Sunday, June 28, 2026
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जानें कौन राशि चमकेगी और कौन सतर्क रहे

🌟 10 दिसंबर 2025 का विस्तृत राशिफल

(आज का राशिफल – पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय)

मेष (Aries)
अक्षर : चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो•
कार्य/व्यवसाय – आज आत्मविश्वास ऊँचाई पर रहेगा। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। नए प्रोजेक्ट और अवसर सामने आएंगे।
शिक्षा क्षेत्र – विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ेगी। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के योग।
कला/संगीत – रचनात्मक लोगों को पहचान मिलने का समय।
राजनीति – आपकी बात का प्रभाव रहेगा, जनसमर्थन मिलता दिखेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र – निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी, कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति – आय में वृद्धि, पुराना धन लौटने के संकेत।
शुभ रंग – लाल
शुभ अंक – 9
शुभ देवता – हनुमान जी

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♉ वृषभ (Taurus)
अक्षर : ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो• कार्य/व्यवसाय – शान्त स्वभाव के कारण कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा। स्थिर लाभ मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र – पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी, प्रदर्शन अच्छा रहेगा।
कला/संगीत – रचनात्मक काम को सराहना मिलेगी।
राजनीति – बड़े नेताओं से मेलजोल बढ़ेगा, लाभप्रद संबंध बनेंगे।
प्रशासनिक क्षेत्र – अधिकारी आपकी विनम्रता से प्रभावित होंगे।
आर्थिक स्थिति – आय में सुधार, परिवार में नए सदस्य के शुभ संकेत।
शुभ रंग – सफेद
शुभ अंक – 6
शुभ देवता – लक्ष्मी माता

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मिथुन (Gemini)
अक्षर : का, की, कु, घ, छ, के, को•
कार्य/व्यवसाय – आपकी सकारात्मक सोच और योजनाएँ सफलता देंगी।
शिक्षा क्षेत्र – विद्यार्थियों के लिए दिन बेहतर, नए अवसर मिलेंगे।
कला/संगीत – क्रिएटिव लोग बड़ी उपलब्धि पा सकते हैं।
राजनीति – भाषण कौशल व संचार क्षमता से आप लोगों को प्रभावित करेंगे।
प्रशासनिक क्षेत्र – कार्यों में तेजी रहेगी, उच्च अधिकारियों का साथ मिलेगा।
आर्थिक स्थिति – लाभ के मजबूत योग।
शुभ रंग – हरा
शुभ अंक – 5
शुभ देवता – माँ सरस्वती

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कर्क (Cancer)
अक्षर : ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो•
कार्य/व्यवसाय – खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी जरूरी।
शिक्षा क्षेत्र – पढ़ाई में थोड़ी अनियमितता महसूस हो सकती है।
कला/संगीत – मन विचलित होने से रचनात्मकता कम हो सकती है।
राजनीति – विरोधी सक्रिय होंगे, सतर्क रहें।
प्रशासनिक क्षेत्र – अनावश्यक दबाव महसूस हो सकता है।
आर्थिक स्थिति – आवश्यक खर्च ही करें, कर्ज से बचें।
शुभ रंग – क्रीम
शुभ अंक – 2
शुभ देवता – शिव जी

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सिंह (Leo)
अक्षर : मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे•
कार्य/व्यवसाय – रुका हुआ पैसा मिलने के योग, नई आय स्रोत बनेंगे।
शिक्षा क्षेत्र – प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता संभव।
कला/संगीत – मंच व प्रदर्शन क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि।
राजनीति – आपका प्रभाव बढ़ेगा, समर्थक जुड़ेंगे।
प्रशासनिक क्षेत्र – पदोन्नति या सम्मान की संभावना।
आर्थिक स्थिति – आर्थिक स्थिति मजबूत।
शुभ रंग – सुनहरा
शुभ अंक – 1
शुभ देवता – सूर्य देव (जल चढ़ाना अत्यंत शुभ)

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♍ कन्या (Virgo)
अक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो•
कार्य/व्यवसाय – शत्रु शांत रहेंगे, कार्य सुगमता से होंगे।
शिक्षा क्षेत्र – पढ़ाई में मन लगेगा, उच्च शिक्षा के लिए समय बेहतर।
कला/संगीत – नए कौशल सीखने का अवसर।
राजनीति – वरिष्ठों से सहयोग, सम्मान में वृद्धि।
प्रशासनिक क्षेत्र – महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं।
आर्थिक स्थिति – धन लाभ के योग, परंतु जोखिम से बचें।
शुभ रंग – हरा
शुभ अंक – 3
शुभ देवता – विष्णु जी

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तुला (Libra)
अक्षर : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते•
कार्य/व्यवसाय – प्रोफेशनल स्तर पर बड़ी सफलता। कोर्ट-कचहरी में जीत का योग।
शिक्षा क्षेत्र – विद्यार्थियों को विशेष उपलब्धि मिलेगी।
कला/संगीत – कला क्षेत्र में नए अवसर।
राजनीति – बड़े राजनीतिक चेहरों से सहयोग—पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
प्रशासनिक क्षेत्र – अधिकारियों का आशीर्वाद, कार्य पूर्ण होंगे।
आर्थिक स्थिति – स्थिरता और लाभ दोनों।
शुभ रंग – आसमानी
शुभ अंक – 7
शुभ देवता – दुर्गा माता

वृश्चिक (Scorpio)
अक्षर : तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू•
कार्य/व्यवसाय – विद्यार्थियों, लेखकों, कवियों के लिए श्रेष्ठ समय।
शिक्षा क्षेत्र – पढ़ाई में विशेष सफलता।
कला/संगीत – क्रिएटिव काम में शानदार प्रदर्शन।
राजनीति – नए समर्थक जुड़ेंगे, योजनाएँ सफल होंगी।
प्रशासनिक क्षेत्र – मेहनत रंग लाएगी, परिणाम सकारात्मक।
आर्थिक स्थिति – स्थिति स्थिर और लाभकारी।
शुभ रंग – मरून
शुभ अंक – 4
शुभ देवता – काल भैरव

धनु (Sagittarius)
अक्षर : ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे•
कार्य/व्यवसाय – पुराने तनाव खत्म, काम में तेजी।
शिक्षा क्षेत्र – विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय।
कला/संगीत – नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना।
राजनीति – विरोध खत्म, सम्मान बढ़ेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र – पद और कार्य स्थिर, प्रगति के योग।
आर्थिक स्थिति – आय बढ़ेगी, आर्थिक मजबूती मिलेगी।
शुभ रंग – पीला
शुभ अंक – 3
शुभ देवता – बृहस्पति देव

मकर (Capricorn)
अक्षर : भो, जा, जी, खू, खा, खी, खो, गा, गी•
कार्य/व्यवसाय – जोखिम न लें, सतर्क रहें।
शिक्षा क्षेत्र – थोड़ा ध्यान भटक सकता है।
कला/संगीत – रचनात्मकता स्थिर परंतु बढ़ेगी।
राजनीति – विरोध बढ़ सकता है, संयम जरूरी।
प्रशासनिक क्षेत्र – सतर्कता से कार्य सफल होंगे।
आर्थिक स्थिति – सामान्य वृद्धि, अनावश्यक खर्च से बचें।
शुभ रंग – नीला
शुभ अंक – 8
शुभ देवता – शनिदेव

कुंभ (Aquarius)
अक्षर : गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
कार्य/व्यवसाय – रोजगार व व्यापार में तरक्की।
शिक्षा क्षेत्र – प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभदायक समय।
कला/संगीत – आपका काम लोगों को प्रभावित करेगा।
राजनीति – लोकप्रियता बढ़ेगी, नया पद मिल सकता है।
प्रशासनिक क्षेत्र – उच्च अधिकारियों का सहयोग।
आर्थिक स्थिति – लाभ तथा स्थिरता दोनों रहेंगी।
शुभ रंग – बैंगनी
शुभ अंक – 4
शुभ देवता – शनि-गणेश पूजा शुभ

मीन (Pisces)
अक्षर : दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची•
कार्य/व्यवसाय – भूमि, भवन, वाहन लाभ के योग।
शिक्षा क्षेत्र – अध्ययन में प्रगति, ध्यान केंद्रित रहेगा।
कला/संगीत – कलाकारों को नया मंच या पहचान।
राजनीति – परिवारिक विवाद दूर हों, तो सफलता मिलेगी।
प्रशासनिक क्षेत्र – कार्य सुचारु रूप से पूर्ण होंगे।
आर्थिक स्थिति – धन लाभ और नई सुविधाएँ बढ़ेंगी।
शुभ रंग – हल्का पीला
शुभ अंक – 7
शुभ देवता – श्री गणेश

नोट – इस ज्योतिषीय विश्लेषण को “राष्ट्र की परम्परा” प्रमाणित नहीं करता। अपनी जन्मकुंडली किसी विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएँ।

जो अमेरिका से करें प्यार, वे डॉलर से कैसे करें इंकार

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व्यंग्य-आलेख संजय पराते

डॉलर चढ़ रहा है और रुपया लुढ़क रहा है। रूपये के चढ़ने से डॉलर लुढ़के या न लुढ़के, लेकिन अर्थशास्त्र की भाषा में, डॉलर के चढ़ने का अर्थ ही रुपए का लुढ़कना होता है। तो मित्रों, आज की बासी खबर यह है कि डॉलर चढ़ रहा है और रुपया लुढ़क रहा है। पिछले 11 साल से रुपया लुढ़क रहा है। मोदी सरकार की पूरी कोशिश के बावजूद, रुपया लुढ़क रहा है। पिछले 11 सालों में आया ऐसा कोई दिन याद नहीं आता, जब रुपया लुढ़कने की बजाय चढ़ा हो। लुढ़कते-लुढ़कते उसने 90 की सीमा पार कर ली है। अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि फिलहाल तो इसे ही अच्छे दिन मानो भाई, और उन दुर्दिनों की कल्पना करो, जब यह लुढ़कते-लुढ़कते 100 की सीमा पार कर जाएगा।

2013-14 की बात है। उस समय प्रधानमंत्री कोई मौन-से व्यक्ति मनमोहन सिंह थे। रुपया तब भी लुढ़क रहा था। लुढ़कते-लुढ़कते 58 की सीमा पार कर गया था। बड़ी किरकिरी हो रही थी, लेकिन न डॉलर को दया आई और न रुपये को। न डॉलर ने चढ़ना बंद किया, न रूपया ने लुढ़कना। हां, इन-कमिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जरूर चढ़ बैठे। उनका आरोप था, रुपया अस्पताल में है, आईसीयू में भर्ती है। जनता ने रुपया को आईसीयू से निकालने के लिए पूरा जोर लगा दिया, क्योंकि रुपया देश की ईज्जत का प्रतीक है। रूपये का लुढ़कना देश की ईज्जत का गिरना था, देश की ईज्जत का गिरना जनता के स्वाभिमान का मिट्टी में मिलना था। पाकिस्तान को मिट्टी में मिलाने वाली जनता को यह स्वीकार नहीं था। रूपये को बचाने की खातिर उन्होंने मनमोहन को लुढ़का दिया। मोदी सत्ता में चढ़ गए, लेकिन रुपए का लुढ़कना जारी रहा।

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यूपीएससी परीक्षा में एक प्रश्न पूछा जा सकता है : यदि 2014 में डॉलर की कीमत 58 रुपए थी और आज 2025 में 90 रुपए है, तो देश कितने प्रतिशत गिरा? सभी स्मार्ट छात्र तुरंत गुणा-भाग कर लेंगे : 55.17 प्रतिशत। कुछ उनसे भी ज्यादा होशियार होंगे और बिना पूछे बता देंगे : मोदी राज में औसतन 5 प्रतिशत हर साल। विपक्ष चिल्लाना शुरू कर देगा : देश की ईज्जत हर साल 5 प्रतिशत गिर रही है और धन कुबेरों की दौलत 10 गुना बढ़ गई है। देश की ईज्जत गिरने की दर की तुलना वे एनपीए के बढ़ने की दर, किसानों और मजदूरों की आत्महत्या के बढ़ने की दर से भी करने लगेंगे और कहेंगे : यह विकास नहीं, विनाश है।

मोदीजी कहेंगे : शटअप, ड्रामेबाजी नहीं, डिलीवर कीजिए। वैसी ही डिलीवरी दीजिए, जैसा अडानी-अंबानी-टाटा चाहते हैं। फिर यह सवाल ही नहीं होगा कि उनकी संपत्ति कितनी बढ़ी है और किसकी गिरी है? ऐसी डिलीवरी देंगे, तो फिर आप रूपये का लुढ़कना नहीं, डॉलर का चढ़ना देखेंगे। डॉलर आज वैश्विक करेंसी है। डॉलर के चढ़ने में देश की ईज्जत का चढ़ना दिखेगा, गिरना नहीं। ड्रामा सांस्कृतिक व्यवहार है और हमारे कॉरपोरेटों को इसमें कोई रुचि नहीं है। देश का विकास संस्कृति से नहीं, दौलत से होता है और हम 4 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को पार करने जा रहे हैं। विपक्ष संसद में फिर “हाय हाय” चिल्लाएगा, सदन का बहिष्कार करेगा और मोदीजी विधेयकों को आसानी से कानून का रूप दे देंगे।

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गणितीय मनोरंजन के लिए क्विज में एक सवाल पूछा गया : यदि मोदी राज के 11 सालों में रुपए की इज्जत 55 प्रतिशत गिरी, तो यह कब तक मटियामेट हो सकता है? मनोरंजन के नाम पर कई दिलचस्प उत्तर मिलने की गुंजाइश थी और मिले। जैसे एक समूह ने शुद्ध गुणा-भाग करके बताया : ठीक 2035 तक। दूसरे समूह ने बताया : यह हड़बड़ी वाला उत्तर है। हम सही है, सन 2047 तक। मोदीजी ने यही समय सीमा तय की है देश को विकसित राष्ट्र बनाने की। एक विकसित राष्ट्र में रूपये का क्या काम? हर नागरिक के हाथ में डॉलर होंगे और डॉलर के कब्जे में हमारा रुपया। यही अमृतकाल से आगे का विकास होगा। तीसरे समूह से आवाज आई : न रूपये की कीमत गिरेगी और न देश इज्जत मटियामेट होगी, क्योंकि 2047 तक न मोदी रहेंगे, न भाजपा रहेगी। रहेगा तो केवल रुपया और देश, जो गर्व से सीना ताने अपनी सौवीं आजादी मना रहा होगा।

150वीं सालगिरह पर संसद में ‘वंदे मातरम’ पर बहस हो रही है। रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू से लेकर वे सब कटघरे में खड़े हैं, जिन्होंने तिरंगा हाथ में लेकर ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाया था और अनगिनत इस नारे को अपने होंठों में लिए फांसी के फंदे पर चढ़ गए। वे सब आज ‘साहूकार’ बन गए हैं, जिनकी जुबान पर ‘वंदे मातरम’ आता नहीं था और जो ‘नमस्ते सदा वत्सले’ गाते हुए, अंग्रेजों के चरण चूम रहे थे और माफीनामे भिजवा रहे थे और मुस्लिम लीग के साथ मिलकर प्रांतीय सरकारें चला रहे थे। जिन्होंने इस देश के विभाजन की नींव रखी, आज वे ही अखंड भारत के सबसे बड़े उदघोषक हैं। हिंदुस्तान को खंड-खंड करके वे आज लोगों को अखंड भारत का सपना परोस रहे हैं।

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यदि अंग्रेजपरस्त आज सबसे बड़े देशभक्त हैं, तो मानना चाहिए कि देशभक्ति आज सबसे बड़ा व्यापार-कर्म है। जिनके खून में व्यापार हो, उनके व्यापार में डॉलर ही होगा। मुनाफा भी डॉलर में ही कूटा जायेगा। रुपया जितना गिरेगा, मुनाफा उतना ही बढ़ेगा। फिर रुपए का लुढ़कना/गिरना कौन देखता है? जो देख रहे हैं, वे राम द्रोही हैं, राष्ट्र द्रोही हैं, राष्ट्र विरोधी हैं। जो अमेरिका से करें प्यार, वे डॉलर की चढ़ाई से कैसे करें इंकार! रूपये को गिराना और डॉलर को चढ़ाना आज देशभक्ति की सबसे बड़ी मिसाल है। खबरदार, जो कोई आड़े आए इस देशभक्ति के!

बदलते समय की दास्तान: 10 दिसंबर के क्रांतिकारी क्षण

✨ इतिहास के पन्नों में 10 दिसंबर—दुनिया को बदल देने वाली घटनाओं की अनसुनी दास्तान ✨

10 दिसंबर का दिन विश्व इतिहास में कई अहम बदलावों, राजनीतिक उथल-पुथल, क्रांतिकारी फैसलों और उपलब्धियों से भरा हुआ है। इस दिन घटित घटनाओं ने न सिर्फ देशों की दिशा बदली, बल्कि मानव सभ्यता को नई सोच, नई नीतियों और नए संघर्षों की ओर अग्रसर किया। आइए, जानते हैं 10 दिसंबर को घटी वे प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ, जिन्होंने दुनिया की तस्वीर बदल दी।

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🔹 2013 – उरुग्वे बना मारिजुआना को वैध बनाने वाला विश्व का पहला देश

दुनिया में पहली बार किसी सरकार ने मादक पदार्थ मारिजुआना के उत्पादन, बिक्री और उपयोग को कानूनी दर्जा दिया। उरुग्वे की इस साहसिक नीति का उद्देश्य नशे के काले बाजार को खत्म करना और इसके नियंत्रण को राज्य व्यवस्था के तहत लाना था। यह कदम वैश्विक स्तर पर ड्रग नीतियों पर पुनर्विचार के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत साबित हुआ।

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🔹 2007 – पाकिस्तान की राजनीति में उथल-पुथल, मुशर्रफ ने तीन जज नियुक्त किए

संकटग्रस्त दौर से गुजर रहे पाकिस्तान में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ ने सर्वोच्च न्यायालय में तीन जजों की नियुक्ति करके न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच टकराव को और बढ़ा दिया। इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक बड़ा हस्तक्षेप माना गया और पाकिस्तान की राजनीति लंबे समय तक इससे प्रभावित रही।

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🔹 2006 – चिली के तानाशाह ऑगस्तो पिनोशे का निधन

चिली के पूर्व सैन्य तानाशाह पिनोशे, जिनके शासनकाल में मानवाधिकार हनन के गंभीर आरोप लगे, का 91 वर्ष की आयु में सैंटियागो में निधन हुआ। उनकी मृत्यु एक ऐसे अध्याय का अंत थी, जिसने लैटिन अमेरिका की राजनीति और मानवाधिकार आंदोलनों पर गहरा असर डाला।

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🔹 2005 – कज़ाकिस्तान में नूर सुल्तान नजरबायेव पुनः राष्ट्रपति चुने गए

कज़ाकिस्तान के ऐतिहासिक चुनाव में नजरबायेव भारी बहुमत से दोबारा राष्ट्रपति बने। उनके पुनर्निर्वाचन ने देश में राजनीतिक स्थिरता को मजबूती दी, हालांकि विपक्ष ने चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। यह मध्य एशिया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना थी।

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🔹 2004 – अनिल कुंबले भारत के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज़ बने

ढाका टेस्ट में कपिल देव को पीछे छोड़ते हुए अनिल कुंबले टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज़ बने। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास का गौरवशाली क्षण थी और कुंबले को महान स्पिनरों की श्रेणी में स्थापित करती है।

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🔹 2003 – श्रीलंका में सत्ता संघर्ष, वार्ता विफल

कोलंबो में राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की बातचीत के विफल होने से देश में राजनीतिक संकट और बढ़ गया। यह स्थिति तमिल संघर्ष के समाधान को और पेचीदा बनाती चली गई।

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🔹 2002 – यूनाइटेड एयरलाइंस दिवालिया घोषित

अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन ने वित्तीय संकट के चलते दिवालिया होने की घोषणा की। 9/11 के बाद विमानन उद्योग में आई भारी गिरावट ने इस निर्णय को और अनिवार्य बना दिया था।

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🔹 2000 – नवाज शरीफ का सऊदी अरब निर्वासन

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को परिवार सहित दस वर्षों के लिए देश से निर्वासित कर दिया गया। यह कदम पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था में भारी उथल-पुथल और सैन्य शासन की कठोरता का उदाहरण था।

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🔹 1999 – संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी फंडिंग को आर्थिक अपराध माना

दुनिया में बढ़ते आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराना एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध घोषित किया। यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई की दिशा में एक निर्णायक पहल थी।

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🔹 1998 – अमर्त्य सेन को मिला नोबेल पुरस्कार

भारत की शान, अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को स्टॉकहोम में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। सामाजिक न्याय, गरीबी और कल्याणकारी अर्थव्यवस्था के उनके सिद्धांतों ने वैश्विक आर्थिक सोच को दिशा दी।

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🔹 1994 – यासिर अराफात और दो इस्राइली नेताओं को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

मध्य-पूर्व में शांति की पहल के तहत यासिर अराफात, यित्झाक राबिन और शिमोन पेरेज को संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया। यह विश्व इतिहास में एक ऐसा क्षण था जिसने इज़राइल-पैलेस्टाइन संघर्ष के समाधान की उम्मीद जगाई।

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🔹 1963 – जंजीबार की ब्रिटेन से स्वतंत्रता

अफ्रीकी द्वीप राष्ट्र जंजीबार ने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाई। यह स्वतंत्रता पूर्वी अफ्रीका की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत थी जो बाद में तंज़ानिया का हिस्सा बना।

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🔹 1961 – सोवियत संघ और अल्बानिया के रिश्ते खत्म

कम्युनिस्ट गुट में बढ़ते वैचारिक मतभेदों के बीच सोवियत संघ ने अल्बानिया से राजनयिक संबंध समाप्त कर दिए। यह शीत युद्ध के दौरान कम्युनिस्ट देशों में बढ़ते विभाजन का महत्वपूर्ण संकेत था।

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🔹 1947 – सोवियत संघ और चेकोस्लोवाकिया के बीच व्यापार समझौता

इस समझौते ने पूर्वी यूरोप में व्यापार संबंधों को मजबूती दी और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद क्षेत्रीय आर्थिक पुनर्गठन में अहम भूमिका निभाई।

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🔹 1936 – भारत का चिकित्सा दल चीन-जापान युद्ध में मदद को पहुँचा

भारत से भेजे गए चिकित्सा सहायता दल ने चीन-जापान युद्ध में घायल सैनिकों और नागरिकों की मदद की। यह अंतरराष्ट्रीय मानवता की दिशा में भारत के योगदान का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

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🔹 1903 – पियरे और मैरी क्यूरी को मिला नोबेल पुरस्कार

विकिरण पर उनके क्रांतिकारी शोध के लिए दोनों को संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया। यह खोज वैज्ञानिक इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जाती है।

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🔹 1902 – तस्मानिया में महिलाओं को मताधिकार प्राप्त

महिलाओं को वोट देने का अधिकार प्रदान करना दुनिया में महिला अधिकार आंदोलन की जीत का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, जिसने वैश्विक लोकतंत्र को और व्यापक बनाया।

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🔹 1887 – यूरोप के चार देशों के बीच बाल्कन सैन्य समझौता

ऑस्ट्रिया, हंगरी, इटली और ब्रिटेन के बीच हुए इस सैन्य समझौते ने यूरोप की कूटनीति और भू-राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया।

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🔹 1582 – फ्रांस ने ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू किया

ग्रेगोरियन कैलेंडर का अंगीकरण दुनिया भर में समय गणना की आधुनिक प्रणाली की ओर बढ़ने का एक निर्णायक कदम था, जिसे बाद में अधिकांश देशों ने अपनाया।

दो बच्चों की मां प्रेमी संग लापता, पति ने पुलिस से लगाई गुहार

हापुड़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले में एक परिवार उस समय सदमे में आ गया जब दो बच्चों की मां अचानक घर से लापता हो गई। पति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी मोहल्ले के एक युवक के साथ घर से रुपये और जेवर लेकर चली गई है। पत्नी की खोज में असफल रहने पर पति ने पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

मामला हापुड़ थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां महिला के अचानक घर छोड़ने से पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। पति का कहना है कि उनकी शादी को 18 वर्ष हो चुके हैं और दोनों के दो छोटे बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी 80 हजार रुपये नकद और कीमती जेवर लेकर घर से गायब हो गई है।

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पति ने बताया कि उसने अपनी पत्नी को हर संभव जगह तलाशा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद वह मंगलवार को एसपी हापुड़ के पास पहुंचा और एक लिखित तहरीर देकर पत्नी को ढूंढने की मांग की। पति ने अधिकारियों को बताया कि अचानक पत्नी के जाने से दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह उसके कंधों पर आ गई है, और पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।

पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, महिला के लापता होने से गांव में चर्चा का माहौल है और लोग पुलिस की जांच का इंतजार कर रहे हैं ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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महिला वित्तीय सशक्तिकरण कार्यशाला वाराणसी में आयोजित, पूर्वोत्तर रेलवे और कौशल विकास संगठन की संयुक्त पहल

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल और कौशल विकास संगठन के संयुक्त तत्वावधान में महिला वित्तीय सशक्तिकरण कार्यशाला वाराणसी का सफल आयोजन न्यू लोको कॉलोनी स्थित इन्द्रप्रस्थ सामुदायिक हाल में किया गया। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन की प्रेरणा और वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय जागरूकता, वित्तीय सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के बारे में शिक्षित करना है।

कार्यशाला का पहला सत्र महिला वित्तीय सशक्तीकरण कार्यक्रम पर आधारित था, जिसमें प्रतिभागियों को व्यक्तिगत वित्तीय मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार महिलाएँ अपनी आय, बचत और निवेश को सुव्यवस्थित कर दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही प्रतिभागियों को परिसंपत्तियों की सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और आर्थिक योजना बनाने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी भी दी गई। इस सत्र का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना तथा उन्हें अपने आर्थिक लक्ष्यों की दिशा में मजबूत बनाना था।

दूसरा सत्र धन जागरूकता कार्यक्रम पर केंद्रित रहा, जिसमें प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता, आय प्रबंधन, बजट निर्माण और संपत्ति सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि सही वित्तीय योजना न केवल वर्तमान को सुरक्षित बनाती है बल्कि भविष्य के लिए भी आर्थिक मजबूती प्रदान करती है। इस सत्र का लक्ष्य था—महिलाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना ताकि वे परिवार और समाज में मजबूत भूमिका निभा सकें।

पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने वित्तीय योजना, निवेश विकल्पों और सुरक्षित आर्थिक भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तृत समाधान दिया। इस प्रकार महिला वित्तीय सशक्तिकरण कार्यशाला वाराणसी महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

पीपा पुल देवरिया न लगने से ग्रामीणों में रोष, 15 दिन में समाधान नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सरयू नदी पर पीपा पुल देवरिया न लगाए जाने से नाराज दियरावासी ग्रामीणों ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर पुल नहीं लगाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लंबे समय से पीपा पुल समय पर न लगने से ग्रामीणों को आवागमन, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष 15 नवंबर तक पीपा पुल देवरिया लग जाता था, जिससे हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही सुगमता से होती थी। लेकिन इस बार लोक निर्माण विभाग की “निष्क्रियता” के कारण न तो पुल लगाया गया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था सुदृढ़ की गई।

विशुनपुर देवार ग्राम प्रधान ओमप्रकाश यादव ने बताया कि पुल न लगने से दूध व्यवसायियों को प्रतिदिन भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मरीजों को देर रात आपात स्थिति में अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि दियरावासी सिर्फ समय पर मिलने वाली मूलभूत सुविधा की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीण छोटेलाल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से दो नावें चलाई जाती हैं, लेकिन सूर्यास्त होते ही नाव सेवा बंद कर दी जाती है, जिससे रात्रि के समय ग्रामीण तट पर फंसे रह जाते हैं और कड़ाके की ठंड में आग या आस-पास की झोपड़ियों का सहारा लेना पड़ता है।

दूध व्यवसायी रमाशंकर यादव ने बताया कि “हम प्रतिदिन दूध लेकर बाजार जाते हैं। यही हमारी आय का साधन है। रात में मरीज पड़ जाने पर सुबह तक इंतजार करना पड़ता है। यदि पीपा पुल देवरिया समय से लग जाए तो यह संकट खत्म हो जाएगा।”

ग्रामीण नंदलाल ने कहा कि बरसात के दिनों में नाव और भी जोखिमभरी हो जाती है। इसलिए पुल का समय पर लगना अत्यंत जरूरी है। सभी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में पीपा पुल नहीं लगाया गया तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे।

15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी दौरे पर रहेंगे राहुल गांधी, जर्मन मंत्रियों और भारतीय समुदाय से करेंगे मुलाकात

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जर्मनी सरकार के मंत्रियों, सांसदों और यूरोप में बसे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। यह जानकारी इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (IOC) ने दी है।

भारतीय समुदाय और जर्मन नेताओं से गहन चर्चा का कार्यक्रम

IOC यूके के महासचिव विक्रम दुहान ने बताया कि राहुल गांधी का यह दौरा भारत की वैश्विक भूमिका, लोकतंत्र, विदेश नीति और जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। राहुल गांधी जर्मन सांसदों और भारतीय मूल के समुदाय नेताओं के साथ भी बैठकें करेंगे।

सैम पित्रौदा भी होंगे साथ

IOC जर्मनी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के साथ इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरपर्सन सैम पित्रौदा भी दौरे में मौजूद रहेंगे। वह कई महत्वपूर्ण सत्रों और बैठकों में भाग लेंगे।

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17 दिसंबर को बर्लिन में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित

IOC ऑस्ट्रिया के अध्यक्ष औसाफ खान के अनुसार, 17 दिसंबर को बर्लिन में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जहां राहुल गांधी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। पूरे यूरोप से भारतीय प्रवासी कांग्रेस के अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

औसाफ खान ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को मजबूत करना, प्रवासी भारतीयों के मुद्दों पर चर्चा करना और पार्टी की विचारधारा को समुदाय तक पहुंचाना है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस दौरान समुदाय से सुझाव और मार्गदर्शन भी प्राप्त करेंगे।

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दिल्ली की सुरक्षा और मजबूत: स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती जल्द, पाकिस्तान की हरकत के बाद बड़ा कदम

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) को हवाई खतरों से सुरक्षित रखने के लिए भारत जल्द ही अपना स्वदेशी मल्टीलेयर्ड इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) तैनात करने जा रहा है। यह अत्याधुनिक व्यवस्था दुश्मन के मिसाइल, ड्रोन और तेज गति से उड़ने वाले लड़ाकू विमानों जैसे सभी हवाई खतरों को निष्क्रिय करने में सक्षम होगी।

वरिष्ठ रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह प्रणाली भारत में विकसित क्विक रिएक्शन सर्वेस-टु-एयर मिसाइल (QRSAM), वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और अन्य उन्नत स्वदेशी तकनीकों पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य दिल्ली और आसपास के सभी संवेदनशील स्थलों को बहु-स्तरीय हवाई सुरक्षा प्रदान करना है।

पाकिस्तान ने इस वर्ष किया था दिल्ली को निशाना बनाने का प्रयास

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब मई 2025 में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को निशाना बनाने की कोशिश की थी। उसी के बाद दिल्ली की हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाना रणनीतिक रूप से आवश्यक माना गया।

भारत पहले अमेरिकी NASAMS-II सिस्टम खरीदने की तैयारी में था, जिसका इस्तेमाल अमेरिका वॉशिंगटन डीसी और व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए करता है। लेकिन अत्यधिक कीमत के कारण यह सौदा आगे नहीं बढ़ सका, जिसके बाद स्वदेशी प्रणाली को प्राथमिकता दी गई।

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भारतीय वायुसेना और DRDO मिलकर तैयार करेंगे सुरक्षा कवच

IADWS का संचालन भारतीय वायुसेना करेगी, जबकि DRDO जटिल नेटवर्किंग, सेंसर फ्यूजन और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम जैसी तकनीकों को विकसित करेगा।
DRDO पहले से ही कई सफल एयर डिफेंस सिस्टम बना चुका है—

• QRSAM

• Medium Range SAM

• Project Kusha के तहत Long Range SAM

इन सभी तकनीकों से IADWS को एक मजबूत, आधुनिक और पूर्ण स्वदेशी एयर डिफेंस संरचना बनाया जाएगा।

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एस-400 स्क्वाड्रनों की डिलीवरी जारी, एस-500 पर भी विचार

सूत्रों का कहना है कि भारत रूसी S-400 सुदर्शन सिस्टम की शेष दो स्क्वाड्रनों की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। साथ ही रूस के S-500 जैसे उन्नत सिस्टम को भारतीय एयर डिफेंस नेटवर्क में शामिल करने पर भी विचार हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वदेशी IADWS की तैनाती भारत की आत्मनिर्भर रक्षा रणनीति को नई मजबूती देगी और राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी।

भारतीय व्यवस्था पर अविश्वास के कारण

स्वामी करपात्री जी महाराज

भारत की शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, रक्षा, सेवा और उत्सव त्योहार जैसी व्यवस्थाएँ सदियों से समाज को संतुलित रूप में दिशा देती रही हैं। ये तंत्र केवल प्रशासनिक ढाँचे नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का जीवित रूप हैं, जिनका मूल उद्देश्य हर व्यक्ति को समान रूप से सुलभ और उपयोगी व्यवस्था प्रदान करना है। इसके बावजूद आज इन सभी व्यवस्थाओं के प्रति विश्वस्तर पर जो अविश्वास और अनास्था दिखाई देती है, वह अपने आप नहीं उत्पन्न हुई। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज इस अविश्वास के पीछे दो प्रमुख कारण बताते हैं, योजनाबद्ध दुष्प्रचार और स्वतंत्रता के बाद का सत्तालोलुप, अदूरदर्शी तथा दिशाहीन शासन–व्यवस्था और व्यापारतंत्र।
भारतीय व्यवस्थाओं के खिलाफ लंबे समय तक एक ऐसा वातावरण बनाया गया, जिसमें परंपरा, शिक्षा, भारतीय चिकित्सा, न्याय तंत्र और त्योहारों को पिछड़ा, अवैज्ञानिक या अप्रासंगिक बताकर प्रस्तुत किया गया। आधी-अधूरी जानकारियाँ, पश्चिमी चश्मे से की गई तुलना और प्रचार के माध्यमों का उपयोग कर यह भ्रम पैदा किया गया कि भारतीय तंत्र आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इस योजनाबद्ध दुष्प्रचार ने समाज की मानसिकता को प्रभावित किया और व्यवस्था पर से विश्वास कम होता गया।
स्वतंत्रता के बाद शासन को जिन आदर्शों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए था, उसमें निरंतरता और दूरदर्शिता की कमी दिखाई दी। सत्ता की राजनीति, स्वार्थ, नीतियों में अस्थिरता और प्रशासनिक अव्यवस्था ने शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय तंत्र की प्रगति को प्रभावित किया। दूसरी ओर व्यापारतंत्र ने भारतीय समाज को संस्कृति से जोड़ने के बजाय उपभोक्तावाद की ओर धकेला। लाभ-केन्द्रित दृष्टिकोण के कारण उत्सव, परंपराएँ, शिक्षा और स्वास्थ्य तक बाज़ार का हिस्सा बन गए, जिससे लोगों के मन में व्यवस्था के प्रति अविश्वास और गहराता गया।
स्वामी करपात्री जी महाराज का विचार इस सत्य को सामने लाता है कि समस्या भारतीय तंत्रों में नहीं, बल्कि उनकी प्रस्तुति और संचालन में आई गड़बड़ियों में है। भारतीय व्यवस्था की आत्मा आज भी जीवित है। हमारी शिक्षा में मूल्य आज भी मौजूद हैं, स्वास्थ्य सेवाओं में सेवा-भाव अब भी मिलता है, न्याय व्यवस्था सुधार की ओर बढ़ रही है और त्योहार समाज को जोड़ते हैं।
यदि योजनाबद्ध दुष्प्रचार का प्रभाव समाप्त हो और शासन तथा व्यापारतंत्र सही दिशा में कार्य करें, तो भारतीय जीवन-व्यवस्था पुनः विश्व के लिए आदर्श बन सकती है। समाधान व्यवस्था को दोष देने में नहीं, बल्कि सत्य की पहचान करने और विश्वास को पुनः स्थापित करने में है।

रोजगार और शिक्षा को नई दिशा: नीतीश कैबिनेट ने लिए 19 बड़े निर्णय

पटना नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में दूसरी कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कई मायनों में खास रही जिसमें कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने प्रशासनिक संरचना को मजबूत करने और युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से तीन नए विभागों के गठन को मंजूरी दे दी।

सबसे पहले युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग बनाया गया है, जिसका मुख्य लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार उपलब्ध कराना होगा। विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए रोजगार वादे को पूरा करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

दूसरा, उच्च शिक्षा के स्तर में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ‘उच्च शिक्षा विभाग’ का गठन किया गया है। इस विभाग के जरिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा के मानकों में सुधार लाने पर जोर दिया जाएगा।

तीसरा, बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए ‘सिविल विमानन विभाग’ की स्थापना की गई है। यह विभाग प्रदेश के विमानन क्षेत्र को नई दिशा देगा और एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

कैबिनेट ने तीन विभागों के नाम बदलने को भी स्वीकृति दी है।

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग अब डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग कहलाएगा।

श्रम संसाधन विभाग का नया नाम श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग होगा, ताकि प्रवासी श्रमिकों की कल्याणकारी योजनाएं एक ही इकाई से संचालित की जा सकें।

कला संस्कृति एवं युवा विभाग से “युवा” को अलग कर पुनर्गठन किया गया है, जिससे कार्यक्षमता बढ़ेगी।

सरकार का मानना है कि विभागों के पुनर्गठन से कामकाज में स्पष्टता, विशेषज्ञता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, जबकि अधिकारियों पर बोझ कम होगा।

यूनेस्को आज कर सकता है एलान: अमूर्त विश्व धरोहर बनेगी दीपावली, देशभर की ऐतिहासिक इमारतें जगमगाएंगी

भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि यूनेस्को आज (बुधवार) दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विश्व धरोहर (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल करने की घोषणा कर सकता है। इसी संभावित उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए देशभर की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों को दीपों और विशेष रोशनी से सजाया जा रहा है।

लाल किले से हो सकता है आधिकारिक ऐलान

दिल्ली स्थित लाल किले में इस समय यूनेस्को की अमूर्त विश्व धरोहर बैठक चल रही है, जिसमें 180 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, चर्चा के बाद दिवाली को सूची में शामिल किए जाने का औपचारिक एलान यहीं से किया जा सकता है।

दिवाली माहौल में सजेगा लाल किला

लाल किले में विदेशी मेहमानों और यूनेस्को प्रतिनिधिमंडल का स्वागत दीप, मिट्टी के दीये और विशेष रंगोलियों से किया जा रहा है। सांस्कृतिक विरासत विशेषज्ञ, एनजीओ और इंटरनेशनल डेलिगेट भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां दिवाली की परंपराओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

भारत की पहले से मौजूद 15 अमूर्त धरोहरें

भारत ने मार्च 2024 में दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त धरोहर सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। यदि आज इसकी घोषणा हो जाती है, तो यह भारत की 16वीं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर बन जाएगी।
वर्तमान में सूची में शामिल प्रमुख भारतीय सांस्कृतिक परंपराएं हैं—

दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, छऊ नृत्य आदि। भारत सरकार और दिल्ली प्रशासन विदेशी मेहमानों के सामने दिवाली की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक समृद्धि को प्रस्तुत करने की व्यापक तैयारी में जुटे हुए हैं।

वायु प्रदूषण नियंत्रण: सरकार ने शुरू की सख्त कार्रवाई, ओपन बर्निंग पर लगेगा ₹5000 तक जुर्माना

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दिल्ली में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त कदमों की घोषणा की है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के हर छोटे-बड़े स्रोत पर सरकार की पैनी नजर है। इसी के तहत पर्यावरण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि शहर में किसी भी तरह की ओपन बर्निंग बिल्कुल न होने पाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला प्रशासन और दिल्ली नगर निगम को अधिकार दिए गए हैं कि खुले में कूड़ा जलाने वालों पर ₹5000 तक का जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “खुले में कचरा न जलाएं, आपका छोटा सा सहयोग प्रदूषण कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।”

इस बीच, 9 दिनों बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार दर्ज किया गया है। सीपीसीबी के अनुसार मंगलवार दोपहर चार बजे 24 घंटे का औसत AQI 282 रहा, जो सोमवार के 314 और रविवार के 308 की तुलना में बेहतर है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है।

ऊर्जा, पर्यावरण एवं जल परिषद (CEEW) के कार्यक्रम प्रमुख मोहम्मद रफीउद्दीन ने बताया कि मंगलवार को चली तेज हवाओं के कारण AQI में सुधार देखने को मिला। वहीं आईएमडी ने अनुमान जताया है कि हवा की गति 10 किमी प्रति घंटा से ऊपर रहने की उम्मीद है, जिससे प्रदूषकों के बिखराव में मदद मिलेगी।

सरकार उम्मीद कर रही है कि यदि लोग नियमों का पालन करें और ओपन बर्निंग पर पूरी तरह रोक लगे, तो दिल्ली की हवा और साफ हो सकती है।

10 दिसंबर की इस शांत सुबह में छिपे हैं आपके दिन के दिव्य शुभ-संकेत

🔱 दिसंबर 10, 2025 हिन्दू पंचांग | पौष कृष्ण पक्ष षष्ठी — शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग एवं दिशा-शास्त्र

आज का पंचांग – 10 दिसंबर 2025 (बुधवार)
तिथि – पौष कृष्ण पक्ष षष्ठी — 01:46 PM तक, इसके बाद सप्तमी
नक्षत्र – मघा 02:44 AM तक, फिर पूर्व फाल्गुनी
योग – वैधृति 12:45 PM तक, फिर विष्कुम्भ
करण – वणिज 01:47 PM तक, फिर विष्टि 01:45 AM तक, बाद में बव
वार – बुधवार

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🗓 संवत एवं मास
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास – मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास – पौष
वैदिक/द्रिक ऋतु – हेमंत
अयन – दक्षिणायन
सूर्य एवं चंद्र का समय
सूर्योदय – 07:01 AM
सूर्यास्त – 05:37 PM
चन्द्रोदय – 11:22 PM
चन्द्रास्त – 12:13 PM (11 दिसंबर)
🪐 ग्रह स्थिति
सूर्य राशि – वृश्चिक
चंद्र राशि – सिंह (पूरा दिन-रात)

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🌑 चन्द्र मास एवं अन्य विवरण
चन्द्र मास (अमांत) – मार्गशीर्ष
चन्द्र मास (पूर्णिमांत) – पौष
चन्द्रबल – मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ, मीन
चन्द्राष्टमा – उत्तराषाढ़ा (अंतिम 3 चरण), श्रवण, धनिष्ठा (पहले 2 पाद)
गण्डमूल नक्षत्र – मघा (02:22 AM – 02:44 AM

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अशुभ काल
राहुकाल – 12:19 PM – 01:39 PM
यमगण्ड – 08:21 AM – 09:40 AM
कुलिक – 11:00 AM – 12:19 PM
दुर्मुहूर्त – 11:58 AM – 12:40 PM
वर्ज्य – 02:33 PM – 04:10 PM

शुभ काल एवं मुहूर्त
अमृत काल – 12:17 AM – 01:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त – 05:26 AM – 06:14 AM
अभिजीत मुहूर्त – आज नहीं

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सर्वार्थसिद्धि योग (यदि हो)
दिए गए पंचांग गणना के अनुसार सर्वार्थसिद्धि योग निर्मित नहीं होता,
परंतु रात्रि का अमृत काल अत्यंत शुभ एवं सिद्धिकर माना जाएगा।
🧭 आज की यात्रा-दिशा एवं यात्रा-फल
🚫 किस दिशा की यात्रा वर्जित?
उत्तर दिशा – बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा अशुभ मानी गई है।

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किस दिशा की यात्रा शुभ?
पश्चिम एवं दक्षिण दिशा – कार्य सिद्धि, लाभ एवं अनुकूल परिणाम प्रदान करने वाली।
🍽 यात्रा से पहले क्या खाएँ? (शास्त्रीय नियम)
बुधवार के दिन यात्रा पर निकलते समय—
मीठा दही, मौसमी फल, या तुलसी पत्र के साथ जल ग्रहण करना शुभ।
यह विघ्नों से रक्षा और मनोकामना सिद्धि का योग बनाता है।

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🕒 दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)

लाभ – 07:01 AM – 08:21 AM
अमृत – 08:21 AM – 09:40 AM
काल – 09:40 AM – 11:00 AM
शुभ – 11:00 AM – 12:19 PM
रोग – 12:19 PM – 01:39 PM
उद्वेग – 01:39 PM – 02:58 PM
चर – 02:58 PM – 04:18 PM
लाभ – 04:18 PM – 05:37 PM

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🕯 रात का चौघड़िया (Night Choghadiya)

(सूर्यास्त के बाद लागू — संक्षेप में)
शुभ/अमृत/लाभ का प्रभाव रात्रि में अधिक सकारात्मक रहेगा।
📌 नोट – इस पंचांग में किसी भी त्रुटि के लिए ‘राष्ट्र की परम्परा’ जिम्मेदार नहीं है।
कृपया किसी योग्य पंडित/विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

मौसम अपडेट: तापमान में उतार–चढ़ाव, कोहरे का बढ़ा असर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले सहित प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। बीते 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है, जबकि कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में पछुआ हवाएं तेज होंगी, जिसके कारण दिन और रात दोनों समय ठंडक और ठिठुरन में इजाफा होगा। कई जिलों में घना कोहरा भी छा सकता है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। सुबह और देर रात हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। खासकर तराई क्षेत्रों में दृश्यता 200 से 500 मीटर तक रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में बहराइच और कुशीनगर में दृश्यता केवल 50 मीटर तक दर्ज की गई।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक जौनपुर, प्रयागराज, गाजीपुर, प्रतापगढ़, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कौशाम्बी, सीतापुर, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, चित्रकूट, पीलीभीत, मथुरा, रामपुर, आगरा, बरेली, कानपुर, शामली, इटावा, मुजफ्फरनगर, कन्नौज, बहराइच, सहारनपुर, झांसी, फिरोजाबाद, ललितपुर, उन्नाव, सुल्तानपुर, अयोध्या, मुरादाबाद, अमेठी और रायबरेली जिलों में सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

गोरक्षनाथ शोधपीठ में सप्तदिवसीय शीतकालीन योग कार्यशाला का शुभारंभ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में कुलपति प्रो. पूनम टण्डन के संरक्षण में सप्तदिवसीय शीतकालीन योग कार्यशाला “योग एवं नाथपंथ” का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 15 दिसंबर तक चलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र द्वारा गुरु गोरखनाथ के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. ऋषिका वर्मा, सहायक आचार्य, दर्शनशास्त्र विभाग, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर (उत्तराखंड) शामिल हुईं।
सुबह 8:30 बजे योग प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुआ जिसे प्रशिक्षक डॉ. विनय कुमार मल्ल ने संचालित किया। उन्होंने सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, सिंहासन, पद्मासन, उत्तानपादासन सहित अनेक योगासन और प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया। इस सत्र में एक दर्जन से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
इसके बाद 11 बजे ऑनलाइन माध्यम से योग विषयक व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. ऋषिका वर्मा ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक बीमारियों में कमी आती है और जीवन अधिक संतुलित बनता है। उन्होंने अष्टांग योग के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि ध्यान योग का प्रमुख अंग है, जो मन को स्थिरता और मानसिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने कर्म, ज्ञान, राज, भक्ति, हठ और मंत्र योग सहित योग के विभिन्न प्रकारों का विस्तृत वर्णन भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन शोधपीठ के रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार ने किया, जबकि सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह ने मुख्य वक्ता एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, शोध अध्येता डॉ. हर्षवर्धन सिंह, चिन्मयानन्द मल्ल समेत कई शिक्षक और प्रतिभागी उपस्थित रहे।