Saturday, June 27, 2026
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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, भिटौली पुलिस को बड़ी सफलता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक महराजगंज के निर्देशन में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना भिटौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी सदर के निकट पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में फरार चल रहे एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान सौरभ पुत्र भोरिक, निवासी मुड़िला चौधरी, थाना भिटौली, जनपद महराजगंज (उम्र लगभग 25 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी को धर्मपुर नहर पुल के पास से शुक्रवार सुबह करीब 05:15 बजे गिरफ्तार किया गया।

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बताया गया कि आरोपी के खिलाफ थाना भिटौली में मुकदमा संख्या 0286/2025 अंतर्गत धारा 69, 352, 351(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज था। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को शादी का झूठा आश्वासन देकर शारीरिक शोषण किया और बाद में गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था।

पुलिस की सक्रियता और सटीक सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आवश्यक विधिक कार्रवाई के उपरांत आरोपी को न्यायालय महराजगंज के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक घनश्याम सिंह यादव एवं कांस्टेबल मनीष कुमार की अहम भूमिका रही।

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महराजगंज पुलिस की यह कार्रवाई महिला अपराधों के प्रति सख्त रुख को दर्शाती है और अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से बचना संभव नहीं है।

रोहिणी आचार्य के आरोपों पर बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का हमला, तेजस्वी यादव के रोजगार वादों को बताया अव्यावहारिक

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार मुद्दा राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के भीतर का पारिवारिक विवाद और उसके राजनीतिक निहितार्थ हैं। बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शनिवार को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए तीखे बयान दिए। जायसवाल ने कहा कि लालू यादव और राबड़ी देवी को अपनी बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और इसे सार्वजनिक मंच की बजाय परिवार के भीतर सुलझाना चाहिए।

पत्रकारों से बातचीत में दिलीप जायसवाल ने कहा कि यदि किसी बेटी को अपने ही मायके को सुरक्षित स्थान मानने की गारंटी मांगनी पड़ रही है, तो यह सोचने का विषय है। उन्होंने इसे पूरी तरह पारिवारिक मामला बताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर परिवार के वरिष्ठ सदस्यों को आत्ममंथन करना चाहिए।

तेजस्वी यादव के रोजगार वादों पर सवाल

दिलीप जायसवाल ने इस दौरान तेजस्वी यादव के रोजगार संबंधी दावों को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आरजेडी का “हर घर एक नौकरी” का वादा न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि जनता को भ्रमित करने वाला भी है। जायसवाल के अनुसार, आजादी के लगभग 78 वर्षों में बिहार में कुल मिलाकर 20 से 22 लाख सरकारी नौकरियां ही उपलब्ध कराई जा सकी हैं, जबकि तेजस्वी यादव 3 करोड़ 80 लाख परिवारों को नौकरी देने की बात कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि आरजेडी के पास न तो ठोस योजना है और न ही यथार्थवादी सोच।

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रोहिणी आचार्य के बयान और महिला सशक्तिकरण का मुद्दा

यह पूरा विवाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के हालिया बयान के बाद सामने आया है। रोहिणी आचार्य ने महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी को यह भरोसा मिलना चाहिए कि उसका मायका हर परिस्थिति में सुरक्षित है। गौरतलब है कि रोहिणी आचार्य ने एक महीने पहले राजनीति से दूरी बनाने और परिवार से अलग होने की बात कही थी।

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केवल योजनाएं काफी नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुछ पहलों—जैसे महिलाओं को आर्थिक सहायता और छात्राओं को साइकिल वितरण—की अप्रत्यक्ष रूप से सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि भारत में लैंगिक असमानता को खत्म करने के लिए इससे कहीं अधिक व्यापक और प्रणालीगत सुधारों की जरूरत है

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बिहार की राजनीति में नया मोड़

दिलीप जायसवाल के इस बयान ने न केवल आरजेडी के अंदरूनी मामलों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि आरजेडी नेतृत्व इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और यह विवाद बिहार की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।

सूने मकान को बनाया निशाना, लाखों की चोरी से इलाके में दहशत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली थाना क्षेत्र में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार रात बेलवा टोला, रामपुर बलडीहा गांव में एक सूने मकान में हुई बड़ी चोरी की वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अज्ञात चोर रामवचन यादव के घर को निशाना बनाकर लाखों रुपये मूल्य का कीमती सामान चोरी कर ले गए।

पीड़ित रामवचन यादव ने बताया कि 12 दिसंबर की रात उनका पूरा परिवार घर पर मौजूद नहीं था। इसी का फायदा उठाकर चोर मकान के पीछे से दाखिल हुए। चोरों ने पहले कटर से कंटीले तार काटे, फिर मजबूत ताले तोड़कर घर के अंदर घुस गए। इसके बाद एक-एक कर कमरों के ताले तोड़ते हुए एलईडी टीवी, कपड़े और अन्य कीमती घरेलू सामान समेट ले गए।

घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में चोरों की संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई हैं, जिससे चोरी की पुष्टि होती है। सुबह जब परिवार के लोग घर लौटे तो घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और ताले टूटे हुए थे। आनन-फानन में डायल 112 और घुघली थाना पुलिस को सूचना दी गई।

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चोरी की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों में आक्रोश के साथ-साथ दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और पुलिस की सक्रियता तेज करने की मांग की है।

पीड़ित की तहरीर पर घुघली थाना पुलिस ने लाखों की चोरी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में घुघली थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि घटना की गहन जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

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रॉयल फिटनेस क्लब जिम का भव्य उद्घाटन, ग्रामीण युवाओं को मिली आधुनिक फिटनेस सुविधा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। क्षेत्र में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिसवां मुंशी चौराहे पर शुक्रवार को रॉयल फिटनेस क्लब जिम का भव्य उद्घाटन किया गया। उद्घाटन भाजपा नेता प्रेम शंकर उर्फ निर्भय सिंह एवं ब्लॉक प्रमुख परतावल आनंद शंकर वर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा नेता निर्भय सिंह ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपनी सेहत के लिए जरूर निकालें, ताकि शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आधुनिक जिम सुविधा का खुलना सराहनीय पहल है, जिससे युवाओं में अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास होगा।

ब्लॉक प्रमुख आनंद शंकर वर्मा ने कहा कि रॉयल फिटनेस क्लब जिम को अत्यंत व्यवस्थित और आधुनिक ढंग से तैयार किया गया है। यहां युवाओं के लिए अत्याधुनिक मशीनें और बेहतर फिटनेस सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ क्षेत्र के युवाओं को जरूर उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिट और स्वस्थ युवा ही समाज और राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम गैस के प्रोपराइटर राज नारायण ने की। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को फिटनेस के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। चौराहे पर ही आधुनिक जिम सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है।

जिम के प्रोपराइटर भृगुनाथ पटेल ने बताया कि युवाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए जिम में सुरक्षित और अत्याधुनिक फिटनेस मशीनें लगाई गई हैं। उनका उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को बेहतर, सुरक्षित और प्रभावी फिटनेस सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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उद्घाटन अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला और युवाओं में जिम को लेकर खासा जोश नजर आया। रॉयल फिटनेस क्लब जिम का शुभारंभ क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

नदी किनारे मिट्टी निकालते समय युवक की डूबकर मौत, मिर्गी के दौरे बने हादसे की वजह; बुजुर्ग पिता का टूटा सहारा

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)।जैतीपुर कस्बे से एक बेहद मार्मिक और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बहगुल नदी के किनारे मिट्टी निकालने गए एक युवक की पानी में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक को मिर्गी के दौरे पड़ते थे और इसी कारण काम के दौरान वह असंतुलित होकर पानी में गिर गया। यह घटना शुक्रवार की है, लेकिन इसका खुलासा शनिवार सुबह हुआ, जब ग्रामीणों की नजर नदी किनारे पड़े शव पर पड़ी।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैतीपुर ग्राम पंचायत के मजरा धीमरपुरा निवासी 55 वर्षीय जयराम रोज़गार की तलाश में शुक्रवार को जैतीपुर आया था। वह एक महिला के कहने पर बहगुल नदी के किनारे गड्ढे से मिट्टी निकालने का काम कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिट्टी निकालते समय अचानक उसे मिर्गी का दौरा पड़ा, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में जा गिरा।

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घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे समय रहते उसकी मदद नहीं हो सकी। देर शाम तक जब जयराम घर नहीं लौटा, तो उसके बुजुर्ग पिता गोकरन को चिंता होने लगी। उन्होंने पूरी रात बेटे के लौटने की आस में घर का दरवाजा खुला रखा, लेकिन सुबह जो सच सामने आया, उसने उनकी दुनिया ही उजाड़ दी।

शनिवार को जब कुछ ग्रामीण नदी किनारे गए, तो उन्होंने पानी में एक शव उतराता हुआ देखा। पास जाकर पहचान करने पर पता चला कि शव जयराम का है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। बेटे का शव देखते ही पिता गोकरन फूट-फूटकर रो पड़े। ग्रामीणों के अनुसार, जयराम ही अपने पिता का एकमात्र सहारा था और मजदूरी कर दोनों का पालन-पोषण करता था। घर में पिता-पुत्र के अलावा कोई नहीं था।

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घटना की सूचना मिलते ही थाना जैतीपुर प्रभारी गौरव त्यागी, उप निरीक्षक इतेश तोमर, सूरज पाल पचौरी और रामू आर्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि ऐसे असुरक्षित कार्यों के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। मिर्गी जैसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए बिना निगरानी जोखिम भरा काम कितना खतरनाक हो सकता है, यह हादसा उसकी भयावह मिसाल है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह का सियासी विस्फोट: भाजपा, कांग्रेस और ‘आप’ पर तीखे प्रहार से गरमाई पंजाब की राजनीति

अमृतसर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पंजाब की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है और इसकी वजह बने हैं राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और लंबे समय तक कांग्रेस का मजबूत चेहरा रहे अमरिंदर सिंह ने एक साक्षात्कार में भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके बयान न सिर्फ भाजपा के लिए असहज करने वाले हैं, बल्कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लिए भी सियासी चुनौती बनकर सामने आए हैं।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा अत्यधिक केंद्रीकृत है, जहां ज़मीनी नेताओं से न तो सलाह ली जाती है और न ही उनके अनुभव का सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी में उनके 60 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का कोई उपयोग नहीं हो रहा। “मैं खुद को पार्टी पर थोप नहीं सकता, लेकिन यह सच है कि मुझसे कभी पूछा ही नहीं जाता,” यह टिप्पणी भाजपा के भीतर असंतोष का संकेत मानी जा रही है।

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हालांकि, अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में वापसी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने को अपमानजनक बताते हुए कहा कि उस पीड़ा को वह आज भी नहीं भूल पाए हैं। साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि सोनिया गांधी व्यक्तिगत रूप से मदद मांगें तो वे करेंगे, लेकिन राजनीतिक वापसी संभव नहीं है। यह बयान कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक अप्रत्यक्ष लेकिन तीखा कटाक्ष माना जा रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि मोदी का पंजाब से विशेष लगाव है और वे राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेकिन उन्होंने भाजपा को चेताया कि यदि पार्टी पंजाब में अपनी जड़ें मजबूत करना चाहती है, तो उसे तीन-चार चुनावी कार्यकाल का धैर्य रखना होगा और ज़मीनी नेताओं को सुनना होगा। उनके अनुसार भाजपा अकेले दम पर पंजाब में सरकार नहीं बना सकती और उसका भविष्य शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ गठबंधन में ही सुरक्षित है।

अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट कहा कि भाजपा और अकाली दल अंततः फिर साथ आएंगे, क्योंकि बिना गठबंधन के मजबूत सरकार संभव नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गठबंधन का अभाव ही भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने से भी “बड़ी आपदा” साबित हुआ।

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कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को नेतृत्वहीन करार दिया और कहा कि वहां मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, लेकिन किसी का भविष्य उज्ज्वल नहीं। वहीं ‘आप’ को लेकर उन्होंने दावा किया कि यह पार्टी अपने अंतिम अवसर पर है और 2027 के विधानसभा चुनाव में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब “भिखारी राज्य” बनता जा रहा है, निवेश ठप है और शासन टीवी पर बयानबाजी तक सीमित रह गया है। उनका आरोप है कि असली सत्ता दिल्ली से संचालित हो रही है।

नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू पर उनके तीखे हमलों ने राजनीतिक माहौल और गर्मा दिया है। सिद्धू दंपती के बयानों को उन्होंने झूठा और अस्थिर बताया, जिसके बाद पलटवार भी शुरू हो गया।

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कुल मिलाकर, अमरिंदर सिंह का यह साक्षात्कार सिर्फ व्यक्तिगत असंतोष नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति की गहरी खामियों को उजागर करता है। यह संकेत देता है कि राज्य में भाजपा, कांग्रेस और ‘आप’—तीनों ही दल आंतरिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं और आने वाला समय पंजाब की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकता है।

रोजी-रोटी की तलाश में निकला था अतहर, दरिंदगी ने छीन ली जिंदगी

नवादा में कपड़ा फेरी वाले की पीट-पीटकर हत्या, इंसानियत हुई शर्मसार

नवादा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र से एक ऐसी अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले एक कपड़ा फेरी व्यवसायी को कुछ युवकों ने बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पीड़ित रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन दरिंदगी पर उतरी भीड़ का दिल नहीं पसीजा।

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मृतक की पहचान नालंदा जिले के लेहरी थाना अंतर्गत गगनडीह मोहल्ला निवासी मोहम्मद अतहर हुसैन (40) के रूप में हुई है। अतहर बीते करीब 20 वर्षों से नवादा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फेरी लगाकर कपड़े बेचते थे और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, अतहर डुमरी गांव में फेरी कर देर शाम वापस लौट रहे थे। इसी दौरान भट्टा गांव के पास 5 से 7 युवकों ने उन्हें घेर लिया। पहले कहासुनी हुई और फिर अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनका सामान और नकदी भी लूट ली।

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गंभीर रूप से घायल अतहर को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए छापेमारी की जा रही है। यह घटना कानून-व्यवस्था और सामाजिक संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

फ्लाइंग ऑफिसर बन ओम सिंह ने बढ़ाया जनपद मऊ का मान

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जब सपनों को मेहनत के पंख मिलते हैं, तो उड़ान इतिहास रचती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जनपद मऊ के होनहार युवा ओम सिंह ने, जिन्होंने AFCAT 1/2025 परीक्षा में ऑल इंडिया 71वीं रैंक हासिल कर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त किया है।

मूल रूप से मऊ जनपद के गोकुलपुरा, रानीपुर निवासी एवं वर्तमान में मऊ नगर के गालिबपुर में रहने वाले ओम सिंह, ओम किड्स केयर के प्रबंधक मनोज कुमार सिंह और फातिमा स्कूल की अध्यापिका नमिता सिंह के पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे जनपद में खुशी की लहर है। शुरू से ही मेधावी और लक्ष्य के प्रति पूर्णतः समर्पित ओम, अपने दृढ़ संकल्प और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। कठिनाइयाँ आईं, लेकिन उन्होंने कभी अपने हौसलों को कमजोर नहीं पड़ने दिया। बढ़ते चलो को जीवन मंत्र मानकर वे निरंतर आगे बढ़ते रहे।

ओम ने नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की शिक्षा फातिमा स्कूल, ताजोपुर (मऊ) से प्राप्त की तथा स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से पूरी की।अब तक वे 5 बार SSB में Recommended हो चुके हैं। यह उनका तीसरा सफल प्रयास है, जबकि OTA (फौज) और AFCAT 2/2025 के परिणाम अभी आने शेष हैं।

बचपन से ही उनका सपना NDA और MES मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में जाने का था। कक्षा 12वीं के बाद उन्होंने MES में ऑल इंडिया रैंक 34 प्राप्त की, लेकिन मेडिकल कारणों से ट्रेनिंग में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः सशस्त्र बलों में जाने का सपना साकार किया।

अपनी सफलता पर ओम कहते हैं

सपने देखो तो उन्हें पूरा करने के लिए उतनी ही मेहनत भी करो। बाधाएँ आती हैं, लेकिन वे आपके हौसलों को रोक नहीं सकतीं।इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों, मुहल्ले व गांववासियों द्वारा लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।बधाई देने वालों में डॉ. सतीश सिंह, डॉ. राहुल आनंद सिंह, रवि चौरसिया, मिथिलेश सिंह, विमल सिंह, अरुण चतुर्वेदी, भारत भूषण, विनय सिंह एवं सुभाष यादव सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 315 जोड़ों का विवाह समारोह हुआ संपन्न

कार्यक्रम कोपागंज के बापू आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं हॉस्पिटल प्रागण में हुआ संपन्न

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत जनपद के कोपागंज स्थित बापू आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में विभिन्न ब्लॉक के युवक युवतियों का भव्य एवं शांतिपूर्ण सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 315 जोड़ों का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न हुआ। आयोजन स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी!
समारोह में वर-वधुओं एवं उनके परिजनों के लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रशासन की ओर से स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई!
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग मंत्री, उत्तर प्रदेश ऐ, के, शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना सामाजिक समानता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में मनोज राय अध्यक्ष जिला पंचायत , रामाश्रय मौर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा, सुनील गुप्ता, क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा गोरखपुर,. जयप्रकाश साहनी ब्लॉक प्रमुख कोपागंज तथा अनुज कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की ।

समारोह के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों को उपहार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

इजराइल भेजने के नाम पर चार लाख की ठगी, पीड़ित ने दो सगे भाइयों पर लगाए गंभीर आरोप

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। इजराइल भेजने के नाम पर एक युवक से चार लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित अवनीश बरनवाल पुत्र श्यामरास बरनवाल, निवासी इयौना पूर्वी वार्ड नंबर–6 सलेमपुर ने आरोप लगाया है कि बरियारपुर थाना क्षेत्र के करौरी गांव निवासी दो सगे भाइयों ने उसे विदेश भेजने का झांसा देकर बड़ी रकम हड़प ली।

पीड़ित के अनुसार आरोपितों ने इजराइल में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर अलग–अलग तिथियों में कुल 4,00,000 रुपये ले लिए।

पीड़ित ने बताया कि आरोपितों ने उसे इजराइल का ऑफर लेटर, वर्क वीजा और यहां तक कि हवाई टिकट भी उपलब्ध कराया, जिससे वह पूरी तरह उनके झांसे में आ गया। बाद में यह सभी दस्तावेज फर्जी होने का संदेह हुआ। अवनीश बरनवाल का यह भी आरोप है कि दोनों भाई पहले भी सलेमपुर क्षेत्र के कुछ अन्य लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी कर चुके हैं।

जब पीड़ित ने पैसा वापस मांगना शुरू किया तो आरोपितों ने बीते छह माह से टाल–मटोल करना शुरू कर दिया और घर जाने पर विवाद व गाली–गलौज करने लगे। साथ ही झूठे एससी–एसटी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देने लगे।

पीड़ित ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उसे उसकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

सीवान में ड्यूटी के दौरान BSMP जवान की दर्दनाक मौत, अज्ञात वाहन ने कुचलकर ली जान

सीवान (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक को झकझोर कर रख दिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छोटपुर के पास ड्यूटी के दौरान बिहार स्पेशल्ड मिलिट्री पुलिस (BSMP) के जवान मधु कुमार की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद जिले में हड़कंप मच गया है, जबकि मृतक के परिजन और साथी जवान गहरे सदमे में हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, BSMP जवान मधु कुमार सराय थाना क्षेत्र में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान उन्हें एक संदिग्ध वाहन की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे पीछा करते हुए छोटपुर इलाके तक पहुंचे। बताया जा रहा है कि जवान ने संदिग्ध वाहन को आगे से घेरकर रोकने की कोशिश की, तभी विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि जवान को रौंदते हुए वाहन मौके से फरार हो गया।

हादसे में जवान की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सीवान सदर अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

फोन पर बातचीत में सीवान के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने पुष्टि करते हुए बताया कि संदिग्ध वाहन का पीछा करने के दौरान यह हादसा हुआ है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और फरार वाहन की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

ड्यूटी के दौरान जवान की मौत ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था बल्कि सड़क पर पुलिसिंग की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। यह घटना पूरे जिले के लिए एक गहरा आघात बन गई है।

विभाजन के बाद ऐतिहासिक पहल: पाकिस्तान की कक्षाओं में लौट रही संस्कृत, LUMS ने शुरू किया चार क्रेडिट का पाठ्यक्रम

कराची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)विभाजन के बाद पहली बार पाकिस्तान के शैक्षणिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (LUMS) ने संस्कृत भाषा में चार क्रेडिट का औपचारिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पहल न केवल पाकिस्तान में संस्कृत अध्ययन को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक दुर्लभ संस्थागत प्रयास है, बल्कि दक्षिण एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत को समझने की नई राह भी खोलती है।

इस महत्वपूर्ण पहल के पीछे फोरमैन क्रिश्चियन कॉलेज के समाजशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद रशीद की प्रमुख भूमिका रही है। उन्होंने वर्षों तक संस्कृत का अध्ययन किया और शास्त्रीय भाषाओं के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. रशीद का मानना है कि शास्त्रीय भाषाओं में मानव सभ्यता का गहन ज्ञान छिपा है। उन्होंने अरबी और फारसी से अपनी यात्रा शुरू की और फिर संस्कृत को अपनाया। अधिकांश शिक्षा उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त की और लगभग एक वर्ष में शास्त्रीय संस्कृत व्याकरण पूरा किया।

तीन महीने की सप्ताहांत कार्यशाला से विकसित यह पाठ्यक्रम छात्रों और विद्वानों के बीच खासा आकर्षण बन चुका है। LUMS के गुरमणि केंद्र के निदेशक डॉ. अली उस्मान कास्मी के अनुसार, पाकिस्तान में संस्कृत की ताड़ के पत्तों पर लिखी पांडुलिपियों का विशाल और समृद्ध संग्रह मौजूद है, जो अब तक काफी हद तक अनदेखा रहा है। पंजाब विश्वविद्यालय पुस्तकालय में संरक्षित इन पांडुलिपियों को 1930 के दशक में जे.सी.आर. वूलनर ने सूचीबद्ध किया था, लेकिन 1947 के बाद से स्थानीय विद्वानों द्वारा इन पर गंभीर कार्य नहीं हुआ।

डॉ. रशीद ने संस्कृत को केवल किसी एक धर्म से जोड़ने की धारणा को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र को जोड़ने वाली भाषा है। पाणिनि जैसे महान व्याकरणविद् इसी भूभाग से जुड़े थे। संस्कृत एक सांस्कृतिक पर्वत की तरह है, जो साझा विरासत का प्रतीक है और इसे अपनाना समय की आवश्यकता है।

जमीन से संसद तक: केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की सियासी उड़ान

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर से यह कर दिखाया है। संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय पकड़ और निरंतर सक्रियता ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी का एक मजबूत और भरोसेमंद चेहरा बना दिया है।
पूर्वांचल की सियासत में मजबूत पहचान रखने वाले पंकज चौधरी ने राजनीति की शुरुआत जमीनी कार्यकर्ता के रूप में की। छात्र राजनीति और संगठनात्मक जिम्मेदारियों से गुजरते हुए उन्होंने पार्टी के भीतर अपनी जगह बनाई। उनकी कार्यशैली में सादगी, संवाद और क्षेत्रीय समस्याओं की गहरी समझ साफ झलकती है।महराजगंज संसदीय क्षेत्र से लोकसभा तक पहुंचने का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा। पहली जीत के बाद उन्होंने संसद में अपने क्षेत्र की आवाज को मजबूती से उठाया। सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया।
भाजपा संगठन में लंबे समय तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करने के बाद पंकज चौधरी को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री बनाए जाने के बाद उन्होंने वित्तीय अनुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों को मजबूती से आगे बढ़ाया। बजट से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन तक, उनकी भूमिका को पार्टी के भीतर गंभीरता से देखा जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पंकज चौधरी की सबसे बड़ी ताकत उनका संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्र से निरंतर जुड़ाव है। सत्ता में रहते हुए भी वे आम कार्यकर्ता और आम जनता से दूरी नहीं बनाते। यही वजह है कि पार्टी के भीतर उन्हें एक भरोसेमंद और भविष्य की राजनीति का मजबूत स्तंभ माना जा रहा है।
आज पंकज चौधरी न सिर्फ केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण पद पर हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सियासत में भी उनकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। जमीन से जुड़ी राजनीति, संगठन के प्रति निष्ठा और प्रशासनिक समझ ने उनकी राजनीतिक कहानी को एक प्रेरक उदाहरण बना दिया है।

आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे बोर्ड सदस्य का औचक निरीक्षण, दशकों पुराने दुकानदारों की समस्या बनी मुद्दा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आनंदनगर रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब रेलवे बोर्ड के सदस्य कृष्ण कुमार वर्मा ने स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन के पीछे पिछले करीब 70 वर्षों से दुकानें संचालित कर रहे पुराने दुकानदारों ने अपनी पीड़ा सामने रखते हुए रेलवे बोर्ड सदस्य को ज्ञापन सौंपा।
दुकानदारों ने बताया कि वे स्वतंत्रता के बाद से रेलवे विभाग द्वारा विधिवत एलॉटमेंट और लाइसेंस प्राप्त कर अपनी दुकानें चला रहे थे। इन्हीं दुकानों से उनके परिवारों की आजीविका, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और दैनिक जरूरतें पूरी होती थीं। लेकिन हाल में प्रशासनिक निर्णय और कार्रवाई के चलते उनकी दुकानें बंद करा दी गईं, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानें बंद होने से उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अनेक परिवारों के पास आय का कोई वैकल्पिक साधन नहीं है, जिससे वे बेरोजगारी और भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं। वर्षों तक रेलवे परिसर में नियमों के तहत व्यापार करने वाले ये परिवार अब खुद को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से दुकानदारों ने मांग की कि उनके पुराने एलॉटमेंट और लाइसेंस की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उन्हें पुनः दुकानें संचालित करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे सम्मान जनक जीवन यापन कर सकें।
ज्ञापन सौंपने वालों में ध्रुव वर्मा, आशुतोष श्रीवास्तव, मुरली मनोहर मिश्र, सोनू जायसवाल, शिवम जायसवाल और अमित अग्रहरी सहित अन्य दुकानदार शामिल रहे। रेलवे बोर्ड सदस्य ने दुकानदारों की बात गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों ने भी प्रशासन से दुकानदारों की रोजी-रोटी सुरक्षित करने की मांग की है।

मिठौरा ब्लाक की पिपरा सोनाड़ी में सांसद निधि का आरो प्लांट बना निजी कमाई का जरिया, ग्रामीणों में आक्रोश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ पेयजल योजनाओं को जमीनी स्तर पर किस तरह पलीता लगाया जा रहा है, इसका ताजा उदाहरण मिठौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत पिपरा सोनाड़ी में सामने आया है। यहां सांसद निधि से स्थापित आरो प्लांट ग्रामीणों के लिए राहत बनने के बजाय अब निजी कमाई का साधन बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भवन परिसर में लगाया गया यह आरो प्लांट नि:शुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसे निजी प्लांट की तरह संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा लोगों से पानी के बदले पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद पंकज चौधरी ने क्षेत्रवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सांसद निधि से लाखों रुपये की लागत से यह आरो प्लांट लगवाया था। योजना का उद्देश्य था कि गांव के सभी परिवारों को स्वच्छ पानी नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाए। लेकिन पंचायत स्तर पर इस जनहित योजना की मंशा को बदलकर इसे व्यवसाय का रूप दे दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि 15 लीटर पानी के लिए 15 रुपये वसूले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने उम्मीद की थी कि अब गांव में साफ पानी मिलेगा, लेकिन पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी सत्यम चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह विषय उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है और यदि आरो प्लांट का संचालन निजी तौर पर किया जा रहा है तो इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होगी। अधिकारियों की यह प्रप्रतिक्रिया ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ा रही हैं, क्योंकि जनता की सुविधा के लिए लगाए गए सरकारी सांसदीय संसाधनों का खुला दुरुपयोग हो रहा है और कोई जिम्मेदार इस पर कार्यवाही करने के लिए आगे नहीं आ रहा। स्थानीय निवासियों ने संसद, जिला प्रशासन तथा ब्लॉक प्रशासन से इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है ताकि सांसद निधि से लगाई गई जनता की सुविधा पूर्ण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जा सके और इससे निजी कमाई के लिए की जा रही अवैध वसूली पर रोक लग सके।