीं भूलेगी

इतिहास केवल तारीखों का क्रम नहीं होता, यह उन अनुभवों का दर्पण है जिनसे मानवता ने सीखा, बढ़ी और आगे का संकल्प लिया। 22 नवंबर ऐसी ही एक तारीख है—जो कई महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाओं, राजनीतिक फैसलों, सांस्कृतिक उपलब्धियों और ट्रैजेडियों की साक्षी रही है।

ये भी पढ़ें –विस्तृत ज्योतिषीय गणना आज का हिन्दू पंचांग

🔹 2008: भारतीय क्रिकेट में भूचाल—धोनी का कप्तानी छोड़ने का संकेत
2008 में टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अचानक कप्तानी छोड़ने की चेतावनी दी। यह खबर क्रिकेट जगत को हिला देने वाली थी। धोनी अपने शांत स्वभाव और निर्णय क्षमता के लिए पहचान रखते थे, इसलिए यह घटना खेल जगत में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।
🔹 2008: साहित्य जगत में सम्मान—कुंवर नारायण को ज्ञानपीठ चयन
इसी दिन प्रसिद्ध कवि कुंवर नारायण को 2005 के ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चुना गया। यह क्षण हिन्दी साहित्य की प्रतिष्ठा को और ऊँचाई देने वाला था।
🔹 2006: ऊर्जा जगत में ऐतिहासिक कदम
भारत समेत सात देशों ने मिलकर फ़्यूजन रिएक्टर स्थापना का समझौता पेरिस में किया। सूर्य की तरह ऊर्जा उत्पादन करने का यह प्रयास मानवीय तकनीक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है।
🔹 2002: मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता पर नाइजीरिया में हिंसा
नाइजीरिया में मिस वर्ल्ड आयोजन के विरोध में भड़के दंगों में सैकड़ों लोग मारे गए। यह घटना धार्मिक असहिष्णुता और सामाजिक तनाव की दर्दनाक याद है।
अन्य उल्लेखनीय घटनाएँ
2000: अमेरिका ने पाकिस्तान और ईरान पर प्रतिबंध लगाए।
1998: लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ढाका की अदालत में आत्मसमर्पण किया।
1997: भारत की डायना हेडेन ने मिस वर्ल्ड का ताज जीता।
1990: ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने इस्तीफा दिया।
1975: जुआन कार्लोस स्पेन के राजा बने।
1971: भारत–पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष की शुरुआत।
1968: मद्रास का नाम बदलकर तमिलनाडु करने को मंजूरी।
1963: अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की डलास में हत्या।
1920: हकीम अजमल खाँ जामिया के पहले चांसलर बने।
🌟 22 नवंबर: एक ऐसा दिन जिसने विश्व चेतना को नई दिशा दी

हालाँकि यहाँ मुख्य फोकस 22 नवंबर है, लेकिन 22 नवंबर भी इतिहास में अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण दिन के रूप में जाना जाता है। यह दिवस कई ऐसी घटनाओं की याद दिलाता है जो मानवता के साहस, राजनीतिक निर्णयों और सांस्कृतिक बदलावों को दर्शाती हैं। चाहे वह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति हो, विज्ञान में नया मोड़ या सामाजिक सुधार—22 नवंबर ने हमेशा परिवर्तन की राह दिखाई है।
इस दिन घटित घटनाएँ दर्शाती हैं कि कैसे एक तारीख पूरा परिदृश्य बदल सकती है। 22 नवंबर हमें यह भी समझाती है कि इतिहास सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उससे सीखकर आगे बढ़ने के लिए होता है।

दिल्ली में ‘सांस लेना मना है’: AQI 439 के पार, बच्चों-बुजुर्गों के लिए ‘जानलेवा’ हेल्थ अलर्ट जारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर ‘ज़हरीली’ श्रेणी में पहुंच गई है। शनिवार की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 439 दर्ज किया गया, जो ‘हज़ार्डस’ (Hazardous) यानी बेहद खतरनाक स्थिति को दर्शाता है और ‘सीवियर’ (Severe) से भी ऊपर जा चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों ने शहर में गंभीर स्वास्थ्य संकट की घंटी बजा दी है।

​प्रदूषण का ख़तरनाक स्तर

​CPCB के अनुसार, दिल्ली की हवा में खतरनाक PM2.5 का स्तर 294 और PM10 का स्तर 390 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है। इन प्रदूषक कणों की अत्यधिक सांद्रता के कारण ही शहर का AQI लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।

​अगले कई दिनों तक नहीं मिलेगी राहत

​प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगले तीन से चार दिनों तक हवा की स्थिति में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है और AQI ‘सीवियर’ श्रेणी में ही बना रहेगा।

एक उम्मीद की किरण: 27-28 नवंबर के बाद हवा की गति में सुधार होने की संभावना है, जो 10-15 किमी प्रति घंटा से अधिक हो सकती है। यह तेज़ हवा प्रदूषित कणों को धकेलने में कुछ हद तक सक्षम होगी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह राहत दिसंबर के पहले सप्ताह तक ही मिलने की उम्मीद है, क्योंकि फिलहाल बारिश का कोई अनुमान नहीं है।

​बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए अलर्ट

​ग्रैप-3 (GRAP-3) प्रतिबंधों के बावजूद राजधानी की हवा में कोई सुधार नहीं हुआ है। विशेषज्ञों ने इसे बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए बेहद खतरनाक बताया है।

स्वास्थ्य एडवाइजरी: इन संवेदनशील समूहों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों के अंदर ही रहें और यदि आवश्यक हो तभी बाहर निकलें।

​मौसम और विजिबिलिटी की स्थिति

​दिल्ली में ठंड भी लगातार बढ़ रही है। आज न्यूनतम तापमान 12°C और अधिकतम 25°C तक रहने का अनुमान है। हालांकि, सुबह और शाम के समय कोहरे और धुंध (Smog) का असर दिखाई देगा, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित रहेगी। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक रहने और रात में इसके और गिरने की उम्मीद है। हवा की धीमी गति भी प्रदूषण को कम होने से रोक रही है।

​सरकार की अपील: सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें

​दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए ग्रैप-3 सहित कई उपाय किए हैं। चूंकि AQI अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, नागरिकों से अपील की गई है कि वे एडवाइजरी का पालन करें। यदि बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें, और बाहर जाने के लिए मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन या ई-वाहनों का ही उपयोग करें।

विस्तृत ज्योतिषीय गणना आज का हिन्दू पंचांग

🌅 22 नवंबर 2025

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वितीया, विक्रम सम्वत 2082 (कालयुक्त), शक सम्वत 1947 (विश्वावसु संवत्सर) के अनुसार आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चन्द्रमा आज 04:46 PM तक वृश्चिक और उसके बाद धनु राशि में संचार करेगा। कई शुभ योगों के साथ-साथ विशेष अशुभ काल और दिशा-सूचक भी आज प्रभावी हैं।
तिथि- द्वितीया तिथि – 05:11 PM तक
तृतीया तिथि – 05:11 PM से आगे
(अमांत एवं पूर्णिमांत — दोनों में मास मार्गशीर्ष)
नक्षत्र- ज्येष्ठा नक्षत्र – 04:46 PM तक
मूल नक्षत्र – 04:46 PM के बाद
(दोनों गण्डमूल नक्षत्र)
योग- सुकर्मा योग – 11:29 AM तक
धृति योग – 11:29 AM से आगे
करण- 1. कौलव – 05:11 PM तक

  1. तैतिल – 05:11 PM – अगले दिन 06:20 AM
  2. गर – 06:20 AM (23 Nov) – 07:25 PM
  3. ये भी पढ़ें – शनि देव की दिव्य यात्रा – तप, संघर्ष और न्याय-अधिष्ठाता बनने की शास्त्रोक्त कथा
    🌞 सूर्य और चन्द्रमा
    सूर्योदय — 06:49 AM
    सूर्यास्त — 05:36 PM
    चन्द्रोदय — 08:29 AM
    चन्द्रास्त — 07:05 PM
    सूर्य — वृश्चिक राशि
    चन्द्रमा — वृश्चिक → धनु (04:46 PM के बाद)
    🔱 अशुभ काल
    राहुकाल — 09:31 AM – 10:52 AM
    यमगण्ड — 01:33 PM – 02:54 PM
    कुलिक — 06:49 AM – 08:10 AM
    दुर्मूहूर्त — 08:15 AM – 08:58 AM
    वर्ज्य — 01:39 AM – 03:26 AM
    🕉️ शुभ काल / मुहूर्त
    अभिजीत मुहूर्त — 11:51 AM – 12:34 PM
    अमृत काल — 06:55 AM – 08:43 AM
    ब्रह्म मुहूर्त — 05:13 AM – 06:01 AM
    🌙 चंद्रबल
    04:46 PM तक (वृश्चिक चंद्रमा):
    वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ
    04:46 PM के बाद (धनु चंद्रमा):
    मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन
    🌟 विशेष योग
    सर्वार्थसिद्धि योग — 23 Nov, 06:50 AM – 07:27 PM (मूल + रविवार)
    ⏳ दिन का चौघड़िया
    06:49–08:10 AM — शुभ
    08:10–09:31 AM — रोग
    09:31–10:52 AM — उद्वेग
    10:52–12:12 PM — चर
    12:12–01:33 PM — लाभ
    01:33–02:54 PM — अमृत
    02:54–04:15 PM — काल
    04:15–05:36 PM — शुभ
    🌙 रात का चौघड़िया
    (लिंक आधारित गणना के अनुरूप)
    रात के शुभ चौघड़िए— लाभ, अमृत, शुभ
    🧭 आज की शुभ एवं अशुभ यात्रा दिशा
    शुभ यात्रा दिशा — पश्चिम, उत्तर-पश्चिम
    अशुभ दिशा — दक्षिण (इस ओर यात्रा टालें)
    🍀 घर से निकलते समय क्या खाएँ ताकि यात्रा मंगलमय हो?
  4. दही-चीनी
  5. गुड़ या गुड़-घी
  6. या फिर तुलसी पत्र + जल
    (परंपरा अनुसार—सफलता, बाधा-निवारण एवं मानसिक शांति हेतु)
    🕉️ कौन-सा मंत्र आज बोलना शुभ रहेगा?
    “ॐ गं गणपतये नमः”
    — नए कार्य, यात्रा व बाधा निवारण के लिए अत्यंत शुभ।
    “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः”
    — आर्थिक कार्यों और सौभाग्य वृद्धि हेतु उत्तम।✨ त्योहार / व्रत
    आज कोई प्रमुख पर्व नहीं, किंतु
    गण्डमूल नक्षत्र शांति — आवश्यक (ज्येष्ठा/मूल जन्म वालों हेतु)

शनि देव की दिव्य यात्रा – तप, संघर्ष और न्याय-अधिष्ठाता बनने की शास्त्रोक्त कथा

सनातन शास्त्रों में शनि देव को न्याय का देवता, कर्मफलदाता और धर्म मार्ग के संरक्षक के रूप में सर्वोच्च स्थान दिया गया है। सूर्यपुत्र शनि की दिव्य कथा न केवल पुराणों का गौरव है, बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा बनती है जो जीवन में संघर्ष, सत्य और तपस्या के महत्व को समझते हैं। “शनि देव की दिव्य यात्रा” के इस एपिसोड-3 में हम उस अद्भुत अध्याय में प्रवेश करते हैं, जहाँ एक बालक से देवत्व की ओर बढ़ते शनि, अपने कठोर तप और अनमोल अनुभूतियों से ब्रह्मांड में न्याय की नई धारा स्थापित करते हैं।

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🌑 शनि देव की कठिन साधना — देवत्व की राह का पहला चरण
माता छाया के स्नेह और सूर्यदेव के तेज के बीच जन्मे शनि प्रारंभ से ही तपस्वी प्रवृत्ति के थे। कहा जाता है कि जन्म के कुछ ही समय बाद शनि देव के भीतर यह अनुभूति प्रबल हो गई कि उन्हें संसार में कोई असाधारण दायित्व निभाना है। माता ने उन्हें संयम, सेवा और धर्म की शिक्षा दी, जिसने उनके भीतर अलौकिक धैर्य और गहन विवेक का संचार किया।
यौवन प्राप्त करते ही शनि देव हिमालय की कंदराओं में चले गए। उनके लिए यह तप सिर्फ शक्ति प्राप्त करने का मार्ग नहीं था; यह उनकी आत्मा का जागरण था। बताया गया है कि कठोर व्रत, मौन साधना और सूर्य के विपरीत दिशा में ध्यान ने उनके भीतर ऐसी दिव्य शक्ति पैदा की, जिसका तेज देवताओं को भी आश्चर्यचकित कर गया।

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🌑 तप का प्रभाव—देवों का चमत्कृत होना
शनि देव की साधना इतनी प्रखर थी कि उनके तप से ब्रह्मांड की ऊर्जा प्रभावित होने लगी। ऋषि-महर्षि मंत्रोच्चार में उनका नाम शामिल करने लगे। देवराज इंद्र और अनेक देवताओं तक यह बात पहुँची कि सूर्यपुत्र में अद्भुत योगशक्ति प्रकट होने लगी है।
कहा जाता है कि उनकी साधना के अंतिम चरण में उनके शरीर से निकलने वाला काला दिव्य तेज इतना प्रभावशाली हो गया कि उसकी केवल एक छाया ही बड़े-बड़े दैत्यों का नाश कर सकती थी। तभी देवगुरु बृहस्पति और महर्षि कश्यप ने उन्हें आशीर्वाद देकर ब्रह्मांड के न्यायपालन का उत्तरदायित्व सौंपने की अनुशंसा की।

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🌑 शिव कृपा: न्याय-अधिष्ठाता बनने का विधान
शनि देव ने अपने तप की पूर्णाहुति भगवान शिव को समर्पित की। उनके तप से प्रसन्न होकर महादेव प्रकट हुए। यह वही क्षण था, जिसने शनि देव को ब्रह्मांड के सबसे बड़े उत्तरदायित्व—न्याय और कर्मफल वितरण—का स्वामी बना दिया।
शिवजी ने कहा—
“हे शनि! तुम ब्रह्मांड के न्याय-अधिष्ठाता बनोगे। तुम नर-नारी, देव-असुर, पशु-पक्षी—सबके कर्मों का सटीक न्याय करोगे। तुम्हारा न्याय समय पर, निष्पक्ष और धर्मसम्मत होगा।”
इस वरदान के साथ ही शनि को ब्रह्मांड के नौ ग्रहों में विशेष स्थान मिला और वे नवग्रहों के न्याय के प्रतीक बन गए। यह भी कहा जाता है कि भगवान शिव ने स्वयं उनकी दृष्टि के प्रभाव को नियंत्रित किया, ताकि उसका प्रयोग केवल धर्म स्थापना के लिए हो।

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🌑 सूर्य-शनि संघर्ष का समाधान — पिता-पुत्र के बीच महान समन्वय
एपिसोड-2 में आपने पढ़ा कि सूर्य देव और शनि देव के बीच जन्म से चली आ रही दूरी और गलतफहमियाँ बढ़ती गईं। लेकिन शनि के तप के बाद यह स्थिति पूरी तरह बदल गई।
शनि देव जब शिव कृपा प्राप्त कर लौटे, तो सूर्यदेव ने उनके तेज और दिव्यता को देखा। यह वही क्षण था जब सूर्यदेव को समझ आया कि उनके पुत्र के कठोर स्वरूप में क्रोध नहीं, बल्कि न्याय और सत्य का दीप जल रहा है।

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सूर्यदेव ने कहा—
“हे पुत्र! तुमने तप से
वह सिद्धि प्राप्त की है, जो किसी भी देवता के लिए दुर्लभ है। तुम्हारी शक्तियाँ सबके हित में हों, यही मेरी कामना है।”
शनि ने विनम्रता से पिता को प्रणाम किया। उस क्षण से दोनों में स्नेह की नई धारा बहने लगी और देवताओं ने इसे ब्रह्मांड का संतुलन स्थापित होने का संकेत माना।

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🌑 शनि की दृष्‍टि—कठोर पर कल्याणकारी
लोग शनि की दृष्टि को कड़ा मानते हैं, लेकिन शास्त्र बताते हैं कि यह दृष्टि दंड देने के लिए नहीं, बल्कि सुधारने के लिए होती है। उनकी दृष्टि तीन प्रकार की मानी गई है—

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  1. तीक्ष्ण दृष्टि – अहंकार और अधर्म को तोड़ती है।
  2. मंद दृष्टि – मनुष्य को भीतर से मज़बूत बनाती है।
  3. कृपादृष्टि – जीवन में चमत्कारिक उन्नति कराती है।
    शनि की दृष्टि का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुँचाना नहीं, बल्कि कर्मों का सही फल देना है, ताकि व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखे और नया जीवन निर्मित कर सके।
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    🌑 शनि देव: ग्रह नहीं, जागृत चेतना का स्वरूप
    शनि देव को अक्सर सिर्फ ग्रह मान लिया जाता है, जबकि सत्य यह है कि वे कर्म, समय और न्याय के आध्यात्मिक रूप हैं। उनका प्रभाव केवल जन्मकुंडली तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक कर्म में उपस्थित होता है।
    शनि का संदेश है—
    “जो सत्य पथ पर चलेगा, कर्मशील रहेगा और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करेगा, उसे शनि की कृपा अनंत आएगी; लेकिन जो गलत रास्ता चुनेगा, वह कर्मफल से बच नहीं सकेगा।”
    यही दैवी व्यवस्था ब्रह्मांड को संतुलित रखती है।
    🌑 समापन — न्याय की अनंत यात्रा आगे जारी
    इस प्रकार सूर्यपुत्र शनि तप, भक्ति और दैवी कृपा के बल पर ब्रह्मांड के सर्वश्रेष्ठ न्यायाधीश बने। उनकी यात्रा आगे भी जारी है—जहाँ वे असंख्य लोकों में जाकर न्याय स्थापित करते हैं, अधर्म का दमन करते हैं और धर्म के मार्ग पर चलने वालों का मार्गदर्शन करते हैं।
    एपिसोड-4 में हम विस्तार से पढ़ेंगे—
    ➡️ शनि की साढ़ेसाती का वास्तविक रहस्य
    ➡️ कैसे बदलता है शनि का प्रभाव और क्यों होता है जीवन परिवर्तित

दिन-दहाड़े गोलीकांड, 20 वर्षीय युवक की हालत नाजुकखामपार थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने बाइक से आकर मारी गोली, इलाके में दहशत

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। खामपार थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने 20 वर्षीय जाहिद अंसारी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली सीधे उसके पेट में जा लगी, जिसके बाद वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वारदात को देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत स्थानीय ग्रामीणों ने उसे उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया के लिए रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि युवक की स्थिति बेहद नाजुक है और उसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बदमाश वारदात को अंजाम देकर कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े, लेकिन तब तक हमलावर काफी दूर निकल चुके थे।

सूचना मिलते ही खामपार पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश या आपसी विवाद से जुड़ा हो सकता है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने कहा कि,
“हमलावरों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है। बहुत जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।”

इस वारदात से क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। आम जनता प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रही है।

कृषक विद्यालय के संस्थापक को नपा अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
बरहज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अजयपुरा कृषक विद्यालय के संस्थापक को बरहज नगर पालिका अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि।
शुक्रवार को कृषक विद्यालय अजयपुरा के संस्थापक स्व.रामवृक्ष चौरसिया की 12 वीं पुण्यतिथि पर नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नपा अध्यक्ष ने कहा कि स्व रामबृक्ष चौरसिया एक किसान परिवार में जन्मे लेकिन अपने सामाजिक कार्यों से क्षेत्र मे अपनी पहचान बनाते हुए शिक्षा के क्षेत्र मे भी उन्होंने ख्याति प्राप्त की । उनकी सोच थी की इस पिछड़े क्षेत्र में एक ऐसा विद्यालय हो जिसमे गरीब घर के बच्चे भी आसानी से पढ़ाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि अपने पिता के आदर्शो को आत्मसात कर सुरेश चौरसिया ने इस विद्यालय का निर्माण कर क्षेत्र के गरीब बच्चो के दिलो मे अलख जगाने का कार्य किया है ।
यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
इस दौरान गाँव की महिला एवं पुरुष व विद्यार्थीगण मौजूद रहे।

पारधी समाज के नेता संतोष एकनाथ पवार,

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स्टार महाराष्ट्र राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित हुए

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा )पारधी समाज के नेता सन्तोष एकनाथ पवार को आज केंद्रीय मंत्री श्री रामदास आठवले के करकमलों द्वारा स्टार महाराष्ट्र राज्य स्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। बता दें कि समाज में वंचित समुदाय के रूप में पहचाने जाने वाले पारधी समुदाय को शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में न्याय दिलाने के लिए सन्तोष एकनाथ पवार कड़ी मेहनत कर रहे हैं। पारधी समाज के नेता संतोष पवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले के हाथों राज्य स्तरीय स्टार महाराष्ट्र पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बड़ी संख्या में आदिवासी पारधी समाज के लोगों के अलावा अनेक राजनीतिक, सामाजिक क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने भी बधाई दी है। ज्ञात हो कि स्टार महाराष्ट्र राज्य स्तरीय पुरस्कार का आयोजन मुंबई के प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में किया गया था। इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले ने संतोष पवार को मोमेंटो देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संतोष पवार ने कहा कि यह सम्मान मेरा नहीं बल्कि पूरे पारधी समुदाय का है। पारधी समुदाय आज़ाद भारत में हमेशा से अव्यवस्था की स्थिति में जी रहा है। यह समुदाय आज भी विकास की मुख्य धारा से वंचित है। ऐसे में सन्तोष एकनाथ पवार ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है की आदिवासी, पारधी समाज के बच्चों की शिक्षा उनके रोजगार ‌ ‌ और आवास पर सरकार को विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण-2026: बिना अनुमति अवकाश पर नहीं जाएंगे अधिकारी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया जिले में तेज़ी से संचालित की जा रही है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों की टीम बनाकर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के माध्यम से मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रपत्र का बीएलओ ऐप पर डिजिटाइजेशन कराना अनिवार्य है, जिसके लिए सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग आवश्यक है। कार्य की समयबद्धता और गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनपद का कोई भी विभागाध्यक्ष या अधिकारी जिलाधिकारी की अनुमति के बिना अवकाश पर नहीं जाएगा।
प्रशासन ने पुनरीक्षण कार्य को पूरी सटीकता और समय सीमा में संपन्न कराने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

इंटर कॉलेज के पास होलसेल दुकान पर दबंगों का कहर, व्यापारी से मारपीट कर नकदी ले भागे

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। थाना क्षेत्र सलेमपुर के देवारा पूर्व शामपुर निवासी मोहम्मद दानिश शोवेव ने अपनी होलसेल दुकान पर हुए हमले और लूटपाट को लेकर पुलिस में गंभीर आरोप दर्ज कराए हैं।

दानिश के अनुसार, 19 नवंबर 2025 की शाम करीब 3:30 बजे वह मोहम्मद हुसैन इंटर कॉलेज के सामने अपनी निजी जमीन पर बनी चिकन व अंडे की होलसेल दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान ग्राम काजी का बलुआ (निज़ामाबाद) निवासी फैसल कुरैशी पुत्र अख्तर कुरैशी, यूसुफ मजीद पुत्र मजीद, सरवर पुत्र अज्ञात, आसिफ पुत्र अब्दुल्ला, इरफान पुत्र फैयाज मरहूम, सैफ अली पुत्र फिरोज, सैफ पुत्र अज्ञात सहित अन्य 4 अज्ञात लोग मोटरसाइकिलों के साथ दुकान के सामने जुटे थे।

दानिश का कहना है कि जब उसने दुकान के सामने भीड़ और गाड़ियों को हटाने की बात कही, तो उक्त युवक आक्रामक हो गए और गाली-गलौज करते हुए उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उसे जमीन पर पटककर छाती पर लात मारी और दुकान में रखे अंडों को नुकसान पहुँचाया।

इसी दौरान दुकान के काउंटर में रखी करीब ₹20,000 की नकदी भी लूट ली गई। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके साथी मोहम्मद गुफरात को भी मारपीट कर घायल कर दिया गया। दानिश के मुताबिक जाते-जाते हमलावरों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़ित ने सलेमपुर कोतवाली में तहरीर देकर सभी नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में नवलपुर चौकी इंचार्ज दीपक पटेल ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।