Tuesday, June 30, 2026
Home Blog Page 452

एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षक की भूमिका को पुनर्परिभाषित करने की आवश्यकता है: प्रो. पूनम टंडन

तकनीक के तेजी से विकास के बीच भी मानवीय चेतना, अनुभव और संवेदनाएँ अद्वितीय हैं, जिन्हें कोई भी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस प्रतिस्थापित नहीं कर सकता: प्रो. अराधना शुक्ला

उच्च शिक्षा में एआई के उपयोग पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मदन मोहन मालवीय टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर एवं मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय ऑनलाइन शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण कार्यक्रम “उच्च शिक्षा में एआई का उपयोग: मुद्दे, चुनौतियाँ और संभावनाएँ” का समापन 24 नवम्बर 2025 को गरिमामय वातावरण में हुआ। 18 से 24 नवम्बर तक चले इस शैक्षणिक कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यानों, चर्चाओं और संवादों के माध्यम से प्रतिभागियों को समृद्ध स्तर का अकादमिक अनुभव प्राप्त हुआ।
समापन सत्र की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने एआई के बढ़ते दायरे और उच्च शिक्षा में इसकी संतुलित भूमिका पर विचार रखते हुए कहा कि आज शिक्षण क्षेत्र तकनीकी परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है।
मुख्य वैलेडिक्ट्री व्याख्यान कुमाऊँ विश्वविद्यालय, एसएसजे कैंपस (अल्मोड़ा) की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अराधना शुक्ला द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि शोध एवं उच्च अध्ययन में एआई अब अनिवार्य उपकरण बन चुका है, लेकिन इसके असीमित उपयोग से शिक्षण प्रक्रिया के मानवीय मूल्यों को चुनौती मिल सकती है।
उन्होंने चेताया कि अत्यधिक तकनीकी निर्भरता से शिक्षण अनुभव कभी-कभी संवेदनहीन (dehumanized) रूप ले लेता है, जिससे शिक्षक–छात्र के बीच भावनात्मक संवाद प्रभावित हो सकता है।
डेटा सुरक्षा, नैतिक दिशानिर्देश और AI-driven ट्यूटरिंग के दुरुपयोग की संभावना पर भी उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार “तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, मानवीय चेतना और अनुभव का कोई विकल्प नहीं है।”
सप्ताहभर चली गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन कार्यक्रम संयोजक एवं डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर, प्रो. अनुभूति दुबे ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि देश के 10 से अधिक राज्यों तेलंगाना, दिल्ली, चेन्नई, उत्तर प्रदेश, असम, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, बिहार तथा तमिलनाडु से कुल 120 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।
सात दिनों में 18 प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा कुल 22 व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
एम.एम.एम.टी.टी.सी. के निदेशक प्रो. चन्द्रशेखर ने एआई को शिक्षण-अधिगम को समर्थ बनाने वाला प्रभावी उपकरण बताया और कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
समापन सत्र के मुख्य वक्ता कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के इस दौर में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि “क्या मशीन शिक्षक का स्थान ले सकती है?” उन्होंने कहा कि छात्रों को एआई के उपयोग से रोकना संभव नहीं, लेकिन नैतिक मूल्यों, भावनाओं और मानवीय संवेदनाओं का शिक्षण केवल शिक्षक ही कर सकते हैं।
उन्होंने चेताया कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता स्वतंत्र चिंतन और मानसिक विकास को प्रभावित कर सकती है।
प्रो. टंडन ने कहा कि “हमें किसी भी तकनीक के दास नहीं बनना चाहिए; एआई का उपयोग आवश्यक है, लेकिन उसका विवेकपूर्ण नियंत्रण और मानवीय दृष्टि अधिक आवश्यक है।”
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नीतू अग्रवाल एवं डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। देशभर से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावी और सफल बनाया। संचालन शोधार्थी सुश्री गरिमा यादव ने किया।
कार्यक्रम की को-कोऑर्डिनेटर डॉ. गरिमा सिंह ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन, निदेशक एमएमटीटीसी प्रो. चन्द्रशेखर, विभागाध्यक्ष प्रो. धनञ्जय कुमार, संयोजक प्रो. अनुभूति दुबे, सभी प्रतिभागियों, सहयोगी स्टाफ तथा शोध छात्राओं गरिमा यादव, गरिमा सिंह, स्तुति अग्रवाल एवं शाम्भवी त्रिपाठी का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

थैलेसीमिया पीड़ितों के परिजन एवं रक्तवीरों का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से मिला

राँची(राष्ट्र की परम्परा)l “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन रांची एवं झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन सहित झारखंड राज्य स्वैच्छिक रक्तदान संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल नदीम खान के नेतृत्व में झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष/झारखंड सरकार के समन्वय समिति सदस्य एवं झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के रांची स्थित मोराबादी आवास पर बीती रात में थैलेसीमिया पीड़ितों एवं उनके परिजनों सहित रक्तवीरों,समाजसेवी की उपस्थिति में दो स्मार-पत्र दिया,पहला स्मार-पत्र थैलेसीमिया पीड़ितों पर 14 सूत्री एवं दूसरा स्मार-पत्र रक्तदान संगठनों द्वारा 19 सूत्री अध्यनरत स्थिति पर व्यवहारिक/मानवीय/तार्किक/न्यायोचित मांगों भरा स्मार-पत्र दिया गया।
पूर्व मंत्री ने कहा कि इस स्मार-पत्र पर सुनिश्चित आवश्यक कार्रवाई होगी।
थैलेसीमिया पीड़ित छात्र ऐलेक्स टोप्पो ने बंधु तिर्की का पेंसिल से चित्र बनाकर भेंट किया और प्रतिनिधिमंडल ने बुके और शॉल उठाया। प्रतिनिधिमंडल में नदीम खान,रक्तवीर थैलेसीमिया परिजन संजय टोप्पो,देवकी देवी, संजय महतो,बिनको बाड़ा,रीना सुचिता टोप्पो, मजीदन ख़ातून,हसीब अंसारी,अशोक कुमार, थैलेसीमिया पीड़ित अनीस टोप्पो,ऐलेक्स टोप्पो, बरखा लिल्ली बाड़ा,रक्तवीर इंजीनियर शाहनवाज़ अब्बास,समाजसेवी अकरम राशिद शामिल थे।

अवैध गर्भपात बना मौत का कारण

निचलौल के निजी क्लीनिक में युवती की संदिग्ध मौत, डॉक्टर ताला लगाकर फरार

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। निचलौल क्षेत्र में सोमवार को हुए एक सनसनीखेज खुलासे ने पूरे इलाके में बवाल मचा दिया। यादव चौराहा स्थित एक निजी क्लीनिक में अवैध गर्भपात के दौरान 21 वर्षीय युवती की मौत हो गई। घटना सामने आते ही क्लीनिक संचालक ताला लगाकर फरार हो गया। पुलिस ने क्लीनिक को सील कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला तब उजागर हुआ जब सोमवार सुबह राहगीरों ने यादव चौराहा निचलौल पर सड़क किनारे एक युवती को गंभीर अवस्था में पड़ा देखा। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम युवती को स्थानीय अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया कि मृतका थाना कोठीभार क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी।

एसआईआर विवाद: स्वास्थ्य मंत्री पर रक्षा राज्य मंत्री का हमला तेज, उठाई बर्खास्तगी की मांग

रांची (राष्ट्र की परम्परा)। एसआईआर को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान पर राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इरफान अंसारी को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।

संजय सेठ ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का बयान न केवल गैरजिम्मेदाराना है, बल्कि राज्य की संवैधानिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का वक्तव्य घुसपैठियों का मनोबल बढ़ाने का काम करता है और अब यह राज्य के सभी बीएलओ की सुरक्षा से भी सीधे तौर पर जुड़ गया है।

उन्होंने कहा कि बीएलओ संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्य करते हैं और यह प्रक्रिया पूर्ववर्ती सरकारों में भी कई बार संचालित की गई है। “यह कार्य चुनाव आयोग द्वारा किया जाने वाला नियमित प्रक्रिया है। ऐसे में मंत्री का यह कहना कि ‘बीएलओ को बांधकर घर में रख लें’ उनकी खतरनाक मानसिकता को दर्शाता है,” संजय सेठ ने कहा। उन्होंने प्रश्न उठाया—“आखिर झारखंड ऐसे कैसे चलेगा?”

रक्षा राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि इरफान अंसारी संविधान की शपथ लेने के बाद भी सरकारी कार्यक्रम में जनता को सरकारी व्यवस्था और संवैधानिक प्रक्रियाओं के खिलाफ भड़का रहे हैं। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से लागू होने वाले एसआईआर पर जनता को गुमराह करना राज्य में अशांति फैलाने की साजिश का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल एसआईआर से इतना भयभीत क्यों हैं? क्यों घुसपैठियों के भरोसे चुनाव जीतने की राजनीति की जा रही है? उन्होंने कहा—“भारत की जनता अब जाग चुकी है और ऐसे बहकावे में आने वाली नहीं है।”

संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा कि राज्य और समाज में विद्वेष फैलाने वाले तथा संवैधानिक कार्यप्रणाली में बाधा डालने वाले ऐसे मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अगुवाई में जिले में निकली भव्य एकता यात्रा

सरदार पटेल की दूरदृष्टि ने रचा भारत का एकीकरण, मोदी सरकार ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर कर रही कार्य: ब्रजेश पाठक

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर माय भारत (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा जिले के खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित “सरदार पटेल@150—एकता यात्रा” में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की गरिमामयी उपस्थिति रही। यात्रा का शुभारंभ जूनियर हाई स्कूल खलीलाबाद से हुआ, जो मेहदावल बायपास तक उत्साह के साथ निकाली गई। रास्ते भर जनता ने फूलमालाओं और जयघोष से यात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और एकता का उत्साह उमड़ पड़ा।

एकता यात्रा का उद्देश्य सरदार पटेल की जयंती पर “एक भारत, आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को सशक्त बनाना रहा। जूनियर हाई स्कूल खलीलाबाद के प्रांगण में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पूरे प्रदेश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन सरदार पटेल के जीवन संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक 31 अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी का आयोजन होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय जब अंग्रेज भारत को कमजोर देखना चाहते थे, तब सरदार पटेल ने अपनी दूरदृष्टि से 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर एक सशक्त भारत का निर्माण किया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और सरदार पटेल के ‘एक भारत, स्वतंत्र भारत’ के सपनों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार लगातार कार्य कर रही है। कश्मीर से धारा 370 हटाया जाना इसी ऐतिहासिक संकल्प का परिणाम है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार “राष्ट्र प्रथम” की विचारधारा पर चलते हुए जनकल्याण योजनाओं को बिना भेदभाव के हर नागरिक तक पहुँचा रही है। 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाना इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि आज समाज भयमुक्त है, संगठित अपराध समाप्त हो चुके हैं, और महिलाएं निडर होकर आगे बढ़ रही हैं। सरकार हर गरीब को पक्का मकान, स्वच्छ पेयजल, बिजली, पानी, राशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जनता, संयोजकों और विधायक अंकुर राज तिवारी को बधाई देते हुए कहा कि संत कबीर की धरती से “राष्ट्र प्रथम” का संदेश पूरे प्रदेश में जाना चाहिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल लौह पुरुष ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति और प्रशासनिक क्षमता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को पटेल के त्याग और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प से प्रेरणा लेकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होने आगे कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रम तभी सफल होंगे जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। उन्होंने एकता यात्रा को जनजागरण का महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से जुड़े रहने की अपील की।
स्थानीय विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि यह यात्रा सरदार पटेल के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता तभी मजबूत होती है जब समाज संगठित होकर राष्ट्रहित में आगे बढ़े। यह यात्रा युवाओं में एकता, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति उत्साह का प्रतीक है।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री भाजपा एवं रन फॉर यूनिटी के प्रभारी संजय राय, विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश, विधायक मेहदावल अनिल त्रिपाठी, विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, जिला अध्यक्ष भाजपा नीतू सिंह, जिला प्रभारी भाजपा अजय सिंह गौतम, पूर्व सांसद इंद्रजीत मिश्र, पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ल, पूर्व जिला अध्यक्ष श्यामकरन सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष राम ललित चौधरी, पूर्व जिला अध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव, पूर्व जिला अध्यक्ष सेतवान राय, उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र मिश्र, एमएलसी प्रतिनिधि ई. सुधांशु सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता उदय राज तिवारी, जिला मंत्री भाजपा हैप्पी राय, यात्रा संयोजक गौरव निषाद, अत्रेश श्रीवास्तव, अरुण गुप्ता, ब्रह्मानंद पाण्डेय, कुलदीप मणि मिश्रा, सतविंदर पाल सिंह, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड्स सहित भारी संख्या में सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।

नेपाल कनेक्शन का बड़ा पर्दाफाश: पुलिस मुठभेड़ में गिरोह धराशायी, चार की बाइक व हथियार बरामद

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल कनेक्शन से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय बाइक चोर गिरोह का बड़ा खुलासा सोमवार तड़के हुआ, जब जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। कोतवाली थाना क्षेत्र के त्रिमोहानी घाट पर लगभग सुबह 4 बजे एसओजी, स्वाट टीम, कोतवाली पुलिस और भिटौली थाने की संयुक्त टीम चोरी हुई बाइकों की तलाश में चेकिंग अभियान चला रही थी।
इसी दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल से गुजर रहे दो युवकों को रुकने का संकेत दिया गया, लेकिन दोनों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी एक्शन में पुलिस की गोली एक आरोपी के पैर में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा, जबकि दूसरा अभियुक्त घेराबंदी में दबोच लिया गया।
घायल आरोपी की पहचान आशीष निषाद (32 वर्ष), निवासी फैजाबाद के रूप में हुई है। दूसरा पकड़ा गया आरोपी दीना नाथ निषाद (28 वर्ष) नेपाल का रहने वाला बताया जा रहा है, जो लंबे समय से बाइक चोरी कर नेपाल में बेचने का काम करता था। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक दोनों आरोपी महराजगंज, गोरखपुर और संतकबीर नगर में हुई कई बाइक चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
मुठभेड़ वाली जगह से पुलिस ने चार चोरी की मोटरसाइकिलें, एक अवैध 315 बोर का तमंचा, दो खाली कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। घायल आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पकड़े गए दूसरे अपराधी से पूछ-ताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस को गिरोह के नेपाल कनेक्शन और उसके अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिन पर जल्द ही बड़ा खुलासा होने की संभावना है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त चौकसी भी की जा रही है।

अमेरिका की गैरहाज़िरी के बीच भारत बना वैश्विक नेतृत्व का केंद्र

G20 दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन 2025


G20 दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन 2025 ने वैश्विक राजनीति की बदलती दिशा को स्पष्ट कर दिया है। यह वह क्षण था जब परंपरागत महाशक्ति अमेरिका पूरी तरह अनुपस्थित रही और भारत ने अपने नेतृत्व, सक्रिय भूमिका और संतुलित कूटनीति से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति की गैर-हाज़िरी केवल प्रोटोकॉल त्रुटि नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरण का संकेत थी। दक्षिण अफ्रीका द्वारा जूनियर अमेरिकी प्रतिनिधि को मंच न सौंपना अमेरिकी प्रभाव में आई गिरावट का प्रतीक माना गया। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री का यह कथन कि “दुनिया अमेरिका के बिना भी आगे बढ़ सकती है” अंतरराष्ट्रीय राजनीति के नए युग का खुला संदेश बन गया।
मोदी की सक्रिय कूटनीति ने भरा अमेरिका द्वारा छोड़ा गया खालीपन
जहाँ अमेरिका नज़र नहीं आया, वहाँ भारत की सक्रिय मौजूदगी ने G20 के एजेंडा को नया स्वर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IBSA से लेकर G20 तक, हर मंच पर ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज़ को मजबूती दी। UNSC सुधार, आतंकवाद पर दोहरे मानदंड और विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को उन्होंने स्पष्ट और दृढ़ता से रखा।
प्रधानमंत्री मोदी की लगातार द्विपक्षीय बैठकों ने यह सुनिश्चित किया कि भारत अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाली शक्ति के रूप में पहचाना जाए।
जापान, इटली और दक्षिण अफ्रीका के साथ साझेदारी को मिली नई गति
जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ मुलाकात से AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा और इंडो-पैसिफिक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिली।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ India–Italy Initiative to Counter Terror Financing का अपनाया जाना भारत की वैश्विक आतंकवाद-रोधी भूमिका को और मजबूत करता है।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा के साथ वार्ता में दोनों देशों ने ग्लोबल साउथ की साझा नेतृत्व भूमिका को पुनः स्थापित किया।
AI Impact Summit 2026: भारत तय करेगा भविष्य का टेक एजेंडा
G20 के तकनीकी सत्र में मोदी द्वारा प्रस्तुत मानव-केंद्रित AI विज़न ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में तकनीक का मानवीय, समावेशी और सुरक्षित उपयोग ही भारत की प्राथमिकता होगा। 2026 में भारत की मेज़बानी में होने वाला AI Impact Summit अब वैश्विक एजेंडा-सेटिंग आयोजन माना जा रहा है।
भारत बने नई विश्व व्यवस्था का मार्गदर्शक

G20 दक्षिण अफ्रीका शिखर सम्मेलन 2025 ने जहां अमेरिका की घटती भूमिका को उजागर किया, वहीं यह भी साबित किया कि भारत अब एक स्थिर, विश्वसनीय और दूरदर्शी नेतृत्व का केंद्र बन चुका है। विश्व मंच पर भारत की बात सुनी भी जाती है, उस पर भरोसा भी किया जाता है—यही 21वीं सदी में भारत के उदय की सबसे बड़ी पहचान है।

अभी न जाओ छोड़ के… :  ‘ही मैन’ धर्मेंद्र को समर्पित

धर्मेंद्र: एक युग की विदाई, एक हीरो का अमरत्व

धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं, बल्कि एक युग का शांत हो जाना है। गाँव की मिट्टी से उठकर सिनेमा के आसमान तक पहुँचे इस कलाकार ने अपने अभिनय से नहीं, बल्कि अपनी सादगी और मानवीयता से करोड़ों दिल जीते। रोमांस से लेकर एक्शन और कॉमेडी तक—हर भूमिका में वे जीवन की सच्चाई लेकर आए। “शोले” का वीरू, “चुपके चुपके” का प्रोफेसर, “मेरा गाँव मेरा देश” का नायक—ये सारे सिर्फ किरदार नहीं, हमारी यादों का हिस्सा हैं। धर्मेंद्र चले गए, लेकिन उनका उजाला हमेशा रहेगा।

– डॉ. सत्यवान सौरभ

हिंदी सिनेमा ने अपने लंबे सफर में कई सितारों को जन्म दिया, पर उनमें कुछ ऐसे हैं जिनकी रोशनी समय के साथ कम नहीं होती, बल्कि हर पीढ़ी की आँखों में एक नई चमक लेकर जीवित रहती है। धर्मेंद्र उन्हीं दुर्लभ सितारों में से थे, जो सिर्फ अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय समाज के भावनात्मक ताने-बाने का हिस्सा बन चुके थे। उनका जाना एक ऐसी खामोशी छोड़ गया है, जिसे शब्दों में बाँध पाना मुश्किल है। वे सिर्फ पर्दे पर दिखने वाली एक छवि नहीं थे; वे एक ऐसे इंसान थे, जिनकी गर्माहट और विनम्रता ने दर्शकों को अपने परिवारों के किसी सदस्य की तरह उनसे जोड़ दिया था।

ये भी पढ़ें – डीएलएड प्रवेश 2025: ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू

धर्मेंद्र की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं। पंजाब के एक छोटे से गांव नसराली से शुरू हुई यह यात्रा संघर्ष, मेहनत और सपनों की शक्ति का जीवंत उदाहरण है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मा लड़का जब फिल्मों की दुनिया की चमक-दमक में पहुंचता है, तो आमतौर पर व्यक्ति अपनी मूल पहचान खो बैठता है, लेकिन धर्मेंद्र ऐसे नहीं थे। उन्होंने अपनी जड़ों को कभी नहीं छोड़ा। वही सादगी, वही देसीपन, वही अपनापन उनकी हर मुस्कान में दिखाई देता था। यही कारण है कि वे सिर्फ ‘स्टार’ नहीं बने, वे ‘दिलों का हीरो’ बने।

ये भी पढ़ें –कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का सपा सुप्रीमो पर कटाक्ष, कहा 2047 तक विपक्ष में ही रहें

1960 के दशक में जब उन्होंने सिनेमा के परदे पर कदम रखा, तब दर्शकों ने यह अंदाज़ा नहीं लगाया होगा कि यह युवक अगले कई दशकों तक हिंदी फिल्मों का सबसे प्रिय चेहरा बनने वाला है। शुरुआत भले ही धीमी रही हो, पर उनकी आँखों में मौजूद मासूमियत और व्यक्तित्व में छिपा गहरा आत्मविश्वास बहुत जल्द ही लोगों के दिलों तक पहुँच गया। उनकी शुरुआती फिल्मों ने यह दिखाया कि उनमें संवाद की सरलता, भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति और अपने किरदार के प्रति ईमानदार दृष्टिकोण जैसी विशिष्ट खूबियाँ हैं।

ये भी पढ़ें –मंडल रेल प्रबंधक ने रेलवे स्टेशनो का किया निरिक्षण

समय के साथ धर्मेंद्र ने दिखा दिया कि वे सिर्फ एक रोमांटिक हीरो नहीं, बल्कि हर शैली में फिट बैठने वाले अभिनेता हैं। उन्होंने अभिनय के हर रंग को जीया—रोमांस की कोमलता, कॉमेडी की सहजता, एक्शन की तीव्रता और भावुक दृश्यों की गहराई। “अनुपमा” और “अनपढ़” में उनकी रोमांटिक छवि दर्शकों का दिल चुरा लेती थी, तो “मेरा गांव मेरा देश” और “शोले” में उनका एक्शननुमा अंदाज़ उन्हें ‘ही-मान’ की उपाधि दिलाता था। यह उपाधि किसी फैशन के कारण नहीं, बल्कि उनके स्वाभाविक दृढ़ व्यक्तित्व का प्रमाण थी।

ये भी पढ़ें –कोर्ट के आदेश पर 6 माह बाद दर्ज हुआ सड़क दुर्घटना का मुकदमा, बाइक सवार पर आरोप

“शोले” का वीरू भारतीय सिनेमा के इतिहास का वह चरित्र है, जो किसी परिचय का मोहताज नहीं। वीरू की मस्ती, दोस्ती, बेफिक्री और दिल की गहराई ने इस किरदार को अमर बना दिया। धर्मेंद्र कोई भूमिका निभाते नहीं थे, वे उसे जीते थे। यही कारण है कि वीरू आज भी दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान ला देता है। लेकिन धर्मेंद्र का जादू सिर्फ वीरू तक सीमित नहीं था। “चुपके चुपके” में उनकी गंभीर-स्वभाव वाली कॉमेडी यह साबित करती है कि हास्य अभिनय हमेशा उछल-कूद या अतिरंजना से नहीं आता; वह शालीनता और समयबद्ध संवादों से भी पैदा हो सकता है। धर्मेंद्र इस बात का जीता-जागता उदाहरण थे।

ये भी पढ़ें –ट्यूशन पढ़ने निकली छात्रा की मौत

उनके अभिनय का आधार हमेशा ‘सच्चाई’ रहा। वे अभिनय नहीं करते थे, वे सत्य को अभिव्यक्त करते थे। यह सत्य कभी प्रेम की कोमलता के रूप में जागता था, कभी संघर्ष की तल्ख़ी के रूप में। आज के समय में जब अभिनय तकनीक और बाहरी सजावट पर अधिक निर्भर होता जा रहा है, धर्मेंद्र हमें याद दिलाते हैं कि अभिनय का सबसे बड़ा केंद्र ‘दिल’ होता है। यही वह विशेषता है, जिसने उनकी फिल्मों को समय की सीमाओं से मुक्त कर दिया।

ये भी पढ़ें –रिश्तेदारी की आड़ में ₹4.61 लाख की ठगी, दो परिवारों को कंगाल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

धर्मेंद्र की एक और महानता थी—उनकी जमीन से जुड़ाव। उन्होंने कभी खुद को महान या बड़ा साबित करने की कोशिश नहीं की। सैकड़ों फिल्मों की सफलता, लाखों प्रशंसक और दशकों की लोकप्रियता के बाद भी वे एक साधारण ग्रामीण की तरह बात करते थे। उनकी विनम्रता किसी बनावटी विनम्रता का परिणाम नहीं थी; वह उनके स्वभाव का हिस्सा थी। यही कारण है कि वे उद्योग के भीतर और बाहर—दोनों जगह समान आदर के पात्र बने रहे।

ये भी पढ़ें –घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़, कपड़े फाड़े, मारपीट — फिर भी दर्ज हुई सिर्फ NCR

धर्मेंद्र ने अपनी निजी और राजनीतिक जिंदगी में भी अपने मूल्यों को नहीं छोड़ा। वे वर्ष 2004 में लोकसभा के लिए चुने गए और अपने तरीके से जनता की सेवा की। हालाँकि वे राजनीति में गहराई से सक्रिय नहीं रहे, लेकिन यह साफ समझ आता है कि वे समाज के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका को समझते थे। उनका चरित्र उतना ही सीधा और स्पष्ट था जितना उनका अभिनय।

उनकी जीवनशैली की सादगी ने भी लोगों को हमेशा प्रभावित किया। मुंबई की भीड़भाड़ से दूर उनका फार्महाउस, धरती पर काम करना, खेतों को सींचना, पशुओं के साथ समय बिताना—ये सब उनकी आत्मा को सुकून देते थे। यह उस अभिनेता की तस्वीर है जो चमकते पर्दे से परे, असली जिंदगी में प्रकृति की गोद में अपने आप को पूरा महसूस करता था। यह गुण किसी अभिनेता में शायद ही देखने मिलता हो।

उनका योगदान सिर्फ उनके समय तक सीमित नहीं। आज की पीढ़ी भी धर्मेंद्र की फिल्मों में वही ताजगी, वही मानवीय संवेदना और वही संवादशक्ति महसूस करती है, जो 40-50 साल पहले दर्शक महसूस करते थे। यह बहुत कम कलाकारों के हिस्से आता है कि उनकी फिल्मों की ताकत पीढ़ियों की सीमाएँ लांघ जाए। धर्मेंद्र यह विरासत अपने साथ लेकर नहीं गए; वे इसे समाज में छोड़ गए हैं।

ये भी पढ़ें –विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में गरजे प्रभारी मंत्री, अफसरों को दिए सख्त निर्देश

आज जब हम उन्हें स्मरण करते हैं, तो उनके चेहरे की वह सहज मुस्कान तुरंत आँखों के सामने आ जाती है। ऐसा लगता है जैसे वह अभी भी किसी दृश्य की तैयारी कर रहे हों, या किसी इंटरव्यू में अपनी प्रसिद्ध विनम्रता के साथ कह रहे हों—“अरे, मैं कौन सा बड़ा कलाकार हूँ, बस अपनी कोशिश करता हूँ।” उनकी यह बात ही उन्हें बड़ा बनाती थी।

धर्मेंद्र का जाना भारतीय सिनेमा के लिए सिर्फ एक कलाकार की विदाई नहीं; यह एक युग का अवसान है। वह युग जिसमें सादगी, भावनाएँ और मानवीयता अभिनय की रीढ़ हुआ करती थीं। वह दौर जब सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज, परिवार और रिश्तों का आईना होता था। धर्मेंद्र उस आईने की सबसे चमकदार किरण थे।

लेकिन हर महान कलाकार की तरह धर्मेंद्र भी यह सिद्ध करके गए हैं कि शरीर भले चला जाए, कला कभी नहीं जाती। उनकी आवाज़, उनकी हँसी, उनकी आँखों की चमक, उनकी फिल्मों के दृश्य—यह सब कहीं न कहीं हमारे भीतर जीते रहेंगे। वह इसलिए नहीं कि उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया, बल्कि इसलिए कि उन्होंने लोगों के दिलों में जगह बनाई। सिनेमा की असली शक्ति यही है—जब दर्शक अभिनेता को सिर्फ अभिनेता न मानकर परिवार का हिस्सा मानने लगें।

आज, जब हम श्रद्धांजलि देते हुए यह पंक्ति याद करते हैं—“अभी न जाओ छोड़ के…”—तो यह सिर्फ एक गीत की पंक्ति नहीं रह जाती। यह एक युग की पुकार जैसी लगती है। लेकिन महान कलाकार कभी सचमुच नहीं जाते। धर्मेंद्र भी नहीं गए। वे हमारे गीतों में हैं, संवादों में हैं, फिल्मों में हैं, और सबसे बढ़कर, हमारे दिलों में हैं।

भारतीय सिनेमा के उस ‘ही-मान’ को शत-शत नमन, जिसकी सादगी ने हमें इंसान होना सिखाया और जिसकी मुस्कान ने पीढ़ियों को जीवन की सुंदरता का एहसास कराया।

– डॉo सत्यवान सौरभ,

कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,

बाल श्रम पर बड़ी कार्रवाई: 15 मासूम मुक्त, मानव तस्करी और अपराध के खिलाफ चला जागरूकता अभियान

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनपद में बाल श्रम, मानव तस्करी और अनैतिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में थाना AHT (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) टीम ने जिले के उभाव क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर 15 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। यह अभियान अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में चलाया गया। थाना प्रभारी नरेश कुमार मलिक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अजीत कुमार दुबे, आरक्षी संतोष कुमार सरोज, श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार की टीम तथा बाल कल्याण समिति (CWC) के सहयोग से संदिग्ध प्रतिष्ठानों और कार्य स्थलों की गहन जांच की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल बाल श्रम में लिप्त बच्चों को मुक्त कराया, बल्कि वहां मौजूद श्रमिकों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को बंधुआ मजदूरी, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति, नशा मुक्ति, मिशन शक्ति, अनैतिक देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों की जानकारी देकर जागरूक किया।पुलिस टीम ने लोगों को यह संदेश दिया कि समाज में इस तरह की कुरीतियों की कोई जगह नहीं है और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचानी चाहिए। मौके पर लोगों को टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 181, 1076, 1098, 102, 108 तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके। कार्यवाही के बाद सभी मुक्त कराए गए बच्चों को नियमानुसार संरक्षण प्रदान करते हुए उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम, मानव तस्करी और नशे के खिलाफ जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा, और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में गरजे प्रभारी मंत्री, अफसरों को दिए सख्त निर्देश

अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अस्पतालों की लापरवाही पर दिखी सख्ती

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिले में विकास कार्यों की रफ्तार और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर मंगलवार को विकास भवन स्थित एनआईसी सभागार में कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने की। बैठक में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं, अवैध खनन, ओवरलोडिंग, यातायात व्यवस्था और राजस्व मामलों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि दाखिल-खारिज और पैमाइश में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि कोई भी राजस्व मामला लंबित न रहे और आम जनता को तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। सभी एसडीएम को सख्ती से कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्त रुख बैठक में प्रभारी मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में मिट्टी और बालू का ओवरलोडिंग पूरी तरह बंद होना चाहिए। अवैध खनन की शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि राजस्व हानि और सड़कों को हो रहे नुकसान को रोका जा सके। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर भी पूर्ण रोक लगाने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
अस्पताल की लापरवाही पर नाराजगी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रभारी मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल और महिला अस्पताल से अनावश्यक रेफर करना अस्वीकार्य है। सीएमओ को निर्देश दिए गए कि मरीजों, रेफर की संख्या और बीमारियों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही रात में भी औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए गए। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी जिला अस्पताल में ही कराए जाने के निर्देश दिए गए। थाना-तहसील में जनता की ईमानदार सुनवाई हो प्रभारी मंत्री ने कहा कि थाना, तहसील और अस्पताल जैसे स्थानों पर आम जनता की समस्याओं की ईमानदारी और संवेदनशीलता से सुनवाई की जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगली कोर कमेटी बैठक तहसील स्तर पर आयोजित की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, एमएलसी रवि शंकर सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज, सीएमओ सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़, कपड़े फाड़े, मारपीट — फिर भी दर्ज हुई सिर्फ NCR

पुलिस की भूमिका संदिग्ध, 5 महीने से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के वसारिखपुर गांव में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव की 38 वर्षीय महिला अंशु पत्नी जमशेद के घर में घुसकर छेड़छाड़, कपड़े फाड़ने और मारपीट जैसी संगीन वारदात को अंजाम देने के बावजूद पुलिस ने सिर्फ एनसीआर दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पीड़िता का आरोप है कि 28 जुलाई की रात गांव के कुछ दबंग जबरन उसके घर में घुसे, उसके साथ छेड़छाड़ की, कपड़े फाड़ दिए और पिटाई करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद से वह लगातार थाना, तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर काट रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़िता व उसके परिवार को लगातार धमका रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि उसका पति विदेश में नौकरी करता है और वह घर में अकेली रहती है, इसी का फायदा उठाकर दबंग तत्व उसे निशाना बना रहे हैं। ग्रामीणों में भी इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है जब घर में घुसकर छेड़छाड़ जैसी घटना पर भी मुकदमा दर्ज नहीं होगा, तो आम महिलाएं खुद को सुरक्षित कैसे समझेंगी? पुलिस आखिर किस दबाव में काम कर रही है पीड़िता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बलिया से मांग की है कि एनसीआर को तुरंत मुकदमे में बदला जाए, आरोपियों की गिरफ्तारी हो और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। यह घटना न सिर्फ पुलिस की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को उजागर करती है, बल्कि सरकार के महिला सुरक्षा के तमाम दावों की भी पोल खोलती है। अब बड़ा सवाल यह है क्या प्रशासन जागेगा या पीड़िता यूं ही न्याय के लिए दफ्तरों की धूल फांकती रहेगी?

रिश्तेदारी की आड़ में ₹4.61 लाख की ठगी, दो परिवारों को कंगाल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिले में भरोसे का गला घोंटने वाला एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है। रिश्तेदारी का मुखौटा पहनकर दो परिवारों से कुल ₹4 लाख 61 हजार की ठगी करने वाले आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामला उजागर होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
नगरा थाना क्षेत्र के नरही गांव निवासी निखिल ठाकुर पर आरोप है कि उसने चालाकी से दो परिवारों को जाल में फंसाकर लाखों रुपये हड़प लिए। पहला मामला उभाव क्षेत्र के तेन्दुवा पट्टी फरसाटार गांव का है, जहां के रहने वाले वीरेंद्र ठाकुर को रिश्तेदारी और आधार अपडेट के बहाने आरोपी बेल्थरा रोड ले गया। वहां उसने नया सिम लगवाने का झांसा देकर आधार और मोबाइल की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। कुछ ही दिनों बाद वीरेंद्र ठाकुर के खाते से ₹3,33,000 की निकासी कर ली गई। पीड़ित जब बैंक स्टेटमेंट लेने पहुंचे तो रकम देखकर वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। हैरानी की बात यह रही कि खाता लॉक होने के बावजूद बैंक की लापरवाही से आरोपी ने ₹75,000 और निकाल लिए।
दूसरा मामला सिकंदरपुर क्षेत्र के किकोढ़ा गांव के पारसनाथ ठाकुर का है। उनसे पीएम किसान योजना का फॉर्म भरवाने के नाम पर उनके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर में बदलाव कराया गया और उनके खाते से ₹53,000 रुपये निकाल लिए गए। बैंक स्टेटमेंट में आरोपी का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज मिलने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायतों में आरोपी ने कई बार पैसा लौटाने का वादा किया, यहां तक कि लिखित आश्वासन भी दिया, लेकिन हर बार मुकरता रहा और अंततः फरार हो गया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक मूल चन्द चौरसिया ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे गहन पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच के बाद कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने मांग की है कि ऐसे ठगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आगे किसी और के साथ ऐसी घटनाएं न हो सकें।

ट्यूशन पढ़ने निकली छात्रा की मौत

तेज रफ्तार पिकअप ने दी जिंदगी को दर्दनाक विराम, क्षेत्र में मातम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कोल्हुई थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। ट्यूशन के लिए घर से निकली एक मासूम छात्रा को बहादुरी बाजार के पास तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि छात्रा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिकअप की स्पीड इतनी तेज थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण ही नहीं रख सका और दुर्घटना के बाद पिकअप छोड़कर फरार हो गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिसं मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पिकअप को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
हादसे की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों में तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाने वालों के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि बढ़ते सड़क हादसे यातायात नियमों की अनदेखी का नतीजा हैं। पुलिस प्रशासन ने भी अपील की है कि सड़क पर सतर्कता और नियंत्रित गति ही दुर्घटनाओं को रोक सकती है। हादसे के बाद क्षेत्र में यातायात की निगरानी बढ़ा दी गई है।

कोर्ट के आदेश पर 6 माह बाद दर्ज हुआ सड़क दुर्घटना का मुकदमा, बाइक सवार पर आरोप

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत औरंगाबाद पेट्रोल पंप के समीप हुई सड़क दुर्घटना के मामले में पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब न्यायालय के आदेश पर सलेमपुर पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सलेमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पूरादाखिला की रहने वाली सुभावती देवी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी। उनका आरोप है कि बीते 18 मई 2025 को उनके पति रामअशीष सलेमपुर से बाजार करके घर वापस लौट रहे थे। जब वे औरंगाबाद स्थित पेट्रोल पंप के सामने टीवीएस एजेंसी के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार बाइक (संख्या UP52BW 5680) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

गंभीर हालत में गोरखपुर रेफर
दुर्घटना में रामअशीष को गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया। राहगीरों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद देवरिया मेडिकल कॉलेज और स्थिति गंभीर होने पर वहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने नहीं दर्ज की थी रिपोर्ट
पीड़िता सुभावती देवी का आरोप है कि उन्होंने घटना की सूचना थाने पर दी और कई बार चक्कर लगाए, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। एसपी देवरिया से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय (अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष सं. 19) में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत वाद दायर किया।
अब दर्ज हुआ मुकदमा
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सलेमपुर पुलिस ने सोमवार को आरोपी चालक अजय कुमार राजभर (पुत्र राजकुमार राजभर), निवासी वार्ड नं. 03, हरैया लाला, सलेमपुर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही कर रही है ।

मंडल रेल प्रबंधक ने रेलवे स्टेशनो का किया निरिक्षण

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे उदय बोरवणकर ने आगामी माघ मेला- 2026 के परिप्रेक्ष्य में मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन के साथ झूसी एवं प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया।महाप्रबंधक उदय बोरवणकर झूसी रेलवे स्टेशन का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने झूसी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं यथा-प्लेटफार्म, यात्री शेड, पैदल उपरिगामी पुल, प्रतीक्षालय, यात्री आश्रय स्थल, वाटर बूथ, खान-पान स्टाल, यूटीएस एवं पी.आर.एस. टिकट काउंटरों, स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया, निकास एवं प्रवेश मार्ग, परिचालनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक ने झूसी रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में महाकुम्भ मेले के दौरान निर्मित यात्री आश्रय केन्द्रों एवं उनके प्रसाधन, वॉटर बूथ, टिकट काउंटर आदि को माघ मेला के दौरान यात्रियों के लिए चालू करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही स्टेशन की सुरक्षा बढ़ाने हेतु यात्री आश्रय केन्द्रों, प्रवेश एवं निकास मार्गो एवं टिकट काउंटरों पर सी.सी.टी.वी. कैमरों से निगरानी कराने का निर्देश दिया, इसके साथ ही माघ मेला के दौरान यात्रियों की संख्या में अनुमानित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर को साफ-सुथरा रखने एवं भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिया। बोरवणकर ने स्टेशन पर तैनात वरिष्ठ पर्यवेक्षकों एवं सम्बंधित अधिकारियों के साथ माघ मेला के दौरान मेला विशेष गाड़ियों के संचालन एवं भीड़ प्रबंधन पर परिचर्चा कर समुचित कार्य योजना तैयार करने एवं उन सभी का अनुपालन करने का निर्देश दिया।इसके पश्चात महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन पर माघ मेला-2026 के परिप्रेक्ष्य में स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन, मेला यात्रियों की सुख सुविधा, दैनिक यात्रियों हेतु निर्बाध आवागमन तथा स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के लिए किये जा रहे कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ के समय निर्मित की गई व्यवस्थाओं को माघ मेला के दौरान पुनः चालू कर उपयोग करने का निर्देश दिया।अपने निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक बोरवणकर ने प्रयागराज रामबाग स्थित गार्ड/लोको पायलट रनिंग रूम का भी निरीक्षण किया और गार्ड/लोको पायलटों को मिलने वाली सुख सुविधाओं का अवलोकन किया तथा भोजन की गुणवत्ता परखी। उन्होंने प्रयागराज रामबाग स्टेशन की आवासीय रेलवे कॉलोनी का भी निरीक्षण किया तथा कालोनी के रख-रखाव, ग्रीन बेल्ट विकसित करने एवं साफ-सफाई के विषय में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस. रामाकृष्णन, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) विकास कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर/तृतीय आयुष कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर रजत प्रिय, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ई.एन.एच.एम.) अभिषेक राय, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) पंकज केशरवानी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (ऑपरेशन) धर्मेन्द्र यादव सहित वरिष्ठ पर्यवेक्षक उपस्थित थे।