Tuesday, June 30, 2026
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तनाव से तालमेल की ओर बढ़े भारत-कनाडा संबंध; विदेश मंत्री बोलीं—रुकी ट्रेड डील को फिर मिलेगी रफ्तार

टोरंटो (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दो साल से तनावपूर्ण चल रहे भारत-कनाडा संबंध अब सुधार की राह पर लौटते दिख रहे हैं। जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने रुकी व्यापार वार्ता को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। इसी क्रम में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने संकेत दिया है कि नई विदेश नीति के तहत कनाडा भारत के साथ व्यापारिक साझेदारी को तेज़ी से आगे बढ़ाएगा।

अनीता आनंद ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल और बढ़ते आर्थिक जोखिमों के बीच भारत-कनाडा सहयोग को मजबूत करना समय की जरूरत है। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों देश जल्द ही नई व्यापारिक साझेदारी (ट्रेड डील) पर तेजी से काम शुरू करेंगे। पिछले दो वर्षों से दोनों देशों में कूटनीतिक तनाव था, लेकिन अब संवाद और विश्वास बहाली के संकेत स्पष्ट हैं।

भारत-कनाडा व्यापार: 2030 तक 50 अरब डॉलर का लक्ष्य

कनाडा की विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रख रहे हैं। फिलहाल कनाडा भारत का सातवां सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है और भारत में एक महत्वपूर्ण विदेशी निवेशक भी।
इसके साथ ही पीएम कार्नी 2025 में भारत की यात्रा करेंगे, जिससे व्यापार और रणनीतिक सहयोग और आगे बढ़ने की उम्मीद है।

तनाव की वजह: निज्जर मामला

भारत-कनाडा संबंध 2023 में तब बिगड़ गए थे, जब कनाडाई पुलिस ने आरोप लगाया कि वैंकूवर के पास सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका थी। निज्जर खालिस्तान समर्थक थे और जून 2023 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस विवाद के बाद कनाडा ने भारत के साथ व्यापार वार्ता रोक दी थी और दोनों देशों के राजनयिक संबंध भी प्रभावित हुए थे।

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2024: संबंध सुधारने की शुरुआत

2024 में धीरे-धीरे दोनों देशों ने संवाद बहाल किया। जून में पीएम कार्नी ने मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। अगस्त में दोनों देशों ने शीर्ष राजनयिकों को फिर से नियुक्त किया। अनीता आनंद ने कहा कि पिछले छह महीनों में संबंधों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

कनाडा की नई रणनीति: व्यापार में विविधता

कनाडा दुनिया के उन देशों में शामिल है, जिसकी 75% से ज्यादा निर्यात अमेरिका पर निर्भर है। लेकिन 2026 में यूएसएमसीए की समीक्षा और वैश्विक संरक्षणवाद बढ़ने के कारण कनाडा अब अपने व्यापार को विविध बनाना चाहता है।
इसके तहत कनाडा भारत के साथ संबंध सुधारने के साथ-साथ चीन के साथ भी संवाद बढ़ा रहा है। हाल ही में पीएम कार्नी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से भी संबंधों में सकारात्मक संकेत मिले हैं।

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कक्षा 12 हिंदी बोर्ड परीक्षा 2025–26: 95% संभावित प्रश्न जारी, छात्रों के लिए बेहतरीन परीक्षा टिप्स

एजुकेशन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025–26 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। पिछले 5 वर्षों के ट्रेंड के आधार पर इस वर्ष के 95% संभावित प्रश्न सामने आए हैं। यह परीक्षा मार्गदर्शिका छात्रों को कम समय में बेहतर तैयारी कराने के उद्देश्य से तैयार की गई है। हिंदी विषय में लगातार आने वाले प्रश्नों और महत्वपूर्ण पाठों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष परीक्षा टिप्स तैयार किए गए हैं।
भाग A: गद्य खंड — आरोह (100% बोर्ड परीक्षा संभावित प्रश्न)

  1. अपठित गद्यांश (अवश्य पूछा जाता है)
    हर साल की तरह इस बार भी अपठित गद्यांश 100% पूछा जाएगा।
    छात्रों को पठन कौशल, मुख्य विचार, शब्दार्थ और तर्क आधारित प्रश्नों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
  2. लघु उत्तरीय प्रश्न (4 × 3 = 12 अंक)
    पिछले 5 सालों में सबसे ज्यादा पूछे गए और इस साल भी अत्यधिक संभावित:
    ‘भक्तिन’ में सामाजिक विषमता की व्याख्या
    ‘जंगल की कहानी’ में प्रकृति–मानव संबंध
    ‘सूखे की कहानी’ का मुख्य संदेश
    ‘एक कलाकार की कहानी’ में कलाकार का संघर्ष
    ये प्रश्न सीधे पाठ की समझ पर आधारित होते हैं, इसलिए महत्वपूर्ण अंशों को अवश्य दोहराएँ।
  3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (6 अंक)
    Repeated Trend के अनुसार सबसे अधिक संभावित प्रश्न:
    ‘पहाड़ियां’ में आधुनिक जीवन और सभ्यता का विरोधाभास
    या
    ‘सभ्यता का विनाश’ में मानव मूल्यों के संकट का विश्लेषण
    इस खंड में लेखन शैली और उदाहरणों का उपयोग अच्छे अंक दिलाता है।
    भाग B: काव्य खंड — आरोह
  4. काव्यांश व्याख्या (5 अंक)
    सबसे संभावित कवि एवं काव्य:
    रघुवीर सहाय – कुछ भी बनो
    निराला – भक्ति
    अज्ञेय – नदी के द्वीप
    इनमें से किसी एक पर काव्यांश आने की संभावना बहुत अधिक है।
  5. दीर्घ काव्य प्रश्न (6 अंक)
    मुख्य संभावित:
    “नदी के द्वीप” में संघर्ष का प्रतीक
    या
    “भक्ति” में निराला की भक्ति परंपरा की दृष्टि
    भाग C: व्याकरण + लेखन कौशल (स्कोर बढ़ाने वाला सेक्शन)
  6. व्याकरण (10 अंक)
    हर साल पूछे जाने वाले निश्चित प्रश्न:
    अशुद्ध वाक्य शोधन
    वाच्य परिवर्तन
    मुहावरे–लोकोक्तियाँ
    समास, उपसर्ग–प्रत्यय, रस–अलंकार
    व्याकरण से पूरे अंक आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
  7. लेखन कौशल (15 अंक)
    (A) औपचारिक पत्र : संभावित विषय
    विद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी हेतु अनुरोध
    सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर संपादक को पत्र
    कोचिंग फीस वृद्धि पर शिकायत पत्र
    (B) लेख / निबंध : मुख्य संभावित
    नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
    युवा और डिजिटल लत
    पर्यावरण संरक्षण
    कौशल आधारित बनाम डिग्री आधारित शिक्षा
    (C) विज्ञापन/सूचना लेखन
    वृक्षारोपण अभियान
    करियर काउंसलिंग शिविर
    खोया–पाया सूचना
    भाग D: वितान (पूरक पाठ्यपुस्तक)
  8. लघु उत्तरीय संभावित प्रश्न
    ‘अहिल्या’ में त्याग व पुनर्जन्म
    ‘राजा भोज और गंगू तेली’ का व्यंग्य
    ‘पतंग’ का सामाजिक संदेश
  9. दीर्घ प्रश्न (6 अंक)
    ‘अहिल्या’ में स्त्री गरिमा और शक्ति
    या
    ‘पतंग’ में बाल मनोविज्ञान का चित्रण
    स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा टिप्स (सबसे उपयोगी भाग)
    कठिन प्रश्नों की जगह अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों पर फोकस करें।
    कविता व्याख्या और गद्य सार को सरल भाषा में लिखने का अभ्यास करें।
    पिछले वर्ष के बोर्ड पेपर हल करें—कम से कम 5 साल की प्रैक्टिस आवश्यक है।
    व्याकरण और लेखन कौशल में पूरे अंक पाने का लक्ष्य रखें—यही स्कोर बूस्टर है।
    उत्तरों में शीर्षक, उपशीर्षक और बिंदुवार प्रस्तुति से प्रभाव बढ़ता है।

कैरीबियन में ट्रंप के शीर्ष सैन्य अधिकारी का दौरा तेज़ तनाव; अमेरिकी युद्धपोतों की बढ़ती मौजूदगी से वेनेजुएला पर कार्रवाई की अटकलें तेज

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना प्रमुख और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य सैन्य सलाहकार जनरल डैन केन ने कैरीबियन का अहम दौरा किया है। सोमवार को वे प्यूर्टो रिको और उसके पास तैनात एक अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत पर पहुँचे, जहां उन्होंने सैनिकों से मुलाकात कर उनकी तैनाती और अभियानों की समीक्षा की।

हाल ही में अमेरिका ने कैरीबियन क्षेत्र में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में युद्धपोत तैनात किए हैं। साथ ही, नशीली दवाओं की तस्करी के संदेह में कई नौकाओं पर कार्रवाई भी की गई है। इन गतिविधियों को वेनेजुएला पर बढ़ते राजनीतिक और सामरिक दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

जनरल केन के साथ उनके वरिष्ठ सलाहकार डेविड एल. आइजम भी मौजूद थे। यह इस साल कैरीबियन क्षेत्र का उनका दूसरा दौरा है। इससे पहले सितंबर में वे और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ प्यूर्टो रिको आए थे, जब सैकड़ों अमेरिकी मरीन सैनिक सैन्य अभ्यास के लिए पहुंचे थे। उस समय हेगसेथ ने कहा था कि यह बल अमेरिका की “पहली रक्षा पंक्ति” है।

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क्या वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई तय?

दौरा ऐसे समय हुआ है जब राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़े अभियानों को तेज करने की बात कह चुका है, और कैरीबियन में बढ़ी सैन्य मौजूदगी को कई विश्लेषक इसी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ को आतंकी संगठन का दर्जा

अमेरिका ने हाल ही में ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है। अमेरिकी दावा है कि यह समूह वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो से जुड़ा है। हालांकि विशेषज्ञ इसे किसी पारंपरिक ड्रग कार्टेल के रूप में नहीं देखते।

इस साल अमेरिका ने आठ लैटिन अमेरिकी आपराधिक गिरोहों को भी आतंकी संगठन की सूची में शामिल किया है, जो नशा तस्करी और प्रवासी तस्करी जैसे अपराधों में शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि समुद्र में जिन नौकाओं को लक्ष्य बनाया जा रहा है, वे इन्हीं गिरोहों द्वारा संचालित थीं, हालांकि अब तक इसके ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

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ग्रे मार्केट पर Apple का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: विदेशी SIM से iPhone एक्टिवेट करने पर खुदरा विक्रेताओं पर लगेगा भारी जुर्माना

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​भारत में Apple iPhone की आपूर्ति में हो रही भारी कमी को रोकने के लिए कंपनी ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। Apple के आधिकारिक वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर्स) ने भारतीय मोबाइल फोन खुदरा विक्रेताओं (रिटेलर्स) को चेतावनी दी है कि यदि नए iPhone 17 सीरीज़ को खरीद के 90 दिनों के भीतर विदेशी SIM कार्ड का उपयोग करके सक्रिय (Activate) किया जाता है, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

​स्टोर कोड ब्लॉक करने की चेतावनी

​यह सख्त कदम आईफ़ोन को अवैध रूप से ग्रे मार्केट के माध्यम से उच्च लाभ वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेष रूप से रूस, अफ्रीका और मध्य पूर्व में निर्यात करने से रोकने के लिए उठाया गया है।

  • कड़ी कार्रवाई: जुर्माने की सटीक राशि स्पष्ट नहीं है, लेकिन Apple की नीतियों के अनुसार, उल्लंघन करने वाले खुदरा विक्रेता का स्टोर कोड ब्लॉक किया जा सकता है।
  • ग्रे मार्केट का प्रभाव: खुदरा विक्रेता भारत से बड़ी मात्रा में आईफ़ोन खरीदकर उन विदेशी बाजारों में भेज रहे हैं जहाँ लाभ मार्जिन अधिक है, जिससे भारत में आईफ़ोन की आपूर्ति में गंभीर कमी आ गई है।
​भारत में आईफोन की कमी और बढ़ी कीमतें

​ग्रे मार्केट में निर्यात के कारण भारतीय स्टोरों से iPhone 17 मॉडल तेजी से गायब हो रहे हैं। खास तौर पर 256GB और 512GB स्टोरेज वाले मॉडल्स की भारी कमी है।

  • कैशबैक में कटौती: ग्राहकों के लिए आईफ़ोन अब और महंगे हो गए हैं। Apple ने नई iPhone 17 सीरीज़ पर कैशबैक ऑफर को ₹6,000 से घटाकर मात्र ₹1,000 कर दिया है।
  • निर्यात मूल्य अधिक: भारत में iPhone 17 की कीमत ₹82,900 है, जबकि ग्रे मार्केट में इसका निर्यात मूल्य ₹88,500 तक पहुंच जाता है, जो खुदरा मूल्य से भी अधिक है।
​रूस है मुख्य गंतव्य

​रिपोर्ट के अनुसार, भारत से कुल आईफ़ोन निर्यात का 3 से 5 प्रतिशत अनौपचारिक माध्यमों से होता है, जिसमें से लगभग आधा हिस्सा अकेले रूस को जाता है। रूस में Apple ने यूक्रेन युद्ध के बाद अपना परिचालन बंद कर दिया था।

​अकेले अक्टूबर में ही, Apple का आईफ़ोन निर्यात 1.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत के कुल स्मार्टफोन निर्यात का एक-तिहाई है। इस भारी अनौपचारिक निर्यात पर लगाम कसने के लिए ही Apple ने यह कठोर ‘विदेशी सिम एक्टिवेशन’ नियम लागू किया है।

बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए Mutual Funds की चिल्ड्रन स्कीमें बनीं बेस्ट टूल, दे रहीं 15% तक दमदार रिटर्न

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​आज के दौर में बच्चों की शिक्षा और बड़े सपनों को पूरा करने की बढ़ती लागत को देखते हुए, उनके लिए एक मजबूत आर्थिक भविष्य तैयार करना हर माता-पिता के लिए प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने में म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) की चिल्ड्रन स्कीमें (Children’s Funds) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी हैं। ये स्कीमें लंबी अवधि में सालाना 15 फीसदी से भी अधिक का रिटर्न प्रदान कर रही हैं।

​अनुशासित निवेश और लचीलापन

​चिल्ड्रन स्कीमें अनुशासित निवेश का तरीका प्रदान करती हैं और लंबे समय में बेहतर ग्रोथ की संभावना रखती हैं। इन स्कीमों की एक प्रमुख विशेषता 5 साल का लॉक-इन पीरियड है, या फिर जब तक बच्चा बालिग (18 वर्ष) न हो जाए, जो भी पहले हो।

​ICICI प्रूडेंशियल चिल्ड्रन फंड का रिकॉर्ड

  • लंबा ट्रैक रिकॉर्ड: ICICI प्रूडेंशियल चिल्ड्रन फंड ने एक लंबा और भरोसेमंद रिकॉर्ड दिखाया है।
  • बदलता निवेश तरीका: इस योजना की खासियत इसका बदलते हालात के मुताबिक ढलने वाला निवेश तरीका है।
    • ​बाजार में अस्थिरता (Uncertainty) होने पर, यह फंड अपने निवेश का 35% तक डेट (Debt) में निवेश कर सकता है।
    • ​बाजार का माहौल अनुकूल होने पर, यह तेजी से वापस इक्विटी (Equity) में अपना योगदान बढ़ा सकता है।
​दमदार रिटर्न के आँकड़े (CAGR)

​इस फंड का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है:

विवरणनिवेश राशि अवधिकुल मूल्य CAGR रिटर्न
एकमुश्त निवेश (स्थापना के समय)₹10 लाख2001 से 2025₹3.3 करोड़15.58%
बेंचमार्क रिटर्न (इसी अवधि में)₹10 लाख₹2.12 करोड़13.46%
SIP निवेश (मासिक ₹10,000)₹29 लाख2001 से 2025₹2.2 करोड़

अन्य प्रमुख चिल्ड्रन प्लान्स का स्थापना से रिटर्न

चिल्ड्रन प्लान स्थापना से CAGR रिटर्न
आईसीआईसीआई 15.58%
टाटा12.87%
बिड़ला बाल भविष्य11.29%
यूटीआई10.42%
एक्सिस10.38%
जल्दी निवेश का बड़ा लाभ

​जल्दी निवेश शुरू करने से कम्पाउंडिंग (चक्रवृद्धि) का बड़ा लाभ मिलता है और मासिक निवेश की राशि कम हो जाती है।

लक्ष्यकब शुरू करे (बच्चों की उम्र)
₹50 लाख (18 साल की उम्र तक)जन्म के समय
₹50 लाख (18 साल की उम्र तक)6 साल की उम्र में

यह दिखाता है कि लक्ष्य समान होने पर भी, छह साल बाद निवेश शुरू करने पर मासिक किस्त लगभग ढाई गुना बढ़ जाती है।

दिल्ली में हैवानियत की हद: दुष्कर्म के बाद महिला को सड़क पर फेंका, आरोपी ई-रिक्शा चालक गिरफ्तार

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। मजनू का टीला क्षेत्र में एक महिला के साथ एक व्यक्ति ने पहले दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से मारपीट की। आरोपी ने क्रूरता की हद पार करते हुए पीड़िता को अर्धनग्न और बेसुध हालत में सड़क पर फेंक दिया।

​पीड़िता की हालत गंभीर: ट्रामा सेंटर में भर्ती

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पीड़िता को सड़क पर पाया गया तो उसके प्राइवेट अंगों से खून निकल रहा था और चेहरे पर गहरे घाव थे। उसे तत्काल महिला बस अड्डे के पास स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

स्थिति गंभीर: पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और वह अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। चेहरे पर गंभीर चोटों के कारण उसकी आंखों की रोशनी जाने की आशंका भी जताई जा रही है।

​पुलिस ने CCTV फुटेज से आरोपी को दबोचा

​उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान 36 वर्षीय कन्नू के रूप में हुई है, जो ई-रिक्शा चलाता है। पुलिस जांच में सामने आया कि कन्नू 22 नवंबर को महिला को अपने घर लाया था, जहां उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

  • घटनास्थल: आरोपी ने दुष्कर्म के बाद महिला को मजनू का टीला की झुग्गी बस्ती के पास एन-ब्लॉक, सड़क पर फेंक दिया।
  • जांच में तेजी: मजनू का टीला चौकी प्रभारी नवीन सिद्धू की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और फुटेज में महिला के साथ दिखाई दे रहे आरोपी कन्नू को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
​उल्टी करने पर की बेरहमी से पिटाई: आरोपी का कबूलनामा

​पुलिस पूछताछ में आरोपी कन्नू ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपी ने बताया कि महिला द्वारा उल्टी कर देने के कारण उसने गुस्से में महिला के साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की। सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

​फिलहाल पीड़िता के बयान का इंतजार है, जिसके बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

दिल्ली में वायु प्रदूषण का ‘गंभीर’ संकट: 50% कर्मचारी करेंगे Work From Home, निजी दफ्तरों पर भी सख्ती

​वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है। इसी के तहत, दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए सरकारी और निजी दोनों तरह के कार्यालयों के लिए 50% कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home – WFH) अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश पर्यावरण विभाग द्वारा सोमवार को जारी किया गया और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

​खतरनाक स्तर पर प्रदूषण: GRAP-3 के तहत लिया गया फैसला

​दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच बनी हुई है। PM 2.5 और PM 10 जैसे प्रदूषक लगातार सुरक्षा मानकों से ऊपर दर्ज किए जा रहे हैं। प्रदूषण के कारण दफ्तर आने-जाने वाली यात्रा को कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

  • सरकारी दफ्तर: सभी विभागाध्यक्ष और प्रशासनिक सचिव नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, लेकिन अन्य स्टाफ में से अधिकतम 50% ही कार्यालय आएंगे। आवश्यक/आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है।
  • निजी दफ्तर: दिल्ली के सभी निजी कार्यालयों के लिए भी 50% कर्मचारियों को WFH करना अनिवार्य होगा।

​आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट और डीसीपी को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छूट प्राप्त आवश्यक सेवाएं: अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं, फायर सर्विस, जेल, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, सफाई, और आपदा प्रबंधन जैसी आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।

​NCR में भी ‘जहरीली’ हवा: नोएडा और गाजियाबाद सबसे आगे

​दिल्ली के अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब है। सोमवार को दर्ज किए गए प्रमुख शहरों के AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) इस प्रकार रहे:

शहरAQIश्रेणी
हापुड़416गंभीर
नोएडा397बहुत खराब
गाजियाबाद396बहुत खराब
ग्रेटर नोएडा 382बहुत खराब
गुरुग्राम286खराब

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 382 रहा, जबकि 15 निगरानी केंद्रों पर यह 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी को दर्शाता है।

​नया खतरा: इथियोपिया के ज्वालामुखी की राख का गुबार

​प्रदूषण की स्थिति को और बिगाड़ने वाला एक नया संभावित खतरा भी सामने आया है। इथियोपिया के हायली गुब्बी ज्वालामुखी से निकली राख का गुबार दिल्ली-एनसीआर की ओर बढ़ रहा है। यह गुबार गुजरात के तट तक पहुंच चुका है। अगर यह राख दिल्ली की हवा में मिलती है, तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं।

मार्गशीर्ष माह में शुभ कार्यों का प्रारंभ — क्या करें, क्या न करें

🌞 आज का पंचांग 25 नवंबर 2025
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी | मंगलवार
विक्र​म संवत 2082 — शक संवत 1947 (विश्वावसु)
द्रिक तथा वैदिक ऋतु — हेमंत
📌 तिथि, नक्षत्र, योग, करण
● पंचमी तिथि: 24 Nov 09:22 PM – 25 Nov 10:57 PM
● षष्ठी तिथि: 25 Nov 10:57 PM – 27 Nov 12:02 AM
● नक्षत्र:
उत्तराषाढ़ा – 24 Nov 09:53 PM – 25 Nov 11:57 PM
श्रवण – 25 Nov 11:57 PM – 27 Nov 01:32 AM
● योग:
गण्ड – 24 Nov 12:36 PM – 25 Nov 12:49 PM
वृद्धि – 25 Nov 12:49 PM – 26 Nov 12:42 PM
● करण:
बव – 24 Nov 09:22 PM – 25 Nov 10:13 AM
बालव – 25 Nov 10:13 AM – 10:57 PM
कौलव – 25 Nov 10:57 PM – 26 Nov 11:34 AM
🌅 सूर्य और चंद्रमा
सूर्योदय: 6:51 AM
सूर्यास्त: 5:36 PM
चन्द्रोदय: 10:55 AM
चन्द्रास्त: 9:50 PM
सूर्य राशि: वृश्चिक
चंद्र राशि: मकर (पूरा दिन-रात)
🙏 आज का वार और पर्व
वार: मंगलवार
विशेष व्रत / पर्व: विवाह पंचमी
🕑 अशुभ काल (दैनिक पाप-काल)
राहुकाल: 2:55 PM – 4:15 PM
यमगण्ड: 9:32 AM – 10:53 AM
कुलिक: 12:13 PM – 1:34 PM
दुर्मुहूर्त:

  • 09:00 AM – 09:43 AM
  • 10:54 PM – 11:47 PM
    वर्ज्य:
    06:34 AM – 08:18 AM
    04:13 AM – 05:55 AM
    🌟 शुभ काल
    अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:35 PM
    अमृत काल: 5:23 PM – 7:07 PM
    ब्रह्म मुहूर्त: 05:15 AM – 06:04 AM
    🕰 दिन का चौघड़िया
    रोग — 06:51 AM – 08:12 AM
    उद्बेग — 08:12 AM – 09:32 AM
    चर — 09:32 AM – 10:53 AM
    लाभ — 10:53 AM – 12:13 PM
    अमृत — 12:13 PM – 01:34 PM
    काल — 01:34 PM – 02:55 PM
    शुभ — 02:55 PM – 04:15 PM
    रोग — 04:15 PM – 05:36 PM
    🌙 रात का चौघड़िया
    काल — 05:36 PM – 07:15 PM
    लाभ — 07:15 PM – 08:55 PM
    उद्बेग — 08:55 PM – 10:34 PM
    शुभ — 10:34 PM – 12:14 AM
    अमृत — 12:14 AM – 01:53 AM
    चर — 01:53 AM – 03:33 AM
    रोग — 03:33 AM – 05:12 AM
    काल — 05:12 AM – 06:52 AM
    🌙 चंद्रबल (26 Nov 06:52 AM तक)
    मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन राशियों के लिए चंद्रबल शुभ रहेगा।
    ✨ ताराबल
    25 Nov 11:57 PM तक शुभ नक्षत्र:
    भरणी, रोहिणी, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती
    उपरांत 26 Nov 06:52 AM तक:
    अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, आद्रा, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा
    🪔 सर्वार्थसिद्धि योग / अमृतसिद्धि योग
    आज वृद्धि योग के कारण कई कार्य शुभ फल देंगे।
    यात्रा, खरीदारी, शिक्षा, व्यवसाय और संबंधों में अनुकूलता बनी रहेगी।
    🧭 आज की यात्रा दिशा
    ● शुभ यात्रा दिशा: उत्तर व पश्चिम
    ● अशुभ यात्रा दिशा: दक्षिण (बहुत आवश्यक हो तभी प्रस्थान करें)
    उपाय:
    दक्षिण दिशा यात्रा से पहले गुड़ और घी खाकर निकलें, यात्रा शुभ होगी।
    🍀 आज क्या खाकर घर से निकलें?
    गुड़ + दही
    या
    एक चुटकी हल्दी मिला पानीयात्रा, व्यापार और महत्वपूर्ण काम सफल होंगे।
    🔱 आज का शुभ मंत्र (काम सिद्ध करने हेतु)
    “ॐ ह्रीं क्लीं नमः”
    इस मंत्र का 11 बार जप करने से अटके कार्य पूर्ण होते हैं।
    📌 Chandrashtama (अशुभ चंद्र प्रभाव)
    मृगशीर्ष (अंतिम 2 पद), आर्द्रा, पुनर्वसु (पहले 3 पद)
    इन नक्षत्र जातकों को सावधानी रखनी चाहिए।

जीवन में कुछ बनने के लिए विनम्र होना जरूरी- बीज को भी पेड़ बनने जमीन के नीचे दबना पड़ता है

गोंदिया- वैश्विक मानवीय जीवन छैली को अगर हम देखें तो आधुनिकता का भाव कूट-कूट कर भरा है। वर्तमान डिजिटलाइजेशन और वैज्ञानिक युग में वैश्विक स्तरपर पुरानी परंपराओं, पौराणिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों की सोच, आज वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक सोच ने इनका स्थान ग्रहण लिया है। स्थिति आज ऐसी हो गई है कि यदि कोई इन रीति-रिवाजों, मान्यताओं, पौराणिक धार्मिकता, पर अपनी बात करेगा तो उसे पुरानी सोच, दकियानूसी बातें, हो गया पुराना जमाना, कह कर हंसी का पात्र बना दिया जाता है।….बात अगर हम भारत की करें तो कुछ स्तर पर यहां भी ऐसी सोच पाश्चात्य देशों की तर्ज पर स्थापित होती जा रही है। परंतु यह भारतीय मिट्टी इसे सिरे से खारिज करने में अदृश्य अनमोल रोल अदा कर रहीं है।…बात अगर मानवीय गुणों की करें तो भारतीय मानवीय गुण विश्व में सर्वाधिक प्रसिद्ध है। मानवीय गुणों की श्रेष्ठता में भारत प्रथम रैंक में आएगा ऐसा मेरा मानना है। साथियों,, मानवीय गुणों में अनेक ज्ञानात्मक, क्रियात्मक, विचारात्मक, संस्कार, आत्मक गुण, शामिल होते हैं। हम आज विनम्रता गुण पर चर्चा करेंगे…साथियों,, मेरा मानना है कि भारतीय मिट्टी में विनम्रता का गुणा कूट-कूट कर भरा है। बस इसे ग्रहण करने की जरूरत है। विनम्रता गुण जिसने ग्रहण किया उसमें आध्यात्मिकता, सहिष्णुता की भावना, कर्मवाद, विश्वबंधुत्व उच्च संस्कार, आशावादिता, अतिथि देवो भव वाले विचार, स्वभावरूपी आभूषण, बहुमूल्य सिंगार, अपने आप समाहित हो जाते हैं।

ये भी पहे –ठंड ने लिया कोहरे का स्वरूप, तराई में बढ़ा शीतलहर का कहर

साथियों,,आज भारत में जन्मा प्रवासी भारतीय या मूल भारतीय व्यक्ति आज विश्व के कोने-कोने में अपनी एक विशेष उपस्थिति दर्ज कराते हुए मिलेगा। चाहे वह विदेशों में मजदूरी का काम करता है या किसी देश का संसद, उपराष्ट्रपति, उद्योगपति, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेशनल हो तो उसे उस देश के प्रशासक प्राथमिकता देगें क्योंकि वह अपेक्षाकृत अधिक मेहनती, विनम्र, और योग्य है। उसमें अनेक मानवीय गुण अपेक्षाकृत अधिक समाए हुए हैं और विनम्रता का भाव अधिक है इसीलिए उसका सम्मान होता है। और वह श्रेष्ठमानव की श्रेणी में आता है। विनम्रता के कारण मानव किसी को भी जल्दी संप्रेषण कर आसानी से उसे संतुष्ट कर सकता है। सभको अपना बना लेता है, समाज में श्रेष्ठस्थान पाता है। विनम्रता एक ऐसी खान है जिसमें सहनशीलता, दया, परोपकार, प्रसन्नता, प्यार, वाणी, सुव्यवहार, स्वभाव, आचरण, रूपी अनेक अस्त्र समाहित होते हैं जिससे कोई भी जंग जीतना आसान हो जाता है। क्योंकि उस खान में इतने अस्त्रों से सम्मानित व्यक्ति किसी भी जंग में हार नहीं सकता। इसलिए ही कहा गया है बिना मूल्य मनुष्य का बहुमूल्य आभूषण और शृंगार उसकी नम्रता का गुण है। साथियों,, अगर हम गंभीरता से देखें तो एक व्यक्ति के व्यक्तित्व को जानने की पहली सीढ़ी उसकी विनम्रता रूपी गुण होती है। तभी आगे व अन्य मानवीय गुणों को प्राप्त करेगा। आज के आधुनिक युग में मानवीय गुणों की विलोप्ता तेजी से बढ़ी है और धनबल का अस्तित्व बढ़ रहा है, परंतु यहां भारतीय संस्कार और भारत की मिट्टी अपना प्रभाव दिखाकर भारत में विनम्रता के विस्तार में अग्रसर है, क्योंकि व्यक्ति की परवरिश में परिवार के संस्कार और देश की संस्कृति का असर तो होता ही है। फलस्वरुप उसके व्यवहार में विनम्रता का गुण पनपता है, जिसका श्रेय ही भारत की मिट्टी, धरोहर को जाता है। विनम्रता एक ऐसा मानवीय गुण है जो धन बल से खरीदा नहीं जा सकता। विनम्रता का गुण बड़ी-बड़ी समस्याओं, विपत्तियों, विपरीत परिस्थितियों, दुखों, का निवारण इस विनम्रता रूपी अस्त्र से किया जा सकता है और अंतिम जीत विनम्रता की ही होती है। विनम्रता गुस्से, कटुता, की काट है। क्योंकि विनम्रता का पलड़ा अहंकार, गुस्से, और ज्ञान के पलड़े से भारी होता है। कोई व्यक्ति कितना भी शिक्षाप्रद, बड़ा अधिकारी, बड़ा मंत्री, क्यों ना हो विनम्रता के बिना उसका यह अस्तित्व व्यर्थ है, उसके सामने एक निरीह, अनपढ़, और विनम्रता से ओतप्रोत मानव सफल, सचेत, और मूल्यवान माना जाएगा और अंतिम जीत विनम्रता धारक व्यक्ति की ही होगी। साथियों,, जीवन तनावमुक्त, प्रेम, प्रसन्नता, सौदाहर्यता, जीवन में सुखशांति, रिश्तो में माधुर्यता प्राप्त करना है तो मानवीय गुणों के इस विनम्र भाव को अपनाना होगा, क्योंकि जीवन में कुछ करने के लिए विनम्र होना जरूरी है जैसे एक बीज को भी जमीन के नीचे दबना पड़ता है उसके बाद ही अंकुरित होकर विशालकाय पेड़ का स्वरूप लेता है। इसलिए ही वैश्विक मानवीय गुणों में एक विनम्रता, यह मानव जीवन का बहुमूल्य श्रृंगार और श्रेष्ठ गुणवत्ता अस्त्र है।
विनम्रता मानव आचरण का।
एक भाव है।।
जग को ऐसे मानव।
से लगाव है।।
भारत का नाम रोशन।
करने का भाव है।।

-संकलनकर्ता लेखक – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

ठंड ने लिया कोहरे का स्वरूप, तराई में बढ़ा शीतलहर का कहर

उत्तर भारत में मौसम का मिज़ाज लगातार बदल रहा है। बीते 24 घंटों में तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद ठंड ने कोहरे का स्वरूप ले लिया है। खासकर तराई क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप तेज़ हो गया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने से वाहनों की रफ्तार थम गई है, वहीं आम जनजीवन पर भी इसका व्यापक असर पड़ रहा है।
तराई में कोहरे से बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के तराई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। कई जगहों पर दृश्यता 20–30 मीटर तक पहुंच गई, जिसके कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
किसान वर्ग भी इस मौसम से प्रभावित है। सुबह की ठंड और धुंध के कारण खेतों में काम की गति धीमी पड़ी है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोहरा आगामी दिनों में और घना हो सकता है।
अन्य स्थानों पर भी बढ़ी ठंड
दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में भी तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज हुई है। सुबह और रात के समय सर्द हवाओं ने लोगों को कंपा दिया है। कई इलाकों में पारा 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

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राजधानी दिल्ली में हल्का कोहरा, परंतु ठंडी हवाओं के कारण “विंड-चिल इफेक्ट” तेज़ हुआ है। इससे महसूस होने वाला तापमान वास्तविक तापमान से 2–3 डिग्री कम बना हुआ है।
स्वास्थ्य पर असर, अस्पतालों में बढ़े मरीज
तेज़ ठंड से बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा-हृदय रोगियों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है। अस्पतालों में खांसी, जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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ट्रेन व रोड ट्रैफिक प्रभावित
घने कोहरे के कारण उत्तर भारत में रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है। सड़क मार्ग पर भी वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को फॉग लाइट के इस्तेमाल और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक ठंड और कोहरा दोनों बढ़ सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाएँ मैदानी इलाकों में तापमान को और नीचे ले जाएँगी। कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी भी जारी की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक यह स्थिति बनी रह सकती है, जिसके कारण आम जनता को ठंड से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

पम्पापुर से पहले हनुमान जी का दिव्य अध्याय — शक्ति, भक्ति और ज्ञान का अप्रतिम संगम

हनुमान जी का चरित्र भारतीय सनातन परंपरा में ऐसा दिव्य प्रकाश स्तंभ है, जिसकी आभा आज भी अनगिनत भक्तों के हृदय को आलोकित करती है। बाल्यकाल की सहज चपलता से लेकर असाधारण सामर्थ्य के प्राकट्य तक—हर प्रसंग हमें यह सिखाता है कि यदि उद्देश्य पवित्र हो और संकल्प दृढ़, तो देवत्व भी मनुष्य के भीतर जाग उठता है। पम्पापुर पहुँचने से पहले तक हनुमान जी की जीवन-यात्रा कई ऐसे अध्यायों से गुजरती है, जो केवल पौराणिक कथा नहीं, बल्कि जीवन-साधना की प्रेरणा बन जाते हैं।

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बाल्यकाल का दिव्य चमत्कार

हनुमान जी का जन्म स्वयं वायु देव के दिव्यांश से हुआ। जन्म क्षण से ही वह अद्भुत तेज के स्वामी थे। पौराणिक उल्लेखों के अनुसार बाल रूप में उन्होंने सूर्य देव को फल समझकर निगलने का प्रयास किया। इस प्रसंग ने देवताओं को भी विस्मित कर दिया। यहीं से उनके विराट स्वरूप का परिचय मिलता है—जहाँ मासूमियत में छिपा अनंत सामर्थ्य पहली बार जगत पर प्रकट हुआ।

देवताओं ने प्रसन्न होकर उन्हें असीम वरदान दिए—अपार बल, अतुल वेग, दिव्य बुद्धि और प्रज्ञा। इसी क्षण से हनुमान जी केवल वानर नहीं रहे; वे देवत्व के साक्षात प्रेरक स्वरूप बन गए।

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शाप की कहानी और आत्मशक्ति का पुनर्जागरण

बाल्यकाल की असाधारण शक्तियों के कारण ऋषिगणों ने उन्हें ‘विनम्रता का पाठ’ देने हेतु यह वर दिया कि वे अपनी शक्तियाँ तभी याद कर सकेंगे जब कोई महान उद्देश्य सामने हो—और कोई उन्हें याद दिलाए। यह प्रसंग हनुमान जी के जीवन का दार्शनिक आधार बन जाता है—असली सामर्थ्य भीतर ही होता है, बस उसे जागृत करने वाला कोई पवित्र आह्वान चाहिए।

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किशोरावस्था से युवावस्था : शिक्षा, साधना और दिव्यता

किष्किंधा क्षेत्र में हनुमान जी की शिक्षा—सूर्य देव के मार्गदर्शन में—उनके जीवन को ज्ञान और तप की दिशा प्रदान करती है। सूर्य देव ने उन्हें शास्त्र, वेद, आयुर्वेद, व्याकरण, खगोल और नीति का अद्भुत ज्ञान प्रदान किया। इस तरह हनुमान जी केवल बलवान योद्धा ही नहीं, बल्कि ज्ञान, नीति और कर्म–धर्म के अधिष्ठाता बनकर उभरते हैं।

उनकी विनम्रता, सेवा भावना और वानर समुदाय के प्रति समर्पण, बालि–सुग्रीव संघर्ष के समय और भी स्पष्ट हो जाती है। यहीं से उनका जीवन रामकथा के दिव्य केंद्र से जुड़ने लगता है।

सुग्रीव से मिलन—भाग्य की दिशा बदलने वाला प्रसंग

सुग्रीव और ऋष्यमूक पर्वत से जुड़ा प्रसंग हनुमान जी के जीवन का निर्णायक मोड़ है। सीता खोज की चिंता में भटके राम और लक्ष्मण, जब पहली बार हनुमान जी से मिले, तो हनुमान जी की विनम्र वाणी और उत्कृष्ट कूटनीति ने राम का हृदय जीत लिया। उस क्षण से वे केवल रामभक्त नहीं, बल्कि रामकार्यों के प्रधान सेनापति बन गए।

यह मिलन आगे चलकर पम्पापुर की पवित्र यात्रा का आधार बना—जहाँ हनुमान जी को अपनी ही सुप्त शक्तियों का पुनः स्मरण कराया जाना था।

पम्पापुर पहुँचने से पहले का आध्यात्मिक महत्व

पम्पापुर की यात्रा हनुमान जी के लिए केवल भूगोल नहीं, बल्कि आत्मबोध का मार्ग है। यहीं से वे अपने वास्तविक स्वरूप—‘महावीर’, ‘मारुतिनंदन’, ‘परम भक्ति स्वरूप’—के रूप में जागृत होते हैं। जाम्बवान द्वारा स्मरण कराए गए वरदानों ने उनकी सुप्त शक्तियों को पुनः जागृत किया और वे पहली बार अपने परम–ज्ञान, परम–बुद्धि और अपार–बल को पहचान सके।

यह क्षण केवल कथा का नहीं, बल्कि साधना का शिखर है—जब एक साधक स्वयं को पहचान लेता है, तब वह संसार के हर कार्य को संभव कर सकता है।हनुमान जी—भक्ति, शक्ति और त्याग का अद्वितीय संगम पम्पापुर से पहले का हर अध्याय हमें यही सिखाता है कि—शक्ति विनम्रता से महान बनती है भक्ति त्याग से पवित्र होती है।ज्ञान सेवा से उपजता है।और समर्पण ही व्यक्ति को दिव्यता तक पहुँचा देता है।हनुमान जी का चरित्र युगों से यही संदेश देता आया है—
“संकल्प पवित्र हो तो ईश्वर स्वयं मार्ग प्रशस्त कर देते हैं।”

हाई टेंशन विद्युत तार की चपेट मे आने से मजदूर झुलसा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)lसोमवार की दोपहर टेंट लगाते समय 11,000 वोल्टेज की हाईटेंशन तार की चपेट मे आने से एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया,स्थानीय लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज पहुंचाया, जहां से उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया गया।
सोमवार को मजदूर विजय कुमार राजभर 30, पुत्र राम प्रसाद राजभर ग्राम मोहाव स्थित काली मंदिर के पीछे टेंट लगा रहे थे, कि टेंट के पाइप के पास से गुजरी हाईटेंशन विद्युत तार कि चपेट मे आगये जिससे उनके हाथ , पैर, मुंह झुलस गया और वह नीचे गिर गया ।
अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सिंह ने बताया कि यदि स्थानीय अधिकारी का फोन नहीं उठाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह गौतम से जानकारी करने के लिए बार-बार सम्पर्क किया गया लेकिन उनसे वार्ता नहीं हो पाई।

नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें बढ़ी: हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज

गिरफ्तारी की तैयारी तेज

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। चर्चित लोकगायिका नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने उन्हें पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन वह बार-बार बीमारी का हवाला देकर पेश नहीं हुईं और न ही अपना बयान दर्ज कराया।
इसी बीच हजरतगंज पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि टीम लगातार नेहा के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई और तेज कर दी गई है।

महिला कल्याण निगम की अध्यक्षा कमलावती सिंह ने की समीक्षा, कन्या जन्मोत्सव में माताओं को किया सम्मानित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम की अध्यक्षा कमलावती सिंह ने सोमवार को जनपद में विभागीय समीक्षा बैठक, वृक्षारोपण, कन्या जन्मोत्सव एवं वन स्टॉप सेंटर की पीड़िताओं से मुलाकात कर विभिन्न गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया।
निरीक्षण गृह (सर्किट हाउस) खलीलाबाद में आयोजित समीक्षा बैठक में महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, श्रम विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा महिलाओं से संबंधित संचालित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके बाद परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।
वन स्टॉप सेंटर में 7 नवजात कन्याओं के जन्मोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें अध्यक्षा द्वारा शॉल, बेबी किट, मिष्ठान और फल प्रदान कर कन्या को जन्म देने वाली माताओं का सम्मान किया गया। सम्मानित परिवारों में कृष्णा कुमारी पत्नी विवेक राय (तामा, खलीलाबाद), अर्चना पत्नी प्रेम चन्द्र (खलीलाबाद), संजना उपाध्याय पत्नी दीपक उपाध्याय (खलीलाबाद), सीमा पत्नी विनोद (बघौली), परमावती पत्नी यशवन्त (नाथ नगर), मुस्कान पत्नी कुनाल (खलीलाबाद) और नीलम पत्नी सुधाकर (खलीलाबाद) शामिल रहीं। इस दौरान अल्पावास गृह में संरक्षित बालिकाओं से भी उनका हाल-चाल पूछा गया और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली गई।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी, श्रम विभाग के कनिष्ठ सहायक, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट मिशन को-ऑर्डिनेटर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उपेक्षित मोहन सेतु को लेकर विफरे कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह

बुधवार को मोहन सेतु निर्माण को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह मोहन सेतु अप्रोच मार्ग के पास करेंगे एक दिवसीय धरना

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l सोमवार की दोपहर बरहज स्थित लाजपत भवन पर कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह ने मोहन सेतु निर्माण की ढुल मूल प्रक्रिया को लेकर प्रेस वार्ता कर बताया कि दो जनपदों को जोड़ने वाला मोहन सेतु सरकार की उपेछा का शिकार हो अपनी दुर्दशा को कोष रहा है उस पार व इस पार के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रवि प्रताप सिंह ने बताया की बरहज ब्रिटिश सरकार के समय से ही व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है लेकिन धीरे-धीरे यहां का ऐतिहासिक व व्यापारिक अस्तित्व समाप्त हो जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब यहां से पानी के जहाज एवं रेलवें, दोनों साधनों से व्यापार होता था, लेकिन आज अपनी व्यापारिक अस्तित्व को खोता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल भारत और विकसित भारत का सपना देखने वाला उत्तर प्रदेश का मोहन सेतु उपेक्षा का शिकार हो गया है। दो जनपदों को जोड़ने वाला मोहन सेतु जिसका निर्माण कार्य 2013 से शुरू हुआ, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह निर्माणाधीन हैं।उन्होंने बरहज रेलवे स्टेशन के कायाकल्प एवं पिने के पानी व शौचालय, बस स्टैंड सहित अन्य मुद्दों को उठाते हुए कहाँ कि क्षेत्र की जनसमुदाय की समस्या के लिए 26 नवंबर बुधवार को मोहन सेतु एप्रोच मोड पर क्षेत्र की जनता के साथ एकदिवसीय धरना करेंगे। इसके बाद भी यदि कोई संतोषजनक हल नहीं निकलता है तो दियारा क्षेत्र एवं आसपास के लोगों के साथ पदयात्रा कर सरकार को तबतक जगाते रहेंगे जब तक की पुल का निर्माण नहीं हो जाता।